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डॉ. नित्यानंद का पूरा जीवन – हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को रहा समर्पित- मुख्यमंत्री धामी

Category Archives: उत्तराखंड

डॉ. नित्यानंद का पूरा जीवन – हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को रहा समर्पित- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्तत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025 -26 से  जयेंद्र सिंह राणा एवं संजय सत्यवली को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. नित्यानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। उनकी सोच, हिमालय की शिखरों जैसी ऊँची और उनका सेवा-भाव हिमालय की घाटियों से भी गहरा था। उनका मानना था कि हिमालय की रक्षा करना, भारतीय सभ्यता और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद ने विज्ञान को अध्यात्म से, शोध को लोक-जीवन से और चिंतन को राष्ट्रहित से जोड़ने का कार्य किया। वो समाज के प्रत्येक वर्ग में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना का संचार करते रहे। उन्होंने गांवों के सशक्तिकरण के लिए भी आजीवन कार्य किया। वे प्रतिवर्ष अपनी आय से लगभग 40 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किया करते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली की आपदा के बाद डॉ. नित्यानंद ने बिना किसी विलंब के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जो आज भी श्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने मनेरी गाँव को अपना केंद्र बनाकर वहाँ 400 से अधिक भूकंप रोधी मकानों के निर्माण का कार्य भी कराया। उन्होंने उस क्षेत्र के 50 से अधिक गाँवों को मॉडल गाँवों के रूप में विकसित करने का कार्य भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा डॉ. नित्यानंद ने ‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति’ का गठन कर उन्होंने सेवा को संस्थागत स्वरूप दिया, जो आज भी देशभर में आपदाओं के समय मानवता की सेवा का सबसे बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा देहरादून में संचालित डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र उनके विचारों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह केंद्र हिमालयी अध्ययन, सतत विकास, आपदा प्रबंधन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान जैसे विभिन्न माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से अब तक हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों चलाए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण हेतु ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) का गठन किया है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी जीवन के प्रत्येक प्रमुख अवसर पर जैसे जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ या कोई अन्य स्मरणीय दिन पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। जिससे हम सभी देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे।

इस अवसर पर आर.एस.एस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ दिनेश, आर.एस.एस प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक विनोद चमोली, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला, डॉ. कमलेश कुमार, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बड़ाकोटी, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, रविदेवानंद, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन सख्त, सभी कार्य अनुमतियां निरस्त

प्रशासन ने एक दिन में मशीनरी हटाने के दिए निर्देश

देहरादून। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किए जा रहे निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए समस्त कार्य अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही जनवरी माह में आकस्मिक परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा कंट्रोल रूम से जारी सभी कार्यालय अनुमतियां भी रद्द कर दी गई हैं। जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्थाओं को एक दिन के भीतर निर्माण स्थलों से मशीनरी एवं निर्माण सामग्री हटाने तथा 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए हैं।

अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधीक्षण अभियंता एनएच तथा अन्य सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि अभियंताओं की रोस्टरवार ड्यूटी लगाते हुए तत्काल सड़कों के सुधारीकरण एवं मरम्मत कार्य शुरू करें और निर्धारित समयावधि के भीतर शहर की सभी सड़कों को पूर्व स्थिति में लाएं। जिला प्रशासन के संज्ञान में आया कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे रोड कटिंग कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, संकेतक, बैरिकेडिंग तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े अन्य उपायों का पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर कार्यों की समीक्षा एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी भी नहीं की जा रही थी।

जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा समय-समय पर किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर पेनाल्टी, मुकदमा एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही थी तथा सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर हादसों की आशंका बनी हुई थी। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

