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खनन विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या का दून पुलिस ने किया खुलासा

Category Archives: क्राइम

खनन विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या का दून पुलिस ने किया खुलासा

जल्दी पैसा कमाने का लालच मामा- भांजे को ले पहुंचा सलाखो के पीछे
घटना में शामिल मामा- भांजे को पुलिस ने देहरादून तथा सहरानपुर से किया गिरफ्तार
देहरादून। बुजुर्ग व्यक्ति को इलाज के बहाने देवबंद ले जाकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था।  घटना के बाद बुजुर्ग व्यक्ति के सिम को अपने मोबाइल में डालकर बनाई यूपीआई आईडी, बुजुर्ग के खाते से अब तक अपने खाते में किये 13 लाख ट्रांसफर भी किये।
अभियुक्तों के कब्जे से  4 लाख 80 हजार रूपये नगद, चेक, एफडी व अन्य सामान किया बरामद किया।
बीते 6 मार्च को संजय कुमार पुत्र मंगल सिंह निवासी रामनगर बालागंज चुंगी कैम्वल रोड थाना संआदत गंज लखनऊ उ0प्र0 ने थाना रायपुर में एक प्रार्थना पत्र दिया था।  कहा था कि उनके चाचा जगदीश पुत्र अंगनू निवासी गली न0 18 सरस्वती पुरम नथुवावाला ढांग रायपुर देहरादून उम्र 68 वर्ष जो नत्थुवाला ढांग देहरादून में किराये पर रहते थे ।
एक फरवरुई 2025 से उनके चाचा जगदीश का मोबाइल बन्द आ रहा था तथा उनके सम्बन्ध में मकान मालिक से जानकारी करने पर उसके द्वारा उनके दो-तीन दिन से घर वापस न आने की जानकारी दी गई। तहरीर के आधार पर थाना रायपुर पर सम्बन्धित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया ।  गुमशुदा की तलाश हेतु उच्चाधिकारी गणों द्वारा दिये गये निर्देशों पर पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा की गयी कार्यवाही
पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा व्यक्ति के सम्बन्ध में आस-पास के रहने वाले लोगों से पूछताछ की गयी तो जानकारी मिली कि गुमशुदा जगदीश मूल रूप से रायबरेली उ0प्र0 के रहने वाले थे और देहरादून में खनन विभाग में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे। गुमशुदा के मोबाइल नम्बर व बैंक खातों की जांच की जांच करने पर गुमशुदा के पीएनबी बैंक खाते से यू0पी0आई0 के माध्यम से लगातार एक अन्य बैंक खाते में ट्राजेक्शन का होना पाया गया। जिस पर उक्त खातों की जानकारी करने पर उक्त खाते का मोहित नाम के व्यक्ति के नाम पर होना प्रकाश में आया तथा उक्त खाते को कुछ समय पूर्व ही खुलवाने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही गुमशुदा के परिचितों से जानकारी में गुमशुदा के द्वारा की पैड वाला फोन इस्तेमाल करने तथा उन्हें आनलाइन बैकिंग के सम्बन्ध में जानकारी न होना प्रकाश में आया।
प्रकरण के संदिग्ध प्रतीत होने पर गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम करते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा गुमशुदा की तलाश हेतु थानाध्यक्ष रायपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा प्रकाश में आये संदिग्ध खाताधारक के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए उक्त संदिग्ध खाताधारक मोहित त्यागी को आवश्यक पूछताछ हेतु हिरासत में लिया गया। अभियुक्त से सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपने मामा प्रवीन कुमार के साथ मिलकर गुमशुदा बुजुर्ग जगदीश की हत्या कर शव को देवबंद की नहर में फेंकना स्वीकार किया गया। जिस पर अभियोग में धारा 140(1), 103, 238, 61(2) बीएनएस की बढोत्तरी करते हुए अभियुक्त मोहित त्यागी को मौके से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त मोहित की निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा उसके कब्जे से मृतक का सिम कार्ड, मृतक के खाते का 3.5 लाख रूपये का 01 चैक, 03 लाख रूपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त एक सैन्ट्रो कार बरामद की गयी।
घटना में त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा प्रकाश में आये दूसरे अभियुक्त प्रवीण त्यागी को नूरपुर देवबन्द से गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर उसके घर से 01 लाख 80 हजार रूपये नगद तथा मृतक जगदीश के पीएनबी बैंक की 05 लाख रूपये की एक एफडी बरामद की गयी ।
