Saturday, August 29th, 2026

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चकराता में लालपुल के पास 35 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने पांच लोगों को सुरक्षित निकाला

Monthly Archives: August 2026

चकराता में लालपुल के पास 35 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने पांच लोगों को सुरक्षित निकाला

देहरादून। चकराता क्षेत्र में शनिवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 35 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा सहिया से पहले लालपुल के पास हुआ। दुर्घटना के समय कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि तीन को सामान्य चोटें आई हैं।

जानकारी के मुताबिक, डायल-112 के जरिए एसडीआरएफ को हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ चकराता की टीम उप निरीक्षक जसपाल सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि टाटा टियागो कार संख्या DL9C 8092 सड़क से नीचे खाई में गिरी हुई थी और उसमें सवार लोग घायल अवस्था में फंसे थे।

एसडीआरएफ जवानों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम के सदस्य खाई में उतरे और घायलों तक पहुंच बनाई। काफी मशक्कत के बाद सभी पांचों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

घायलों में रोहन कुमार (23), निवासी नई दिल्ली, अभिषेक दुबे (26), निवासी रोहिणी दिल्ली, अभिषेक (26), निवासी नोएडा, उत्तर प्रदेश, शिवानी सिंह (22) और प्रिन्स राज (22), दोनों निवासी वाराणसी, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।


राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखण्ड को मिलेगी खेल विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक सौगात : रेखा आर्या

देहरादून। राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर उत्तराखण्ड के खेल परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। हल्द्वानी के गोलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का विधिवत शिलान्यास व भूमि पूजन किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन को भव्य रूप देने के लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की गहन समीक्षा की और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसे देवभूमि के युवाओं और खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना उनका एक बहुप्रतीक्षित और महत्त्वाकांक्षी सपना था, जो अब धरातल पर साकार होने जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय कोचिंग, आधुनिक खेल संरचना और खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस) की सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार राशि का डी०बी०टी० (DBT) के माध्यम से सीधा अंतरण किया जाएगा। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना’ के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

साथ ही, वर्ष 2024-25 के ‘देवभूमि खेल रत्न’ और ‘देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित होने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।


देवास में किशोरी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, प्रेमी ने माता-पिता संग मिलकर की हत्या

देवास। जिले के हरणगांव थाना क्षेत्र में तालाब से पत्थरों से बंधा किशोरी का शव मिलने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की कथित तौर पर उसके प्रेमी ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर हत्या की थी। वारदात के बाद शव को पहले घर के पास स्थित कुएं में फेंका गया, लेकिन शव पानी के ऊपर आने पर आरोपितों ने उसे बाहर निकाला और दो भारी पत्थर बांधकर तालाब में फेंक दिया।

पुलिस ने मामले में किशोरी के प्रेमी जबर सिंह और उसके पिता टीकाराम बारेला व मां सावित्रीबाई को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, ग्राम खिवनी निवासी किशोरी का ग्राम रीछी निवासी जबर सिंह के साथ प्रेम प्रसंग था। कुछ दिन पहले वह अपने माता-पिता का घर छोड़कर जबर सिंह के यहां चली गई थी और वहीं रह रही थी।

जांच में पुलिस के सामने आया कि जबर सिंह ने कथित तौर पर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद किशोरी ने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए उपचार कराने की मांग की। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान जबर सिंह, उसके पिता और मां ने मिलकर किशोरी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के बाद आरोपितों ने शव को घर के पास स्थित कुएं में डाल दिया। कुछ समय बाद शव पानी के ऊपर दिखाई देने लगा। इसके बाद आरोपितों ने उसे कुएं से बाहर निकाला और साड़ी की मदद से शव के साथ दो भारी पत्थर बांध दिए। इसके बाद पहचान छिपाने और शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे तालाब में फेंक दिया गया।

बारिश नहीं होने के कारण तालाब का जलस्तर लगातार कम हो रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने पानी में किशोरी के हाथ-पैर दिखाई दिए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाया। जांच के दौरान शव से भारी पत्थर बंधे होने की पुष्टि हुई।

शव मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी के नेतृत्व में हुई जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, किशोरी के स्वजन और अन्य लोगों के बयानों को अहम माना गया। जांच के आधार पर पुलिस ने हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस ने जबर सिंह और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच पूरी करने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान, नए पर्यटन डेस्टिनेशन विकसित करने पर जोर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

देहरादून। उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य को वर्षभर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विंटर टूरिज्म की संभावनाओं, नए पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन को केवल मसूरी और नैनीताल जैसे पारंपरिक स्थलों तक सीमित रखने के बजाय राज्य के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील क्षेत्रों को नए पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि नए स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ वहां पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करना भी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।

नए पर्यटन उत्पादों पर फोकस

मुख्य सचिव ने जीएमवीएन, केएमवीएन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लेकर राज्यभर में विंटर टूरिज्म की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए। प्रत्येक डेस्टिनेशन की खासियत और उसकी यूएसपी के आधार पर पर्यटन गतिविधियां विकसित करने को कहा गया।

