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मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की सख्ती, 125 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

Category Archives: उत्तराखंड

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की सख्ती, 125 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

लांघा रोड छरबा सहसपुर में 100 बीघा भूमि पर कार्रवाई, होरावाला रोड छरबा में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग व निर्माण करने की अनुमति किसी भी व्यक्ति को नहीं दी जाएगी- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अनियोजित विकास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 125 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण उपविधियों के तहत की गई इस कार्रवाई में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग की सड़कों पर बुलडोजर चलाया गया। एमडीडीए द्वारा लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण एवं प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहरी अव्यवस्था, पर्यावरणीय असंतुलन एवं भविष्य की विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

होरावाला रोड छरबा में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास, आलोक नौटियाल द्वारा होरावाला रोड, छरबा, आईटीआई के समीप देहरादून क्षेत्र में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। बिना प्राधिकरण की अनुमति भूमि का विभाजन कर प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आंतरिक सड़कें विकसित की जा रही थीं। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया और संबंधित लोगों को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।

लांघा रोड छरबा सहसपुर में 100 बीघा भूमि पर कार्रवाई
इसी क्रम में तडियाल एवं जोशी द्वारा लांघा रोड, छरबा, सहसपुर देहरादून क्षेत्र में लगभग 100 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां पर अवैध रूप से विकसित कॉलोनी के स्वरूप में प्लॉट चिन्हित किए गए थे तथा सड़कों का निर्माण किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, मनीश नौटियाल (सुपरवाइजर) सहित एमडीडीए का तकनीकी स्टाफ एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

आमजन को किया गया सतर्क
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना स्वीकृति किए गए निर्माण या प्लॉटिंग पर न केवल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि नियमानुसार कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। प्राधिकरण द्वारा अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के खिलाफ भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा। शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मसूरी–देहरादून क्षेत्र में नियोजित और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास ही एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आमजन के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाइयां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी विकास कार्य पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


खेल में करियर बनाएं पहाड़ के युवा- रेखा आर्या

सोमेश्वर के गोविंदपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट विजेताओं को किया सम्मानित

सोमेश्वर/अल्मोड़ा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में आयोजित मकर संक्रांति क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में खेल ढांचे का लगातार विस्तार किया जा रहा है और अब दूर दराज की गांव में भी खेल मैदान और मिनी स्टेडियम बनाने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित हो रही है और ऐसे में पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न जॉब और सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर दी है। जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब अपने करियर को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया । इसके साथ ही पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले युवाओं को भी मेडल पहनकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, जिला पंचायत सदस्य पुष्पा आर्य, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, अशोक जलाल, राहुल खोलिया, गणेश अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

17 गांव के खिलाड़ियों को बांटी क्रिकेट किट

सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के कंडारकुआं मंडल में दीपाधार मंदिर प्रांगण में आसपास के 17 गांवों के युवक मंगल दल एवं क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को क्रिकेट किट वितरित की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि युवा जब खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ते हैं तो इससे न केवल नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, बल्कि युवाओं का शारीरिक व मानसिक विकास भी बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास की योजनाएं पहुंचा रही है और सोमेश्वर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में विकास कार्य कराए गए हैं।

इस अवसर पर भुवन जोशी, हरीश परिहार, गोपाल सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, जानकी, गोपाल राम, त्रिलोक सिंह रावत, भूपाल परिहार, धन सिंह रावत, तारा सिंह परिहार, विशन सिंह कन्वाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


मंत्री गणेश जोशी ने सैन्य धाम के अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की

समयबद्ध पूर्ण हो सैन्य धाम का निर्माण, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने शासकीय आवास पर सैन्य धाम के अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण किया जाए।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सचिव सैनिक कल्याण एवं विभागीय अधिकारियों के साथ सैन्य धाम के लोकार्पण की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम के निर्माण को रोकने के संबंध में पूर्व में दायर की गई जनहित याचिका (PIL) को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि जिस भूमि पर सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, वह वन भूमि की श्रेणी में नहीं आती।

इस निर्णय के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मा. उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को लोकार्पण की सभी तैयारियों को सुचारु एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शीघ्र समय लेकर सैन्य धाम का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य धाम प्रदेश के वीर सैनिकों के सम्मान और गौरव का प्रतीक होगा।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, उपनिदेशक विंग कमाण्डर (सेनि) निधि बधानी, एमडी उपनल बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, उपनिदेशक कर्नल (सेनि) योगेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


वनाग्नि रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक, अधिकारियों को समन्वय व सतर्कता बनाने के निर्देश

