Wednesday, January 21st, 2026

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झूठे आरोप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग न्याय के लिए खतरा- सुप्रीम कोर्ट

Monthly Archives: January 2026

झूठे आरोप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग न्याय के लिए खतरा- सुप्रीम कोर्ट

वैवाहिक विवादों में AI से बने फर्जी सबूतों पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई कड़ी चिंता 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार किए जा रहे साक्ष्यों पर कड़ी चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि दांपत्य संबंधों में तनाव बढ़ते ही कई मामलों में एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की सोच हावी हो जाती है, जिसके चलते झूठे आरोप लगाए जाते हैं और तकनीक का सहारा लेकर नकली सबूत तक गढ़े जा रहे हैं। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती बताया है।

AI के दुरुपयोग से बढ़ रही न्यायिक मुश्किलें
न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने एक वैवाहिक विवाद का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर AI, ने झूठे साक्ष्य तैयार करना बेहद आसान बना दिया है, जिससे अदालतों के सामने सच्चाई तक पहुंचना कठिन होता जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्य न केवल कानून का दुरुपयोग हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

हर विवाद में पुलिस का सहारा लेने पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक मामलों में छोटी-छोटी बातों पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि कई बार विवाद होते ही यह सोच बना ली जाती है कि दूसरे पक्ष को किसी भी हाल में सबक सिखाना है। इसके चलते कानूनी लड़ाइयों की शुरुआत हो जाती है, जो समय के साथ और अधिक जटिल रूप ले लेती हैं।

मध्यस्थता और काउंसलिंग पर दिया जोर
पीठ ने सुझाव दिया कि वैवाहिक विवादों में सबसे पहले मध्यस्थता और सुलह के प्रयास किए जाने चाहिए। अदालत ने कहा कि वकीलों के मार्गदर्शन में गंभीरता से मध्यस्थता की कोशिश होनी चाहिए और जहां आवश्यक हो, वहां काउंसलिंग को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत का मानना है कि इससे कई मामलों में रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है।

गिरफ्तारी से बिगड़ते हैं हालात
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि साधारण वैवाहिक विवादों में गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई कई बार हालात को और खराब कर देती है। अदालत ने कहा कि चाहे गिरफ्तारी एक दिन के लिए ही क्यों न हो, वह अक्सर सुलह और पुनर्मिलन की संभावनाओं को समाप्त कर देती है। इसलिए पुलिस कार्रवाई से पहले विवाद सुलझाने के अन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

लंबे समय से टूटे रिश्ते का मामला
इस फैसले में अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित दंपति का विवाह 13 वर्षों से अधिक समय से पूरी तरह टूट चुका था। दोनों ने शादी के बाद केवल 65 दिन साथ बिताए थे, जबकि इसके बाद एक दशक से ज्यादा समय तक विभिन्न अदालतों में 40 से अधिक मुकदमे चलते रहे। इन मामलों में तलाक, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न से जुड़े आपराधिक केस और अन्य कानूनी कार्यवाहियां शामिल थीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने विवाह को अपरिवर्तनीय रूप से टूट चुका मानते हुए उसे भंग कर दिया।


जल संरक्षण उत्तराखंड के सतत विकास की आधारशिला है- सतपाल महाराज

सतपुली में राज्य स्तरीय जलागम महोत्सव 2025-26 का भव्य आयोजन

पौड़ी। नगर पंचायत सतपुली में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक के अंतर्गत जलागम महोत्सव 2025-26 का आयोजन कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज की अध्यक्षता में भव्य रूप से संपन्न हुआ।

कैबिनेट मंत्री ने विभागीय स्टाॅलों के निरीक्षण के उपरांत बीरोंखाल के मैठाणाघाट, स्यूंसी व फरसाड़ी में बनी जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना यूनिट कार्यालयों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जलागम महोत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक 2.0, उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा), हरित कृषि परियोजना व जैफ-6 परियोजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गयी।

