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भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, एसडीएम और तहसीलदार ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

Category Archives: उत्तराखंड

भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, एसडीएम और तहसीलदार ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

गौला नदी के जलस्तर का लिया जायजा, नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की हिदायत

हल्द्वानी। लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए हल्द्वानी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार कुलदीप पांडे ने तहसील क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान गौला नदी के जलस्तर की स्थिति का भी जायजा लिया गया। नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा।

नदी-नालों से दूर रहें, बच्चों का रखें विशेष ध्यान

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, नालों एवं जलधाराओं के किनारे न जाएं। विशेष रूप से अभिभावक बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की।

24 घंटे सक्रिय है तहसील कंट्रोल रूम

उप जिलाधिकारी मोनिका ने बताया कि जिला प्रशासन भारी वर्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। तहसील स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

उन्होंने आमजन से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ मजरा महादेव पहुंचीं डीएम, तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतों पर मौके से तय हुई कार्रवाई

सड़क-पानी-बिजली से लेकर खेती, रोजगार और शिक्षा तक के मामलों पर गंभीरता से हुई सुनवाई

जिलाधिकारी के निर्देशन में 3 सितंबर से चाकीसैंण क्षेत्र में एक सप्ताह चलेगा आधार शिविर

पौड़ी- दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विकासखंड थलीसैंण के राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में तहसील दिवस आयोजित किया गया। तहसील चाकीसैंण क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, कृषि, शिक्षा, राशन, आवास, रोजगार सहित विभिन्न समस्याएं रखीं। 175 से अधिक शिकायतों की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही स्थिति जानी और जो मामले आसानी से हल हो सकते हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा के साथ प्रत्येक प्रकरण में कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता को भी इसकी सूचना उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय मझोली के क्षतिग्रस्त भवन का प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। कुचोली में मिड-डे मील के लिए शेड निर्माण के मामले में प्रस्ताव प्राप्त होते ही कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शासन को भेजे गए प्रस्तावों का फॉलोअप रखने और आवेदनकर्ताओं को भी इसकी जानकारी देने को कहा गया। आधार संबंधी समस्याओं तथा बालिका श्वेता के दिव्यांग प्रमाणपत्र के आवेदन पर जिलाधिकारी ने कहा कि सितंबर में चाकीसैंण क्षेत्र में दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी आधार शिविर लगेगा। 3 सितंबर से रोस्टर के अनुसार तिरपालीसैंण में एक सप्ताह का आधार शिविर संचालित होगा, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। गौरा देवी कन्याधन योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बगेली गांव में पेयजल लाइन बिछाने को लेकर दूसरे गांव से विवाद के मामले में ग्रामसभा की बैठक के माध्यम से समाधान का रास्ता सुझाया गया। नौगांव ईड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भवन और पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर जल संस्थान को निरीक्षण कर मरम्मत कराने के लिए कहा गया। जिलाधिकारी ने ‘हर घर नल’ से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से लेने तथा कुचोली में जल निकासी के लिए पुश्ता निर्माण के मामले में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के मामले में जिलाधिकारी ने कहा कि घेरबाड़ एवं चैनलिंक फेंसिंग की मांग पर सामूहिक घेरबाड़ के लिए ग्रामसभा से प्रस्ताव लिए जाएंगे और सर्वे के बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने ग्रामसभाओं से अधिक से अधिक प्रस्ताव उपलब्ध कराने के साथ मुख्य कृषि अधिकारी को सभी प्रस्तावों का परीक्षण करने और अच्छी खेती करने वाले किसानों को घेरबाड़ में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन के लिए ऋण के आवेदनों तथा मुर्गीबाड़े सहित रोजगार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने पर भी जोर रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोजगार संबंधी मामलों में लोगों को शिकायत लेकर दोबारा न आना पड़े।

जिलाधिकारी ने लटकते तारों, झूलते एवं जर्जर विद्युत पोलों की शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को कनिष्ठ अभियंताओं की बैठक लेकर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरखोला, सुनार गांव एवं धरगांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर लाइट लगाने, पुरानी सोलर लाइटों के सुधारीकरण, पीएम सूर्य घर योजना की सब्सिडी तथा नवजागृति पब्लिक स्कूल लद्वाड़ी में विद्युत पोल शिफ्ट करने से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई होगी।