पूछताछ का विवरण:-
पूछताछ में अभियुक्त मोहित त्यागी द्वारा बताया गया कि वह मूल रूप से देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 का रहने वाला है तथा वर्तमान में पुष्प विहार गुजरोंवाली चौक, थाना रायपुर देहरादून में किराये पर रह रहा है तथा रायपुर से गुजरोंवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का कार्य करता है। अभियुक्त की मुलाकात 04 वर्ष पूर्व मृतक जगदीश से गुजरोवाला चौक पर हुई थी, जो मूल रूप से रायबरेली उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। मृतक जगदीश अक्सर पूरे दिन गुजरोवाला चौक पर बैठे रहते थे तथा अभियुक्त वहीं पर सवारी का इंतजार करता था। अक्सर मुलाकात होने के कारण दोनो के बीच अच्छी जान पहचान हो गयी थी तथा मृतक जगदीश अपनी सारी बातें अभियुक्त से साझा करते थे।
मृतक से आपसी बातचीत के दौरान अभियुक्त को मृतक जगदीश के अविवाहित होने तथा उनके आगे पीछे किसी के न होने की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही मृतक का अपने रिश्तेदारों से भी ज्यादा सम्पर्क न होना उसके संज्ञान में आया। मृतक जगदीश को मुँह का कैंसर था, जिस कारण वो हमेशा अपने मुंह पर मास्क लगाकर रखते थे तथा मृतक द्वारा अभियुक्त को अपने मुंह के कैंसर के कारण परेशान रहने तथा काफी इलाज के बाद भी बीमारी के ठीक न होने की बात बताई गई थी। इसके अतिरिक्त मृतक के देहरादून में खनन विभाग से सेवानिवृत्त होने तथा उसके खाते में 24 से 25 लाख रू0 जमा होने की जानकारी मृतक द्वारा आपसी बातचीत के दौरान अभियुक्त को दी गयी थी।
जिस पर अभियुक्त ने मृतक जगदीश के खाते से पैसे निकालने की योजना बनाई तथा योजना में सहारनपुर के रहने वाले अपने मामा प्रवीण त्यागी को काफी पैसा मिलने का लालच देते हुए शामिल कर लिया। योजना के मुताबिक अभियुक्त मोहित द्वारा मृतक जगदीश को देवबंद में कैंसर के एक अच्छे डाक्टर के होने तथा उसके इलाज से उनकी बीमारी को जड से खतम होने के बारे में बताते हुए उन्हें सहारनपुर चलने के लिये राजी किया गया। योजना के मुताबिक अभियुक्त मोहित दिनांक: 04-02-25 को मृतक जगदीश को अपनी सेन्ट्रो कार से अपने मामा के घर देवबंद ले गया जहां अगले दिन दोनो अभियुक्तों द्वारा मृतक जगदीश की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी तथा मृतक के शव को अपनी कार की डिग्गी में डालकर 07-08 कि०मी० आगे अम्भेटा देवबंद की नहर में फेंक दिया तथा मृतक का की पैड वाला मोबाइल फोन तथा उसके आधार कार्ड की फोटो अपने पास रख ली।
घटना के बाद अभियुक्त मोहित अपने मामा को देवबंद में छोडकर वापस देहरादून आ गया, जहां उसने मृतक के फोन से सिम निकालकर उसे अपने फोन में डाल दिया तथा उसके आधार कार्ड से लिंक कर  उसकी एक यू0पी0आई0 आई0डी0 तथा अपने मोबाइल पर फोन पे एप्लीकेशन को एक्टिवेट कर उसके माध्यम से कई बार ट्रांजेक्शन करते हुए करीब 13 लाख रू0 अपने खाते में ट्रांसफर कर लिये। उक्त पैसों में से कुछ पैसे अभियुक्त द्वारा अपने मामा को नगद तथा कुछ पैसों की उसके नाम पर एफ0डी0 की गयी  थी।
गिरफ्तार अभियुक्तगण :-
1- मोहित त्यागी पुत्र महावीर सिंह उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम देवबन्द शूगर मिल के पास थाना देवबन्द जिला सहारनपुर उ0प्र0 , हाल निवासी नरेश गली न0 06 पुष्प विहार गुजरोंवाली चौक, थाना रायपुर देहरादून
2- प्रवीण कुमार त्यागी उर्फ पारूल पुत्र स्व0 रमेश चन्द उम्र- 55 वर्ष निवासी ग्राम लखनौती थाना देवबन्द जनपद सहारनपुर हाल निवासी ग्राम नूरपुर शुगर मिल के पास थाना देवबन्द, जनपद सहारनुपर (उ०प्र०)
बरामदगी का विवरण :-
1- घटना में प्रयुक्त सेन्ट्रो कार
2- मृतक के खाते से निकाले गये 04 लाख 80 हजार रूपये नगद
3- मृतक का सिम कार्ड
4- मृतक के खाते का 03 लाख 50 हजार रूपये का एक चैक
5- मृतक के पीएनबी खाते की 05 लाख रूपये की एक एफडी
6- मृतक के आधार कार्ड की छायाप्रति

नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को सुनाई मौत की सजा

नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने 2019 में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई। इस दौरान अदालत ने कहा कि वह समाज के लिए खतरा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पुनिया ने व्यक्ति के पिता राम सरन को भी अपने बेटे और दोषी राजेंद्र की ओर से किए गए दुष्कर्म के सबूत मिटाने के लिए एक निर्दोष असहाय बच्चे की भीषण हत्या में भाग लेने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि राजेंद्र से सुधार की कोई संभावना नहीं है और उसे समाज से निकाल दिया जाना चाहिए। उसे पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई गई। साथ ही अदालत ने संबंधित प्रावधानों के तहत दोनों पर जुर्माना भी लगाया। अदालत ने राजेंद्र और उसके पिता को इस मामले में 24 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। नाबालिग लड़की नौ फरवरी 2019 को लापता हो गई थी और दो दिन बाद उसका शव एक पार्क में प्लास्टिक की रस्सी से बंधा हुआ मिला था।

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की प्रकृति और समाज की कमजोर बच्चों को भयावह अनुभवों से बचाने की रुचि के कारण कड़ी सजा की आवश्यकता है। पीड़िता की उम्र और उसकी असहाय स्थिति के अलावा कोर्ट इस तथ्य से विशेष रूप से परिचित है कि दोषी राजेंद्र ने अपनी यौन इच्छाओं को शांत करने के लिए मासूम और कमजोर लड़की को अपना शिकार बनाया। अदालत ने दोषी के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उसने पहले भी एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया था। दोषी पर यौन उत्पीड़न करने और नाबालिग होने का नाटक करके जमानत हासिल करने का आरोप लगाया गया।

अदालत ने कहा कि जमानत पर रहते हुए उसने पीड़िता को अपनी यौन इच्छाओं का शिकार बनाया और अपने पिता की मदद से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि पहले यौन अपराध में जमानत देकर उसे कानून की अदालत ने खुद को सुधारने का मौका दिया था। हालांकि, खुद को सुधारने और देश का एक अच्छा नागरिक बनने के लिए उस अवसर का लाभ उठाने के बजाय, उसने एक और भी जघन्य अपराध किया। अदालत ने कहा कि अगर दोषी के प्रति नरमी बरती गई तो वह पीड़ित और समाज के प्रति अपने कर्तव्य में विफल होगी, जो ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा के हकदार हैं। न्यायाधीश ने कहा कि बच्ची को राजेंद्र ने बिना किसी पश्चाताप के मार डाला, मानो वह अब जीने लायक ही नहीं थी।


चाय दुकानदार ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ किया दुष्कर्म, खून से लथपथ हालात मे पहुंची घर मासूम

 पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

बेगूसराय। एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ एक चाय दुकानदार ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। घटना बलिया थाना क्षेत्र की है। घायल बच्ची का इलाज सदर अस्पताल बेगूसराय मे चल रहा है।घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि बच्ची दिन के तकरीबन एक बजे आंगनबाड़ी से पढ़कर वापस अपने घर लौट रही थी। तभी रास्ते में चाय की दुकान चलाने वाले एक चाय दुकानदार ने पहले उसे बहला फुसला कर अपनी दुकान में लाया और फिर दुकान बंद कर दुकान के अंदर ही बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

इस बात का खुलासा तब हुआ जब बच्ची खून से लथपथ हालात मे घर पहुंची और अपने साथ हुए घटना के संबंध मे बताया तो घर के लोगो के होश उड़ गए। फिर परिवार सहित अन्य लोग मौके पर पहुँच कर युवक के साथ पूछताछ की तो युवक ने इस घटना को अंजाम देने की बात कबूल की।जिसके बाद लोगो ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना के बाद बच्ची को गंभीर हालत मे सदर अस्पताल मे भर्ती कराया गया है, जहां बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। लोगो ने आरोप लगाया है कि एक सोची समझी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। इसमें और भी लोग शामिल हो सकते है। क्यूंकि गांव के बीच चाय की दुकान को बंद कर अकेले इस घटना को अंजाम देने की हिम्मत  नहीं की जा सकती है। घटना से आक्रोशित लोगो ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। वही इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गये। इस संबंध में एसपी मनीष कुमार ने बताया कि एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। हालांकि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


महिला ने शारीरिक संबंध बनाने के बाद मांगे दस हजार रुपये, तो गला घोंटकर कर दी हत्या

सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जांच करने के बाद आरोपी गिरफ्तार 

नई दिल्ली। अशोक विहार थाना पुलिस ने महिला की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। शनिवार को कूड़े के ढेर पर महिला का शव बोरे में बंद मिला था। पुलिस ने सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जांच करने के बाद आरोपी वजीरपुर सीएसए कालोनी निवासी केशव प्रसाद (50) की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया है कि महिला ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए उससे दस हजार रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने से पुलिस से शिकायत करने की धमकी देने लगी।

उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 22 फरवरी को पुलिस को अशोक विहार बी ब्लॉक शौचालय के पास बोरे में एक शव मिलने की जानकारी मिली। शव 22 साल की महिला की थी। पुलिस ने महिला के शरीर पर पाए गए छह टैटू के निशानों के जरिए उसकी पहचान मॉडल टाउन की रहने वाली के तौर पर की गई। पुलिस ने आरोपी की पहचान करने के लिए घटनास्थल और उसके आसपास के सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में संदिग्ध दिखा। उसके बाद पुलिस ने मुखबिरों के जरिए उसकी पहचान शुरू कर दी और आखिरकार पुलिस ने आरोपी की पहचान केशव प्रसाद के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उस समय वह विजयवाड़ा भागने की कोशिश कर रहा था। जांच में पता चला कि केशव प्रसाद आजादपुर फल मंडी में मजदूरी करता था।

पूछताछ में उसने बताया कि वह 21 फरवरी की देर रात काम से घर आ रहा था। आजादपुर फ्लाईओवर के पास उसकी मुलाकात महिला से हुई। वह उसे लेकर घर आ गया, जहां दोनों ने खाना खाया। उसके बाद वह महिला से शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। महिला ने इसके लिए उससे दस हजार रुपये की मांग करने लगी। पैसे नहीं देने पर पुलिस से शिकायत करने की धमकी देने लगी। इसी बात पर झगड़ा होने पर उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को बोरे में डालकर कूड़े के पास फेंक दिया।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि होगी। पुलिस ने उसके निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।


पत्नी के सामने पीट-पीटकर की पति की हत्या, डंडों और एसएस पाइपों से पीटने के साथ ही निकाल दी दोनों आंखे 

बांग्लादेश। ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नेता मोहम्मद बाबुल मिया की प्रतिद्वंदियों ने पत्नी के सामने पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने उसे डंडों और एसएस पाइपों से पीटा। उसकी दोनों आंखें तक निकाल दीं। हत्या के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, मोहम्मद बाबुल मिया बीएनपी की कुल्ला यूनियन इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष थे। दोपहर वह और उनकी पत्नी धामराई उपजिला के अक्षिरनगर हाउसिंग के पास सरसों की कटाई कर रहे थे। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई।