उन्होंने नए ट्रैकिंग रूट तैयार करने के साथ हाई-अल्टीट्यूड मैराथन, बर्ड वॉचिंग, नेचर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संभावित पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं, आयोजन और पर्यटन उत्पादों के विकास के लिए समग्र योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्य सचिव ने पर्यटन विकास में स्थानीय समुदायों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से लगातार संवाद कर उनके सुझावों को पर्यटन योजनाओं में शामिल किया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

विदेशी मॉडलों से सीखने पर जोर

बैठक में नए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विदेशों में सफल पर्यटन मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव भी दिया गया। भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों में समानता रखने वाले विदेशी पर्यटन स्थलों से सीख लेकर उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुरूप नए पर्यटन उत्पाद विकसित किए जाएंगे।

पर्यटन सर्किट को पैकेज के रूप में विकसित करने की तैयारी

मुख्य सचिव ने पर्यटन सर्किटों को एकीकृत पैकेज के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जागेश्वर, कसार देवी और सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़कर पैकेज टूर तैयार करने और इनके प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया समय से शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नए पर्यटन प्रोजेक्ट्स और संभावनाओं की समीक्षा के लिए 15 दिन के भीतर दोबारा बैठक आयोजित करने को कहा। साथ ही, विंटर टूरिज्म और नए पर्यटन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पर्यटन कॉन्क्लेव आयोजित करने की बात भी कही।


कनाडा में धार्मिक अनुष्ठान की आड़ में महिला से यौन उत्पीड़न का आरोप, पुजारी गिरफ्तार

ओटावा। कनाडा में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। मामले में अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाले 50 वर्षीय हिंदू पुजारी राजेंद्रनाथ दुधनॉथ महाराज को कनाडाई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कर उसे बेल हियरिंग के लिए हिरासत में रखा है।

पुलिस के मुताबिक, ओशावा शहर में रहने वाले एक परिवार ने अपने घर पर धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए पुजारी को बुलाया था। आरोप है कि अनुष्ठान के दौरान पुजारी ने महिला को बताया कि उस पर बुरी आत्माओं का प्रभाव है और इससे छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा करनी होगी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला को उसकी परेशानी दूर करने के नाम पर एक विशेष और गोपनीय अनुष्ठान कराने के लिए विश्वास में लिया। इसके बाद कथित तौर पर वह महिला को एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां धार्मिक उपचार की आड़ में उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।

महिला की शिकायत मिलने के बाद डरहम पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के साथ मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच के दौरान पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह का झांसा देकर अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया हो सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ आरोपी ने इस तरह का व्यवहार किया है या उसे किसी तरह का धोखा दिया गया है, तो वह सामने आकर पुलिस को जानकारी दे।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य संभावित मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।


श्रीनगर बस अड्डे का 31 अगस्त तक होगा हस्तांतरण, डीएम ने विकास परियोजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

पौड़ी। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकास कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों, निर्माणाधीन योजनाओं, मानचित्र स्वीकृति और अवैध निर्माण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रीनगर बस अड्डे के हस्तांतरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व, परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त रूप से बस अड्डे का निरीक्षण कर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 अगस्त तक बस अड्डे को परिवहन विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने श्रीनगर में निर्माणाधीन गंगा संस्कृति केंद्र, अपर चोपड़ा क्षेत्र की पार्किंग समेत अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, जिससे निर्माण कार्य समय पर पूरे हों और आम लोगों को इनका लाभ जल्द मिल सके।

बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से तहसीलवार चालानी और प्रवर्तन कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत अब तक मानचित्र स्वीकृति के लिए 2104 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2087 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।

जिलाधिकारी ने लंबित मानचित्र आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी सेवाएं समय पर मिल सकें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एलपी भट्ट, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता किशोर कुमार, उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र प्रसाद समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


नन्हे-मुन्ने बच्चों संग कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मनाया रक्षाबंधन

बांटे उपहार और बच्चों को दिया स्नेह और आशीष

देहरादून। पटेल नगर स्थित जीआरडी अकादमी में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विद्यालय के सैकड़ों बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां मंत्री की कलाई पर बांधीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत मंत्री ने उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राखी बंधवाने के बाद गणेश जोशी ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषयों, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी उत्साह के साथ अपनी आकांक्षाएं मंत्री के सामने रखीं।

इस अवसर पर गणेश जोशी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल रक्षा सूत्र बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं।

मंत्री ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को उपहार भी भेंट किए और उनकी सफलता, खुशहाल जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में विद्यालय की डायरेक्टर लता गुप्ता, प्रिंसिपल परप्रीत सिंह ग्रेवाल समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी, STF ने दो आरोपियों को दबोचा

19 से ज्यादा साइबर शिकायतों से खुला राज

देहरादून। शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड STF ने बड़ी कार्रवाई की है। STF ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर देहरादून लाया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार रजक (40), निवासी वेस्ट बरानगर, कोलकाता और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32), निवासी गार्डन रीच, कोलकाता के रूप में हुई है।

शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफे का दिया झांसा

STF की जांच के मुताबिक, आरोपी खुद को अमेरिका और भारत के शेयर बाजार से जुड़ा बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद शेयर मार्केट और IPO में निवेश करने पर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे।

देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच पीड़ितों से करीब 47.63 लाख रुपये जमा कराए गए। वहीं पटेलनगर से STF को हस्तांतरित दूसरे मामले में अक्टूबर 2025 के दौरान 18.54 लाख रुपये की रकम ठगी गई। दोनों मामलों में कुल ठगी की रकम 66.18 लाख रुपये सामने आई है।

RAJAK & COMPANY के खाते से जुड़े तार

जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने पर Bank of Baroda में RAJAK & COMPANY के नाम से संचालित एक खाता सामने आया। पुलिस के अनुसार, इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया।

जांच में सामने आया कि दोनों मामलों में इस खाते में क्रमशः 15 लाख रुपये और 12.20 लाख रुपये, यानी कुल 27.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद रकम को RTGS समेत अन्य माध्यमों से अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिया गया।

19 से ज्यादा साइबर शिकायतें, WhatsApp चैट से मिले अहम सबूत

पुलिस के मुताबिक, उक्त बैंक खाते के खिलाफ NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। राकेश के मोबाइल की जांच के दौरान सैयद शादाब अली के साथ हुई WhatsApp चैट भी पुलिस के हाथ लगी।

चैट के विश्लेषण में नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने और इसके बदले कमीशन लेने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले। STF के अनुसार, शादाब अली गिरोह में बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य भूमिका निभाता था।

12 लाख रुपये की होल्ड रकम की रिकवरी की प्रक्रिया

मामले में पीड़ित की 12 लाख रुपये की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। STF अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और ठगी की रकम की बरामदगी को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।

STF ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों पर भरोसा न करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मिले विश्व बैंक के अधिकारी

विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड के दीर्घकालिक और सतत विकास को लेकर गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई के बीच मुलाकात हुई। विश्व बैंक की टीम के साथ हुई इस बैठक में उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उत्तराखंड@2047 की विकास रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को वर्ष 2047 तक मजबूत, समृद्ध, टिकाऊ और आपदा-रोधी बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्व बैंक से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।

जल संरक्षण पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में नदियों के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में जल संकट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विश्व बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार पर जोर

बैठक में पलायन की समस्या और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। जरूरत के अनुसार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं

मुख्य सचिव ने स्कूली और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्व बैंक से सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बैठक में ऊर्जा, वित्त और पेयजल क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी विश्व बैंक की टीम के साथ साझा की गई।

विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य में रणनीतिक और फ्लैगशिप परियोजनाओं के जरिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। विश्व बैंक की ओर से उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई।

सुनियोजित शहरी विकास पर भी मंथन

राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए भविष्य की शहरी जरूरतों, आधारभूत ढांचे और सतत विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्व बैंक के सहयोग से दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विश्व बैंक से जोहांस जट्ट, सचिव डॉ. रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, रोहित मीणा और नवनीत पांडे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


कैथल में प्लॉट के नाम पर आठ लाख की ठगी, रजिस्ट्री से मुकरने पर तीन पर केस

कैथल। प्लॉट बेचने का झांसा देकर आठ लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ब्याने के रूप में रकम लेने के बाद तय समय पर रजिस्ट्री कराने से इनकार कर दिया गया। गांव किठाना निवासी वेदपाल की शिकायत पर राजौंद थाना पुलिस ने जनकपुरी कॉलोनी निवासी भीमा उर्फ भीम सिंह, उसकी पत्नी संतोष और बेटे मंजीत के खिलाफ केस दर्ज किया है।

शिकायत के अनुसार, वेदपाल और भीम सिंह की पहले से जान-पहचान थी। आरोपित ने उसे 200 वर्ग गज का एक प्लॉट बेचने की पेशकश की थी। 28 फरवरी को दोनों के बीच प्लॉट का सौदा 6,900 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से तय हुआ। इसके बाद वेदपाल ने ब्याने के तौर पर आरोपितों को आठ लाख रुपये दे दिए। दोनों पक्षों के बीच एक जून को रजिस्ट्री कराने की तारीख तय हुई थी।

तय तारीख पर वेदपाल आवश्यक दस्तावेज और बाकी रकम लेकर राजौंद तहसील कार्यालय पहुंच गया, लेकिन आरोपित वहां नहीं पहुंचा। फोन करने पर उसने बहाना बनाकर आने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामले को लेकर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपित लगातार रजिस्ट्री कराने या रकम लौटाने को लेकर टालमटोल करता रहा।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, तीन जुलाई को उसे पता चला कि संबंधित प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है। जांच करने पर जानकारी मिली कि जिस प्लॉट को भीम सिंह अपना बता रहा था, वह उसकी पत्नी संतोष के नाम पर दर्ज था। इसके बाद वेदपाल ने आरोप लगाया कि तीनों ने आपस में मिलकर प्लॉट बेचने के नाम पर उससे आठ लाख रुपये लिए और उसके साथ धोखाधड़ी की।

इसके बाद हुई पंचायत में भी आरोपितों ने रकम वापस करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। वेदपाल ने अपने और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है।

डीएसपी स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच के बाद राजौंद थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी पीएसआई रोहित को सौंपी है। अब पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है।


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