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धर्मांतरण की साजिश या कुछ और? लापता आशा नेगी केस में चुप है पूरा सिस्टम

Category Archives: क्राइम

धर्मांतरण की साजिश या कुछ और? लापता आशा नेगी केस में चुप है पूरा सिस्टम

देहरादून/मेरठ। उत्तराखंड की एक बेटी आशा नेगी पिछले सात वर्षों से लापता है। परिजनों का आरोप है कि वह धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा के करीबी गुर्गे बदर अख्तर सिद्दीकी के जाल में फंसी और फिर अचानक गायब हो गई। वर्ष 2018 से लेकर अब तक ना तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और ना ही किसी स्तर पर कोई ठोस जांच शुरू की गई है।

2018 में हुई थी आखिरी बातचीत
उत्तराखंड के मूल निवासी और मेरठ में कार्यरत आशा नेगी वर्ष 2016-17 में नोएडा सेक्टर 62 की एक निजी कंपनी में एचआर पद पर कार्यरत थीं। उसी दौरान उसकी पहचान बदर अख्तर सिद्दीकी से हुई, जो उस पर प्रेम जाल बुनने और जबरन धर्मांतरण कराने का आरोपी है। अप्रैल 2018 में आशा की अपने छोटे भाई सुनील से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई।

भाई को भेजे थे सबूत, फिर भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
आशा के भाई अनिल नेगी ने बताया कि लापता होने से ठीक पहले आशा ने बदर अख्तर के पासपोर्ट, आधार और ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपियां उन्हें भेजी थीं। यही नहीं, उसने भाई को अपनी घायल अवस्था की तस्वीरें भी व्हाट्सएप पर भेजी थीं, जिनमें उसके साथ हुई बर्बरता स्पष्ट दिखती है।

शिकायत भी दर्ज नहीं की पुलिस ने
परिजनों ने साल 2019 में मेरठ के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने बहाने बनाकर उन्हें टाल दिया। परिजनों का आरोप है कि बदर अख्तर का कोई करीबी न्यायिक या प्रशासनिक सेवा में उच्च पद पर तैनात है, जिस कारण इस मामले को लगातार दबाया जाता रहा। पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर शिकायत तक दर्ज नहीं की।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
परिवार की व्यथा सिर्फ एक लापता बेटी की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की निष्क्रियता की गवाही देती है। पुलिस, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बैठे कुछ तत्वों की मिलीभगत का आरोप सामने आने से यह मामला और अधिक गंभीर बन गया है।

धर्मांतरण गिरोह का गहरा जाल
बदर अख्तर सिद्दीकी वही व्यक्ति है जिसे धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा का सबसे करीबी बताया जा रहा है। उस पर पहले भी युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण और शोषण के आरोप लग चुके हैं। आशा नेगी का मामला अब इस नेटवर्क के एक और भयावह पक्ष को उजागर कर रहा है।

अब भी परिवार को है न्याय की उम्मीद
सात साल बीतने के बाद भी नेगी परिवार आज भी पुलिस चौकियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। आशा की मां और भाइयों की आंखों में हर दिन एक नई उम्मीद और निराशा की परत जुड़ जाती है।


घोड़ी बांधने को लेकर बवाल, भीड़ ने घर पर बोला हमला, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

फरीदपुर (बरेली)। नगर के मोहल्ला कस्सावान में रविवार देर शाम घोड़ी बांधने के मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे मोहल्ले में पहुंचकर एक घर पर पथराव और हवाई फायरिंग की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने एक नामजद आरोपी सहित 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, कस्सावान मोहल्ला निवासी तौफीक अहमद ने अपने घर के पास घोड़ी बांधी थी, जिसका विरोध मोहल्ला लाइनपार मठिया निवासी श्याम प्रताप उर्फ नन्हे ठाकुर ने किया। इसी को लेकर दोनों के बीच गालीगलौज और कहासुनी हो गई।

आरोप है कि नन्हे ठाकुर वापस अपने मोहल्ले गया और अपने साथियों को इकट्ठा कर हथियारों से लैस होकर लौट आया। देर शाम वह तमंचों से लैस होकर तौफीक के मोहल्ले पहुंचे और उसके घर पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। हालात बिगड़ते देख पीड़ित परिवार ने दरवाजे बंद कर घर में खुद को बंद कर लिया, लेकिन आरोपियों ने इसके बाद हवाई फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस का पक्ष:

पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर एक नामजद सहित 21 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। चौकी प्रभारी का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

कानूनी कार्रवाई:

पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 336, 504, 506, और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।


सहसपुर: कॉलेज छात्रों को स्मैक बेच रहा युवक गिरफ्तार, 6.6 ग्राम स्मैक बरामद

देहरादून (सहसपुर)। सहसपुर कोतवाली पुलिस ने रविवार रात जेबीआईटी कॉलेज के पास एक व्यक्ति को 6.6 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बड़ा रामपुर निवासी वहीद है, जो कॉलेज के छात्रों को स्मैक बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार रात पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति कॉलेज के पास स्मैक बेच रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को धर दबोचा। तलाशी के दौरान 6.6 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में वहीद ने स्वीकार किया कि वह कॉलेज छात्रों को नशा बेचता था। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


कालसी में अपहरण की कोशिश नाकाम, स्थानीयों ने तीन युवकों को पकड़ा

कालसी (देहरादून)। कालसी तहसील क्षेत्र के एक गांव से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के तीन युवक एक 15 वर्षीय किशोरी को बाइक पर बहला-फुसलाकर जबरन भगाकर ले जा रहे थे। लेकिन सतर्क परिजनों और स्थानीय लोगों की तत्परता से तीनों युवकों को कालसी गेट पर पकड़ लिया गया और थाने के हवाले कर दिया गया।

घटना का विवरण

रविवार शाम को सहारनपुर के नकुड़ थाना क्षेत्र के मलकपुर निवासी दीपांशु और दीपक, तथा थाना अंबेटा के चपर पीडी गांव निवासी ऋतिक, दो बाइकों पर सवार होकर किशोरी को साथ ले जा रहे थे। एक बाइक पर किशोरी और एक युवक था, जबकि दूसरी बाइक पर बाकी दो युवक सवार थे।

किशोरी के चाचा ने जब यह देखा तो तुरंत इसकी जानकारी कुछ परिचितों को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पीछा शुरू किया और कालसी गेट पर युवकों को पकड़ लिया। पकड़ने के प्रयास में बाइक असंतुलित हो गई, जिसके बाद तीनों युवक और किशोरी को स्थानीय थाने ले जाया गया।

पुलिस की कार्रवाई

थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि मामला राजस्व क्षेत्र का था, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। किशोरी से पूछताछ में सामने आया कि तीनों युवक उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जा रहे थे और गलत काम करने के लिए मजबूर कर रहे थे।

परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।


बदायूं: पीएनबी में 65 लाख रुपये के गबन का मास्टरमाइंड संजय गिरफ्तार, 14 आरोपी बनाए गए

उत्तर प्रदेश: बिसौली कस्बे में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में पांच साल पहले हुए 65 लाख रुपये के गबन के मामले में आखिरकार मुख्य आरोपी संजय को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) ने गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ से आई टीम ने सोमवार को संजय को शहर के कचहरी तिराहे से गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

कैसे हुआ गबन?

संजय ने यह धोखाधड़ी विद्युत निगम के चेक वाउचरों में हेराफेरी कर की। विद्युत विभाग का खाता पीएनबी बिसौली शाखा में था, जहां उपभोक्ताओं से मिलने वाली धनराशि चेक द्वारा जमा होती थी।

संजय की मां बीरवाला, इसी शाखा में सफाई कर्मचारी थी। उसकी गैरमौजूदगी में संजय को बैंक आने-जाने और कार्य में शामिल होने की अनौपचारिक अनुमति मिल गई थी। बाद में उसने इस स्थिति का दुरुपयोग करते हुए बिजली विभाग की बिलिंग से संबंधित चेकों की धनराशि को अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।

ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा

वर्ष 2009 से 2017 तक यह गबन चलता रहा, लेकिन बैंक और विद्युत विभाग को कोई शक नहीं हुआ। जब बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई और कनेक्शन काटे जाने लगे, तब विद्युत निगम ने रिकॉर्ड की जांच कराई। यहीं से गबन का खुलासा हुआ।

घटना की रिपोर्ट बैंक अधिकारियों ने दर्ज कराई, जिसके बाद शासन ने जांच का जिम्मा ईओडब्ल्यू को सौंपा।

