Thursday, September 17th, 2026

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विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना

Category Archives: उत्तराखंड

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस लाइन में की पूजा-अर्चना

शस्त्रों और वाहनों की पूजा कर की सुख-समृद्धि की कामना

देहरादून। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर  पुलिस लाइन देहरादून में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पूजा में शामिल होकर भगवान विश्वकर्मा से सभी पुलिसकर्मियों के सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की।

इस दौरान एसएसपी ने भगवान विश्वकर्मा को सृजन, निर्माण और कौशल का देवता बताते हुए उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पूजा-अर्चना हमारी परंपरा और कार्य के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

पूजा-अर्चना के दौरान पुलिस के शस्त्रों और सरकारी वाहनों की भी विधिवत पूजा की गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस के शस्त्र और वाहन कार्य क्षमता के महत्वपूर्ण आधार हैं और जनता की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में इनकी पूजा करना पुलिस की गौरवशाली परंपरा और सम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक दूरसंचार, क्षेत्राधिकारी डालनवाला, सदर, डोईवाला और यातायात सहित पुलिस लाइन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर जनपद देहरादून के सभी थानों और चौकियों में भी पूजा-अर्चना की गई


18 सितंबर को 140 विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम धामी, युवाओं के विजन पर होगा मंथन

जेन-जी के विचारों को नीति-निर्धारण से जोड़ने की मुख्यमंत्री धामी की पहल—आईएएस भी युवाओं के साथ करेंगे वैचारिक मंथन

‘ कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’—2,67,744 विद्यार्थियों के विचारों में से चयनित 140 युवा देंगे मुख्यमंत्री धामी को अपने विजन की रिपोर्ट

युवा विद्यार्थी मंथन के चयनित 140 विद्यार्थियों को 12वीं के बाद करियर कोचिंग के लिए मिलेगी 2 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप

देहरादून। उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान का अंतिम चरण 18 सितंबर को आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर चयनित 140 छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। अभियान के तहत प्रदेशभर के विद्यार्थियों से उत्तराखंड के भविष्य को लेकर विचार और सुझाव मांगे गए थे।

मुख्यमंत्री धामी ने इस संवाद को और व्यापक बनाने के लिए शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी विद्यार्थियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात से पहले अधिकारी चयनित विद्यार्थियों के साथ चर्चा कर उनके विचार, सुझाव और उत्तराखंड के भविष्य को लेकर विजन को समझेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, स्वरोजगार, पलायन, लोक निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन तथा महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अधिकारी युवाओं की बात सुनेंगे।

2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किया अपना विजन

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में प्रदेश के करीब तीन लाख कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा गया था। अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर अपने विचार और सुझाव साझा किए। इतनी बड़ी भागीदारी के चलते यह पहल व्यापक युवा संवाद के रूप में सामने आई।

विद्यार्थियों से मिले सुझावों में से विशेषज्ञ टीम ने 140 श्रेष्ठ और सार्थक विचारों वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया है। मुख्यमंत्री धामी इससे पहले प्रदेश के विभिन्न नगरों में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनके विचार सुन चुके हैं। अब चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

युवाओं के सुझावों को नीतियों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी और सार्थक सुझावों को सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं की कल्पना के उत्तराखंड को समझना और उनके विजन को विकास की योजनाओं से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के साथ वैचारिक मंथन से नए विचारों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और विचारों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

140 विद्यार्थियों को मिलेगी दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद से की थी। इस दौरान उन्होंने युवाओं से उत्तराखंड के विकास को लेकर रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ विचार देने वाले विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा के बाद करियर तैयारी और कोचिंग के लिए दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति देने की घोषणा भी की थी। अभियान के तहत चयनित 140 छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

शिक्षा से लेकर रोजगार और पलायन तक मुद्दों पर चर्चा

अभियान के माध्यम से सरकार ने युवाओं की सोच और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया है। विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, पलायन, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक और महिला सशक्तिकरण सहित उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए हैं।

