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मानसून लेट, लेकिन राहत जारी

मानसून लेट, लेकिन राहत जारी

मानसून लेट, लेकिन राहत जारी

आयुषी

उत्तराखंड में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार कुछ और दिन प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून का आगमन सामान्य समय से करीब 7 से 10 दिन देरी से होने की संभावना है। हालांकि, प्री-मानसून बारिश और तेज हवाओं के चलते फिलहाल मौसम सुहावना बना रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून की रफ्तार देशभर में धीमी पड़ी है। बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसमी सिस्टम और कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं होने के कारण मानसूनी हवाओं की प्रगति प्रभावित हुई है। इसका असर उत्तराखंड पर भी पड़ रहा है।मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि प्रदेश में सामान्य तौर पर 25 जून के बाद मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री में एक सप्ताह से अधिक की देरी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्वतीय क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहेगा, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर कम रहेगा।जून माह में प्रदेशभर में छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिला है। इसी कारण अधिकांश दिनों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। हालांकि यह रविवार को रिकॉर्ड किए गए 36.7 डिग्री सेल्सियस की तुलना में कम था। बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली।मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी राहत भरे मौसम का अनुमान जताया है।

विभाग के अनुसार 28 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विशेषकर पर्वतीय जिलों में मौसम अधिक सुहावना रहने की संभावना है।इधर, आगामी वर्षाकाल को देखते हुए सरकार ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र में मानसून पूर्व व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों को मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, जल निकासी और सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मंत्री ने नाराजगी भी जताई।एमडीडीए अधिकारियों ने जानकारी दी कि आढ़त बाजार को ब्रह्मवाला स्थानांतरित करने का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

प्रभावित आढ़तियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जारी है और अब तक 78 से अधिक रजिस्ट्रियां कराई जा चुकी हैं।बैठक में पलटन बाजार और प्रिंस चौक क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि दर्शनलाल चौक से प्रिंस चौक तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना के लिए 29.14 करोड़ रुपये की ईएफसी स्वीकृत हो चुकी है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को कांवली सड़क, सुभाष मार्ग और मॉडर्न कॉलोनी मार्ग की मरम्मत मानसून से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।मानसून की दस्तक भले ही कुछ दिनों के लिए टल गई हो, लेकिन प्री-मानसून बारिश प्रदेशवासियों को राहत देती रहेगी। वहीं प्रशासन भी संभावित भारी बारिश और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।


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