Thursday, January 22nd, 2026

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डोडा में दर्दनाक हादसा- सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवान शहीद

Monthly Archives: January 2026

डोडा में दर्दनाक हादसा- सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवान शहीद

7 जवान घायल, 3 की हालत गंभीर

डोडा (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। भद्रवाह–चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के समीप सेना का वाहन गहरी खाई में गिर गया, जिसमे दस जवानों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुलेटप्रूफ सैन्य वाहन एक नजदीकी पोस्ट की ओर जा रहा था। वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। पहाड़ी और संकरी सड़क पर चलते समय चालक का वाहन से संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद वाहन करीब 200 फीट नीचे खाई में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद खाई से दस जवानों के शव निकाले गए, जबकि घायल सात जवानों को बाहर निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई।

घायलों में से तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया है। शेष घायलों का उपचार नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्रों में जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।


कुल्हाल नहर में डूबे युवक का शव बरामद

लखीमपुर खीरी निवासी युवक की कुल्हाल नहर में डूबकर मौत

देहरादून। जनपद देहरादून के कुल्हाल क्षेत्र में नहर में डूबे युवक का शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। यह घटना 21 जनवरी 2026 की सायं उस समय सामने आई, जब पुलिस चौकी कुल्हाल को नहर में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही अपर उप निरीक्षक आशिक अली के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने रात के समय ही कुल्हाल नहर में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा, तेज जल प्रवाह और प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते व्यापक तलाशी संभव नहीं हो सकी। इसके बाद सर्च अभियान को अगले दिन पुनः चलाने का निर्णय लिया गया।

22 जनवरी की सुबह रेस्क्यू टीम ने फिर से घटनास्थल पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान नहर से एक युवक का शव बरामद किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

बरामद शव की पहचान आरिफ अली (25 वर्ष) पुत्र मुन्ना, निवासी गोला गोकर्ण नाथ, जनपद लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।


बलौदाबाजार में बड़ा हादसा- इस्पात संयंत्र में हुआ जोरदार विस्फोट, छह मजदूरों की मौत

विस्फोट में 5 मजदूर गंभीर घायल

बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गुरुवार को एक औद्योगिक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। ग्राम बकुलाही स्थित एक इस्पात संयंत्र में क्लिनिकल फर्नेस के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया जिसमे  छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद संयंत्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

फर्नेस ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लिनिकल फर्नेस के संचालन के दौरान अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनाई दी, वहीं आग और धुएं के कारण कर्मचारियों में दहशत फैल गई। घायल मजदूरों को तत्काल भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

प्रशासन और पुलिस मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार इस दुर्घटना में छह मजदूरों की जान गई है, जबकि पांच घायल मजदूरों का इलाज जारी है।

जांच के आदेश, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर फर्नेस में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घायल मजदूरों के नाम

हादसे में घायल हुए मजदूरों की पहचान इस प्रकार की गई है—
मोटाज अंसारी (26), सराफत अंसारी (32), साबिर अंसारी (37) — सभी बढ़ई, एमएस
कल्पू भुइया (51) और रामू भुइया (34) — हेल्पर

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।


‘मायासभा’ का ट्रेलर रिलीज, जावेद जाफरी का दिखा खौफनाक अवतार

हॉरर और थ्रिलर सिनेमा के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चर्चित फिल्म ‘तुम्बाड़’ के निर्देशक राही अनिल बर्वे की नई फिल्म ‘मायासभा’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। रहस्य, डर और सस्पेंस से भरपूर यह ट्रेलर दर्शकों के रोंगटे खड़े कर रहा है और फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

जावेद जाफरी का बदला-बदला और खौफनाक अवतार

‘मायासभा’ के ट्रेलर में सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं अभिनेता जावेद जाफरी, जो इस बार अपनी कॉमिक छवि से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में उनका किरदार रहस्यमयी और नकारात्मक रंग में दिखाया गया है, जो दर्शकों को डराने में पूरी तरह कामयाब होता है। कॉमेडी और एंकरिंग के लिए पहचाने जाने वाले जावेद जाफरी का यह गंभीर और डरावना अवतार उनके फैंस के लिए चौंकाने वाला है।

