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आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा

Category Archives: उत्तराखंड

आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा

आंगनबाड़ी राशन में एक्सपायरी और गुणवत्ता पर सवाल, गोदाम में मिले बाल श्रमिक

देहरादून। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जा रही खाद्य सामग्री की खराब गुणवत्ता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने बड़ा एक्शन लेते हुए रुड़की के माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापेमारी की। यह गोदाम राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन सामग्री की आपूर्ति करता है।

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। गोदाम में खजूर और केले के चिप्स के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथि संदिग्ध पाई गई, जबकि कई पैकेटों पर इन तिथियों का कोई उल्लेख नहीं था। कई पैकेटों पर छपी हुई मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी तिथि के स्थान पर स्टैंप से तिथि अंकित मिली, जिससे सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हुआ।

जांच में यह भी पाया गया कि दिसंबर और जनवरी माह के अंडे तथा अन्य खाद्य सामग्री मार्च माह में वितरित की जा रही थी। अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। इसके अलावा गोदाम में तापमान बनाए रखने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं मिली और गोदाम का संचालन भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक काम करते हुए मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गोदाम स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए राशन लेकर टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला जाने वाले वाहनों को मौके पर रुकवाकर सामग्री के सैंपल भी लिए। जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम के रजिस्टर अद्यतन नहीं थे और आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी गुणवत्ता प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

छापेमारी के दौरान उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव तथा कानूनगो रुड़की संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य के नौनिहालों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत

योजना के तहत निःशुल्क उपचार पर खर्च हो चुके हैं 3300 करोड़

देहरादून। सूबे में आयुष्मान योजना के अंतर्गत अबतक 17 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। जिस पर राज्य सरकार द्वारा 3300 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत राज्य में 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाये गये हैं। उक्त योजना के तहत 11000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों द्वारा मुफ्त उपचार का लाभ उठाया गया है।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार संजीदा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता के कारण अधिक से अधिक लोग विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यही वजह है कि राज्य में अबतक 17 लाख से अधिक मरीजों ने आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार कराया है, जिस पर सरकार ने 3300 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर दी है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा जनपद में 57862 लाभार्थियों ने योजना के तहत मुफ्त उपचार कराया। इसी प्रकार बागेश्वर में 25133, चमोली 66005, चम्पावत 33274, देहरादून 418295, हरिद्वार 321509, नैनीताल 159242, पौड़ी 130701, पिथौरागढ़ 58786, रूद्रप्रयाग 39989, टिहरी 99191, ऊधमसिंह नगर 281995 तथा उत्तरकाशी में 55882 लाभार्थियों ने निःशुल्क उपचार कराया।

डाॅ. रावत ने बताया कि आयुष्मान योजना के अलावा राज्य व स्वायतशासी निकायों के कार्मिकों व पेंशनरों के लिये राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत 4 लाख से अधिक लाभार्थियों ने कैशलेस उपचार का लाभ उठाया है। जिसमें 1.73 लाख लोगों ने आईपीडी व 2.31 लाख लोगों ने ओपीडी की कैशलेस सुविधाएं ली। उन्होंने बताया कि इस सुविधा पर सरकार द्वारा 641 करोड़ की धनराशि खर्च की जा चुकी है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत राज्य में 57 लाख जबकि एसजीएचएस के तहत 5 लाख से अधिक कार्ड बनाये जा चुके हैं। इसके अलावा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना योजना के तहत कार्ड बनाये गये हैं। जिसके तहत 11000 लाभार्थियों ने मुफ्त उपचार का फायदा उठाया है। उक्त योजना पर सरकार ने करीब 30 करोड़ से अधिक की धनराशि व्यय की है।

डाॅ. रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को भी निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना में घायलों के उपचार हेतु 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से दी जा रही है, जो पीड़ितों के लिए बड़ी राहत है।


देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण

यातायात के दबाव को कम करते हुए यातायात के सुगम संचालन हेतु अधीनस्थ अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

