Friday, October 9th, 2026

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सिंगल यूज प्लास्टिक पर डीएम सख्त, सप्लाई नेटवर्क तोड़ने के निर्देश

Category Archives: उत्तराखंड

सिंगल यूज प्लास्टिक पर डीएम सख्त, सप्लाई नेटवर्क तोड़ने के निर्देश

अनधिकृत डंपिंग साइट चिन्हित कर तत्काल प्लास्टिक कचरा निस्तारित करने के निर्देश

सावधान! आप नजर में हैं, अनधिकृत डंपिंग साइट पर कचरा फेंका तो चालान के साथ होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। जनपद में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग एवं अनधिकृत डंपिंग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मा. उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसके उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और उपयोग की पूरी श्रृंखला पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालय के आदेशों को गंभीरता से लेते हुए जिले में संचालित संबंधित औद्योगिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। उन्होंने प्लास्टिक सामग्री निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल की आपूर्ति, उपलब्ध स्टॉक, उत्पादन क्षमता एवं वितरण की तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाजारों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को जिले में बल्क वेस्ट जनरेटर तथा कूड़े की अनधिकृत डंपिंग साइटों को तत्काल चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी साइटों से प्लास्टिक कचरा उठवाकर उसका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं सभी नगर निकायों को उपलब्ध मानव संसाधन एवं संसाधनों का सर्वाेत्तम उपयोग करते हुए अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद यदि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई गई कॉम्पेक्टर मशीनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने निर्देश दिए कि कितनी कॉम्पेक्टर मशीनें संचालित हैं और अब तक कितनी मात्रा में प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया गया है, इसकी पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कालसी क्षेत्र में कॉम्पेक्टर तक कूड़ा पहुंचाना संभव न होने तथा अधिक लागत आने की शिकायत पर उन्होंने साइट चयन में लापरवाही बरतने वाली टीम के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या का स्थायी समाधान केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन से संभव है। उन्होंने आमजन को सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण एवं मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया।

नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों के लिए तैनात सेक्टर अधिकारियों को सघन चेकिंग अभियान चलाने के साथ-साथ जनजागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सेक्टर अधिकारी अपने-अपने वार्डों में अनधिकृत डंपिंग साइटों को चिन्हित कर उनकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराएं तथा निगम के माध्यम से वहां विशेष सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक कचरे का निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर राज्य कर अजय कुमार सिंह, एमएनएसए डॉ. आनंद, डीपीओ जितेंद्र कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एसके गिरी, एडीपीआरओ संजय बडोनी, एमएमए जिला पंचायत सतीश त्रिपाठी सहित खंड विकास अधिकारी, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मसूरी में अवैध होटल निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, होटल के 12 कमरे और बेसमेंट सील

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत मसूरी क्षेत्र में अवैध व्यावसायिक निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एक होटल के अवैध निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए होटल परिसर में निर्मित अवैध बेसमेंट और 12 कमरों को सील किया।

प्राधिकरण के अनुसार मसूरी के लाइब्रेरी रोड क्षेत्र में देवेन्द्र अग्रवाल द्वारा होटल अतिथि के नाम से किए गए निर्माण के संबंध में जांच के दौरान स्वीकृत मानचित्र एवं भवन निर्माण नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित बेसमेंट और होटल के 12 कमरों को सील कर दिया।

एमडीडीए की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से मसूरी जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण से यातायात, पार्किंग, जल निकासी, पर्यावरण और शहर की समग्र व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण ने भवन स्वामियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व सक्षम स्तर से मानचित्र स्वीकृत कराना सुनिश्चित करें। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण अथवा बिना अनुमति किए गए निर्माण पर प्राधिकरण अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में सुनियोजित विकास और भवन निर्माण नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मसूरी जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र में अवैध व्यावसायिक निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। एमडीडीए द्वारा ऐसे निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर के सुनियोजित और सुरक्षित विकास को सुनिश्चित करना है। भवन स्वामी निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित मानकों का पालन करें।

अवैध निर्माण पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। मसूरी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि वे बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण न करें। प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 461.87 करोड़ की जरूरत: सतपाल महाराज

