Wednesday, September 16th, 2026

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जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी, केक काटकर साझा कीं खुशियां

Category Archives: उत्तराखंड

जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी, केक काटकर साझा कीं खुशियां

बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है —मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच केक काटा और उनके साथ खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ कुछ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और खुश नजर आए। इस दौरान संस्थान का माहौल स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा और अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिले।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन की चुनौतियों को पार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने लक्ष्यों की दिशा में पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके जन्मदिन का सबसे खास और यादगार उपहार है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और संस्थान के शिक्षक मौजूद रहे।


रुद्रप्रयाग पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, होटल-ढाबों में शराब पीने-पिलाने वालों पर सख्त कार्यवाही

रुद्रप्रयाग पुलिस ने 3 का किया चालान

रुद्रप्रयाग। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों के साथ होटल और ढाबों में सघन चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शराब पीने और पिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में 15 सितंबर 2026 को जिले के सभी कोतवाली क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने प्रभावी चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, होटल और ढाबों में नियमों के उल्लंघन की जांच की गई।

संध्याकालीन चेकिंग के दौरान कोतवाली ऊखीमठ पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न होटल और ढाबों में आकस्मिक निरीक्षण किया। चेकिंग के दौरान शराब पीने-पिलाने से संबंधित अनियमितताएं सामने आने पर पुलिस ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की।

रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों, होटल और ढाबों में नियमों का उल्लंघन करने या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए चेकिंग अभियान लगातार संचालित किया जाएगा।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान न करें और न ही ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


हाथ-पैर और मुंह पर दाने, तेज बुखार… उत्तरकाशी में 8 बच्चों में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के भंगेली गांव में बच्चों के बीमार पड़ने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गांव में बीमार मिले 15 बच्चों की जांच में आठ में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में हाथ, पैर और मुंह की बीमारी यानी एचएफएमडी के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में निगरानी बढ़ाते हुए अन्य बच्चों की भी जांच शुरू कर दी है।

भंगेली गांव में बच्चों के बीमार होने के बाद पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने और मौतों की घटना सामने आई थी। इसी वजह से भंगेली में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में एचएफएमडी की पुष्टि की है, लेकिन वायरस दूषित पानी के जरिए पहुंचा या किसी अन्य माध्यम से, इसकी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

जल संस्थान की ओर से पेयजल के दूषित होने की बात से इनकार किया गया है। विभाग का कहना है कि जल स्रोतों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पानी के नमूनों की जांच के बाद ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा।

भटवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. वेद मोइक के अनुसार बीमार बच्चों में हाथ, पैर और मुंह पर दाने निकलने के साथ तेज बुखार, गले में दर्द और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बच्चों की जांच की। लक्षण एचएफएमडी से मेल खाने पर 15 बच्चों के नमूने लिए गए, जिनमें आठ में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि हुई।

चिकित्सकों के मुताबिक एचएफएमडी की समस्या सामान्य तौर पर सात वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक देखी जाती है। यह संक्रमण बच्चों के बीच तेजी से फैल सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है।

जिले में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं

उत्तरकाशी जिले में वर्तमान में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। भंगेली गांव में एक साथ कई बच्चों के बीमार होने के बाद उनके उपचार के लिए फिजिशियन की मदद ली गई। चिकित्सकों ने दूसरे जिलों में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों से सलाह लेकर बच्चों का उपचार किया।

बाल रोग विशेषज्ञों की कमी ऐसे मामलों में चुनौती बन सकती है, क्योंकि बच्चों के उपचार में उनकी उम्र, शारीरिक विकास और दवाओं की उचित खुराक का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।

ऐसे फैलता है कॉक्ससैकी वायरस

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अशोक कुमार के अनुसार कॉक्ससैकी वायरस मुख्य रूप से दूषित सतहों के संपर्क से फैल सकता है। यह हाथ, पैर और मुंह के रास्ते शरीर में संक्रमण पैदा कर सकता है और एक बच्चे से दूसरे बच्चे में तेजी से फैलने की क्षमता रखता है। यह एंटरोवायरस परिवार का हिस्सा है और मानव पाचन तंत्र में संक्रमण पैदा कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में इसका संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

