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यातायात नियमो का उल्लंघन कर अराजकता फैलाने वालो को दून पुलिस ने पढ़ाया कानून का पाठ

Category Archives: उत्तराखंड

यातायात नियमो का उल्लंघन कर अराजकता फैलाने वालो को दून पुलिस ने पढ़ाया कानून का पाठ

एसएसपी दून के निर्देशों पर चलाये जा रहे सघन चेकिंग अभियान का दिखा असर

डेंजरस ड्राइविंग, मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग कर पटाखे फोड़ने पर 18 बुलेट मोटर साइकिलों को पुलिस ने किया सीज

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर संपूर्ण जनपद में पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, अभियान के दौरान पुलिस द्वारा लगातार सभी आने जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग सुनिश्चित करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के दौरान क्लेमेंटाउन पुलिस द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत के चैकिंग के दौरान अपनी मोटरसाइकिल में मॉडिफाई साइलेंसर का प्रयोग कर मोटरसाइकिलों में पटाखे की आवाज निकालने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए कुल 18 बुलेट मोटर साइकिलों को सीज किया गया।


एमडीडीए का अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी, आजाद कॉलोनी में अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी है। अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक गतिविधियों पर प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आजाद कॉलोनी क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई
एमडीडीए की टीम ने मुरसीद द्वारा साना मस्जिद के निकट, आजाद कॉलोनी देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। यह कार्रवाई सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा एवं संबंधित सुपरवाइजर की मौजूदगी में संपन्न हुई। प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति या नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

प्राधिकरण की निगरानी तेज
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्राधिकरण की टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं। नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।


शिक्षा, नवाचार और युवा सहभागिता से साकार होगा विकसित भारत- सुबोध उनियाल

नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में आयोजित त्रिदिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार ऑन विज़न फॉर विकसित भारत @2047 का शुभारंभ मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता है। वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, कौशल विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। इसके लिए शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत एवं समाज के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। ऐसे सेमिनार ज्ञान, नीति और व्यवहारिक क्रियान्वयन के मध्य सेतु का कार्य करते हैं।

मंत्री उनियाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत शोध पत्र, विचार विमर्श और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विकसित भारत की दिशा में ठोस सुझाव प्राप्त होंगे, जो नीति निर्माण और जनभागीदारी को सुदृढ़ करेंगे।

कार्यक्रम में प्राचार्य, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं देश-विदेश से आए विद्वानों की सहभागिता उल्लेखनीय रही।

अंत में मंत्री सुबोध उनियाल ने आयोजकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को सफल आयोजन हेतु बधाई देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और संकल्प ही भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा।


“सा विद्या या विमुक्तये” के आदर्श पर चल रहा सरस्वती शिशु मंदिर- मंत्री सुबोध उनियाल

मुनि की रेती में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम, मंत्री सुबोध उनियाल ने की शिरकत

टिहरी। मुनि की रेती स्थित श्याम कृष्ण पंवार सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

इस अवसर पर मंत्री ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर “सा विद्या या विमुक्तये” के आदर्श पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का भी विकास करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और अन्य शैक्षिक संसाधनों के लिए विधायक निधि से आर्थिक सहयोग का अनुरोध किया गया। इस पर मंत्री ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस घोषणा पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने आभार व्यक्त किया।

वार्षिकोत्सव में छात्रों ने लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं विज्ञान और ग्रामीण जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। मंत्री ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम और नैतिकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष चन्द्रवीर पोखरियाल, प्रधानाचार्य सुरेन्द्र सिंह नेगी, प्रांत सह प्रदेश निरीक्षक विनोद रावत, नगरपालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शिक्षक मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन

नयार वैली फेस्टिवल: पर्यटन, परंपरा और विकास का ऐतिहासिक संगम

पौड़ी की नयार घाटी से मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, पर्यटन, रोजगार और विकास को मिलेगी नयी गति

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यही है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।

पर्यटन मंत्री कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी।

विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।

बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक अद्वितीय एवं सुव्यवस्थित आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें एक ही मंच पर 10 पृथक-पृथक गतिविधियों का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। विविध रोमांचक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह का संचार किया, बल्कि प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का भी परिचय दिया। यह आयोजन नवाचार, सुव्यवस्था और बहुआयामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


33,251 बालिकाओं को मिले 145.93 करोड़, नंदा गौरा योजना का पैसा जारी

मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने डीबीटी की धनराशि

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 बालिकाओं को कुल 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को यह सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का सशक्त अभियान है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, बाल विवाह पर रोक लगाने तथा बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये तथा 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज में लैंगिक असमानता दूर करने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। नंदा गौरा योजना इसी सोच का परिणाम है, जो बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

इस अवसर पर विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक मोहित चौधरी, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, नीतू फुलेरा शिखा कंडवाल, शिवप्रसाद भट्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

