Friday, October 16th, 2026

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पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश

Daily Archives: 16/10/2026

पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश

पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

देहरादून। प्रदेश में पंचायतों को सशक्त बनाने और पंचायतीराज विभाग की योजनाओं को गति देने के लिए पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए धनराशि आवंटित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी के तहत जिन पंचायत भवनों को मरम्मत की जरूरत है, उनके साथ ही नए पंचायत भवनों के निर्माण के लिए भी तत्काल उपलब्ध धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करना है।

कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए बनेगा प्रस्ताव
बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपनल के माध्यम से प्रदेश के ब्लॉकों में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में कंटीजेंसी की व्यवस्था बंद हो गई है। ऐसे में कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं बनाए रखने के लिए आगामी छठे राज्य वित्त आयोग के अनुदान में कंटीजेंसी की व्यवस्था करने संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

पंचायतीराज एक्ट की नियमावलियां बनाने पर जोर
मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतीराज एक्ट-2016 को लागू हुए 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इसके तहत बनाई जाने वाली विभिन्न नियमावलियां अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन नियमावलियों को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

न्यायालयों में लंबित मामलों और प्रशासनिक ढांचे की होगी समीक्षा
मंत्री ने विभाग से संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंचायतीराज विभाग के सचिव नितेश कुमार झा, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा के लिए तैयारियां पूर्ण, जिला प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

18 अक्टूबर को 2 पालियों में आयोजित होगी परीक्षा, प्रथम पाली में पशुधन प्रसार अधिकारी परीक्षा में 8957 एवं द्वितीय पाली में सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा में 1535 परीक्षार्थी होंगे शामिल

एडीएम के.के. मिश्रा ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून। आगामी 18 अक्टूबर, 2026 (रविवार) को जनपद देहरादून में आयोजित होने वाली पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन तथा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में कोषागार सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई।

जनपद में पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक के पदों के लिए लिखित परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पशुधन प्रसार अधिकारी की परीक्षा के लिए जनपद में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8,957 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। यह परीक्षा प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार सर्वेक्षक के पदों के लिए लिखित परीक्षा जनपद के 4 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें कुल 1,535 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सर्वेक्षक की परीक्षा अपराह्न 03 बजे से सायं 05 बजे तक आयोजित की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एवं कार्मिक परीक्षा से संबंधित दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ करें। परीक्षा के दौरान आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता, गोपनीयता तथा शांतिपूर्ण संचालन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि परीक्षा संपन्न होने के उपरांत आयोग के निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार मूल ओएमआर शीट तथा नमूना सील सहित परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री कोषागार में सुरक्षित जमा कराना सुनिश्चित करें। गोपनीय सामग्री के रखरखाव, परिवहन एवं जमा करने के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण अनुपालन किया जाए, ताकि परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पूर्व पहुंचें तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन बनाए रखें। परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अथवा किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होने से पूर्व आयोग द्वारा जारी निर्देशों का भली-भांति अवलोकन कर लें तथा परीक्षा केंद्र पर निर्धारित नियमों का पालन करें।

उक्त दोनों परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। परीक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्धारित दायित्वों का पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उप कोषाधिकारी भरत सिंह मेवाड़, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से बृजलाल बहुगुणा एवं सुभाष चंद्र घिल्डियाल सहित परीक्षा के लिए नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


कानपुर में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर निर्यातक से 2.66 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर। निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाजमऊ के एक निर्यातक से 2.66 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई चरणों में देश के 18 राज्यों के 89 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में 10 से अधिक अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है।

पीड़ित मोहम्मद अहमद लारी सेफ्टी शूज और घोड़ों की जीन का निर्यात करते हैं। आरोप है कि एक महिला ने फोन पर अपना नाम अनन्या कुलकर्णी बताकर उन्हें निवेश में मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके लिए चार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनसे संपर्क किया गया। झांसे में आने के बाद निर्यातक ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।

पुलिस जांच के अनुसार, ठगी की रकम सबसे पहले महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के तिरुपति, तेलंगाना, गुजरात के राजकोट, कोलकाता, कर्नाटक के दावणगेरे, गाजियाबाद समेत कई स्थानों की 13 फर्मों से जुड़े 18 बैंक खातों में 21 बार ट्रांसफर की गई। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों में भेजा गया। जांच में अब तक 18 राज्यों के 89 बैंक खातों तक पैसे पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

साइबर टीम ने चकेरी के अहिरवां निवासी अखिल सिंह चौहान और उसके साथी सफीपुर निवासी सतेंद्र यादव उर्फ टोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अखिल बीसीए पास है और उसने फर्जी फर्में बनाकर अपने तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर 31 बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