देहरादून। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को ट्रैफिक को सुचारू बनाने और अव्यवस्था दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने Rispana Chowk, Kargi Chowk और ISBT Dehradun सहित शहर के प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थानों पर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

रिस्पना चौक पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रिस्पना पुल के पास बने ऑटो स्टैंड और सामने बने डिवाइडर के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इस पर एसएसपी ने संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर डिवाइडर को थोड़ा पीछे करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव कम किया जा सके।

आईएसबीटी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाए। सड़क किनारे नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाने और सड़क पर सवारी उतारने-चढ़ाने वाली बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आईएसबीटी चौकी के बाहर खड़े सीज वाहनों के लिए अलग स्थान चिन्हित कर उन्हें वहां शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए, जिससे क्षेत्र में यातायात सुचारू रूप से चल सके।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने आईएसबीटी चौकी में पहुंचे शिकायतकर्ताओं से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आमजन की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं, कारगी चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चौक पर बने पुलिस बूथ को थोड़ा पीछे करने और सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को खासतौर पर सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़ा कर ट्रैफिक बाधित करने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी यातायात, संबंधित थाना प्रभारी और यातायात निरीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे।


बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू

नई ‘डायरेक्ट टू मोबाइल’ तकनीक से दूरदराज के छात्रों तक पहुंचेगी शिक्षा और मनोरंजन

देहरादून। बिना सिम और इंटरनेट के टीवी व मोबाइल पर फ़िल्में और मनोरंजन कार्यक्रम देखे जा सकेंगे। देश में इस नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने वाली फ्रीस्ट्रीम के साथ ग्राफिक एरा ने एमओयू किया है। राज्य के शिक्षा व चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इसे शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग करार दिया है।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज यह एमओयू किया गया। फ्रीस्ट्रीम ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप के रूप में यह खोज की है। दुनिया में यह नई टेक्नोलॉजी है। इसके अंतर्गत डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक के माध्यम से फिल्में, मनोरंजन कार्यक्रम, शिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम और कौशल आधारित मॉड्यूल सीधा मोबाइल और टीवी पर देखे जा सकेंगे। दूरस्थ व इंटरनेट विहीन क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। साथ आई जैसी उभरती तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

यह एमओयू राज्य के शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से शिक्षा हर छात्र तक पहुंचाई जा सकेगी। यह पहल मेक इन इंडिया को मजबूती देते हुए शिक्षा प्रणाली और मनोरंजन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के इस सबसे बड़े विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा की गुणवत्ता और सर्वाधिक प्लेसमेंट के कारण देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। बिना इंटरनेट और सिम के टीवी और मोबाइल पर मनोरंजन व शिक्षाप्रद कार्यक्रम दिखाने की यह नई टेक्नोलॉजी उन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है या डाटा पैक पर लोग खर्च नहीं कर सकते।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष प्रो. डा. कमल घनशाला ने कहा कि भारत की बड़ी कंपनियां भी शोध कार्यों पर बहुत कम खर्च कर रही है, इससे देश को नहीं तकनीकी देने का कार्य प्रभावित हो रहा है। शोध कार्यों को बढ़ाने की उन्नति के लिए क्रांतिकारी हो सकता है। जो शोध और पेटेंट हो रहा है उन्हें व्यावसायिक उपयोग में लाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शोध से हम अपनी कमियों को पहचान कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार लाकर विद्यार्थियों के लिए उज्जवल और सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

ग्राफिक एरा की तरफ से एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और 5G टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रख्यात वैज्ञानिक पराग नायक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक मोबाइल सिग्नल से बेहतर तकनीक साबित होगी और दूर दराज के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने में अहम कड़ी बनेगी।

फ्रीस्ट्रीम की ओर से सीनियर एडवाइजर सी के जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को तकनीक से जुड़ने, बेहतर कंटेंट तक पहुंचे और शिक्षा व मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे।

ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन सुनील ने कहा कि यह तकनीक सिम, डाटा और इंटरनेट पर निर्भर नहीं है। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है यह उन क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा और मनोरंजन के साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा। यह एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इस कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. वाइस चांसलर डॉ संतोष एस सर्राफ, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ डी. आर गंगोडकर, डीन इंटरनेशनल कोलैबोरेशन डॉ मांगेराम, डीन मैनेजमैंट डॉ विशाल सागर, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए।