किस जिले में कितने लाभार्थी

जनपद   जन्म पर लाभार्थी   12वीं उत्तीर्ण लाभार्थी

अल्मोड़ा   643   2963

बागेश्वर   240   1167

चमोली   196   1761

चम्पावत   285   1410

देहरादून   678   2637

नैनीताल   1012   3196

पौड़ी    227   1990

पिथौरागढ़    243    1936

रुद्रप्रयाग    172   1235

टिहरी    485     2775

ऊधमसिंहनगर   1372    4772

उत्तरकाशी     360    1496

कुल योग    5913    27338

कुल लाभार्थी : 33,251
कुल वितरित धनराशि : ₹145.93 करोड़


कुमाऊँ में नशे पर बड़ा प्रहार, मेडिकल स्टोर से 20 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियां बरामद

स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर चला विशेष अभियान, क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण से बढ़ी सख्ती, नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

देहरादून। प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान छेड़ दिया है। सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में औषधि निरीक्षण की विशेष कार्रवाई चल रही है। इसी अभियान के तहत कुमाऊँ मंडल में बड़ी छापेमारी कर नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया गया। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना पुलभट्टा क्षेत्र, जनपद उधम सिंह नगर में एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद कीं। यह कार्रवाई स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स (SOTF) कुमाऊँ परिक्षेत्र और औषधि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

मेडिकल स्टोर से मिला नशीली दवाओं का जखीरा
मुखबिर की सूचना पर की गई छापेमारी में SK मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित ट्रामाडोल (Tramadol) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) की कुल 20,142 टैबलेट्स और 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद किए गए। ये दवाएं चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित हैं, लेकिन बिना वैध पर्चे के इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। मौके पर मौजूद स्टोर संचालक शकूर खान पुत्र सब्बीर खान, निवासी शक्तिफार्म रोड, ग्राम सेदोरा, चौकी बरा, थाना पुलभट्टा के खिलाफ थाना पुलभट्टा में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और किन-किन लोगों तक सप्लाई की जानी थीं।

क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण से बढ़ी सख्ती
स्वास्थ्य विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार निरीक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए हैं। इन दलों को अपने गृह जनपद से बाहर तैनात कर क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की मिलीभगत की आशंका को समाप्त करना और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

युवाओं को बचाने की मुहिम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं में तेजी से बढ़ा है। इन दवाओं का सेवन नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। सरकार का मानना है कि मेडिकल स्टोरों के माध्यम से हो रही अवैध बिक्री पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। कुमाऊँ में हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई से साफ संकेत गया है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट
कुमाऊँ में हुई इस कार्रवाई को नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने समन्वय बनाकर कार्रवाई की है, उससे साफ है कि सरकार अब नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के मूड में है। प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान से न केवल अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप है, बल्कि आम जनता में भी भरोसा जगा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त सचिन कुर्वे का बयान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे ने कहा कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है और विशेष दल लगातार औचक जांच कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी का बयान
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए तीन विशेष दल बनाए गए हैं, जो अलग-अलग जिलों में निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं की बिना पर्चे बिक्री गंभीर अपराध है और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलती है। विभाग ऐसे मेडिकल स्टोरों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सहकारी मेलों में 500 से अधिक महिला समूहों ने अपने उत्पाद बेचकर कमाया अच्छा मुनाफा- डाॅ. धन सिंह

सहकारी मेलों में वितरित किया गया 21 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित सहकारिता मेलों में राज्य सरकार द्वारा किसानों, काश्तकारों, युवा उद्यमियों व महिला स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, मछली पालन, फूलों की खेती जैसी अन्य गतिविधियों के लिए 21 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त मेलों में 500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का विक्रय कर अच्छा मुनाफा कमाया है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण आर्थिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता विभाग के माध्यम से विशेष थीमों पर आधारित इन मेलों का 11 जनपदों में सफल आयोजन किया जा चुका है, जबकि टिहरी जनपद में मेला आयोजित किया गया है। इन मेलों में किसानों, काश्तकारों, कारीगरों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा मेलों में विभागीय योजनाओं का लाभ आम लोगों का पहुंचाया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि मेलों के माध्यम से अब तक 1038 किसानों व 147 महिला स्वयं सहायता समूहों को रुपये 21 करोड़ से अधिक ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जा चुका है, जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 174 लाख का ब्याज मुक्त ऋण किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को वितरित किया गया। इसी प्रकार बागेश्वर में 115 लाख, पिथौरागढ़ में 211 लाख, चम्पावत 81, नैनीताल 107 लाख, चमोली 155 लाख, रूद्रप्रयाग 177 लाख, पौड़ी 583 लाख, हरिद्वार 71 लाख, देहरादून 98 लाख तथा उत्तरकाशी जनपद में किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को 56 लाख का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया है। टिहरी जनपद में आयोजित मेले में अब तक 270 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है। विभाग द्वारा वितरित किये जा रहे ब्याज मुक्त ऋण प्रदेश के किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के कृषि विकास, स्वरोजगार, लघु उद्यम एवं आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी मेलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार मिला है। अब तक आयोजित मेलों में 500 से अधिक महिला समूहों ने अपने उत्पादों हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद सहित पारंपरिक वस्त्रों का विक्रय किया है जिनसे उनको खास मुनाफा हुआ है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता मेलों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता मेले किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। इन आयोजनों ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों सहभागिता, आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सहकारिता को रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन एवं समावेशी विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा।


