Tuesday, September 15th, 2026

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चारधाम यात्रा के दूसरे चरण का आगाज आज, 50.50 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

Category Archives: उत्तराखंड

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण का आगाज आज, 50.50 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

 देहरादून- चारधाम यात्रा के दूसरे चरण का आगाज मंगलवार, 15 सितंबर से हो रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि, खराब मौसम और यात्रा मार्गों पर भूस्खलन चुनौती बने हुए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास रविवार देर शाम पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक घोड़ा संचालक और एक खच्चर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जिला आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है।

19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा का पहला चरण पूरा हो चुका है। 15 सितंबर से दूसरे चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत हेमकुंड साहिब में फिर से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है।

अब तक चारधाम यात्रा में 50.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बना चुकी है। यात्रा अभी करीब दो माह और चलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख तक पहुंच सकती है।

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में आने वाले वीआईपी अतिथियों को दर्शन के लिए शुल्क नहीं देना पड़ेगा। बीकेटीसी ने फिलहाल शुल्क व्यवस्था स्थगित करने का निर्णय लिया है। यात्रा की शुरुआत में वीआईपी अतिथियों की संख्या बढ़ने के बाद बीकेटीसी ने प्रोटोकॉल के तहत प्राथमिक दर्शन के लिए 1,100 रुपये प्रति यात्री शुल्क लागू किया था।

करीब सवा दो माह बाद 15 सितंबर से केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा भी शुरू हो रही है। गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलीपैड से नौ एविएशन कंपनियों के हेलिकॉप्टर उड़ान भरेंगे। खराब मौसम की स्थिति में उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। 30 सितंबर तक हेली सेवा के टिकट फुल हो चुके हैं।

वहीं, 1 से 15 अक्तूबर तक की यात्रा के लिए केदारनाथ और हेमकुंड साहिब हेली टिकट की बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट 22 सितंबर को खुलेगी। सोमवार को हेमकुंड साहिब की 15 से 30 सितंबर तक की हेली टिकट बुकिंग शुरू हुई, जिसमें पहले दिन 223 टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग हुई।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हेली ऑपरेटरों के हेलिकॉप्टर सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड पहुंच चुके हैं। डीजीसीए की टीम ने सहस्त्रधारा, केदारनाथ समेत अन्य हेलीपैड का सुरक्षा ऑडिट किया है। मौसम की जानकारी के लिए सहस्त्रधारा और केदार घाटी में सीतापुर के पास एटीएस संचालित है।

उन्होंने यात्रियों से हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करने की अपील की।

हेलीपैड प्रति यात्री आने-जाने का किराया
गुप्तकाशी-केदारनाथ ₹12,762
फाटा-केदारनाथ ₹10,164
सिरसी-केदारनाथ ₹6,390
गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब ₹11,834

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और विभाग आपसी समन्वय से यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं। सरकार को इस बार भी यात्रा के नया रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद है।


हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है-मुख्यमंत्री

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति‘ के प्रवेशांक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्थाओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, लोक साहित्य, इतिहास, विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विविध आयामों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही हिमालय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के प्रयास सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह विशेषांक हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का संदर्भ-स्रोत बनने के साथ संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को भी नई दिशा प्रदान करने में भी सहायक होगा।

पत्रिका के संपादक कौंसवाल ने कहा कि इस विशेषांक में हिमालयी संस्कृति के विविध पक्षों को एक मंच पर लाने तथा हिमालय की लोक स्मृतियों, परंपरागत ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक जनसरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किया है।

इस अवसर पर उपस्थित रायपुर विधायक उमेश शर्मा(काऊ), भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं संस्कृति प्रेमियों ने संपादक रजनीश कौंसवाल को इस अभिनव एवं सराहनीय पहल के लिए शुभकामनाएं दी।


युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: डॉ धन सिंह रावत

तकनीकी विश्वविद्यालय में विज्ञान सेतु-कनेक्टिंग स्टूडेंट्स कार्यक्रम में युवाओं ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ

देहरादून: वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “विज्ञान सेतु–कनेक्टिंग स्टूडेंट्स” कार्यक्रम में “युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने व स्टेम (STEM) शिक्षा को बढ़ावा देने पर विचार रखे गये।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान सेतु जैसे कार्यक्रमों में अधिकाधिक भागीदारी करने का आह्वान किया। डॉ रावत ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है।

