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प्रदेश में सरकारी स्कूलों पर संकट: हजारों विद्यालयों में सिमटती छात्र संख्या

Daily Archives: 01/01/2026

प्रदेश में सरकारी स्कूलों पर संकट: हजारों विद्यालयों में सिमटती छात्र संख्या

देहरादून- प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती के दौर से गुजर रही है। हालात यह हैं कि चार हजार से अधिक सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या बेहद कम रह गई है और कई विद्यालय बंद होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई स्कूलों में तो गिनती के एक-दो या तीन-चार बच्चे ही नामांकित हैं। चिंताजनक बात यह भी है कि वर्ष 2025 में प्रदेश में एक भी नया सरकारी स्कूल शुरू नहीं हो सका, जबकि शिक्षा विभाग का सालाना बजट 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।

सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में नामांकन लगातार गिर रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों के 4275 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 10 या उससे भी कम रह गई है। इनमें पौड़ी जिला सबसे आगे है, जहां ऐसे स्कूलों की संख्या 904 है, जबकि हरिद्वार जिले में इस श्रेणी में केवल तीन विद्यालय हैं।

यही स्थिति जूनियर हाईस्कूलों में भी देखने को मिल रही है। प्रदेश के 650 जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या 10 या उससे कम है। इनमें भी पौड़ी जिला शीर्ष पर है, जहां 120 स्कूल इस स्थिति का सामना कर रहे हैं।

यह सब तब हो रहा है, जब सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए समग्र शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री पोषण योजना, मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति, बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और इन पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

बीते वर्षों में शिक्षा विभाग द्वारा अटल उत्कृष्ट विद्यालय, पीएम श्री स्कूल और क्लस्टर विद्यालय जैसे कई नए प्रयोग किए गए, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद सरकारी स्कूलों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ने के बजाय लगातार कम होता जा रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 2940 प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 20 या उससे कम है। वहीं 1327 स्कूलों में 30 से कम और 1062 विद्यालयों में 50 से कम छात्र पढ़ रहे हैं, जो व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है।

हालांकि शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ शिक्षकों को उम्मीद है कि नया साल सरकारी स्कूलों के लिए नई शुरुआत लेकर आएगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में ऐसे ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे अभिभावकों और छात्रों का भरोसा दोबारा सरकारी विद्यालयों की ओर लौट सके।


जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार: 16 शिविरों में पहुंचे 3891 लोग, 2141 को मिला योजनाओं का लाभ

मार्च 2026 तक जनपद की 115 न्याय पंचायतों में लगेंगे शिविर

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 17 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक जनपद में कुल 16 बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं रखीं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि इन शिविरों में अब तक कुल 3891 लोगों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 2141 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविरों के दौरान 504 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 309 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविरों में प्रमाण पत्रों से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया। विभिन्न विभागों द्वारा 205 आवेदन पत्र भरवाए गए, जिससे लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बताया कि जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के माध्यम से शासन सीधे आम जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर शिकायतों का समाधान कर रहे हैं, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

उन्होंने बताया कि यह शिविर जनपद की 115 न्याय पंचायतों में आगामी 18 मार्च 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।


उत्तराखंड में इस बार पिछले वर्ष से दोगुने वन-डे बार लाइसेंस हुए जारी

देहरादून और नैनीताल में सबसे ज्यादा बार लाइसेंस आवेदन

देहरादून। नए साल के स्वागत में उत्तराखंड में जश्न इस बार रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जिसका असर आबकारी विभाग के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दिया। नववर्ष समारोह को व्यवस्थित और नियमों के तहत आयोजित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा वन-डे बार लाइसेंस की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिस पर भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। विभाग को इस बार 600 से अधिक आवेदन मिले, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुने हैं।