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में वनाग्नि रोकथाम को लेकर बैठक लेते हुए सभी विभागों को समन्वित, सक्रिय और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व की गई तैयारी ही वनाग्नि से होने वाली क्षति को न्यूनतम कर सकती है तथा इसमें जनसहभागिता की अहम भूमिका है।

जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिये कि वनाग्नि के सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जनपद स्तर से ग्राम स्तर तक बनी समितियों को सक्रिय रखा जाए। आग की घटनाओं की रोकथाम हेतु उपलब्ध उपकरणों की समुचित जाँच, मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता तथा फायर वाचरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि आग लगाते हुए पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही सभी वन प्रभागों में वनाग्नि की सूचनाओं के आदान -प्रदान हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए तथा आपात स्थिति में त्वरित सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए।

उन्होने जिला मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों संस्थानों के अधिकारियों को निर्देश दिये सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय के आसपास घास-फूस, कूडा करकट व झाडियों की नियमित सफाई बनाये रखें। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशीन और अतिसंवेदनशील स्थलों के आसपास की बसावटों यथा गांवों, कसबों की मैपिंग प्राथमिकता के अधार पर करवाना सुनिश्चित करें। उन्होने युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि ग्राम स्तर पर बने सभी युवा एवं महिला मंगल दलों व ग्राम प्रहरियों को सक्रिय रखें।

बैठक में बताया गया कि जनपद का 61.38 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। वनाग्नि का सर्वाधिक खतरा 15 फरवरी से 15 जून के मध्य रहता है। जनपद में 5795.50 हेक्टेयर क्षेत्र अति संवेदनशील तथा 70717 हेक्टेयर क्षेत्र संवेदनशील श्रेणी में है। वर्तमान में 260 क्रू स्टेशन स्थापित किये गए हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी वन प्रभाग महातिम यादव ने बताया कि वनाग्नि रोकथाम के दृष्टिगत जनपद में कुल 09 कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। पर्याप्त संख्या में क्रू स्टेशनों की स्थापना की जा चुकी है तथा फायर वाचरों की तैनाती की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ग्राउण्ड लेवल पर मॉक ड्रिल, शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके अलावा वन अग्नि रोकथाम के क्रम में लीसा विदोहन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी रविन्द्र फोनिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत उत्तराखंड में 66 हजार से अधिक आवास स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 से उत्तराखंड को नई रफ्तार, 1 करोड़ नए घरों का लक्ष्य

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के अंतर्गत उत्तराखंड में आवास निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।

आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य शहरी गरीबों को सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से 01 सितंबर 2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में देशभर में 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में अब तक पीएमएवाई-यू के अंतर्गत कुल 66,577 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2,972 आवास पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत हैं। इनमें से 63,525 आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा 51,565 आवास पूर्ण कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

सांसद रावत ने कहा कि पीएमएवाई-यू एक मांग आधारित और पारदर्शी योजना है, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है। नागरिक स्वयं भी योजना के एकीकृत पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं, जिससे जरूरतमंदों तक सहायता सीधे पहुँच रही है।

उन्होंने बताया कि पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत लाभार्थी आधारित निर्माण, किफायती आवास साझेदारी, किफायती किराया आवास और ब्याज सब्सिडी जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड सहित देशभर के शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शहरी गरीबों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पीएमएवाई-यू 2.0 उत्तराखंड के शहरी परिवारों के लिए आशा की नई किरण है। उत्तराखंड को आवास के क्षेत्र में निरंतर प्राथमिकता दिए जाने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।


मसूरी में जल्द बनेगा वेंडर जोन और पार्किंग, कागजी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी की पार्किंग व्यवस्था एवं वेंडर जोन निर्माण को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने शासकीय आवास में मसूरी की पार्किंग व्यवस्था एवं वेंडर जोन निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, एसडीएम मसूरी राहुल आनंद, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन सहित जिला प्रशासन एवं नगर पालिका के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मसूरी में पार्किंग समस्या तथा वेंडर जोन से संबंधित सभी कार्यों की कागजी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका और प्राइवेट प्लेयर के सहयोग से मसूरी में जल्द ही वेंडर जोन एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी की प्रमुख सड़कों का भी शीघ्र जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन एवं नगर पालिका के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मसूरी के सुव्यवस्थित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा।


पॉड टैक्सी और मसूरी-नैनीताल रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन को लेकर समीक्षा बैठक