डॉ. रावत ने नशामुक्त युवा और जागरूक समाज को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थी विज्ञान आंदोलन एवं विद्यार्थी विज्ञान मंथन के माध्यम से वैज्ञानिक जिज्ञासा, प्रश्न करने की प्रवृत्ति, फिजिक्स ओलंपियाड, प्रयोगात्मक एवं हैंड्स-ऑन लर्निंग के महत्व पर अपने विचार रखे। साथ ही उन्होंने नशामुक्ति एवं विकसित भारत के संकल्प की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मूलभूत विज्ञान की मजबूत समझ विकसित करने तथा विज्ञान को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों तथा उत्तराखण्ड में वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी एवं कौशल आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम (ISGF) व वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए। समझौते का उद्देश्य प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं से जुड़े क्षेत्रों में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इससे विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों, नवाचार एवं व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।

कार्यक्रम में प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक, यूकॉस्ट; डॉ. डी.पी. उनियाल, संयुक्त निदेशक, यूकॉस्ट, डॉ. रेजी कुमार पिल्लई, चेयरमैन, आईएसजीएफ, डॉ. शिव कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव, वीआईबीएचए ; डॉ. के.डी. पुरोहित, अध्यक्ष, DBVS, VIBHA उत्तराखण्ड प्रान्त; डॉ. नरेंद्र सिंह, सचिव DBVS सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

 


प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित, विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी किया जाएगा सम्मानित-रेखा आर्या

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में ली विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को वृहद स्तर पर मनाए जाने को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

देहरादून:आज सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

बैठक में आगामी 17 सितंबर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस को वृहद स्तर पर मनाए जाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विभागीय मंत्री ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न रचनात्मक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी सभी कार्यक्रमों की फोटो एवं वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।

विभागीय मंत्री ने सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस को यादगार बनाने को लेकर विभाग को पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षो कि यात्रा को हम सभी सेवा संकल्प के रूप में मनाएंगे। जिसमें उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, और जन कल्याण से जुड़े विभिन्न सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा एक माह का देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन से होगी। इस दौरान जनभागीदारी, जनसेवा और समर्पण के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सचिव चंद्रेश कुमार यादव जी, अपर सचिव कमेंद्र सिंह जी, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रूचि भट्ट जी, उपनिदेशक विक्रम सिंह जी, मोहित चौधरी जी व हिमानी वैष्णव जी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री मोदी ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए किए अभूतपूर्व कार्य -रेखा आर्या

खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया जूडो प्रतियोगिता का शुभारंभ, कहा खेल को लेकर समाज की सोच में आया बहुत सकारात्मक परिवर्तन

राज्य सरकार कर रही खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम -रेखा आर्या

देहरादून: आज खेल मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून युवा केंद्र आमवाला पहुंची जहाँ उन्होंने “मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी” के तहत जूडो प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। यहाँ खेल मंत्री ने विभिन्न जनपदों से आये हुए खिलाड़ियों से उनका परिचय जाना साथ ही सरकार कि और से खिलाड़ियों को प्रदान कि जा रही योजनाओं कि जानकारी ली।

खेल मंत्री ने कहा की मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अभी तक “मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी” में 317988 खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैँ जो क़ि बीते 10 वर्षो में सबसे अधिक है। कहा की उन्हें उम्मीद है की जल्द ही यह आकड़ा और अधिक बढेगा को की इस बात का संकेत है कि अब हमारे बच्चे अपनी पढ़ाई के साथ अपने खेल को भी महत्व दे रहे है।

बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों आज समाज में खेल के प्रति धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। जो लोग खेल को पहले निम्न स्तर का मानते थे आज वह अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैँ। उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार मुख्यमंत्री धामी जी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई सारी योजनाएं संचालित कर रही है।

बीते दिनों ही कैबिनेट में राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए हमने आउट ऑफ़ टर्न जॉब के प्रस्ताव को संस्तुति दी है जो इस बात को परिलक्षित करता है की सरकार हमारे खिलाड़ियों के प्रति गंभीर है। मैं आप सभी बच्चों से यही कहना चाहती हूं कि प्यारे बच्चों आज खेल को लेकर समाज की सोच में बहुत परिवर्तन आया है क्योंकि जो समाज खेल को निम्न स्तर का समझते थे आज उनकी धारणा पूरी तरह बदल चुकी है।

खेल मंत्री ने कहा की राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के भविष्य को सवांरने के लिए आउट ऑफ़ टर्न जॉब का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास किया जा चुका है साथ ही सरकारी नौकरी में 4 प्रतिशत का आरक्षण भी दिया जा रहा है। मूझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी आने वाले समय में अपने खेल के माध्यम से देश और प्रदेश के साथ अपने माता -पिता और समाज का नाम अवश्य रोशन करेंगे।इस दौरान खेल मंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें भी प्रेषित की।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल जी, उपनिदेशक शक्ति सिंह जी, एस. के.जयराज जी सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ो खिलाड़ी उपस्थित रहे।


उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 10 एएसपी अधिकारियों के तबादले

शासन ने जारी किए तबादला आदेश, कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारियों के तबादले किए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

तबादला आदेश के अनुसार एएसपी प्रमोद कुमार का देहरादून से रुद्रपुर स्थानांतरण किया गया है। वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को एएसपी देहात-2, देहरादून की जिम्मेदारी दी गई है। उनका स्थानांतरण सतर्कता सेक्टर से किया गया है।

मनोज कत्याल का हल्द्वानी से तबादला कर उन्हें 31वीं वाहिनी पीएसी, रुद्रपुर में एएसपी के पद पर तैनाती दी गई है। वहीं उत्तम सिंह नेगी को उधमसिंहनगर से स्थानांतरित कर एएसपी सतर्कता सेक्टर, देहरादून बनाया गया है।

हरबन्स सिंह को अल्मोड़ा से स्थानांतरित कर एएसपी हल्द्वानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में शेखर चंद्र सुयाल का हरिद्वार देहात से तबादला कर उन्हें देहरादून नगर में तैनाती दी गई है।

अनूपा बडोला को एटीसी हरिद्वार से स्थानांतरित कर एएसपी अपराध एवं यातायात, उधमसिंहनगर बनाया गया है। वहीं अमित कुमार का नैनीताल से तबादला कर उन्हें एएसपी टिहरी की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा राजेश कुमार मट्ट को एएसपी पुलिस मुख्यालय बनाया गया है, जबकि मिथिलेश कुमार सिंह को एएसपी सतर्कता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अभय सिंह को एएसपी हरिद्वार ग्रामीण तथा दीपक सिंह को एएसपी हरिद्वार नगर की कमान सौंपी गई है।

शासन के इस फेरबदल के तहत अधिकारियों को नई तैनाती मिलने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जनपदों और पुलिस इकाइयों में प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े दायित्वों में बदलाव किया गया है।

 


देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान

देहरादून। जनपद को नशामुक्त बनाने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) का शुभारंभ किया गया। जिले में 14 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर बड़े स्तर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।

सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाकर अभियान की शुरुआत की।

मुख्य शिक्षा अधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशन में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई जाएगी।

सरकारी और कॉर्पोरेट कार्यालयों के साथ ही शासकीय, अर्द्धशासकीय, निगम कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को भी सामूहिक रूप से शपथ दिलाई जाएगी।

स्थानीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के माध्यम से नागरिकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

जिला क्रीड़ा अधिकारी के माध्यम से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज समेत विभिन्न खेल प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। वहीं पर्यटन विभाग की ओर से हॉस्टल, होम-स्टे और होटलों में भी अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के तहत ऑनलाइन शपथ लेकर प्रमाणपत्र डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को शपथ कार्यक्रमों के फोटोग्राफ और निर्धारित प्रारूप में संकलित सूचना जिला समाज कल्याण अधिकारी के ई-मेल अथवा व्हाट्सएप नंबर 8126692409 पर तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने आमजन और सभी संस्थानों से नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, नगर कर अधिकारी विजय चौहान समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

जनता मिलन में जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता, प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई

पौड़ी- जनता की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 28 शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय परीक्षण करते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

जनता दर्शन में ग्राम कांडई निवासी विनोद कुमार ने सहकारी समिति रैदुल से ऋण स्वीकृत न होने की शिकायत रखी। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित सोसाइटी की ऋण सीमा स्वीकृत हो चुकी है और आगामी दो दिनों में ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा। अपर चोपड़ा निवासी गिरीश चंद्र ने नगर पालिका द्वारा निर्मित नाली से अनुचित जल निकासी के कारण मकान को हो रही क्षति का मामला रखा। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आगणन तैयार होने के बावजूद कार्य नहीं किया जा रहा है तो संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मौके निरीक्षण कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धौलीधार क्षेत्र में गुलदार एवं भालू के हमले से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग पर जिलाधिकारी ने सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग को क्षेत्र में नियमित गश्त एवं जनजागरूकता अभियान चलाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना में क्षेत्र के लिए तीन सोलर लाइटों को जल्द स्थापित किया जाएगा। ग्राम पल्ली मल्ली में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को जल संस्थान के कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर ही शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

बमणगांव-केवर्स मोटर मार्ग क्षेत्र में मकान के समीप मलबा आने के संबंध में जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा। वहीं विकासखंड कोट की ग्राम सभा घीड़ी में जिला पंचायत पौड़ी द्वारा निर्मित लिंक रोड की स्थिति को देखते हुए अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा ग्राम डुंगरी में सिंचाई जल उपलब्ध कराने, परसुंडाखाल में ठेकेदार द्वारा विद्युत कार्य से संबंधित मानदेय का भुगतान न किए जाने, पुण्डरासु में सड़क के डामरीकरण एवं चौड़ीकरण तथा चैड़ तल्ला में सुरक्षा दीवार के लिए गूल निर्माण सहित अन्य शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनता मिलन कार्यक्रम में पूर्व में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी जानकारी दी गई। ग्राम ओडागाड़, विकासखंड पाबौ निवासी गिरीश चंद्र एवं लाजवन्ती देवी ने आपदा से मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की थी। जांच में दोनों शिकायतकर्ताओं का एक ही आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। नियमानुसार प्रपत्र पी-20 भरते हुए भवन एवं उसमें रखी सामग्री की क्षति के लिए 11,500 रुपये की राहत सहायता स्वीकृत कर वितरित की गयी।

ग्राम पंचायत कोट की प्रधान प्रियंका ने सारा योजना के अंतर्गत जल संवर्धन कार्य में ठेकेदार द्वारा लंबे समय से भुगतान न किए जाने की शिकायत की थी। मूल्यांकन के आधार पर 50 हजार रुपये के भुगतान पर सहमति बनी है तथा शेष कार्य ग्राम प्रधान एवं ठेकेदार के समन्वय से पूरा किया जाएगा।

जनता दर्शन में प्राप्त विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-534 के चौड़ीकरण से संबंधित भवन प्रतिकर के प्रकरण में तहसील स्तर से स्थलीय जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गयी तथा संबंधित पक्षों का आपसी समन्वय से समाधान कराया गया। गैस आपूर्ति उपलब्ध न होने की शिकायत पर एलपीजी गैस सिलेंडर दिलाया गया। वाहन कर से संबंधित प्रकरण में वाहन स्वामी को कर की वर्तमान स्थिति एवं नियमानुसार प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करायी गयी। वाहन स्वामी द्वारा देय कर जमा करने के उपरांत शेष प्रक्रिया पूर्ण कर वाहन का पंजीयन नियमानुसार निरस्त किया गया तथा वाहन स्वामी ने कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त की।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीओ पुलिस तपेश कुमार, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता पेयजल मो. मिशम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, निर्माण खंड की अधिशासी अभियंता रीना नेगी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, सैनिक कल्याण अधिकारी करन सिंह रावत, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

निवेश के नाम पर लाखों की ठगी और नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले भी पहुंचे

देहरादून। जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में ‘समाधान दिवस’ आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं। अपर जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों की जांच कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में ऋषिकेश निवासी रेखा चतरथ, नीलम नेगी और ऋतु गर्ग ने दून स्मृद्धि लिमिटेड एवं सर्व माइक्रोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन पर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। रेखा चतरथ ने बताया कि उनके साथ 18.95 लाख रुपये, नीलम नेगी के साथ 14.75 लाख रुपये तथा ऋतु गर्ग के साथ 4.25 लाख रुपये की निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन को जांच के निर्देश दिए गए।

नथुवाला निवासी अखिलेश उनियाल ने बताया कि उन्हें इंडिया ग्लोबल सर्विसेज की ओर से नौकरी का ऑफर लेटर दिया गया तथा कंपनी के कहने पर 1.75 लाख रुपये जमा कराए गए, लेकिन इसके बाद उन्हें नौकरी नहीं दी गई। फर्जी कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी की जांच एवं उचित कानूनी कार्रवाई की मांग पर अपर जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच के निर्देश दिए। वहीं, इंद्रेश नगर निवासी खेम चंद ने सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे जाने की शिकायत की। मामले में सीओ पटेलनगर को जांच सौंपी गई।

नवादा मिनी मसूरी जन कल्याण समिति ने क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या रखते हुए मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की मांग की। इस पर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, चकराता विकासखंड के ग्राम पंचायत कावाखेड़ा अंतर्गत उरटेडा बस्ती में पेयजल लाइन जीर्ण-शीर्ण होने की शिकायत पर जल निगम को त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

नेहरू कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय आशा कनौजिया ने बताया कि उन्होंने मातृ स्नेह के चलते अपनी संपत्ति पुत्र के नाम कर दी थी, लेकिन वृद्धावस्था में पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत वाद दायर कर बुजुर्ग महिला को शीघ्र न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

एमडीडीए कॉलोनी निवासी बुजुर्ग महिला जैनव ने आंखों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर संबंधित एसडीएम को आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

सहारनपुर निवासी प्रवेश उप्रेती ने धोखाधड़ी कर उनकी भूमि किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय किए जाने तथा भूमि खुर्द-बुर्द करने की शिकायत की। मामले में एसडीएम विकासनगर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, गीत बिष्ट ने पड़ोसी द्वारा उनके स्वामित्व एवं कब्जे वाली संपत्ति में अतिक्रमण करने, साझा सीढ़ी पर ताला लगाने, रास्ता बंद करने तथा धमकी देने की शिकायत की। इस पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

लच्छीवाला निवासी माधवी गुरंग ने शिकायत की कि उनके जेठ ने प्रॉपर्टी डीलर से मिलीभगत कर उनके घर का रास्ता बंद कर दिया है। मामले में एसडीएम को जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

नवादा निवासी दिनेश्वरी देवी ने बताया कि विगत 3 सितंबर को हुई भारी बारिश के कारण उनकी गौशाला की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने दीवार की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) को मौके की फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, चुक्खूवाला निवासी गुड्डी देवी एवं रायपुर निवासी कमलेश ने बारिश के कारण निजी मकान क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। इस पर संबंधित एसडीएम को मौके का निरीक्षण कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता न मानते हुए प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, नगर कर अधिकारी विजय चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार

देहरादून। प्रदेश सरकार ने राज्य के वीर शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने की दिशा में चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शहीद कांस्टेबल विनोद पाल सिंह की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम पोस्ट-कैपर्स बारसार, तहसील बालगंगा, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक/शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा।

इसी प्रकार शहीद पैराट्रूपर अमित कुमार अग्रवाल की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम कोला-सिल्डी, विकासखंड कल्जीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति दी गई है। शहीद नायक भरत सिंह (CRPF) की स्मृति में ग्राम बूंगा मल्ला, तहसील रिखणीखाल, लैंसडाउन, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। वहीं शहीद सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह (ITBP) की स्मृति में ग्राम कोटी, पोस्ट आमनी, तहसील देवप्रयाग, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में शहीद द्वारों और शहीद स्मारकों के निर्माण के साथ-साथ सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन शहीद स्मारकों एवं शहीद द्वारों का निर्माण देश की रक्षा एवं राष्ट्रसेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्थायी प्रतीक होगा। इनके माध्यम से शहीदों की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना को भी प्रेरित किया जा सकेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को ‘सैनिकों की भूमि’ के रूप में विशेष गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वीर सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने देश की सीमाओं तथा आंतरिक सुरक्षा में अपने अदम्य साहस और समर्पण से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शहीदों की स्मृति में निर्मित होने वाले ये स्मारक उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति राज्य की कृतज्ञता, सम्मान और श्रद्धांजलि के स्थायी प्रतीक होंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। शहीदों के त्याग और बलिदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनकी स्मृतियों को संरक्षित रखना सरकार और समाज, दोनों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रसेवा की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।


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