Sunday, October 11th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत हल्द्वानी पहुँचा कृषक रथ

Category Archives: उत्तराखंड

समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत हल्द्वानी पहुँचा कृषक रथ

किसानों को कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं की दी गई जानकारी

हल्द्वानी : सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित ‘समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर रहा कृषक रथ रविवार को हल्द्वानी पहुँचा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बंशीधर भगत ने किसानों से प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने तथा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया डिजिटल हो रही है। ऐसे में किसानों के लिए आवश्यक पंजीकरण एवं अभिलेखों को अद्यतन रखना महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से किसानों एवं लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि कृषक रथों के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर किसानों तक कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं की जानकारी पहुँचाई गई।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत ने कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर देहरादून के लिए रवाना किया।

कार्यक्रम में विधायक बंशीधर भगत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, मुख्य कृषि अधिकारी संतोषी, खण्ड विकास अधिकारी तनवीर असगर, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. कंचन नैनवाल, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद हयांकी, कृषि रक्षा अधिकारी रितु टम्टा, कृषि एवम् भूमिसंरक्षण अधिकारी डॉ. गीतांजलि बंगारी, हिमांशु जोशी, सहायक निदेशक मत्स्य रजनी, प्रगतिशील किसान नरेंद्र मेहरा, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ.सुधा ज़ुकारिया, आईएफएफओ के प्रबंधक दीपक आर्या, जिला उपाध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बोहरा, मंडल अध्यक्ष संदीप सनवाल, जीएस मेहरा आदि उपस्थित थे


अतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर किया सम्मानित

कन्या पूजन तभी सार्थक, जब बेटियों को मिले सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर : मुख्यमंत्री

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित आईआरटीडी प्रेक्षागार में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी मेधावी बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिवस एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में सदियों से कन्याओं को शक्ति का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें। बेटियां केवल परिवार की खुशियां ही नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और लखपति दीदी जैसी पहलों से महिलाओं एवं बेटियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक प्रत्येक स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के माध्यम से माताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। निःशुल्क साइकिल योजना तथा महिला छात्रावासों के निर्माण जैसी पहलों से भी बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का विशेष महत्व है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें तकनीक से जोड़कर ज्ञान और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आलम्बन आर्ट, आलम्बन गांव और आलम्बन कैफे जैसी पहलों से जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही नव्या 2.0 के माध्यम से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की किशोरियों एवं युवतियों को कौशल विकास तथा उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अनाथ बच्चों के लिए राजकीय सेवाओं में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा पॉक्सो पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता एवं मानसिक देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बेटी को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बालिकाओं से बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के माध्यम से मेधावी बालिकाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन देने के साथ अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी सम्मानित बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


देहरादून में पुलिस का व्यापक सत्यापन अभियान, 147 भवन स्वामियों पर 14.70 लाख रुपये का जुर्माना

मलिन बस्तियों से पॉश कॉलोनियों और हॉस्टल-पीजी तक पहुंची पुलिस, 1500 से अधिक बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन

संदिग्ध गतिविधियों के चलते 23 लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने रविवार को नगर से लेकर देहात तक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के तहत मलिन बस्तियों, पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल, पीजी और होम स्टे में रहने वाले 1500 से अधिक किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और छात्रों का सत्यापन किया गया।

अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे, प्रकाश में आए तथा जमानत पर चल रहे 28 अभियुक्तों का भी भौतिक सत्यापन किया।

147 भवन स्वामियों पर कार्रवाई

सत्यापन अभियान के दौरान किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन नहीं कराने तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने 147 भवन स्वामियों के खिलाफ धारा 83 पुलिस अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की। इन भवन स्वामियों पर कुल 14 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

23 संदिग्धों से पूछताछ

अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अभियान के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 व्यक्तियों को पुलिस आवश्यक पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। पुलिस द्वारा इन व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ ही उनके सत्यापन की कार्रवाई की गई।

अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर पुलिस की नजर

एसएसपी देहरादून ने अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बाहरी व्यक्तियों की तलाश करने और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।