चौबट्टाखाल विधायक एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल संरक्षण और जल संसाधनों का समुचित प्रबंधन उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलागम योजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलागम विकास घटक से सूखे क्षेत्रों में हरियाली लौट रही है, किसानों की आय बढ़ रही है और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सचिव जलागम दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विकास घटक 2.0 के अंतर्गत वैज्ञानिक, सहभागी और परिणाम- आधारित दृष्टिकोण से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलागम परियोजनाओं का उद्देश्य केवल संरचनाएं बनाना नहीं है, बल्कि पानी को रोकना, मिट्टी को बचाना और लोगों की आय में वृद्धि करना है। इन कार्यों से भू-जल स्तर में सुधार, भूमि की उत्पादकता में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम में कमी आयी है।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर जीईएफ-6 कहकशा नसीम ने कहा कि जलागम परियोजनाओं को जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन एवं क्रियान्वित किया जा रहा है। जीईएफ-6, ग्रीन एग्रीकल्चर तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन परियोजनाओं के माध्यम से सूखते नौले-धारे पुनर्जीवित किए जा रहे हैं, मृदा संरक्षण हो रहा है और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। इन प्रयासों से ग्रामीण समुदायों की जलवायु सहनशीलता मजबूत हो रही है।

जलागम महोत्सव 2025-26 के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन, कृषि एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के अनुरूप अनुकूलन, तथा जन सहभागिता के माध्यम से स्थानीय विकास पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत वर्षा जल संचयन, स्प्रिंग रिवाइवल, मृदा संरक्षण एवं ग्रीन एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय वृद्धि और गांवों को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की गयी। इस अवसर पर जलागम के तहत उत्कृष्ट कृषकों व ग्रामों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सतपुली जितेंद्र चौहान, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त निदेशक जलागम अनुज कुमार डिमरी, उप निदेशक, जलागम डॉ. डी.एस. रावत, ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


युवाओं में क्यों बढ़ रही घुटनों और जोड़ों के दर्द की समस्या, आइये जानते हैं इसके कारण

बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते घुटनों और जोड़ों के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कभी केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित रहने वाली यह परेशानी अब युवाओं को भी प्रभावित करने लगी है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, व्यायाम की कमी और बढ़ता वजन जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं, जिसका असर सीधे घुटनों की सेहत पर पड़ रहा है।

घुटने की सेहत क्यों है जरूरी
घुटना शरीर का एक प्रमुख जोड़ है, जो चलने-फिरने से लेकर बैठने, खड़े होने और सीढ़ियां चढ़ने जैसे दैनिक कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में घुटनों में होने वाला दर्द केवल एक हिस्से तक सीमित न रहकर पूरे शरीर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इसके कारणों को पहचान कर उपचार न किया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है और सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस बना प्रमुख कारण
घुटने और जोड़ों के दर्द की सबसे आम वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस मानी जाती है। इस स्थिति में उम्र या अत्यधिक दबाव के कारण जोड़ों की कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। इसके चलते सूजन, अकड़न और तेज दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कम उम्र से ही घुटनों की देखभाल शुरू कर देने से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पूरे शरीर पर पड़ता है असर
घुटनों में लगातार दर्द रहने से व्यक्ति की शारीरिक गतिविधि घट जाती है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। चलना-फिरना कम होने से वजन बढ़ने लगता है और इसके साथ ही हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। शुरुआत में मामूली लगने वाला दर्द अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो गंभीर रूप ले सकता है।

घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

नियमित व्यायाम करें: हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम घुटनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं।

संतुलित आहार लें: ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर भोजन सूजन घटाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

वजन नियंत्रित रखें: अतिरिक्त वजन जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है, इसलिए वजन को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।

सही जूतों का चयन करें: आरामदायक और अच्छी क्वालिटी के जूते घुटनों और एड़ियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता और सही आदतों को अपनाकर घुटनों और जोड़ों की समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार )


मंत्री गणेश जोशी से कृषि सहायकों के पदाधिकारियों ने की भेंट, मानदेय बढ़ोतरी के लिए जताया आभार

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी से आज उनके शासकीय आवास पर प्रदेश की न्याय पंचायतों में तैनात कृषि सहायकों के मानदेय में हुई उल्लेखनीय वृद्धि के उपरांत कृषि सहायकों के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री गणेश जोशी का फूलों की माला एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका आभार जताया।