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 461.87 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में हुई बैठक में मंत्री ने वर्ष 2026-27 में आपदा से प्रभावित सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आपदा के कारण प्रदेश में कुल 2360 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें से 2329 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि बाकी कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अधिकारियों से लंबित और निर्माणाधीन सड़कों की जिलेवार प्रगति रिपोर्ट लेने को कहा। साथ ही पुलों का समय-समय पर निरीक्षण करने और उनकी स्थिति की निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया।

सतपाल महाराज ने कहा कि सड़कों और पुलों की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए निर्माण सामग्री, डामरीकरण, सड़क की निर्धारित मोटाई और लैब टेस्ट की जांच जरूरी है। उन्होंने थर्ड पार्टी क्वालिटी टेस्ट को भी प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। गुणवत्ता में कमी सामने आने पर संबंधित अधिकारी या एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में करीब 199 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। मंत्री ने इन स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए ताकि सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।

वहीं, गड्ढा पैचवर्क ऐप पर सड़क संबंधी 1953 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 1327 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 626 शिकायतें दूसरे विभागों से संबंधित होने के कारण उन्हें भेज दी गई हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 34 निष्प्रयोज्य पुलों में से 21 पुलों को दोबारा उपयोग में लाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन वाले स्थानों पर पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने तथा रोड साइनेज को स्पष्ट और उचित ऊंचाई पर लगाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


पर्यटन और तीर्थ स्थलों से जुड़ेंगे आदर्श संस्कृत ग्राम, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

आधुनिक तकनीक के जरिए संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में संस्थान की गतिविधियों, वार्षिक कार्ययोजना, बजट और संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

संस्कृत संस्कृति से जोड़ेंगे पर्यटन और तीर्थाटन

मुख्य सचिव ने संस्थान की गतिविधियों और संस्कृत स्पर्धाओं में लगातार बढ़ रही प्रतिभागियों की संख्या पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने आदर्श संस्कृत ग्रामों को प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की संस्कृत परंपरा और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक तकनीक के जरिए संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

मुख्य सचिव ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान की वेबसाइट पर इंटरैक्टिव ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित करने, छोटी और उपयोगी सूचनात्मक रील्स तैयार करने के साथ ही मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया मंचों का प्रभावी उपयोग करने को कहा।

उन्होंने संस्कृत की उपयोगिता को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए मंत्र चिकित्सा, वैदिक गणित, वेद अध्ययन केंद्र और विभिन्न संगोष्ठियों जैसी गतिविधियों का विस्तार करने के भी निर्देश दिए।

संस्कृत सीखने के लिए तैयार होगा मॉडल

आनन्द बर्द्धन ने संस्कृत भाषा को सरल तरीके से सीखने के लिए आदर्श संस्कृत ग्राम मॉडल और शिक्षक कौशल विकास मॉडल तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ग्रीष्मकालीन शिविरों को नियमित गतिविधि के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

इन शिविरों में स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम और विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही संस्कृत संस्थान की गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव नवनीत पांडेय समेत शासी निकाय के सदस्य और संस्थान के अधिकारी मौजूद रहे।


जिलाधिकारी द्वारा पांच करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं, नवाचारी प्रोजेक्ट, जिला योजना एवं 20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा

विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें: जिलाधिकारी

पौड़ी- जनपद में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला योजना, राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति के साथ ही 20 सूत्री एवं 25 सूत्री कार्यक्रम तथा टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जनपद में पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं एवं महत्वपूर्ण फास्ट ट्रैक कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।

पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के कार्य निर्धारित समय के अनुरूप आगे नहीं बढ़ रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ गति प्रदान करते हुए समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, उनके कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

बैठक में अधिशासी अभियंता ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 16 कार्यों के अनुबंध हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को इसी माह प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, उनमें आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करते हुए कार्यों को धरातल पर प्रारंभ किया जाए। जिलाधिकारी ने मोहनचट्टी में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा योग विलेज के कार्य को 10 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। सतपुली बैराज निर्माण कार्य की समीक्षा में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इसे दिसंबर तक कार्य पूर्ण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि पौड़ी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति शासन स्तर से प्राप्त हो गई है, जिससे पौड़ी नगर के निवासियों को लाभ होगा। उन्होंने इस हेतु टेंडर लगाते हुए कार्य निर्धारण के निर्देश दिए। वहीं, सतपुली नगरीय पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना का कार्य जनवरी 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।

