Monday, September 14th, 2026

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जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

Category Archives: उत्तराखंड

जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

जनता मिलन में जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता, प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई

पौड़ी- जनता की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने 28 शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय परीक्षण करते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

जनता दर्शन में ग्राम कांडई निवासी विनोद कुमार ने सहकारी समिति रैदुल से ऋण स्वीकृत न होने की शिकायत रखी। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित सोसाइटी की ऋण सीमा स्वीकृत हो चुकी है और आगामी दो दिनों में ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा। अपर चोपड़ा निवासी गिरीश चंद्र ने नगर पालिका द्वारा निर्मित नाली से अनुचित जल निकासी के कारण मकान को हो रही क्षति का मामला रखा। जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आगणन तैयार होने के बावजूद कार्य नहीं किया जा रहा है तो संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मौके निरीक्षण कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धौलीधार क्षेत्र में गुलदार एवं भालू के हमले से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग पर जिलाधिकारी ने सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग को क्षेत्र में नियमित गश्त एवं जनजागरूकता अभियान चलाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना में क्षेत्र के लिए तीन सोलर लाइटों को जल्द स्थापित किया जाएगा। ग्राम पल्ली मल्ली में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को जल संस्थान के कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर ही शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।

बमणगांव-केवर्स मोटर मार्ग क्षेत्र में मकान के समीप मलबा आने के संबंध में जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा। वहीं विकासखंड कोट की ग्राम सभा घीड़ी में जिला पंचायत पौड़ी द्वारा निर्मित लिंक रोड की स्थिति को देखते हुए अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा ग्राम डुंगरी में सिंचाई जल उपलब्ध कराने, परसुंडाखाल में ठेकेदार द्वारा विद्युत कार्य से संबंधित मानदेय का भुगतान न किए जाने, पुण्डरासु में सड़क के डामरीकरण एवं चौड़ीकरण तथा चैड़ तल्ला में सुरक्षा दीवार के लिए गूल निर्माण सहित अन्य शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनता मिलन कार्यक्रम में पूर्व में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी जानकारी दी गई। ग्राम ओडागाड़, विकासखंड पाबौ निवासी गिरीश चंद्र एवं लाजवन्ती देवी ने आपदा से मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की थी। जांच में दोनों शिकायतकर्ताओं का एक ही आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। नियमानुसार प्रपत्र पी-20 भरते हुए भवन एवं उसमें रखी सामग्री की क्षति के लिए 11,500 रुपये की राहत सहायता स्वीकृत कर वितरित की गयी।

ग्राम पंचायत कोट की प्रधान प्रियंका ने सारा योजना के अंतर्गत जल संवर्धन कार्य में ठेकेदार द्वारा लंबे समय से भुगतान न किए जाने की शिकायत की थी। मूल्यांकन के आधार पर 50 हजार रुपये के भुगतान पर सहमति बनी है तथा शेष कार्य ग्राम प्रधान एवं ठेकेदार के समन्वय से पूरा किया जाएगा।

जनता दर्शन में प्राप्त विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-534 के चौड़ीकरण से संबंधित भवन प्रतिकर के प्रकरण में तहसील स्तर से स्थलीय जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गयी तथा संबंधित पक्षों का आपसी समन्वय से समाधान कराया गया। गैस आपूर्ति उपलब्ध न होने की शिकायत पर एलपीजी गैस सिलेंडर दिलाया गया। वाहन कर से संबंधित प्रकरण में वाहन स्वामी को कर की वर्तमान स्थिति एवं नियमानुसार प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करायी गयी। वाहन स्वामी द्वारा देय कर जमा करने के उपरांत शेष प्रक्रिया पूर्ण कर वाहन का पंजीयन नियमानुसार निरस्त किया गया तथा वाहन स्वामी ने कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त की।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीओ पुलिस तपेश कुमार, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता पेयजल मो. मिशम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, निर्माण खंड की अधिशासी अभियंता रीना नेगी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, सैनिक कल्याण अधिकारी करन सिंह रावत, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

निवेश के नाम पर लाखों की ठगी और नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले भी पहुंचे