धरगांव में पीएमजीएसवाई सड़क कटिंग से मलबा आने के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन के लिए मौका निरीक्षण कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुनार गांव में संपर्क मार्ग के लिए सर्वे कर ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत प्रस्ताव तैयार होगा। जिलाधिकारी ने मजरा महादेव-सौड़ और नौड़ी-सौड़ सड़क के मरम्मतीकरण में मौका निरीक्षण के बाद कार्रवाई, चुठाणी गांव की सड़क के निर्माण में तेजी तथा सांकरसैंण मार्ग पर गड्ढों के भरान के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट के अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिए कि बगेली में सड़क कटिंग का मुआवजा नहीं मिलने पर अधिशासी अभियंता पाबौ एवं उपजिलाधिकारी संयुक्त निरीक्षण करेंगे। चाकीसैंण-चौंरा मुख्य मार्ग से ईड़ा ग्वींठ की खराब सड़क के संबंध में अधिशासी अभियंता ने प्राक्कलन शासन को भेजे जाने की जानकारी दी। ग्रामसभा बिरसोड़ा में नई सड़क का सर्वे पूरा होने पर ग्रामवासियों की उपस्थिति में मौके पर अलाइनमेंट की जांच होगी। जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को आज ही मौका निरीक्षण कर सड़क का स्लोप सही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने पेंटिंग वाली सड़कों का काम शीघ्र पूरा करने तथा शासन में भेजे गए सड़क प्रस्तावों का लगातार फॉलोअप रखते हुए स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करने पर भी जोर दिया।

तहसील में जिलाधिकारी ने घुलेख में राशन कार्ड में नाम जोड़ने एवं हटाने में हो रही देरी की शिकायत पर उपजिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही घतटौली से संबंधित शिकायत की भी जांच करने को कहा। उन्हें कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में दूसरी किश्त नहीं मिलने के मामले में परियोजना निदेशक स्वजल जांच करेंगे। साथ ही तिरपाली गांव में शौचालय नहीं होने की शिकायत पर पीडी स्वजल ने ग्रामसभा द्वारा शौचालय बनाए जाने की जानकारी दी, जिस पर शौचालय निर्माण के साक्ष्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने श्रृंगऋषि मंदिर में टिनशेड, शौचालय आदि निर्माण के लिए डीएफओ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ईड़ा नौगांव में चेकडैम निर्माण, पुराने वन मार्ग के मरम्मतीकरण, गूल निर्माण एवं जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्यों में भी संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक झाड़ियों वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार बुशकटर उपलब्ध कराने को कहा। मजरा महादेव क्षेत्र में टाल की मांग पर आवश्यक व्यवस्था का आश्वासन दिया गया।

जिलाधिकारी ने खंड तल्ला में कूड़ा निस्तारण नहीं होने की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी को कूड़ा उठान की नियमित निगरानी तथा कूड़ा संग्रहण केंद्रों की जियो-टैग फोटो के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में शासन की योजनाओं से जुड़े मामलों और रोजगारपरक आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर भी जोर दिया गया।

ग्राम पंचायतों में महिला प्रधानों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डीपीआरओ एवं बीडीओ को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस, बीडीसी बैठकों सहित अन्य बैठकों में महिला ग्राम प्रधान स्वयं प्रतिभाग करें और उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रतिनिधि बनाकर न भेजा जाए।

ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी ने कहा कि थलीसैंण क्षेत्र अत्यधिक उत्पादन वाला क्षेत्र है। उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए तहसील दिवस आयोजित किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य टीला शिव चरण नौटियाल, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि लोकेश सारस्वत, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पी.आर. चमोली, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय, जिला पर्यटन अधिकारी के.के. जोशी, खंड विकास अधिकारी टीका राम, परियोजना अधिकारी स्वजल दीपक रावत, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

देहरादून- आगामी दिनों में संभावित संक्रामक बीमारियों एवं उनके संक्रमण की रोकथाम तथा प्रभावी नियंत्रण को लेकर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड डॉ. सुनीता टम्टा द्वारा आज प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (सीएमएस) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी सीएमओ एवं सीएमएस को अपने-अपने जनपदों में संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा चिकित्सालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में संभावित बीमारियों एवं उनके संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महानिदेशक ने सभी जनपदों के चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों एवं निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

उन्होंने कहा कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समयबद्ध निगरानी, त्वरित उपचार, प्रभावी सर्विलांस तथा जन-जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रभावी कदम उठाएं।

महानिदेशक ने आमजन से भी अपील की कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सालय में चिकित्सकीय परामर्श लें तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।

बैठक में निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य) डॉ. शिखा जंगपांगी, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रीति पंत, अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. मनु जैन, संयुक्त निदेशक डॉ. वी.पी. सिंह, सहायक निदेशक डॉ पंकज कुमार सिंह, सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्र जोशी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