परियोजना समन्वय समिति, देहरादून द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर पूर्व में कई कार्यदायी संस्थाओं को रोड कटिंग की अनुमति प्रदान की गई थी। इनमें उत्तराखंड जल संस्थान, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन, उत्तराखंड पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, यूयूएसडीए, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड सहित अन्य संस्थाएं तथा जिलाधिकारी एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय शामिल थे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने के बाद यदि किसी भी स्थान पर रोड कटिंग कार्य संचालित पाया गया तो संबंधित संस्थाओं की मशीनरी एवं निर्माण सामग्री जब्त करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक यातायात को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।


“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही सरकार- गणेश जोशी

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वार्ड 05 धोरणखास में ₹1.50 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के वार्ड 05 धोरणखास में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न जनहितकारी विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत लगभग 1.50 करोड़ थी।

इस अवसर पर काबीना मंत्री ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सड़क, पेयजल, जल निकासी, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नाली निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास तथा अन्य जनोपयोगी कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने वार्ड में सीवर लाइन निर्माण एवं पूर्व सैनिक भवन निर्माण के लिए भी घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान राजेश्वर नगर जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए आभार व्यक्त किया।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास – जलसंस्थान द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में नलकूप निर्माण (90.15 लाख), एमडीडीए द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में सामुदायिक भवन का निर्माण (30.12 लाख) सहित विधायक निधि से निर्मित होने वाले माडर्न राजकीय प्राथमिक विद्यालय में टिन शेड एवं कक्ष निर्माण (14.60 लाख), मंदाकिनी विहार ब्लॉक सी में सामुदायिक भवन निर्माण (12. 58 लाख)।

इस अवसर पर पार्षद अल्पना राणा, सुरेन्द्र राणा, निरंजन डोभाल, आशीष थापा, अनुज कौशल, सूर्य प्रकाश फरासी, महानगर उपाध्यक्ष ओम कक्कड़, संजय नौटियाल, भूपेन्द्र सोलंकी, अजय कार्की, सोसाइटी के अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


उत्तरायणी कौथिक महोत्सव से नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास- सीएम धामी

उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।

इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।


“गोदान केवल फिल्म नहीं, भारतीय संस्कृति, परंपरा और मानवीय मूल्यों का चित्रण है”— गणेश जोशी

गौ माता पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म “गोदान” देखने थियेटर पहुँचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय संस्कृति एवं गौ संवर्धन के संदेश पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म “गोदान” का अवलोकन करने के लिए देहरादून के जाखन स्थित पैसिफिक मॉल थियेटर का दौरा किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी उनके साथ उपस्थित रहे।

फिल्म देखने के उपरांत कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा कि “गोदान केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और मानवीय मूल्यों का सशक्त एवं संवेदनशील चित्रण है।” उन्होंने कहा कि फिल्म में गौ माता के प्रति प्रेम, त्याग, सेवा और संघर्ष को अत्यंत मार्मिक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देता है।

उन्होंने कहा कि आज की आधुनिकता और भागदौड़ भरी जीवनशैली में हम अपने संस्कारों और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी प्रेरणादायक फिल्मों के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जुड़ने और भारतीय संस्कृति के महत्व को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है।

कैबिनेट मंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को अवश्य देखें और भारतीय संस्कृति एवं गौ संरक्षण के संदेश को आत्मसात करें।

इस अवसर पर भाजपा मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने निर्माणाधीन सैन्यधाम के निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्यधाम के अंतिम चरणों के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम की भव्यता एवं दिव्यता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बताया कि सैन्यधाम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसका निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है। देशभर के प्रमुख स्मारकों के अध्ययन के बाद इस सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह सैन्य धाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय सेना में जिन दो सैनिकों की पूजा की जाती है, बाबा हरभजन सिंह और बाबा जसवंत सिंह का मंदिर का निर्माण सैन्य धाम में किया गया है। उन्होंने कहा देश के प्रथम सीडीएस और उत्तराखण्ड का गौरव स्व. जनरल बिपिन रावत के नाम पर सैन्य धाम का मुख्य द्वार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से समय लेकर सैन्यधाम का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि जैसे देश-विदेश से श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखण्ड आते हैं, उसी तरह सैन्यधाम भी देश-दुनिया के लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सैनिक बोर्ड सचिव ब्रिगेडियर दिग्विजय सिंह बसेरा, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आरएस थापा, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, निदेशक श्याम सिंह, परियोजना निदेशक रविंद्र कुमार, लक्षमण सिंह रावत, कैप्टन दिनेश प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के दिए निर्देश