गौरतलब हो कि कृषि मंत्री गणेश जोशी के निर्देशों के बाद कृषि सहायकों का मानदेय ₹8300 से बढ़ाकर ₹12391 कर दिया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि सहायक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार पूरी संवदेहनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी उपनल कर्मचारियों को समान वेतन समान कार्य लाभ दिया गया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भरोसा जताया कि मानदेय में वृद्धि से कृषि सहायकों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे और अधिक उत्साह के साथ किसानों की सेवा कर सकेंगे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय मंत्री को कृषि सहायकों को आकस्मिक अवकाश के संबंध में भी ज्ञापन सौंपा। कृषि मंत्री गणेश सभी को सकारात्मक आश्वासन देते हुए मामले में शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष कुशला सेमवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश प्रसाद उखियाल, प्रदेश सचिव मनोज भट्ट, कोषाध्यक्ष बलिराम भट्ट, जिलाध्यक्ष सुभाष तोमर, मंगला उनियाल, खजान सिंह, दिनेश पयाल, गिरीश थपलियाल, प्रकाश राणा, श्याम सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।


क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का ट्रेलर रिलीज, दमदार पुलिस अफसर के रोल में दिखी भूमि पेडनेकर

ओटीटी दर्शकों के लिए एक नई और सस्पेंस से भरपूर क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का ट्रेलर जारी कर दिया गया है। मुंबई की अंधेरी गलियों और अपराध की जटिल दुनिया को केंद्र में रखकर बनी यह सीरीज एक महिला पुलिस अधिकारी की चुनौतीपूर्ण जांच की कहानी बयां करती है, जो एक सनसनीखेज सीरियल किलिंग केस को सुलझाने में जुटी है।

ट्रेलर में दिखी सस्पेंस और डर की दुनिया
रिलीज हुए ट्रेलर में डीसीपी रीटा फरेरा के किरदार में भूमि पेडनेकर का दमदार और गंभीर अवतार देखने को मिलता है। ट्रेलर में एक के बाद एक निर्मम हत्याओं की झलक दिखाई गई है, जो दर्शकों को रहस्य और रोमांच के भंवर में खींच लेती है। जैसे-जैसे हत्याओं की कड़ियां जुड़ती जाती हैं, जांच और अधिक पेचीदा होती चली जाती है और डीसीपी रीटा खुद को इस खतरनाक केस में गहराई तक उलझता हुआ पाती हैं।

किताब से पर्दे तक की कहानी
क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ विश धामिजा की चर्चित किताब ‘भेंडी बाजार’ से प्रेरित है। इसका निर्देशन अमृत राज गुप्ता ने किया है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी ने संभाली है। सीरीज की पटकथा श्रीकांत अग्निस्वरन, रोहन डिसूजा और प्रिया सग्गी ने लिखी है।

कब और कहां देख सकेंगे ‘दलदल’
भूमि पेडनेकर के साथ सीरीज में समारा तिजोरी और आदित्य रावल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘दलदल’ का प्रीमियर 30 जनवरी को अमेज़न प्राइम वीडियो पर किया जाएगा।

(साभार)


प्रदेश के बजट का 30 फीसदी हो महिलाओं के लिए- रेखा आर्या

बजट से पहले मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दिया सुझाव

देहरादून। प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश के बजट का 30% महिलाओं के लिए आरक्षित करने का सुझाव दिया है। इस बारे में  कैबिनेट मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश में लगभग दो दशक से जेंडर बजटिंग की व्यवस्था लागू है, लेकिन शुरू में इसमें बजट का कम हिस्सा दिया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 5 साल में हर बार जेंडर बजट को बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को सही अर्थों में सशक्त बनाने और आर्थिक-सामाजिक रूप से उनके हाथ मजबूत करने के लिए ज्यादा धन की आवश्यकता है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि आगामी बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 30% धन आरक्षित किया जाना चाहिए और हर विभाग में इस नीति का अनुपालन भी निश्चित किया जाए।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में जेंडर बजटिंग पिछले 5 वर्षों (2021-22 से 2025-26) में कुल बजट का औसतन 14-16% हिस्सा रहा है 2021-22 में लगभग 12% था, जो 2022-23 में 13.77% पहुंचा। 2023-24 में जेंडर बजट 14% के आसपास रहा, जबकि 2024-25 में 16% आवंटित हुआ। 2025-26 में कुल 1,01,175 करोड़ के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा करीब 17% था।


राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने भाजपा के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की शिष्टाचार भेंट

डॉ. नरेश बंसल ने नितिन नबीन को नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

देहरादून/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण, राष्ट्रीय सह-चुनाव अधिकारी श्रीमती रेखा वर्मा एवं डॉ. संबित पात्रा भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने नितिन नवीन को संगठन की कमान संभालने पर शुभेच्छाएं प्रेषित कीं।

डॉ. नरेश बंसल ने अपने संदेश में कहा कि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से पार्टी को आने वाले समय में नई मजबूती मिलेगी। डॉ. बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक नेतृत्व में नितिन नबीन भाजपा को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सफल होंगे। उन्होंने उनके कार्यकाल की सफलता के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।


देहरादून–कालसी में 1700 साल पुराने अश्वमेध यज्ञ के प्रमाण, चौथी वेदिका की खुदाई जारी

अश्वमेध की यज्ञ वेदिकाओं को लेकर हुआ मंथन

देहरादून। अश्वमेध यज्ञ वैदिक धर्म और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था जो राजाओं द्वारा आयोजित किया जाता था यह राज्य की शक्ति और समृद्धि को बढ़ाने के लिए किया जाता था। उत्तराखंड में भी अश्वमेध यज्ञ होने के अवशेष मिले हैं। हमारा मानना है कि अश्वमेध यज्ञ की जो पूजा की जाति थी वैसी ही पूजा यहां भी की जाये।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मुनिस्पिल रोड़ स्थित अपने निजी आवास पर आयोजित पुरातत्व विभाग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनपद देहरादून के कालसी हरिपुर में राजा शीलवर्मन ने लगभग 1700 साल पहले चार अश्वमेध यज्ञ किए थे जिसका प्रमाण यहां खुदाई में मिली तीन वेद यज्ञ वेदिकाएं हैं और चौथी वेदिका की खुदाई की जा रही है।

महाराज ने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के पुरोला में भी अश्वमेध यज्ञ के अवशेष मिले हैं। यह यज्ञ वेदिकाएं वैदिक धर्म और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जिनके संरक्षण के साथ-साथ उन स्थानों पर पूजा अर्चना और अनुष्ठान आदि के विषय में चर्चा की गई।

बैठक में आर्कियोलॉजिकल विभाग के सुप्रीटेंडेंट डा. मोहन चंद्र जोशी, गढ़वाल विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नागेंद्र रावत, सुनील नेगी, दून विश्वविद्यालय के डा. मानवेंद्र बड़थ्वाल, गुरुकुल महिला महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर कन्या अर्चना डिमरी आदि उपस्थित थे।


अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, कई स्थानों पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

बिना मानचित्र निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो टूटेगा निर्माण, एमडीडीए का साफ संदेश

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हो रहे अवैध निर्माणों एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील एवं ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम द्वारा कुलदीप द्वारा पैसिफिक गोल्फ, कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सुश्री विदिता कुमारी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में सम्पन्न की गई।

इसके अतिरिक्त भावेश जोशी एवं अन्य द्वारा वीरभद्र रोड, वीरभद्र शिव मंदिर के समीप, ऋषिकेश क्षेत्र में किए गए अवैध आवासीय भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता सुश्री पूनम सकलानी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

वहीं मकबूल इरफान, अरविंद मनोडी एवं अन्य द्वारा आरकेडिया ग्रांट, देहरादून क्षेत्र में की जा रही 16 बिघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान सहायक अभियंता  विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा।

उपाध्यक्ष, एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर की आधारभूत संरचना, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चेतावनी दिए जाने के बावजूद यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

सचिव, एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण द्वारा की जा रही सभी कार्रवाई पूर्णतः नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध निर्माणों को पहले चिन्हित कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, इसके उपरांत आवश्यक होने पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। एमडीडीए का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित विकास को प्रोत्साहित करना है। सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि शहर का सुव्यवस्थित और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।


मुख्यमंत्री धामी ने बीजेपी के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की भेंट

मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नितिन नबीन के कुशल नेतृत्व में पार्टी नई ऊंचाइयों को छूएगी और संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने पार्टी के संगठित और मजबूत भविष्य के लिए अपने आश्वासन और समर्थन को भी व्यक्त किया।


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