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उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान, नए पर्यटन डेस्टिनेशन विकसित करने पर जोर

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उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान, नए पर्यटन डेस्टिनेशन विकसित करने पर जोर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

देहरादून। उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य को वर्षभर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विंटर टूरिज्म की संभावनाओं, नए पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन को केवल मसूरी और नैनीताल जैसे पारंपरिक स्थलों तक सीमित रखने के बजाय राज्य के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील क्षेत्रों को नए पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि नए स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ वहां पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करना भी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।

नए पर्यटन उत्पादों पर फोकस

मुख्य सचिव ने जीएमवीएन, केएमवीएन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लेकर राज्यभर में विंटर टूरिज्म की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए। प्रत्येक डेस्टिनेशन की खासियत और उसकी यूएसपी के आधार पर पर्यटन गतिविधियां विकसित करने को कहा गया।

उन्होंने नए ट्रैकिंग रूट तैयार करने के साथ हाई-अल्टीट्यूड मैराथन, बर्ड वॉचिंग, नेचर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संभावित पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं, आयोजन और पर्यटन उत्पादों के विकास के लिए समग्र योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्य सचिव ने पर्यटन विकास में स्थानीय समुदायों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से लगातार संवाद कर उनके सुझावों को पर्यटन योजनाओं में शामिल किया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

विदेशी मॉडलों से सीखने पर जोर

बैठक में नए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विदेशों में सफल पर्यटन मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव भी दिया गया। भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों में समानता रखने वाले विदेशी पर्यटन स्थलों से सीख लेकर उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुरूप नए पर्यटन उत्पाद विकसित किए जाएंगे।

पर्यटन सर्किट को पैकेज के रूप में विकसित करने की तैयारी

मुख्य सचिव ने पर्यटन सर्किटों को एकीकृत पैकेज के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जागेश्वर, कसार देवी और सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़कर पैकेज टूर तैयार करने और इनके प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया समय से शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नए पर्यटन प्रोजेक्ट्स और संभावनाओं की समीक्षा के लिए 15 दिन के भीतर दोबारा बैठक आयोजित करने को कहा। साथ ही, विंटर टूरिज्म और नए पर्यटन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पर्यटन कॉन्क्लेव आयोजित करने की बात भी कही।


श्रीनगर बस अड्डे का 31 अगस्त तक होगा हस्तांतरण, डीएम ने विकास परियोजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

पौड़ी। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकास कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों, निर्माणाधीन योजनाओं, मानचित्र स्वीकृति और अवैध निर्माण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रीनगर बस अड्डे के हस्तांतरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व, परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त रूप से बस अड्डे का निरीक्षण कर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 अगस्त तक बस अड्डे को परिवहन विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

जिलाधिकारी ने श्रीनगर में निर्माणाधीन गंगा संस्कृति केंद्र, अपर चोपड़ा क्षेत्र की पार्किंग समेत अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, जिससे निर्माण कार्य समय पर पूरे हों और आम लोगों को इनका लाभ जल्द मिल सके।

बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से तहसीलवार चालानी और प्रवर्तन कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत अब तक मानचित्र स्वीकृति के लिए 2104 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2087 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।

जिलाधिकारी ने लंबित मानचित्र आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी सेवाएं समय पर मिल सकें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एलपी भट्ट, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता किशोर कुमार, उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र प्रसाद समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


नन्हे-मुन्ने बच्चों संग कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मनाया रक्षाबंधन

बांटे उपहार और बच्चों को दिया स्नेह और आशीष

देहरादून। पटेल नगर स्थित जीआरडी अकादमी में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान विद्यालय के सैकड़ों बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां मंत्री की कलाई पर बांधीं। बच्चों के स्नेह से अभिभूत मंत्री ने उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राखी बंधवाने के बाद गणेश जोशी ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषयों, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी उत्साह के साथ अपनी आकांक्षाएं मंत्री के सामने रखीं।

इस अवसर पर गणेश जोशी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल रक्षा सूत्र बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं।

