Wednesday, October 21, 2026
3:05 AM

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ

Category Archives: उत्तराखंड

राजेंद्र नगर में नवनिर्मित ट्यूबवेल का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया शुभारंभ

देहरादून:  कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज राजेंद्र नगर स्ट्रीट नंबर-04 में नवनिर्मित ट्यूबवेल का शुभारंभ कर उसे क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्रवासियों को ट्यूबवेल की सौगात मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में पेयजल की समस्या के समाधान और लोगों को पर्याप्त एवं सुचारु पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित ट्यूबवेल के शुरू होने से राजेंद्र नगर तथा आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को राजेंद्र नगर में सीवर की समस्या के निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 


संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर कार्रवाई, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र निरस्त

हल्द्वानी:  संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. मनीषा कायथ का हल्द्वानी तहसील से जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।

अनिल कुमार कंबोज, निवासी ग्राम खैराना, सितारगंज की शिकायत पर हुई जांच के बाद जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की संस्तुति के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि डॉ. कायथ मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की निवासी हैं। उन्हें 11 अक्टूबर 1999 को तहसीलदार कसौली द्वारा हिमाचल प्रदेश की छिब्बे जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

विवाह के बाद उन्होंने 22 जनवरी 2014 को हल्द्वानी तहसील से उत्तराखंड की धोबी जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के पद पर हुआ था। वर्तमान में डॉ. कायथ चंपावत जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी में एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत हैं।

03 अगस्त को हुई थी स्क्रूटनी कमेटी की बैठक

प्रकरण की सुनवाई और जांच के लिए 03 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी चंपावत ने मामले की विस्तृत समीक्षा की।

कमेटी ने सर्वोच्च न्यायालय के Ranjana Kumari Vs State of Uttaranchal (2013) और उत्तराखंड उच्च न्यायालय के Smt. Anshu Sagar Vs State of Uttarakhand (2025) मामलों में दिए गए निर्णयों का भी परीक्षण किया। कमेटी के अनुसार, इन न्यायिक व्यवस्थाओं में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ मूल राज्य से संबंधित होने के आधार पर ही राज्य की सेवाओं में अनुमन्य है। विवाह के बाद दूसरे राज्य में माइग्रेशन के आधार पर वहां की राज्य सेवाओं में अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता।

प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने जांच और न्यायिक व्यवस्थाओं के आधार पर 22 जनवरी 2014 को हल्द्वानी तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र संख्या 040201400069/266 को निरस्त कर दिया है। साथ ही तहसीलदार हल्द्वानी को प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण के निस्तारण के बाद संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजे गए हैं।


सहसपुर में एसआईआर कार्य का आयुक्त गढ़वाल ने लिया जायजा

मैपिंग से छूटे मतदाताओं से निर्धारित प्रमाण-पत्र जल्द उपलब्ध कराने की अपील

देहरादून:  आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को विधानसभा सहसपुर क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत आयोजित विशेष शिविरों और चयनित मतदेय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण एवं मैपिंग कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि मैपिंग से छूटे मतदाताओं के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए। बीएलओ मतदाताओं से आवश्यक अभिलेख एवं निर्धारित प्रमाण-पत्र प्राप्त कर उनका नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने शिविरों में पहुंचे नागरिकों से संवाद कर एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी उनकी समस्याओं और शंकाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को मैपिंग और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अपील की कि जिन मतदाताओं की अभी तक मैपिंग नहीं हो पाई है, वे घबराएं नहीं और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक अभिलेख जल्द से जल्द संबंधित बीएलओ अथवा निर्धारित शिविर में उपलब्ध कराएं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमानुसार उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय झाझरा, जूनियर हाईस्कूल सेलाकुई, राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर सहित अन्य मतदेय स्थलों पर एसआईआर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। आयुक्त ने बीएलओ एवं निर्वाचन कार्मिकों को घर-घर संपर्क और शिविरों के माध्यम से मैपिंग से लंबित मतदाताओं तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ एसआईआर कार्य संपादित करें।

इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट/ईआरओ सहसपुर राकेश तिवारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित संबंधित अधिकारी एवं निर्वाचन कार्मिक उपस्थित रहे।


अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

कोटद्वार:  विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने शुक्रवार को चंद्र मोहन सिंह नेगी राजकीय बेस चिकित्सालय, कोटद्वार में चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं आवश्यकताओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, लैब टेक्नीशियन सहित आवश्यक मानव संसाधन तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।

