Saturday, January 24th, 2026

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वर्दी घोटाला- सीएम धामी ने दिए DIG के निलंबन के आदेश

Monthly Archives: January 2026

वर्दी घोटाला- सीएम धामी ने दिए DIG के निलंबन के आदेश

होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़ा घोटाला

भ्रष्टाचार पर सीएम धामी की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति

भ्रष्टाचार के मामले में सीएम धामी ने फिर की उच्च स्तरीय अधिकारी पर कार्रवाई

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई।

महादिनदेशक की संतुति पर सीएम धामी ने डिप्टी कमांडेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


‘बॉर्डर 2’ की बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत, पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये

बहुप्रतीक्षित वॉर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की है। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेलर और गानों से पहले ही माहौल बना चुकी ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के पहले दिन कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में अपनी जगह बना ली है।

अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ जैसे सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है।

रिपोर्ट्स अनुसार ‘बॉर्डर 2’ ने ओपनिंग डे पर करीब 30 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की है। इस तरह फिल्म ने दिसंबर में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ दिया, जिसने पहले दिन 28 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इतना ही नहीं, ‘बॉर्डर 2’ ने बीते साल की टॉप फिल्मों में शामिल ‘सैयारा’ (21.5 करोड़) की ओपनिंग को भी मात दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट लगभग 275 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस लिहाज से पहले दिन की कमाई को मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, खासकर इसके इमोशनल सीन्स और देशभक्ति के संदेश की सराहना की जा रही है।

अगर ‘बॉर्डर’ (1997) की बात करें तो उस फिल्म ने पहले दिन महज 1.10 करोड़ रुपये की कमाई की थी और इसका कुल नेट कलेक्शन 39.30 करोड़ रुपये रहा था। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि ‘बॉर्डर 2’ दूसरे ही दिन ‘बॉर्डर’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ देगी।

‘बॉर्डर 2’ ने सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ (ओपनिंग 10 करोड़) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है, हालांकि वह ‘गदर 2’ की 40 करोड़ रुपये की ओपनिंग तक नहीं पहुंच पाई है। बावजूद इसके, फिल्म की मजबूत शुरुआत इसे बड़ी हिट की ओर ले जाती दिख रही है।

आने वाले दिनों में फिल्म को वीकएंड और 26 जनवरी की छुट्टी का भी पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है। देशभक्ति से भरपूर विषय होने के कारण गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘बॉर्डर 2’ की कमाई में और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।

(साभार)


मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखण्ड आगमन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का किया स्वागत

गणेश जोशी ने शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भेंट किया

देहरादून। प्रदेश की कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराखंड आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भी भेंट किया।


शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियाँ ही सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव- सीएम धामी

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम धामी ने दी समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियाँ ही सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव होती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें और वह अपने सपनों को साकार कर सके।


टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया

ईशान–सूर्या का तूफान, 15.2 ओवर में भारत ने हासिल किया 209 रन का लक्ष्य

रायपुर। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दूसरा मुकाबला सात विकेट से अपने नाम कर लिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में भारत ने 200 से अधिक रनों के लक्ष्य को रिकॉर्ड समय में हासिल कर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।

पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 208 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान मिचेल सैंटनर ने नाबाद 47 रन की अहम पारी खेली, जबकि रचिन रवींद्र ने 44 रनों का योगदान दिया। जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में लक्ष्य का पीछा किया और महज 15.2 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारतीय पारी के हीरो ईशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव रहे। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 76 रन की तूफानी पारी खेलते हुए अपने टी20 करियर का सातवां अर्धशतक पूरा किया और न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शानदार फॉर्म में वापसी करते हुए 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने नौ चौके और चार छक्के लगाए।

सूर्यकुमार यादव का यह अर्धशतक अक्तूबर 2024 के बाद आया पहला 50+ स्कोर रहा। उन्होंने 24 पारियों के लंबे अंतराल के बाद यह उपलब्धि हासिल की। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 22वां अर्धशतक भी रहा। सूर्या अब उन बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार टी20 अर्धशतक लगाए हैं।

इस मुकाबले में भारत ने 28 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल किया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 से अधिक रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी फुल मेंबर टीम की सबसे बड़ी जीत है। इसके साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार यादव और युवा बल्लेबाजों का यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह जीत न केवल सीरीज में बढ़त दिलाने वाली रही, बल्कि टीम इंडिया के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई पर ले गई।


सीएम धामी से मिले केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा

राज्य में संचालित एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर हुई चर्चा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान राज्य में संचालित एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।


जिला प्रशासन की मानवीय पहल, बालश्रम से रेस्क्यू के बाद शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ीं दो बालिकाएं

पारिवारिक परिस्थितियों से दुकान पर काम करने को मजबूर 2 बेटियां अब अपने शिक्षा के पंखों से भर सकेंगी भविष्य की उड़ान

