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इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर प्रेमजाल में फंसाकर महिला से दुष्कर्म — आरोपी गिरफ्तार,

Category Archives: क्राइम

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर प्रेमजाल में फंसाकर महिला से दुष्कर्म — आरोपी गिरफ्तार,

बरेली: मुंबई की एक विवाहित महिला को सोशल मीडिया पर प्रेमजाल में फंसाकर कस्बे के एक किराये के मकान में बंधक बनाकर कई दिनों तक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बंधक बनाई गई महिला को मुक्त कराकर उसके पति के साथ मुंबई भेज दिया गया है।

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, बना अपराध का रास्ता

कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि पीड़िता मूल रूप से जिला रायबरेली की निवासी है, लेकिन वह अपने पति और पांच साल के बेटे के साथ मुंबई में रहती थी। कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती मोहित निवासी ग्राम नाद अलगनी, फरीदपुर से हुई। दोनों के बीच ऑनलाइन प्रेम संबंध बने और इसी बहाने मोहित ने महिला को मुंबई से कस्बा आंवला बुला लिया।

किराये के मकान में बनाया बंधक, किया कई दिन दुष्कर्म

आरोपी मोहित महिला को आंवला लाकर एक किराये के मकान में बंधक बनाकर रखा और उस पर शारीरिक व मानसिक अत्याचार करता रहा। यह सिलसिला कई दिनों तक चला, जब तक कि महिला ने किसी तरह से सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पति को मदद के लिए संदेश नहीं भेज दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

पीड़िता की सूचना मिलते ही सीओ नितिन कुमार के निर्देशन में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित मुक्त कराया। आरोपी मोहित को भी गिरफ्तार कर गुरुवार दोपहर को जेल भेज दिया गया।

पति के साथ लौटी पीड़िता, आगे की जांच जारी

बंधक बनाकर रखी गई महिला को गुरुवार को उसका पति थाने लेकर पहुंचा और उसे अपने साथ मुंबई ले गया। इस मामले में पुलिस ने महिला की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरा सहयोग किया। अब विधिक प्रक्रिया के तहत मामले की जांच जारी है।


CBI बनकर फंसाया, डिजिटल अरेस्ट में कैद कर 47 लाख ठगे — तीन साइबर ठग लखनऊ में गिरफ्तार

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर एक महिला से 47 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने एक डर और भ्रम का जाल बुनकर पीड़िता को पूरी तरह मानसिक दबाव में लेते हुए यह ठगी की।

रीता भसीन को बनाया था शिकार

18 जुलाई को रीता भसीन नामक महिला ने साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया था कि कुछ लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और 47 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता को फोन पर बताया गया कि उनके आधार और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है और उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी ईस्ट थाने में एफआईआर दर्ज है।

इसके बाद वीडियो कॉल पर आरोपियों ने पुलिस वर्दी पहनकर उन्हें धमकाया और फर्जी अरेस्ट वारंट भेजा। महिला को डराकर लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रखा गया और घर से बाहर न निकलने की धमकी दी गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार, थाना जैसा था सेटअप

इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में की गई जांच के बाद सुल्तानपुर निवासी अनुराग तिवारी, रायबरेली के प्रखर प्रताप सिंह, और अंबेडकरनगर के अनुपम सिंह को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी लोगों को वीडियो कॉल पर फंसाने के लिए थाने जैसा सेटअप और पुलिस वर्दी का इस्तेमाल करते थे।

इनके पास से:

  • 2 मोबाइल फोन

  • 14 डेबिट कार्ड

  • 7 चेकबुक
    बरामद की गईं।

  • डिजिटल अरेस्ट का ताना-बाना

आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए पीड़ित को कहते थे कि उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद उन्हें स्काइप या अन्य वीडियो कॉलिंग माध्यमों पर नजरबंद रखते थे। डर का माहौल बना कर, पीड़ित को किसी से बात न करने देने की रणनीति के तहत, वे धोखे से रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।

पांच खाते फ्रीज, 10.5 लाख की बरामदगी

पुलिस जांच में आरोपियों के पांच बैंक खातों में जमा 10.5 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। ये राशि पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।


नैनीताल में ऑपरेशन कालनेमि: तेलंगाना के दो संदिग्ध बाबाओं की गिरफ्तारी,

नैनीताल : उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रदेशभर में फर्जी बाबाओं के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत नैनीताल में दो संदिग्ध बाबाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये बाबा तेलंगाना राज्य के निवासी बताए जा रहे हैं, जो बाजार क्षेत्र में हस्तरेखा पढ़ने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे थे।

