Tuesday, August 25th, 2026

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एनीमिया में किशमिश कितनी फायदेमंद? जानिए कब डाइट से मिलेगा लाभ और कब जरूरी है इलाज

Monthly Archives: August 2026

एनीमिया में किशमिश कितनी फायदेमंद? जानिए कब डाइट से मिलेगा लाभ और कब जरूरी है इलाज

अक्सर थकान, कमजोरी, चक्कर या थोड़ा काम करने पर सांस फूलने जैसी समस्याओं को लोग सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया हो सकता है। एनीमिया की स्थिति में शरीर के अंगों और ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे रोजमर्रा के काम भी मुश्किल लगने लगते हैं। खासकर महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया एक आम समस्या है।

ऐसे में खान-पान को लेकर कई घरेलू उपाय बताए जाते हैं। चुकंदर, गुड़ और हरी सब्जियों के साथ भीगी हुई किशमिश खाने की सलाह भी अक्सर दी जाती है। माना जाता है कि किशमिश में मौजूद आयरन शरीर में खून बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजाना भीगी किशमिश खाने से एनीमिया पूरी तरह ठीक हो सकता है?

आयरन का स्रोत है किशमिश

किशमिश में आयरन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है। यही वजह है कि संतुलित आहार में किशमिश को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति में हल्की आयरन की कमी भोजन में पोषक तत्वों की कमी के कारण हुई है, तो आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ किशमिश का सेवन कुछ मदद कर सकता है। हालांकि, इसे एनीमिया का इलाज मानना सही नहीं होगा।

सिर्फ किशमिश पर निर्भर रहना ठीक नहीं

एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं में अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, आहार में आयरन की कमी, शरीर में आयरन का सही तरीके से अवशोषण न होना या कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसकी वजह बन सकती हैं।

अगर हीमोग्लोबिन काफी कम है या एनीमिया किसी अन्य कारण से हुआ है, तो केवल किशमिश या किसी एक खाद्य पदार्थ के सेवन से समस्या दूर नहीं होगी। ऐसे मामलों में कारण की पहचान और चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

भीगी किशमिश खाने का क्या फायदा?

किशमिश को पानी में भिगोने से वह नरम हो जाती है और कई लोगों के लिए इसे खाना एवं पचाना आसान हो सकता है। हालांकि, किशमिश को भिगोकर खाने से एनीमिया का इलाज होने का दावा नहीं किया जा सकता।

आयरन की कमी से बचने के लिए डाइट में किशमिश के साथ दालें, चना, राजमा, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे और जरूरत के अनुसार मांस-मछली जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

आयरन के साथ विटामिन-सी भी जरूरी

एनीमिया में केवल आयरन की मात्रा बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर आयरन को कितनी अच्छी तरह अवशोषित कर रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है। खासतौर पर पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में विटामिन-सी मददगार हो सकता है।

इसलिए आयरन युक्त भोजन के साथ आंवला, नींबू, संतरा, अमरूद या अन्य विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?

अगर लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, त्वचा का पीला पड़ना, दिल की धड़कन तेज होना या सामान्य काम करने पर सांस फूलने जैसी समस्या रहती है, तो इसे केवल खान-पान की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से हीमोग्लोबिन और आवश्यक जांच कराना बेहतर है।

गंभीर एनीमिया की स्थिति में केवल भोजन के जरिए शरीर की आयरन जरूरत पूरी करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार आयरन सप्लीमेंट या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष: किशमिश संतुलित आहार का हिस्सा बनकर आयरन की जरूरत पूरी करने में योगदान दे सकती है, लेकिन इसे एनीमिया की दवा या पूर्ण इलाज नहीं माना जाना चाहिए। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर जांच और चिकित्सकीय सलाह सबसे जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी सप्लीमेंट या उपचार को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।

(साभार)


समस्तीपुर में बुजुर्ग दंपती की निर्मम हत्या, घर में खून से लथपथ मिले शव

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में सोमवार रात घर में अकेले रह रहे बुजुर्ग दंपती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह दूध देने पहुंचे व्यक्ति ने काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को सूचना दी। संदेह होने पर ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर दोनों के शव देखकर हड़कंप मच गया।

घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के भरपुरा पटपारा वार्ड संख्या 11 की है। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय बंगाली दास और उनकी 65 वर्षीय पत्नी धनमा देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि दंपती के तीन बेटे राम विनोद, राम आशीष और राम सिंह दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करते हैं, जबकि दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते थे।

ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब सात बजे दूधवाला रोजाना की तरह उनके घर पहुंचा था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद आसपास के लोगों को शक हुआ और उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में बंगाली दास का शव चौकी पर पड़ा था, जबकि धनमा देवी की खून से सनी लाश फर्श पर मिली। दोनों के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान थे।

