Thursday, September 17th, 2026

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

Category Archives: उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

देहरादून।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीकेटीसी अध्यक्ष से चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं‌ की जानकारी ली।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन तथा तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बीकेटीसी द्वारा श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम सहित मंदिर समिति के अधीनस्थ मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।


जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत

राजा वाला में जनसंपर्क के दौरान डॉ. हरक सिंह रावत ने सुनीं क्षेत्रवासियों की समस्याएं

सहसपुर। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के राजा वाला में जनसंपर्क अभियान के दौरान चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी ली।

जनसंपर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पेयजल से जुड़ी समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता है। इसके अलावा महिला सुरक्षा, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन तथा अन्य स्थानीय एवं जनहित से जुड़े विषयों पर भी लोगों ने अपनी चिंताएं साझा कीं।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा तथा संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त हो रहा है। डॉ. रावत ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी व्यापक जनसमर्थन के साथ प्रदेश में सरकार बनाएगी, ऐसा विश्वास जनसंपर्क के दौरान लोगों के साथ हुए संवाद से प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस जन, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण

अभिलेखों को नियमित अपडेट करने और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

देहरादून,। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश ने बुधवार को कोतवाली रायवाला का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, मालगृह, असलहा-एम्युनेशन तथा सीसीटीएनएस के तहत किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एसपी ने थानाध्यक्ष रायवाला से असलहा, एम्युनेशन और अन्य सरकारी संपत्ति की जानकारी ली। उपस्थित पुलिसकर्मियों से असलहा खोलने और जोड़ने की प्रक्रिया भी कराई गई। मालगृह के निरीक्षण में पुराने वादों से संबंधित माल के निस्तारण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

एसपी ने थाने में मौजूद सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यावधिक रखने के साथ ही लंबित अभियोगों और शिकायती प्रार्थना पत्रों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीसीटीएनएस कार्यों की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान सीसीटीएनएस के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए एसपी ने संबंधित कर्मियों को सभी आईआईएफ फॉर्म निर्धारित समयावधि में अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

इसके बाद एसपी ऋषिकेश ने कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षकों और विवेचकों के साथ गोष्ठी की। उन्होंने लंबित अभियोगों एवं शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनीं

निरीक्षण के उपरांत एसपी ने कोतवाली में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मेलन लेकर उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी ली। आगामी चुनावों के दृष्टिगत पुलिस द्वारा की जा रही निरोधात्मक कार्रवाई में अपेक्षित वृद्धि लाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर डॉक्टरों के बीच आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत चिकित्सकों से मुलाकात कर उनकी मांगों को विस्तार से सुना और जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया।स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने चिकित्सकों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर छात्रों ने अपना धरना निश्चित अवधि के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हितों और समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार चिकित्सकों के साथ संवाद और समन्वय के माध्यम से उनकी मांगों के समाधान के लिए प्रयासरत है।

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद चिकित्सकों द्वारा धरना स्थगित किए जाने से स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे पर आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद जगी है।


17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”

विकसित भारत–2047 की थीम पर जनसहभागिता से आयोजित होंगे सेवा, सुशासन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए आदेशों के क्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर अवसर जनपद नैनीताल में “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य विकसित भारत–2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनसहभागिता के माध्यम से सेवा एवं सुशासन की भावना को मजबूत करना है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रायल ने अभियान के सफल संचालन हेतु मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय को जनपद नैनीताल का नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, पर्यटन विभाग, धर्मस्व, पंचायती राज, शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्राम्य विकास, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर निकाय सहित अन्य विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

जिलाधिकारी रयाल ने बताया कि अभियान के दौरान पूरे जनपद में विभिन्न जनजागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितम्बर को “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम के अंतर्गत अमृत सरोवरों, जन औषधि केन्द्रों तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलन कर सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया जाएगा।

17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में “मेरा सपनों का भारत” विषय पर निबंध, चित्रकला, भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। विकसित भारत–2047 तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

अभियान के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवा कार्यों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभिभावकों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा बाल विकास से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

“सेवा की कहानी” कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की प्रेरक कहानियों, भाषण, चित्रकला एवं एनीमेटेड वीडियो के जरिए आमजन के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया जाएगा।

अभियान के दौरान सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली जाएगी तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प का प्रतीक कलश प्रमुख स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के तहत नागरिकों को स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षण, रक्तदान तथा अन्य समाजोपयोगी सेवा गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर स्वास्थ्य शिविर, बहुउद्देशीय शिविर तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित लाभार्थी शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

“सेवा के रंग, राष्ट्र के संग” कार्यक्रम के तहत सरकारी एवं सार्वजनिक परिसरों में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत–2047, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश दिया जाएगा। वहीं सुशासन सेवा संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कर सरकार की योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर स्वदेशी एवं खादी अपनाने का संकल्प दिलाया जाएगा तथा वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही Fit India Movement के अंतर्गत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में खेल प्रतियोगिताएँ, योग, दौड़, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएँ आयोजित कर स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी नामित नोडल अधिकारी 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रतिदिन रिपोर्ट, फोटो एवं वीडियो निर्धारित व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। सभी विभाग निर्धारित तिथियों में कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी रयाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत आयोजित सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें तथा विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।


धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी

श्री बदरीनाथ धाम तथा केदारनाथ धाम में मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर गंगा आरती, 51 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित

 श्री बदरीनाथ/केदारनाथ: ।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को रात्रि को श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में 51 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किये गये।वहीं बीकेटीसी एवं केदार सभा के संयुक्त तत्वावधान में केदारनाथ धाम में मंदाकिनी तट पर गंगा( मंदाकिनी )आरती संपन्न हुई तथा आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

बताया कि आज अपराह्न मंदाकिनी नदी के तट पर आयोजित गंगा आरती में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री एवं केदार सभा के तीर्थ पुरोहितगण तथा मंदिर समिति अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की गयी।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि विशेष पूजा-अर्चना के दौरान द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की कुशलता और सुरक्षित यात्रा हेतु भी प्रार्थना की गयी।

केदारनाथ में संपन्न गंगा आरती में पं संतोष तिवारी, मनोज तिवारी, आनंद प्रकाश पोस्ती,राजीव गैरोला सहित बीकेटीसी एवं केदार सभा से जुड़े पदाधिकारी, अधिकारी, तीर्थपुरोहित तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।


जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जनगणना संपन्न कराने के दिए निर्देश

देहरादून। जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत आगामी 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना के सफल एवं सुचारु संपादन के लिए देहरादून नगर निगम सभागार में चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों का आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के समुचित नियोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना में तकनीकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या भी लगभग 40 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की अवधि निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वगणना के संबंध में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए, ताकि 01 दिसंबर से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य सुगमता से संपन्न किया जा सके।

जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए जनगणना को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जाए।

नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। दो दिवसीय प्रशिक्षण में 23 चार्ज अधिकारियों, 23 सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं जनगणना से जुड़े कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।

इस अवसर पर जनगणना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इनायत सिद्दीकी, जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और उत्तराखण्ड के विकास में योगदान देने के तीन संकल्प लेने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्मदिवस के अवसर पर देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जन्मदिवस को युवाओं के बीच मनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का आभार जताया और कहा कि युवा शक्ति के बीच मौजूद रहना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद अहम होगी। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश और प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और अनुशासित है तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखता है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर काम कर रही है। प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या उत्तराखण्ड न छोड़ना पड़े। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

तकनीक के दौर में आधुनिक कौशल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक के कारण रोजगार और उद्योग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

युवा आयोग को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से जुड़ी नीतियां तैयार करते समय उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।

खेल और भर्ती व्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं के विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और अधिकार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कोई भी नियुक्ति महज एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि उसके पीछे युवा की मेहनत और परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान

अपने जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने पहला संकल्प जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा स्वयं नशे से दूर रहने और साथियों को भी नशे से दूर रखने तथा तीसरा जीवन में सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास के लिए समर्पित करने का लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवा के किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने तथा सोशल मीडिया पर मिलने वाली आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना जरूरी है।