इस दौरान चिकित्सालय में विभिन्न सेवाओं के लिए लिए जाने वाले शुल्क से प्राप्त धनराशि के उपयोग, भुगतान एवं अन्य वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी एवं उचित उपयोग सुनिश्चित करने तथा मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं और चिकित्सालय से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा में सहभागिता की।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चंद्र मोहन सिंह नेगी राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार क्षेत्र की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था है। यहां आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चौहान, उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विजय सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार भंडारी, कोष अधिकारी भुवनेश चंद्र, गणेश गौड़, विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र नेगी, प्रमोद केष्टवाल, रजत भट्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश

बागेश्वर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसआईआर की प्रगति के साथ ही दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई की स्थिति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है, तो इसकी जानकारी संबंधित एईआरओ के संज्ञान में लाएं।

उन्होंने बीएलए को भी प्रतिदिन सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वासपूर्ण वातावरण में संपादित हो सके।

अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद की दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 31 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है। जनपद में जारी 42,426 नोटिसों के सापेक्ष 29,384 नोटिसों पर सुनवाई पूर्ण कर ली गई है। शेष नोटिसों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई की कार्रवाई जारी है।


श्रीनगर में 3 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

श्रीनगर में निर्माणाधीन ई-लाइब्रेरी का मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया निरीक्षण

पौड़ी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और विद्यार्थियों के लिए श्रीनगर क्षेत्र में अध्ययन की आधुनिक सुविधा जल्द उपलब्ध होने वाली है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का शुक्रवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम के अधिकारियों को भवन निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन करने और काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-लाइब्रेरी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आधुनिक संसाधन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।

ई-लर्निंग और अध्ययन कक्ष की होगी सुविधा

ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें, ई-लर्निंग की सुविधा और पर्याप्त अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुकूल अध्ययन माहौल विकसित किया जाएगा। यहां छात्र शांत और व्यवस्थित वातावरण में नियमित पढ़ाई कर सकेंगे।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी सुगम होगा भवन

ई-लाइब्रेरी के निर्माण में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। भवन में रैंप समेत आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि दिव्यांग छात्र भी आसानी से अध्ययन केंद्र का इस्तेमाल कर सकें।

श्रीनगर के साथ कीर्तिनगर-चौरास के छात्रों को भी लाभ

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह ई-लाइब्रेरी केवल श्रीनगर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कीर्तिनगर और चौरास क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में काम करेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा उच्च शिक्षा से जुड़े अध्ययन के लिए भी छात्र यहां सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

खंड शिक्षा अधिकारी खिर्सू अश्वनी रावत ने बताया कि क्षेत्र में ई-लाइब्रेरी का निर्माण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पहल है। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इससे बेहतर अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के साथ कोटद्वार में भी इसी तरह की ई-लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है।


पौड़ी में सीता सर्किट के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये मंजूर

पौड़ी। उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जिले में सीता सर्किट के समग्र विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्था, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक कर सर्किट से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सितोनस्यूं पट्टी के विदाकुटी मंदिर, फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर समेत अन्य प्रमुख स्थलों के विकास पर मंथन किया गया। सीता सर्किट के प्रथम चरण के लिए 78 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इस राशि से धार्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि सीता सर्किट का विकास पौड़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

प्रथम चरण के तहत मंदिर परिसरों में रामायण से जुड़े प्रसंगों पर आधारित म्यूरल, वॉल म्यूरल और स्कल्पचर लगाए जाएंगे। इसके अलावा दिशा-सूचक साइनेज, वाटर एटीएम, मंदिरों की मरम्मत, रंग-रोगन और अन्य आवश्यक यात्री सुविधाओं का विकास किया जाएगा। देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर में पहले चरण में साइनेज लगाए जाएंगे, जबकि पार्किंग की व्यवस्था दूसरे चरण में प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी धार्मिक स्थलों से जुड़ी पौराणिक और ऐतिहासिक जानकारियों को प्रमाणिक एवं आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसरों का विकास वहां के प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। अनावश्यक निर्माण और अत्यधिक सजावट से बचते हुए श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने मंदिरों की वास्तविक तस्वीरों के आधार पर डिजाइन तैयार करने, परिक्रमा पथ विकसित करने और परिसर को खुला, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। सोलर पैनल भी इस तरह लगाने को कहा गया कि मंदिर परिसर की सुंदरता प्रभावित न हो।