हॉरर और थ्रिलर का दमदार मिश्रण

फिल्म ‘मायासभा’ का ट्रेलर गहरे सस्पेंस, रहस्यमयी माहौल और डरावने दृश्यों से भरपूर है। ‘तुम्बाड़’ की तरह यह फिल्म भी दर्शकों को एक अनजानी और भयावह दुनिया में ले जाने का वादा करती है। बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी ट्रेलर को और प्रभावशाली बनाते हैं।

30 जनवरी 2026 को रिलीज होगी फिल्म

मेकर्स ने ट्रेलर के साथ ही फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। ‘मायासभा’ 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में जावेद जाफरी के साथ वीना जामकर, दीपक दामले और मोहम्मद समद अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे, जिनका अभिनय ट्रेलर में प्रभावशाली दिखता है।

मजबूत क्रिएटिव टीम से सजी ‘मायासभा’

फिल्म का निर्देशन राही अनिल बर्वे ने किया है, जबकि गिरीश पटेल और अंकुर जे सिंह इसके निर्माता हैं। को-प्रोड्यूसर के रूप में शामराव भगवान यादव, चंदा यादव, केवल हांडा और मनीष हांडा जुड़े हैं। वहीं फिल्म के क्रिएटिव कंसल्टेंट की जिम्मेदारी आशीष निंगुरकर ने संभाली है।

कुल मिलाकर ‘मायासभा’ का ट्रेलर यह संकेत देता है कि दर्शकों को एक बार फिर डर और रहस्य से भरपूर सिनेमाई अनुभव मिलने वाला है।

(साभार)


उत्तराखंड में आयुष्मान बना संजीवनी- 17 लाख से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क इलाज

आयुष्मान योजना से ₹3400 करोड़ का मुफ्त उपचार, लाखों परिवारों को मिली राहत

देहरादून। उत्तराखंड में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वास्तविक संजीवनी साबित हो रही है। राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों को इस योजना के तहत निःशुल्क इलाज मिल चुका है, जबकि जरूरतमंदों के उपचार पर ₹3400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
राज्य सरकार ने 25 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप अटल आयुष्मान योजना लागू की थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिया जा रहा है। अब तक करीब 61 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

योजना का सबसे बड़ा लाभ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें महंगे इलाज के कारण अक्सर उपचार से वंचित रहना पड़ता था। अब वे बिना आर्थिक चिंता के इलाज करा पा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि जिन परिवारों में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग हैं, उन्हें परिवार के ₹5 लाख के कवर के अतिरिक्त बुजुर्गों के लिए अलग से ₹5 लाख तक की निःशुल्क उपचार सुविधा दी जा रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 279 सरकारी और 222 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध हैं, जबकि देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अस्पताल द्वारा आयुष्मान इलाज के दौरान मरीज से भुगतान की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत प्राधिकरण में की जा सकती है।

महंगे इलाज भी निःशुल्क, लाखों मरीजों को मिला जीवनदान

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना ने राज्य में महंगे और जटिल इलाज को आमजन की पहुंच में ला दिया है। योजना के तहत अब तक लाखों मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपचार मिला है। खासकर डायलिसिस, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोसर्जरी, नेत्र रोग और जोड़ों के प्रत्यारोपण जैसे खर्चीले इलाज आयुष्मान के माध्यम से निःशुल्क कराए जा रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार, डायलिसिस के 2.67 लाख से अधिक मामलों में 177 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। हृदय रोगों के इलाज में 39 हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिला, जिस पर 345 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय हुई। कैंसर के 79 हजार से ज्यादा मरीजों का कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी के माध्यम से इलाज किया गया, जिस पर 221 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए।इसके अलावा न्यूरोसर्जरी के 11 हजार से अधिक मामलों में करीब 59 करोड़ रुपये, नेत्र रोगों की सर्जरी में 119 करोड़ रुपये, प्रसूति एवं स्त्री रोग उपचार में 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। हिप और नी रिप्लेसमेंट जैसे महंगे ऑपरेशन भी आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किए गए, जिससे सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली।यह योजना न केवल मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा रही है, बल्कि बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को भी कम कर रही है। आयुष्मान योजना आज लाखों जरूरतमंदों के लिए जीवनदान साबित हो रही है।