दून पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा।


बेटियों की प्रतिभा को सम्मान देना और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सरकार कर रही लगातार कार्य-रेखा आर्या

समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का रहा है सदैव उल्लेखनीय योगदान-रेखा आर्या

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन देकर किया सम्मानित

देहरादून : आज अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देहरादून स्थित आईआरडीटीटी सभागार , सर्वे चौक में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में जनपद स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तथा विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया गया। इस वर्ष कुल 149 मेधावी बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को सम्मान देना और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से उनकी शैक्षिक प्रगति को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का सदैव उल्लेखनीय योगदान रहा है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस केवल बालिकाओं के सशक्तिकरण का ही नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य को पहचानने तथा सम्मान देने का भी अवसर है।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब समाज में बेटियों के जन्म को अभिशाप के रूप में देखा जाता था, लेकिन समय के साथ शिक्षा के बढ़ते अवसरों और सामाजिक जागरूकता ने इस सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज बेटियां अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वे न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बेटियों को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और प्रोत्साहन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।उन्होंने मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी उपलब्धियों को अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत मानें,साथ ही अपने सपनों को ऊंची उड़ान दें और चुनौतियों का सामना करें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बी.एल. राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में मेधावी बालिकाएं उपस्थित रहीं।


शरीर में होने वाला दर्द दे सकता है दूसरी बीमारी का संकेत, जानें किन लक्षणों पर रहें सतर्क

शरीर में दर्द होना आम बात है। काम की थकान, अधिक शारीरिक मेहनत या वायरल संक्रमण के कारण अक्सर लोग इस परेशानी का सामना करते हैं। कई बार आराम करने या सामान्य उपचार से दर्द ठीक हो जाता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बना रहे या शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैलने लगे, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। कुछ मामलों में दर्द की असली वजह उस स्थान पर नहीं होती, जहां व्यक्ति इसे महसूस कर रहा होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर के अलग-अलग अंगों और नसों से मिलने वाले संकेतों के कारण किसी एक हिस्से की समस्या का दर्द दूसरे हिस्से में भी महसूस हो सकता है। ऐसे में दर्द के साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।

दिल से जुड़ी परेशानी होने पर दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचने पर सीने में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में यह दर्द एक या दोनों हाथों, कंधों, गर्दन, पीठ या जबड़े तक भी फैल सकता है।

दिल का दौरा पड़ने के दौरान भी इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि अचानक सीने, बांह या जबड़े में दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, बेचैनी या भारीपन महसूस हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

पित्ताशय लिवर के नीचे स्थित एक छोटी थैली है, जिसमें पित्त जमा रहता है। यह पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। पित्ताशय में पथरी बनने या पित्त के प्रवाह में रुकावट आने पर पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द हो सकता है। कई बार यही दर्द पीठ या दाएं कंधे के नीचे भी महसूस होता है।

भारी या अधिक वसा वाला भोजन करने के बाद यह परेशानी बढ़ सकती है। यदि दर्द लगातार बना रहे और इसके साथ बुखार, उल्टी या आंखों व त्वचा में पीलापन दिखाई दे, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना जरूरी है।

गर्दन या कमर की नसों पर दबाव पड़ने से दर्द शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकता है। कमर की नस प्रभावित होने पर दर्द कमर से होते हुए पैर तक फैल सकता है। इस तरह का दर्द अक्सर साइटिका से जुड़ा हो सकता है।

वहीं, गर्दन की नसों पर दबाव पड़ने से कंधे, बांह और उंगलियों में दर्द के साथ झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है। यदि हाथ-पैर में कमजोरी बढ़ने लगे, चलने में परेशानी हो या पेशाब और शौच पर नियंत्रण प्रभावित हो, तो तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

हर बार शरीर में दर्द होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाले या बार-बार होने वाले दर्द की वजह जानना जरूरी है। दर्द के साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षण भी बीमारी की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अचानक तेज दर्द, सांस फूलने, बेहोशी या तेज बुखार जैसी समस्याएं होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय रहते लक्षणों को पहचानना और सही जांच कराना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मददगार हो सकता है।