सतपुली-गुमखाल संपर्क मार्ग के संबंध में पूर्व निर्गत निर्देशों के क्रम में अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया कि मार्ग पर ब्लैक टॉप का कार्य शुरू हो गया है तथा अधिकांश मलबा हटा लिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष मलबा हटाने का कार्य शीघ्र शुरू करने के साथ ही सुरक्षात्मक दीवारों की मरम्मत एवं निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मार्ग पर आवागमन सुचारु और सुरक्षित बना रहे। पौड़ी-श्रीनगर मार्ग पर चल रहे कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि सुरक्षा दीवारों का कार्य प्रगति पर है तथा नालियों का कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां पाइप शिफ्टिंग के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, वहां संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आपसी समन्वय से कार्य शीघ्र शुरू कराएं।

उन्होंने कहा कि जिन बड़े कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है, उनकी फोटोग्राफ एवं माप पुस्तिका उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही शासन स्तर पर लंबित कार्यों का संबंधित विभाग नियमित फॉलोअप करें तथा वन विभाग की एनओसी के कारण लंबित कार्यों को संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र निस्तारित किया जाए। बैठक में पेयजल, पार्किंग सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने पौड़ी जेल संग्रहालय के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पैठाणी स्थित राहु मंदिर तथा पौड़ी के इको एडवेंचर पार्क के कार्यों की भी समीक्षा की। राहु मंदिर में पुजारी आवास निर्माण पूर्ण हो चुका है। उन्होंने वेटिंग हॉल में फर्नीचर तथा लाइटिंग पोल में संगीत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सीता माता सर्किट के अंतर्गत सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

जिला योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान लोनिवि की न्यून प्रगति पायी गयी तथा लोनिवि को 15 अक्टूबर एवं 31 अक्टूबर तक पाक्षिक रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने जिला योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्यदायी संस्थाओं को सौंपे गए कार्यों की केवल वित्तीय प्रगति तक सीमित न रहकर भौतिक प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन विभागों द्वारा पहली किश्त के लक्ष्य में 60 प्रतिशत से अधिक प्रगति प्राप्त कर ली गई है, उन्हें दूसरी किश्त जारी करने की कार्यवाही करने को कहा गया।

पूल्ड आवासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डीएसटीओ को समिति गठित कर आवासों का निरीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने भौतिक प्रगति की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।

20 सूत्री एवं 25 सूत्री कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए पीएमजीएसवाई तथा स्वास्थ्य विभाग की न्यून प्रगति में नाराज़गी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने दोनों विभागों को शीघ्रता से काम में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति देने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई धीरज सैनी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, रीना नेगी, शिवम मित्तल, जल संस्थान के टीएस रावत, जल निगम के नवनीत कटारिया, ग्रामीण निर्माण विभाग के लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, पीएमजीएसवाई के परशुराम चमोली, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सहायक निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा, परियोजना प्रबंधक उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, एसीएमओ डॉ. अमित मेहरा, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही राज्य सरकार- मुख्यमंत्री

प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित, 1.27 लाख युवाओं को मिला रोजगार

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में आयोजित 7वें सीआईआई उत्तराखण्ड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक नगरी होने के साथ उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस प्रकार के आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों, व्यापारियों और निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलता है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध हो तथा सरकार एक नियामक के बजाय सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना और लगातार बेहतर हो रही कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करते हुए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाला बने, इस उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति लागू करने के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में लगभग 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखण्ड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखण्ड ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाते हुए निवेश और रोजगार सृजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और बेहतर निवेश अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति केंद्र के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। इसमें उद्योग जगत, व्यापारियों, निवेशकों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सीआईआई की पूरी टीम और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा औद्योगिक इकाई द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों का हालचाल जाना और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हरिद्वार में आयोजित इंडस्ट्री कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास में नया आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ना होगा। संकल्प और इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। भारत आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और वैश्विक स्तर पर मजबूत राष्ट्र बन सकता है। पिछले वर्षों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।

कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, अध्यक्ष शिवालिकनगर नगर पालिका राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, अध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सीआईआई उत्तरखण्ड सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, निदेशक सीआईआई उत्तराखंड गौरव लांबा, चेयरपर्सन सीआईआई उत्तरखण्ड सोनिया, संदीप जैन सहित उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष शपथ अभियान अब 18 अक्टूबर तक

शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों व स्थानीय निकायों में व्यापक स्तर पर दिलाई जाएगी नशामुक्ति की शपथ

देहरादून।  जनपद में ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष शपथ अभियान की अवधि बढ़ाकर 18 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है। अभियान के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों, स्थानीय निकायों, होटल-होम स्टे, हॉस्टलों और खेल संस्थानों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने अभियान में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों के छात्र-छात्राओं के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, स्थानीय नागरिकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल करने के निर्देश दिए है। साथ ही विभागों को शपथ कार्यक्रमों की सूचना एवं प्रमाण-पत्र संकलित कर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

ऑनलाइन शपथ क्यूआर कोड अथवा https://ashamukt.dosje.gov.in/epledge के माध्यम से ली जा सकेगी। शपथ के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। सभी संबंधित संस्थानों से 18 अक्टूबर तक अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने तथा कार्यक्रमों के फोटोग्राफ एवं निर्धारित सूचना समाज कल्याण विभाग, देहरादून को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी

राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

एडीएम प्रशासन ने विभागों को तेजी से Geo Referencing एवं Verification कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

देहरादून। विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन पर होने वाले अतिक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने एवं हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशानुसार जनपद में विभिन्न विभागों से संबंधित भूमि एवं परिसंपत्तियों की Geo Referencing, मैपिंग एवं Verification का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति, Geo Referencing एवं मैपिंग कार्य की प्रगति तथा Verification की स्थिति की समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग अपने-अपने अधीन आने वाली समस्त राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का Geo Referencing एवं Verification कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से इनके सीमांकन, निगरानी एवं संरक्षण में प्रभावी मदद मिलेगी तथा भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में विभिन्न विभागों की कुल 12,127 चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष अब तक 6,219 परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस प्रकार जनपद में कुल चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष लगभग 51 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण हो चुका है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने शेष परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं Geo Referencing कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन परिसंपत्तियों का मैपिंग एवं Verification कार्य अभी लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियां सरकार की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इनकी सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उनकी वास्तविक स्थिति, सीमाएं एवं स्थान संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरी सहित नगर निगम एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


8 अक्टूबर से शुरू होगा मतदाता पंजीकरण का विशेष अभियान

पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में नाम जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस

देहरादून : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 8 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान की जानकारी दी।

इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की। विशेष अभियान के तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, हल्द्वानी में निकली मशाल सेवा ज्योति यात्रा

हल्द्वानी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद नैनीताल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किये गये। मुख्य कार्यक्रम शहीद पार्क स्थित ठंडी सडक में आयोजित किया गया।

नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सांसद अजय भटट ने कहा कि 25 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया गया।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने 07 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक तथा मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सेवा करते हुए उन्होंने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं।

भटट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं का नया युग प्रारंभ हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, किसान सम्मान निधि एवं गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं ने अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र को साकार किया है। गुजरात मॉडल से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक की यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आज हल्द्वानी के शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रधानमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण सुना गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को अभिभूत कर दिया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मशाल जुलूस के साथ रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा का शुभारम्भ सांसद अजय भट्ट एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। रथ यात्रा शहीद चौक नियर ठंडी सडक, से प्रारम्भ होकर नगर निगम सेवा ज्योति पार्क तक निकाली गई। मशाल सेवा ज्योति यात्रा में अन्तर्राष्ट्रीय धावक सुरेश पाण्डे एवं राष्ट्रीय धाविका ममता पाठक द्वारा प्रतिभाग किया गया।इस अवसर पर सांसद अजय भटट ने कहा कि नगर निगम पार्क का नाम परिवर्तित कर सेवा ज्योति यात्रा पार्क के नाम से जाना जायेगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सांसद अजय भटट एवं गणमान्य व्यक्तियों व आम जनमानस ने प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्षों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया और सभी ने नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुये जनसेवा की उनकी यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनायें दी।


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