पुलिस को देखकर घबरा गए बाबा, पूछताछ में खुली पोल

गुरुवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर एसओ रमेश बोहरा की अगुवाई में पुलिस टीम बाजार क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो बाबा संदिग्ध अवस्था में घूमते नजर आए। जब पुलिस टीम ने उन्हें रोका, तो वे घबरा गए और संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में दोनों की पहचान तेलंगाना निवासी बालकृष्ण और तिरूपाते के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वे नैनीताल में पिछले कुछ समय से रह रहे थे और लोगों की हस्तरेखा (Palm Reading) के माध्यम से भविष्य बताने का कार्य कर रहे थे।

हरिनगर की महिला ने दिया था ठिकाना, हुई चालानी कार्रवाई

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हरिनगर निवासी एक महिला अलका ने इन बाबाओं को अवैध रूप से अपने घर में ठहराया था। पुलिस ने इस पर 5,000 रुपये की चालानी कार्रवाई करते हुए महिला को चेतावनी दी है।

एसओ रमेश बोहरा ने कहा कि “अवैध रूप से घूमने वाले संदिग्ध लोगों को शरण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

फर्जी बाबाओं पर प्रदेशभर में सख्ती

उत्तराखंड में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ये बाबा अक्सर धार्मिक चोले में लोगों को धोखा देने, अंधविश्वास फैलाने और आर्थिक शोषण करने में लिप्त पाए जाते हैं।

एसएसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि “प्रदेश में धार्मिक आस्था के नाम पर किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। समाज में भ्रम और ठगी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


उत्तराखंड: 92 मदरसों में छात्रवृत्ति घोटाला, सीएम धामी ने SIT जांच के दिए निर्देश

देहरादून:  उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में गरीब और अल्पसंख्यक छात्रों के हक में चल रही छात्रवृत्ति योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से वितरित की जाने वाली छात्रवृत्ति में भारी गड़बड़ी पाई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राज्य के 92 मदरसों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली।इस घोटाले ने प्रदेश में शिक्षा के नाम पर चल रही लूट-खसोट की परतें उधेड़ कर रख दी हैं।

 मुख्यमंत्री धामी ने दिए SIT जांच के निर्देश

छात्रवृत्ति घोटाले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने साफ कहा,गरीब छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री के अनुसार यह मामला केवल आर्थिक भ्रष्टाचार का नहीं,बल्कि शिक्षा और सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ का है।

मदरसों की भूमिका संदिग्ध, मदरसा बोर्ड ने किया समर्थन

रिपोर्ट्स के अनुसार घोटाले में सबसे अधिक मदरसों की संलिप्तता पाई गई है। कई मदरसों ने छात्रों के नाम और दस्तावेजों की फर्जी प्रविष्टियां करवा कर स्कॉलरशिप राशि अपने खाते में डलवाई। जांच में कई ऐसे संस्थान भी सामने आए हैं, जहां कागज़ों में दर्ज छात्र वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं।

हालांकि, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती समूह कासमी ने SIT जांच का स्वागत करते हुए कहा, “अगर कोई भी मदरसा दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सही संस्थानों की छवि सुधरेगी।”

घोटाले का असर: छात्रवृत्तियां रुकीं, छात्र निराश

यह पहला मौका नहीं है जब उत्तराखंड में स्कॉलरशिप वितरण में गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी करोड़ों रुपए के घोटाले हो चुके हैं, जिससे वास्तविक हकदार छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा। फीस न भर पाने और पढ़ाई अधूरी रह जाने की वजह से सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।


आईटीबीपी जवान संजय यादव की पीट-पीटकर हत्या, पुरानी रंजिश में गई जान

गया (बिहार) :  गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहियाईन गांव में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) में कार्यरत 30 वर्षीय जवान संजय यादव की गांव में ही पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। वह छुट्टी पर घर आए हुए थे और जल्द ही नए स्थानांतरण स्थल पर योगदान देने वाले थे।

घर लौटे जवान की नहीं हो सकी वापसी

मूल रूप से बिहियाईन गांव के निवासी संजय यादव वर्तमान में देहरादून में तैनात थे और हाल ही में उनका स्थानांतरण छत्तीसगढ़ किया गया था। परिवार से मिलने वे कुछ दिनों की छुट्टी लेकर गांव आए थे, लेकिन एक पुरानी रंजिश ने उनकी जिंदगी छीन ली।

घटना के बाद गांव में तनाव

गुरुवार की शाम संजय यादव पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान का शव पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया है और अंत्येष्टि की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के आने का इंतजार है।

आधे दर्जन से अधिक ग्रामीण हिरासत में

वजीरगंज थाना पुलिस ने हत्या के मामले में करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश ही कारण है, हालांकि जांच के बाद ही पुष्टि की जाएगी।

देश सेवा करने वाला जवान बना रंजिश का शिकार 

संजय यादव एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। उनकी अचानक और असामयिक हत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और विभाग को गमगीन कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।