बचाव के लिए क्या करें

संक्रमण से बचाव के लिए पानी को करीब 15 मिनट तक उबालकर पीने की सलाह दी गई है। सब्जियों को गर्म पानी से धोकर पकाने और बच्चों को संक्रमित या संदिग्ध संपर्क वाली जगहों से दूर रखने पर भी जोर दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी डॉ. श्याम विजय सिंह ने बताया कि गांव में चिकित्सकों की टीम कैंप लगाकर बच्चों की जांच कर रही है। आसपास के गांवों के बच्चों पर भी नजर रखी जा रही है। इस तरह के लक्षण वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की सूचना के बाद टीम लगातार निगरानी कर रही है।

वहीं, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने बताया कि भंगेली गांव से पानी के नमूने लिए गए हैं। प्रदेशभर में जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। टीमें कैंप लगाकर कई दिनों तक पानी के नमूनों की जांच कर रही हैं।


सहसपुर में 2,500 महिलाओं को मिला रोजगार का नया मंच, सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ

223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा लाभ, सिलाई और जूट-कपड़े के बैग का होगा उत्पादन

देहरादून: मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को गति देने की दिशा में विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि और सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

223 स्वयं सहायता समूहों की 2,500 महिलाओं को मिलेगा लाभ

जिला प्रशासन देहरादून की पहल पर पुनर्जीवित किए गए इस केंद्र का संचालन ‘आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फेडरेशन से 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं। केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

जूट और कपड़े के बैग से रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण

सामान्य सुविधा केंद्र में महिलाएं सिलाई के साथ जूट बैग और कपड़े की थैलियों का निर्माण करेंगी। पर्यावरण अनुकूल इन उत्पादों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिलेगी। आधुनिक मशीनों के जरिए महिलाएं बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगी।

अन्य जिलों में भी लागू होगा सहसपुर मॉडल

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने और अनुपयोगी भवन को विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है।

उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल देहरादून तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसी तर्ज पर उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

तीन लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

मंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में करीब सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। शेष महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य की कई लखपति दीदियां अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

आईआईएम काशीपुर देगा तकनीकी और उद्यमिता प्रशिक्षण

महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ एमओयू किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूल यूनिफॉर्म और वर्दी निर्माण की भी तैयारी

भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को केवल बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन देगा प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक सहयोग

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर का यह सामान्य सुविधा केंद्र लंबे समय से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर इसे समेकित उत्पादन इकाई के रूप में विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

महिलाओं को मिला स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर

केंद्र से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने कहा कि इसके संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इस पहल से उनकी आय और आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।


उत्तराखंड की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजेंगे युवा, 90 दिन चलेगा इनोवेशन हैकाथॉन

देहरादून:  उत्तराखंड की भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियों के तकनीकी समाधान तलाशने के उद्देश्य से उत्तराखंड इनोवेशन एंड सॉल्यूशंस हैकाथॉन-2026 का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया।

90 दिनों तक चलने वाली इस पहल में युवाओं की तकनीकी प्रतिभा और नए विचारों को राज्य की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों, शिक्षकों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवा इनोवेटर्स ने भाग लिया।

हैकाथॉन में आपदा प्रबंधन, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और सुशासन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशे जाएंगे। इसके अलावा एआई, डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस और ड्रोन तकनीक के माध्यम से शासन और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने पर भी काम होगा।

मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में राज्य की विशिष्ट चुनौतियों के समाधान विकसित करने की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से तकनीक को केवल प्रयोग और नवाचार तक सीमित न रखकर नागरिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी पहले समस्या की पहचान और आइडिया तैयार करेंगे। इसके बाद प्रोटोटाइप निर्माण, विशेषज्ञों से मेंटरिंग और मूल्यांकन के विभिन्न चरण होंगे। चयनित नवाचारों को पायलट प्रोजेक्ट, इन्क्यूबेशन और इंडस्ट्री लिंकेज के माध्यम से आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।

कार्यक्रम में एआई आधारित सरकारी नॉलेज रिपॉजिटरी, डेटा गवर्नेंस, एआई आधारित जीआईएस, पर्यावरणीय विश्लेषण, डीपीआर और आरएफपी तैयार करने में एआई के उपयोग तथा ड्रोन आधारित एरियल मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर भी समाधान विकसित किए जाएंगे।

पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की मौसमी आवाजाही को देखते हुए यातायात दबाव का पूर्वानुमान, पर्यावरणीय दबाव की निगरानी, आपदा संभावित क्षेत्रों की पहचान और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने वाले तकनीकी समाधानों पर भी विशेष जोर रहेगा। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के उपाय भी तलाशे जाएंगे।