देहरादून में जिला योजना समिति चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 12 अक्टूबर से, मतदान व मतगणना 16 अक्टूबर को

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया चुनाव कार्यक्रम

देहरादून- जनपद देहरादून में जिला योजना समिति के सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन 12 अक्टूबर को, नामांकन पत्रों की जांच 13 अक्टूबर को तथा नाम वापसी 14 अक्टूबर को होगी। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 को संपन्न कराई जाएगी।

जारी कार्यक्रम के अनुसार, 12 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक नामांकन किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 13 अक्टूबर को पूर्वाह्न 10 बजे से कार्य समाप्ति तक होगी। अभ्यर्थी 14 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 16 अक्टूबर को पूर्वाह्न 8 बजे से अपराह्न 3 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद इसी दिन अपराह्न 3 बजे से मतगणना प्रारंभ होकर कार्य समाप्ति तक चलेगी। मतगणना के उपरांत निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्वाचन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला पंचायत मुख्यालय, संबंधित कार्यालयों तथा नगरीय निकायों के सूचना पट्टों पर सार्वजनिक सूचना प्रदर्शित करने को कहा गया है, ताकि निर्वाचन से संबंधित जानकारी आमजन तक पहुंच सके।

निर्वाचन प्रक्रिया उत्तराखंड जिला योजना समिति अधिनियम, 2007 तथा जिला योजना समिति नियमावली, 2010 के प्रावधानों के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक का किया विमोचन

जसपाल राणा के खेल जीवन, संघर्ष और भारतीय निशानेबाजी में योगदान को रेखांकित करती है पुस्तक

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध निशानेबाज एवं खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्ती स्वर्गीय जसपाल राणा के परिवारजनों ने भेंट की। इस अवसर पर श्री जसपाल राणा की पत्नी श्रीमती रीना राणा, पुत्र युवराज राणा और पुत्री देवांशी राणा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जसपाल राणा के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक *‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’* भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा की खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देती हैं कि निरंतर अभ्यास, समर्पण तथा आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने निशानेबाजी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने के साथ ही उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ाया है। उनका जीवन और खेल सफर युवा खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘Maverick Jaspal: The Man Who Changed Indian Shooting’ पुस्तक पाठकों, विशेषकर युवा खिलाड़ियों को श्री जसपाल राणा के अनुभवों, संघर्ष और उपलब्धियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस प्रयास के लिए श्री जसपाल राणा के परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।


पोषण माह के समापन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को किया सम्मानित

सेवा संकल्प अभियान के तहत थलीसैंण में आयोजित हुआ कार्यक्रम, महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को पोषण किट वितरित

पौड़ी- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पोषण माह के समापन पर बाल विकास परियोजना कार्यालय थलीसैंण में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी ने परियोजना थलीसैंण की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के समर्पण, सेवाभाव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां बच्चों के सर्वांगीण विकास, कुपोषण दूर करने और समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके अथक प्रयासों से स्वस्थ एवं सुपोषित समाज के निर्माण को नई दिशा मिल रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल के साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का योगदान सराहनीय है।

कार्यक्रम में छह महिलाओं को पोषण किट, 10 किशोरी बालिकाओं को किशोरी पोषण किट तथा पांच लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। इसके साथ ही बालिकाओं को बालिका नेम प्लेट प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की ओर से तैयार की गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन भी कराया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से पौष्टिक आहार और संतुलित भोजन के महत्व की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज रावत, ज्येष्ठ प्रमुख सुनीता रावत, बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा, सुपरवाइजर बबीता चौहान,
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मुकेश कुमार, अमित, विभिन्न सेक्टरों की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां तथा लाभार्थी उपस्थित रहे।


पाबौ में पशुपालन विभाग ने लगाया जन-जागरूकता एवं पशु चिकित्सा शिविर, 40 पशुपालक लाभान्वित

