Saturday, September 5th, 2026

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नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित

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नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, विद्यालयी शिक्षा में उत्तराखंड से इस वर्ष रहे एकमात्र सम्मानित शिक्षक

पौड़ी- राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 प्रदान किए। उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि पौड़ी जिले के नैनीडांडा विकासखंड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखाँद के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष उत्तराखंड से वह एकमात्र शिक्षक हैं, जिन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।

गबर सिंह बिष्ट वर्ष 2003 से लगातार राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखाँद में निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं और वर्तमान में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर नवाचारों को अपनाया। गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों को सरल एवं रुचिकर ढंग से समझाने के साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

गबर सिंह बिष्ट ने शिक्षण कार्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं आईसीटी का प्रभावी उपयोग किया। उन्होंने ई-कंटेंट एवं पीपीटी तैयार करने के साथ प्रोजेक्टर, डिजिटल बोर्ड और गूगल मीट जैसे तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। कोरोना काल में भी उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ उन्होंने अवसंरचना विकास एवं शैक्षिक नवाचारों पर भी विशेष ध्यान दिया। तकनीकी एवं शैक्षिक नवाचारों के प्रति उनकी सक्रियता और शिक्षण के प्रति समर्पण ने उन्हें दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए निरंतर बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने में सक्षम बनाया है।

गबर सिंह बिष्ट को इससे पूर्व राज्यपाल पुरस्कार एवं शैलेश मटियानी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके शिक्षण, विद्यालय प्रबंधन, नवाचार, आईसीटी के उपयोग, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा शिक्षा के क्षेत्र में समग्र योगदान के आधार पर हुआ है।

मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने गबर सिंह बिष्ट को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी शिक्षा के प्रति उनका निरंतर समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने जनपद के शिक्षकों से नवाचार एवं तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गबर सिंह बिष्ट की उपलब्धि न केवल पौड़ी जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। शिक्षकों के समर्पित प्रयासों और सकारात्मक नवाचारों से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलते हैं तथा उनके भविष्य को नयी दिशा मिलती है।


आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा

एबीसी-एआरवी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश, पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर

देहरादून। मा. उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एबीसी-एआरवी कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर निकायों को आवारा पशुओं एवं श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर समग्र डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डेटा के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पालतू कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने डोईवाला, विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस में पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

55 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण
बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 72 डॉग केनल बनाए गए हैं, जबकि 144 केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनके पूरा होने के बाद करीब 300 श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए वर्तमान में 25 डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं, जबकि पालतू श्वानों के 1,117 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।

883 निराश्रित गोवंश कांजीहाउस में संरक्षित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347 गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है। वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536 पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल, एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।


शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी

शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन भारतीय शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रेरणास्रोत है। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों से समृद्ध कर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। राष्ट्र एवं समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।


केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से फिर शुरू होगी हेली सेवा, 7 सितंबर से बुक होंगे टिकट

देहरादून। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा भी दोबारा शुरू होने जा रही है। 15 सितंबर से गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन किया जाएगा। हेली सेवा के लिए टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 7 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों को देखते हुए केदारनाथ के लिए हेली सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मानसून अवधि के बाद हेलीपैड और संचालन व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद 15 सितंबर से सेवाएं बहाल करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु 7 सितंबर से हेली टिकट बुक कर सकेंगे। फिलहाल 15 सितंबर से 30 सितंबर तक की यात्रा के लिए टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने के साथ ही हेली सेवाएं भी शुरू कर दी गई थीं। गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, मानसून सीजन को देखते हुए DGCA के निर्देश पर 25 जून से हेली सेवा को रोक दिया गया था।

यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन के मुताबिक, तीनों हेलीपैड से कुल नौ एविएशन कंपनियों के माध्यम से केदारनाथ के लिए हेली सेवा संचालित की जाती है। DGCA से अनुमति मिलने के बाद अब 15 सितंबर से सेवाओं को फिर से शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।


भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है- मुख्यमंत्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह  ने किया प्रतिभाग

देहरादून। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देहरादून पुलिस लाइन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की, जबकि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति और उल्लास के रंग में नजर आया।

कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और पूरी मानवता को सही दिशा दिखाता है।

सीएम धामी ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्व को आपसी प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला बताया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


महाराज ने की नेपाल के राजदूत से भेंट, हर संभव मदद कर दिया भरोसा

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास में नेपाल के राजदूत से भेंट की।

इस दौरान महाराज ने नेपाल में आई त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड सहित पूरा भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा नेपाल को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

महाराज ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का अटूट रिश्ता है, साथ ही दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सांस्कृतिक संबंध भी हैं। उन्होंने बताया कि भारत की NDRF की टीमें दिन-रात नेपाल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि महेन्द्रनगर और बनबसा के बीच स्थित लैंड पोर्ट से संबंधित जो भी बाधाएं थीं, उनका समाधान कर दिया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में और भारत सरकार के सहयोग से तराई क्षेत्र में पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। लैंड पोर्ट के बनने से इसका सीधा लाभ नेपाल को मिलेगा और इससे दोनों देशों के पर्यटन को नई गति मिलेगी।

