Monday, January 26th, 2026

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वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित

Monthly Archives: January 2026

वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाले उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जून 2025 में एक्सिओम मिशन-4 (Axiom-4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक सफल यात्रा कर इतिहास रच दिया। वह ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने, जबकि अंतरिक्ष यात्रा करने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। इससे पूर्व वर्ष 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के सोयूज मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। शुभांशु शुक्ला ने इस मिशन के दौरान 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया।

वायुसेना से अंतरिक्ष तक का प्रेरणादायक सफर
एक कुशल और अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे अत्याधुनिक विमानों का संचालन किया है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की अहम भूमिका निभाई और अंतरिक्ष में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सराहना मिली।

भारत की बढ़ती अंतरिक्ष शक्ति का प्रतीक
अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित इस मिशन में नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और इसरो की साझेदारी रही। लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला को वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उनका यह सम्मान और उपलब्धि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं, तकनीकी दक्षता और वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर सशक्त उपस्थिति का प्रतीक मानी जा रही है।


रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ 3’ को मिला विजेता, टीम ‘कांटा’ ने जीती ट्रॉफी

लोकप्रिय रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ 3’ का फाइनल मुकाबला रोमांचक अंदाज़ में संपन्न हो गया है। दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने के बाद इस सीजन की विनिंग टीम का ऐलान कर दिया गया। अली गोनी, कृष्णा अभिषेक, कश्मीरा शाह, समर्थ जुरेल, जन्नत जुबैर और अभिषेक कुमार की टीम ‘कांटा’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। शो के विजेताओं की घोषणा कलर्स चैनल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से की गई।

फाइनल में कांटा और छुरी के बीच कड़ा मुकाबला
25 जनवरी की रात शो का फाइनल एपिसोड प्रसारित हुआ, जिसमें कृष्णा अभिषेक की टीम ‘कांटा’ का सामना एल्विश यादव की टीम ‘छुरी’ से हुआ। दोनों टीमों ने बेहतरीन कुकिंग स्किल्स और मनोरंजक परफॉर्मेंस से जजों और दर्शकों का दिल जीतने की पूरी कोशिश की। हालांकि, अंतिम निर्णय में टीम ‘कांटा’ विजेता घोषित की गई। शो की मेजबानी कॉमेडियन भारती सिंह ने की, जिनके चुटीले अंदाज़ ने शो में हास्य का तड़का लगाए रखा।

मनोरंजन और कुकिंग का अनोखा संगम
‘लाफ्टर शेफ’ के पहले दो सीजन भी दर्शकों के बीच खासे लोकप्रिय रहे हैं। कुकिंग और कॉमेडी के अनोखे कॉन्सेप्ट ने इस शो को अलग पहचान दिलाई है। इसमें टीवी सेलेब्रिटीज टीम बनाकर खाना बनाते हैं और साथ ही मज़ाक-मस्ती से दर्शकों का मनोरंजन करते हैं। इसी खास फॉर्मेट के चलते शो ने टीआरपी की रेस में भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

(साभार)


एमडीडीए के बुलडोजर से नहीं बचेगी एक इंच भी अवैध प्लॉटिंग

अब तक 10 हजार बीघा भूमि पर चला बुलडोजर, 1000 से अधिक अवैध निर्माणों पर सीलिंग

नक्शा नहीं, नियम नहीं… तो बख़्शा नहीं ! एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में एमडीडीए का ज़ीरो टॉलरेंस एक्शन जारी