कई दिनों से धमकी दे रहे थे आरोपी: यास्मीन 
बाबुल की पत्नी यास्मीन बेगम ने बताया कि रियल एस्टेट व्यवसाय अक्षिरनगर हाउसिंग को लेकर ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी, अरशद और मोनिर हम दोनों को कई दिनों से धमका रहे थे, जबकि पति का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था।

पति को डंडों और एसएस की पाइपों से पीटा: यास्मीन 
यास्मीन बेगम ने बताया कि आरोपियों ने पति को डंडों और एसएस पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने पति की दोनों आंखें भी निकाल लीं। जब मैंने और कुछ स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने और उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें रोक दिया। यास्मीन ने बताया कि पति के बेहोश होने के बाद ही आरोपी वहां से गए।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बाबुल को मृत बताया 
पत्नी यास्मीन ने बताया कि आरोपियों के मौके से जाने के बाद, पति को सावर इनाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यास्मीन ने कहा कि वह घटना के बारे में तुरंत एफआईआर दर्ज कराएंगी।

पिछले विवाद के चलते हुई बाबुल की हत्या: पुलिस अधिकारी
धामराई पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोनिरुल इस्लाम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बाबुल की हत्या पिछले विवाद के चलते की गई है। शव को अस्पताल से बरामद कर पोस्टमॉर्टम हाउस भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


अधेड़ उम्र व्यक्ति ने आठ साल की बच्ची के साथ किया दुष्कर्म, आरोपी फरार

अलीगढ़। अतरौली के पालीमुकीमपुर थाना अंतर्गत अधेड़ उम्र व्यक्ति ने आठ साल की बच्ची को चॉकलेट देने के बहाने घर पर बुलाया। बच्ची से दुष्कर्म कर आरोपी फरार हो गया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक गांव निवासी अमित कुमार पुत्र दरयाव सिंह ने 21 फरवरी की शाम करीब छह बजे पड़ोस में रहने वाली रिश्ते की आठ साल की भतीजी को चाकलेट देने के बहाने अपने घर में बुला लिया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को खोजते हुए उसकी मां वहां आ गई। महिला को देखते ही आरोपी वहां से भाग गया। डरी-सहमी बच्ची से जब उसकी मां ने जानकारी कि तो उसके होश उड़ गए।

परिवार के लोग बच्ची को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर जाकर साक्ष्य एकत्रित किए और बच्ची को मेडिकल के लिए भेज दिया। आरोपी का अपनी पत्नी से कई साल से विवाद है, इसके कारण वह अपने दो बेटों के साथ मायके में रहती है। आरोपी गांव में अपने पिता के साथ अकेला ही रहता है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त युवक का पिता घेर पर था। घर में एकांत देखकर वह बच्ची को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और दुष्कर्म कर डाला।


व्यक्ति ने की अपनी पत्नी की हत्या, मां की हत्या से बिलख रहे नौ और सात साल के दो मासूम 

कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में आज सुबह दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसने अपनी भी जान लेने की कोशिश की।

हत्यारे के गले और हाथ की नसों पर धारदार हथियार के निशान है। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं घटना के बाद से दंपति के नौ और सात साल के बच्चे बिलख रहे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पिता ने की इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

पंजाब। बठिंडा में एक पिता ने अपने इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बठिंडा के गांव चक रुलदू सिंह वाला की है, जहां पिता ने रविवार को अपने बेटे अर्शप्रीत सिंह को गोली मार दी। आरोपी पिता सुखविंर सिंह ने बेटे पर 12 बोर की बंदूक से गोली दागी। मृतक अर्शप्रीत सिंह शादीशुदा था और बेटियों का पिता भी था। घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना संगत पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जबकि उसकी लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली है। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शव गृह में रखा गया है।