महाराज ने कहा कि नेपाल के केवल एक क्षेत्र में यह आपदा आई है, शेष सभी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं, इसलिए पर्यटकों को हतोत्साहित होने की आवश्यकता नहीं है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल के सिनेमा हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत एवं आध्यात्मिक विभूति श्री नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा सहित विभिन्न दायित्वधारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाती रही है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बाबा की भक्ति, मानव सेवा और सभी के प्रति प्रेम का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ महान संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि भी है। नीम करौली बाबा का कैंची धाम आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसी आध्यात्मिक विभूतियों के जीवन और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले रचनात्मक प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत की समृद्ध संत परंपरा, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानव कल्याण की भावना को केंद्र में रखती है। फिल्म के माध्यम से नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन से जुड़े उन मूल्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनमें ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, मानव सेवा, करुणा, प्रेम, विनम्रता और लोककल्याण प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माताओं एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक एवं प्रेरणादायी फिल्मों से समाज में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

उल्लेखनीय है कि ‘हनुमान अंश’ का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और फिल्म में शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को 7 अगस्त 2026 को हिंदी में देशभर में रिलीज किया गया।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सीएम धामी से की मुलाकात, द्वितीय चरण की तैयारियों की दी जानकारी

चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 49 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

देहरादून:  श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ धाम सहित चारधाम यात्रा की अब तक की प्रगति और मानसून के बाद शुरू होने वाले यात्रा के द्वितीय चरण की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि गुरुवार तक 16,86,438 तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम तथा 14,75,679 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। इस प्रकार दोनों धामों में अब तक 31,62,117 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 49 लाख से अधिक पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के लिए करीब 19 लाख तथा श्री केदारनाथ धाम के लिए साढ़े 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। दोनों धामों के लिए पंजीकरण का आंकड़ा करीब 40 लाख पहुंच चुका है।

हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। यात्रा के लिए अभी करीब दो माह का समय शेष है, ऐसे में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

बैठक में मानसून के बाद यात्रा के द्वितीय चरण को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए की जा रही तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बीकेटीसी अध्यक्ष ने धामों में व्यवस्थाओं तथा तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।इस अवसर पर पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद भी मौजूद रहे।

 


कोटद्वार में आधार सेवा केंद्र शुरू, अब आधार सेवाओं के लिए नहीं जाना पड़ेगा अन्य शहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसुविधा एवं सुशासन के संकल्प को मिल रहा विस्तार

सिम्भलचौड़ में यूआईडीएआई के केंद्र का विधानसभा अध्यक्ष ने किया शुभारंभ, सप्ताह के सातों दिन मिलेंगी आधार संबंधी सेवाएं

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में नागरिकों को आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कोटद्वार के सिम्भलचौड़ में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा संचालित आधार सेवा केंद्र शुरू हो गया है। शुक्रवार को उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक ऋतु खंडूड़ी भूषण ने केंद्र का शुभारंभ किया।

आधार सेवा केंद्र शुरू होने से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों को आधार से संबंधित कार्यों के लिए अब देहरादून अथवा अन्य शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। केंद्र में आधार नामांकन, जनसांख्यिकीय एवं जैविक पहचान संबंधी अद्यतन सहित विभिन्न आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी।

शुभारंभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आधार सेवा केंद्र क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करेगा। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र सप्ताह के सातों दिन, निर्धारित अवकाश को छोड़कर, नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम एवं विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्वयं अपने आधार कार्ड का जैविक पहचान अद्यतन कराया। उन्होंने फोटो, अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतली की पहचान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने नागरिकों से आधार संबंधी आवश्यक अद्यतन समय पर कराने की अपील करते हुए अभिभावकों से बच्चों का अनिवार्य जैविक पहचान अद्यतन समय पर कराने को कहा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में पांच से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए यह सुविधा निःशुल्क है। समय पर आधार अद्यतन होने से बच्चों को स्कूल, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न आवश्यक दस्तावेजी कार्यों में आधार संबंधी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आधार सेवा केंद्र के शुरू होने से कोटद्वार क्षेत्र के लोगों को अपने ही शहर में आधार संबंधी सुविधाएं सुलभ रूप से मिल सकेंगी। इससे समय और आवागमन दोनों की बचत होगी तथा नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

इस अवसर पर यूआईडीएआई के उप महानिदेशक अविनाश अग्रवाल, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली के निदेशक कुमार उज्ज्वल, परियोजना प्रबंधक मनु त्रिपाठी, सहायक प्रबंधक नितीश सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन पर जताया दुख, उनके आवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन भाजपा संगठन के लिए अपूरणीय क्षति- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व दायित्वधारी एवं भाजपा उत्तराखंड के पूर्व प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मोहब्बेवाला स्थित उनके आवास पर जाकर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन भाजपा संगठन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।


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