पूछताछ में अखिल ने कथित तौर पर मुंबई के कैली और राव नाम के व्यक्तियों से जुड़े होने की जानकारी दी। उसके अनुसार, ये लोग उसे मुंबई के होटलों में बुलाते थे और खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे।

पुलिस के मुताबिक, अखिल ने सेंट्रल बैंक में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीआईबी सुविधा भी हासिल कर रखी थी। इससे खातों में रकम आने के बाद उसे एक साथ कई अन्य खातों में भेजा जा सकता था। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।

पुलिस के अनुसार, अखिल के खिलाफ कानपुर में तीन और अन्य स्थानों पर सात मुकदमे दर्ज हैं। मामले में 10 से अधिक अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।


अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य की स्थिति का संज्ञान लेने पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष

मंत्री रेखा आर्या के वायरल प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान; कानून सम्मत व निष्पक्ष कार्रवाई हेतु पुलिस प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

मंत्री रेखा आर्य से जुड़े घरेलू हिंसा विवाद के प्रकरण पर राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान; एसएसपी को त्वरित जांच व कड़ी कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। पारिवारिक विवाद व मानसिक प्रताड़ना से जुड़े वायरल गम्भीर प्रकरण के उपरांत अस्पताल में भर्ती कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुये मामले में हस्तक्षेप किया है।

आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल पहुंचकर कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती मंत्री रेखा आर्या से भेंट की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। ​आयोग अध्यक्ष ने डॉ गीता खन्ना से उनके गंभीर स्वस्थ की जानकारी ली तथा उपचार कर रहे अन्य चिकित्सकों से मंत्री जी के बेहतर स्वास्थ्य के चिकित्सकों को उचित उपचार व निगरानी के लिए कहा है।

उन्होंने बताया उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित पारिवारिक विवाद तथा कथित वीडियो प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐसी सशक्त और मजबूत महिला के साथ इस प्रकार की घटना का होना बहुत ही निंदापूर्ण है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि न्याय और महिला सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता तथा कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से वार्ता कर प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। आयोग ने पुलिस प्रशासन को पूरे प्रकरण की सूक्ष्म, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित व ठोस वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

​राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला चाहे आम हो या खास, महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है। भारतीय समाज में महिलाएं अपने परिवार और बच्चों के भविष्य को संवारने व रिश्ते बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं, लेकिन यदि किसी भी महिला के साथ घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की घटना होती है, तो उसे चुपचाप सहने की आवश्यकता नहीं है। हर महिला को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। आयोग उनके के स्वास्थ्य की कुशलता की कामना करता है और न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग लगातार पुलिस प्रशासन के संपर्क में है और प्रकरण पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है।

आयोग ने स्पष्ट किया सरकार पूरी तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी पहलुओं और तकनीकी साक्ष्यों की पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी भी स्तर पर कानून के उल्लंघन या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच उपरांत दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


पीएम किसान योजना के नाम पर APK फाइल भेजकर साइबर ठगी, कई खातों से 20 लाख रुपये उड़ाए

बांका। बिहार के बांका जिले के अमरपुर क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां पीएम किसान योजना के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करने के बाद कई लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में अब तक करीब 15 से 20 लाख रुपये की ठगी होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

मामला लक्ष्मीपुर चिरैया पंचायत के लौंगाय गांव का है। गांव निवासी राकेश कुमार के व्हाट्सएप नंबर पर तीन दिन पहले एक अनजान नंबर से पीएम किसान योजना के नाम पर APK फाइल भेजी गई थी। फाइल के साथ एक स्कैनर भी दिया गया था। राकेश ने फाइल डाउनलोड की, लेकिन उसमें कोई जानकारी दिखाई नहीं दी। उन्हें शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि उनका मोबाइल साइबर ठगों के निशाने पर आ चुका है।

राकेश कुमार के मुताबिक, मोबाइल तक पहुंच बनाने के बाद ठगों ने उनके नाम से रिश्तेदारों और दोस्तों को व्हाट्सएप संदेश भेजने शुरू कर दिए। इन संदेशों में स्कैनर के जरिए दो-दो हजार रुपये भेजने की मांग की गई। उनके परिचितों ने भरोसा करते हुए ऑनलाइन भुगतान कर दिया। बताया गया कि करीब 15 से 20 लोगों ने इस तरह रुपये भेजे।

