Friday, September 4th, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री धामी ने ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप का किया शुभारंभ

किसानों के लिए उपयोगी होगा ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप- सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति द्वारा विकसित किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप को किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए उपयोगी बताते हुए इस पहल के लिए संस्था को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग से किसानों को कृषि संबंधी आवश्यक जानकारियां एवं सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने में इस प्रकार की पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ एप के माध्यम से किसानों को रियल टाइम मौसम संबंधी जानकारी एवं अलर्ट, फसल-विशिष्ट कृषि सलाह, एआई आधारित फसल रोग पहचान, कृषि एवं बाजार संबंधी जानकारी तथा परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स से संबंधित सुविधाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। एप में स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़ने से संबंधित सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि एप को किसानों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों को कृषि उत्पादन से लेकर बाजार तक आवश्यक डिजिटल सहयोग उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति से कमला डबराल, राजेश डबराल, अंशुल, प्रांजल नौडियाल एवं शूरवीर सिंह कठैत उपस्थित रहे।


शिक्षक समाज की दिशा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय करते हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण

कोटद्वार। शिक्षक दिवस से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण के द्वारा पदमपुर स्थित सुंदरियाल वेडिंग प्वाइंट में निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में कोटद्वार के लिए अमूल्य योगदान देने वाले एवं समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण, सेवानिवृत्त खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कोटद्वार के अध्यक्ष अजयपाल सिंह रावत, संरक्षक गिरिराज सिंह रावत एवं चंद्रशेखर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने संबोधन में अपने विद्यार्थी जीवन तथा शिक्षक के रूप में बिताए दिनों की स्मृतियां साझा करते हुए अपने गुरुजनों को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और चरित्र का निर्माण करते हैं।

उन्होंने कहा कि “समाज की रूपरेखा गढ़ने वाली पहली गुरु मां होती हैं और दूसरी गुरु हमारे शिक्षक एवं गुरुजन। आने वाली पीढ़ी का भविष्य और समाज का निर्माण इन्हीं के हाथों में होता है।” उन्होंने कहा कि मां बच्चों को जीवन के प्रथम संस्कार देती हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, अनुशासन और सही दिशा प्रदान करते हैं।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन देश के प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रेरणास्रोत है। शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, मानवीय मूल्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव देना आवश्यक है।

सेवानिवृत्त खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को समाज निर्माण की आधारशिला बताया।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कोटद्वार के अध्यक्ष अजयपाल सिंह रावत ने कहा कि सभी विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “कोटद्वार ही नहीं शायद उत्तराखंड में पहली बार निजी स्कूलों के शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण जी ने किया है और इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया”।

एसोसिएशन के संरक्षक गिरिराज सिंह रावत ने कहा कि “शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और उनके द्वारा दिए गए संस्कार विद्यार्थियों के जीवन की नींव बनते हैं”।

समारोह में सम्मानित एवं उपस्थित सभी प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी विद्यालयों के शिक्षकों के सम्मान में इस प्रकार का भव्य एवं गरिमापूर्ण कार्यक्रम इससे पूर्व कभी आयोजित नहीं हुआ। शिक्षकों ने कहा कि जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ यह आयोजन किया गया, उससे पूरा शिक्षक समुदाय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका उत्साहवर्धन हुआ है और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिली है।

कार्यक्रम में कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


वन-क्लिक से 9.91 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंची पेंशन, मुख्यमंत्री धामी ने की जारी

जिन पात्र लाभार्थियों का आधार नहीं बन पा रहा, उन्हें चिन्हित कर अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए—मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया।

इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई। अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।

प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115 लाभार्थी शामिल हैं।

बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विक्रम यादव। संयुक्त सचिव धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


सीएम धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

धर्म, सत्य और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है श्रीकृष्ण का जीवन- धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य जीवन मानव समाज को धर्म, सत्य, कर्तव्य और कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कामना की कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का यह पावन अवसर सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह, उमंग और सकारात्मकता का संचार करे। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की भी कामना की।


भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और लोककल्याण का संदेश देता है। उनका जीवन समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, करुणा और समरसता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का संदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। गीता हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सुनियोजित, संतुलित और जनहितकारी विकास भी कर्तव्यनिष्ठा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एमडीडीए निरंतर प्रयासरत है कि देहरादून-मसूरी क्षेत्र का विकास नियोजित ढंग से हो और शहरों में बेहतर सुविधाओं के साथ स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित वातावरण विकसित किया जा सके।

इस अवसर पर एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।


15 अक्टूबर तक बदलेगी सौंदर्यीकरण और सड़कों की तस्वीर, ड्रोन-सैटेलाइट से होगी अवैध निर्माण पर नजर

सीएम धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा एमडीडीए, विकास कार्यों को मिली रफ्तार

देहरादून। प्रदेश के शहरों को सुनियोजित, सुंदर और सुविधाजनक बनाने के लिए धामी सरकार ने विकास प्राधिकरणों की कार्यशैली में तेजी और जवाबदेही लाने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कार्यों की समय-सीमा तय करने और लंबित योजनाओं को गति देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्राधिकरण सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर चर्चा के साथ विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया गया।

लंबित योजनाओं पर तय होगी समय-सीमा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरों के विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें तय समय में धरातल पर उतारा जाए। लंबित मास्टर प्लान और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के साथ प्रत्येक कार्य की समय-सीमा निर्धारित करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है। एमडीडीए ने भी इन निर्देशों के अनुरूप कार्यों की समीक्षा और मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।

15 अक्टूबर तक बदलेगी शहरों की तस्वीर

शहरों के व्यापक सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए आगामी 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्राधिकरण क्षेत्र की सड़कों को दुरुस्त करने के साथ सिटी पार्क विकसित किए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट की संख्या और उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। अधिकारियों को सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

G-20 की तर्ज पर शहरों का सौंदर्यीकरण

शहर के प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों का सौंदर्यीकरण G-20 आयोजन की तर्ज पर किया जाएगा। इसके तहत सड़कों, डिवाइडरों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक स्वरूप देने के साथ हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एमडीडीए का उद्देश्य शहर को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर स्वरूप प्रदान करना है, ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिल सके। सौंदर्यीकरण कार्यों में स्थानीय संस्कृति और शहर की पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी।

पार्किंग के स्थायी समाधान पर फोकस

शहरों में लगातार बढ़ती पार्किंग समस्या को लेकर भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्किंग की समस्या का अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी और व्यावहारिक समाधान तलाशा जाए। इसके लिए उपलब्ध भूमि, यातायात दबाव और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया है।

ड्रोन-सैटेलाइट से पकड़े जाएंगे अवैध निर्माण

अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। जीआईएस, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से प्राधिकरण क्षेत्रों की निगरानी मजबूत की जाएगी। इससे निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और अनधिकृत निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय रहते कार्रवाई संभव होगी। प्रत्येक प्राधिकरण में जियो-इन्फॉर्मेशन आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

एमडीडीए की कार्यशैली को मिली सराहना

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप एमडीडीए में पारदर्शिता, तकनीक और समयबद्ध कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राधिकरण की कार्यशैली में तेजी लाने के साथ योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर है। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी रोकने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्राधिकरण की सक्रियता को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।

नक्शों से आगे समग्र विकास की जिम्मेदारी

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि विकास प्राधिकरणों की भूमिका केवल नक्शे पास करने या निर्माण संबंधी कार्यवाही तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शहरों के समग्र विकास में प्राधिकरणों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। सड़क, पार्किंग, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाओं और नियोजित विस्तार को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बंशीधर तिवारी : बेहतर नागरिक सुविधाएं हमारा लक्ष्य

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश के शहरों का विकास सुनियोजित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। एमडीडीए मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। लंबित योजनाओं को गति देने के साथ सड़कों, पार्किंग, सिटी पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस है। 15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अवैध निर्माण की निगरानी में ड्रोन, जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। हमारा लक्ष्य पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मोहन सिंह बर्निया : हर कार्य की तय होगी जिम्मेदारी

