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व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील- मुख्यमंत्री

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व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा उनके समाधान के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दे उठाए।

व्यापारियों से बोले सीएम धामी- ‘आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग जगत प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक रोजगार सृजन के साथ उत्पादन और उपभोक्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान किराना और रिटेल कारोबारियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। उन्होंने व्यापारियों को ‘ब्रांड इंडिया’ का सच्चा राजदूत बताया।

206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था लागू की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग और व्यापार जगत से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य में 30 से अधिक नीतियां तैयार की गई हैं। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए बाधा बनने के बजाय उन्हें सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से ज्यादा नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार होगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड स्थापित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सकें।

पहाड़ों में भी बढ़ेगी औद्योगिक गतिविधि

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। वहीं, छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति में गांवों के उत्पाद, किसान, शिल्पकार, छोटे कारोबारी और स्थानीय उद्यमियों की भी अहम भूमिका है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

‘मेड इन उत्तराखंड’ को ग्लोबल ब्रांड बनाने पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि सरकार चाहती है कि ‘मेड इन उत्तराखंड’ सिर्फ प्रदेश की पहचान तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्ता और भरोसे के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाए। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और कारोबार को और विस्तार देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार जगत के सहयोग से ऐसा उत्तराखंड तैयार किया जा सकता है, जहां युवाओं को रोजगार, व्यापारियों को भरोसे का माहौल और उद्यमियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे तथा जीएसटी, उद्योग, सिडकुल और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


चिकित्सा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण

हृदय रोगियों एवं गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सुविधा

देहरादून- राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, देहरादून में शनिवार को 12 बेड के नवनिर्मित कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों तथा गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के 12 बेड के नवनिर्मित विंग का लोकार्पण किया गया। इससे हृदय रोग से संबंधित मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नई सुविधा से कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों के उपचार की क्षमता को भी और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

इसी क्रम में नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। इससे गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के प्रथम मेडिकल कॉलेज के रूप में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में आज MCH Urology सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. इकबाल अली को प्रवेश/ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल ने कहा यह उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ ही भविष्य में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने संस्थान की इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्थान को उत्कृष्टता के नित नए आयामों तक पहुंचाने तथा मरीजों को राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित एवं निरंतर प्रयासों पर बल दिया।

विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा मानव संसाधन को मजबूत करने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। भविष्य में नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।


अपराध गोष्ठी में एसएसपी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार

आगामी चुनावों के दृष्टिगत निरोधात्मक कार्यवाही पर विशेष फोकस करते हुए समय से सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिये निर्देश

देहरादून। पुलिस कार्यालय देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, आगामी चुनाव, त्योहारों और पर्यटक सीजन को लेकर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की गई।

एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

चुनाव को लेकर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

आगामी चुनाव के मद्देनजर सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। आपराधिक और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई किए गए आरोपियों के जिलाबदर की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संगठित अपराध में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर जब्तीकरण की कार्रवाई करने को भी कहा गया।

बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

एसएसपी ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थानों में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले लोगों की शिकायतों का विधि सम्मत तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित रखने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

जघन्य अपराधों में त्वरित जांच और प्रभावी पैरवी पर जोर

जघन्य अपराधों के मामलों में तत्काल कार्रवाई करने और घटनाओं से जुड़े सभी साक्ष्यों का समय पर संकलन करने के निर्देश दिए गए। विवेचना पूरी कर समय से आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल करने तथा आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा गया।

सड़क हादसे रोकने के लिए विशेष चेकिंग

सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए थाना क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस को नियमित चेकिंग अभियान चलाकर रैश ड्राइविंग, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

पीक आवर्स और स्कूलों की टाइमिंग के दौरान थाना प्रभारियों को स्वयं क्षेत्र में मौजूद रहकर प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। चेकिंग में लापरवाही मिलने पर थाना प्रभारी के साथ संबंधित क्षेत्राधिकारी की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई।

वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें

वांछित और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए सभी थानों में विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। आरोपियों की तलाश में सर्विलांस समेत अन्य तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा गया।

लंबे समय से लंबित विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने उनके लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेते हुए जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। अनावश्यक रूप से विवेचना लंबित रखने वाले विवेचकों के साथ संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

भूमि धोखाधड़ी और नशे के मामलों में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई

बैठक में भूमि धोखाधड़ी और एनडीपीएस से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। इनमें शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्तीकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।


छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी

राजकीय इंटर कॉलेज क्यार्क में आयोजित किया गया जन-जागरुकता अभियान

पौड़ी- जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण समिति, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त तत्वावधान में जनपद पौड़ी गढ़वाल के राजकीय इंटर कॉलेज, क्यार्क में एक दिवसीय वृहद जन-जागरुकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रावधानों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के प्रावधानों के बारे में जागरुक किया गया। बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी, हिंसा, शोषण अथवा संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के उपयोग एवं इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गयी।

इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया एवं नियमों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षित रहने, किसी अनजान व्यक्ति के संपर्क में सावधानी बरतने तथा किसी भी समस्या को अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से साझा करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय पंवार, बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट, संरक्षण अधिकारी प्रज्ञा नैथानी, जिला समन्वयक अभिषेक नेगी एवं परामर्शदाता कविता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


बेटियां उठायेंगी नशे के विरुद्ध मशाल- डाॅ. धन सिंह रावत

एमकेपी पीजी काॅलेज से 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान का शुभारम्भ

प्रदेशभर में गूंजेगा नशे के विरूद्ध युवा संकल्प, दिलाई जायेगी शपथ

देहरादून। सूबे के युवाओं को नशे की लत से दूर रखने व उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने लिये प्रदेशभर में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में प्रदेश की बेटियां नशे के विरुद्ध जागरूकता की मशाल थामेगी। अभियान के दौरान प्रदेशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी तथा आमजन को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज एम.के.पी. पी.जी. काॅलेज, देहरादून से नशे के विरुद्ध 100 दिवसीय महाभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ समाज को भी भीतर से खोखला करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिये निरंतर जागरूकता एवं जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है।

डाॅ. रावत ने कहा कि एमकेपी पीजी काॅलेज से इस महाभियान की शुरुआत करने का विशेष उद्देश्य यह है कि प्रदेश की बेटियां नशे के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता की सशक्त वाहक बन सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति ने हमेशा अपनी शक्ति, क्षमता और सामाजिक नेतृत्व के बल पर परिवर्तन लाये हैं। ऐसे में इस महाभियान में छात्राओं की भागीदारी सबसे अहम है। डाॅ. रावत ने कहा कि आगामी 100 दिनों में विभिन्न विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के विरुद्ध व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान डाॅ. रावत ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इसके सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक नुकसान के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति, मातृशक्ति, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों की एकजुट भागीदारी से नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प अवश्य साकार होगा।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बबीता दीदी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें नशे जैसे व्यसनों के अधीन होने के बजाय अपने जीवन को सकारात्मक विचारों और स्वस्थ आदतों से मजबूत बनाना चाहिए। वहीं नीलम दीदी ने ध्यान एवं आध्यात्मिक जीवनशैली के माध्यम से मन और तन को सशक्त बनाने का संदेश छात्राओं को दिया। मानसिक चिकित्सक डाॅ. रोहित गोंदवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं को इसके मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान छात्राओं ने संवाद के माध्यम से सक्रिय सहभागिता भी की।

एमकेपी पीजी काॅलेज की प्राचार्या डाॅ. ममता सिंह ने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार एमकेपी पीजी काॅलेज की छात्राएं नशे के अंधकार के विरुद्ध जागरूकता का दीप बनकर स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के एंटी ड्रग सेल द्वारा ‘‘नशा एक अभिशाप’’ विषय पर डिजिटल एवं हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता में नैना ने प्रथम, दीक्षा ने द्वितीय तथा मरियम जैदी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता में अनुप्रिया ने प्रथम, ईशिता ने द्वितीय तथा विमला ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त खेलकूद समिति द्वारा आयोजित मैराथन में साइमा अंसारी, कविता राणा, दिव्यांशी, दिव्या, हिमानी एवं सरस्वती ने बाजी मारी। सभी विजेताओं को कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में डाॅ. रावत ने एमकेपी पीजी काॅलेज, एमआईटी, हैरिटेज स्कूल एवं एमकेपी इंटर काॅलेज के विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई और नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. एल्वी दास एवं डाॅ. पुनीत सैनी ने किया।


हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास, पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ

मुख्यमंत्री धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने गौलापार में किया भूमि पूजन

हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर उत्तराखंड के खेल क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली। हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और भूमि पूजन किया गया। इसके साथ ही करीब 150 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी हो गई।

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि उनकी प्रतिभा को उचित मंच मिल सके और खेलों में करियर के नए अवसर तैयार हों।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गौलापार में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के जरिए युवाओं को उच्चस्तरीय कोचिंग के साथ खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स मेडिसिन और चोट से उबरने जैसी सुविधाएं प्रदेश में ही उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अब खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के लिए दिल्ली या विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने खिलाड़ियों से मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों को मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। अब खिलाड़ियों की मेहनत से देश-प्रदेश का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा फहराना चाहिए।

पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि

समारोह के दौरान राज्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि का डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरण किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।

वर्ष 2024-25 के देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, हल्द्वानी मेयर गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक महेश नेगी, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सचिव डीके सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि, खेल पदाधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौजूद रहे।


स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं पहाड़ की महिलाएं, खुद रोजगार से जुड़कर दूसरों को भी दे रहीं काम

मुख्यमंत्री की पहल से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिल रहा प्रशिक्षण, ऋण और आजीविका का सहारा

