उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल एक सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को पुलभट्टा थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सात अवैध हथियार बरामद किए गए।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, टीम को यूपी-उत्तराखंड सीमा पर हथियारों की तस्करी की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घेराबंदी की और वैगनआर कार में हथियार लेकर आ रहे महेश गंगवार को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से बरेली (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और वर्तमान में किच्छा (ऊधमसिंह नगर) में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से इस अवैध धंधे से जुड़ा हुआ था। इस गिरफ्तारी के साथ ही यूपी-उत्तराखंड में फैले एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिली है।
क्या-क्या हुआ बरामद
आरोपी के पास से छह तमंचे (315 बोर), एक 12 बोर राइफल और .32 बोर के दो खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त वैगनआर कार को भी जब्त कर लिया गया है। इस वर्ष अब तक एसटीएफ 21 अवैध हथियार और 35 कारतूस बरामद कर चुकी है, जबकि आठ तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई राज्य में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल पर रोक लगाना और सक्रिय गैंग्स पर सख्त कार्रवाई करना है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस
गिरफ्तार महेश गंगवार के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। वह किच्छा में किराये के मकान में रह रहा था, जिससे किरायेदार सत्यापन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वह रुद्रपुर की एक कंपनी में काम करता था, लेकिन कुछ समय पहले उसकी नौकरी चली गई थी।
एसटीएफ और पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई हैं।