मंत्री ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को उपहार भी भेंट किए और उनकी सफलता, खुशहाल जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में विद्यालय की डायरेक्टर लता गुप्ता, प्रिंसिपल परप्रीत सिंह ग्रेवाल समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मिले विश्व बैंक के अधिकारी

विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड के दीर्घकालिक और सतत विकास को लेकर गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई के बीच मुलाकात हुई। विश्व बैंक की टीम के साथ हुई इस बैठक में उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उत्तराखंड@2047 की विकास रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को वर्ष 2047 तक मजबूत, समृद्ध, टिकाऊ और आपदा-रोधी बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्व बैंक से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।

जल संरक्षण पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में नदियों के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में जल संकट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विश्व बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार पर जोर

बैठक में पलायन की समस्या और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। जरूरत के अनुसार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं

मुख्य सचिव ने स्कूली और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्व बैंक से सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बैठक में ऊर्जा, वित्त और पेयजल क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी विश्व बैंक की टीम के साथ साझा की गई।

विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य में रणनीतिक और फ्लैगशिप परियोजनाओं के जरिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। विश्व बैंक की ओर से उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई।

सुनियोजित शहरी विकास पर भी मंथन

राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए भविष्य की शहरी जरूरतों, आधारभूत ढांचे और सतत विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्व बैंक के सहयोग से दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विश्व बैंक से जोहांस जट्ट, सचिव डॉ. रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, रोहित मीणा और नवनीत पांडे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में नया रिकॉर्ड, 2.35 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण

मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की तैयारियों को लेकर बैठक

देहरादून। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में इस साल खिलाड़ियों के पंजीकरण ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक प्रदेशभर से 2.35 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। पिछले साल की तुलना में इस बार पंजीकरण की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। प्रतियोगिता को लेकर तैयारियों की समीक्षा के लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को सचिवालय स्थित एनआईसी सभागार से सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।

बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को प्रतियोगिता से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराना है। इसके लिए हर ब्लॉक से कम से कम 2,000 खिलाड़ियों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है।

खेल मंत्री ने प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए जिला योजना से बजट बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के आवास, भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। आयोजन स्थलों पर खिलाड़ियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के लिए करीब 1.62 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। वहीं, इस वर्ष अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 2.35 लाख से अधिक हो चुका है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित है, ऐसे में आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

इस वर्ष प्रतियोगिता में 8 से 14 वर्ष और 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। इसके साथ ही महिला ओपन वर्ग में 20 से 25 वर्ष तक की महिलाएं भी प्रतिभाग कर सकेंगी। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी अलग से प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

रेखा आर्या ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता के आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आयोजन के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, राजेश ममगाईं, उपनिदेशक शक्ति सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा, हल्द्वानी-रामनगर में खाद्य विभाग की छापेमारी

कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए

हल्द्वानी। रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर नैनीताल जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर विभागीय टीमों ने हल्द्वानी ग्रामीण, कालाढूंगी, रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के विधिक और सर्वे नमूने एकत्र किए गए।

अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना है।

हल्द्वानी-कालाढूंगी में लिए गए नमूने

हल्द्वानी और कालाढूंगी क्षेत्र में खाद्य विनिर्माण इकाइयों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने उत्तराखंड जीरा पेय पदार्थ, कृष्णा सॉस, काजू, नूडल्स और अरहर दाल समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।

इनमें लामाचौड़ स्थित मंडाकिनी बेवरेजेज से उत्तराखंड जीरा पेय पदार्थ, कालाढूंगी के पीके फूड्स एंड केमिकल्स से कृष्णा सॉस, धमोला स्थित न्यूट्रीकॉन्सेप्ट फूड्स प्राइवेट लिमिटेड से काजू और लामाचौड़ की आशादीप एंटरप्राइजेज से नूडल्स का नमूना शामिल है। इसके अलावा कालाढूंगी मार्केट स्थित सुपरसैल्स जियारुरहमान से अरहर दाल का नमूना भी लिया गया।

निरीक्षण के दौरान एडीएम नैनीताल (प्रशासन) विवेक राय, सहायक आयुक्त/अभिहित अधिकारी अजब सिंह रावत और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह सहित विभागीय टीम मौजूद रही। सभी विधिक नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जा रहा है।

