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‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी

Daily Archives: 27/07/2026

‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी

माइ भारत प्लेटफॉर्म के तहत 74 सीमावर्ती गांवों का अनुभव साझा करने जुटे 400 युवा, देहरादून के 6 प्रतिभागी भी शामिल

प्रधानमंत्री ने युवाओं से सीमांत क्षेत्रों की संस्कृति, प्रकृति और देशभक्ति के जज्बे को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का किया आह्वान

देहरादून- देश की सीमाओं पर बसे गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने और उनकी सामरिक व सांस्कृतिक महत्ता से नई पीढ़ी को रूबरू कराने के उद्देश्य से संचालित ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026’ के तहत एक ऐतिहासिक संवाद संपन्न हुआ। विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती गांवों का भ्रमण कर लौटे 400 से अधिक उत्साही युवाओं से सीधा संवाद किया और उनके जमीनी अनुभवों को आत्मीयता से सुना।

‘माइ भारत’ प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित इस राष्ट्रव्यापी पहल में 3 लाख से अधिक युवाओं ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें से देश भर के 403 उत्कृष्ट युवाओं का चयन हुआ। इस यात्रा में उत्तराखंड के 15 और अकेले देहरादून जिले के 06 युवाओं-शिवांग रमोला, नेहा रेवंकर, पलक पांथरी, आकांक्षा बिष्ट, संदीप नेगी एवं वरदान’ ने सीमांत जीवन की जीवंत झलक को आत्मसात किया।

‘अंतिम नहीं, देश का पहला गांव हैं सीमावर्ती क्षेत्र’
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि सरकार की सोच में अब बदलाव आ चुका है। सीमावर्ती गांव देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के ‘पहले गांव’ हैं।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, ‘भ्रमण से ही मन के भ्रम मिटते हैं। हमारे सीमांत गांव भले ही दूरस्थ हों, लेकिन वहां रचने-बसने वाली देशभक्ति, अनूठी संस्कृति और समृद्ध परंपराएं पूरे देश को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सूत्र में पिरोती हैं। इन क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रनिष्ठा का जो जज्बा है, वह हर भारतवासी के लिए वंदनीय है।’ उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अनुभवों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और सीमांत पर्यटन को बढ़ावा दें।

30 दिनों का अविस्मरणीय सफर, विकास और संवेदना का संगम
विगत 3 से 30 जून तक चले दो चरणों के इस विस्तृत भ्रमण के दौरान युवाओं ने सीमांत गांवों में पहुंच रही मूलभूत सुविधाओं ‘पक्की सड़कें, निर्बाध बिजली-पानी, सोलर लाइट, इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल बैंकिंग’ की जमीनी हकीकत को करीब से देखा।

युवाओं ने प्रधानमंत्री के समक्ष अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के निवासियों का आतिथ्य और देशभक्ति का भाव मन को छू लेने वाला था। यह यात्रा महज एक शैक्षणिक भ्रमण नहीं, बल्कि जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने का एक भावुक और संवेदनात्मक अनुभव साबित हुई।

एनआईसी देहरादून में दिखा युवाओं का उत्साह
इस वर्चुअल संवाद के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र देहरादून परिसर में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, राज्य निदेशक राहुल डबराल, उप निदेशक मोनिका नांदल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय सहित माइ भारत संगठन से जुड़े अनेक युवा और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री की इस दूरदर्शी पहल की सराहना करते हुए इसे युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने वाला अभूतपूर्व कदम बताया।


रायपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई वाहन चोरी, आरोपी गिरफ्तार

देहरादून:  रायपुर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली।

पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को करनपुर, डालनवाला निवासी दिवांशु पुत्र सोनू ने रायपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि चूना भट्टा, रायपुर क्षेत्र से उनकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UK18N0127) अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर थाना रायपुर में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर सीक्यूआई तिराहा के पास चेकिंग के दौरान आरोपी अंकुश पुत्र जसवीर, निवासी ग्राम सलारपुर, थाना गंगोह, तहसील नकुड़, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपी:

अंकुश पुत्र जसवीर, निवासी ग्राम सलारपुर, थाना गंगोह, तहसील नकुड़, जिला सहारनपुर (उ.प्र.)

बरामदगी:

चोरी की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या UK18N0127 (काला रंग)

पुलिस टीम:

अपर उपनिरीक्षक सुनील रावत

कांस्टेबल प्रदीप फरसवान

कांस्टेबल प्रवीण


भागीरथी नदी में बहे बालक का नहीं मिला कोई सुराग, एसडीआरएफ–एनडीआरएफ का संयुक्त सर्च अभियान जारी

उत्तरकाशी। बड़ेथी पुल क्षेत्र में भागीरथी नदी में बहे एक बालक की तलाश में रविवार को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने व्यापक संयुक्त सर्च अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक बालक का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

एसडीआरएफ के अनुसार, 26 जुलाई को बड़ेथी पुल क्षेत्र में एक बालक के भागीरथी नदी में बह जाने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट उजैली से हेड कांस्टेबल दुर्गेश रतूड़ी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने बड़ेथी गाड से मनेरा बाईपास पुल के नीचे तक भागीरथी नदी के संभावित क्षेत्रों में गहन सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान नदी के तटीय इलाकों, तेज बहाव वाले हिस्सों और अन्य संभावित स्थानों की बारीकी से तलाश की गई।

कई घंटों तक चले अभियान के बावजूद लापता बालक का कोई पता नहीं चल सका। अधिकारियों के अनुसार, रविवार की सर्चिंग रिपोर्ट शून्य रही।


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