साइट प्लान में अपेक्षित थ्री-डी डिजाइन और वॉक-थ्रू उपलब्ध नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बेहतर डिजाइन के लिए एक से अधिक आर्किटेक्ट से थ्री-डी डिजाइन और वॉक-थ्रू तैयार कराने तथा उनमें से बेहतर विकल्प का चयन कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर से जुड़े भूमि मामलों की भी समीक्षा हुई। भूसमाधि स्थल के लिए भूमि दान करने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई, जबकि धर्मशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। मंदिर के बाईं ओर म्यूरल के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। वहीं, कोटसाड़ा स्थित वाल्मीकि मंदिर के साइट प्लान की समीक्षा करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके पर जाकर भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित मंदिरों की भूमि का सर्वे कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को मानचित्र लेकर गांवों में मौके पर जाकर भूमि का सत्यापन करने और साइट प्लान में उसकी स्थिति स्पष्ट करते हुए सोमवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

दूसरे चरण के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर तक संपर्क मार्ग, सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मुआवजा, देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर में पार्किंग, सीता माता मंदिर में धर्मशाला और विभिन्न मंदिर परिसरों के लिए आवश्यक भूमि समेत अन्य आधारभूत सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी सहमति और मुआवजे के आकलन से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए गए। इस दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. सर्वेश उनियाल, जीएमवीएन के अरुण चमोली सहित संबंधित अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से किया सीधा संवाद

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ प्रदेश के विकास में भी योगदान दे सकें।

युवाओं को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी जानकारी हो

रेखा आर्या ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और आने वाले समय में देश की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भी पूरी जिम्मेदारी से निभाने की अपील की।

रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने पर जोर

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। युवाओं को न केवल अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा।

उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद रोजगार खड़ा कर दूसरे लोगों के लिए भी अवसर पैदा करें।

युवा शक्ति को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा देश

रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवा शक्ति को विकास की मुख्य धुरी मानकर काम कर रही है। उत्तराखंड में भी युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य उज्ज्वल है और भारत आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष दीपक बौरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, राज अधिकारी, दीपक रावत, मिथिलेश वर्मा, मंटू वर्मा, कैलाश बिष्ट, दिनेश वर्मा, राजू रावत, गणेश रौतेला और नवीन अधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

देहरादून के 13 गांव में खोला जाएगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणण के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत चौपाल-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के सभी 13 जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

13 हजार से अधिक उद्यमियों को मिला सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहायता दी जा चुकी है। वहीं, 8 हजार से ज्यादा महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। योजना के तहत ग्रामीण उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने में मदद दी जा रही है।

रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब विकास में भागीदार बनने के साथ आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं और मातृशक्ति के हुनर को सही दिशा और बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बने। साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए।

5 लाख से अधिक महिलाएं SHG से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। इनमें 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं पहाड़ी मसालों, मंडुवा, झंगोरा, दाल, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कला को कारोबार का रूप दे रही हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड के ग्रामीण उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इसी उद्देश्य से ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई उत्पाद खरीदने पर लोगों को उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की पहचान महसूस हो।

इसके लिए ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों का बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।

ग्रामीण उद्यमिता से पलायन रोकने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश से पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवाओं को रोजगार के लिए अपने गांव छोड़ने की मजबूरी न हो। उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होंगे तो उत्तराखंड भी मजबूत होगा।

इसी दिशा में ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के माध्यम से अति-निर्धन ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

सभी 13 जिलों में आयोजित होंगी उद्यमशाला चौपाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन भी संचालित की जा रही हैं।

लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया। एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन संबंधी मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद

देहरादून। शक्ति नहर में कार गिरने के बाद लापता हुए युवक की तलाश आखिरकार पूरी हो गई। एसडीआरएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार, 21 अगस्त को ढालीपुर इंटेक के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान रजत पुंडीर का शव बरामद कर लिया। शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

18 अगस्त को नहर में गिरी थी कार

जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त को शक्ति नहर में एक कार गिरने और उसमें सवार व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

दो दिन बाद बरामद हुआ दुर्घटनाग्रस्त वाहन

अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम ने शक्ति नहर के अलग-अलग संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयास के बाद 20 अगस्त की शाम करीब सात बजे दुर्घटनाग्रस्त कार को नहर से बरामद कर लिया गया। हालांकि, वाहन में सवार रजत पुंडीर का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

ढालीपुर इंटेक के पास मिला शव

कार मिलने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम ने रजत पुंडीर की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी रखा। शुक्रवार को ढालीपुर इंटेक के समीप तलाशी के दौरान टीम को लापता युवक का शव बरामद हुआ। इसके बाद शव को जिला पुलिस के हवाले कर दिया गया।

एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीमों ने कई संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग अभियान चलाया। संयुक्त प्रयास और बेहतर समन्वय के बाद लापता युवक की तलाश पूरी हो सकी।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp