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6 से 9 मार्च के बीच आयोजित होगा टिहरी लेक फेस्टिवल , सीएम धामी करेंगे उद्घाटन

Category Archives: उत्तराखंड

6 से 9 मार्च के बीच आयोजित होगा टिहरी लेक फेस्टिवल , सीएम धामी करेंगे उद्घाटन

राफ्टिंग, ट्रैकिंग और योग के साथ टिहरी बनेगा टूरिज्म हब

टिहरी।  पुराने टिहरी शहर को अपने आगोश में समाई झील की सैर, गंगा की वेगवान लहरों पर राफ्टिंग, रहस्यमयी खैट पर्वत की यात्रा से लेकर, देवप्रयाग में पौराणिक रघुनाथ मंदिर के दर्शन और संगम तट पर योगाभ्यास। यदि आप किसी एक आयोजन में इन सब गतिविधियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो 6 से 9 मार्च के बीच टिहरी लेक फेस्टिवल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करना ना भूलें।

टिहरी जिला प्रशासन और उत्तराखंड पयर्टन विकास परिषद के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किए जा रहे Himalayan O₂ – टिहरी लेक फेस्टिवल का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों किया जाना प्रस्तावित है। चार दिन के इस आयोजन के दौरान टिहरी जिले के प्रमुख केंद्रों पर विभिन्न तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल के मुताबिक टिहरी लेक फेस्टिवल का उद्देश्य टिहरी जिले को प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाते हुए, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है। उन्होने बताया कि इस दौरान ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के साथ ही स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, मास्टर शेफ प्रतियोगिता, लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए फैशन शो, फोटोग्राफी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

एक लाख रुपए तक पुरस्कार जीतने का मौका

आयोजन के दौरान अलग- अलग स्थानों पर मास्टर शेफ, फोटोग्राफी, पेटिंग, सोशल मीडिया रील, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिस टिहरी, राफ्टिंग, रैप सिंगिग प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। जिसमें प्रथम विजेता एक लाख रुपए तक का पुरस्कार जीत सकता है, इसी तरह दूसरे स्थान का विजेता 50 हजार, तीसरे स्थान का विजेता 25 हजार रुपए का पुरस्कार जीत सकता है, इसके साथ ही पांच- पांच हजार के 10 सांत्वना सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

पांडवाज, अमित त्रिवेदी जमाएंगे रंग
प्रतियोगिता का उद्घाटन छह मार्च को कोटी कॉलोनी में होगा। कोटी कॉलोनी में ही फूड फेस्टिवल, मिस्टर एंड मिस टिहरी, मास्टर शेफ, वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की जीवनगाथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। कोटी कॉलोनी में छह मार्च को पांडवाज बैंड और सात मार्च गो अमित त्रिवेदी की भी प्रस्तुति होंगी।

एडवेंचर टूरिज्म का पावर पैक
टिहरी जिले के दूरस्थ ब्लॉक प्रतापनगर में भी आयोजन के दौरान कई कार्यक्रम होंगे, इसमें सात मार्च को माजफ – पीडी ट्रैक और आठ मार्च को थात- खैट पर्वत ट्रैक शामिल है। इसी तरह घनसाली में बासल ताल ट्रैक का आयोजन किया जा रहा है। वहीं नरेंद्र नगर ब्लॉक में आठ मार्च को ब्रहमपुरी से खारास्रोत तक गंगा में राफ्टिंग, धनोल्टी क्षेत्र के अंतर्गत सुआखोली से देवलसारी तक एमटीबी राइड शामिल है।

देवप्रयाग- आध्यात्म और योग का मेल

टिहरी लेक फेस्टिवल के प्रतिभागियों को देवप्रयाग स्थित प्रसिद़ध रघुनाथ मंदिर के दर्शन, संगम पर गंगा आरती के साथ ही योगाभ्यास का भी अवसर मिलेगा। देवप्रयाग में ही प्रतिभागियों को एतिहासिक वेदशाला का भी दौरा कराया जाएगा।।


सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित

पौड़ी। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, पौड़ी गढ़वाल के तत्वावधान में विकास भवन सभागार, पौड़ी में सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति तथा विजन-2047 विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनपद स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय, डाटा आधारित योजना निर्माण तथा दीर्घकालिक विकास रणनीति को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यशाला में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने द्वारा संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 सतत विकास लक्ष्यों एवं वर्ष 2047 तक निर्धारित विजन को प्राप्त करने की रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि इन लक्ष्यों को ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में समाहित करते हुए स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है, जिससे समग्र एवं समावेशी विकास को गति मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, पलायन की समस्या, कृषि भूमि की चकबंदी व्यवस्था, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वनाग्नि की घटनाएं तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने इन चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न विभागों, पंचायतीराज संस्थाओं तथा स्वयंसेवी संगठनों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहभागिता पर बल दिया।

सीपीपीजीजी सेल से आए विशेषज्ञों सैरन जैकब, कैलाश रावत एवं तपन घोष द्वारा पीपीटी के माध्यम से सतत विकास लक्ष्य, पीएम गतिशक्ति तथा विजन-2047 के महत्व एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने विशेष रूप से जनपद की उन सूचकांकों पर ध्यान आकर्षित किया, जिनमें रैंकिंग अपेक्षाकृत कम है, जैसे कुपोषण एवं टीकाकरण, तथा इनमें शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई।

जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने कार्यशाला में प्रतिभागियों से अपील की कि वे सतत विकास लक्ष्यों को जनजागरुकता अभियान के रूप में ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाते हुए स्थानीय विकास योजनाओं में उनका प्रभावी समावेश सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, पीएम स्वजल दीपक रावत, पीएम उरेडा सहित जनपद एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों के साथ साथ विभागीय स्तर पर अपर सांख्यिकीय अधिकारी रणजीत सिंह रावत एवं सीमा बिनान, सहायक सांख्यिकी अधिकारी शुभम काम्बोज एवं दर्पण गर्ग, वरिष्ठ सहायक दिगम्बर सिंह कठैत तथा जीआईएस/पीएम गतिशक्ति से संबंधित कार्मिक भी उपस्थित रहे।


जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस

पेयजल समस्याओं पर जिलाधिकारी का एक्शन प्लान, रूट कॉज एनालिसिस से स्थायी समाधान और जवाबदेही तय

पेयजल योजनाओं की परत-दर-परत जांच के निर्देश, डीएम ने अधिकारियों को प्रोएक्टिव मोड में किया सक्रिय

फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय, कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

हर योजना की जिम्मेदारी होगी तय, डीएम ने विभागवार गांवों का विवरण साझा करने के दिए निर्देश

पौड़ी। जल जीवन मिशन एवं पेयजल से संबंधित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जनसुनवाई मंचों जनता दरबार, ‘जन जन की सरकार’ कार्यक्रम तथा तहसील दिवस में प्राप्त पेयजल शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य आमजन की पेयजल संबंधी समस्याओं का केवल निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों को चिन्हित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से विश्लेषण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्राप्त शिकायतों में से कुछ प्रमुख मामलों को केस स्टडी के रूप में लेते हुए उनके मूल कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया, ताकि प्रणालीगत कमियों की पहचान कर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से विभाग को प्रोएक्टिव मोड में कार्य करने में मदद मिलेगी और भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा, जिससे आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जिलाधिकारी ने कनिष्ठ अभियंताओं को पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिये तथा प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों में पानी की आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना फिटर द्वारा तत्काल कनिष्ठ अभियंता को दी जाए और लीकेज, वाल्व, वितरण प्रणाली एवं इंटेक चैंबर से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी फिटर के संपर्क नंबर पंचायत भवनों में चस्पा किए जाएं, ताकि आमजन सीधे संपर्क कर सकें। उन्होंने कहा कि जहां कोई कार्मिक तैनात नहीं है, ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर आवश्यक तैनाती सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान, जल निगम एवं जल जीवन मिशन के सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों की विस्तृत सूची तैयार कर आपस में साझा करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और किसी भी कार्य का अनावश्यक दोहराव न हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सकेगा कि किस विभाग के अंतर्गत कौन-सी पेयजल योजना संचालित हो रही है। इससे न केवल योजनाओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि उनकी नियमित एवं प्रभावी निगरानी भी संभव हो सकेगी, जिससे पेयजल व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाया जा सके।

टाटरी गांव की पेयजल समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने निर्देश दिए कि किसी भी गांव का कोई भी परिवार पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा सभी गांवों में शत-प्रतिशत घरों तक नल कनेक्शन देकर पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ गांवों में अभी कुछ कनेक्शन छूटे हुए हैं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसका विस्तृत विश्लेषण करते हुए स्वागत संज्ञान लें और 15 दिन के भीतर आवश्यक कार्यवाही कर सभी छूटे हुए परिवारों को पेयजल सुविधा से आच्छादित करना सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर पेयजल स्रोतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी डिवीजनों को निर्देशित किया कि ऐसी पेयजल योजनाओं का डीपीआर के अनुरूप पुनः सर्वे कराकर 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जहां स्रोत में पानी की कमी है, वहां वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हीकरण, स्रोत संवर्द्धन, रिचार्ज कार्य, आवश्यकता अनुसार पंपिंग व्यवस्था अथवा योजना के पुनर्गठन जैसे ठोस समाधान प्रस्तावित कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके। साथ ही पुराने लंबित मामलों को चिन्हित कर उनका प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर क्षेत्रों में लीकेज जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष मरम्मत दल गठित करने के निर्देश दिए, जो एक घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पेयजल योजनाओं से संबंधित समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां संबंधित ठेकेदारों से समन्वय स्थापित कर संवाद के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। साथ ही उन्होंने वित्त विभाग, अभियंताओं एवं जल संस्थान के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए, जो जमीनी स्तर पर निरीक्षण करते हुए डीपीआर एवं माप पुस्तिका (एमबी) के अनुरूप कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी। उन्होंने बताया कि समिति यह सुनिश्चित करेगी कि स्वीकृत मानकों के अनुसार कार्य वास्तविक रूप से संपादित हुए हैं या नहीं, जिससे योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

विकासखंड पाबौ के ग्राम कलूण में ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत कार्यों की गुणवत्ता संबंधी शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि यदि नई पाइप खरीदी गई हैं तो उनकी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के द्वितीय चरण का कार्य जिस डिवीजन द्वारा किया गया है, उसकी गुणवत्ता एवं पूर्णता के लिए वही डिवीजन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगी।

जिलाधिकारी ने जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने तथा यह प्रमाणित करने के निर्देश दिए कि संबंधित कार्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत शामिल नहीं हैं, ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने के साथ साथ जिम्मेदारी भी तय की जा सके। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों तथा अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंपिंग स्टेशनों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। साथ ही पंपिंग योजनाओं में मुआवजे की मांग के संबंध में अधिकारियों ने अवगत कराया कि पेयजल योजनाओं में मुआवजे का प्रावधान नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी ने योजनाओं के नियमों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, यदि उनमें कोई तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या है तो उनका समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने ‘रिपोर्टेड’ एवं ‘सर्टिफाइड’ नल कनेक्शनों के बीच अंतर को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए, जिससे वास्तविक स्थिति के अनुरूप आंकड़े उपलब्ध हो सकें। जिन योजनाओं की पूर्णता तिथि में देरी हो रही है, उनमें ठेकेदारों के साथ बैठक कर बाधाओं को दूर करते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

जिलाधिकारी ने थर्ड पार्टी निरीक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा तथा पाइपलाइन का कार्य मानकों के अनुरूप भूमिगत ही होना चाहिए। उन्होंने नियमित रूप से शिकायत प्राप्त होने वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर समस्या के मूल कारणों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी पेयजल योजनाओं में योजना संबंधी विवरण का बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने 15 मार्च तक सभी लंबित एटीआर (कार्यवाही प्रतिवेदन) पूर्ण कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

‘कैच द रैन’ अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी जल स्रोतों एवं जल संरचनाओं का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, जिससे जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल निगम पौड़ी नवनीत कटारिया, कोटद्वार आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार अभिषेक वर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम अजय बेलवाल, जल जीवन मिशन कनुप्रिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट

हरिद्वार। रुड़की में बच्चों के बीच खेला जा रहा क्रिकेट अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला गांव स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में खेल के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

बताया जा रहा है कि खेल के दौरान हुए विवाद में एक किशोर ने गुस्से में आकर 12 वर्षीय भानु के सिर पर डंडे से वार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि भानु मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर आरोपी किशोर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आखिर एक सामान्य खेल के दौरान शुरू हुआ विवाद इतनी बड़ी घटना में कैसे बदल गया।


मुख्यमंत्री धामी ने हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में किया प्रतिभाग

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालसी, देहरादून स्थ्ति एक होटल में हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनभावनाओं के हिसाब से राज्य सरकार राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले चार सालों में जनअपेक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के साथ ही मदरसा बोर्ड को खत्म करने जैसे अभूतपूर्व कदम उठाकर, सनातन की इस पुण्यभूमि को हर तरह से सुरक्षित रखने का प्रयास किया है। सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू करने के साथ ही धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उत्तराखंड को एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही थी, जिस पर प्रदेश की देवतुल्य जनता का हमें पूरा समर्थन मिला। 2022 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। उत्तराखण्ड देश में यू.सी.सी. लागू करने वाला पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री ने 2027 में हरिद्वार में भव्य एवं दिव्य कुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस सबंध में वे स्वयं 10 से अधिक बैठक कर चुके हैं। केन्द्र सरकार की ओर से इसके लिए 500 करोड़ की धनराशि भी जारी की जा चुकी है, मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य कर रही है। किसी के साथ भेदभाव की भावना से कार्य नहीं किये जा रहे हैं, लेकिन छद्म तरीकों से देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करने वालों पर भी सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खनन नीति बनने के बाद से उत्तराखण्ड में पिछले 02 सालों में हर साल 1200 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पहले 400 करोड़ तक रहता था। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य को लगातार दो साल विशेष सहायता योजना के तहत 100-100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनेक महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


अधिकृत वित्त समिति की बैठक में कई विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

देहरादून।  मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में अधिकृत वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग अपग्रेडेशन को मंजूरी

बैठक में यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग, दिलाराम बाजार से विजय कॉलोनी पुल तक 2 लेन से 3 लेन में उन्नयन हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग (विद्युत लाइनों को यूटिलिटी डक्ट में स्थानांतरित करना) एवं वाटर सप्लाई लाइन शिफ्टिंग के ₹1257.96 लाख के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।

पिथौरागढ़ में पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण
जनपद पिथौरागढ़ की पिथौरागढ़ शाखा के अंतर्गत घाट पंपिंग पेयजल योजना की जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन, राइजिंग मेन के प्रतिस्थापन एवं पुनर्संरेखण संबंधी ₹1338.53 लाख रू की योजना को अनुमोदन दिया गया।

मसूरी राज्य राजमार्ग पर दो लेन स्टील बॉक्स पुल का निर्माण
मसूरी राज्य राजमार्ग संख्या-1 के कि.मी. 18 पर सहसपुर, जनपद देहरादून में क्षतिग्रस्त एकल लेन पुल के स्थान पर ₹1200.17 लाख रू की लागत से 60 मीटर स्पैन का दो लेन, क्लास-ए लोडिंग स्टील बॉक्स पुल निर्माण को स्वीकृति दी गई।

रामनगर बस टर्मिनल परियोजना पर सख्त रुख
मुख्य सचिव ने पेयजल निगम के रामनगर बस टर्मिनल निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आकलन परियोजना में परियोजना के कुल खर्च के मुकाबले फाउंडेशन वर्क व साइट विकास की अधिक लागत पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने HOD, पीडब्ल्यूडी एवं एमडी, पेयजल निगम को प्रारंभिक लागत, विस्तारित लागत, साइट चयन, नींव खर्च एवं कुल व्यय की व्यवहारिकता, प्रासंगिकता, मितव्ययिता और उपयोगिता की जांच हेतु कमेटी गठित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

पब्लिक फंड की मितव्ययिता और सख्त स्क्रूटनी पर जोर
मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन की मितव्ययिता सर्वोपरि है। केवल कंसलटेंट के प्रस्तावों पर निर्भर न रहते हुए विभाग स्वयं जिम्मेदारीपूर्वक पर्याप्त स्क्रूटनी करें। बिना समुचित जांच के किसी भी प्रस्ताव को हाई पावर कमेटी में प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा—कार्य पब्लिक-सेंट्रिक हों।

तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश
आज स्वीकृत सभी परियोजनाओं पर शीघ्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव पंकज पांडेय, एस.ए. Adannki, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित बनाने की पहल

ISO 1893-2025 के बाद पूरे राज्य को भूकंप जोन-6 मानते हुए नए नियम बनेंगे

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

भारतीय मानक ISO 1893-2025 के अनुसार पूरे राज्य के भूकंप जोन छह में शामिल होने के बाद अब बिल्डिंग बायलाॅज में व्यापक संशोधन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की समीक्षा एवं संशोधन हेतु सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार को समिति का संयोजक बनाया गया है। बता दें कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में बिल्डिंग बायलाॅज भारतीय मानक ब्यूरो के पुराने संस्करण ISO 1893-2002 पर आधारित हैं।

समिति में सीबीआरआई रुड़की, भारतीय मानक ब्यूरो, आईआईटी, ब्रिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

समिति वास्तुविदों के साथ ही विभिन्न अभियंताओं से भी विचार-विमर्श करेगी। समिति का उद्देश्य राज्य के मौजूदा बायलाॅज का गहन अध्ययन करते हुए उन्हें वर्तमान भूकंपीय मानकों, जलवायु परिस्थितियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए भवन निर्माण के नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है।

राज्य सरकार भवन बायलाॅज को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और आपदा-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। समिति भवन बायलाॅज को अधिक व्यवहारिक, सुरक्षित और आपदा-रोधी बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आपदा जोखिम में कमी आएगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नियमों में बदलाव करना नहीं बल्कि सुरक्षित निर्माण की संस्कृति विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज में भूकंप-रोधी डिजाइन, भू-तकनीकी जांच, विंड लोड और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय पारंपरिक निर्माण तकनीकों और जलवायु अनुकूल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सतत एवं आपदा-सक्षम विकास सुनिश्चित हो सके।

बता दें कि नए बिल्डिंग बायलाॅज लागू होने से भवनों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी, आपदा के दौरान जन-धन की हानि कम होगी और सुरक्षित व टिकाऊ शहरी विकास व निर्माण को नई दिशा मिलेगी। समिति अपनी रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा आवास विभाग को सौंपेगी। समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आवास विभाग द्वारा बायलाॅज में आवश्यक संशोधन एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

समिति का कार्यक्षेत्र

उत्तराखण्ड राज्य के वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की विस्तृत समीक्षा, विश्लेषण एवं मौजूदा तकनीकों का आकलन।
राज्य में मौजूद भूकंप, भूस्खलन और अन्य आपदा जोखिमों को समाहित करते हुए संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज का मसौदा तैयार करना।
भूकंप-रोधी डिजाइन, नई निर्माण तकनीकों एवं संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को शामिल करना।
पारंपरिक पहाड़ी निर्माण प्रणालियों को वैज्ञानिक रूप से आधुनिक नियमों में समाहित करना।
पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल निर्माण के लिए विशेष प्रावधान तैयार करना।
संशोधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना एवं दिशा-निर्देश प्रस्तुत करना।
इंजीनियरों, योजनाकारों एवं संबंधित विभागों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के सुझाव देना।

समिति में ये हैं शामिल

समिति की अध्यक्षता सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार करेंगे, जबकि यूएलएमएमसी, देहरादून के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार को संयोजक बनाया गया है।

समिति में डॉ. अजय चौरसिया (मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई रुड़की), प्रो. महुआ मुखर्जी (वास्तुकला विभाग, आईआईटी रुड़की), सुश्री मधुरिमा माधव (वैज्ञानिक ‘ब्’, भारतीय मानक ब्यूरो, नई दिल्ली), डॉ. पी.के. दास (वरिष्ठ ग्रामीण आवास सलाहकार, यूएनडीपी), आर्किटेक्ट एस.के. नेगी (पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई शिमला), उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के नामित प्रतिनिधि, ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भूकंप विशेषज्ञ धर्मेन्द्र कुशवाहा एवं भू-भौतिक विज्ञानी डॉ. विशाल वत्स सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।


एसएसपी दून की दो टूक, सत्यापन अभियान में लापरवाही बरतने वाले कार्यवाही को रहे तैयार

एसएसपी देहरादून ने सभी राजपत्रित अधिकारियो/थाना प्रभारियों के साथ की बैठक

थाना प्रभारियों के साथ- साथ अब क्षेत्राधिकारियों की जवाबदेही भी होगी तय

थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था प्रभावित होने पर थाना प्रभारी रहेंगे जिम्मेदार, होगी सख्त कार्यवाही

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों तथा थाना प्रभारियों के साथ गोष्टी की गई। गोष्टी के दौरान वर्तमान में चल रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा उपस्थित अधिकारियों को को निम्न दिशा निर्देश दिये गए।

1- ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत चलाये जा रहे सत्यापन अभियान के तहत सभी संस्थानों, प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों व अन्य स्थानों पर निवासरत बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन हेतु प्रभावी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाये। अभियान में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरूद्व कार्यवाही की जायेगी।

2- सभी क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी अपने-अपने सर्किल/क्षेत्रों में नियमित रूप से प्रभावी चैकिंग सुनिश्चित करें, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये, इसके अतिरिक्त सभी थाना क्षेत्रों में नियमित चेकिंग पॉइन्ट के अलावा अन्य स्थानों पर भी आकस्मिक रूप से चैकिंग अभियान चलाया जाये तथा उक्त चैकिंग के स्थान व समय का निर्धारण सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी द्वारा किया जाये।

3- पीक आवर्स के दौरान भीड़ भाड़ वाले स्थानों/ व्यस्ततम मार्गो/ चौराहों पर पुलिस की विजबिलिटी को बढ़ाया जाए, पीक आवर्स के दौरान सभी क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी थाना क्षेत्र के व्यस्तम मार्गो/चौराहो पर स्वंय उपस्थित रहकर प्रभावी चैकिंग करना सुनिश्चित करें।

4- सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संगठित अपराधों में लिप्त अभ्यस्थ अपराधियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्व गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करते हुए उन्हें निरूद्व करना सुनिश्चित करे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। यदि गैंगस्टर एक्ट में कार्यवाही के पश्चात भी ऐसे अभियुक्तों को निरूद्व करने में किसी प्रकार की लापरवाही परिलक्षित होती है तो सम्बन्धित थाना प्रभारी के साथ-साथ क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी तय की जायेगी।

5- ईनामी अभियुक्तों की समीक्षा के दौरान सभी थाना प्रभारियों को ईनामी अभियुक्तों की धरपकड हेतु टीमें गठित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

6- वर्तमान में चल रहे रमजान के महीने व आगामी होली के पर्व के दृष्टिगत सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सवेंदनशील स्थानों/मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सर्तक दृष्टि रखते हुए पूर्व में पर्वो के दौरान हुए विवादों की जानकारी प्राप्त कर सुरक्षा के समुचित प्रबंध करना सुनिश्चित करें। थाना क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी सम्बन्धित थाना प्रभारी की होगी तथा उसके विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायगी।


अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला भवन सील

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। यह भवन लक्कड़घाट रोड, निर्मल बाग, ब्लॉक-सी में निशांत मालिक द्वारा निर्मित किया जा रहा था। प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, मनीष डिमरी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अवैध प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। तिवारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस जारी किया जाता है, उसके बाद भी कार्य नहीं रुकने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण पर निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।


नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 को भव्य बनाने की तैयारी तेज

मुख्य विकास अधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा, विभागों को दिए समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश

पौड़ी-  सतपुली-बिलखेत में 26 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 को सफल एवं भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि तीन दिवसीय इस आयोजन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे यादगार बनाया जाएगा। उन्होंने रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर अपने-अपने विभागों के स्टॉल अनिवार्य रूप से स्थापित करें, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक सीधे पहुंच सके। साथ ही संबंधित विभाग लाभार्थियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करें, जिससे उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाए, जिससे स्थानीय लोग निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करा सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने समाज कल्याण विभाग को दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल के अतिरिक्त प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिकाधिक पर्यटक और स्थानीय लोग कार्यक्रम में सहभागिता कर सकें। साथ ही संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी जुड़ सके।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाय। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिलखेत विकासखंड कल्जीखाल, एकेश्वर, द्वारीखाल और कोट का केंद्र है। उन्होंने इन क्षेत्रों के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विकासखंड क्षेत्रों में आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र फोनिया, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी जयबीर सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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