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में प्राधिकरण स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी लंबित कार्यों की समीक्षा कर उनकी समय-सीमा और जिम्मेदारी तय की जा रही है। सड़क सुधार, सौंदर्यीकरण, पार्किंग, सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे और शहरों का विकास व्यवस्थित रूप से हो।


पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी, स्टॉक, माप एवं गुणवत्ता मानकों की हुई जांच

भूमिगत टैंकों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान सही, सभी नोजलों की माप निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई

उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा एवं मानक गुणवत्ता का पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताः जिला पूर्ति अधिकारी

देहरादून: जनपद में उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा एवं मानक गुणवत्ता का पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पूर्ति विभाग द्वारा पेट्रोल पंपों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के नेतृत्व में एक पेट्रोल पंप का औचक निरीक्षण कर स्टॉक, माप एवं ईंधन की गुणवत्ता संबंधी मानकों की विस्तृत जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप परिसर में स्थापित भूमिगत टैंकों में उपलब्ध पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक का संबंधित स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया गया। जांच में वास्तविक स्टॉक एवं अभिलेखों में दर्ज स्टॉक सही पाया गया।

जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम द्वारा पेट्रोल एवं डीजल वितरण करने वाले सभी नोजलों की माप की भी गहन जांच की गई। जांच के दौरान सभी नोजलों से दी जा रही ईंधन की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता की भी निर्धारित प्रक्रिया एवं मानकों के अनुसार जांच की गई। जांच में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। अधिकारियों द्वारा ईंधन की गुणवत्ता, माप व्यवस्था एवं स्टॉक रखरखाव से संबंधित अन्य अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पंप के प्रतिनिधि प्रशांत रावत भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने जांच प्रक्रिया में विभागीय टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान किया।

जिला पूर्ति अधिकारी देहरादून के.के. अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद के सभी पेट्रोल पंपों का औचक एवं नियमित निरीक्षण आगे भी जारी रखा जाएगा। निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आम उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में तथा मानक गुणवत्ता का पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंधन की आपूर्ति, माप अथवा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिला पूर्ति विभाग द्वारा संचालित इस प्रकार के नियमित निरीक्षणों का उद्देश्य पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ताओं के अधिकारों एवं हितों का संरक्षण करना है।


उत्तराखंड से मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ईएसआईसी सनथ नगर हैदराबाद का किया दौरा

ईएसआईसी सनथ नगर तेलंगाना सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में उभरा

2019 से लगातार ‘500 से अधिक बेड’ की श्रेणी में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ईएसआईसी अस्पताल’ के रूप में मिली है मान्यता

इस प्रेस दौरे का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों और पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना रहा

देहरादून /हैदराबाद- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस दौरे पर उत्तराखंड का 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (ईएसआईसी) सनथ नगर हैदराबाद का दौरा किया। जिससे समस्त पत्रकारों को सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को समझने का अवसर मिला।

ईएसआईसी सनथ नगर, हैदराबाद सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, उन्नत नैदानिक (क्लीनिकल) सेवाओं और तकनीक-आधारित मरीज देखभाल के एक अग्रणी ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में उभरा है। यह संस्थान बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को किफ़ायती और व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।

मीडिया प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सनथ नगर की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी ने पत्रकारों को संस्थान के स्वास्थ्य ढांचे और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में ईएसआईसी का नेटवर्क क्षेत्रीय कार्यालय, हैदराबाद के तहत 4 ईएसआईएस अस्पतालों, 70 औषधालयों, 8 शाखा कार्यालयों और 10 डिस्पेंसरी-कम-ब्रांच ऑफिस के माध्यम से सभी 33 जिलों में फैला हुआ है। प्रदेश में 20,47,160 लोगों को बीमा पॉलिसी के तहत वित्तीय सुरक्षा या कवरेज मिलती है और 74,32,916 लाभार्थी हैं, जिन्हें 1,63,581 नियोक्ताओं का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने बताया कि सनथ नगर परिसर में एक एकीकृत 1,044-बेड वाली स्वास्थ्य सुविधा शामिल है, जिसमें 800-बेड वाला ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और 244-बेड वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है। परिसर में 159 आईसीयू बेड, 45 डायलिसिस बेड, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और पांच उन्नत ओटी सूट मौजूद हैं। इसके अलावा यहाँ कई ब्रॉड-स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।