आबकारी विभाग के अनुसार, बीते साल नए साल के अवसर पर करीब 300 वन-डे बार लाइसेंस जारी किए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुल आवेदनों में से लगभग 400 आवेदन देहरादून और नैनीताल जिलों से आए, जिससे स्पष्ट है कि इन पर्यटन स्थलों पर नववर्ष का उत्साह सबसे अधिक रहा। इसके अलावा हरिद्वार, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और ऊधमसिंह नगर से भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि वर्ष 2026 के स्वागत और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय बार लाइसेंस की प्रक्रिया को ऑनलाइन और त्वरित बनाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि 24 से 31 दिसंबर के बीच विभाग को रिकॉर्ड आवेदन मिले और सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पूरी की गई।

उन्होंने बताया कि वन-डे बार लाइसेंस नियमों और शर्तों के तहत जारी किए जाते हैं, जिससे अवैध शराब बिक्री और गैरकानूनी बार संचालन पर प्रभावी रोक लगती है। इससे न केवल विभाग के राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि कानून व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहती है। लाइसेंस की शर्तों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया है।

मसूरी और नैनीताल में सख्त निगरानी
नववर्ष के दौरान शराब तस्करी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए मसूरी और नैनीताल के प्रवेश द्वारों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। संयुक्त और उप आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में प्रवर्तन दल सक्रिय रहा। इसके साथ ही ओवर रेटिंग की शिकायतों को रोकने के लिए शराब दुकानों पर औचक निरीक्षण किए गए। ऋषिकेश, लक्सर, रामनगर, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं।


जैसलमेर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, बीएसएफ ने पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा

घुसपैठिए के पास से पाकिस्तानी मुद्रा और चाकू बरामद

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों ने सतर्कता के चलते एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भारतीय सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास कर रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई नाचना–नोक सेक्टर से सटे सीमावर्ती इलाके में की गई।

बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक पकड़ा गया व्यक्ति प्रारंभिक जांच में मानसिक रूप से असंतुलित प्रतीत हो रहा है। हालांकि उसकी वास्तविक स्थिति, मंशा और पृष्ठभूमि की पुष्टि विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण और संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) में जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम इश्रात (35 वर्ष), पुत्र राणा मोहम्मद असलम बताया है और खुद को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले का निवासी बताया।

तलाशी के दौरान उसके पास से पाकिस्तानी मुद्रा, एक चाकू और कुछ अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। इसके बाद बीएसएफ ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नोक थाना पुलिस को सौंप दिया।

सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि व्यक्ति किस रास्ते से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ और क्या इस घटना के पीछे किसी प्रकार की सुरक्षा से जुड़ी साजिश तो नहीं है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।


हाई ब्लड प्रेशर बना ‘साइलेंट किलर’, युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा खतरा

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। देश में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और अनुमान के अनुसार 20 करोड़ से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं। चिंताजनक बात यह है कि हाई बीपी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं में भी यह आम होता जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरटेंशन को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते। लेकिन समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो यह हृदय, मस्तिष्क और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, असंतुलित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

नमक का सीमित सेवन जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए नमक का सेवन कम करना सबसे अहम कदम है। अधिक सोडियम शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। प्रतिदिन 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन न करने और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

व्यायाम और वजन नियंत्रण पर जोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि से रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना, योग या हल्का व्यायाम करने से हृदय मजबूत होता है। साथ ही वजन संतुलित रहने पर हाई बीपी का खतरा भी कम हो जाता है।

तनाव और नींद भी अहम कारक
लगातार तनाव और नींद की कमी भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। विशेषज्ञ मेडिटेशन, प्राणायाम और गहरी सांस की तकनीक अपनाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने से शरीर को आराम मिलता है और बीपी नियंत्रित रहता है।

खानपान में करें बदलाव
डाइट को लेकर डॉक्टर पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे केला, पालक और शकरकंद को शामिल करने की सलाह देते हैं। DASH डाइट को हाई बीपी के मरीजों के लिए प्रभावी माना जाता है। साथ ही नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराने पर भी जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और समय पर सावधानी ही हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। नए साल में स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस ‘साइलेंट किलर’ को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

(साभार)