रामनगर में चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण

रामनगर के चिलकिया क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने चार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मैसर्स जगदीश आटा मिल से आटा और शिवलालपुर स्थित मैसर्स मित्तल इंटरप्राइजेज से गरम खड़ा मसाला समेत खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किए गए।

हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र में दूध-घी के नमूने

हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नंदकिशोर की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पंचायत घर स्थित शिवानी जनरल स्टोर से वनस्पति तथा देवलचौड़ स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड से दूध और घी के नमूने लिए गए।

इसके साथ ही खोया, बर्फी, चाशनी, मोतीचूर और रसगुल्ले के सर्वे नमूने भी एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा जा रहा है।

मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि त्योहारों के दौरान मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, साफ-सफाई, पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच जरूर करें। किसी भी तरह की मिलावट या अनियमितता सामने आने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देने की अपील की गई है।


मुख्यमंत्री के निर्देशों पर श्रीनगर व कोटद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई

जिलाधिकारी के निर्देशन में 16 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 10 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आगामी रक्षाबंधन तथा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन तथा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत श्रीनगर और कोटद्वार क्षेत्र में सैंपलिंग एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गयी।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई कार्रवाई के दौरान कुल 16 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 10 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए, जिनमें 05 विधिक एवं 05 सर्विलांस नमूने शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। संग्रहित नमूनों में 06 नमूने मिठाई एवं नमकीन तथा 04 नमूने अन्य खाद्य पदार्थों के हैं। मिल्क एवं मिल्क प्रोडक्ट का कोई नमूना नहीं लिया गया।

अभियान के दौरान मिठाई एवं स्वीट शॉप संचालकों को प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिना लेबल एवं बिना तिथि अंकित पैक्ड खाद्य सामग्री, जिसमें बेकरी उत्पाद एवं नमकीन शामिल थे, को नियमानुसार नष्ट कराया गया।

सहायक आयुक्त खाद्य पी सी जोशी ने बताया कि खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्वों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

इस अवसर पर श्रीनगर में सहायक आयुक्त खाद्य पी सी जोशी, तहसीलदार दीपक भंडारी एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल तथा कोटद्वार में तहसीलदार सनवाल, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा एवं राजस्व उपनिरीक्षक अमित नेगी उपस्थित रहे।


सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा में बड़ी राहत, गढ़वाल राइफल्स और सीआईएमएस ग्रुप के बीच MOU

देहरादून/लैंसडाउन। देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिवारों और सैन्य समुदाय से जुड़े विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून और गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के बीच सुपर-300 मिशन एजुकेशन स्कीम के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते के माध्यम से वीर नारियों, वीर माताओं, देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों, चार वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अग्निवीरों तथा उनके आश्रितों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आर्थिक राहत प्रदान की जाएगी।

दो श्रेणियों में मिलेगी फीस में छूट

MOU के अनुसार पहली श्रेणी में शामिल पात्र वीर नारियों, वीर माताओं, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों तथा चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों को संस्थान में उपलब्ध पात्र पाठ्यक्रमों में ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

वहीं दूसरी श्रेणी में सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके आश्रितों को ट्यूशन फीस में 40 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

MOU पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के सुरजन सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुई। कार्यक्रम में सेंटर के विभिन्न सैन्य अधिकारियों सहित 300 से अधिक जवानों ने प्रतिभाग किया।

सैनिक परिवारों के बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : ब्रिगेडियर विनोद नेगी

इस अवसर पर गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने कहा कि इस अनुबंध से गढ़वाल राइफल्स से जुड़े सैनिकों और उनके परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। उन्होंने सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की इस पहल को अनूठा एवं सराहनीय प्रयास बताते हुए ग्रुप के चेयरमैन का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि MOU के तहत दो श्रेणियों में शिक्षा शुल्क में राहत का प्रावधान किया गया है। पात्र वीर नारियों, वीर माताओं, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों और चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी, जबकि सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके आश्रितों को 40 प्रतिशत ट्यूशन फीस की छूट मिलेगी। यह पहल सैनिक परिवारों के बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सैनिक परिवारों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य : एडवोकेट ललित मोहन जोशी

सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स की वीर नारियों, वीर माताओं, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों और अग्निवीरों के सम्मान में संस्थान की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों में पात्र लाभार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से चिकित्सा शिक्षा, पैरामेडिकल, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट, लॉ एवं अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य यही है कि देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के साथ यह अनुबंध सैनिक परिवारों की सेवा करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, “सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।”

उन्होंने कहा कि यह पहल सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर करियर और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।

नशामुक्त युवा अभियान को लेकर भी जवानों को किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रतिनिधियों एवं गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर के सैन्य अधिकारियों ने MOU से जुड़ी व्यवस्थाओं और सैनिक परिवारों को मिलने वाले शैक्षणिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर सजग इंडिया के माध्यम से युवाओं के बीच चलाए जा रहे नशामुक्त युवा अभियान के बारे में भी सैन्य अधिकारियों एवं जवानों को जानकारी दी गई।

सजग इंडिया के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद ललित जोशी ने सैन्य अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज नशा आतंक का एक बड़ा हथियार बन चुका है। आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हमें मिलकर युवाओं को जागरूक करना होगा, ताकि युवा अपने परिवार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।”

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, फिटनेस अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

ये सैन्य अधिकारी एवं जवान रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कर्नल मनोज उनियाल, कर्नल जगत सिंह नेगी, सेवानिवृत्त कर्नल राजकुमार सैनी, लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रताप सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल आर. डी. वर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल धनेश, मेजर दिलबाग सिंह, कैप्टन नवजोत, लेफ्टिनेंट कर्नल एस. शेखर, लेफ्टिनेंट कर्नल विजय तोमर, मेजर इंद्रमणि, मेजर फ्रांसिस, सूबेदार मेजर नंद किशोर, सूबेदार मेजर पुरन सिंह, सूबेदार मेजर सुखबीर सिंह, नायब सूबेदार नागेंद्र सिंह नेगी , सूबेदार हीरा सिंह सहित गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर के 300 से अधिक जवान उपस्थित रहे।

यह MOU सैनिक परिवारों के सम्मान, शिक्षा के अधिकार और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं शैक्षणिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


प्रेमनगर क्षेत्र में आबकारी विभाग की छापेमारी, 19 पेटी शराब बरामद

देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के कंडोली-बिडौली इलाके में आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के मामले का खुलासा किया। प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने एक चारपहिया वाहन और तीन स्कूटी को कब्जे में लिया। मौके से कुल 19 पेटी शराब बरामद की गई।

बरामद शराब में 10 पेटी अंग्रेजी एवं इंपोर्टेड शराब तथा 9 पेटी बीयर शामिल है। विभाग के अनुसार, शराब की बोतलों पर ‘फॉर सेल इन चंडीगढ़ ओनली’ अंकित था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि शराब हरियाणा से लाकर बिडौली क्षेत्र में कथित तौर पर कॉलेज छात्रों को होम डिलीवरी के माध्यम से बेची जा रही थी।

कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे विक्रांत उर्फ गर्वित ने अपना चारपहिया वाहन मौके पर छोड़ दिया और फरार हो गया। आबकारी टीम ने मौके से अंकुश, सौरभ और महिला आरोपी पिंकी को गिरफ्तार किया। तीनों हरियाणा के निवासी बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 63/72 के तहत कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को देहरादून न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

इस कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक मसूरी दिवाकर चौधरी, जयवीर सिंह, उप आबकारी निरीक्षक उमराव सिंह राठौर, आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल राकेश नाथ, गोविंद सिंह, हेमंत, नौशाद और रीनू कुमार समेत आबकारी विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।


मनोज झा और विमल पुरवाल की माताओं के निधन पर सीएम धामी ने जताया शोक

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दैनिक जागरण के संपादक मनोज झा की माताजी तथा हिंदुस्तान समाचार पत्र के मुख्य संवाददाता विमल पुरवाल की माताजी के निधन पर बुधवार को उनके देहरादून स्थित आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दोनों शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


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