दोहरी हत्या की सूचना मिलते ही विभूतिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा, अपर थानाध्यक्ष शिवनारायण कुमार और एसआई विशाल प्रताप सिंह ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस लूटपाट, आपसी रंजिश समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।


मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर, डीएम ने ईआरओ और बीएलओ को दिए सख्त निर्देश

एसआईआर कार्य में पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ करें नोटिसों की सुनवाई- डीएम

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समीक्षा की। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस, उनकी सुनवाई, अनोमलीज और नो-मैपिंग से जुड़े मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक और समन्वय बनाए रखें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित जरूरी जानकारी समय पर सभी पक्षों तक पहुंच सके। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कार्यों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा।

डीएम ने कहा कि अनोमलीज अथवा नो-मैपिंग की स्थिति सामने आने पर मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। मतदाता आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकते हैं। दस्तावेजों के नियमानुसार परीक्षण और सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों और बीएलओ को निर्देशित किया कि मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया, नोटिस की स्थिति, सुनवाई की प्रक्रिया और आवश्यक अभिलेखों के संबंध में स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी भी मतदाता को प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम या असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए तथा कार्य में पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता बनाए रखी जाए।

बैठक में डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी एसआईआर अभियान में प्रशासन और निर्वाचन तंत्र का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं त्रुटिरहित होना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समयसीमा में एसआईआर से संबंधित कार्य पूरा करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित सीपीआई(एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से डॉ. जसविन्दर सिंह, आम आदमी पार्टी से कमल राना और बहुजन समाज पार्टी से सतेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।


त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त, मिठाई की दुकानों और डेयरी पर ताबड़तोड़ छापेमारी

मिलावटखोरों पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने और मिलावटखोरी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जिले के छोटे-बड़े सभी खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी एवं निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रख-रखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जा रहा है।

अभियान के तहत आनंदम स्वीट्स, 5 स्टार, कोहली स्वीट्स, कालरा स्वीट्स समेत अन्य बड़े खाद्य एवं डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने संकलित किए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारी सीजन के दौरान सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता, स्वच्छता और प्रतिष्ठान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की मिलावट या अनियमितता की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


मछली दाने की आड़ में गांजा तस्करी करने वाला 50 हजार का इनामी गिरफ्तार

बरेली। मछली दाने की बोरियों की आड़ में गांजा की तस्करी करने वाले 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी यूसुफ अंसारी को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया। वह झांसी के मोठ थाना क्षेत्र में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहा था।

एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के मुताबिक, पुलिस और एसटीएफ की टीमें वांछित और इनामी आरोपियों की तलाश में लगातार जानकारी जुटा रही थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि यूसुफ बरेली में छिपकर रह रहा है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने उसकी तलाश शुरू की।

सोमवार को टीम ने बदायूं-बरेली हाईवे पर घेराबंदी कर यूसुफ अंसारी को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर रायपुर से गांजा मंगवाता था और उसे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि पिछले साल मछली दाने की बोरियों की आड़ में डीसीएम के जरिए गांजा भेजा गया था। राहुल और जय प्रकाश गांजा लेकर बिजनौर जा रहे थे, इसी दौरान झांसी में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। मामले में यूसुफ की भूमिका सामने आने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब करीब एक साल बाद एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।


उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून समेत चार जिलों में येलो अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मंगलवार को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों में भी बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर सड़क और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। 30 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


रायपुर में अवैध सट्टे का भंडाफोड़, 22,615 रुपये नकद के साथ एक गिरफ्तार

देहरादून। अवैध गतिविधियों के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। थाना रायपुर पुलिस ने अवैध रूप से सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 22,615 रुपये नकद, हस्तलिखित सट्टा पर्ची और मोबाइल फोन बरामद किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में थाना रायपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि पेरिस विहार जाने वाली रोड के पास स्थित एक खाली प्लॉट में एक व्यक्ति लोगों से रुपये लेकर नंबरों पर सट्टा लगवा रहा है।

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एक व्यक्ति को सट्टा खिलाते हुए पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 22,615 रुपये की नकदी, हस्तलिखित सट्टा पर्ची और मोबाइल फोन बरामद हुआ। सट्टा पर्ची में अलग-अलग लोगों के नाम अथवा संक्षिप्त नाम, दो अंकों के नंबर और उनके सामने लगाई गई रकम दर्ज थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर इंटरनेट ब्राउजर में ‘सट्टा किंग’ नामक ऑनलाइन वेबसाइट खुली मिली, जिसमें विभिन्न सट्टा बाजारों के नंबर और परिणाम प्रदर्शित हो रहे थे।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लोगों से नंबर और रकम लेकर ऑनलाइन नंबरों पर सट्टा लगवाता था। जीतने वाले व्यक्ति की रकम में से अपना कमीशन काटकर शेष राशि उसे दे देता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिरंजी सिंह पुत्र राम स्वरूप सिंह, निवासी मंदाकिनी विहार, देहरादून, मूल निवासी ग्राम बिशनपुरा धुंधली, थाना शिवारा, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश, उम्र 45 वर्ष के रूप में हुई है।