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक, कई विकास योजनाओं को मिली मंजूरी

सहस्त्रधारा पेयजल योजना और सतपुली बैराज निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय-वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विचार करते हुए उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया।

प्रमुख स्वीकृत योजनाएं

– अमृत 2.0 के ट्रांच-2 के अंतर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा किया जाएगा।
– जनपद पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल/एकेश्वर विकास खंड के अंतर्गत सतपुली बैराज के निर्माण (पुनरीक्षित) प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
– जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित फायर स्टेशन में टाइप-द्वितीय, टाइप-तृतीय तथा टाइप-चतुर्थ श्रेणी के कुल आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
– जनपद देहरादून के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
– नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

योजनाओं के क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी, पारदर्शी तथा गुणवत्ता-परक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य निर्धारित समयसीमा में तेजी से पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखने तथा योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ (सस्टेनेबल) बनाने के उद्देश्य से कार्य करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सचिव नितेश झा, शैलेश बगौली, एस.ए. अदांकी, युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय-वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विचार करते हुए उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया।

प्रमुख स्वीकृत योजनाएं

– अमृत 2.0 के ट्रांच-2 के अंतर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा किया जाएगा।
– जनपद पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल/एकेश्वर विकास खंड के अंतर्गत सतपुली बैराज के निर्माण (पुनरीक्षित) प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
– जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित फायर स्टेशन में टाइप-द्वितीय, टाइप-तृतीय तथा टाइप-चतुर्थ श्रेणी के कुल आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
– जनपद देहरादून के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
– नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी, पारदर्शी तथा गुणवत्ता-परक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य निर्धारित समयसीमा में तेजी से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखने तथा योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ (सस्टेनेबल) बनाने के उद्देश्य से कार्य करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सचिव नितेश झा, शैलेश बगौली, एस.ए. अदांकी, युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण

शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में देश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं- गणेश जोशी

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जन्मदिवस के अवसर पर उनके ‘प्रतिदिन एक पौधरोपण’ के संकल्प के क्रम में अपने शासकीय आवास पर पौधरोपण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में देश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति शिवराज सिंह चौहान का समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जैसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर सरकार में दायित्वधारी जगत सिंह चौहान, भाजपा नेता रामशरण नौटियाल, लक्ष्मण सिंह रावत, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ठाकुर धीरेन्द्र सिंह, दीपक भट्ट आदि उपस्थित रहे।


मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान

मौसम विभाग का अनुमान, प्रदेश में तापमान छह से सात डिग्री तक बढ़ने के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे मैदान से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक छह मार्च तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। इसके चलते तापमान में सामान्य से छह से सात डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। हालांकि सात मार्च के आसपास पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है।

इन दिनों दिनभर तेज धूप निकलने के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। देहरादून समेत कई मैदानी इलाकों में मार्च की शुरुआत ही गर्म दिन के साथ हुई है। हाल के दिनों में देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जो लगभग 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में इतना अधिक तापमान कम ही देखने को मिला है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार तापमान में बढ़ोतरी के पीछे जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके अलावा जनवरी और फरवरी में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से भी तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो इस वर्ष मार्च का महीना पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गर्म रह सकता है और तापमान के नए रिकॉर्ड भी बन सकते हैं। प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय धूप से बचाव करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।


चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक

जंगल की आग से वन्यजीवों और पर्यावरण पर मंडराया संकट

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ वन प्रभाग में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। मध्य पिंडर रेंज के कई वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गए हैं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। वन विभाग और अग्निशमन दल की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रही हैं।

बताया जा रहा है कि मध्य पिंडर रेंज के अंतर्गत चेपड़ों और सौगांव गांवों के पास जंगलों में लगी आग तेजी से फैलते हुए खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा क्षेत्र के वनों तक पहुंच गई है। आग इतनी भीषण है कि इसकी लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दे रही हैं। अब तक करीब 20 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलकर खाक हो चुका है।