सीएम धामी ने 112 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

20 साल बाद घाटे से उबरकर मुनाफे में पहुंचा उत्तराखण्ड परिवहन निगम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बेड़े में शामिल 112 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में साधारण और एसी श्रेणी की यूटीसी स्मार्ट बसें शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ का भी विमोचन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही सुशासन को प्राथमिकता में रखा है। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड परिवहन निगम 20 वर्षों में पहली बार घाटे से बाहर निकलकर लगभग 56 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंचा है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और सुधारात्मक कदमों का सकारात्मक परिणाम बताया।

सीएम धामी ने जानकारी दी कि परिवहन निगम को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में 13 नए बस स्टैंड और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही आईएसबीटी की तर्ज पर विभिन्न बस स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, खजान दास और सविता हरबंस कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने परिवहन निगम के सुधार और विस्तार के प्रयासों की सराहना की।


2026 के पहले दिन सामने आया ‘स्पिरिट’ का दमदार फर्स्ट लुक, संदीप रेड्डी वांगा ने शेयर किया पोस्टर

साल 2026 की शुरुआत सिनेमा प्रेमियों के लिए खास रही। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा और सुपरस्टार प्रभास ने नए साल के पहले ही दिन अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्पिरिट’ का पहला आधिकारिक पोस्टर जारी कर दिया। 1 जनवरी की देर रात सामने आए इस पोस्टर ने सोशल मीडिया पर आते ही हलचल मचा दी और फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पोस्टर में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी का दमदार पहला लुक भी पहली बार सामने आया है।

संदीप रेड्डी वांगा ने शेयर किया पोस्टर
निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा, “भारतीय सिनेमा… अपने AJANUBAHUDU / AJANUBAHU को देखें।” इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रशंसकों को नए साल 2026 की शुभकामनाएं भी दीं। पोस्टर रिलीज होते ही फैंस ने इसे लेकर जमकर प्रतिक्रियाएं दीं।

पोस्टर में दिखा दमदार अंदाज
पोस्टर में प्रभास घायल अवस्था में खिड़की के पास खड़े नजर आ रहे हैं। वे बिना शर्ट के ऑफ-व्हाइट पैंट और काले चश्मे में दिखाई दे रहे हैं, जो उनके किरदार को रहस्यमयी और गंभीर बनाता है। वहीं तृप्ति डिमरी देसी लुक में प्रभास की सिगरेट जलाती नजर आ रही हैं, जिससे दोनों के बीच की केमिस्ट्री और फिल्म के टोन का अंदाजा मिलता है।

‘स्पिरिट’ को लेकर बढ़ा इंतजार
‘स्पिरिट’ का निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा कर रहे हैं और फिल्म में प्रभास व तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा प्रकाश राज, विवेक ओबेरॉय और कंचना अहम सहायक किरदारों में दिखाई देंगे। फिल्म को लेकर यह भी चर्चा है कि कोरियाई अभिनेता डॉन ली इसमें नजर आ सकते हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पोस्टर रिलीज के साथ ही ‘स्पिरिट’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है और फिल्म अब 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई है।

(साभार)


देहरादून की हवा फिर बिगड़ी, एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में किया गया दर्ज

सीपीसीबी की रिपोर्ट में 242 शहरों का आकलन, देहरादून 15 प्रदूषित शहरों में शामिल

ऋषिकेश की हवा में राहत, एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज

देहरादून। राजधानी देहरादून की आबोहवा लगातार बिगड़ती जा रही है। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देहरादून का एक्यूआई 329 तक पहुंच गया, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी रिपोर्ट में देश के 242 शहरों की वायु गुणवत्ता का आकलन किया गया है। इस रिपोर्ट में 15 शहर ऐसे पाए गए हैं, जहां हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है, जिनमें देहरादून भी शामिल है। इससे पहले बुधवार को देहरादून का एक्यूआई 318 और 28 दिसंबर को 301 दर्ज किया गया था, जो लगातार बढ़ते प्रदूषण की ओर इशारा करता है।