आईडीपीएल हॉकी ग्राउंड के पास झाड़ियों में मिला नवजात, एम्स में भर्ती — मां की तलाश जारी

ऋषिकेश: आईडीपीएल हॉकी ग्राउंड के समीप गुरुवार सुबह एक दर्दनाक दृश्य ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। झाड़ियों में एक नवजात बच्चा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने तत्काल एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया। नवजात पूर्णतः स्वस्थ बताया जा रहा है, लेकिन उसे वहां किसने और क्यों फेंका, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है।

सुबह की सैर में मिली जिंदगी की कराह

गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे, एक व्यक्ति मॉर्निंग वॉक कर रहा था, तभी उसे झाड़ियों से किसी शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। वह जब नजदीक गया, तो देखा कि झाड़ियों में एक नवजात शिशु पड़ा हुआ है। उसने तुरंत चीता पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को एम्स के निक्कू वार्ड में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

एम्स पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि नवजात का जन्म लगभग एक से दो घंटे पूर्व ही हुआ था, यानी जन्म के तुरंत बाद ही उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया। सौभाग्यवश, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी देखभाल की जा रही है।

सीसीटीवी खराब, जांच में बाधा

जब पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करनी चाही तो पाया कि कैमरे खराब हैं। इससे शिशु को फेंकने वाले या जन्म देने वाली महिला की पहचान कर पाना कठिन हो गया है। फिलहाल स्थानीय लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप राणा ने बताया कि पुलिस जल्द ही आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि “ऐसी अमानवीय हरकत को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी हृदयविदारक घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब क्षेत्र में नवजातों को लावारिस हालत में छोड़े जाने की घटनाएं सामने आई हैं:

  • 29 मार्च 2025: गोविंदनगर के डंपिंग जोन में कूड़े के ढेर में एक थैले में नवजात का शव मिला था। थैला किसने फेंका, यह आज तक पता नहीं चला।

  • 18 नवंबर 2020: लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर गरुड़चट्टी के पास पुलिस को करीब दो दिन का नवजात मिला था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया और बाद में शिशु सदन देहरादून भेजा गया।

  • सवाल उठते हैं, जवाब मांगता है समाज

  • क्या हम इतनी असंवेदनशील हो गए हैं कि नवजातों को यूँ ही मरने के लिए छोड़ दिया जाए?

  • क्या महिलाएं ऐसी स्थिति में पहुंच रही हैं जहां उन्हें बच्चे को जन्म देने के बाद भी उसे स्वीकार करने की स्वतंत्रता नहीं मिलती?

  • क्या समाज और प्रशासन मिलकर ऐसे मामलों को रोकने के लिए कोई ठोस पहल करेगा?

  • जरूरत है जागरूकता और संवेदना की

इस घटना ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम कहां जा रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने की भी परीक्षा लेती हैं। यह समय है जब हमें संवेदनशीलता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित मातृत्व के विकल्प पर गंभीरता से काम करना होगा।


रुड़की के टोडा कल्याणपुर में 42 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या, गांव के मंदिर के पास मिला क्षत-विक्षत शव

रुड़की- रुड़की के टोडा कल्याणपुर गांव में गुरुवार रात एक हृदयविदारक हत्या का मामला सामने आया है। गांव के एक मंदिर के पास एक 42 वर्षीय व्यक्ति कंवरपाल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। युवक की चाकुओं से गोदकर नृशंस हत्या की गई थी। परिजनों और ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है।

तीन घंटे से लापता था कंवरपाल, मंदिर के पास मिला शव

कंवरपाल शाम को अपने घर से निकला था, लेकिन करीब तीन घंटे तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो गांव के मंदिर के पास उसका रक्तरंजित शव मिला। शव की स्थिति देखकर हर कोई सन्न रह गया — पीठ पर गहरे चाकू के घाव, शरीर के अन्य हिस्सों पर कट के निशान और एक हाथ पूरी तरह से काटा हुआ था।

परिजनों ने जताई रंजिश की आशंका

परिजनों ने बताया कि कंवरपाल का किसी से पुराना विवाद चल रहा था। हालांकि उन्होंने किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया है, लेकिन रंजिश के एंगल को पुलिस ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। मृतक का बेटा बीएसएफ (BSF) में तैनात है, जो सूचना मिलते ही घर लौटने की तैयारी कर रहा है।

पुलिस जांच में जुटी, शव भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए

घटना की सूचना पर सीओ नरेंद्र पंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हत्यारों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

गांव में फैला डर और आक्रोश

इस जघन्य हत्या से गांव में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं गांव की शांति को भंग कर रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।


सिवनी में दिल दहला देने वाली वारदात: एकतरफा प्रेम में बहनोई ने कर दी दो मासूमों की हत्या