बरामदगी में 22,615 रुपये नकद, हस्तलिखित सट्टा पर्ची और सट्टा खिलाने में प्रयुक्त मोबाइल फोन शामिल हैं।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपक द्विवेदी, चौकी प्रभारी मयूर विहार, हेड कांस्टेबल रविन्द्र रावत और कांस्टेबल नरेंद्र भंडारी शामिल रहे।


लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल के आयुक्तों तथा देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर जिलेवार चर्चा की गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दावे एवं आपत्तियों की नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए यथोचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को राजनैतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान सभी जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली गई। सीईओ ने कहा कि जिन बूथों पर 4 प्रतिशत से अधिक परिवर्धन अथवा 2 प्रतिशत से अधिक अपमार्जन की संभावना है, वहां संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण एवं समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप द्वारा हाल में किए गए जनपद भ्रमण का फीडबैक भी लिया। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को लगातार फील्ड विजिट करते हुए SIR अभियान की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित दोनों मंडलायुक्त और संबंधित जिलाधिकारी मौजूद रहे।


धामी सरकार का विकास पर फोकस, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक आवास विभाग की समीक्षा

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा

देहरादून:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने सोमवार को आवास विभाग से संबंधित राज्य के विभिन्न प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, सचिव एवं अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहरों के सुनियोजित विकास, मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, नागरिक शिकायतों के त्वरित निस्तारण, नजूल नीति, एकल समाधान योजना (OTS), अवैध निर्माण और RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

सचिव ने अधिकारियों को विकास योजनाओं में तेजी लाने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक है। किसी भी योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मास्टर प्लान को मिलेगी गति

बैठक में विभिन्न जनपदों और नगरों के मास्टर प्लान की प्रगति और अद्यतन स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मास्टर प्लान से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास पर फोकस करने के निर्देश दिए।

पीएम आवास योजना की प्रगति पर जोर

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

नागरिक शिकायतों का हो त्वरित निस्तारण

सचिव ने नागरिक शिकायतों और आवंटियों से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रत्येक शिकायत एवं प्रकरण का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नजूल नीति, OTS और अवैध निर्माण पर सख्ती

समीक्षा बैठक में नजूल नीति और एकल समाधान योजना (OTS) से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई। इसके साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने शहरों में अनियोजित और अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

RERA के कार्यों की भी समीक्षा

बैठक में RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, परियोजनाओं की निगरानी और संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।


नवीन आढ़त बाजार का निर्माण पूरा, सितंबर तक प्लॉट आवंटन के निर्देश

देहरादून। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के साथ आढ़त बाजार का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्राधिकरण की टीम ने बाजार में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। वर्तमान में नवीन आढत बाजार का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

विधायक ने एमडीडीए की ओर से किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। विधायक विनोद चमोली ने निर्देश दिए कि आढ़त बाजार में आवंटन की प्रक्रिया को सितंबर माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित लोगों को समयबद्ध तरीके से सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

पार्किंग शुल्क हो निर्धारित
आढ़त बाजार में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बाजार में पार्किंग शुल्क निर्धारित करने को कहा गया, ताकि पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके। साथ ही आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को राहत देते हुए उनके लिए पार्किंग सुविधा निशुल्क रखने के निर्देश दिए गए।

NHAI से समन्वय कर हो विकास
निरीक्षण के दौरान बाजार के आसपास यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक ने अधिकारियों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ आवश्यक सामंजस्य स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आढ़त बाजार और आसपास के क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जाए, जिससे यातायात सुचारु रहे और स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

एमडीडीए के कार्यों पर जताया संतोष
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास को लेकर एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्य संतोषजनक हैं। उन्होंने कहा कि बाजार के व्यवस्थित विकास से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ समयसीमा का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

समयबद्ध तरीके से होंगे कार्य
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। पार्किंग, यातायात और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आवंटन प्रक्रिया को सितंबर तक पूरा करने के साथ ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विधायक विनोद चमोली का बयान
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास और पुनर्व्यवस्थापन को लेकर एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्य संतोषजनक हैं। बाजार के विकास से स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सितंबर माह तक हर हाल में पूरी की जाए। पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए पार्किंग निशुल्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। NHAI के साथ समन्वय स्थापित कर बाजार और आसपास के क्षेत्र को यातायात की दृष्टि से भी व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार को बेहतर और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए प्राधिकरण पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के साथ स्थानीय लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। NHAI समेत संबंधित विभागों से समन्वय कर बाजार का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा। आवंटन प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करने के निर्देशों पर कार्रवाई की जा रही है। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


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