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अब तक का सबसे सख़्त, व्यापक और निर्णायक अभियान छेड़ रखा है। एमडीडीए द्वारा अब तक लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया, जबकि 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है। यह कार्रवाई न केवल संख्या के लिहाज़ से ऐतिहासिक है, बल्कि इससे अवैध गतिविधियों में लिप्त और नियम तोड़ने वालों में भय का माहौल बना है। एमडीडीए की यह कार्रवाई अब किसी एक दिन, एक क्षेत्र या किसी प्रतीकात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। हर दिन बुलडोजर ज़मीन पर है, अवैध निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं और नियामानुसार सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि नक्शा पास कराए बिना, नियमों को ताक पर रखकर और अवैध रूप से प्लॉट काटने वालों पर निरंतर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया है। पदभार संभालने के बाद से ही उपाध्यक्ष के निर्देशों पर अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान को तेज़ किया गया है। फील्ड निरीक्षण, तकनीकी रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और बिना किसी देरी के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि अवैध प्लॉटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा पर सीधा हमला है। अवैध कॉलोनियां भविष्य में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और आपदा की स्थिति पैदा करती हैं, जिसकी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। इसी को देखते हुए एमडीडीए ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वाले द्वारा भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने की प्रवृत्ति पर भी कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) दुआरा अभी तक सबसे अधिक कार्रवाई विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, मेहूंवाला माफी, माजरीग्रांट, पोखरी, नौगांव मांडूवाला, शिमला बाईपास रोड, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, छिदरवाला, पित्थूवाला, हरभवाला, धर्मावाला, धौलास, लांघा रोड सहित डोईवाला क्षेत्र के तेलपुरा, चीनी मिल रोड, थानो रोड, भोगपुर, घमंडपुर, भानियावाला, रानीपोखरी, लालतप्पड़, कुआंवाला, हर्रावाला, बालावाला, गुलरघाटी, नकरौंदा, नथुवाला, मोहकमपुर, दूधली, शेरपुरा, बीएफ कैंप, साथ ही रायपुर और धर्मपुर क्षेत्र में की गई है।

अवैध निर्माण का मतलब तयशुदा ध्वस्तीकरण- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर बुलडोजर चलाया जा चुका है और 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया गया है, इसके बावजूद नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई और तेज़ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के लिए संदेश साफ है, अब अवैध निर्माण का अंजाम तय है। उपाध्यक्ष ने आम जनता से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण से पहले एमडीडीए से विधिवत अनुमति अवश्य लें, अन्यथा होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी स्वयं की होगी।

चिन्हित होते ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण-मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों को चिन्हित होते ही तुरंत ही नियमानुसार सील और ध्वस्त किया जा रहा है। सचिव ने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य नियोजित विकास सुनिश्चित करना है, लेकिन जो कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

एमडीडीए का साफ संदेश है- या तो नियमों के दायरे में रहकर काम करें, या फिर बुलडोजर के लिए तैयार रहें।


सीएम धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

गणतंत्र दिवस राष्ट्र के गौरव और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे राष्ट्र के गौरव, स्वाभिमान और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन दिवस उन अमर स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्षों के फलस्वरूप भारत एक सशक्त और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।

सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अखंडता और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा भारत को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।


मुख्यमंत्री धामी ने कैंची धाम बाईपास का किया स्थलीय निरीक्षण

कैंचीधाम जाम से मिलेगी स्थायी राहत, प्राथमिकता पर हो रहा बाईपास निर्माण : मुख्यमंत्री

18.15 किमी कैंचीधाम बाईपास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा

भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पर डबल लेन पुल से ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात

कैंचीधाम दर्शन को सुगम बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पर्यटन और यातायात सुधार के लिए बुनियादी ढांचे को सशक्त कर रही राज्य सरकार

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के परिणामस्वरूप नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर अग्रसर है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने अवगत कराया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिसके लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु प्राप्त 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं।

परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे।


कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निराश्रित गौवंश के लिए बनी गौशाला का किया लोकार्पण

गौसंरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल- डॉ. धन सिंह

श्रीनगर (गढ़वाल)। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गंगादर्शन मोड़ के समीप स्थित श्रीनगर में निराश्रित एवं बेसहारा गायों के संरक्षण और देखभाल के लिए निर्मित गौशाला का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह गौशाला बेसहारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके उपचार और पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