नशे से दूर रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल

महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकार संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए आयोग की आगामी रणनीति तय, आयोग के माध्यम से मातृशक्ति को अधिक सशक्त बनाने का लिया संकल्प

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, 13 जनपदों के लिए नई कार्ययोजना तैयार

महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना आयोग का लक्ष्य- कुसुम कंडवाल

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम बोर्ड बैठक निदेशालय, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, देहरादून में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता, आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी वर्ष की व्यापक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान एवं महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलम्बन एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य महिला आयोग इसी भावना के साथ सरकार एवं प्रशासन के समन्वय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।

अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की कार्यशैली के प्रति महिलाओं का विश्वास निरंतर बढ़ा है। प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय, ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों से भी महिलाएँ अपनी शिकायतें और प्रार्थना-पत्र लेकर आयोग तक पहुँच रही हैं। शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ आयोग को न्याय एवं संरक्षण का विश्वसनीय मंच मान रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध सहायता, विधिक परामर्श और न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसी बढ़ते कार्यभार एवं महिलाओं की अपेक्षाओं को देखते हुए बोर्ड बैठक में आयोग में 10 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं बोर्ड बैठक के दौरान आयोग के सदस्यगण के मानदेय में यथोचित वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव पारित किया गया। स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोग की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग की उपाध्यक्षों को जनपदवार दायित्व प्रदान किए गए। ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी एवं रुद्रप्रयाग, चन्द्रकला तिवारी को उत्तरकाशी एवं चमोली तथा शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्यगण अपने-अपने जनपदों में नियमित जनसुनवाई, महिला जागरूकता कार्यक्रम, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण तथा महिला अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण निर्धारित जनपद में वन स्टॉप सेंटर में नियमित जनसुनवाई में प्रतिभाग करेंगी तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर महिला अधिकार संरक्षण के कार्यों को गति देंगी।

बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध से जुड़े मामलों तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। आयोग ने निर्णय लिया कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा, “महिला आयोग की वास्तविक सफलता तब होगी, जब उत्तराखंड की अंतिम पंक्ति में बैठी मातृशक्ति, सीमांत क्षेत्र की बेटी और दूरस्थ गाँव की महिला भी यह विश्वास करे कि राज्य महिला आयोग उसके साथ खड़ा है। हमारा प्रत्येक निर्णय महिला गरिमा, सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित है।”

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करते हुए उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य महिला आयोग हर जनपद, हर गाँव और हर परिवार तक अपनी संवेदनशील पहुँच सुनिश्चित करेगा।

बैठक में सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चन्द्रकला तिवारी एवं शायरा बानो, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह तोमर, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, आधार वर्मा, वीरेन्द्र रावत, अंजली ध्यानी सहित आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन

बच्चों ने अपने मामा के दीर्घायु जीवन की कामना करी

सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कर रही निरंतर प्रयास- रेखा आर्या

बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा, मंत्री ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री धामी बच्चों के लिए ‘मामा’ और मैं ‘बुआ’ के रूप में सदैव हैँ उनके साथ खड़े-रेखा आर्या

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर केदारपुरम स्थित राजकीय शिशु सदन में बच्चों के साथ जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया। जहाँ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों के साथ केक काटकर मुख्यमंत्री के जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें नन्हें बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया।

कैबिनेट मंत्री ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के लिए एक मामा और वह स्वयं बुआ के रूप में उनके साथ सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राजकीय शिशु सदन में रह रहे प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर, आवास,सुरक्षित वातावरण और अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक सहयोग मिले ।

इसके लिए मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कोविड-19 महामारी या अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता या संरक्षक को खोने वाले बच्चों की देखभाल, पुनर्वास और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया। जिसके तहत सरकार पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता दे रही है।

वही खेलों मे अपना भविष्य बनाने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना संचालित की जा रही है। जिसमें 1500 रुपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार की नंदा गौरा योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें बेटी के जन्म पर 11 हजार और 12वीं कक्षा पास करने पर 51 हजार की सहायता का राशि दी जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बच्चों की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की गई।

कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता, डीपीओ मीना बिष्ट सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं राजकीय शिशु सदन के प्यारे बच्चे उपस्थित रहे।


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