टनकपुर में ‘खेल महाकुंभ 2026’ का भव्य आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया शुभारंभ

टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को ‘खेल महाकुंभ-2026’ एवं मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का भव्य आगाज हुआ। चंपावत जिले के टनकपुर स्थित स्व. कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह का औपचारिक शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिताओं की शुरुआत की। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं तथा खिलाड़ियों को पूर्ण खेल भावना की शपथ दिलाई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “राज्य को देवभूमि के साथ-साथ एक मजबूत ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना और युवाओं के स्वर्णिम भविष्य को संवारना हमारी सरकार का मुख्य संकल्प है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा, “न्याय पंचायत स्तर की यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के करियर की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण सीढ़ी है, जहाँ से सफलता प्राप्त कर ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों के बच्चे ब्लॉक और जिला स्तर से होते हुए राज्य स्तरीय ‘मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी’ तक अपनी पहुँच बना रहे हैं। इस पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, ताकि हर प्रतिभावान बच्चा बिना किसी सिफारिश के केवल अपनी क्षमता और हुनर के बल पर राज्य और राष्ट्रीय मंचों तक पहुँच सके।”

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, “राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। नैनीताल के हल्द्वानी में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और लोहाघाट में देश के पहले ‘गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज’ का निर्माण जैसे अभूतपूर्व निर्णय हमारी बालिकाओं और युवाओं के करियर निर्धारण में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था और ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्तियाँ देकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है।”

उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा, “सभी युवा खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर तिरंगा लहराने का लक्ष्य निर्धारित करें।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों के लिए ₹1 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि घोषित की गई है। प्रतियोगिता में समग्र (ओवरऑल) चैंपियन बनने वाली टीम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी के साथ ₹5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।”

चार चरणों में होगा प्रतियोगिताओं का आयोजन:

खेल महाकुंभ का चरणबद्ध शेड्यूल निर्धारित किया गया है:

न्याय पंचायत स्तर (स्थानीय जनप्रतिनिधि स्पर्धा): 01 से 10 सितंबर (अंडर-14 एवं अंडर-19)

विधानसभा स्तर (विधायक चैंपियंस ट्रॉफी): 11 से 20 सितंबर

संसदीय क्षेत्र स्तर (सांसद चैंपियंस ट्रॉफी): 21 से 30 सितंबर

राज्य स्तर (मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी): 10 से 30 अक्टूबर

इस बार महाकुंभ में आधुनिक खेल स्पर्धाओं के साथ-साथ पारंपरिक खेलों—जैसे मुर्गा झपट, पिट्टू, मल्लखम्ब, कंचा और रस्साकस्सी को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत महिला ओपन (20-25 आयु वर्ग) और दिव्यांगजन (महिला/पुरुष ओपन) श्रेणियों के लिए भी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित होंगी।

इस अवसर पर खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


ड्राइंग व भाषण प्रतियोगिता में झलकेगा विकसित भारत का संकल्प- डाॅ. धन सिंह रावत

17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सभी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

सूबे के सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों के 20 लाख छात्र करेंगे प्रतिभाग

देहरादून। प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनमें विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें विद्यालयी, संस्कृत, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरा करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर चारों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में संचालित होने वाले ‘सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 25 वर्ष’ अभियान में सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राएं चित्रकला तथा भाषण के माध्यम से विकसित भारत के प्रति अपने विचार, सपने और संकल्प को अभिव्यक्त करेंगे। विद्यालयों में उत्कृष्ट चित्रों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी, जिससे बच्चों की प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके।

डा. रावत ने कहा कि विद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के बाद उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा और उन्हें जिला व राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में भेजा जायेगा। जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच के लिये चयनित करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री व खुद शिक्षा मंत्री पुरस्कृत करेंगे।

विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि सभी जनपदों में कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक शिक्षण संस्थान तक इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सचिव विद्यालयी शिक्षा डाॅ. ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


देहरादून की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, 15 सितंबर से युद्धस्तर पर शुरू होगा काम

30 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य

देहरादून। देहरादून में बारिश के बाद खराब हुई सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए काम पूरा करने की समयसीमा तय की है। मानसून के समाप्त होते ही 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन ने 30 अक्टूबर तक सभी सड़कों को बेहतर और आवागमन के लिए सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है।

15 सितंबर से सड़कों की मरम्मत में आएगी तेजी

मानसून के बाद 15 सितंबर से जिले की सड़कों की मरम्मत का काम अभियान के रूप में चलाया जाएगा। निर्माणदायी एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में खराब सड़कों का सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि आवश्यक कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जारी है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि 30 अक्टूबर 2026 तक जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। प्रशासन की ओर से कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी भी रखी जाएगी।

1.14 लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइट, 40 टीमें मैदान में

शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम देहरादून ने भी विशेष अभियान शुरू किया है। नगर निगम क्षेत्र में करीब 1,14,171 स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से 169 लाइटों के खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं।

इन शिकायतों के निस्तारण के लिए नगर निगम ने 40 विशेष टीमें तैनात की हैं। टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर खराब लाइटों की मरम्मत करने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल भी रही हैं।

मंगलवार को मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, कमला पैलेस-शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग-आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड-रेसकोर्स और फव्वारा चौक-नेहरू कॉलोनी समेत कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया गया।

रात में भी सड़कों और व्यवस्थाओं की निगरानी

शहर की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन ने 20-20 अधिकारियों की अलग-अलग टास्क फोर्स गठित की है। ये टीमें स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी जैसे मामलों की निगरानी कर रही हैं।

अधिकारी रात के समय भी फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली खामियों की फोटो और गूगल लोकेशन संबंधित विभागों को तत्काल भेजी जा रही है, ताकि समस्या की पहचान और उसके समाधान के बीच अनावश्यक देरी न हो।

दैनिक रिपोर्ट के आधार पर होगा समाधान

टास्क फोर्स की ओर से रोजाना दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण कराया जा रहा है। प्रशासन की रणनीति दिन में सड़कों की मरम्मत और रात में जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने की है। इसके जरिए देहरादून में यातायात व्यवस्था के साथ-साथ शहर की प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, SDRF ने किए शव बरामद

अल्मोड़ा। सोमेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम वडयूडा में मंगलवार सुबह एक मकान अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मकान के मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, सुबह डीसीआर/आपदा से सूचना मिली कि ग्राम वडयूडा में एक मकान ढह गया है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही सरियापानी पोस्ट से उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में SDRF टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर पहले सड़क पर मलबा आने के कारण मार्ग बंद मिला। इसके बाद SDRF जवान आवश्यक उपकरण लेकर पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, फायर सर्विस और जिला पुलिस के साथ समन्वय कर मलबे में सघन तलाशी एवं रेस्क्यू अभियान चलाया।

काफी प्रयास के बाद SDRF टीम ने मलबे से तीन लोगों के शव बरामद किए। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42), पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या (19), पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार (18), पुत्र राजेंद्र राम के रूप में हुई है।

वहीं, परिवार का एक अन्य सदस्य गुलाब राम मकान से बाहर बने कमरे में सो रहा था। मकान ढहने के दौरान वह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा।

SDRF टीम ने बरामद तीनों शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।


प्रेमनगर में बरसाती नाले के तेज बहाव में बही क्रेटा, दो की मौत

SDRF ने एक युवती को घायल अवस्था में किया रेस्क्यू

देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में देर रात तेज बरसाती बहाव की चपेट में आने से एक क्रेटा कार बह गई। हादसे के वक्त कार में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान के दौरान एक युवती को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि युवक और एक अन्य युवती के शव बरामद किए गए।

जानकारी के अनुसार, देर रात लोअर कंडोली-पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास क्रेटा कार संख्या RJ 13 CE 5641 तेज बरसाती बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलने पर डाकपत्थर से अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचते ही SDRF जवानों ने विपरीत परिस्थितियों के बीच सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और अंधेरे के बावजूद टीम ने आसपास के इलाके में लगातार तलाशी अभियान चलाया।

सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा घायल अवस्था में मिलीं। SDRF टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला और प्राथमिक कार्रवाई के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

इसके बाद तलाशी अभियान के दौरान कार में सवार अक्षय पुत्र मुकेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान और एक अन्य युवती का शव बरामद किया गया। दोनों शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

SDRF टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में भी सर्चिंग अभियान चलाया। तेज बरसाती बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने पूरी रात लगातार रेस्क्यू और तलाशी अभियान जारी रखा।