देहरादून। जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में ‘समाधान दिवस’ आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं। अपर जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों की जांच कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में ऋषिकेश निवासी रेखा चतरथ, नीलम नेगी और ऋतु गर्ग ने दून स्मृद्धि लिमिटेड एवं सर्व माइक्रोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन पर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। रेखा चतरथ ने बताया कि उनके साथ 18.95 लाख रुपये, नीलम नेगी के साथ 14.75 लाख रुपये तथा ऋतु गर्ग के साथ 4.25 लाख रुपये की निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन को जांच के निर्देश दिए गए।

नथुवाला निवासी अखिलेश उनियाल ने बताया कि उन्हें इंडिया ग्लोबल सर्विसेज की ओर से नौकरी का ऑफर लेटर दिया गया तथा कंपनी के कहने पर 1.75 लाख रुपये जमा कराए गए, लेकिन इसके बाद उन्हें नौकरी नहीं दी गई। फर्जी कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी की जांच एवं उचित कानूनी कार्रवाई की मांग पर अपर जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच के निर्देश दिए। वहीं, इंद्रेश नगर निवासी खेम चंद ने सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे जाने की शिकायत की। मामले में सीओ पटेलनगर को जांच सौंपी गई।

नवादा मिनी मसूरी जन कल्याण समिति ने क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या रखते हुए मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की मांग की। इस पर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, चकराता विकासखंड के ग्राम पंचायत कावाखेड़ा अंतर्गत उरटेडा बस्ती में पेयजल लाइन जीर्ण-शीर्ण होने की शिकायत पर जल निगम को त्वरित कार्रवाई करते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

नेहरू कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय आशा कनौजिया ने बताया कि उन्होंने मातृ स्नेह के चलते अपनी संपत्ति पुत्र के नाम कर दी थी, लेकिन वृद्धावस्था में पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत वाद दायर कर बुजुर्ग महिला को शीघ्र न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

एमडीडीए कॉलोनी निवासी बुजुर्ग महिला जैनव ने आंखों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर संबंधित एसडीएम को आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

सहारनपुर निवासी प्रवेश उप्रेती ने धोखाधड़ी कर उनकी भूमि किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय किए जाने तथा भूमि खुर्द-बुर्द करने की शिकायत की। मामले में एसडीएम विकासनगर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, गीत बिष्ट ने पड़ोसी द्वारा उनके स्वामित्व एवं कब्जे वाली संपत्ति में अतिक्रमण करने, साझा सीढ़ी पर ताला लगाने, रास्ता बंद करने तथा धमकी देने की शिकायत की। इस पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

लच्छीवाला निवासी माधवी गुरंग ने शिकायत की कि उनके जेठ ने प्रॉपर्टी डीलर से मिलीभगत कर उनके घर का रास्ता बंद कर दिया है। मामले में एसडीएम को जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

नवादा निवासी दिनेश्वरी देवी ने बताया कि विगत 3 सितंबर को हुई भारी बारिश के कारण उनकी गौशाला की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने दीवार की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) को मौके की फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, चुक्खूवाला निवासी गुड्डी देवी एवं रायपुर निवासी कमलेश ने बारिश के कारण निजी मकान क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। इस पर संबंधित एसडीएम को मौके का निरीक्षण कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता न मानते हुए प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, नगर कर अधिकारी विजय चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार

देहरादून। प्रदेश सरकार ने राज्य के वीर शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने की दिशा में चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के शहीद कांस्टेबल विनोद पाल सिंह की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम पोस्ट-कैपर्स बारसार, तहसील बालगंगा, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक/शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा।

इसी प्रकार शहीद पैराट्रूपर अमित कुमार अग्रवाल की स्मृति में उनके पैतृक ग्राम कोला-सिल्डी, विकासखंड कल्जीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति दी गई है। शहीद नायक भरत सिंह (CRPF) की स्मृति में ग्राम बूंगा मल्ला, तहसील रिखणीखाल, लैंसडाउन, जनपद पौड़ी गढ़वाल में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। वहीं शहीद सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह (ITBP) की स्मृति में ग्राम कोटी, पोस्ट आमनी, तहसील देवप्रयाग, जनपद टिहरी गढ़वाल में शहीद स्मारक निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में शहीद द्वारों और शहीद स्मारकों के निर्माण के साथ-साथ सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन शहीद स्मारकों एवं शहीद द्वारों का निर्माण देश की रक्षा एवं राष्ट्रसेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्थायी प्रतीक होगा। इनके माध्यम से शहीदों की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना को भी प्रेरित किया जा सकेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को ‘सैनिकों की भूमि’ के रूप में विशेष गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वीर सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने देश की सीमाओं तथा आंतरिक सुरक्षा में अपने अदम्य साहस और समर्पण से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शहीदों की स्मृति में निर्मित होने वाले ये स्मारक उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति राज्य की कृतज्ञता, सम्मान और श्रद्धांजलि के स्थायी प्रतीक होंगे।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। शहीदों के त्याग और बलिदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना तथा उनकी स्मृतियों को संरक्षित रखना सरकार और समाज, दोनों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रसेवा की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।


धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव

जागड़ा मेले के दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर पूजा अर्चना की

विकासनगर (देहरादून)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।

हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में रविवार को पूजा-अर्चना कर दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व का शुभारंभ करने के पश्चात आज दूसरे दिन सोमवार को हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई अंतर्गत पश्मी गांव में पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन और पूजन कर प्रार्थना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड प्रदेश और हमारा देश आगे बढ़े और जो संकट हमारे सामने हैं इन चुनौतियों का सामना करते हुए देश में सुख शांति और समृद्धि की आये।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य और कुल देवता हैं। इन्हें न्याय का देवता माना जाता है और सदियों से हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के परिवार इनकी पूजा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं उन्होंने हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि हमने स्पेशल बस चलाने के लिए उनसे आग्रह किया था जिसे उन्होंने स्वीकार किया और हनोल के लिए बसों व्यवस्था की।

उल्लेखनीय है कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज की यह ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू होकर टौंस नदी पार कर लगभग 70 किलोमीटर की 6 दिवसीय पैदल यात्रा के बाद पश्मी पहुंची है। पश्मी गांव में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत रूप से विराजमान हुए हैं, जहां वे परंपरा के अनुसार एक वर्ष तक प्रवास करेंगे।

इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री महाराज ने कहा कि महासू महाराज का पश्मी आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ पर्यटन मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

हिंदी हमारी संस्कृति और लोकचेतना की सशक्त पहचान- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद और अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा, लोकचेतना और आत्मीय भावनाओं की सशक्त पहचान भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को हिंदी के सम्मान, संवर्धन और व्यापक प्रसार के लिए संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हिंदी को वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं और इसके प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करें।


जानकी सेतु के पास नदी के बीच टापू में फंसे 19 वर्षीय युवक का SDRF ने किया सकुशल रेस्क्यू

ऋषिकेश। जानकी सेतु के पास देर रात नदी के बीच बने टापू पर एक युवक के फंसने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की ढालवाला पोस्ट से टीम तत्काल मौके पर पहुंची और विषम परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार देर रात चौकी ढालवाला से एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला को सूचना मिली कि जानकी सेतु के समीप नदी के बीच बने एक टापू पर एक व्यक्ति फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने नदी की स्थिति और परिस्थितियों का जायजा लेते हुए तत्काल रेस्क्यू कार्रवाई शुरू की। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम के बीच सुरक्षित रास्ता बनाकर टापू तक पहुंच बनाई और वहां फंसे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान आयुष भंडारी (19), पुत्र कुलदीप भंडारी, निवासी कर्णप्रयाग, जनपद चमोली के रूप में हुई है। रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से नदी के बीच फंसे युवक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।


देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रशासन की सख्ती, 532 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त

1776 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 550 के चालान; 1.96 लाख रुपये जुर्माना वसूला

देहरादून। शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के सभी 100 वार्डों में सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की है। अधिकारियों की टीमों ने अब तक शहर के अलग-अलग इलाकों में 1776 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान 762 प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण या वितरण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 550 प्रतिष्ठानों के चालान किए गए और 1.96 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तक 532 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर नष्ट किया जा चुका है।

जुर्माने के साथ जागरूकता पर भी जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाना और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। प्रवर्तन कार्रवाई के साथ नागरिकों और व्यापारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों और व्यापारियों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण और बिक्री नहीं करने तथा इसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की है।

अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त देहरादून का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रशासन ने सामूहिक प्रयासों के जरिए देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया है।


गंगोत्री धाम की यात्रा ने रचा इतिहास,पहली बार पहुंचे 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु

सीएम धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने चारधाम यात्रा को दी नई गति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यमुनोत्री के बाद अब गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गंगोत्री धाम के यात्रा इतिहास में पहली बार सर्वाधिक 7.84 लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं।