पौड़ी- जनपद में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने तथा पशुधन के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता में सुधार के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा विकासखंड पाबौ में जन-जागरूकता एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देशन में आयोजित शिविर में पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन पद्धतियों, पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।

शिविर में पशुपालकों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राज्य एवं केंद्र सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही संतुलित पशु आहार, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं के उपयोग तथा पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के उपायों के बारे में बताया गया। साथ ही पशुधन बीमा के महत्व से अवगत कराते हुए पशुपालकों को बीमा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

शिविर के दौरान पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार किया गया। इस अवसर पर 25 पशुपालकों को दवाएं वितरित की गईं, जबकि 11 पशुपालकों को पशुओं में बांझपन निवारण संबंधी दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त 40 पशुपालकों को चारा बीज वितरित कर लाभान्वित किया गया। शिविर में कुल 40 लाभार्थियों ने प्रतिभाग किया। पशुपालकों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें पशुओं की नियमित देखभाल, समय पर टीकाकरण और संतुलित पोषण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक परामर्श भी दिया गया।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पौड़ी डॉ. विशाल शर्मा ने पशुपालकों से विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता, नियमित पशु चिकित्सा और वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाकर पशुधन के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता में सुधार के साथ पशुपालकों की आजीविका को भी सुदृढ़ किया जा सकता है।


सिरासू में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा, जिलाधिकारी ने किया भ्रमण

राफ्टिंग-बोटिंग, होमस्टे और वेडिंग डेस्टिनेशन के विकास पर जोर; युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण कराने के निर्देश

पौड़ी- विकासखंड यमकेश्वर के सिरासू क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन सुविधाओं के विकास, स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और पर्यटकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि सिरासू के समग्र विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी गई है, जिसमें दुकानें, वाटर पार्क, चिल्ड्रन पार्क, कॉटेज सहित विभिन्न सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने बच्चों के पार्क का निरीक्षण करते हुए वहां नए और आकर्षक झूले, सेल्फी पॉइंट विकसित करने तथा विद्युत व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए। साथ ही पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए टिहरी प्रशासन से समन्वय स्थापित करने को कहा। पार्क का विकास ग्राम पंचायत तथा बच्चों के खेल मैदान का निर्माण ग्राम पंचायत एवं मनरेगा के माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए।

क्षेत्र में राफ्टिंग एवं बोटिंग की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को संभावित स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों के लिए आवश्यक भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव तैयार करने, बोटिंग के प्रस्ताव पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित स्ट्रेच का चिन्हीकरण करने को कहा, ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन गतिविधियों को शुरू किया जा सके।

भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय महिलाओं एवं युवतियों से संवाद कर उनकी प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को नवंबर माह से फोटोग्राफी, कैटरिंग और मेक अप आर्टिस्ट संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराने की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को स्थानीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए होटल संचालकों एवं फोटोग्राफरों के साथ समन्वय स्थापित करने को भी कहा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में होमस्टे एवं ब्यूटी पार्लर स्थापित करने के प्रस्तावों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने इच्छुक लोगों को होमस्टे के लिए प्रोत्साहित करते हुए उपयुक्त स्थलों का चिन्हीकरण करने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित लोगों से 10 नवंबर से पहले होमस्टे के लिए आवेदन करने को कहा। क्षेत्र में कैंटीन विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा गांव को प्री वेडिंग शूट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। प्री वेडिंग शूट में शामिल होने वाले लोग रात्रि में भी यहां नहीं ठहरते हैं। इसे देखते हुए उन्होंने स्थल पर सुविधाओं का और विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें और क्षेत्र की पहचान मजबूत हो। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा गंदगी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा बंदरों के आतंक की समस्या उठाए जाने पर उन्होंने वन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति निकेतन का भी भ्रमण किया तथा वहां मौजूद पर्यटकों से संवाद कर क्षेत्र में उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी ली।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान पवित्रा देवी, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, तहसीलदार वैभव जोशी, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, एडीओ पंचायत आदेश सैनी, प्रीतम सिंह राणा एवं कानूनगो सत्यपाल चौहान सहित संबंधित अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp