Saturday, October 10th, 2026

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सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर विधानसभा में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रतिभाग

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सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर विधानसभा में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रतिभाग

स्वास्थ्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने शिविर में कराया स्वास्थ्य परीक्षण

 चिकित्सा शिविर के माध्यम से 44 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध

कृषि विभाग द्वारा कृषि यंत्र एवं मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग द्वारा महालक्ष्मी किट एवं किशोरी किट वितरित

श्रम विभाग ने 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा किट उपलब्ध कराईं

 सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान पर जोर

देहरादून- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को रायपुर क्षेत्र के नालापानी स्थित महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल एवं विधायक, उमेश शर्मा काऊ, ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं देहरादून जनपद के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वास्थ्य शिविर में अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। साथ ही उन्होंने शिविर के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य शिविर में 44 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य जांच कराने का अवसर मिल रहा है।

शिविर में कृषि विभाग द्वारा लाभार्थियों को कृषि यंत्र एवं मशरूम मिनीकिट वितरित की गईं। बाल विकास विभाग के माध्यम से महालक्ष्मी किट एवं किशोरी किट प्रदान की गईं। वहीं, श्रम विभाग द्वारा 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को पोषण किट, स्वच्छता किट एवं शिक्षा किट उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविरों को सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे बहुउद्देशीय शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें तथा कृषि, श्रम, बाल विकास, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार लाभ उठाएं। शिविरों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को जनता के निकट उपलब्ध कराना तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


राहुल गांधी की बयानबाजी के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, फूंका पुतला

गणेश जोशी बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति ठीक नहीं

देहरादून। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में हाथीबड़कला में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय सेना के सम्मान और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस के रुख को लेकर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सभी निर्णय संविधान, नियम-कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऐसे निर्णय किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के दबाव में नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के तहत होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया का इंतजार कर रही विभिन्न कंपनियों के हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के सम्मान पर राजनीति न करने की अपील

गणेश जोशी ने आतंकवादी हमलों और भारतीय सेना से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना के सम्मान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़े विषय बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और संयम के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की प्रतिक्रियाएं कई बार राष्ट्रीय हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती हैं।

स्टारलिंक को लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब

कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के नेता पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उद्योगपति एलन मस्क के सामने झुकने के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से पहले स्टारलिंक को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताए जाने की बात भी सामने आई थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा को लेकर पहले जताई गई आशंकाओं और अब अपनाए जा रहे रुख में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है। गणेश जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदलना उचित नहीं है। कांग्रेस को इन मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

मोदी सरकार पर जताया भरोसा

गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की सुरक्षा, मोबाइल नेटवर्क की विश्वसनीयता और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। देश के संसाधनों का इस्तेमाल और आवंटन राजनीतिक दबाव या मनमर्जी के बजाय निष्पक्ष व्यवस्था के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन देश की सुरक्षा और सेना के सम्मान से जुड़े विषयों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए। गणेश जोशी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे और राहुल गांधी के बयानों के विरोध में प्रदेशभर में अपना विरोध जारी रखेंगे।

प्रदर्शन के दौरान राज्यमंत्री कर्नल रघुबीर सिंह भंडारी, राज्यमंत्री शमशेर सिंह बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, राजीव गुरुंग समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों ने की भेंट

उपनल से कार्यरत पूर्व सैनिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलने पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का पूर्व सैनिक संगठनों ने जताया आभार

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों ने भेंट की। इस दौरान उपनल के माध्यम से ऊर्जा विभाग के निगमों में कार्यरत पूर्व सैनिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिलाने के लिए उन्होंने मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण एवं हितों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान तथा उनके कल्याण को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के सम्मान और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से कार्यरत जिन पूर्व सैनिकों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें भी नियमानुसार इस लाभ के दायरे में लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पात्र पूर्व सैनिकों को उनका अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों ने अपना जीवन देश की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित किया है। उनके सम्मान, कल्याण और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। राज्य सरकार पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के हित में आगे भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

इस अवसर पर दायित्वधारी शमशेर सिंह बिष्ट सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।


जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री

लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें : मुख्यमंत्री

सेवा संकल्प अभियान के तहत देहरादून में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग, विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट, महालक्ष्मी एवं किशोरी किट का किया वितरण

