Friday, August 14th, 2026

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तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, हर घर तिरंगा अभियान को मिला व्यापक समर्थन- रेखा आर्या

Monthly Archives: August 2026

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, हर घर तिरंगा अभियान को मिला व्यापक समर्थन- रेखा आर्या

सोमेश्वर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शुक्रवार को सोमेश्वर क्षेत्र में विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अमर शहीद हुकम सिंह बोरा स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इसके बाद हाथों में राष्ट्रध्वज लिए देशभक्ति के नारों के बीच यात्रा क्षेत्रीय बाजार से होते हुए मंत्री के आवास तक पहुंची। पूरे मार्ग में लोगों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

यात्रा के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए देश के वीर सैनिकों ने समय-समय पर अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करने की अपील की।

रेखा आर्या ने कहा, “सोमेश्वर के देवतुल्य जनमानस, ऊर्जावान युवाओं और मातृशक्ति का जो उत्साह इस तिरंगा यात्रा में देखने को मिला, वह राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला है। हमारे अमर शहीदों का बलिदान और तिरंगे का गौरव सदैव हमें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

तिरंगा यात्रा में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष सुंदर सिंह राणा, गणेश जलाल, दीपक बोरा, जगदीश डंगवाल, पूर्व जिला महामंत्री ललित प्रसाद, अंजलि जोशी, राजेंद्र कैड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विपिन पाठक, अशोक जलाल, मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी, प्रकाश बिष्ट, महिला मोर्चा जिला महामंत्री वंदना आर्या, गोपाल सिंह खोलिया, महेश पांडे, गणेश नाथ, भूपाल मेहरा, शंकर बिष्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री धामी, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम

प्रत्येक श्रमिक की जान बेहद कीमती, सुरक्षित रेस्क्यू सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

पीपलकोटी। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के बारे में जानकारी ली तथा अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रत्येक व्यक्ति की जान हमारे लिए बहुत कीमती है। इसके लिए हमारे पास जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उन सभी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी उन्होंने स्वयं वार्ता की है। साथ ही टनल दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

इस दौरान बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखण्ड पुलिस के 14 कार्मिकों को मिलेगा ‘मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक’

सीएम धामी करेंगे सम्मानित

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड पुलिस के 14 पुलिस कार्मिकों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान करेंगे।

इनमें 8 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा के आधार पर तथा 6 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट कार्य के लिए “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” प्रदान किया जाएगा।

” मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक” (सेवा के आधार पर)

1. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ उत्तराखण्ड।
2. रेवाधर मठपाल अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस दूरसंचार, जनपद नैनीताल।
3. भास्कर लाल शाह, पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय/विधानसभा सुरक्षा, उत्तराखण्ड।
4. त्रिवेन्द्र सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद चमोली।
5. मनीष जस्वाल, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
6. गिरीधर सिंह रावत, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
7.  मोहम्मद यासीन, निरीक्षक, नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड।
8.  दिनेश चन्द्र, गुल्मनायक, 40वीं वाहिनी पीएसी।

विशिष्ट कार्य हेतु “मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक”

1. स्वर्गीय  मनोज मनराल, निरीक्षक, अभिसूचना, एलआईयू देहरादून (मरणोपरान्त)।
2. स्वर्गीय विनोद कुमार, उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद टिहरी गढ़वाल (मरणोपरान्त)।
3.  सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, उत्तराखण्ड।
4.  नवनीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
5.  शान्तनु पराशर, अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम पुलिस थाना, देहरादून।
6.  मनोज असवाल, पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना।

सीएम धामी ने चयनित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस कार्मिकों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के साथ किए जा रहे कार्यों का सम्मान है तथा इससे समस्त पुलिस बल को अपने दायित्वों का और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने की प्रेरणा मिलेगी।


टूथब्रश बदलने में न करें देरी, जानें कितने महीने बाद लेना चाहिए नया ब्रश

ओरल हेल्थ के लिए नियमित ब्रश करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सही समय पर टूथब्रश बदलना भी है। कई लोग ब्रश के ब्रिसल्स पूरी तरह घिस जाने तक उसी टूथब्रश का इस्तेमाल करते रहते हैं। हालांकि, समय के साथ ब्रिसल्स की स्थिति खराब होने से दांतों की सफाई पहले जैसी प्रभावी नहीं रह सकती। इसलिए टूथब्रश की हालत पर ध्यान देना जरूरी है।

कितने समय में बदलें टूथब्रश?

