Wednesday, October 21, 2026
2:23 AM

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण

Category Archives: उत्तराखंड

रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण

लीन सिक्स सिगमा व्हाइट बेल्ट कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को वितरित किए प्रमाण-पत्र

कोटद्वार। डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय “AI-Enabled Future-Ready Employability, Career & Research Development, and Institutional Process Excellence through Lean Six Sigma” कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को समस्याओं की पहचान कर उन्हें प्रभावी समाधान में बदलने और संस्थागत प्रक्रियाओं को अधिक बेहतर एवं परिणाममुखी बनाने की जानकारी दी गई। इंटरनेशनल प्रोसेस एक्सीलेंस काउंसिल के रिसोर्स पर्सन दीपक द्विवेदी ने प्रतिभागियों को Lean Six Sigma, गुणवत्ता प्रबंधन, प्रक्रिया सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।

समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को Lean Six Sigma White Belt के प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से गुणवत्ता प्रबंधन, समस्या समाधान, प्रक्रिया सुधार और आधुनिक तकनीक से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कोटद्वार के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में एक्सीलेंस प्रोसेसिंग सेल स्थापित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और प्रक्रिया उत्कृष्टता के क्षेत्र में सीखने तथा अपने कौशल को निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान दौर में रोजगार और शोध के क्षेत्र में सफलता के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल भी जरूरी हैं। Lean Six Sigma जैसी प्रशिक्षण पद्धतियां विद्यार्थियों को कार्यप्रणाली समझने, कमियों की पहचान करने और बेहतर परिणाम हासिल करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

महाविद्यालय के लिए कार्यशाला को एक विशेष उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है। कॉलेज के अनुसार, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार भारत का पहला ऐसा महाविद्यालय बना है, जहां बायोटेक्नोलॉजी, वनस्पति विज्ञान और बीजेएमसी विभागों के अधिकांश छात्र-छात्राओं ने Lean Six Sigma White Belt प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है।

कार्यशाला का आयोजन एवं संचालन महाविद्यालय के आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आर.के. द्विवेदी ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) डी.एस. नेगी, प्रो. (डॉ.) ज्योति खरे, प्रो. (डॉ.) इंदु तिवारी, डॉ. मोहन कुकरेती, डॉ. संजय मदान, डॉ. सुमन सिंह समेत प्राध्यापक, विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव

युवाओं के विचारों से बनेगा विकसित उत्तराखंड, 140 श्रेष्ठ विचारों का होगा चयन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेशभर के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक राज्य के 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पोर्टल पर निबंध और सुझाव जमा कर वर्ष 2040 के उत्तराखंड को लेकर अपनी सोच और विजन साझा किया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं और 12वीं के करीब तीन लाख विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा था कि वे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत आठ प्रमुख विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की ये प्रविष्टियां महज निबंध नहीं, बल्कि प्रदेश की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनकी सोच को सामने लाने का माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि विद्यार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा। उपयोगी विचारों को प्रदेश की नीतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

अभियान में 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचार साझा करने और उन पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चयनित विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके अलावा श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से सीधे जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। निबंध जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार बने।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी की सोच को समझने का प्रयास किया जा रहा है और युवाओं के अच्छे एवं व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। सरकार का संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सक्रिय सहभागी बनाया जाए।


पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री धामी ने “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ में उत्तराखंड की विकास यात्रा और सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सुशासन, समान नागरिक संहिता, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास और आधुनिक तकनीक को राज्य की प्रगति का प्रमुख आधार बताया।

यूसीसी को बताया सुशासन का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने समान अधिकार और सुशासन की दिशा में नई पहल की है। उनके अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने इसे देश के अन्य राज्यों के लिए भी समानता और न्याय की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया।

34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद करीब दो दशकों में लगभग 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। नकल और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी किए जा रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए जा रहे हैं। साथ ही सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

निवेश के लिए बनाई गईं 30 से अधिक नई नीतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखंड की औद्योगिक पहचान में बदलाव आया है। निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं। सरकार का लक्ष्य केवल एमओयू करना नहीं, बल्कि निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध बिजली जैसी सुविधाओं के साथ निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को उत्तराखंड की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।

उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध होने की बात भी उन्होंने कही। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के लिहाज से अहम बताया।

चारधाम और विंटर टूरिज्म से बढ़ रही आर्थिक गतिविधियां

मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि चारधाम, कांवड़ और आदि कैलाश यात्राओं में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा के पहले चरण में 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को केवल एक मौसम तक सीमित रखने के बजाय बारह महीने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक और विंटर टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, विंटर टूरिज्म से होमस्टे, होटल, ढाबे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ों के लोगों को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर मिलें।

सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश समेत सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में सड़क, कनेक्टिविटी, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

एआई और तकनीक को भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में नवाचार नीति लागू की गई है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही राज्य आगे रहेंगे जो एआई, विज्ञान और तकनीकी नवाचार को तेजी से अपनाएंगे।

जनवरी 2027 के कुंभ का दिया न्योता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल विकास परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनवरी 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए सरकार की तैयारियों की जानकारी दी और देशवासियों से कुंभ में शामिल होने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा का लक्ष्य सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों के लिए नए अवसर और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।


रुड़की में चार बाइकों की हुई आमने-सामने भिड़ंत, तीन युवकों की मौत

कई युवक घायल

रुड़की। कलियर रोड पर शुक्रवार रात चार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि दुर्घटना रात करीब साढ़े दस बजे हुई। चार बाइक आपस में टकरा गईं, जिससे सभी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही कलियर कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

पुलिस के अनुसार, हादसे में अयान (18), पुत्र शहजाद, निवासी बिजौली, राजू (24), पुत्र कदम सिंह, निवासी रहमतपुर और राजीव (22), पुत्र मोलाड, निवासी रहमतपुर की मौत हुई है। वहीं घायलों में आदित्य (25), पुत्र सुरेंद्र, निवासी खंजर रोड और साहबान, पुत्र मुराद, निवासी बिजौली समेत अन्य युवक शामिल बताए गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइकों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसकी आवाज आसपास के इलाके में सुनाई दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और राहत-बचाव में जुट गए।

पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।


देहरादून में 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख लोगों को नोटिस

मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की अहम बैठक

देहरादून। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। ऋषिपर्णा सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज विवरण में विसंगतियां पाए जाने अथवा आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर 5,47,617 लोगों को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 3,95,772 लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1,52,170 मामलों में सुनवाई जारी है।

मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए अब तक 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरण में संशोधन के लिए 10,718 लोगों ने प्रारूप-8 के तहत आवेदन किया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। बूथ स्तर पर होने वाली सुनवाई में संबंधित मतदाता और आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं को स्वेच्छा से किसी एक राज्य में अपना नाम रखने का विकल्प दिया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं को जानकारी देंगे और उनकी इच्छा के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. चौहान ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों को संबंधित बूथ तक पहुंचाने में अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में झूठी या मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम, नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए नौ जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।


बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश

नहर की सफाई में लापरवाही पर सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण तलब, जलापूर्ति रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून:  देहरादून के बालावाला एवं गूलर घाटी क्षेत्र में वर्षों से लंबित जनसमस्याओं और विभागीय लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण के दौरान सिंचाई नहर की सफाई न होने, सुरक्षा व्यवस्था में चूक और सीवर निर्माण में लापरवाही पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों एवं किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।

स्थानीय किसानों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि सिंचाई नहर में लंबे समय से सिल्ट जमा है तथा विगत चार वर्षों से नहर की समुचित सफाई नहीं हुई है। इसके चलते किसानों को कृषि कार्य के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है और फसलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नहर की मरम्मत एवं सिल्ट सफाई के लिए पूर्व में धनराशि आवंटित होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी न किए जाने पर संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण तलब किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए तथा नहर की सफाई एवं मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हाथी-बाघ एवं आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