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट का वितरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना आवश्यक हो, उनके संबंध में शिकायतकर्ता को स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अनेक नई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज देश विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही पात्र नागरिकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझे और उनका समाधान सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण योजनाओं से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार जनसेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने तथा आपसी संवाद बढ़ाने में इस प्रकार के शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके और जरूरतमंद लोगों को उचित उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से बहुउद्देशीय शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष रखें और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार उनका लाभ लें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जनसेवा की भावना के साथ इन शिविरों को सफल बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से ही विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी,नगर आयुक्त देहरादून आलोक कुमार पांडे,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल, , मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर कसा तंज, दिल्ली आंदोलन को बताया तमाशा

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा ने सरमा ने हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध नारायणी शिला मंदिर में की पूजा-अर्चना

हरिद्वार। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था साझा की और राजनीतिक मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। वहीं, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन को भी उन्होंने निशाने पर लिया।

12 वर्षों से नारायणी शिला मंदिर आ रहे हैं हिमंत बिस्वा सरमा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से लगातार नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आ रहे हैं। उनके मुताबिक, इस मंदिर में पहुंचकर उन्हें असीम शांति का अनुभव होता है। इस बार भी उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा की और अपने परिवार सहित प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

राहुल गांधी पर टिप्पणी कर कसा तंज

मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी के राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने से जुड़े सवाल पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पूरे देश के राष्ट्रपति हैं और उनसे कोई भी व्यक्ति मिल सकता है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में भी प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं।

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि जब राहुल गांधी चंद्रयान और मंगलयान में जाएंगे, तब उनसे पूछा जाए कि उन्होंने कौन-सा चमत्कार किया है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

सीजेपी पर भी साधा निशाना

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर असम के मुख्यमंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, उनके बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि चर्चा उन लोगों की होनी चाहिए, जो खुद को युवा शक्ति बताते हैं।

दिल्ली आंदोलन को बताया तमाशा, बोले- जनता पीएम मोदी के साथ

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली में जारी आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है और 140 करोड़ की आबादी वाले देश में आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले लोगों की संख्या बेहद कम है।

उन्होंने प्रदर्शन को तमाशा करार देते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों की तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में खड़े लोगों की संख्या कहीं अधिक है। सरमा ने दावा किया कि विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाने और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं होंगे।

विपक्ष के आरोपों से नहीं डरेगी सरकार

असम के मुख्यमंत्री ने भाजपा की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी लगातार चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार विपक्ष के आरोपों से डरने वाली नहीं है।

उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और घेराबंदी को लेकर भी टिप्पणी की। सरमा के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने पर हंगामा होने की आशंका के चलते ऐसी व्यवस्था की गई है। उनके इस बयान से साफ है कि दिल्ली में चल रहे राजनीतिक विवाद को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज बनी हुई है।


नशे के नेटवर्क पर होगा करारा प्रहार, ड्रग्स माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता एवं ड्रग्स टेस्टिंग अभियान, दो नई टेस्टिंग मशीनों के लिए धनराशि स्वीकृत

भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार

देहरादून।युवाओं को नशे के जाल से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशे की मांग और आपूर्ति, दोनों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ड्रग्स टेस्टिंग में उपकरणों की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने दो नई सलाइवा-बेस्ड टेस्टिंग मशीनों की खरीद के लिए मौके पर ही धनराशि स्वीकृत की।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी नशा तस्करों के आसान निशाने पर होते हैं। युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ ड्रग्स टेस्टिंग अभियान भी चलाया जाए। प्रत्येक शिक्षण संस्थान में हर माह एक दिन निर्धारित कर छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए।

उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए इसकी मांग पर अंकुश लगाना जरूरी है। जब लोग जागरूक होंगे और नशे से दूर रहेंगे, तभी तस्करों का नेटवर्क कमजोर होगा। युवाओं को नशे के लिए प्रेरित करने वाला व्यक्ति उनका हितैषी नहीं, बल्कि उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाला अपराधी है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

नशामुक्ति केंद्रों और शिक्षण संस्थानों का होगा निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को संबंधित थाना प्रभारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति केंद्रों, शिक्षण संस्थानों तथा इनके आसपास स्थित मलिन बस्तियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। नशे की गिरफ्त में आए लोगों से संवाद कर फीडबैक लिया जाए और उससे मिलने वाले सुरागों के आधार पर नशे के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