कुल 14 आरोपी, मास्टरमाइंड सहित परिवार के कई सदस्य शामिल

ईओडब्ल्यू की शुरुआती जांच में 7 आरोपियों को नामजद किया गया:

  • संजय (मुख्य आरोपी)

  • मां बीरवाला (बैंक की सफाईकर्मी)

  • पिता भोले नाथ

  • भाई संदीप कुमार

  • भाई सुजीत की पत्नी बबीता

  • अजीत कुमार

  • चंद्रपाल

बाद में 7 और नाम सामने आए, जिन्हें भी आरोपी बनाया गया। ईओडब्ल्यू ने इन सभी के खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराधों के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

अब तक की कार्रवाई

  • संजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है। पुलिस और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम आगे की कड़ियां जोड़ रही है ताकि सभी दोषियों को सजा दिलाई जा सके।


लखनऊ: हर्ष हॉस्पिटल में 3 साल के बच्चे की मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित बंधा रोड पुरनिया के हर्ष हॉस्पिटल में इलाज के दौरान तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चा शशांक मूल रूप से सीतापुर का निवासी था। परिजनों ने बताया कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन वहां बेड न मिलने की वजह से उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

इसके बाद शशांक को हर्ष हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे बच्चे की जान चली गई।

घटना की सूचना पर थाना मड़ियांव पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल प्रशासन व परिजनों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से गिरफ्तार, गोवा की आयशा करती थी फंडिंग

आगरा/दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने धर्मांतरण के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके से गिरफ्तार किया है। रहमान, जो पहले महेंद्र पाल जादौन के नाम से जाना जाता था, अब कलीम सिद्दीकी के नेटवर्क को संभाल रहा था और कनाडा स्थित दाऊद अहमद के संपर्क में भी था। गिरोह से जुड़ी गोवा निवासी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो गिरोह के लिए फंडिंग का काम करती थी।

कैसे शुरू हुआ धर्मांतरण का सिलसिला

एमएससी डाटा साइंस की छात्रा एसबी कृष्णा वर्ष 2020 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान कश्मीरी छात्राओं के संपर्क में आई। वहीं उसका ब्रेनवॉश किया गया और वह धर्मांतरण के लिए कश्मीर तक गई। हालांकि वहां से लौटने पर परिवार ने केस दर्ज कराया और कुछ समय तक उसका गिरोह से संपर्क टूट गया।

लेकिन छह महीने बाद वह कोलकाता चली गई और धर्म परिवर्तन कर आयशा बन गई। इसके बाद वह गिरोह में सक्रिय हो गई और अब्दुल रहमान से फंड लेकर धर्मांतरण के लिए लोगों को आर्थिक मदद देने लगी। आयशा ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर नेटवर्क फैलाया और कई राज्यों में संपर्क बनाए रखा।

प्यार में धर्म बदला, फिर पीएफआई से जुड़ा

जयपुर से गिरफ्तार पियूष पंवार उर्फ मोहम्मद अली वर्ष 2021 में टोंक की एक युवती के संपर्क में आया और उसके प्यार में इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। बाद में वह कलीम सिद्दीकी के संपर्क में आया और पीएफआई से जुड़ गया। वह कोलकाता में दीनी तालीम ले रहा था और आयशा से फंड लेकर धर्मांतरण में सहयोग कर रहा था।

इंस्टाग्राम से जोड़ता था बहनों को

रीथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम ने ही आगरा की दो सगी बहनों को कोलकाता भेजने की व्यवस्था की थी। वह इंस्टाग्राम पर संपर्क में था और उन्हें धार्मिक साहित्य डाक के माध्यम से भेजता था।

दिल्ली से मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान गिरफ्तार

आगरा पुलिस ने मुस्तफाबाद, दिल्ली में दबिश देकर अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। वह धर्मांतरण के लिए फंडिंग और साहित्य वितरण का संचालन करता था। उसके घर से हरियाणा के रोहतक की एक युवती भी मिली, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज थी। मौके से धार्मिक साहित्य, प्रेरणादायक पुस्तकें और गिरोह से जुड़े नामों की सूची भी बरामद हुई है।