इसके बाद साइबर ठगों ने कुछ लोगों के बैंक खातों से भी रकम निकालनी शुरू कर दी। लौंगाय गांव के एक रिश्तेदार के खाते से 1 लाख 93 हजार रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा नवगछिया के तेलधी, खगड़िया के कठैला और अन्य स्थानों पर रहने वाले रिश्तेदारों के खातों से भी रकम निकाले जाने की जानकारी मिली है।

राकेश कुमार ने बताया कि उनके बैंक खाते में केवल 34 रुपये थे। इसी वजह से ठग उनके खाते से रकम नहीं निकाल सके। शुरुआत में उन्हें मोबाइल हैक होने का पता भी नहीं चला। जब रिश्तेदारों और दोस्तों ने उनके नाम पर रुपये मांगे जाने और खातों से रकम निकलने की जानकारी दी, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

घटना के बाद पीड़ित ने थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।


आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द पूरा करने के लिए आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत बन रहे आयुष अस्पतालों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, सहायक कर्मचारियों, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टनकपुर और कोटद्वार में निर्माणाधीन अस्पतालों की समीक्षा

बैठक के दौरान मंत्री मदन कौशिक ने राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं के तहत बनाए जा रहे राजकीय आयुष चिकित्सालयों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि टनकपुर में आयुष मिशन योजना के अंतर्गत 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, पौड़ी जिले के कोटद्वार में बन रहे 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण 65 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।

मंत्री ने बताया कि दिनापुर पथरी में 10 शैय्या वाले आयुष चिकित्सालय का निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं, भीमताल में निर्माणाधीन 10 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

जाखणीधार और पिरान कलियर की परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मदन कौशिक ने टिहरी जिले के जाखणीधार में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पिरान कलियर में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले यूनानी चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने को कहा।

आयुष अस्पतालों में खाली पद जल्द भरने को कहा

मंत्री ने प्रदेश के सभी आयुष केंद्रों और चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की तैनाती के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष चिकित्सालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में आयुर्वेदिक विभाग के निदेशक डॉ. आरपी सिंह, होम्योपैथिक विभाग के निदेशक जेएल फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एमएस गुंज्याल, एडीसी आलोक कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन उपचार पर संगोष्ठी का आयोजन

गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले नेक राहगीर को ₹25,000 का नकद पुरस्कार, घायलों को ₹1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज

देहरादून। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देहरादून के सर्वे चौक स्थित अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम में एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रधानमंत्री राहत योजना तथा नेक राहगीर (राह-वीर) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। संगोष्ठी में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विशेषज्ञ और चिकित्सक उपस्थित रहे।

जीवन रक्षा के लिए संवेदनशीलता आवश्यक-खजान दास
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक और संवेदनशील होना आवश्यक है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसे प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराना जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संगोष्ठी को जनहित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।

त्वरित उपचार ही सच्ची मानव सेवा-डॉ. आशीष चौहान
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाला व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि किसी परिवार की उम्मीदों और जिम्मेदारियों का आधार होता है। दुर्घटना के बाद परिवार जिस पीड़ा और संकट से गुजरता है, उसे समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को मानवीय संवेदना के साथ आगे आना चाहिए। घायल को समय पर उपचार उपलब्ध कराना ही सच्ची मानव सेवा है।

उन्होंने ई-डीएआर एवं टीएमएस पोर्टल पर प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने तथा संबंधित सुविधाओं का अधिकाधिक अस्पतालों तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आमजन की सहभागिता भी जरूरी है।

घायलों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा
विशेषज्ञों ने बताया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले राह-वीर को ₹25 हजार तक की पुरस्कार राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, वर्षभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और आम नागरिकों को बिना किसी भय या संकोच के घायलों की सहायता के लिए प्रोत्साहित करना है। योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार पात्र अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, आपातकालीन नंबर 112, पुलिस के ई-डीएआर (म-क्।त्) तथा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के टीएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म के माध्यम से संबंधित प्रक्रियाओं को संचालित किया जाता है।

हर घंटे औसतन 21 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में प्रतिवर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती है और लाखों लोग घायल होते हैं। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लगभग 5.13 लाख हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.83 लाख लोगों की मृत्यु तथा 4.6 लाख लोग घायल होते हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, औसतन हर घंटे लगभग 21 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली जाती है। दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी भी चिंताजनक है।

विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए त्वरित उपचार, प्रभावी राहत एवं बचाव व्यवस्था और जनसहभागिता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या संस्था योगदान दे सकती है। सामाजिक हित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी है।

संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ ई-डीएआर और टीएमएस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आवेदन एवं संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर, महानिदेशक परिवहन अनिल गर्व्याल, निदेशक शिक्षा खड़क सिंह दत्ताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा, अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, जिला सभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित सरकारी एवं निजी अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक तथा पुलिस, परिवहन, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