SIR को लेकर CDO अभिनव शाह ने की समीक्षा बैठक

जिले में जारी नोटिसों के सापेक्ष 96 प्रतिशत से अधिक मामलों में सुनवाई पूर्ण

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के निर्देशों के तहत जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मतदाता सूची से जुड़े एनोमली, नो मैपिंग, नोटिस और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि जिले की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 11,90,805 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में एनोमली और 1,52,170 मामलों में नो मैपिंग सामने आई है। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,47,942 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जारी नोटिस के सापेक्ष अब तक 5.25 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। यानी करीब 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण सुनवाई के स्तर पर किया जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शेष मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है। खासकर नो मैपिंग और एनोमली से जुड़े मामलों में अभिलेखों का उचित सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने को कहा गया।

59,978 दावे-आपत्तियां प्राप्त

बैठक में 15 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच प्राप्त प्रारूप-6, 7 और 8 के दावों एवं आपत्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 59,978 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रारूप-6 के 39,025, प्रारूप-7 के 10,235 और प्रारूप-8 के 10,718 आवेदन शामिल हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने क्षेत्र में तैनात कार्मिकों के कार्य की नियमित निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में निर्वाचन की शुचिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें।

बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीपीआई (एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से सुनील जायसवाल, बसपा से सतेंद्र सिंह, भीम राव और सतेंद्र चोपड़ा सहित संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।


पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के लिए 5 दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर

उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का समूह हैदराबाद में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का करेंगे अवलोकन

पत्रकार दल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, शिल्पारामम (सांस्कृतिक व हस्तशिल्प गांव), आईसीएमआर – राष्ट्रीय पोषण संस्थान, सालार जंग संग्रहालय, ईएसआईसी अस्पताल सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख औद्योगिक व तकनीकी प्रतिष्ठानों का भ्रमण करेगा

यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है

देहरादून – सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित पांच दिवसीय हैदराबाद प्रेस टूर के लिए उत्तराखंड से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद पहुंचा।

केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकीय प्रगति और नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर (अध्ययन भ्रमण) सोमवार सुबह जॉलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से हैदराबाद पहुंचा।

केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को भौतिक रूप से दिखाने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा यह प्रेस टूर का आयोजन किया है। इस भ्रमण कार्यक्रम में विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को हैदराबाद ले जाया गया है। जहां वे केंद्र सरकार के प्रमुख जनोन्मुखी उपलब्धियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जमीनी हकीकत से रुबरु होंगे। यह प्रेस टूर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों एवं विकास गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।

इस अध्ययन यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद स्थित प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों, शोध केन्द्रों तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का दौरा करेगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के मीडियाकर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे विकास कार्यों,अनुसंधान, वैज्ञानिक नवाचारों और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में आई क्रांति से रूबरू कराना है, ताकि जनहित से जुड़ी इन उपलब्धियों की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा सके।

पीआईबी चयनित परियोजना स्थलों पर ऐसे प्रेस टूर आयोजित करता है ताकि पत्रकार देश में चल रही विकास गतिविधियों का सीधा लेखा-जोखा ले सकें और उनकी व्यापक जनहित और राष्ट्रहित उपयोगिता को परख सकें।

दौरे के दौरान पत्रकार दल भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, शिल्पारामम (सांस्कृतिक व हस्तशिल्प गांव), आईसीएमआर – राष्ट्रीय पोषण संस्थान, सालार जंग संग्रहालय, ईएसआईसी अस्पताल सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख औद्योगिक व तकनीकी प्रतिष्ठानों का भ्रमण करेगा तथा वहां के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करेगा।

पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस टूर के कंडक्टिंग ऑफिसर श्री संजीव सुंद्रियाल ने कहा कि “यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे राज्य के पत्रकारों को हैदराबाद में केंद्र सरकार की उपलब्धियों की गहन, सटीक और स्पष्ट जानकारी मिलेगी।”

उन्होंने बताया कि इस प्रेस टूर का उद्देश्य है, पत्रकारों को विभिन्न राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, संस्थानों एवं गतिविधियों का ज़मीनी स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके। “राष्ट्रीय प्रेस टूर का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय मीडिया और राष्ट्रीय स्तर की विकासात्मक प्राथमिकताओं के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है। हैदराबाद देश का एक प्रमुख आईटी, फार्मास्यूटिकल और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र है। इस अध्ययन यात्रा से उत्तराखंड के पत्रकारों को देश की अत्याधुनिक तकनीकी और बुनियादी ढांचे की प्रगति को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि इस एक्सपोजर टूर के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों और नवाचारों का गहन विश्लेषण कर पाठकों तक सटीक व प्रामाणिक जानकारी पहुंचा सकें। समय-समय पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा ऐसे प्रेस टूर आयोजित किए जा रहे हैं।”


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