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मुख्यमंत्री धामी ने जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Category Archives: उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने जलियांवाला बाग हत्याकांड को भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक अध्याय बताया

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने 13 अप्रैल 1919 की घटना को भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दिन निहत्थे और निर्दोष भारतीयों पर हुए अत्याचार ने पूरे देश की चेतना को झकझोर कर रख दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का साहस, त्याग और अटूट देशभक्ति हमें हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख देती है। उन्होंने सभी से इन वीरों के बलिदान को स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री धामी से मिले प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर

उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का हब बनाने पर हुई अहम चर्चा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में राज्य में फिल्म निवेश को बढ़ावा देने, शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुख फिल्म नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी, टैक्स में छूट और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सरल व समयबद्ध अनुमतियां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल राज्य में निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं झाडू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

‘स्वेच्छा से स्वच्छता’ जैसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए प्रेरित भी करते हैं- मुख्यमंत्री

देहरादून। देहरादून के बल्लूपुर चौक पर आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लेकर सभी प्रदेशवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई कर लोगों को जागरूक किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के संकल्प को साकार करने के लिए इस तरह के प्रयास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने इसे जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना एक स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि ‘स्वेच्छा से स्वच्छता’ जैसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक सविता हरबंस कपूर, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार तथा देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है और समावेशी विकास सुनिश्चित होता है- कुसुम कंडवाल

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनने की ओर महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कदम – कुसुम कंडवाल

​देहरादून। देहरादून में सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उनके साथ समाजसेवी डॉ. पारुल दीक्षित एवं अधिवक्ता शिखा शर्मा बिष्ट भी उपस्थित रहीं।

​प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ को भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। उन्होंने विशेष रूप से 16 अप्रैल को होने वाली संसद की ऐतिहासिक बैठक का उल्लेख किया, जो इस अधिनियम को जमीन पर उतारने की दिशा में निर्णायक मोड़ साबित होगी।

अध्यक्ष ने बताया कि सितंबर 2023 में पारित यह संवैधानिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित सुनिश्चित करता है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लोकसभा में महिलाओं की संख्या 1952 में मात्र 22 थी, जो 2024 में बढ़कर 75 हुई है, लेकिन यह अभी भी आदर्श स्थिति से दूर है। यह अधिनियम इस अंतर को पाटकर महिलाओं को शासन के केंद्र में लाएगा।

कुसुम कंडवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब ‘महिलाओं के विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है और समावेशी विकास सुनिश्चित होता है”। वैश्विक शोध के अनुसार, लैंगिक अंतर कम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था में 7 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है।

प्रेस वार्ता में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुद्रा योजना के तहत 69% ऋण महिलाओं को दिए गए। जन धन योजना के तहत 32.29 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन 80.2% तक पहुँचा। साथ ही, भारत में 43% STEM ग्रेजुएट महिलाएँ हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए खोले गए।

उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ LPG कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों में नल से जल और स्वच्छ भारत मिशन ने महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन दिया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता मिली है।

जब महिलाओं को संवैधानिक अवसर मिलता है, तो वे जल, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न बुनियादी मुद्दों पर क्रांतिकारी बदलाव लाती हैं। यह अधिनियम @2047 के विकसित भारत संकल्प की आधारशिला है। भारत अब ‘महिलाओं के विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Development) की राह पर चल पड़ा है, जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टि कोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन उसी दृष्टि को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासि क पहल है जो आने वाले समय में भारत के लोकतंत्र और विकास मॉडल को और सशक्त बनाएगा।

कुसुम कंडवाल ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ नारी शक्ति की भी भूमि है। राज्य महिला आयोग इस अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाए।

​”यह अधिनियम महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

​अध्यक्ष ने अंत में समस्त मातृशक्ति और समाज से इस ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करने का आह्वान किया।


कुवाली में दो मंदिरों के सौंदर्यीकरण का शिलान्यास

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बोली—विकास और विरासत साथ-साथ

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल अंतर्गत कुवाली गांव में आदि बद्रीनाथ मंदिर एवं पिपलेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मौजूद रहीं।

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत संचालित इस योजना में पिपलेश्वर महादेव मंदिर के लिए 51.41 लाख रुपये तथा आदि बद्रीनाथ मंदिर के लिए 89.80 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और विरासत को साथ-साथ लेकर चलने के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक हमारे आस्था के केंद्र—मंदिरों का सौंदर्यीकरण भी है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक धरोहर भी मजबूत हो।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ऐसे प्रकल्पों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मनचौड़ा ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, मिटारकोट ग्राम प्रधान हंसराज आर्य, मजखाली से सूबेदार जितेंद्र सिंह अधिकारी, धनखोली ग्राम प्रधान सपना आर्या, संजय आर्य, चकुनी ग्राम प्रधान मनोज सिंह, वगुना के ग्राम प्रधान, रतगल के ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों युवाओं एवं महिलाओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दीपक बोरा, मंदिर समिति के अध्यक्ष हेम पांडे, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, जिला पंचायत सदस्य दीपक शाह, ग्राम प्रधान कुवाली मंजू वर्मा, जिला पंचायत सदस्य हिमांशु कुमार, दीपक रावत, राज अधिकारी, मिथिलेश वर्मा, जगदीश कुमार, हेमा रावत, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, दीवान सिंह जलाल, नंदन सिंह बिष्ट, हर्ष सिंह बिष्ट, दिनेश वर्मा, भगवत सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


केदारनाथ धाम यात्रा 2026 – प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने की तैयारियों की समीक्षा

प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देश—यात्रा सुरक्षा व व्यवस्थाओं में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, समन्वय से सफल होगी यात्रा