आगामी बजट बैठक में यात्री सुविधाओं हेतु बजट प्रावधान किये जायेंगे- हेमंत द्विवेदी

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में यात्रा पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आगामी श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम यात्रा पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। केनाल रोड स्थित बीकेटीसी कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक का समापन हो गया। देर शाम तक चली समीक्षा बैठक में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति की बजट बैठक जल्द आयोजित होगी जिसमें तीर्थयात्रियों की सुविधाओं यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं हेतु बजट प्रावधान किये जायेंगे।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई । बीकेटीसी अध्यक्ष ने अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक से पहले वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित तथा बीकेटीसी सदस्य दिवंगत श्रीनिवास पोस्ती श्रद्धांजलि दी गयी तथा दो मिनट का मौन रखा गया।

समीक्षा बैठक में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल अक्षय तृतीया से हो रहा है परंपराअनुसार इसी दिन श्री यमुनोत्री तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलते है।इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल तथा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल रहे है इससे पहले श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का कार्यालय आईएसबीटी ऋषिकेश के समीप पर्यटन विभाग के रजिस्ट्रेशन भवन में स्थापित हो जायेगा।

बैठक में आगामी यात्रा के दौरान यात्रियों को धामों में सरल सुगम दर्शन व्यवस्था, पूजा व्यवस्था, मंदिर परिसरों के सौंदर्यीकरण, रंग-रोगन यात्री विश्रामगृहों का रखरखाव आवास, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, की व्यवस्थाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अध्यक्ष ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से धामों में सुरक्षा इंतजाम,दर्शंन व्यवस्था, विश्राम गृहों में तीर्थयात्रियों के लिए उचित आवासीय सुविधा,पार्किंग व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर जोर दिया कहा कि धामों में निर्धारित सीमा के अंतर्गत मोबाइल फोन तथा वीडियो फोटो रील बनाना प्रतिबंधित रहेंगा।

समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण सहित सदस्यगण एवं मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल बैठक में उपस्थित रहे। मुख्यकार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि बीकेटीसी अधिकारियों ने विगत 16 फरवरी को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर की यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अब तक की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा तैयारियों के अधिकांश कार्य अंतिम चरण में हैं और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे।
अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मंदिर समिति की वेबसाइट के उच्चीकरण,मंदिर परिसर, दर्शन पंक्ति, पूजा कार्यालय , आनलाइन पूजा बुकिंग व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाये। मंदिर के निकट प्राथमिक चिकित्सा, सूचना केंद्र और सहायता डेस्क प्रभावी रूप से संचालित किए जाएं। साथ ही धामों में पालीथिन पर प्रभावी रोक रहेगी,स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक के अंत में अध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि समुचित तैयारियों से इस वर्ष की यात्रा का शुभारंभ होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, सदस्य महेन्द्र शर्मा, धीरज मोनू पंचभैया, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डा. विनीत पोस्ती,नीलम पुरी, दिनेश डोभाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी,विधि अधिकारी एस एस बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी एवं गिरीश चौहान, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, अतुल डिमरी संजय भट्ट आदि मौजूद रहे।


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त अभियान जारी है। एमडीडीए ने नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लाटिंग और व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थलों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही की। प्राधिकरण का कहना है कि मास्टर प्लान के विपरीत किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण की टीम ने शेरपुर क्षेत्र में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के पीछे, नया हाईवे सेलाकुई के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। भू-स्वामी श्री प्रवीन विज द्वारा बिना स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति के भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर प्लाटिंग से जुड़े निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था।

अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग
इसी क्षेत्र में सावेज द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया। यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन के किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सशांक सक्सेना, अवर अभियंता नीतेश राणा, सुपरवाइजर ललित तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर अनधिकृत निर्माण कतई स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन पर शिकंजा
हरिपुर कला, ऋषिकेश में आदिनाथ अखाड़ा के निकट अशोक मित्तल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से निर्माण को सील कर दिया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता मनीष डिमरी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहे।

उपाध्यक्ष का सख्त संदेश
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते कठोर कदम उठाने पड़े। उनका कहना है कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसकी विधिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

नियमित निगरानी और आगे भी अभियान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि मास्टर प्लान के अनुरूप सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।


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