पौड़ी। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाएं अब रोजगार के लिए गांव छोड़ने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं प्रशिक्षण, ऋण और सरकारी सहयोग का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। पौड़ी विकासखंड की कलावती देवी और ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी इसकी मिसाल बनी हैं।

खांड़यूंसैंण निवासी कलावती देवी मां भगवती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। हिमोत्थान सोसाइटी से मिले 20 हजार रुपये के अनुदान से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। इसके अलावा समूह की अन्य महिलाओं के साथ उन्होंने आरसेटी से 13 दिवसीय जूट बैग निर्माण का प्रशिक्षण भी लिया। फिलहाल वह सिलाई के साथ ब्यूटी पार्लर का संचालन कर रही हैं। उनके स्वरोजगार से एक अन्य महिला को भी रोजगार मिला है।

कलावती देवी ने बताया कि जल्द ही जूट बैग बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में उन्हें स्वरोजगार से करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है, जबकि 10 से 12 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। उनका कहना है कि स्वरोजगार शुरू करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

इसी तरह ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी भी स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ अपनी आय का जरिया तैयार कर रही हैं। डांडा नागराजा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रामेश्वरी देवी ने पुलिस लाइन के पास ग्राम दुकान शुरू की है। यहां वह मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी दाल, जैम, अचार, बद्री गाय का घी और स्थानीय सब्जियों समेत कई पहाड़ी उत्पाद बेच रही हैं। दुकान से उन्हें हर महीने करीब छह से सात हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है।

रामेश्वरी देवी के मुताबिक, वर्ष 2025 में एनआरएलएम, नाबार्ड और हिमोत्थान सोसाइटी के सहयोग से उन्होंने तीन लाख रुपये का सीसीएल ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने ग्राम दुकान की शुरुआत की। दुकान के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल रहा है और उनकी आय का स्थायी साधन भी तैयार हुआ है।

ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय बिष्ट ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण, ऋण और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


चिड़ोंवाली में क्षतिग्रस्त पुल का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण

एक सप्ताह में डीपीआर तैयार करने के निर्देश

देहरादून। चिड़ोंवाली के मंदाकिनी विहार क्षेत्र में बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हुए पुल को लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल सुरक्षा और मरम्मत संबंधी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

पुल पर हुए धंसाव को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने प्रभावित हिस्से में तत्काल भरान कराने को कहा, ताकि लोगों के आवागमन में परेशानी न हो। साथ ही धंसाव वाले स्थान पर तुरंत बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

गणेश जोशी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए पुल के निर्माण के लिए एक सप्ताह के भीतर डीपीआर तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जा सके।

मंत्री ने कहा कि बरसात के कारण पुल और आसपास के क्षेत्र में हुए नुकसान को देखते हुए सुरक्षा उपायों और आवश्यक मरम्मत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्रवासियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कार्य तेजी से पूरा करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता सुरेंद्र राणा, मंजू, कुलदीप रावत, विजय ध्यानी समेत लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, अधिशासी अभियंता बीएन द्विवेदी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


चकराता में लालपुल के पास 35 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने पांच लोगों को सुरक्षित निकाला

देहरादून। चकराता क्षेत्र में शनिवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 35 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा सहिया से पहले लालपुल के पास हुआ। दुर्घटना के समय कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि तीन को सामान्य चोटें आई हैं।

जानकारी के मुताबिक, डायल-112 के जरिए एसडीआरएफ को हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ चकराता की टीम उप निरीक्षक जसपाल सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि टाटा टियागो कार संख्या DL9C 8092 सड़क से नीचे खाई में गिरी हुई थी और उसमें सवार लोग घायल अवस्था में फंसे थे।

एसडीआरएफ जवानों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम के सदस्य खाई में उतरे और घायलों तक पहुंच बनाई। काफी मशक्कत के बाद सभी पांचों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

घायलों में रोहन कुमार (23), निवासी नई दिल्ली, अभिषेक दुबे (26), निवासी रोहिणी दिल्ली, अभिषेक (26), निवासी नोएडा, उत्तर प्रदेश, शिवानी सिंह (22) और प्रिन्स राज (22), दोनों निवासी वाराणसी, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।


राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखण्ड को मिलेगी खेल विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक सौगात : रेखा आर्या

देहरादून। राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर उत्तराखण्ड के खेल परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। हल्द्वानी के गोलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का विधिवत शिलान्यास व भूमि पूजन किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन को भव्य रूप देने के लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की गहन समीक्षा की और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसे देवभूमि के युवाओं और खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना उनका एक बहुप्रतीक्षित और महत्त्वाकांक्षी सपना था, जो अब धरातल पर साकार होने जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय कोचिंग, आधुनिक खेल संरचना और खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस) की सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार राशि का डी०बी०टी० (DBT) के माध्यम से सीधा अंतरण किया जाएगा। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना’ के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

साथ ही, वर्ष 2024-25 के ‘देवभूमि खेल रत्न’ और ‘देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित होने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।


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