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मंत्री गणेश जोशी ने ‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ कार्यक्रम में सुनीं जनसमस्याएं

Category Archives: उत्तराखंड

मंत्री गणेश जोशी ने ‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ कार्यक्रम में सुनीं जनसमस्याएं

बहुउद्देशीय शिविर में 40 शिकायतों का हुआ निस्तारण

मंत्री गणेश जोशी ने बांटे चेक और किट

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज सहसपुर ब्लॉक के भगवन्तपुर में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

शिविर के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कृषि विभाग के लाभार्थियों को चेक वितरित किए, कृषक समूहों को फार्म मशीनरी बैंक के अंतर्गत उपकरण प्रदान किए तथा बाल विकास विभाग के लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट एवं किशोरी किट वितरित की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की भी शपथ दिलाई।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार प्रशासन चला गांव की ओर’ कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन की समस्याएं सुनीं। शिविर में कुल 40 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष विकासपरक एवं योजनाओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध प्रस्ताव तैयार कर समाधान के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा शिविरों की अवधि 15 दिन और बढ़ाई गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित इन विशेष शिविरों से अब तक 6 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसे उन्होंने सरकार की एक अनूठी और जनकल्याणकारी पहल बताया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। केंद्रीय बजट 2026 में लखपति दीदियों को ‘शी मार्ट’ से जोड़ने का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं की आजीविका संवर्धन को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में महिलाओं, किसानों और सैनिकों सहित हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वीबीजी रामजी योजना, मनरेगा से एक कदम आगे बढ़कर ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में भारत सरकार की एक सशक्त पहल है। उन्होंने बताया कि इस योजना के संचालन हेतु चालू वित्तीय वर्ष में भारत सरकार द्वारा ₹95,652.31 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत रोजगार के दिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं तथा समय पर मजदूरी भुगतान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

इस अवसर पर एसडीम मसूरी राहुल आनंद, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मंडल प्रभारी ज्योति कोटिया, लक्ष्मण सिंह रावत, किरन, ग्राम प्रधान रेनू शर्मा, भारती जवाड़ी, सुनील छेत्री, अजय पुंडीर सहित संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


कौशल विकास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री ने रोजगार–प्लेसमेंट गैप दूर करने के दिए निर्देश

ट्रेनिंग के साथ नौकरी सुनिश्चित करने की पहल, युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ा जाएगा

देहरादून। कौशल विकास के अंतर्गत अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

रोजगार गैप पर मंथन

बैठक में इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

बेरोजगारी बनाम कुशल श्रमिकों की कमी, समन्वय की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा जो आईटीआई से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए।

स्मार्ट मानव संसाधन पर फोकस, उद्योग मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने को कहा।

तीन स्तर की वर्कफोर्स और स्थानीय रोजगार मॉडल

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत @2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले।

ट्रेनिंग के साथ रोजगार सुनिश्चित, पाठ्यक्रमों की हो सतत समीक्षा

निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाय।

विदेशों में रोजगार, पारदर्शी भर्ती और न्यायिक प्रकरणों पर निर्देश

विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइंस साझा की जाए। ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो।

सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

उद्योग सहभागिता और एकीकृत प्लेटफार्म पर जोर

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों। उन्होंने बताया कि यदि उद्योग भी प्रशिक्षण और तकनीकी पाठ्यक्रम के निर्धारण में शामिल होंगे तो वे उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड कर पाएंगे। इससे युवाओं को जॉब पाने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।

सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डी एस गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


क्वानू–मीनस मोटर मार्ग दुर्घटना में घायल यात्रियों का हाल पूछने दून अस्पताल पहुँचे मुख्यमंत्री धामी