देहरादून पीआरटी परियोजना बनेगी ईबीआरटीएस की फीडर, तीन कॉरिडोर पर प्रस्ताव

देहरादून। शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन को लेकर सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास, उत्तराखण्ड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूएमआरसी) सहित संबंधित विभागों एवं परामर्शदात्री संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में प्रबंध निदेशक, उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल शहर में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान परियोजनाओं के तकनीकी, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं वित्तीय पहलुओं की जानकारी दी गई।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन तथा गांधी पार्क से आईटी पार्क तक के मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना शहर में यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी। बैठक में निगम द्वारा तैयार की गई डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर विस्तार से चर्चा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजना की उपयोगिता को और अधिक स्पष्ट करने पर बल देते हुए निर्देश दिए कि डीपीआर में परियोजना की आवश्यकता, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए), सामाजिक प्रभाव तथा वित्तीय व्यवहार्यता को ठोस रूप में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में संशोधित डीपीआर के साथ पुनः प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए।

आवास सचिव ने देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी कॉरिडोर के संरेखण का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की भी इच्छा जताई, ताकि जमीनी स्तर पर परियोजना की व्यवहारिकता का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त बैठक में मसूरी एवं नैनीताल शहरों में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि रोपवे परियोजनाएं पर्वतीय शहरों में यातायात जाम, पार्किंग समस्या एवं प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस पर आवास सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रोपवे परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाली समस्त भूमि का विस्तृत विवरण, स्वामित्व की स्थिति सहित तैयार करने तथा संबंधित विभागों से पत्राचार कर शीघ्र अग्रतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी पहलुओं का समयबद्ध समाधान परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अभियंता, मै. मैकेन्जी एवं मै. सिस्ट्रा के सलाहकार अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा– डॉ. आर. राजेश कुमार

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित कर रही है। देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी और नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात दबाव कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।


अनियंत्रित होकर खाई में गिरा डंपर, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर चालक को निकाला सुरक्षित बाहर

घायल को अस्पताल पहुंचाया गया

नैनीताल। बेतालघाट क्षेत्र में देर रात एक डंपर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गया। हादसे की सूचना रात लगभग 11:43 बजे जिला नियंत्रण कक्ष नैनीताल एवं जिला आपदा प्रबंधन द्वारा एसडीआरएफ को दी गई, जिसमें एक व्यक्ति के वाहन में फंसे होने की जानकारी मिली।

सूचना मिलते ही पोस्ट खैरना से इंस्पेक्टर राम सिंह बोरा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाई में उतरकर डंपर (वाहन संख्या UK 12 CA 0585) में फंसे व्यक्ति को घायल अवस्था में बाहर निकाला।

रेस्क्यू टीम ने स्ट्रेचर और रोप की सहायता से कड़ी मशक्कत कर घायल को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। घायल की पहचान जगत बोहरा (45 वर्ष), पुत्र प्रताप सिंह, निवासी सोन गांव (बस गांव), बेतालघाट, जिला नैनीताल के रूप में हुई है।


सीएम धामी ने विधायक राम सिंह कैड़ा के आवास पहुंचकर उनकी पूज्य माताजी के निधन पर जताया शोक

सीएम धामी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

भीमताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम सिंह कैड़ा के आवास पर पहुंचकर उनकी पूज्य माताजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में राज्य सरकार एवं वे स्वयं शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।


भट्ट ने संसद में की, बापूग्राम, मीरानगर को राजस्व ग्राम बनाने की पुरजोर पैरवी

शून्यकाल में भट्ट ने बापूग्राम की समस्याओं की तरफ केंद्र का ध्यान आकृष्ट कराया

देहरादून। ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरानगर को राजस्व ग्राम का अधिकार दिलाने की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद में पुरजोर पैरवी की है। उन्होंने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाकर, स्थानीय लोगों के वैधानिक अधिकार एवं विकास की चिंताओं की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।

आज राज्यसभा के शून्यकाल में उनके द्वारा ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरा नगर क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय उठाया गया। जिसमें उन्होंने सरकार के संज्ञान में लाते हुए कहा, यह दोनों क्षेत्र पिछले कई दशकों से घनी आबादी वाले हैं। 1950 से यहां लोग निवास कर रहे हैं जिनकी 1980 में ही जनसंख्या 50 हजार पाई गई थी। आज वहां हजारों परिवार निवास करते हैं, जो नियमित रूप से नगर निगम को करोड़ों रुपए कर भुगतान भी करते हैं, परंतु आज तक इन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। राजस्व ग्राम घोषित न होने के कारण इन क्षेत्रों के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जैसे भूमि स्वामित्व से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं, इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा। वहीं इस तकनीकी दिक्कत के कारण वहां विकास कार्यों में अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। उनके द्वारा सदन में बताया गया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा इस विषय में बार-बार अनुरोध किए गए हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उनके द्वारा इस दौरान केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वे उत्तराखण्ड सरकार से समन्वय कर ऋषिकेश के बापूग्राम एवं मीरा नगर क्षेत्रों को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करें। ताकि वहाँ के निवासियों को उनके वैधानिक अधिकार एवं सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके।


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