अवैध खेती मिलने पर पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। कल्याणपुरी में भांग की खेती होने की शिकायत पर आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खेती नष्ट कराई। इस मामले में जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में भांग, अफीम, गांजा या चरस की अवैध खेती अथवा कारोबार पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सितंबर में 147 ड्रग्स टेस्ट, सभी की रिपोर्ट निगेटिव
बैठक में बताया गया कि सितंबर माह में शिक्षण संस्थानों में रैंडम सैंपलिंग के तहत मेडिकल टीम ने 147 ड्रग्स टेस्ट किए, जिनमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर 1933 के पंपलेट एवं पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पुलिस और एएनटीएफ की टीमें एनडीपीएस एक्ट की जानकारी देने के साथ ही लोगों को मादक पदार्थों से दूर रहने की शपथ भी दिला रही हैं। सितंबर माह में एएनटीएफ टीम ने 95 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया।

सितंबर तक एनडीपीएस एक्ट में 244 मुकदमे दर्ज
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2026 तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 244 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 281 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित 15 अभियोग दर्ज कर 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी के दौरान आठ संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया। सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, सीओ सदर अंकित भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती सहित समिति के अन्य सदस्य वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


देहरादून में कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी सघन निगरानी

लिंगानुपात में असमानता वाले गांवों को रेड जोन में किया जाएगा चिह्नित, भ्रूण लिंग परीक्षण पर होगी सख्त कार्रवाई

218 डायग्नोस्टिक केंद्रों के नियमित निरीक्षण और गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग के डीएम ने दिए निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जनपद में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और लिंगानुपात में सुधार को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिह्नित कर रेड जोन बनाने, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी करने तथा भ्रूण के लिंग की जांच कराने और करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में लिंगानुपात की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के वर्ष 2025-26 के आंकड़ों में उत्तराखंड का लिंगानुपात 939 के मुकाबले देहरादून का लिंगानुपात 927 पाए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव के पिछले पांच वर्षों के लिंगानुपात संबंधी आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाए और असामान्य स्थिति वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनपद के सभी 218 क्रियाशील डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा गर्भवती महिलाओं की प्रभावी ट्रैकिंग के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कन्या भ्रूण के लिंग की जांच कराने या करने वालों के विरुद्ध अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मानकों के अनुरूप होने पर ही मिलेगा नया पंजीकरण-डीएम
बैठक में 10 नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण तथा 18 केंद्रों के नवीनीकरण के आवेदनों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पंजीकरण और नवीनीकरण से पहले उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की अनापत्ति, अग्निशमन सुरक्षा प्रमाण पत्र और जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण संबंधी अनुबंध की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानक पूरे करने वाले केंद्रों को ही अनुमति दी जाए तथा आवश्यक अभिलेखों के अभाव में किसी भी केंद्र का पंजीकरण या नवीनीकरण न किया जाए।

इस वर्ष 117 केंद्रों का निरीक्षण, तीन की मशीनें सील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 218 क्रियाशील डायग्नोस्टिक एवं इमेजिंग केंद्र संचालित हैं, जिनमें 420 अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित हैं। जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति ने सितंबर माह में 84 केंद्रों तथा वर्ष 2026 में अब तक कुल 117 केंद्रों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन केंद्रों की मशीनें सील की गई हैं।

सीएमओ ने बताया कि इस वर्ष जिले के लिंगानुपात 927 से बढ़कर 937 हुआ है। जनपद में सबसे कम लिंगानुपात डोईवाला व कालसी में दर्ज किया गया है। वर्ष 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार डोईवाला में 885, सहसपुर में 924, रायपुर में 949, कालसी में 887, विकासनगर में 1000 तथा चकराता में 1060 लिंगानुपात दर्ज किया गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, पीसीपीएनडीटी के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट, जिला शासकीय अधिवक्ता सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


पाबौ का भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह बना मिसाल, गांव में ही रोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

पांच वर्षों से संचालित पोल्ट्री फार्म से जुड़ीं 12 महिलाएं, ग्राम उत्थान परियोजना और मनरेगा से मिली सहायता

