Tuesday, September 15th, 2026

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उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट

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उत्तराखंड में सुरक्षा को लेकर DGP दीपम सेठ सख्त, चारधाम से चुनाव तक अलर्ट

देहरादून: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में समीक्षा बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव, चारधाम यात्रा, कुंभ मेला, VVIP कार्यक्रमों और त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

DGP ने भारत की पहली आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रभावी ढंग से लागू करने और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े कट्टरपंथी गतिविधियों के इनपुट को देखते हुए जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही राज्य ATS को अन्य बड़े राज्यों के सफल ऑपरेशनों का अध्ययन कर पेशेवर स्तर पर अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

चीन और नेपाल सीमा से लगे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी रोक के लिए ITBP, SSB, सेना, IB, राज्य पुलिस और ATS के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित करने को कहा गया।

चारधाम यात्रा और आगामी कुंभ मेले के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने के साथ विधानसभा चुनाव, राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा और दीपावली के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

बैठक में Facebook, X, Instagram और WhatsApp पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा भ्रामक खबरों, अफवाहों और डीपफेक वीडियो का तत्काल फैक्ट-चेक और आधिकारिक खंडन जारी करने पर भी जोर दिया गया।


अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त

सेक्टरवार टीमों के जरिए लगातार कार्रवाई, विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला में विशेष अभियान

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और प्लॉटिंग से संबंधित मामलों की लगातार निगरानी कर रही हैं। वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण की कार्रवाई केवल छोटे स्तर के निर्माणों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बड़ी इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। विकासनगर, ऋषिकेश, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। एमडीडीए का स्पष्ट प्रयास है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के विपरीत होने वाले निर्माण एवं प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

झाझरा में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
इसी क्रम में प्राधिकरण द्वारा चरनपाल आदि के स्थल नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने, झाझरा, देहरादून में कार्रवाई की गई। यहां करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन करते हुए प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किए जाने के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। प्राधिकरण स्तर से नियमानुसार मामले में वाद दायर किया गया। जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को एमडीडीए द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि बिना स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की जा रही प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

सेक्टरवार निगरानी से तेज हुई कार्रवाई
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों द्वारा संबंधित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ ही बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और प्लॉटिंग की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करना भी है। एमडीडीए ने आम लोगों से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड और ले-आउट की वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं होगी ढिलाई
एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक गतिविधियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण की टीमों को ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है, ताकि अनियोजित प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के कारण भविष्य में यातायात, जल निकासी, सड़क, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न न हों।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। हमने सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया है, ताकि क्षेत्र में होने वाली निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा सके और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर समयबद्ध कार्रवाई हो। बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। झाझरा में करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग पर नियमानुसार कार्रवाई कर उसे ध्वस्त किया गया है। प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगी।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के मामलों में एमडीडीए द्वारा नियमानुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। सेक्टरवार टीमें अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। झाझरा में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के करीब पांच बीघा क्षेत्र में की जा रही प्लॉटिंग के मामले में वाद दायर करने के बाद अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। आमजन से भी अपील है कि भूमि खरीदने से पहले भूखंड और ले-आउट की स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


देहरादून में कुष्ठ रोग मुक्त लाभार्थियों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच

देहरादून। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा के निर्देशों के क्रम में जनपद में कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के उत्तम स्वास्थ्य और देखभाल के उद्देश्य से विभिन्न कुष्ठ आश्रमों में विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों के दौरान लाभार्थियों की गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आंखों की जांच, निःशुल्क चश्मा वितरण एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श संबंधी सुविधाएं प्रदान की गईं।

1. रैफल कुष्ट आश्रम

नेत्र जांच-19 (2 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-19

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-19

2. रोटरी क्लब कुष्ट आश्रम भगत सिंह कॉलोनी

नेत्र जांच-20 (9 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-20

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-20

3. राम मंदिर एवं इंद्रेश कुष्ट आश्रम

नेत्र जांच-24 (12 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-24

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-24

4. केकेएम कुष्ठ आश्रम नालापानी

नेत्र जांच-23 (9 चश्मों का वितरण)

एनसीडी स्क्रीनिंग-23

मानसिक स्वास्थ्य परामर्श-23

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के सर्वांगीण स्वास्थ्य सुधार हेतु इस प्रकार के विशेष अभियानों का आयोजन किया जाता रहा है, भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा।

शिविरों का संचालन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. नेगी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। विशेषज्ञ टीम में डॉ. निशा सिंगला (मनोचिकित्सक), रजनी राणा (साइकैटरिस्ट नर्स), एवं अनिल टम्टा (दृष्टिमितज्ञ/ऑप्टोमेट्रिस्ट) बी. आर. तोमर, बी. पी. गौड़ (एमएनएस), सुभाष भट्ट, यूपीएचसी रीठामंडी की टीम से लीला पंवार, एनएनएम, सुश्री सिमरन चौहान (स्टाफ नर्स), तथा सुरेश रमोला एवं श्री संदीप उपस्थित रहे।


एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता पर दिया जोर

पौड़- निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर मंगलवार को राजनीतिक दलों के जनपद स्तरीय पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने की। बैठक में एसआईआर के तहत चल रहे पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, प्राप्त दावे-आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम प्रकाशन की तैयारियों पर चर्चा की गयी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद की सभी छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 28 सितंबर, 2026 निर्धारित है, जबकि निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर, 2026 को किया जाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पुनरीक्षण कार्य में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने बताया कि जनपद की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर के अंतर्गत कुल 1,39,967 नोटिस जनरेट किए गए थे। सभी नोटिस वितरित किए जा चुके हैं और उनकी सुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इनमें 2,626 प्रकरण अंतिम प्रकाशन के लिए शामिल नहीं किए जाएंगे, जबकि 1,37,341 प्रकरण अंतिम प्रकाशन के लिए रखे गए हैं।

बैठक में 15 जुलाई से 14 सितंबर, 2026 तक प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की भी जानकारी दी गयी। इस अवधि में जनपद की छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों से फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 के कुल 16,150 आवेदन प्राप्त हुए हैं। संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के स्तर से इनका निस्तारण किया जा रहा है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर से संबंधित जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होने की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करने को कहा।

इस अवसर पर सहायक नोडल एसआईआर मास्टर आदर्श, राजनीतिक दलों से सुरेंद्र रावत, जगमोहन नेगी, राकेश गौरशाली, हरीश उनियाल सहित अन्य उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर यमकेश्वर शिव मंदिर में होगा रुद्राभिषेक व यज्ञ

यमकेश्वर(पौड़ी )। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर उनके गृह क्षेत्र यमकेश्वर में कल बुधवार 16सितंबर को यमकेश्वर मंडल भाजपा संगठन तथा श्रद्धालुओं द्वारा प्रसिद्ध यमकेश्वर शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के स्वस्थ, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालुजन शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का विधिवत रुद्राभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की जाएगी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प माह’ एवं ‘आशीर्वाद दीया’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा

यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश

14 सितम्बर तक 50.56 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन, 66.07 लाख यात्रियों का पंजीकरण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम एवं भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में भीड़ एवं आवागमन को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने तथा खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही सुव्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा एवं भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ – मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने तथा घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश एवं शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितम्बर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला

देहरादून। मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन की महिला कार्मिकों के पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़े प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने करीब 86 एएनएम महिला कार्मिकों की पेंशन संबंधी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी।

शिष्टमंडल ने बताया कि संबंधित महिला कार्मिकों की नियुक्ति वर्ष 2004 में जारी विज्ञप्ति के आधार पर वर्ष 2006 में हुई थी, लेकिन उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया। वहीं समान नियुक्ति और सेवा परिस्थितियों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों के कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे पेंशन से जुड़ी गंभीर विसंगति बताते हुए मामले का नियमानुसार परीक्षण कर पात्र कार्मिकों को OPS का लाभ देने की मांग की।

शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि कर्मचारियों की मांग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। NOPRUF ने कहा कि वर्षों तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन केवल निवेश से मिलने वाला रिटर्न नहीं हो सकती।

संगठन ने कहा कि कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा बाजार के उतार-चढ़ाव या पेंशन कॉर्पस पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। NOPRUF ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा— “NPS नहीं, UPS नहीं, केवल OPS।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिष्टमंडल की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित सचिव को प्रकरण की तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता को प्रतिनिधिमंडल ने सकारात्मक बताया।

शिष्टमंडल ने उम्मीद जताई कि करीब 86 महिला कार्मिकों की पेंशन संबंधी विसंगति का जल्द न्यायोचित समाधान होगा।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर NOPRUF ने आगामी कार्यक्रम भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत 1 अक्टूबर 2026 को रुद्रप्रयाग में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर रैली और 2 नवंबर 2026 को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा।

NOPRUF ने प्रदेश के अधिकारी, शिक्षक और कार्मिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।

शिष्टमंडल में हीरा ऐठानी, पार्वती खेतवाल, हरि बिष्ट, बिनाव बिष्ट, अमिता बिष्ट, लक्ष्मी बिष्ट, मधु रावत और सुजाता समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।


मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ, ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, महतोलियागांव-नदगल में मोटर मार्ग निर्माण शुरू

भीमताल। धारी ब्लॉक की ग्राम सभा महतोलियागांव-नदगल के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मोटर मार्ग की मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। मोटर मार्ग निर्माण कार्य का शुभारंभ मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया। सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव से मुख्य मार्ग तक सामान पहुंचाने के लिए उन्हें घोड़ों या कंधों का सहारा लेना पड़ता था। वहीं, बीमार मरीजों को भी इसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता था। किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में मिलने वाली आमदनी का बड़ा हिस्सा किराए-भाड़े में खर्च हो जाता था।

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कई जनप्रतिनिधियों के समक्ष सड़क निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद ग्रामीणों ने मंत्री राम सिंह कैड़ा से मोटर मार्ग निर्माण की मांग की।