बालावाला क्षेत्र में हाथी, बाघ एवं आवारा कुत्तों से उत्पन्न जनसुरक्षा की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने वन विभाग एवं नगर निगम को तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जंगल से सटे सिंचाई नहर क्षेत्र में रात्रि के समय सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मियांवाला चौक पर शराब की दुकान के आसपास प्रतिदिन लगने वाले जाम की स्थानीय लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुनसान खेल मैदान में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बालावाला घोड़ा फैक्ट्री के समीप सुनसान क्षेत्र में स्थित खेल मैदान का भी निरीक्षण किया। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुलिस विभाग को क्षेत्र में नियमित एवं प्रभावी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों एवं खेल मैदान का उपयोग करने वाले नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

गूलर घाटी में बनेगा ईको पार्क, प्राकृतिक जलस्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना

जिलाधिकारी ने गूलरघाटी क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया। यहां स्थित प्राकृतिक जलस्रोत का जायजा लेते हुए उन्होंने जलस्रोत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इसे रिवर रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे क्षेत्र को ईको पार्क के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने क्षेत्र में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हाइड्रम को पुनः स्थापित करने के लिए लघु सिंचाई विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि क्षेत्र में सिंचाई एवं जलापूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

खुले में कूड़ा डंपिंग पर नगर निगम को फटकार

देवीपुरा क्षेत्र में अनधिकृत रूप से खुले में कूड़ा डंप किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम को तत्काल नोटिस जारी करने तथा मौके पर अनधिकृत रूप से डंप किए गए कूड़े का उचित एवं वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अनधिकृत कूड़ा डंपिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

जलभराव की समस्या पर यूयूएसडीए को फटकार, तत्काल ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने गूलरघाटी मोटर मार्ग पर नकरौंदा के निकट बांगी पुलिया क्षेत्र में जलभराव की समस्या का भी निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यूयूएसडीए द्वारा सीवर लाइन निर्माण के लिए जगह-जगह खुदाई की गई है, लेकिन वर्षा जल की निकासी के लिए समुचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।

इस पर जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सीवर परियोजना में ड्रेनेज सिस्टम को शामिल नहीं किए जाने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से व्यवस्थित ड्रेनेज प्लान तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता के मौके पर उपस्थित न रहने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं से जुड़े स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति अनिवार्य है और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार, राज्य सरकार के दायित्वधारी सांतुनू बिष्ट समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


रामनगर में पांच दिवसीय सरस मेला-2026 का शुभारंभ, महिला समूहों के उत्पाद बने आकर्षण

नैनीताल:  जनपद स्तरीय सरस मेला-2026 का शुक्रवार को रामनगर डिग्री कॉलेज मैदान में विधिवत शुभारंभ हुआ। रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों के साथ प्रतिभाग किया।

मेले में हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य पदार्थ, जैविक उत्पाद और लखपति दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। कुल 50 स्टॉलों में स्वयं सहायता समूहों के 25 तथा अन्य उद्यमियों के स्टॉल शामिल हैं। महिला समूहों के उत्पाद मेले में आने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

उद्घाटन अवसर पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरस मार्केट और सरस मेले जैसे आयोजनों से महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए बाजार और पहचान मिल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि लखपति दीदियां अब करोड़पति दीदी बनें और इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर उनके उत्पादों को बेहतर बाजार और ब्रांड उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सरस मेला पूरे नैनीताल जिले के महिला समूहों का मंच है। महिलाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह है और लोग भी उनके उत्पादों की खरीद में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने महिला समूहों को अपने कार्य को इसी तरह आगे बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। सरस मेला महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और यह मेला उनकी मेहनत और उपलब्धियों को बाजार देने का अवसर है।

उन्होंने बताया कि जिले के महिला समूहों को इस मंच के माध्यम से उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के अवसर मिल रहे हैं। विभाग की ओर से उन्हें तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सके।

उद्घाटन समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। लोकगायिका माया उपाध्याय ने कुमाऊनी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद अकरम, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, किसान आयोग सदस्य संजय डॉर्बी, दिनेश मेहरा, परियोजना निदेशक डीआरडीए शिल्पी पंत, डीडीओ संतोष पंत, सहायक परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल, बीडीओ गिरीश पांडे सहित तमाम जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।


एसआईआर अभियान की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 63,246 नोटिस वितरित

बूथ स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग और राजनीतिक दलों से दैनिक प्रगति साझा करने के निर्देश