घायलों का हालचाल जाना, पारिवारिक जनों से बातचीत कर इलाज का पूरा भरोसा दिया

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी क्षेत्र अंतर्गत क्वानू–मीनस मोटर मार्ग पर हिमाचल परिवहन निगम की बस दुर्घटना में घायल हुए हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के यात्रियों का हाल-चाल जानने के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकीय टीम को सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासनगर के उप जिला चिकित्साधिकारी से दूरभाष पर विकासनगर में उपचाराधीन दुर्घटना के घायलों को भी समुचित एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार को भी आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में उपचाराधीन हिमाचल के सभी घायल यात्रियों का समुचित एवं निःशुल्क उपचार राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है।


शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों को करना होगा पंजीकरण

आउटसोर्स के माध्यम से प्रत्येक विद्यालयों में होंगे तैनात

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पड़े 2364 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर भर्ती शुरू कर दी गई है। इसके लिये इच्छुक अभ्यर्थियों को कौशल विकास विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के विभिन्न कार्यालयों व विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों (मृत संवर्ग) पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसके तहत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की आधिकारिक बेवसाइट रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गये हैं। जिसकी अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती आउटससोर्स के माध्यम से की जायेगी, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर चतुर्थ श्रेणी की जनदवार रिक्तयां प्रकाशित कर दी है। जिसमें उत्तरकाशी जनपद में 135 पदों पर आवेदन मांगे गये हैं। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग में 106, टिहरी 268, ऊधमसिंह नगर 182, पिथौरागढ़ 197, पौड़ी 340, बागेश्वर 89, अल्मोड़ा 254, चमोली 179, चम्पावत 120, देहरादून 195, हरिद्वार 91 तथा नैनीताल में 208 पदों पर भर्ती की जायेगी। चयनित अभ्यर्थियों को महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा एवं अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सहित एससीईआरटी, बोर्ड कार्यालय रामनगर, मण्डलीय अपर निदेशक कार्यालय माध्यमिक/प्राथमिक (गढ़वाल व कुमाऊं), समस्त डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी मध्यमिक व बेसिक कार्यालय सहित इंटर काॅलेज व हाईस्कूलों में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जायेगी। आउटसोर्स से तैनात कार्मिकों को प्रत्येक माह 15,000 रूपये मानदेय दिया जायेगा।

बयान-
शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों को आउटसोर्स के माध्यम से विद्यालयों में तैनाती दी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


गुलदार के हमले में 5 वर्षीय मासूम की मौत

रात के अंधेरे में गुलदार का हमला, कई घंटों की तलाश के बाद मासूम का शव बरामद

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के सिन्द्रवाणी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। देर रात को गुलदार एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे को उठाकर ले गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। बच्चे की तलाश के लिए तत्काल एसडीआरएफ (SDRF) टीम की मांग की गई।

सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट गोचर से निरीक्षक कर्ण सिंह के नेतृत्व में टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दुर्भाग्यवश मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

बरामद शव को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।


जिला प्रशासन की मानवीय पहल- विधवा महिला का बैंक ऋण चुकाया, बच्चों के भविष्य को दी सुरक्षा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधवा शांति राणा को बड़ी राहत

देहरादून। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी, बैंक ऋण और तीन बच्चों की जिम्मेदारी से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर उनका ऋण भार समाप्त कराया है। इसके साथ ही उनकी 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे परिवार को भविष्य की बड़ी चिंता से मुक्त किया गया है।

नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र है। सीमित संसाधनों के कारण वह बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कर त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर बैंक ऋण का पूर्ण निस्तारण कराया। साथ ही अंशिका की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस अग्रिम रूप से स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।

इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों और अन्य सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को संकट की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।


कोडीन युक्त कफ़ सिरप बिक्री पर औषधि विभाग की सख्त कार्यवाही

देहरादून-  अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड  ताजबर सिंह जग्गी से प्राप्त निर्देशों के तहत “सेफ ड्रग, सेफ लाइफ अभियान” के अंतर्गत कोडीन युक्त कफ सिरप एवं अन्य psychotropic औषधीय की अवैध बिक्री की रोकथाम के लिए देहरादून में विशेष प्रवर्तन कार्यवाही की गई।