मंत्री कैड़ा ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहले वन एवं पर्यावरण विभाग से सड़क निर्माण की स्वीकृति कराई। इसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधिकारियों को डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने मुख्यमंत्री से सड़क निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने का आग्रह किया, जिसके बाद शासन से धनराशि स्वीकृत कराई गई।

निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मोटर मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि क्षेत्र के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए और इसी दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

मोटर मार्ग निर्माण शुरू होने पर ग्रामीणों ने मंत्री राम सिंह कैड़ा का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत कर आभार जताया।

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष कृष्ण चंद्र, ब्लॉक प्रमुख भावना आर्य, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख जीवन बर्गली, ललित मोहन शर्मा, प्रकाश चंद्र नानू, निर्मल बर्गली, अनिल कुमार, विवेक डंगवाल सहित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा

द्वितीय चरण की यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता

रुद्रप्रयाग: प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मानसून के पश्चात यात्रा के द्वितीय चरण में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के दृष्टिगत विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में सभी विभाग अभी से पूरी तैयारी के साथ कार्य करें और यात्रा मार्ग, पैदल मार्ग, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, खाद्य सामग्री, परिवहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर कार्य करते हुए आपसी समन्वय के साथ यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जनपद में श्री केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा यात्रा मार्ग एवं पैदल मार्ग का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा मानसून के कारण प्रभावित हुई व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।

प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग एवं पैदल मार्ग का निरीक्षण करने वाली प्रत्येक विभागीय टीम अपने निरीक्षण के दौरान वहां स्थापित शौचालयों की साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का भी अनिवार्य रूप से जायजा ले। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। शौचालयों में पर्याप्त पानी, सफाई सामग्री एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग एवं प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक खाद्य सामग्री तथा गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रा के द्वितीय चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने चिकित्सा विभाग को यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा केंद्रों एवं मेडिकल रिलीफ पोस्ट में आवश्यक दवाइयां, उपकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा टीमें पूरी तरह तैयार रहें।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी है। इसलिए यात्रा से जुड़े प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है कि वह श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग एवं पैदल मार्ग पर जहां भी व्यवस्थाओं में कमी अथवा सुधार की आवश्यकता है, उसे तत्काल चिह्नित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर किया जाए। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, पैदल मार्गों एवं अन्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि यात्रा के द्वितीय चरण में श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए सभी विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भटट सहित जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


राज्य सरकार कर रही खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम -रेखा आर्या

खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया जूडो प्रतियोगिता का शुभारंभ, कहा खेल को लेकर समाज की सोच में आया बहुत सकारात्मक परिवर्तन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या

देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून युवा केंद्र आमवाला पहुंची जहाँ उन्होंने “मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी” के तहत जूडो प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। यहाँ खेल मंत्री ने विभिन्न जनपदों से आये हुए खिलाड़ियों से उनका परिचय जाना साथ ही सरकार कि और से खिलाड़ियों को प्रदान कि जा रही योजनाओं कि जानकारी ली।

खेल मंत्री ने कहा की मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अभी तक “मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी” में 317988 खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैँ जो क़ि बीते 10 वर्षो में सबसे अधिक है। कहा की उन्हें उम्मीद है की जल्द ही यह आकड़ा और अधिक बढेगा को की इस बात का संकेत है कि अब हमारे बच्चे अपनी पढ़ाई के साथ अपने खेल को भी महत्व दे रहे है।

बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों आज समाज में खेल के प्रति धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। जो लोग खेल को पहले निम्न स्तर का मानते थे आज वह अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैँ। उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार मुख्यमंत्री धामी जी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई सारी योजनाएं संचालित कर रही है। बीते दिनों ही कैबिनेट में राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए हमने आउट ऑफ़ टर्न जॉब के प्रस्ताव को संस्तुति दी है जो इस बात को परिलक्षित करता है की सरकार हमारे खिलाड़ियों के प्रति गंभीर है। मैं आप सभी बच्चों से यही कहना चाहती हूं कि प्यारे बच्चों आज खेल को लेकर समाज की सोच में बहुत परिवर्तन आया है क्योंकि जो समाज खेल को निम्न स्तर का समझते थे आज उनकी धारणा पूरी तरह बदल चुकी है।

खेल मंत्री ने कहा की राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के भविष्य को सवांरने के लिए आउट ऑफ़ टर्न जॉब का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास किया जा चुका है साथ ही सरकारी नौकरी में 4 प्रतिशत का आरक्षण भी दिया जा रहा है। मूझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी आने वाले समय में अपने खेल के माध्यम से देश और प्रदेश के साथ अपने माता -पिता और समाज का नाम अवश्य रोशन करेंगे।इस दौरान खेल मंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें भी प्रेषित की।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल जी, उपनिदेशक शक्ति सिंह जी, एस. के.जयराज जी सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ो खिलाड़ी उपस्थित रहे।


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