आमतौर पर हर 3 से 4 महीने में टूथब्रश बदलने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर इससे पहले ही ब्रिसल्स फैलने, मुड़ने या घिसने लगें, तो नया ब्रश इस्तेमाल करना बेहतर है। जो लोग ब्रश करते समय अधिक दबाव डालते हैं, उनके टूथब्रश के ब्रिसल्स जल्दी खराब हो सकते हैं।

ब्रिसल्स देखकर ऐसे पहचानें पुराना ब्रश

टूथब्रश बदलने का संकेत उसके ब्रिसल्स भी देते हैं। अगर ब्रिसल्स बाहर की ओर फैल गए हैं, मुड़ गए हैं या उनकी लंबाई और आकार में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है, तो ब्रश बदलने का समय आ गया है। खराब हो चुके ब्रिसल्स दांतों की सतह और मसूड़ों की लाइन की सफाई उतनी अच्छी तरह नहीं कर पाते।

ज्यादा पुराना ब्रश इस्तेमाल करने का नुकसान

समय के साथ टूथब्रश के ब्रिसल्स अपनी प्रभावशीलता खो सकते हैं, जिससे प्लाक हटाने की क्षमता प्रभावित होती है। वहीं, बहुत जोर लगाकर ब्रश करने से मसूड़ों में जलन और दांतों की बाहरी सतह पर घिसाव की समस्या भी हो सकती है। इसलिए सॉफ्ट-ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करते हुए हल्के हाथ से ब्रश करना बेहतर माना जाता है।

दिन में कितनी बार करें ब्रश?

दांतों की बेहतर सफाई के लिए दिन में दो बार करीब 2 मिनट तक ब्रश करना सामान्य सलाह है। सॉफ्ट-ब्रिसल वाले ब्रश और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रश करते समय दांतों के साथ मसूड़ों की लाइन को भी धीरे-धीरे साफ करना चाहिए।

टूथब्रश को रखने का सही तरीका

ब्रश करने के बाद टूथब्रश को साफ पानी से धोकर सीधा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वह अच्छी तरह सूख सके। इसे लंबे समय तक गीला और बंद डिब्बे में रखने से बचना चाहिए। टूथब्रश को अन्य लोगों के ब्रश से अलग रखना भी जरूरी है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर मसूड़ों से बार-बार खून आता है, उनमें सूजन रहती है, दांतों में लगातार दर्द या संवेदनशीलता महसूस होती है या मुंह से लंबे समय तक दुर्गंध आती है, तो सिर्फ टूथब्रश बदलना पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में दंत चिकित्सक से जांच कराना उचित रहेगा।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। किसी भी दांत या मसूड़ों की समस्या के लिए योग्य डेंटिस्ट की सलाह लें।

(साभार)


टीएचडीसी टनल हादसे में 7 की मौत, 3 लापता, सीएम ने बचाव एवं राहत कार्यों का लिया जायजा

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

गोपेश्वर। चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने से हुए हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। हादसे में 7 कर्मियों की मौत हुई है, जबकि 3 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 12 घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने टनल के अंदर जाकर बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनल में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल किया जाए।

बताया गया कि यह टनल टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बनाई जा रही है। टीआरटी टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर है। इसमें लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां मौजूद कर्मी फंस गए।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में कुल 22 लोग फंसे थे। इनमें से 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

रेस्क्यू किए गए घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य बचाव दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जाए।

घटनास्थल पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी समेत जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दलों के सदस्य मौजूद रहे।


महाराज ने की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक एवं राजनीतिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पंडित दीनदयाल मार्ग, नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक एवं राजनीतिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तराखंड में भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से पर्यटन, संस्कृति एवं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, साहसिक पर्यटन और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों से भी अवगत कराया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र के निरंतर सहयोग का आश्वासन भी दिया।


एमएसीटी समेत लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के समझौते के आधार पर निस्तारण पर जोर

देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के विजन के अनुरूप लंबित मुकदमों का बोझ कम करने तथा वादकारियों को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति (HCLSC) के तत्वावधान में उच्च न्यायालय परिसर, नैनीताल में महत्वपूर्ण पूर्व-बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) से संबंधित उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर मंथन किया गया।

बैठक की अध्यक्षता न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने की। इसमें विभिन्न बीमा कंपनियों के राज्य प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में लंबित एमएसीटी मामलों को आपसी समझौते के माध्यम से शीघ्र निस्तारित कर वादकारियों को त्वरित मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