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के निर्देश दिए हैं। यह फिल्म 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और समाज को भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जोड़ने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय केवल धर्म और आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। इस तरह की फिल्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता विकसित होती है, इसलिए ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में गोसदनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे निराश्रित और बेसहारा गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। साथ ही गोपालकों और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी प्रोत्साहन देती रहेगी।


श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में 10 फरवरी को विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

शिविर में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सभी तरह के लैब टैस्ट, सभी प्रोसीजर एवम 3 दिन की दवाईयां निःशुल्क मिलेंगी

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन एवं श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के पावन अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा 10 फरवरी 2026 (मंगलवार) को एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसे इस वर्ष सेवा दिवस के रूप में श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाएगा। इस शिविर में जनरल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सभी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर के लिए पंजीकरण सुबह 08 बजे से प्रारंभ होगा, जबकि मरीज सुबह 09 बजे से दोपहर 03 बजे तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के प्रकटोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक उच्चस्तरीय एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के लिए 7, 8 एवं 9 फरवरी को सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक पूर्व पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए मरीज मोबाइल नंबर 9389922423 पर संपर्क कर सकते हैं, जबकि सामान्य विभागों के लिए 10 फरवरी को शिविर स्थल पर सीधे पंजीकरण किया जाएगा।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सभी प्रकार की लैब जांचें एवं आवश्यक चिकित्सकीय प्रोसीजर बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। शिविर में पंजीकृत मरीजों के ऑपरेशन एवं अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं भी पूर्णतः निःशुल्क संपन्न कराई जाएंगी। शिविर मंे डाॅक्टरों से परामर्श लेने के बाद मरीजों को 3 दिनों की दवाईयाँ निःशुल्क वितरित की जाएंगी।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित यह सेवा दिवस जनकल्याण, मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का सशक्त प्रतीक है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।


डॉ. भानु दुग्गल एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त

राज्यपाल गुरमीत सिंह के आदेश से चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को मिला नया कुलपति

देहरादून। एम्स ऋषिकेश में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल को हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। डॉ. दुग्गल का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कुलाधिपति के प्रसाद पर्यन्त, अधिकतम पांच वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश कुलाधिपति गुरमीत सिंह द्वारा जारी किया गया है।

राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2014 के अंतर्गत विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर नई नियुक्ति की गई है। इस संबंध में जारी आदेश में पूर्व आदेश संख्या 27778, दिनांक 17 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया गया है।

संशोधित अधिनियम 2020 की धारा-10 की उपधारा (4) के अंतर्गत कुलपति चयन के लिए गठित अन्वेषण समिति द्वारा प्रस्तुत पैनल में से धारा-10 की उपधारा (5) के खंड (ख) में निहित प्रावधानों के तहत एम्स ऋषिकेश में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।


रमाबाई आंबेडकर ने संघर्षों से भरे जीवन में धैर्य और आत्मबल के साथ सामाजिक चेतना को नई दिशा दी- सीएम

रमाबाई आंबेडकर की जयंती सीएम धामी ने किया नमन 

मुख्यमंत्री ने कहा रमाबाई आंबेडकर का व्यक्तित्व और उनका संघर्ष समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत और त्याग, समर्पण व अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति रमाबाई आंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रमाबाई आंबेडकर ने संघर्षों से भरे जीवन में धैर्य और आत्मबल के साथ सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि रमाबाई आंबेडकर का व्यक्तित्व और उनका संघर्ष समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति निरंतर सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके विचार और जीवन मूल्य हमें मानवीय मूल्यों के साथ समाज को आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रमाबाई आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।


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