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस, बालश्रम पर सख्त कार्रवाई

देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा बालश्रम और भिक्षावृत्ति के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक दुकान में कार्यरत दो नाबालिग बालिकाओं को प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों बालिकाओं के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

रेस्क्यू के पश्चात बालिकाओं की काउंसलिंग की गई, ताकि उनके मानसिक और भावनात्मक पक्ष को समझा जा सके। साथ ही उनके माता-पिता से संवाद कर उन्हें बालश्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के कानूनी अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

आईसीसी में नामांकन

सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद दोनों बालिकाओं का जिला प्रशासन के इंटेंसिव केयर सेंटर (आईसीसी) में नामांकन कराया गया। यहां उन्हें संरक्षण, परामर्श और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही बालिकाओं को साधुराम इंटर कॉलेज में नामांकित कर औपचारिक रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया।

जिला प्रशासन की ओर से बालिकाओं की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए उन्हें किताबें, स्कूल बैग और जूते भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन का कहना है कि यह पहल न केवल बच्चों के वर्तमान को सुरक्षित कर रही है, बल्कि उनके भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।

जीरो टॉलरेंस नीति

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जनपद में बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। रेस्क्यू किए गए प्रत्येक बच्चे के समग्र पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से बच्चों को योग, संगीत, खेल सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़ा सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम और भिक्षावृत्ति में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जबकि रेस्क्यू किए गए बच्चों को हरसंभव सहायता देकर उनके भविष्य को संवारा जाएगा।


मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में रेलवे परियोजनाओं को लेकर हुई अहम बैठक

ऋषिकेश–डोईवाला बाईपास रेल लाइन पर संयुक्त सर्वे के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मण्डल रेल प्रबन्धक, उत्तर रेलवे मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव के साथ मुख्य सचिव कार्यालय में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान उत्तर रेलवे से सम्बन्धित प्रकरणों एवं परियोजनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश- डोईवाला बाईपास रेलवे लाईन परियोजना के तहत् जिलाधिकारी देहरादून को राजाजी नेशनल पार्क एवं वन विभाग की 3.62 हेक्टेयर वन भूमि को लेकर रेलवे, मुख्य वन्यजीव वार्डन और राजाजी नेशनल पार्क के साथ मिलकर संयुक्त सर्वेक्षण कराते हुए निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून- मोहण्ड- सहारनपुर टनल आधारित रेलवे लाईन परियोजना के सम्बन्ध में परियोजना का फाईनल लोकेशन सर्वे कराते हुए अद्यतन स्थिति से शीघ्र अवगत कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे को हर्रावाला रेलवे स्टेशन विस्तारीकरण का मास्टर प्लान को भी शासन से साझा किए जाने की बात कही। कहा कि रेलवे और जिला प्रशासन संयुक्त सर्वे करते हुए शीघ्र ही निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला – 2027 के दौरान यातायात व्यवस्था दुरूस्त रखने एवं श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत रेलवे अधिकारियों को जिलाधिकारी हरिद्वार, एसएसपी हरिद्वार, मेलाधिकारी एवं राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को मिलकर संयुक्त रूप से ट्रैफिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे सुरंग हरिद्वार के पास ढलान स्थिरीकरण (slop stabilization) कार्य को शीघ्र कराते हुए कृत कार्यवाही की आख्या शासन को भी उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव रीना जोशी सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

वसंत पंचमी के पावन अवसर पर हुई तिथि घोषित

जोशीमठ। उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में शामिल बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर कपाटोद्घाटन की तिथि की औपचारिक घोषणा की गई। परंपरागत धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत यह घोषणा नरेंद्रनगर राजदरबार में की गई।

कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया से पहले डिम्मर गांव से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे, जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह की उपस्थिति में पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।

23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे कपाट

धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान बदरीविशाल के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खोले जाएंगे। वहीं गाडू घड़ा यात्रा की शुरुआत 7 अप्रैल से होगी।

इससे पूर्व बृहस्पतिवार सुबह श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर, डिम्मर में डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने विधिविधान से भगवान और गाडू घड़ा का विष्णु सहस्त्रनाम एवं नामावलियों से महाभिषेक किया। इसके बाद बाल भोग अर्पित कर गाडू घड़ा के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। भगवान बदरीविशाल के जयकारों के बीच गाडू घड़ा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।

वसंत पंचमी की सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे। यहां महाराजा मनुजेंद्र शाह ने पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाटोद्घाटन, महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथियों की घोषणा की।

अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम

उल्लेखनीय है कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोले जाते हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, हालांकि कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त मंदिर समिति की मौजूदगी में बाद में निर्धारित किया जाएगा। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित की जाएगी।


मुख्यमंत्री धामी ने चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में प्रशासनिक अधिकारियों को किया संबोधित

विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में भूमिका निभाएगा विकसित उत्तराखंड का विजन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस दो दिवसीय शिविर के माध्यम से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ठोस, व्यवहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान उत्तराखण्ड के समग्र विकास से जुड़े सभी प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। जिससे राज्य के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यवहारिक और समयबद्ध दिशा निर्धारित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक राज्य समान रूप से विकसित हो। इसके लिए उत्तराखण्ड को भी अपने संसाधनों, क्षमताओं और विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की एक स्पष्ट और दीर्घकालिक दिशा तय करनी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “विकसित भारत” का संकल्प किसी एक सरकार, किसी एक कार्यकाल या किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, जिसमें भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, सामरिक तथा सांस्कृतिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प निहित है। इस विज़न की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे मानव केंद्रित, समावेशी और सतत बनाया गया है। विकसित भारत का अर्थ एक ऐसे भारत का निर्माण है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों, जहाँ शासन व्यवस्था पारदर्शी, संवेदनशील और जन-केंद्रित हो।

प्रशासनिक तंत्र की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन और अंतिम सफलता तक प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और दक्षता ही ये तय होती है। इसलिए इस विज़न को साकार करने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारे प्रशासन को न केवल तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा, बल्कि प्रत्येक नीति, निर्णय और योजना को ‘लक्ष्य आधारित’ एवं ‘जन-केंद्रित’ दृष्टि से लागू करना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग अपने कार्यों को केवल आदेश देने या मीटिंग करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दायरे में आने वाले प्रत्येक कार्य को नवाचार, पारदर्शिता, समयबद्ध और परिणाम केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तत्परता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। इसका अर्थ केवल योजनाएं और नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ये ये देखना होगा कि हमारी योजनाओं और नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए हमें, किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की वास्तविक कसौटी तय करेंगे।

टीम उत्तराखंड की तरह कार्य करें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के नाते हमारे सामने कुछ विशेष चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन इन्हीं चुनौतियों के भीतर अनेकों अवसर छिपे हुए हैं। यदि हम अपनी नीतियों और योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालें, तो उत्तराखण्ड इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित कर देश में विकास को नई दिशा दे सकता है। इसके लिए हमें तय करना होगा कि वर्ष 2047 में हमारा राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुँचना चाहिए। साथ ही साथ विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर विजन 2047 को साकार करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आगामी पच्चीस वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें “सोलो प्लेयर” वाली मानसिकता से ऊपर उठकर निकलकर “टीम उत्तराखंड” के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस स्थान से आपने अपनी सेवा शुरु की है वहां के विकास पर विशेष ध्यान दें, साथ ही जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाली जनसमस्याओं को डायरी में नोट करते हुए, उनके निराकरण करें।

विकसित उत्तराखण्ड की नींव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक एवं नवाचार और जन केंद्रित सतत एवं संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है। सुशासन का अर्थ केवल नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं बल्कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो और हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि हमें ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके शासन को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही ये भी सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ और सीमांत गाँवों तक भी पहुँचे। इसके साथ ही, हमारी नीतियों और योजनाओं के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। आपदा प्रबंधन को हमें विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।

निर्धारित करें आउटपुट और आउटकम
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रत्येक योजना का स्पष्ट आउटपुट और आउटकम निर्धारित करना होगा। केवल रुपया व्यय हो जाना ही किसी योजना की सफलता का पैमाना नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपका प्रत्येक निर्णय केवल आज को प्रभावित नहीं करता, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा भी तय करता है। बतौर प्रशासनिक अधिकारी आपके निर्णय, कार्य और नीतियों से जनता के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, वही भविष्य में आपकी वास्तविक पहचान बनेंगे। इसलिए अपने दायित्वों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का अवसर मानकर निभाएँ। उन्होंने कहा कि कभी कभी देखने में आता है कि जनता की बात अनसुनी रह जाती है, कभी लालफीताशाही कार्यों में देरी लाती है ये स्थितियाँ प्रशासन पर जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की ये यात्रा लंबी है, यदि हमारी दिशा सही रहेगी, हमारी नीति स्पष्ट रहेगी, हमारी नीयत साफ रहेगी और हमारा संकल्प अडिग रहेगा तो हम अपने लक्ष्य को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।

संबोधन में बाद भी मंथन में शामिल हुए सीएम
सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उद्घाटन सत्र के बाद भी काफी देर तक शामिल हुए। प्रथम सत्र में संबोधन के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच के नीचे हॉल की प्रथम पंक्ति में बैठ गए। इस दौरान मंच पर विभिन्न विषयों पर मंथन और संवाद चलता रहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी इस दौरान हॉल में बैठकर, परिचर्चा को सुनते रहे, साथ ही संवाद के प्रमुख बिंदुओं और सुझावों को नोट भी करते रहे।

इस अवसर पर सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग से प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल, आईएएस अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ मौजूद थे।


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