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उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट: 1.06 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग, सीएम धामी ने की समीक्षा

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उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट: 1.06 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग, सीएम धामी ने की समीक्षा

स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर अवसंरचनात्मक निर्माण को प्राथमिकता में लेने के मुख्यमंत्री के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि

बैठक में अवगत कराया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।

एमओयू ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण अथवा शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण,सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए। निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की।

पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं—जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—वहाँ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अदांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गर्ब्याल, रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने की भेंट

उपनल कर्मचारी महासंघ ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन के जिओ जारी होने पर जताया आभार

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने का जिओ जारी होने पर मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


जनता की समस्याओं पर प्रशासन संवेदनशील, श्रीनगर तहसील दिवस में हुआ समाधान

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ श्रीनगर तहसील दिवस, निस्तारण के पश्चात आवेदक को सूचित करने के निर्देश

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को श्रीनगर तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने की। इस दौरान आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही अथवा शीघ्र समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी।

जिलाधिकारी ने बताया कि सेमला गांव में पेयजल समस्या से संबंधित शिकायत पर जल निगम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा तथा तकनीकी समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं नकोट गांव में जल भंडारण टैंक की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। देहलचौरी रोड पर क्षतिग्रस्त पुश्ते एवं स्कपर से जुड़ी शिकायत पर उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत एवं सुधार कार्य की कार्यवाही की जाएगी।

श्रीनगर क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाए जाने तथा दोषियों की पहचान कर चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पार्षदों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन का पानी सड़कों पर बहने की शिकायत पर नगर निगम द्वारा सुधारात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे तथा निर्माण सामग्री एवं मलबा सड़कों पर रखे जाने की शिकायत पर पुलिस द्वारा निरंतर निगरानी एवं चालानी कार्रवाई की जाएगी।

धारी देवी पहुंच मार्ग पर सुरक्षा कार्यों को लेकर प्राप्त शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही धारी देवी क्षेत्र में जाम की समस्या के समाधान हेतु वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धारी देवी क्षेत्र में स्थायी पार्किंग का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित है। साथ ही क्षेत्र के सौंदर्यीकरण कार्य प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करना, लाइटिंग तथा रोड साइनेज से संबंधित कार्य शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर उपजिलाधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे से क्षतिग्रस्त भवनों में जल बिल आने की शिकायत पर जल संस्थान द्वारा परीक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने नालियों के अंडरग्राउंड निर्माण से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर आख्या तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, जिससे समस्याओं का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने निस्तारण की जानकारी समयबद्ध रूप से संकलित कर आवेदकों को अवगत कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि छोटी-छोटी आवश्यकताओं को जिला योजना में सम्मिलित कर कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।

अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है और प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच राजीव चौहान, जिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी, सहायक निबंधक सहकारिता सौरभ कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।


पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने बनाया नया कीर्तिमान, 2025 में 6 करोड़ से अधिक सैलानी पहुंचे उत्तराखण्ड

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे हैं। जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन/तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 06 करोड़ 03 लाख 21 हजार 194 पर्यटक/तीर्थयात्री उत्तराखण्ड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटक/तीर्थयात्रियों ने उत्तराखण्ड का रुख किया है।

पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखण्ड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- सीएम धामी

थाना स्तर तक वर्क कल्चर सुधारने पर जोर, निर्दोषों को परेशान करने पर होगी कार्रवाई

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन के सभी विभाग आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए थाना स्तर तक वर्क कल्चर में सुधार, आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्दोष नागरिकों को परेशान किए जाने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने और भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन, विभागीय समन्वय और सतत निगरानी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा बैठक में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटन गतिविधियों में संभावित वृद्धि को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास का निर्माण जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा।

चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी से गुणवत्ता के साथ शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके


विकासनगर में दर्दनाक हादसा, हिमाचल रोडवेज की बस गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत

बस में 30 से अधिक यात्री थे सवार, कई घायल

विकासनगर। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के नेरवा से पांवटा साहिब जा रही एचपी रोडवेज की बस हरिपुर-कोटी-मीनस राजमार्ग पर क्वानू के समीप अचानक नियंत्रण खो बैठी और खाई में गिर गई। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। इस हादसे में अब तक दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

एसडीआरएफ की टीम खाई में उतरकर घायलों को रेस्क्यू कर रही है। थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। राहत कार्य तेजी से जारी है।

हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कालसी क्षेत्र में हिमाचल ट्रांसपोर्ट की बस दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से फोन पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी नजदीकी मेडिकल सेंटरों को अलर्ट पर रखा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजे जाने की भी तैयारी की जा रही है।


मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को धारा 34 एवं 143 के अंतर्गत लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनीताल जनपद की तर्ज पर निर्विवाद मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु कैंप आयोजित कर इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी जनपदों में लागू करने पर जोर दिया। धारा 143 के मामलों के छह माह या उससे अधिक समय तक लंबित रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके निस्तारण के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मंडल स्तर पर मंडलायुक्तों तथा जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों को अपने न्यायालयों में सबसे पुराने पांच मामलों को चिन्हित कर उनके निस्तारण पर कार्य करने को कहा। इसके लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने तथा पुराने मामलों के निस्तारण के बाद अन्य सबसे पुराने मामलों को सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेशभर में पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित कुल 1760 मामलों में से 10 प्रतिशत मामलों का निस्तारण मार्च 2026 तक किया जाना है। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए जाने के साथ-साथ उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या में भी इसका उल्लेख किया जाएगा।

उन्होंने ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम को शहरी क्षेत्रों में भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए कैंप आयोजन की योजना तैयार करने और आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, एसडीएम आदि को अपने अधीन तहसीलों, विकासखंडों एवं थानों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में मॉडर्न पटवारी चौकियों का निर्माण किया जा रहा है तथा पटवारी और कानूनगो को शीघ्र लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ऑनलाइन कार्यों का निस्तारण तेज हो सके। साथ ही, आधुनिक रिकॉर्ड रूम तैयार करने और आवश्यकता पड़ने पर नए वित्तीय वर्ष में बजट प्रावधान करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष भर्तियों के अधियाचन शीघ्र भेजने, पदोन्नतियां समय पर कराने तथा पीएम किसान योजना के तहत किसानों के पंजीकरण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एस.एन. पाण्डेय, राजस्व परिषद आयुक्त रंजना राजगुरु सहित मंडलायुक्त दीपक रावत, विनय शंकर पाण्डेय तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


​देहरादून के मछली बाजार में युवती की निर्मम हत्या का राज्य महिला आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश

देवभूमि में महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के नृशंस अपराध स्वीकार्य नहीं, अपराधियों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई : कुसुम कंडवाल

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मृतका के शोकाकुल परिजनों को बंधाया ढांढस, बोली न्याय के लिए आयोग व सरकार आपके साथ है

​देहरादून- देहरादून के मछली बाजार क्षेत्र में एक 23 वर्षीय युवती की सरेआम गला रेतकर की गई जघन्य हत्या के मामले को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग को अत्यंत गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर घटना का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया है कि मृतका द्वारा पूर्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय रहते उक्त शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करती, तो आज एक मासूम युवती की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की इस कथित ढिलाई और संवेदनहीनता को पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब किया जाएगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मृतका के घर जाकर शोकाकुल परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में राज्य महिला आयोग उनके साथ खड़ा है। आयोग अध्यक्ष ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले की स्वयं उनके द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृतका व शोकाकुल परिवार को न्याय अवश्य मिले।

​देवभूमि में महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के नृशंस अपराध स्वीकार्य नहीं हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर चौकी के पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा मामले की जांच त्वरित गति से कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस अधिकारी इस बात को पूरी गंभीरता से ले कि यदि किसी भी महिला या पीड़िता द्वारा कोई शिकायत दी जा रही है, तो उस पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों पर ढिलाई बरतने से ही अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और तत्परता लानी होगी। व​हीं आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में महिला सुरक्षा हेतु पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जाने के निर्देश दिए है।

उन्होंने बताया कि ऐसे संवेदनशील मामलों को लेकर वो पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करेंगी ताकि देवभूमि को दूषित करने वाले अपराधियों पर अंकुश लग सके।


राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने जल प्रदूषण और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से किया प्रश्न

सरकार ने रखी प्रगति रिपोर्ट

देहरादून/नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने सदन में जल प्रदूषण और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। पूरक प्रश्न के माध्यम से उन्होंने जल शक्ति मंत्री से यह जानना चाहा कि देश में जल संचयन को लेकर अब तक क्या प्रगति हुई है, क्या इस दिशा में कोई विशेष अभियान चलाया जा रहा है, नदियों और जल स्रोतों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने कौन-से ठोस कदम उठाए हैं और नमामि गंगे मिशन के तहत कितना कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कितना अभी शेष है।

इस पर उत्तर देते हुए जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने सदन को बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत देशभर में दो करोड़ से अधिक जल रिचार्ज स्ट्रक्चर तैयार किए जा चुके हैं। इसके साथ ही ‘जल संचयन–जन भागीदारी’ अभियान के अंतर्गत लगभग 40 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी रही है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया गया है। लोगों ने स्वयं आगे आकर अपनी-अपनी मातृभूमि में पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और नए जल संरचनाओं के निर्माण में योगदान दिया है, जिससे जल संचयन को व्यापक स्तर पर मजबूती मिली है।

नमामि गंगे मिशन के तहत बड़े स्तर पर कार्य

नमामि गंगे परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि गंगा की सफाई के लिए अब तक 218 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 35,698 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 6,610 एमएलडी क्षमता के एसटीपी प्लांटों का निर्माण या पुनर्वास और 5,238 किलोमीटर लंबे सीवरेज नेटवर्क का कार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि इनमें से 138 परियोजनाएं, जिनकी क्षमता लगभग 3,977 एमएलडी है, पूरी की जा चुकी हैं। साथ ही 4,571 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क भी पूर्ण कर लिया गया है। शेष परियोजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है।


जनता दरबार में 190 शिकायतें दर्ज, कई मामलों का मौके पर समाधान

असहाय और वृद्ध नागरिकों की फरियाद पर प्रशासन सख्त, कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कुल 190 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश मामलों का त्वरित समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के दौरान निराश्रित, असहाय और पीड़ित नागरिकों की कई मार्मिक कहानियां सामने आईं। प्रशासन ने मानव पीड़ा और सामाजिक अन्याय से जुड़े मामलों पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।

वृद्ध विधवाओं की व्यथा पर प्रशासन सख्त

80 वर्षीय विधवा कांता देवी ने आरोप लगाया कि उनके पुत्रों ने उन्हें घर से निकाल दिया है और अपनी ही भूमि पर रहने नहीं दे रहे। इस प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह डोईवाला निवासी 85 वर्षीय कमला देवी और चंद्रबनी निवासी पुष्पा देवी ने पुत्र और पुत्रवधू द्वारा मारपीट व संपत्ति हड़पने की शिकायत की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए।

भूमि कब्जा और पारिवारिक विवादों पर निर्देश

कांवली निवासी उमा देवी ने संपत्ति से वंचित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई, जबकि डोईवाला निवासी सुनीता देवी ने पति के निधन के बाद भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। इन मामलों में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं उददीवाला और भाऊवाला क्षेत्रों से भी निजी और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आईं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा से जुड़े मामलों पर त्वरित संज्ञान

एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सहस्रधारा निवासी विकास कुमार की आर्थिक तंगी के चलते बच्चे की स्कूल फीस माफी की मांग पर संबंधित विभाग को सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने को कहा गया।

कोटि कनासर और जोथीं क्षेत्रों में आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूल की चारदीवारी, पुलिया मरम्मत और सुरक्षा कार्यों को लेकर उप जिलाधिकारियों को स्थलीय जांच के निर्देश दिए गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-07 से जुड़े मुआवजा मामलों, नालियों की सफाई और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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