आयोजकों के अनुसार, हैकाथॉन में नागरिक केंद्रित और जिम्मेदार नवाचार को प्राथमिकता दी जाएगी। 90 दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन आइडिएशन से होगी, जिसके बाद प्रोटोटाइप निर्माण, मेंटरिंग और मूल्यांकन के चरण पूरे किए जाएंगे।

यह पहल सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) द्वारा Axolotl Emprise LLP तथा संस्थागत एवं इकोसिस्टम सहयोगियों के साथ आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, तकनीकी समुदाय और युवा इनोवेटर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड की स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीकी समाधान विकसित करना है।


विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, पीड़ित परिवारों से मिले सांसद; बोले- जांच में दोषी पाए गए लोगों को बख्शा नहीं जाएगा

नैनीताल के ज्योलींकोट में जल जनित बीमारियों से बचाव कार्यों का सांसद अजय भट्ट ने लिया जायजा

नैनीताल। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने मंगलवार को ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारियों के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित बचाव एवं उपचार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार, जांच, दवाओं तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों के उपचार, जांच और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि जल जनित बीमारियों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दिल्ली के साथ ही नैनीताल जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी तैनाती की गई है, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल और बेहतर उपचार मिल सके।

मृतकों के परिजनों से मिलकर जताया दुख

सांसद अजय भट्ट ने जल जनित बीमारियों की चपेट में आकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से उनके घर पहुंचकर मुलाकात की और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

श्री भट्ट ने कहा कि पूरे मामले की गहन छानबीन की जा रही है और संबंधित विभागों की जांच जारी है। जांच में यदि किसी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बीमार हुए लोगों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

सांसद ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके। इस अवसर पर नैनीताल की विधायक श्रीमती सरिता आर्या भीमताल के ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट जिला मंत्री पुष्कर जोशी ग्राम प्रधान हरगोबिंद रावत कैलाश जोशी


50 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन चालक, SDRF ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

उत्तरकाशी। राणा चट्टी और स्यानाचट्टी के बीच पैर फिसलने से एक वाहन चालक करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायल को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला।

15 सितंबर 2026 को पुलिस चौकी जानकीचट्टी से SDRF पोस्ट जानकीचट्टी को घटना की सूचना मिली। मुख्य आरक्षी राजेश कुमार के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर घायल व्यक्ति तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घायल की पहचान उपेंद्र पुत्र रामबुल (50 वर्ष), निवासी मेरठ के रूप में हुई है।

रेस्क्यू के बाद SDRF टीम ने घायल को प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उसे एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेज दिया गया।


मोरी में बोलेरो कैंपर 200 मीटर गहरी खाई में गिरा, एक की मौत, 11 घायल

उत्तरकाशी। मोरी क्षेत्र में उजली कन्याशनि के पास मंगलवार को एक बोलेरो कैंपर वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के वक्त वाहन में 12 लोग सवार थे।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट मोरी से हेड कांस्टेबल जयप्रकाश रमोला के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। SDRF जवानों ने संयुक्त रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर खाई में उतरकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 11 घायलों को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं हादसे में एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

SDRF टीम ने मृतक का शव भी खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द किया। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद SDRF टीम वापस कैंप के लिए रवाना हुई।


17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’

जनभागीदारी और सफाई मित्रों के सम्मान पर रहेगा विशेष जोर, 1 अक्टूबर को होगा महा श्रमदान

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जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरा करें- डीएम

पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराकर शीघ्र करें वित्तीय समापन, ‘हर घर जल’ प्रमाणन में तेजी के निर्देश

देहरादून: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण (टीपीआई) कराते हुए वित्तीय समापन की कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। साथ ही लंबित परियोजनाओं के शेष कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का टीपीआई शीघ्र कराने के साथ ही संबंधित गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं के लिए आवश्यक केंद्रीय धनराशि समय पर प्राप्त हो सके।

बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। मिशन के प्रथम चरण की सभी 333 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं द्वितीय चरण की कुल 760 योजनाओं में से 737 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 23 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें तीन योजनाएं वन भूमि संबंधी स्वीकृतियां लंबित होने के कारण प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के कुल 635 गांवों में से 586 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष 49 गांवों में प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की गुणवत्ता एवं प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य है और इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

बैठक में अधीक्षण अभियंता जल निगम आर.के. जैन, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान (ग्रामीण) नमित रमोला, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता राजेन्द्र लाल, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार निर्वाल, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, एडीपीआरओ संजय बड़ोनी सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के नामित सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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