यमुनोत्री धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या 07 लाख के पार पहुंच चुकी है। चारधाम यात्रा की कुल यात्री संख्या पर नजर दौड़ाएं तो इस यात्राकाल के 147 दिनों (12 सितंबर तक) में 50 लाख 28 हजार 497 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या 05 लाख 19 हजार 173 अधिक है। बीते वर्ष इतनी ही अवधि में यात्री संख्या 45 लाख 09 हजार 324 थी। यात्रा में अभी लगभग दो महीने का समय शेष है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में बीते वर्षों की अपेक्षा भारी वृद्धि का अनुमान है।

गंगोत्री धाम की यात्रा ने इतिहास रचा है। यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 07 लाख 84 हजार 321 पहुंची है। इससे पूर्व यहां वर्ष 2022, 2023 और 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या ने 07 लाख का आंकड़ा पार किया है। वर्ष 2022 में 07 लाख 81 हजार 961, 2025 में 07 लाख 58 हजार 249 और 2023 में 07 लाख 12 हजार 749 यात्री धाम में दर्शन को पहुंचे थे। यमुनोत्री धाम में वर्ष 2025 में सर्वाधिक 06 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन को पहुंचे थे। इस बार यहां अभी तक 07 लाख 03 हजार 302 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं।

बद्रीनाथ यात्रा भी नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 12 सितंबर को 143 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी है। इस दौरान 17 लाख 28 हजार 578 यात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 03 लाख 45 हजार 733 अधिक है। बीते वर्ष इसी अवधि में दर्शनार्थियों की संख्या 13 लाख 82 हजार 845 थी। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। यहां बीते कई वर्षों की तुलना में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 03 लाख 19 हजार 135 पहुंच चुकी है।

मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशन में यात्रा को बेहद सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जनपद में आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है।

 

 


पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय जागड़ा मेले का शुभारंभ

पूजा अर्चना के बाद प्रदेश एवं देश की खुशहाली की कामना

विकासनगर (देहरादून)।प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए विधिवत् रुप से दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जहां एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हनोल में आयोजित होने वाले जागड़ा पर्व को पहले राजकीय मेला घोषित किया तो वहीं उनके ही अथक प्रयासों से केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर 120 करोड़ रूपए का मास्टर प्लान तैयार कर महासू देवता मंदिर परिसर हनोल का विकास कार्य तेज़ी से शुरू किया।

हनोल के प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर में हर साल सितंबर के महीने में पारंपरिक जागड़ा (जागरा) मेला आयोजित किया जाता है। यह जौनसार-बावर और आसपास के पहाड़ी इलाकों का एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। मेले के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में देवता को ‘लूंग’ (हरियाली) चढ़ाई जाती है। श्रद्धालु पूरी रात जागकर पारंपरिक देवगीतों और लोकनृत्यों के साथ महासू महाराज की आराधना करते हैं। इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (शिमला, सिरमौर) और आसपास की घाटियों से हजारों की संख्या में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं।


सीएम धामी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य के निर्माता

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन, 2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

टिहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से जुड़े विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचारों, सुझावों, सपनों तथा भविष्य की परिकल्पनाओं को जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, उनकी सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज के विद्यार्थी ही कल के उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच, संवेदनशीलता और संकल्प को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने इतनी अच्छी तरह अपने विचार व्यक्त किए हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा लिखा और किसने बहुत अच्छा लिखा।

संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा है और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है—स्थायी और अस्थायी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने, सीखने और अनुभव प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और समाज को संभालते हुए स्वयं कार्य कर रही हैं तथा दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।

देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पहाड़ों में रोजगार और अवसरों के विस्तार के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक गांव, प्रत्येक जिला और प्रत्येक राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े और विकसित हो।

छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक सोच का परिचायक है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज की पीढ़ी अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। युवाओं को अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और सरकार निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं तथा रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।

इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान, संवेदनशीलता और भविष्य को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है। यही ऊर्जा विकसित उत्तराखंड के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच और सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है और युवाओं को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध भी राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, ताकि योग्य युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को अपना लक्ष्य बनाएं, निरंतर मेहनत करें और अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा का उपयोग प्रदेश तथा देश के निर्माण में करें। उन्होंने कहा कि आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


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