दिल्ली से गांव लौटे संतोष रावत ने स्वरोजगार अपनाकर ग्रामीण आजीविका को दी नई दिशा

पौड़ी- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन पर अंकुश लगाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रयासों का सकारात्मक उदाहरण विकासखंड पाबौ का भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह है, जो पिछले पांच वर्षों से पोल्ट्री फार्म का संचालन कर रहा है। समूह से जुड़ी 12 महिलाएं अपने घरेलू कार्यों के साथ पोल्ट्री फार्म में योगदान देकर परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

गांव में ही रोजगार का अवसर मिलने से महिलाओं को अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आजीविका अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। समूह का यह प्रयास दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के सहयोग, सामूहिक भागीदारी और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है।

भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि ग्राम उत्थान परियोजना के माध्यम से पोल्ट्री फार्म का कार्य शुरू किया गया था। इस व्यवसाय को संचालित करते हुए लगभग पांच वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से छह लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, जबकि मनरेगा के सहयोग से पोल्ट्री फार्म के लिए शेड तैयार किया गया। इससे व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं जुटाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री फार्म ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार का अच्छा विकल्प है। इच्छुक युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सहयोग के लिए प्रदेश सरकार और ग्राम उत्थान परियोजना का आभार व्यक्त किया।

समूह से जुड़े संतोष रावत ने भी स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है। दिल्ली से अपने गांव लौटने के बाद उन्होंने पोल्ट्री फार्म के कार्य से जुड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि समूह के साथ 10 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं, जो गांव में रहकर ही इस व्यवसाय में योगदान दे रही हैं। पोल्ट्री फार्म के पहले चरण में 1,500 चूजों के साथ उत्पादन शुरू किया गया था, जबकि दूसरे चरण में भी चूजे लाकर व्यवसाय को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका अर्जित करने का मौका मिलता है। युवाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का आभार जताया।

ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह पोल्ट्री फार्म का संचालन बेहतर ढंग से कर रहा है। समूह को परियोजना के माध्यम से छह लाख रुपये तथा बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिली। उन्होंने बताया कि समूह द्वारा उत्पादित मुर्गियों की बिक्री आसपास के क्षेत्रों में की जा रही है। इसके साथ ही परियोजना की ओर से विपणन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं में सहयोग दिया जा रहा है, ताकि समूह अपने व्यवसाय का विस्तार कर सके।

भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और पलायन को कम करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का उदाहरण है। इस प्रकार के स्वरोजगार ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने के साथ ही गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक हो सकते हैं।


मानसिक स्वास्थ्य, बालिका अधिकारों और विधिक सहायता के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक

जीआईसी उज्याड़ी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

पौड़ी- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज उज्याड़ी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम के निर्देशन में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, बालिकाओं के अधिकारों, संरक्षण, समानता तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।

सचिव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई, परीक्षा अथवा दैनिक जीवन में तनाव होने पर विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं अभिभावकों, शिक्षकों या विशेषज्ञों के साथ साझा करनी चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, समान अवसरों एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी प्रकार के भेदभाव, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष गुसाईं ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने और तनाव का उचित प्रबंधन करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी होने पर समय से परामर्श एवं उपचार लेना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम और सामाजिक संकोच को दूर करने के साथ ही जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत ने बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव तथा बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में समानता, सुरक्षा और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।

शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 11 की दीपांशी ने प्रथम, कक्षा 12 की कनिका ने द्वितीय तथा कक्षा 12 की वर्किता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 10 की सोनाक्षी प्रथम तथा कक्षा 12 की शिवानी द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं, कनिष्ठ वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 8 की शिक्षा ने प्रथम, समर्थ ने द्वितीय तथा रोहित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज उज्याड़ी के प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मॉनिटरिंग एवं इवैल्यूएशन अधिकारी मनमोहन देवली, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से किया संवाद, उनकी जिज्ञासाओं के दिए उत्तर

पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, 240 बाल वैज्ञानिक कर रहे प्रतिभाग

सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा

राज्य की STEM लैब्स को एआई से जोड़ने और सभी विकासखंडों में लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में होगा कार्य

प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की घोषणा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों हेतु एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने तथा सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित इस प्रकार के विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने तथा महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से प्रदेश में नवाचार, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से प्रयास कर रही है। इसके साथ ही कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी एवं ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे


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