सिवनी, मध्यप्रदेश: सिवनी जिले के महावीर व्यायामशाला के पास एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 15 जुलाई की शाम से लापता दो मासूम बच्चों की हत्या का राज़ जब खुला, तो हर कोई स्तब्ध रह गया। हत्या का आरोपी और कोई नहीं, बल्कि बच्चों का मौसा निकला, जो उनकी मां से एकतरफा प्रेम करता था।

पूजा ढाकरिया, जो पिछले तीन वर्षों से अपने पति से अलग होकर अपने दो बेटों — मयंक (9 वर्ष) और दिव्यांश (6 वर्ष) — के साथ रह रही थी, मजदूरी और घरों में काम कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। दोनों बच्चे स्थानीय स्कूल में पढ़ते थे और मां के साथ ही रहते थे।

15 जुलाई की शाम जब पूजा काम पर गई, तो बच्चे घर पर ही थे। लेकिन जब वह लौटी, तो बच्चे घर से गायब थे। पहले स्थानीय स्तर पर तलाश की गई, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान संदेह की सुई पूजा के बहनोई भोजराम बेलवंशी की ओर घूमी।

सच आया सामने, मौसा बना जल्लाद

पुलिस ने भोजराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता ने बताया कि भोजराम अपनी साली पूजा से एकतरफा प्रेम करता था और उसे पाने की चाहत में अंधा हो गया था।

बच्चे उसकी राह में बाधा लगते थे और उसे पसंद नहीं करते थे। इसी वजह से उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत बच्चों को रास्ते से हटाने का फैसला लिया। फिलहाल पुलिस ने भोजराम को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

आशंका और अविश्वास के बीच मातृपीड़ा

इस पूरे घटनाक्रम से न केवल पूजा ढाकरिया पूरी तरह टूट चुकी है, बल्कि स्थानीय लोग भी इस क्रूरता से स्तब्ध हैं। किसी को यह विश्वास नहीं हो रहा कि एक इंसान महज अपने विकृत प्रेम के चलते दो मासूम जिंदगियों को खत्म कर सकता है।

सवाल खड़े करता है यह मामला

यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू संबंधों में पनप रहे मनोवैज्ञानिक विकारों और बच्चों की असुरक्षा जैसे कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या समाज ने स्त्रियों को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया है? क्या एकतरफा प्रेम के नाम पर किसी की जिंदगी यूँ छीनी जा सकती है?

न्याय की उम्मीद

पूजा और पूरे समाज की अब यही मांग है कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि ऐसी सोच रखने वाले लोगों को सबक मिले और मासूमों की जान यूँ न जाए।


अमृतसर: मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति ने अस्पताल की पांचवीं मंजिल से लगाई छलांग

अस्पताल में चल रहा था इलाज, ऑपरेशन से पहले कूदकर दी जान

पंजाब- गुरु नानक देव अस्पताल, अमृतसर में वीरवार को एक दर्दनाक घटना घटी, जहां 45 वर्षीय बलजिंदर सिंह ने अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। बलजिंदर सिंह वेरका कस्बे के निवासी थे और एक फैक्टरी में काम करते थे। बताया गया है कि वे लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज भी चल रहा था।

कुछ दिन पहले छुट्टी मिलने के बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए दोबारा बुलाया गया था। इसी दौरान बलजिंदर अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर चले गए और छलांग लगा दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही एडीसीपी हरपाल सिंह ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।


दोस्ती के नाम पर धोखा, अश्लील वीडियो से किया ब्लैकमेल—कोर्ट ने सुनाया फैसला

हरियाणा- फतेहाबाद की पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अश्लील वीडियो के जरिए युवती को ब्लैकमेल करने के मामले में एक युवक को दोषी ठहराते हुए उसे 5 साल की कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी।

जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि इस मामले में पुलिस की तत्परता, सटीक जांच और सरकारी वकील जगसीर सिंह की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को सजा दिलवाने में सफलता मिली है।

पीड़िता ने साइबर थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसी के गांव का युवक रणजीत कुमार पहले उससे दोस्ती करता रहा, बाद में उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रणजीत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन), 506 और आईटी एक्ट की धाराएं 66ई व 67ए के तहत मामला दर्ज किया।

हालांकि, अदालत में धारा 376(2)(एन) के तहत आरोप साबित नहीं हो सके, लेकिन अन्य धाराओं में आरोपी को दोषी करार दिया गया।

इस मामले की जांच निरीक्षक अरुणा और उनकी टीम ने की। पीड़िता के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ठोस जांच करते हुए 17 फरवरी 2023 को आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने 20 मार्च 2023 को चार्जशीट तैयार कर 27 मार्च को अदालत में दाखिल की थी।


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