“आयुष्मान योजना ने गरीबों को बीमारी के साथ-साथ आर्थिक चिंता से भी मुक्त किया है। यह योजना न केवल इलाज देती है, बल्कि परिवारों का मनोबल भी बचाती है।”
— डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री


एमडीडीए की अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी, हरभजवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

एमडीडीए अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है- बंशीधर तिवारी

देहरादून – मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। एमडीडीए द्वारा नियमों का उल्लंघन कर की जा रही अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में  प्राधिकरण क्षेत्र में चिन्हित अवैध प्लॉटिंग पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम द्वारा देहरादून के निकट हरभजवाला पुल क्षेत्र में हितबद्ध व्यक्ति/भू-स्वामी द्वारा लगभग 08 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही इस प्लॉटिंग को विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरीत पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी के माध्यम से ध्वस्तीकरण किया गया।

इसके अतिरिक्त अरुण चौहान द्वारा तुन्तोवाला रोड, मेहुवाला माफी क्षेत्र में लगभग 04 से 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी एमडीडीए द्वारा कार्रवाई की गई। संबंधित स्थल पर बिना लेआउट स्वीकृति एवं आवश्यक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे थे। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त नीति अपनाई गई है। आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें।

ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल तथा सुपरवाइजर सहित प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम की मौजूदगी में गई। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। भविष्य में भी अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहरी विकास को नियोजित और सुरक्षित बनाना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर का स्वरूप बिगड़ता है, बल्कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई भी जोखिम में पड़ जाती है। एमडीडीए अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। आज की कार्रवाई भी उसी क्रम में की गई है। एमडीडीए का प्रयास है कि क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित हो और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद ही किए जाएं, यह सुनिश्चित करना भू-स्वामियों की जिम्मेदारी है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमित अभियान जारी रहेगा।


मुख्यमंत्री धामी के दिशा-निर्देशों में आवास विभाग को मिले नए आयाम

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने ली प्राधिकरण की समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद “मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए)” की पहली समीक्षा बैठक ली। सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की सभी गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल रहे। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी और अधिक सरल व त्वरित
समीक्षा बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

स्थलीय निरीक्षण कर खुद करेंगे परियोजनाओं की निगरानी
आवास सचिव ने यह भी कहा कि वे स्वयं सभी महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान आसान होती है और समय रहते उनका समाधान किया जा सकता है। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी।

ऋषिकेश, देहरादून, आढ़त बाजार व इंदिरा मार्केट परियोजनाएं प्राथमिकता में
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। आवास सचिव ने इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय व्यापार को भी मजबूती देता है।

पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगी पेनल्टी
आवास सचिव ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पेनल्टी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर बनेगी विशेष कार्ययोजना
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। प्राधिकरण स्तर पर शासन में लंबित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद तथा वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।


नारी निकेतन की बदली तस्वीर- एक छत के नीचे सुकून, भरोसा और नई ज़िंदगी

दर्द से विश्वास तक का सफ़र- नारी निकेतन में संवरती ज़िंदगियाँ

देहरादून नारी निकेतन में 178 महिलाओं और 44 बच्चों को मिल रहा सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन

देहरादून। देहरादून के केदारपुरम क्षेत्र में स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन आज सिर्फ एक सरकारी परिसर नहीं, बल्कि बेसहारा महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए सुरक्षा, सम्मान और नई शुरुआत का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। बाहर से साधारण दिखने वाला यह परिसर भीतर से संवेदनशील प्रशासन और मानवीय प्रयासों की जीवंत मिसाल पेश करता है।

मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिला प्रशासन के संकल्प से इन संस्थानों को ऐसा सुरक्षित आश्रय बनाया गया है, जहां परित्यक्त और शोषित महिलाएं तथा बच्चे न केवल छत पाते हैं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं। यहां रहने वालों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित पोषण, स्वच्छ वातावरण और स्नेहपूर्ण देखभाल सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक घावों पर मरहम लग सके।

जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से बुजुर्ग महिलाओं के लिए 30 बेड का अतिरिक्त भवन लगभग तैयार हो चुका है। यह भवन जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेली रह गई महिलाओं के लिए सम्मान और सुकून का ठिकाना बनेगा। प्रशासन द्वारा निकेतन की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी महिला या बच्चे को असुरक्षा या उपेक्षा का अनुभव न हो।

जिला योजना एवं खनिज न्यास मद से बजट की व्यवस्था कर परिसर के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। सीवर लाइन, डोरमेट्री, आवास, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वर्तमान में नारी निकेतन में 178 बेसहारा, परित्यक्त एवं शोषित महिलाएं रह रही हैं, जबकि बालिका निकेतन में 21 बालिकाएं और बाल गृह एवं शिशु सदन में 23 बच्चे निवासरत हैं। इन सभी को शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष देखभाल प्रदान की जा रही है।

बालक एवं बालिका निकेतन में बच्चों को औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा भी दी जा रही है। वहीं नारी निकेतन की महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई-बुनाई, ऊनी वस्त्र निर्माण और क्राफ्ट डिजाइन जैसे आजीविकापरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। संगीत, योग और वाद्य यंत्र प्रशिक्षण के माध्यम से उनके मानसिक और शारीरिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बालिका निकेतन में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल मैदान का निर्माण कराया जा रहा है, जहां खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए दो अतिरिक्त होमगार्ड, दो नर्सों की तैनाती तथा डॉक्टरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की गई है।

परिसर में शौचालय-स्नानागार, डायनिंग एरिया, मंदिर परिसर की ग्रिलिंग, जिम, लॉन्ड्री रूम, रसोई, छत मरम्मत, इन्वर्टर स्थापना सहित कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं। बच्चों के लिए पर्याप्त रजाइयों, बेड और गद्दों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिल सके।

गत दिसंबर में किए गए निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने इन संस्थानों की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया था, जिसका असर अब धरातल पर साफ नजर आने लगा है। प्रशासन की संवेदनशीलता के चलते योजनाएं कागजों से निकलकर जिंदगियों को संवार रही हैं। केदारपुरम का यह निकेतन आज उम्मीद, पुनर्वास और इंसानियत की सशक्त कहानी बन चुका है।


ईरान पर दोबारा हमला हुआ, तो इस्लामी गणराज्य अपनी पूरी सैन्य ताकत के साथ देगा जवाब- अराघची

दावोस से बाहर होने के बाद अराघची के तेवर सख्त, अमेरिका को सीधी धमकी

तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि ईरान पर दोबारा किसी भी तरह का सैन्य हमला हुआ, तो इस्लामी गणराज्य अपनी पूरी सैन्य ताकत के साथ जवाब देगा। अराघची की यह चेतावनी ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी मध्य पूर्व क्षेत्र में लगातार बढ़ा रहा है।

दावोस फोरम से बाहर किए जाने के बाद सख्त रुख
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेल रहे अराघची को विश्व आर्थिक मंच (दावोस) में आमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बाद से ही ईरानी नेतृत्व के तेवर और सख्त होते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अराघची ने अमेरिकी नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान अब किसी भी उकसावे को नजरअंदाज नहीं करेगा।

अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने हाल के दिनों में अपने लड़ाकू विमान, नौसैनिक बेड़े और अन्य सैन्य संसाधनों को एशिया से हटाकर मध्य पूर्व की ओर भेजना शुरू किया है। इसे लेकर ईरान ने आशंका जताई है कि क्षेत्र में तनाव को जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है। अराघची ने वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखे अपने लेख में कहा कि जून 2025 में ईरान ने संयम दिखाया था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

‘जंग पसंद नहीं, लेकिन मजबूरी में जवाब देंगे’
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से युद्ध के खिलाफ हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेताया कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो उसका असर केवल ईरान और इस्राइल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ सकता है।

अमेरिकी ठिकानों पर हमले के संकेत
अराघची के बयान से संकेत मिलते हैं कि ईरान के पास मौजूद कम और लंबी दूरी की मिसाइलें किसी भी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बन सकती हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यदि हालात बिगड़ते हैं तो ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। इससे मध्य पूर्व में बड़े टकराव की आशंका और गहरा गई है।


भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज

वनडे हार का बदला लेने उतरेगी टीम इंडिया, सूर्यकुमार यादव करेंगे कप्तानी

नागपुर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आगाज आज नागपुर से होने जा रहा है। विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले के साथ ही दोनों टीमें छोटे प्रारूप में नई रणनीति और बदले हुए संयोजन के साथ उतरेंगी। वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम टी20 में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में होगी, जबकि न्यूजीलैंड की अगुआई मिचेल सैंटनर करेंगे।

पिच से गेंदबाजों को मिल सकती है मदद
नागपुर के विदर्भ क्रिकेट स्टेडियम की काली मिट्टी की पिच गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बड़े स्कोर कम ही देखने को मिले हैं। इस मैदान पर अब तक 13 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले जा चुके हैं। भारतीय टीम ने यहां चार मुकाबले खेले हैं, जिनमें दो में जीत और दो में हार का सामना करना पड़ा है। इसी मैदान पर 2016 टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का न्यूनतम टी20 स्कोर 79 रन रहा था, जो आज भी चर्चा में है।

चोटों से जूझ रही टीम इंडिया
विश्व कप से पहले भारतीय टीम को चोटों ने चिंता में डाल दिया है। तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने से टीम संतुलन प्रभावित हुआ है। तिलक शुरुआती मैचों से बाहर हैं, जबकि वाशिंगटन सुंदर पूरी टी20 सीरीज नहीं खेल पाएंगे। चयनकर्ताओं ने तिलक की जगह श्रेयस अय्यर और वाशिंगटन की जगह रवि बिश्नोई को टीम में शामिल किया है। दोनों चोटिल खिलाड़ी कब तक फिट होंगे, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे टीम प्रबंधन के सामने संयोजन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ईशान किशन को मिल सकता है बड़ा मौका
टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा होने के कारण ईशान किशन का इस सीरीज में खेलना लगभग तय माना जा रहा है। पहले तिलक वर्मा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जिससे कप्तान सूर्यकुमार यादव चौथे नंबर पर उतरते थे। तिलक की गैरमौजूदगी में टीम के पास ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के विकल्प हैं। चूंकि श्रेयस विश्व कप टीम में शामिल नहीं हैं और लंबे समय से टी20 नहीं खेले हैं, ऐसे में ईशान का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी संकेत दिए हैं कि ईशान किशन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे।

सूर्यकुमार यादव पर होंगी निगाहें
हाल के मुकाबलों में खराब फॉर्म से गुजर रहे सूर्यकुमार यादव के लिए यह सीरीज बेहद अहम है। टीम के हित में उन्होंने खुद को बल्लेबाजी क्रम में एक स्थान नीचे खिसकाया था, लेकिन अब उनसे जिम्मेदार पारी की उम्मीद होगी। विश्व कप से पहले अगर सूर्यकुमार लय में लौटते हैं, तो यह टीम इंडिया के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

बुमराह और हार्दिक की वापसी से बढ़ेगी मजबूती
टी20 सीरीज में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी से भारतीय टीम को मजबूती मिलेगी। दोनों खिलाड़ियों को वनडे सीरीज से आराम दिया गया था। हार्दिक की मौजूदगी टीम को संतुलन प्रदान करती है, वहीं बुमराह गेंदबाजी आक्रमण की धार बढ़ाएंगे। इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती से भी टीम को खास उम्मीदें होंगी, क्योंकि न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को उनके खिलाफ खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है। कुल मिलाकर यह सीरीज भारतीय टीम के लिए विश्व कप से पहले खुद को परखने और सही राह चुनने का बड़ा मौका होगी।

मुकाबला कहां होगा?
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, नागपुर

मैच कितने बजे होगा?
मुकाबला शाम 7:00 बजे (IST) से शुरू होगा
टॉस शाम 6:30 बजे होगा

मैच कहां देख सकते हैं?
टीवी पर लाइव प्रसारण: Star Sports नेटवर्क
मोबाइल/ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग: jiohotstar


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