उक्त अभियान के तहत जनपद देहरादून के औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी द्वारा विकासनगर, डाकपत्थर एवं सेलाकुई क्षेत्र स्थित विभिन्न मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर पर गंभीर अनियमितताएँ पाई जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रतिष्ठान के औषधियों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।

निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों पर औषधि विक्रय हेतु वैध लाइसेंस की उपलब्धता तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में औषधियों का क्रय-विक्रय सुनिश्चित कराया गया। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि स्वापक (Narcotic) एवं मन:प्रभावी (Psychotropic) औषधियाँ केवल विधिवत चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही वितरित की जाएँ। इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे औषधियाँ केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा किसी भी औषधि की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर तत्काल औषधि प्रशासन को सूचित करें। अपर आयुक्त ने निर्देश जारी किए कि प्रदेश में स्थित सभी थोक विक्रेताओं की सघन जांचक्षं की जाएगी। साथ ही जनपद देहरादून में प्रवर्तन की सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।


प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर प्राधिकरण की सख़्त कार्रवाई

मानचित्र स्वीकृति के बिना किए जा रहे निर्माणों पर ज़ीरो टॉलरेंस, सीलिंग अभियान रहेगा लगातार जारी

देहरादून- प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड एवं अन्य क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर सख़्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई है।

प्राधिकरण द्वारा सहस्त्रधारा रोड स्थित डिफेन्स एन्क्लेव, डांडा नूरीवाला क्षेत्र में आयुष तलनिया एवं सुशील तलनिया द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को चिन्हित किया गया था। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। इसी क्रम में लेन संख्या-01, एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में अरुण चड्ढा द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम द्वारा सील किया गया। मौके पर पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों की अवहेलना करते हुए किया जा रहा था, जिससे क्षेत्रीय नियोजन एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा था।

उक्त दोनों कार्यवाहियां संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गईं। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराई जा सके।

इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत निर्मल बाग, ब्लॉक-सी, श्री राम रेजीडेन्सी ऋषिकेश, देहरादून में राजेश द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सख़्त कार्रवाई की गई। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही अमल में लाई गई।

कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा नियमों के विपरीत किए गए निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। अवैध निर्माण पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी प्राधिकरण द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियोजित बनाने के उद्देश्य से ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किए गए निर्माण शहरी नियोजन, पर्यावरण एवं जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी मामलों में सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी : रेखा आर्या

महिला सशक्तिकरण विभाग की भावी योजनाओं पर की तैयारी की समीक्षा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों को भावी योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने मंगलवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखरेख के लिए जो योजना शुरू की जा रही है, उसमें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद बच्चों का समायोजन कहां किया जाएगा। साथ ही इन बच्चों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता कैसे मिलेगी इसकी भी व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की स्पॉन्सर योजना में राज्य ने 4900 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक कुल 1631 लाभार्थियों का बजट केंद्र से प्राप्त हुआ है, बाकी बजट के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करें और बजट की व्यवस्था की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने “आलंबन गांव” योजना के लिए विकास नगर में उपलब्ध जमीन से संबंधित औपचारिकताएं इसी महीने पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का ड्राफ्ट तैयार करके जल्द से जल्द कैबिनेट में रखा जाए।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र की स्पॉन्सरशिप योजना में जितने लाभार्थियों को शामिल किया जा रहा है, उत्तराखंड में जरूरतमंदों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है ।इसलिए अभी तक छूट जा रहे इन पात्र बच्चों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सानिध्य योजना लाई जाएगी।

बैठक में सभी जनपदों के जिला प्रोबेशन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे और मंत्री ने उन सभी से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।


मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों की समीक्षा, मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश

गणेश जोशी ने पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में जल निगम, जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मसूरी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चामासारी, सरोना सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुश्ता निर्माण सहित अन्य कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से संबंधित शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाकर कार्यों को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को समय पर लाभ मिल सके। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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