डॉ. धन सिंह ने बताया कि इस पहल से क्षेत्र में गौसंरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और समाज में संवेदनशीलता व सहभागिता की भावना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य करुणा और सेवा के प्रतीक होते हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।


सीएम धामी ने ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ का किया फ्लैग ऑफ

ग्रामीण और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगा बाल विवाह मुक्ति रथ- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा देहरादून में बाल विवाह की रोकथाम के लिए संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रथ एक जन-जागरूकता अभियान के रूप में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य दूरस्थ, ग्रामीण एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँच बनाकर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध समयबद्ध, सघन एवं प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाना है।

यह अभियान 8 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, IEC सामग्री वितरण तथा जनसंवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी।

इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण डॉ. गीता खन्ना, समर्पण सोसाइटी के अध्यक्ष विपिन पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


जेल दिवस पर अधीक्षक ने दिया सुधार, आत्मनिर्भरता और पुनर्वास का संदेश

पौड़ी। पौड़ी जनपद के खाण्डयूसैंण स्थित जिला कारागार में कल जेल दिवस का आयोजन सादगी एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम जेल अधीक्षक कौशल कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

जेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे जेल अधीक्षक ने कहा की जेल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, सुधार और नए संकल्प का दिन है। जेल को केवल दंड का स्थान न मानकर सुधार, आत्मबोध एवं नए जीवन की शुरुआत का केंद्र बनाया जाना चाहिए, और यही जेल दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य मे बंदियों मे कौशल विकसित करने के लिए कारागार में बेकरी यूनिट की स्थापना, लॉन्ड्री (धुलाई) यूनिट की स्थापना प्रस्तावित की जाएगी ताकि बंदी रिहाई के बाद स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

इस अवसर पर दौरान बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी विचार व्यक्त किया गया। जेल दिवस के अवसर पर बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी, जिसमें महिला बंदियों ने गीत गाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इसके अलावा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। खेल प्रतियोगिताओं में कैरम में लोकेंद्र थापा एवं रवि, लूडो में पारितोष कुमार एवं मोहम्मद इरफान तथा शतरंज प्रतियोगिता में अजय उर्फ अज्जू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त वॉलीबॉल एवं रस्साकशी प्रतियोगिताओं में बंदियों ने समूहों में भाग लेकर उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। खेलों में विजेता बंदियों को उनके दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गयी, जिसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में बाल्टी, द्वितीय पुरस्कार के रूप में टिफिन तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में पानी की बोतल प्रदान की गयी।

कार्यक्रम के अंतर्गत एक मानवीय पहल के रूप में “लेटर टू फैमिली” अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत ऐसे बंदियों ने अपने परिजनों को पत्र लिखे, जिनकी नियमित मुलाकात नहीं हो पाती है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को भावनात्मक संबल प्रदान करना तथा पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाना है। जेल दिवस का समापन सुधार, सकारात्मक सोच एवं पुनर्वास के संदेश के साथ किया गया।


देहरादून में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में, सीडीओ ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

देहरादून। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इस राष्ट्रीय पर्व को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शनिवार को विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया तथा तैयारियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि परेड ग्राउंड में प्रवेश की अलग अलग व्यवस्थाएं की गई है। गेट संख्या-1 से मुख्य मंच, गंगा एवं अलकनंदा ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-2 से भागीरथी ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। गेट संख्या-3 से परेड दल एवं झांकियों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-4 से आसन, टौंस एवं यमुना ब्लॉक के पासधारकों एवं दर्शकों के लिए प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