संस्थान ने पिछले चार वर्षों में मरीज सेवाओं में निरंतर वृद्धि देखी है। वार्षिक ओपीडी उपस्थिति 2022 में 6,93,853 से बढ़कर 2025 में 9,80,925 हो गई, जबकि औसत दैनिक ओपीडी 2,354 से बढ़कर 3,248 मरीजों तक पहुंच गई। वार्षिक दाखिले 78,086 से बढ़कर 95,037 हो गए, जिसमें औसत दैनिक दाखिले 214 से बढ़कर 315 हो गए। सर्जरी की संख्या भी 2022 में 16,223 से बढ़कर 2025 में 20,117 हो गई। अस्पताल ने 2025 में 85.6 प्रतिशत की बेड ऑक्यूपेंसी दर दर्ज की, जो इसके टर्शरी-केयर (तृतीयक देखभाल) बुनियादी ढांचे के निरंतर उपयोग को दर्शाती है।

इन दोनों अस्पतालों को 2019 से लगातार ‘500 से अधिक बेड’ की श्रेणी में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ईएसआईसी अस्पताल’ के रूप में मान्यता दी गई है। सुरक्षित, मरीज-केंद्रित और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए संस्थान ने मजबूत गुणवत्ता प्रणालियां और मान्यता तंत्र स्थापित किए हैं।

ईएसआईसी सनथ नगर कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरैसिक और वैस्कुलर सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी और फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन सहित कई अन्य विशिष्टताओं में उन्नत सेवाएं प्रदान करता है।

नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में यह अस्पताल ईएसआईसी नेटवर्क के भीतर किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें ‘ABO-असंगत’ (ABO-incompatible) किडनी ट्रांसप्लांट भी शामिल है। यहाँ जीवित-दाता (लाइव-डोनर) और शव-दाता (कैडवेरिक) दोनों प्रकार के किडनी ट्रांसप्लांट किए जाते हैं। संस्थान ने 8 जून 2024 को अपना पहला इन-हाउस कैडवेरिक अंग निष्कासन (ऑर्गन रिट्रीवल) किया और अब तक 30 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं, जिनमें 18 लाइव-डोनर ट्रांसप्लांट शामिल हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान, हीमोडायलिसिस सुविधा से 59,868 बीमित मरीजों को लाभ हुआ, जो परिसर में उपलब्ध रीनल-केयर (गुर्दे की देखभाल) सेवाओं के पैमाने को उजागर करता है।

पैथोलॉजी विभाग एनएबीएल एंट्री-लेवल टर्शरी-केयर डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला का संचालन करता है, जिसके परीक्षण भंडार में 162 जांचें और आठ विशेषज्ञता वर्गों में 90 से अधिक इम्युनोहिस्टोकेमिस्ट्री और आणविक (मॉलिक्यूलर) मार्कर शामिल हैं। प्रयोगशाला ने 2025-26 के दौरान 16.7 लाख से अधिक जांचें कीं, जिससे नियमित और कैंसर (ऑन्कोलॉजी) सहित विशेष नैदानिक सेवाओं के लिए व्यापक नैदानिक सहायता मिली।

परिसर ने तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य देखभाल पहलों को भी अपनाया है, जिसमें रेडियोलॉजिकल इमेजिंग सेवाओं के लिए पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्यूनिकेशन सिस्टम, ई-आईसीयू सेवाएं, ऑक्सीजन और वैक्यूम पाइपलाइन सिस्टम की रीयल-टाइम निगरानी, एक केंद्रीय सूचना प्रणाली डैशबोर्ड और रीयल-टाइम ऑनलाइन सैंपल कलेक्शन प्रणाली शामिल है। अन्य पहलों में AAA+ ऐप-आधारित ओपीडी सेवाएं, धनवंतरी मॉड्यूल का क्रियान्वयन, 100 प्रतिशत ई-ऑफिस कार्यान्वयन, आधार सीडिंग और ओपीडी में लैन कनेक्टिविटी शामिल हैं।

होम ड्रग डिलीवरी (घर पर दवा पहुंचाना), होम सैंपल कलेक्शन, AAA+ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन परामर्श और 5G-सक्षम एम्बुलेंस सेवाओं जैसी मरीज-केंद्रित डिजिटल पहलों ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और निरंतरता को और मजबूत किया है।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, सनथ नगर ने अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र (एकेडमिक इकोसिस्टम) को भी मजबूत किया है, जिसमें 150 एमबीबीएस सीटें, 106 एमडी/एमएस सीटें, 15 एम.ची. सीटें, 12 डॉएनबी सीटें, 4 डीएनबी कार्यक्रम और 6 एफएनबी कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, कार्डिएक और कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी, मेडिकल रिकॉर्ड्स साइंस, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, ऑप्टोमेट्री, रीनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी और मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी सहित विशिष्ट विषयों में 72 एलाइड हेल्थ साइंसेज सीटें भी उपलब्ध हैं।

प्रतिनिधिमंडल को डॉ. जया कुंदन गेडाम, डॉ. रत्ना गोसाईं, डॉ. जी. लक्ष्मी प्रसाद और डॉ. जी. तिरुपति ने भी विभिन्न नैदानिक और शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। इसके बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने अस्पताल की प्रयोगशाला सुविधाओं का दौरा किया और परिसर में उपलब्ध उन्नत नैदानिक बुनियादी ढांचे व सेवाओं की जानकारी ली।

इस दौरे ने मीडिया प्रतिनिधिमंडल को ईएसआईसी सनथ नगर के कामकाज और सुलभ, किफ़ायती व उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा देने के प्रयासों के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, विशेष नैदानिक देखभाल और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के इसके प्रयासों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।

अपने विस्तार लेते स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, मरीजों की बढ़ती संख्या, उन्नत प्रत्यारोपण व नैदानिक सेवाओं, मजबूत चिकित्सा शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और तकनीक-सक्षम मरीज सेवाओं को अपनाने के साथ, ईएसआईसी सनथ नगर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में एक मॉडल संस्थान के रूप में लगातार उभर रहा है।


फल मंडियों में कटौती से परेशान मोरी के किसान, कृषि मंत्री गणेश जोशी से लगाई गुहार

देहरादून:  उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के ग्राम जागटा से पहुंचे फल उत्पादक किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर फल मंडियों में किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने कृषि मंत्री को अवगत कराया कि फल मंडियों में मंडी शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर विभिन्न प्रकार की कटौतियां की जा रही हैं। इससे फल उत्पादकों को उनकी मेहनत और उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है तथा उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने मंडियों में किसानों के लिए शौचालय, स्वच्छ पेयजल, विश्राम एवं ठहरने जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। किसानों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में लागू किसान हितैषी मंडी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में भी सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

किसानों का कहना था कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता आने और अनावश्यक कटौतियों पर रोक लगने से फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मंडी निदेशक/एमडी मंडी को संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।

इस अवसर पर मनमोहन सिंह चौहान सहित किसान प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


कपकोट के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में डीएम अपूर्वा पाण्डे का स्थलीय निरीक्षण, सड़क की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी

बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बुधवार को कपकोट क्षेत्र के आपदा प्रभावित एवं दुर्गम आंतरिक क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अतिवृष्टि से सड़कों को हुए नुकसान और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भराड़ी, रीठाबगड़, सोंग, हरसिंग्याबगड़, शामा सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया।

डीएम ने भराड़ी-मुनार मार्ग पर भैंसखाली के समीप गदेरे से क्षतिग्रस्त सड़क तथा उदियारी गांव के पास हुए भूस्खलन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और मरम्मत कार्यों का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ब्रिडकुल द्वारा निर्मित लाहुर-मिकिला-खलपट्टा सड़क की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नकौनाबसौरा क्षेत्र में वॉशआउट हुई सड़क का भी निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में महज अस्थायी सड़क बहाली के बजाय वैज्ञानिक, सुरक्षित और टिकाऊ समाधान सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।


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