चमोली:  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसआईआर की प्रगति, नोटिस वितरण, मतदाता मैपिंग, दावे-आपत्तियों के निस्तारण तथा बूथ स्तर की निर्वाचन व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 63,347 नोटिसों में से 63,246 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। शेष 101 नोटिसों के वितरण की कार्रवाई भी निर्धारित समयावधि में पूरी की जा रही है। इनमें बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के 21,900, थराली के 19,935 तथा कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 21,512 नोटिस शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,72,188 मतदाता हैं, जिनमें से 2,61,060 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। निर्वाचन कार्यों के सुचारु संचालन के लिए 633 मतदेय स्थलों पर 14 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 31 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 633 बूथ लेवल अधिकारियों के सहयोग के लिए 633 अतिरिक्त कार्मिक नामित किए गए हैं।

बैठक में बताया गया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 3 से 28 अगस्त, थराली में 3 से 31 अगस्त तथा कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में 3 से 22 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 633 मतदेय स्थलों के सापेक्ष विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 1,184 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त किए जा चुके हैं। बैठक में निर्वाचन प्रपत्रों की जानकारी देते हुए बताया गया कि नए मतदाता पंजीकरण के लिए प्रारूप-6, नाम विलोपन के लिए प्रारूप-7 तथा नाम, पता अथवा अन्य संशोधन एवं स्थानांतरण के लिए प्रारूप-8 के सापेक्ष संबंधित प्रपत्र उपलब्ध कराए जाते हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए। यदि किसी मतदाता तक पहली बार नोटिस नहीं पहुंच पाता है तो पुनः नोटिस जारी करने के साथ आवश्यकतानुसार चस्पा करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का आग्रह किया। अधिकारियों को एसआईआर अभियान की दैनिक प्रगति रिपोर्ट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वासपूर्ण वातावरण में संपादित हो सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेन्द्र सती सहित भाजपा से अनिल किशोर व विनोद कुमार, कांग्रेस से मदन लोहनी, आम आदमी पार्टी से अनूप रावत तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं निर्वाचन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


“विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’’ पर एसएसपी देहरादून द्वारा सीनियर सिटीजन्स से की शिष्टाचार भेंट

सभी सीनियर सिटीजन से वार्ता कर जाना उनका हाल, पुलिस के हर कदम पर उनके साथ होने का दिलाया भरोसा

किसी भी प्रकार की सहायता हेतु उपलब्ध कराये पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नम्बर

देहरादून : विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर संयुक्त नागरिक संगठन केेे सीनियर सिटीजन्स के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून द्वारा शिष्टाचार भेंट की गई। भेंट के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा सभी सीनियर सिटीजन्स से वार्ता कर उनकी कुशलक्षेम पूछी गई तथा उनसे उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, साथ ही सभी बुजुर्गो को दून पुलिस के हर कदम पर उनके साथ होने का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान सभी सीनियर सिटीजन्स द्वारा एसएसपी देहरादून की कार्यप्रणाली एवं उनके द्वारा समय-समय पर बुजर्गों की सहायता हेतु किये जा रहे प्रयासो की सराहना करते हुए उन्हें शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया।

विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर एसएसपी देहरादून के निर्देशो पर आज दिनांक 21-08-2026 को सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत निवास कर रहे एकल बुर्जुग नागरिको के घर जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी गई, साथ ही उनसे उनकी समस्याओ के सम्बंध में जानकारियां प्राप्त कर उसके निस्तारण हेतु हर सम्भव प्रयास का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस द्वारा सभी बुजुर्गों को वर्तमान में बढते साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए, उनसे बचाव के उपायों के सम्बंध में जानकारियां देकर उन्हें जागरूक किया गया तथा किसी भी आकास्मिक परिस्थिति में सहायता के लिये उन्हें पुलिस कन्ट्रोल रूम तथा सम्बन्धित पुलिस कर्मियों व अधिकारियों के नम्बर उपलब्ध कराये गये।

एसएसपी दून के नेतृत्व में पुलिस द्वारा बुजुर्गो के सहायतार्थ की गई पहल की सराहना करते हुए सभी बुजुर्गो द्वारा पुलिस कर्मियों के सर पर हाथ फेरकर उन्हें अपना आर्शिवाद दिया गया।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp