Monday, September 14th, 2026

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धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव

Category Archives: उत्तराखंड

धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव

जागड़ा मेले के दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर पूजा अर्चना की

विकासनगर (देहरादून)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।

हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में रविवार को पूजा-अर्चना कर दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व का शुभारंभ करने के पश्चात आज दूसरे दिन सोमवार को हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रार्थना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड प्रदेश और हमारा देश आगे बढ़े और जो संकट हमारे सामने हैं इन चुनौतियों का सामना करते हुए देश में सुख शांति और समृद्धि की आये।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य और कुल देवता हैं। इन्हें न्याय का देवता माना जाता है और सदियों से हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के परिवार इनकी पूजा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं उन्होंने हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि हमने स्पेशल बस चलाने के लिए उनसे आग्रह किया था जिसे उन्होंने स्वीकार किया और हनोल के लिए बसों व्यवस्था की।

उल्लेखनीय है कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज की यह ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू होकर टौंस नदी पार कर लगभग 70 किलोमीटर की 6 दिवसीय पैदल यात्रा के बाद पश्मी पहुंची है। पश्मी गांव में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत रूप से विराजमान हुए हैं, जहां वे परंपरा के अनुसार एक वर्ष तक प्रवास करेंगे।

इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री महाराज ने कहा कि महासू महाराज का पश्मी आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ पर्यटन मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

हिंदी हमारी संस्कृति और लोकचेतना की सशक्त पहचान- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद और अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा, लोकचेतना और आत्मीय भावनाओं की सशक्त पहचान भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को हिंदी के सम्मान, संवर्धन और व्यापक प्रसार के लिए संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हिंदी को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं और इसके प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करें।


जानकी सेतु के पास नदी के बीच टापू में फंसे 19 वर्षीय युवक का SDRF ने किया सकुशल रेस्क्यू

ऋषिकेश। जानकी सेतु के पास देर रात नदी के बीच बने टापू पर एक युवक के फंसने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की ढालवाला पोस्ट से टीम तत्काल मौके पर पहुंची और विषम परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार देर रात चौकी ढालवाला से एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला को सूचना मिली कि जानकी सेतु के समीप नदी के बीच बने एक टापू पर एक व्यक्ति फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने नदी की स्थिति और परिस्थितियों का जायजा लेते हुए तत्काल रेस्क्यू कार्रवाई शुरू की। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम के बीच सुरक्षित रास्ता बनाकर टापू तक पहुंच बनाई और वहां फंसे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान आयुष भंडारी (19), पुत्र कुलदीप भंडारी, निवासी कर्णप्रयाग, जनपद चमोली के रूप में हुई है। रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से नदी के बीच फंसे युवक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।


देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन की सख्ती, 532 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त

1776 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 550 के चालान; 1.96 लाख रुपये जुर्माना वसूला

देहरादून। शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के सभी 100 वार्डों में सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की है। अधिकारियों की टीमों ने अब तक शहर के अलग-अलग इलाकों में 1776 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान 762 प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण या वितरण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 550 प्रतिष्ठानों के चालान किए गए और 1.96 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तक 532 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर नष्ट किया जा चुका है।

जुर्माने के साथ जागरूकता पर भी जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाना और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। प्रवर्तन कार्रवाई के साथ नागरिकों और व्यापारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों और व्यापारियों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण और बिक्री नहीं करने तथा इसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की है।

अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त देहरादून का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रशासन ने सामूहिक प्रयासों के जरिए देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया है।


गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु

सीएम धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने चारधाम यात्रा को दी नई गति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यमुनोत्री के बाद अब गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गंगोत्री धाम के यात्रा इतिहास में पहली बार सर्वाधिक 7.84 लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं।

यमुनोत्री धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या 07 लाख के पार पहुंच चुकी है। चारधाम यात्रा की कुल यात्री संख्या पर नजर दौड़ाएं तो इस यात्राकाल के 147 दिनों (12 सितंबर तक) में 50 लाख 28 हजार 497 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या 05 लाख 19 हजार 173 अधिक है। बीते वर्ष इतनी ही अवधि में यात्री संख्या 45 लाख 09 हजार 324 थी। यात्रा में अभी लगभग दो महीने का समय शेष है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में बीते वर्षों की अपेक्षा भारी वृद्धि का अनुमान है।

गंगोत्री धाम की यात्रा ने इतिहास रचा है। यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 07 लाख 84 हजार 321 पहुंची है। इससे पूर्व यहां वर्ष 2022, 2023 और 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या ने 07 लाख का आंकड़ा पार किया है। वर्ष 2022 में 07 लाख 81 हजार 961, 2025 में 07 लाख 58 हजार 249 और 2023 में 07 लाख 12 हजार 749 यात्री धाम में दर्शन को पहुंचे थे। यमुनोत्री धाम में वर्ष 2025 में सर्वाधिक 06 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन को पहुंचे थे। इस बार यहां अभी तक 07 लाख 03 हजार 302 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं।

बद्रीनाथ यात्रा भी नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 12 सितंबर को 143 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी है। इस दौरान 17 लाख 28 हजार 578 यात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 03 लाख 45 हजार 733 अधिक है। बीते वर्ष इसी अवधि में दर्शनार्थियों की संख्या 13 लाख 82 हजार 845 थी। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। यहां बीते कई वर्षों की तुलना में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 03 लाख 19 हजार 135 पहुंच चुकी है।

मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशन में यात्रा को बेहद सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जनपद में आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है।

 

 


पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ

पूजा अर्चना के बाद प्रदेश एवं देश की खुशहाली की कामना

विकासनगर (देहरादून)।प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए विधिवत् रुप से दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जहां एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हनोल में आयोजित होने वाले जागड़ा पर्व को पहले राजकीय मेला घोषित किया तो वहीं उनके ही अथक प्रयासों से केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर 120 करोड़ रूपए का मास्टर प्लान तैयार कर महासू देवता मंदिर परिसर हनोल का विकास कार्य तेज़ी से शुरू किया।

हनोल के प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर में हर साल सितंबर के महीने में पारंपरिक जागड़ा (जागरा) मेला आयोजित किया जाता है। यह जौनसार-बावर और आसपास के पहाड़ी इलाकों का एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। मेले के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में देवता को ‘लूंग’ (हरियाली) चढ़ाई जाती है। श्रद्धालु पूरी रात जागकर पारंपरिक देवगीतों और लोकनृत्यों के साथ महासू महाराज की आराधना करते हैं। इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (शिमला, सिरमौर) और आसपास की घाटियों से हजारों की संख्या में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं।


सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन, 2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

टिहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से जुड़े विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचारों, सुझावों, सपनों तथा भविष्य की परिकल्पनाओं को जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, उनकी सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज के विद्यार्थी ही कल के उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच, संवेदनशीलता और संकल्प को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने इतनी अच्छी तरह अपने विचार व्यक्त किए हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा लिखा और किसने बहुत अच्छा लिखा।

संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा है और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है—स्थायी और अस्थायी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने, सीखने और अनुभव प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और समाज को संभालते हुए स्वयं कार्य कर रही हैं तथा दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।

देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पहाड़ों में रोजगार और अवसरों के विस्तार के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक गांव, प्रत्येक जिला और प्रत्येक राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े और विकसित हो।

छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक सोच का परिचायक है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज की पीढ़ी अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। युवाओं को अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और सरकार निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं तथा रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।

इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान, संवेदनशीलता और भविष्य को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है। यही ऊर्जा विकसित उत्तराखंड के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच और सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है और युवाओं को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध भी राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, ताकि योग्य युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को अपना लक्ष्य बनाएं, निरंतर मेहनत करें और अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा का उपयोग प्रदेश तथा देश के निर्माण में करें। उन्होंने कहा कि आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


काम मांगो अभियान से रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ मोर्चा

देहरादून:  उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं के पलायन और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर ‘काम मांगो अभियान’ की शुरुआत की है। अभियान के तहत कांग्रेस युवाओं और ग्रामीणों की रोजगार संबंधी समस्याओं को चिन्हित कर सरकार के सामने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग उठाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित संगठन की बैठक राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दीपक राठौर की मौजूदगी और प्रदेश अध्यक्ष ललित फर्स्वाण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश में रोजगार की स्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

ललित फर्स्वाण ने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार की तलाश में भटकने को मजबूर है। सरकार रोजगार और स्वरोजगार को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर युवाओं को उनकी योग्यता और जरूरत के अनुरूप पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘काम मांगो अभियान’ रोजगार की भीख मांगने का अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकार और सम्मानजनक रोजगार की मांग का अभियान है।

उन्होंने बताया कि अगले दो महीनों में प्रदेश के सभी 13 जिलों में कम से कम एक ब्लॉक में अभियान शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक से होगी। प्रथम चरण में चमोली के साथ हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल जिलों में अभियान चलाया जाएगा।

राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दीपक राठौर ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों को मजबूत किए बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा, लघु एवं कुटीर उद्योग, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने सरकार से रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र भर्ती, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता और प्रभावी स्वरोजगार योजनाएं लागू करने की मांग की।

संगठन ने निर्णय लिया कि ‘काम मांगो अभियान’ को जनपद, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के दौरान युवाओं, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद कर रोजगार से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।

बैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अभियान को प्रदेश के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता भी आयोजित की गई।

बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी, गढ़वाल मंडल प्रभारी गंभीर सिंह जयाड़ा, देहरादून प्रभारी धीरज देसाई, हीरा पाल सिंह, हरिद्वार प्रभारी विमल भारती, रुड़की प्रभारी गौरव शर्मा, नैनीताल प्रभारी सौरभ, हल्द्वानी महानगर विजय, ऊधमसिंहनगर प्रभारी विमल शाहू, रुड़की जिला प्रभारी मो. ईशा त्यागी, संयोजक महेश त्रिकोटी, हल्द्वानी जिलाध्यक्ष राधा आर्य, मनोज बिष्ट, कोटद्वार जिलाध्यक्ष रूपेंद्र नेगी, उत्तरकाशी जिलाध्यक्ष हंसपाल बिष्ट, पौड़ी जिलाध्यक्ष मुकेश बिष्ट और प्रदेश महासचिव हेम पगड़िया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में विकास को सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन और युवा शक्ति से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

समीक्षा में अयोध्याधाम में 67.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह और रुद्रपुर के मोदी मैदान में 2332.05 लाख रुपये की संशोधित लागत से प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रमुख रूप से शामिल रहे।

अयोध्या में बनेगा देवभूमि का परिचय केंद्र

अयोध्या में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह को महज आवासीय सुविधा तक सीमित न रखते हुए उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 6783.33 लाख रुपये के आगणन वाले भवन की डिजाइन में पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशैली को प्रमुखता दी जाएगी।

भवन के अलग-अलग तल ओम पर्वत, ग्लेशियर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और पंचाचूली जैसी उत्तराखंड की प्रमुख प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान पर आधारित थीम से सजाए जाएंगे। मूल योजना में शामिल बारात घर को हटाकर भवन को अतिथि गृह की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रुद्रपुर में बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रुद्रपुर के मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का पूर्व आगणन 2374.56 लाख रुपये था, जिसे संशोधित कर 2332.05 लाख रुपये किया गया है।

इंडोर परिसर में जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन, जबकि आउटडोर परिसर में वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, पिकलबॉल और टेनिस की सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा करीब एक किलोमीटर लंबा साइकिलिंग रूट एवं ट्रैक पाथ, टॉयलेट और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

लागत को नियंत्रित करने के साथ सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम कर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रावधान किया गया है। विभागीय व्यय समिति की बैठक में दिए निर्देशों के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे अब व्यय वित्त समिति के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विकास परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और जनोपयोगी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अयोध्या का अतिथि गृह उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा, जबकि रुद्रपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


लोहाघाट के किसान जीवन खर्कवाल ने आधुनिक बागवानी में पेश की मिसाल

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा उद्यानिकी और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर अब किसानों के खेतों में भी दिखाई दे रहा है। चम्पावत के लोहाघाट विकासखंड स्थित ग्राम खैसकांडे के प्रगतिशील कृषक जीवन खर्कवाल आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती-बागवानी को अपनी मजबूत आजीविका का माध्यम बना रहे हैं।

पेशे से इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी जीवन खर्कवाल को खेती-बागवानी का संस्कार अपने पिता रमेश चंद्र खर्कवाल से मिला। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने M-9 रूटस्टॉक पर करीब 300 सेब के पौधों का व्यवस्थित बगीचा तैयार किया है। वहीं वर्ष 2022-23 में M-111 रूटस्टॉक पर जेरोमाइन, रेड डिलीशियस, गाला और रेड गाला जैसी उन्नत किस्मों के 533 पौधे लगाए गए।

वर्तमान में जीवन खर्कवाल 15 नाली क्षेत्र में M-9 सेब का उच्च घनत्व वाला नया बगीचा तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की कीवी मिशन योजना के तहत 131 कीवी पौधे लगाए हैं, जिनमें फलन शुरू हो चुकी है और उत्पाद स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है।

जीवन खर्कवाल ने खेती में विविधीकरण पर भी जोर दिया है। उनके खेतों में प्लम, खुबानी, आलू और अन्य फलदार फसलों का उत्पादन हो रहा है। वहीं करीब 300 वर्गमीटर क्षेत्र में तीन पॉलीहाउस के माध्यम से मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में अपनी पहुंच बनाई है।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वे वर्मी कम्पोस्ट इकाई के जरिए तैयार जैविक खाद का उपयोग अपने खेतों और बगीचों में कर रहे हैं।

जीवन खर्कवाल की सफलता पारंपरिक कृषि संस्कार, परिवार के सहयोग, आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। सेब और कीवी उत्पादन से लेकर पॉलीहाउस सब्जियों और जैविक खाद तक, उन्होंने खेती को बहुआयामी आजीविका का माध्यम बनाया है।

उनकी यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड’ के संकल्प को धरातल पर साकार करने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं और किसानों को आधुनिक उद्यानिकी अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।


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