गंगा ब्लॉक में मुख्यमंत्री के अतिथिगण, विधायकगण, दायित्वधारीगण एवं उनके परिवारजन के लिए आरक्षित किया गया है। अलकनंदा ब्लॉक न्यायमूर्ति, न्यायिक अधिकारीगण, आयोग अध्यक्षगण, अधिकारीगण एवं उनके परिजनों के लिए आरक्षित रहेगा। भागीरथी ब्लॉक में सैन्य अधिकारी एवं उनके परिवारजन बैठेंगे। यमुना ब्लॉक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राज्य आंदोलनकारी एवं उनके परिजनों के लिए व्यवस्था की गई है। टौंस ब्लॉक प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों के लिए तथा आसन ब्लॉक अन्य अतिथिगणों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अतिरिक्त दर्शक दीर्घा में जनसामान्य के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ब्लॉकों में समुचित सीटिंग, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः 10 बजे होगा। प्रातः 10 बजे परेड दलों की पंक्तिबद्धता एवं परेड कमांडर द्वारा परेड का भार ग्रहण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 10ः20 बजे मुख्यमंत्री तथा 10ः28 बजे राज्यपाल का गरिमामय आगमन होगा। ठीक 10ः30 बजे ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरांत कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। प्रातः 10ः35 बजे से परेड का मार्च पास्ट, स्कूली बच्चों के कार्यक्रम, झांकियों का प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके पश्चात 11ः25 बजे पुलिस मेडल वितरण किया जाएगा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा एवं महानुभावों का प्रस्थान होगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सभी व्यवस्थाओं का समयबद्ध अभ्यास सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रहे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिर, एसडीमए अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी उपस्थित थे।


सुबह पेट साफ नहीं होता? रात की ये गलत आदतें बन रही हैं कब्ज की सबसे बड़ी वजह

बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के चलते कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर की भागदौड़ के बीच लोग रात के समय की छोटी-छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। यही लापरवाही धीरे-धीरे कब्ज, गैस, एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों को जन्म देती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात का समय शरीर की प्राकृतिक सफाई और डिटॉक्स प्रक्रिया के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान आंतों की सक्रियता बनी रहती है, जिससे सुबह पेट साफ होने की प्रक्रिया सुचारू रहती है। लेकिन देर रात भारी भोजन, पानी की कमी और तुरंत सो जाने जैसी आदतें इस प्रक्रिया को बाधित कर देती हैं। इससे आंतों में नमी कम होने लगती है और मल सख्त हो जाता है।

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि यदि रात में पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाला जाए, तो पेरिस्टालसिस की गति धीमी पड़ जाती है। इसका परिणाम सुबह पेट साफ न होने के रूप में सामने आता है, जो लंबे समय में बवासीर, क्रोनिक कब्ज और सूजन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय की कुछ गलत आदतें सीधे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं। इनमें देर रात तला-भुना या भारी भोजन करना, पर्याप्त पानी न पीना, भोजन के तुरंत बाद सो जाना और रात में चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय का सेवन शामिल है। ये आदतें आंतों की कार्यक्षमता को कमजोर कर देती हैं।

यदि ये गलतियां लंबे समय तक जारी रहती हैं, तो आंतों की दीवारें अपनी लचीलापन खोने लगती हैं। इससे क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन की स्थिति बन जाती है, जिसमें शरीर से विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते। ऐसे टॉक्सिन्स रक्त में मिलकर त्वचा संबंधी समस्याएं, लगातार थकान और सिरदर्द जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। साथ ही आंतों में संक्रमण और सूजन का खतरा भी बढ़ जाता है।

कब्ज से बचाव के लिए विशेषज्ञ सोने से पहले कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं। रात के भोजन में फाइबर युक्त आहार जैसे सलाद, सब्जियां या दलिया शामिल करना चाहिए। भोजन के बाद हल्की सैर या कम से कम 100 कदम चलना पाचन क्रिया को सक्रिय रखता है। इसके अलावा सोने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। भोजन और नींद के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखना भी जरूरी बताया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज कोई असाध्य बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की ओर से दी गई चेतावनी है। यदि समय रहते अपनी रात की दिनचर्या में सुधार कर लिया जाए, तो न केवल कब्ज से राहत मिल सकती है, बल्कि ऊर्जा स्तर और मानसिक शांति में भी सुधार होता है। एक स्वस्थ पाचन तंत्र ही स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवन की नींव माना जाता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारियों पर आधारित है।

(साभार)


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