चक्रधरपुर में मोबाइल दुकान से 52 फोन चोरी का खुलासा, नेपाल बॉर्डर से तीन आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से 52 मोबाइल फोन चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार के तीन आरोपियों को भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी किए गए 21 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य कई राज्यों में दुकानों के शटर उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी ने बताया कि 5 अक्टूबर 2026 को चक्रधरपुर थाना क्षेत्र स्थित रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का शटर उठाकर विभिन्न कंपनियों के 52 मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए थे। मामले में चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 111/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 305(ए) में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पश्चिमी सिंहभूम अमित रेणु के निर्देश पर विशेष छापामारी दल गठित किए गए। सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पांच संदिग्धों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन निवासी नितेश पटेल, पूर्वी चंपारण के रक्सौल निवासी जितेंद्र साह उर्फ चोना और सुपौल जिले के राघोपुर निवासी गोविंद चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य दुकानों से महंगे मोबाइल फोन और कीमती घड़ियां चोरी करने के बाद उन्हें नेपाल में बेच देते थे। चोरी के मोबाइल फोन में नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल किए जाने के कारण उनकी लोकेशन का पता लगाने में पुलिस को परेशानी होती थी। गिरोह के सदस्य हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में वारदात कर चुके हैं।

इस मामले में मोतिहारी जिले के घोड़ासहन निवासी शेराज और आठमोहान निवासी संजय सहनी की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी और बाकी चोरी के मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सीआईडी की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम की भी मदद ली गई थी। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।


मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां सेहत के लिए गंभीर परेशानी बन सकती हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। मलेरिया का संक्रमण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर एनीमिया यानी खून की कमी का कारण भी बन सकता है। खासकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस बीमारी के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

मलेरिया और एनीमिया के बीच क्या है 

मलेरिया संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसका कारण प्लास्मोडियम नामक परजीवी है, जो शरीर में पहुंचकर लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ये कोशिकाएं शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

संक्रमण के कारण लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है। इस स्थिति में एनीमिया विकसित होने की आशंका रहती है। गंभीर मामलों में मरीज को थकान, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मलेरिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। बार-बार मलेरिया होने से शरीर में खून की कमी की समस्या बढ़ सकती है। गर्भावस्था के दौरान यह संक्रमण मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

हालांकि, मलेरिया से संक्रमित प्रत्येक व्यक्ति को एनीमिया हो, यह जरूरी नहीं है। इसका खतरा संक्रमण की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

मलेरिया होने पर बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, एनीमिया के कारण त्वचा या आंखों में पीलापन, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने की समस्या सामने आ सकती है।

यदि बुखार के साथ अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उचित इलाज में मदद मिलती है।

मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मच्छरदानी का प्रयोग करें: सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

रिपेलेंट का इस्तेमाल करें: मच्छरों से बचाव के लिए सुरक्षित मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करें।

पानी जमा न होने दें: घर और आसपास के स्थानों पर जमा पानी को साफ करते रहें।

बुखार होने पर जांच कराएं: लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार इलाज लें।

खुद से दवाएं न लें: मलेरिया की दवा या आयरन सप्लीमेंट बिना चिकित्सकीय सलाह के न लें।

मलेरिया की समय पर पहचान और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। इसलिए मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के साथ बीमारी के लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।


मेरठ में एल ब्लॉक चौकी के पास 9 सेकेंड में बाइक चोरी

मेरठ। शहर में वाहन चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। मेरठ के एल ब्लॉक पुलिस चौकी के पास एक युवक ने कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़ी बाइक को महज नौ सेकेंड में चोरी कर लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक, शाहवेज गुरुवार को किसी काम से एल ब्लॉक चौकी के पास आया था। उसने अपनी बाइक कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़ी की और दुकान के अंदर चला गया। इसी दौरान जींस और टी-शर्ट पहने एक युवक वहां पहुंचा। उसने मास्टर चाबी की मदद से बाइक का लॉक खोला और उसे लेकर फरार हो गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूरी वारदात को केवल नौ सेकेंड में अंजाम दिया। घटनास्थल के पास ही पुलिस चौकी होने के बावजूद बाइक चोरी की घटना सामने आने से लोग हैरान हैं। वायरल वीडियो के आधार पर बाइक मालिक और पुलिस आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।

लिसाड़ी गेट के एसओ दलबीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। उन्होंने जल्द ही उसकी पहचान कर गिरफ्तारी किए जाने की बात कही।


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