मृतक अर्शप्रीत सिंह की पत्नी के अनुसार पिता-पुत्र में नहीं बनती थी। शनिवार रात्रि और रविवार सुबह भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसकी वजह से उसके पति अर्शप्रीत सिंह की हत्या हुई है। थाना संगत के एसएचओ पारस चहल ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गांव चक रूलदू सिंह वाला निवासी सुखविंदर सिंह ने अपने पुत्र अर्शप्रीत सिंह (34) पर घर पर ही लाइसेंसी 12 बोर बंदूक से गोली चला दी और मौके से फरार हो गया। घायल अर्शप्रीत सिंह को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

मृतक की पत्नी के अनुसार हत्या करने की वजह घरेलू झगड़ा है। अर्शप्रीत सिंह और सुखविंदर सिंह दोनों ही खेतीबाड़ी करते हैं। परिवार के पास करीब 22 एकड़ जमीन है, लेकिन दोनों बाप और बेटे की आपस में नहीं बनती थी। दोनों में छोटी-मोटी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। शनिवार रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जबकि रविवार सुबह जब अर्शप्रीत सिंह अपने पिता के साथ बात करने के लिए उनके घर गया, तो वहां पर भी दोनों के बीच झगड़ा हो गया।

इसके बाद पिता ने अपनी 12 बोर की बंदूक से अर्शप्रीत सिंह को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। मृतक अर्शप्रीत सिंह परिवार को इकलौता बेटा था। वह शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां हैं। थाना संगत के एसएचओ पारस चहल ने बताया कि मृतक अर्शप्रीत सिंह की पत्नी हरपिंदर कौर के बयानों पर आरोपी पिता सुखविंदर सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।


पांच लोगों के सामूहिक हत्याकांड मामले में फरार चल रहा आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी। बीते साल का चर्चित मामला यानी पांच लोगों के सामूहिक हत्याकांड मामले में भेलुपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हत्या के आरोपी एक लाख के इनामी विशाल गुप्ता उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया गया है। विशाल पर अपने चाचा समेत परिवार के पांच लोगों की हत्या का आरोप है। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस आयुक्त दोपहर तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये विस्तृत जानकारी देंगे। भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की पत्नी नीतू, बेटी गौरांगी और बेटों नमनेंद्र व सुबेंद्र का शव पांच नवंबर 2024 की सुबह उनके घर में मिला था। चारों की गोली मार कर हत्या की गई थी।

राजेंद्र का शव रोहनिया थाना क्षेत्र के मीरापुर रामपुर स्थित उसके निर्माणाधीन मकान में मिला था।राजेंद्र की भी गोली मार कर हत्या की गई थी। पड़ताल के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि अपने मां-बाप की हत्या का बदला लेने के लिए विक्की ने पूरे परिवार को खत्म कर डाला। विक्की के मां-बाप की हत्या का आरोप राजेंद्र पर था। तमाम प्रयास के बाद पुलिस को विक्की को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। बता दें कि पुलिस ने विशाल गुप्ता के फरार होने के कारण उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की की कार्रवाई के लिए आदेश लेकर मारे गए राजेंद्र गुप्ता के घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा कर दी थी।

इसके अलावा, मोहल्ले में डुगडुगी भी पिटवाई गई थी, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा हुआ था। वहीं घटना के बाद पीड़ित परिवार की अकेली बची राजेंद्र गुप्ता की बुजुर्ग मां शारदा देवी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए निवेदन किया था कि पुलिस उनके मकान की कुर्की की कार्रवाई को रोकने के निर्देश दे।


डकैती में शामिल तीन पुलिस कर्मियों सहित सात अभियुक्त गिरफ्तार

सस्ते में डॉलर दिलाने का झांसा देकर व्यापारी को फंसाया था अपने जाल में

देहरादून। दून पुलिस ने डकैती में शामिल तीन पुलिस कर्मियों सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज वारदात एक कारोबारी के साथ की गई।

अभियुक्तों ने सस्ते में डॉलर दिलाने का झांसा देकर कारोबारी को अपने जाल में फंसाया था।