समिति की सचिव नेहा कुशवाहा ने प्रदेश की आम जनता एवं वादकारियों से अपील की कि वे उच्च न्यायालय में लंबित अपने एमएसीटी मामलों के साथ ही ऐसे अन्य मामलों की भी पहचान करें, जिनका कानून के अनुसार राजीनामा अथवा आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण संभव है। इनमें दीवानी मामले, शमनीय आपराधिक मामले, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, श्रम एवं रोजगार विवाद, बैंक रिकवरी तथा अन्य शमनीय प्रकृति के मामले शामिल हैं। उन्होंने वादकारियों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित एवं अंतिम निस्तारण संभव है। इससे वादकारियों को बार-बार न्यायालय के चक्कर लगाने, लंबी कानूनी प्रक्रिया तथा अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है। आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने के कारण भविष्य में विवाद की संभावना भी कम होती है। लोक अदालत में निस्तारित मामलों में नियमानुसार न्यायालय शुल्क की वापसी का प्रावधान भी है।

बैठक के अंत में न्यायमूर्तिगण ने निर्देश दिए कि मामलों के निस्तारण के प्रयास केवल एमएसीटी तक सीमित न रहें, बल्कि पारिवारिक विवाद, श्रम मामले, बैंक रिकवरी एवं शमनीय आपराधिक मामलों सहित अन्य समझौता योग्य मामलों में भी सुलह की संभावनाएं तलाश की जाएं। विशेष रूप से पुराने लंबित मामलों की पहचान कर उनके शीघ्र निस्तारण के लिए सकारात्मक एवं समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।

न्यायमूर्तिगण ने बीमा कंपनियों एवं संबंधित संस्थाओं को वादकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के समयबद्ध समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। समिति ने सभी संबंधित पक्षों से उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए अधिकाधिक मामलों को समझौते के आधार पर निस्तारित कराने में सहयोग की अपेक्षा की है।


बेहद खराब मौसम के बीच भी पीपलकोटी पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

पीपलकोटी। बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी। मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे।

टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।


मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय के दीक्षारम्भ सत्र का किया शुभारंभ

युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ 20 लाख की लागत से बने बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17 करोड़ 39 लाख की लागत से बने केंद्रीय पुस्तकालय भवन का किया लोकार्पण

दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का भी किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 एवं युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नई सोच विकसित करने और जीवन की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय में 11 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन तथा 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। साथ ही, दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये संस्थागत सुविधाएं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति देने के साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि दून विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा। दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम के सफल संचालन के लिये कार्यक्रम समन्वयक एवं तकनीकी सहायक के 02 पद सृजित किये जायेंगे। दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 02 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में विदेशी भाषा विभागों को सुदृढ़ किया जायेगा। ताकि वे राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो सके। विदेशी भाषाओं स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चाईनीज एवं जापानी भाषा विभागों के लिये यथोचित पदों का सृजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जिस देश का युवा सपने देखने का साहस, उन्हें पूरा करने का संकल्प और कठिन परिश्रम करने की क्षमता रखता है, उस देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भारत की विशाल युवा आबादी विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया जैसी महत्वपूर्ण पहलें संचालित की जा रही हैं। आज युवा नौकरी तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युग नवाचार का है। राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में नए महाविद्यालयों और मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियों के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं । मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। UPSC, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो। राज्य में देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानूनों में से एक लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इसी पारदर्शी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का युवा विकास संबंधी विजन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, ताकि रोजगार की तलाश में युवाओं को अपनी मिट्टी और घर-परिवार से दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं, अपनी क्षमताओं को पहचानें, नई सोच के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं दून विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद थे।


दून विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद

कहा-बदलती तकनीक के अनुरूप ‘फ्यूचर रेडी’ बनें युवा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने, उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने, विज्ञान, तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में रोजगार की नई संभावनाओं तथा देहरादून में यातायात जाम की समस्या के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे।

पलायन रोकने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं सौर स्वरोजगार योजना सहित पर्यटन, उद्योग और फिल्म नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा को मजबूत करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

विज्ञान, तकनीक एवं एआई के दौर में रोजगार की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ रोजगार के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है और नई संभावनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें बदलती तकनीक के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करते हुए ‘फ्यूचर रेडी’ बनना होगा। सरकार भी युवाओं को आधुनिक कौशल एवं नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

देहरादून में यातायात जाम की समस्या के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। बिंदाल और रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से देहरादून शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।


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