वहीं ऋषिकेश की हवा की स्थिति देहरादून के मुकाबले बेहतर बनी हुई है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को ऋषिकेश का एक्यूआई 136 रहा, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया है। काशीपुर शहर की ताजा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी, हालांकि 30 दिसंबर को वहां एक्यूआई 182 दर्ज किया गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम, वाहनों की बढ़ती संख्या और निर्माण कार्यों के कारण वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।


नींबूवाला में शहीद पार्क का लोकार्पण, एमडीडीए के विकास प्रयासों को नई पहचान

शहरी सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों के विकास पर एमडीडीए का फोकस

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए एमडीडीए द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्रों के विकास, सार्वजनिक स्थलों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में देहरादून के नींबूवाला क्षेत्र में स्थित शहीद पार्क का विधिवत लोकार्पण विधायक देहरादून कैंट श्रीमती सविता कपूर द्वारा किया गया। यह शहीद पार्क देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों की स्मृति में विकसित किया गया है। पार्क में विशेष रूप से कारगिल युद्ध में शहीद शिव चरण प्रसाद, जम्मू-कश्मीर युद्ध में शहीद मेजर संजय सिंह तथा द्रास सेक्टर में ऑपरेशन विजय रक्षक के दौरान शहीद देवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्क में स्थापित स्मृति चिह्न, हरित परिदृश्य, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा प्रकाश व्यवस्था इसे एक गरिमामय और प्रेरणादायी स्थल बनाती है। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा इस पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। पार्क को न केवल स्मारक स्वरूप दिया गया है, बल्कि इसे स्थानीय नागरिकों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित किया गया है, जहां आने वाली पीढ़ियां वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।

विधायक देहरादून कैंट सविता कपूर का बयान
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि शहीद पार्क केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि देशभक्ति, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्थल क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में यह बच्चों एवं युवाओं को देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण की प्रेरणा देगा। उन्होंने एमडीडीए द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरित एवं सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में सड़कों के सुधार, पार्कों के विकास, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, योजनाबद्ध विकास एवं पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। नागरिकों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही योजनाओं का उद्देश्य देहरादून और मसूरी को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण जनहित और जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए विकास कार्य कर रहा है। शहीद पार्क जैसे प्रोजेक्ट केवल शहरी सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारे वीर शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि शहर में अधिक से अधिक हरित और सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। आने वाले समय में भी एमडीडीए इसी सोच के साथ योजनाबद्ध विकास को आगे बढ़ाएगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि शहीद पार्क का विकास कार्य निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा जनसुविधाओं, हरित क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्य टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। एमडीडीए का संकल्प है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े विकास कार्यों को इसी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि मसूरी–देहरादून क्षेत्र एक आदर्श, सुव्यवस्थित और संवेदनशील शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।

लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारी, क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को स्मरण किया गया। क्षेत्रवासियों ने शहीद पार्क के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए माननीय विधायक श्रीमती सविता कपूर एवं एमडीडीए का आभार व्यक्त किया। शहीद पार्क का विकास न केवल नींबूवाला क्षेत्र, बल्कि पूरे देहरादून के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पार्क आने वाले समय में सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि प्राधिकरण केवल संरचनात्मक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक मूल्यों को भी समान महत्व देता है।


सीएम धामी ने नववर्ष 2026 पर सभी प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

डबल इंजन सरकार 2026 में भी सेवा और सुशासन को देगी मजबूती- सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंग्ल नववर्ष 2026 के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और जन-जन के सहयोग से राज्य में डबल इंजन सरकार वर्ष 2026 में भी सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता के संकल्प को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विकास की धारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, चाहे वह दूरस्थ पहाड़ी गांव हो या सीमांत क्षेत्र। उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना, मातृशक्ति को आत्मनिर्भर करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन, कृषि व उद्योग को संतुलित गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सीएम धामी ने कहा कि इन उद्देश्यों को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नववर्ष में विकास व जनकल्याण के प्रयासों को और तेज किया जाएगा।


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