रुद्रप्रयाग। प्रदेश के कृषि एवं जनपद रुद्रप्रयाग प्रभारी के मंत्री गणेश जोशी रुद्रप्रयाग पहुंचकर आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत 22 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रही केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने यात्रा मार्ग पर भूस्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर एवं मुनकटिया आदि क्षेत्रों में कार्य प्रगति की जानकारी ली गई, उन्होंने समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैचवर्क, डामरीकरण, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे कार्य जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रैन शेल्टर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और इमरजेंसी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण, बीमा और पशु चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ अस्पताल, डॉक्टरों की तैनाती और एक्स-रे, ईसीजी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता से अवगत कराया।

प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए शौचालयों की उपलब्धता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण मित्रों की तैनाती आदि की जानकारी ली। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, चेंजिंग रूम और जल टंकियों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, होटल किराया नियंत्रण और एलपीजी आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा के लिए 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए स्थानीय लोगों, प्रशासन एवं पुलिस को ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से व्यवहार करने के निर्देश दिए, ताकि यात्री यहां से एक अच्छी छवि लेकर लौटें। उन्होंने बताया कि यात्रा को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं और आगामी 20 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। उन्होंने होटल संचालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं ढाबा संचालकों से अपील की कि श्रद्धालुओं को निर्धारित दरों पर ही सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा समस्त इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे सड़कें आदि, केवल यात्रा अवधि तक ही नहीं बल्कि दीर्घकाल तक सुचारू रूप से उपयोगी बने रहें, इस दृष्टि से कार्य किया जाए।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 8 और फायर सर्विस की 7 टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड भी सक्रिय रहेंगे।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


पीएम के उत्तराखंड दौरे से पहले शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों को परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पीएम दौरे के दौरान सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही।

मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से एक ओर दिल्ली – एनसीआर से देहरादून पहुँचने का समय कम होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल एवं नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी है- मुख्यमंत्री धामी

डीएवी पीजी कॉलेज छात्र संघ समारोह

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने डीएवी पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।


पत्रकारों की समस्याओं के समाधान को सरकार प्रतिबद्ध- आशीष त्रिपाठी

हल्द्वानी। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार और विभाग पत्रकारों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है।

हल्द्वानी स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित बैठक में अपर निदेशक ने मीडिया कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। उन्होंने कहा कि मान्यता नवीनीकरण में आ रही दिक्कतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है और इसके समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं, मृतक आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता से जुड़े सभी प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पत्रकार को पत्रकार कल्याण कोष से सहायता प्राप्त नहीं हो पा रही है, तो ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पत्रकार को जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से नियमानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा।

अपर निदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पत्रकारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आयोजित इस बैठक में पत्रकारों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान विभागीय एवं शासन स्तर पर किया जाएगा।

बैठक के दौरान पत्रकारों ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, पत्रकार मान्यता प्रक्रिया में स्थिरता, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा, राज्य अतिथि गृहों में तत्काल आरक्षण व्यवस्था, पत्रकारों के बच्चों को उच्च शिक्षा में आरक्षण, पूर्व में लागू रेलवे आरक्षण की पुनः बहाली, टोल प्लाजा में छूट तथा जिला पत्रकार स्थायी समिति में सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

अपर निदेशक आशीष त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि सूचना विभाग से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, जबकि अन्य विभागों से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में कुमाऊं द्वार, हल्द्वानी में आधुनिक मीडिया सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

बैठक का संचालन जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी ने किया। इस अवसर पर सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं सूचना विभाग के कार्मिक उपस्थित रहे।


बैसाखी स्नान पर्व पर हरिद्वार में सख्त ट्रैफिक प्लान लागू, 12 अप्रैल रात से भारी वाहनों पर रोक

बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए विशेष रूट और पार्किंग व्यवस्था लागू

हरिद्वार।  बैसाखी स्नान पर्व और सद्भावना सम्मेलन के मद्देनज़र हरिद्वार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए 13 से 15 अप्रैल तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा, जिसमें शहर में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव
पर्व के दौरान शहर में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 12 अप्रैल की मध्यरात्रि से ही भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। अलग-अलग मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट कर निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मुख्य स्नान घाटों और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

नगलाइमरती से आने वाले वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग में रोका जाएगा, जबकि चीला मार्ग को केवल निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र से आने वाले वाहनों को सर्विस लेन के जरिए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी मार्ग से ट्रैफिक को बाहर निकाला जाएगा।

बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए विशेष योजना
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब जैसे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और पार्किंग व्यवस्था तय की गई है। इन वाहनों को अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू पार्किंग में भेजा जाएगा। यदि भीड़ अधिक बढ़ती है, तो वैकल्पिक रूट के जरिए वाहनों को बैरागी कैंप की ओर डायवर्ट किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर कुछ वाहनों को सहारनपुर, भगवानपुर और मोहंड होते हुए देहरादून-ऋषिकेश की ओर भेजा जाएगा।

स्थानीय और छोटे वाहनों के लिए निर्देश
छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडीचौकी के रास्ते शहर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि बड़े वाहनों को डायवर्ट कर गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में रोका जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली फार्म और रायवाला के रास्ते हरिद्वार लाया जाएगा।

ऑटो और विक्रम संचालन पर भी नियंत्रण
ऑटो और विक्रम वाहनों के संचालन पर भी विशेष पाबंदियां लगाई गई हैं। देहरादून-ऋषिकेश की ओर से आने वाले ये वाहन जयराम मोड़ तक ही सीमित रहेंगे और यहीं सवारियों को उतारना होगा। ज्वालापुर, रानीपुर और बीएचईएल क्षेत्रों के लिए अलग डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। वहीं, ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।


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