अब्दुल रहमान का अतीत

मूल रूप से फिरोजाबाद निवासी महेंद्र पाल जादौन ने पहले ईसाई धर्म और फिर 1990 में इस्लाम धर्म अपना लिया। वह दिल्ली में मजदूरी करता था और वहीं उसकी मुलाकात कलीम सिद्दीकी से हुई। उसने उसके लिए काम करना शुरू किया और धर्मांतरण में सक्रिय हो गया। लोग उसे आज “अब्दुल रहमान उर्फ चचा” के नाम से जानते हैं। उसके घर से भारी मात्रा में जाकिर नाइक और कलीम सिद्दीकी की पुस्तकें भी मिली हैं।

कलीम सिद्दीकी को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद

यूपी एटीएस ने 2021 में कलीम सिद्दीकी को सामूहिक धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर विदेशी फंडिंग से भारत में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप था। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अब्दुल रहमान इसी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान से गिरोह की आतंकी फंडिंग, विदेशी संपर्क, और संगठनों से जुड़ाव की जांच की जा रही है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 10 आरोपियों को 10 दिन की रिमांड पर लिया है और पूछताछ जारी है।


एक किलो अफीम के साथ महिला व पुरुष तस्कर गिरफ्तार

बरेली (उत्तर प्रदेश): पुलिस ने रविवार को अफीम तस्करी के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की। अलीगंज तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक महिला और पुरुष को एक किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार दोपहर चेकिंग अभियान के तहत पुलिस टीम अलीगंज तिराहे से स्टेशन रोड की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार महिला और पुरुष स्टेशन की ओर से अलीगंज की ओर आते दिखाई दिए। पुलिस को उन पर शक हुआ, जिसके बाद उन्हें रोककर पूछताछ की गई।

पूछताछ के बाद जब दोनों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक किलो अफीम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नर सिंह निवासी बिलौरी गांव तथा कांती देवी निवासी झाऊआ नगला, थाना सिरौली के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह अफीम कुछ दिन पहले बदायूं जिले के एक ग्रामीण से खरीदी थी और अब इसे बेचने के लिए ले जा रहे थे।

पुलिस ने बाइक को सीज कर लिया है और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की आपूर्ति कहां से हुई और इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।


कर्ज न चुकाने पर किसान को जंजीर से बांधा, एक आरोपी गिरफ्तार

मथुरा (उत्तर प्रदेश): कोतवाली छाता क्षेत्र के गांव खायरा में कर्ज चुकता न करने पर एक किसान को जंजीर से बांधने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित किसान की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित किसान ने तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके चाचा, चाची, चचेरा भाई नटवर और भाभी ने कर्ज की वसूली के लिए उसे जबरन घर में कैद कर जंजीरों से बांध दिया। इस दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके घर से दो लाख रुपये नकद, दो तोला सोना और आधा किलो चांदी भी ले गए।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने बंधक बनाना, मारपीट करना, और चोरी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने चचेरा भाई नटवर को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

हालांकि, मामले की जांच के दौरान प्रभारी निरीक्षक छाता कमलेश सिंह ने बताया कि सोना और चांदी की चोरी के आरोप झूठे पाए गए हैं। वहीं, किसान को जंजीर से बांधने की पुष्टि होने पर इस बिंदु पर विवेचना (जांच) जारी है।

छाता के क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशीष शर्मा ने बताया कि पीड़ित किसान की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


लुधियाना में युवक की गोली मारकर हत्या, सड़क किनारे मिला शव

दोस्त ने घायल हालत में पहुंचाया अस्पताल, लेकिन नहीं बच सकी जान

लुधियाना: शहर के शाम नगर इलाके में रविवार देर रात एक 25 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रोहित, निवासी हैबोवाल, के रूप में हुई है। उसे छाती में गोली मारी गई थी और वह सड़क किनारे बेसुध हालत में पड़ा मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना लुधियाना बस स्टैंड के समीप घटी, जहां से हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि गोली चलने की आवाज या घटना का कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद सामने नहीं आया है।

मित्र ने घायल रोहित को पहुंचाया अस्पताल, पर जान न बच सकी

घटना के वक्त रोहित अकेला था। उसके मित्र रोहन, जो पेशे से कचहरी में काम करता है, ने सड़क किनारे रोहित को लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा। उसने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रोहन ने बताया कि उसने रास्ते में कई बार रोहित से सवाल करने की कोशिश की, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे सका।

पुलिस जुटी जांच में, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगाली जा रही

थाना डिविजन पांच के एसएचओ बिक्रम सिंह ने जानकारी दी कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मृतक की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही हैं, ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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