आग का असर स्थानीय ग्रामीणों पर भी पड़ने लगा है। चेपड़ों गांव के पास स्थित कुछ गौशालाएं भी आग की चपेट में आ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वहीं आग की लपटें जूनिधार गांव की ओर बढ़ने से आबादी वाले इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

वन विभाग के अनुसार घने चीड़ के जंगल और खड़ी चट्टानों वाला इलाका होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कत आ रही है। रात के समय अंधेरा, गिरते पत्थर और जलते हुए पेड़ों के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि विभाग की टीमें पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आग अभी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है।

आग का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ रहा है। जलते हुए पेड़ और पत्थर थराली-देवाल स्टेट हाईवे पर गिरने से इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगल में रहने वाले वन्यजीवों और वनस्पतियों को भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


शिकायतों पर तत्पर प्रशासन- हर प्रकरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश

जनता मिलन कार्यक्रम में मुआवजा, पेयजल और निर्माण गुणवत्ता प्रकरणों पर सीडीओ द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश

पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न जनसमस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इस दौरान पेयजल आपूर्ति, राशन वितरण, खेल मैदान विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से जुड़े मुआवजा प्रकरण तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संबंधी करीब आधा दर्जन शिकायतें दर्ज हुईं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाय तथा आगामी सोमवार को प्रत्येक प्रकरण पर की गई कार्यवाही की आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाय।

जनता मिलन में तहसील पौड़ी के ग्राम नौली निवासी राकेश सिंह द्वारा पेयजल आपूर्ति बाधित होने, राशन न मिलने एवं आर्थिक तंगी की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी पौड़ी को निर्देशित किया कि राजस्व कर्मियों से स्थलीय जांच कराकर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाए तथा खाद्य एवं पूर्ति विभाग उज्ज्वला गैस योजना एवं राशन वितरण की स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। वहीं ग्राम बौंसरी निवासी सुरेशचन्द्र बड़थ्वाल द्वारा ल्वाली के निकट डडुवादेवी क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल मैदान के विस्तारीकरण संबंधी प्रकरण पर संबंधित विभागीय अधिकारी को त्वरित परीक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

नांदलस्यूं बैंग्वाड़ी निवासी ऊषा देवी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के अंतर्गत तिमंजिला आवासीय भवन के कम आकलित मुआवजे संबंधी शिकायत पर अवगत कराया गया कि भारत सरकार से मुआवजे की धनराशि का अवार्ड पारित हो चुका है तथा आपत्ति की स्थिति में अपर आयुक्त स्तर पर मध्यस्थता का प्रावधान उपलब्ध है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित एसएलएओ कार्यालय को फरियादी को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में गढ़वाल बैडमिंटन एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट राजेन्द्र सिंह बंगारी द्वारा कण्डोलिया स्थित इण्डोर बैडमिन्टन हॉल में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खण्ड द्वारा बनाए जा रहे लकड़ी के फर्श की गुणवत्ता पर उठायी गयी आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं खेल विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अभिनव रावत, ईओ नगर पालिका परिषद पौड़ी संजय कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल तथा अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य

SCO यूथ डेल्फिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सुलभा जोशी

देहरादून। उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी ने अंतरराष्ट्रीय कला जगत में राज्य का मान बढ़ाया है। सुलभा उत्तराखंड की पहली महिला कलाकार बन गई हैं जिन्हें विजुअल आर्ट्स के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जूरी (International Jury) सदस्य के रूप में चुना गया है।

सुलभा को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित प्रथम SCO यूथ डेल्फी गेम्स (1st SCO Youth Delphic Games) के लिए इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया है।
सुलभा जोशी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के बीच होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह आयोजन कला और संस्कृति के माध्यम से वैश्विक एकता को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा मंच है।

अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोटद्वार निवासी सुलभा ने कहा कि यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उनकी कला यात्रा पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक जड़ों से प्रेरित रही है। सुलभा का यह चयन राज्य की अन्य उभरती महिला कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


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