बीते दो फरवरी को वादी यशपाल सिंह असवाल पुत्र अमर सिंह असवाल निवासी आदर्श ग्राम, ऋषिकेश द्वारा थाना प्रेमनगर में लिखित तहरीर दी कि वह प्रॉपर्टी का कार्य करते हैं तथा कुछ समय पूर्व उनकी मुलाकात कुंदन नेगी निवासी चमोली से हुई थी।

उन्हें बताया गया था कि उनके परिचित राजेश रावत, राजेश चौहान, तथा राजकुमार चौहान, जो मोरी उत्तरकाशी के रहने वाले हैं, उनके पास लगभग 20000/- डॉलर रखे हुए हैं, जिन्हें उसे कम दाम बदलवाना है।

उक्त व्यक्ति द्वारा उन्हें विश्वास में लेते हुए उक्त डॉलर का सौदा करीब आठ लाख रुपए में तय कराया। दिनांक 31/01/2025 को कुंदन नेगी के कहने पर वह डॉलर का सौदा करने 07 लाख 50 हज़ार की रकम लेकर बालाजी मंदिर झाझरा के पास पहुचे, जहाँ उन्हें राजेश रावत, राजेश चौहान, राजकुमार चौहान तथा एक अन्य व्यक्ति हसीन उर्फ अन्ना मिला।

इस बीच आपस में बात करने के दौरान अचानक वहां दो व्यक्ति आ गए, जो अपने आप को पुलिस वाला बता रहे थे तथा उनमें से एक व्यक्ति वर्दी में तथा एक सादे वस्त्र में था, उनके द्वारा उन्हें डरा धमका कर उनके पास रखा रुपए का बैग छीन लिया तथा उनके साथ मारपीट और गली गलौच करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। इस दौरान उक्त व्यक्तियों द्वारा उन्हें उक्त पैसों में से ढाई लाख रुपए वापस दिए गए।

वादी द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर तत्काल थाना प्रेम नगर पर मु0अ0स0 25/25 धारा 310(2)/61(2) BNS में अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा तत्काल अभियोग के अनावरण तथा घटना में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए थाना प्रेम नगर पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरो तथा सर्विलांस के माध्यम से युक्त के संबंध में जानकारियां एकत्रित की गई तथा घटना में शामिल 03 पुलिसकर्मियों सहित कुल 07 अभियुक्तो को हिरासत मे लिया गया व मुकदमे से संबंधित नगद धनराशि बरामद की गई,अभियुक्तों से पूछताछ में घटना में शामिल 02 अन्य अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी हेतु टीमें गठित कर रवाना की गई है।पूछताछ जारी है।

बरामदगी
*2.30(दो लाख तीस हजार) रुपए नगद
*500 डॉलर(100 डॉलर के 5 नोट)

हिरासत मे लिए गए अभियुक्त
1-अब्दुल रहमान पुत्र हसरत अली उम्र- 34 वर्ष, निवासी जलालपुर पोस्ट टोडा कल्याणपुर थाना रूड़की हरिद्वार
हाल तैनाती-IRB-II झाझरा प्रेमनगर देहरादून
2- सालम पुत्र जाकिर हुसैन उम्र-32 वर्ष
निवासी- डोबरी थाना-सहसपुर देहरादून।
हाल तैनाती- IRB-II झाझरा प्रेमनगर देहरादून।
3- इकरार पुत्र अहकाम अली उम्र- 43 वर्ष,
निवासी- नैहनपुर लक्सर हरिद्वार
हाल तैनाती- थाना प्रेमनगर देहरादून।
4- राजकुमार पुत्र जबर सिंह निवासी जोटाड़ी पोस्ट टीकोची थाना मोरी उत्तरकाशी उम्र -35 वर्ष।
5- राजेश रावत पुत्र गब्बर सिंह निवासी माकुड़ी पोस्ट टिकोची थाना मोरी उत्तरकाशी उम्र- 40 वर्ष।
6- कुंदन सिंह नेगी पुत्र अमर सिंह नेगी निवासी सुतौ ल थाना नंदा नगर चमोली उम्र- 45 वर्ष।
7- राजेश कुमार चौहान पुत्र धूमी चंद्र चौहान निवासी कांडा तहसील अरहाल थाना रोहड़ू जिला शिमला उम्र -59 वर्ष।


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