18 सितंबर को मुख्यमंत्री और 140 चयनित विद्यार्थियों के बीच होने वाला संवाद इसी पहल का महत्वपूर्ण चरण होगा। सरकार का कहना है कि युवाओं के विचारों को केवल सुनने तक सीमित न रखते हुए उपयोगी सुझावों को नीति और विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु चलाया जाएगा अभियान

सड़क मरम्मत कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

पूर्ण हो चुके कार्यों का उपजिलाधिकारी स्तर से होगा निरीक्षण, अधिशासी अभियंता देंगे गड्ढामुक्त होने का प्रमाणपत्र

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त किए जाने के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जनपद में सड़क मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निकायों के अधिकारियों से सड़कवार कार्ययोजना और प्रगति की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए, उसे एक छोर से पूरा करते हुए आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी स्थान पर कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने गत दो वर्षों में किए गए सड़क कार्यों की भी समीक्षा की और कहा कि हाल में निर्मित जिन सड़कों में क्षति हुई है तथा जो अभी ठेकेदार की उत्तरदायित्व अवधि में हैं, उनकी आवश्यक मरम्मत संबंधित ठेकेदार से कराई जाए। साथ ही, पिछले वर्ष जिन कार्यों के लिए अनुमति प्राप्त हो चुकी है, उन्हें दोबारा पैच मरम्मत के कार्यों में शामिल न किया जाए, ताकि एक ही कार्य की पुनरावृत्ति न हो।

रिहायशी क्षेत्रों में सड़क किनारे आवश्यकतानुसार झाड़ी कटान के साथ नालियों की सफाई कराने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए और नालियों में किसी प्रकार का अवरोध न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने एडीएम को निर्देशित किया कि जिन सड़कों का गड्ढामुक्त कार्य पूरा हो जाए, उनका संबंधित उपजिलाधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराया जाय। उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंताओं को 15 अक्टूबर के बाद संबंधित सड़कों के गड्ढामुक्त होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में लोनिवि प्रांतीय खंड के नोडल अधिकारी ने अवगत कराया कि सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है और निर्धारित कार्य निर्धारित समयावधि तक पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जनपद की अन्य सड़कों को भी अभियान में शामिल करते हुए उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित अन्य कार्य 20 सितंबर से शुरू कराने के लिए आवश्यक तैयारी पूरी करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के किसी भी मार्ग पर सड़क, पैच अथवा पुश्ता क्षतिग्रस्त है तो उसे औचित्यपूर्ण चिन्हित कर मरम्मत कार्य में शामिल किया जाए और कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क मरम्मत का कार्य केवल गड्ढों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क की समग्र स्थिति को ध्यान में रखा जाय। उन्होंने नगर निकायों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क पैच मरम्मत एवं गड्ढामुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वार्डों की गलियों में सड़क के गड्ढों अथवा उखड़े हुए हिस्सों को चिन्हित कर मरम्मत कराने तथा इसकी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में एडीएम एफ आर चौहान, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड रीना नेगी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग खंड जी एस तोमर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


नेहरू कॉलोनी में नकबजनी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में बंद मकान का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर और आभूषण चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये कीमत के आभूषण और एक गैस सिलेंडर बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

प्रवेश विहार, लालढांग, नवादा निवासी जसकरन पाल ने नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके बंद मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर गैस सिलेंडर और ज्वैलरी चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना के खुलासे के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने पूर्व में चोरी के मामलों में जेल जा चुके आरोपियों का सत्यापन किया और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई गई।

पुलिस को मिली सूचना के आधार पर 16 सितंबर 2026 को ईंट भट्टा नवादा ग्राउंड स्थित खंडहर के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कुछ दिन पहले प्रवेश विहार स्थित बंद मकान का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर और ज्वैलरी चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पंत (24), सुलेमान (19) और गोपाल शर्मा (20), सभी निवासी नेहरू कॉलोनी क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी का सामान और आभूषण बेचने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

बरामदगी: करीब दो लाख रुपये कीमत के आभूषण और भारत गैस कंपनी का एक गैस सिलेंडर।


परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बना जिला प्रशासन

फीस के अभाव में दसवीं की परीक्षा से रह गए थे वंचित, पुश्तैनी मकान बिक जाने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर था बालक

देहरादून। परिवार की प्रताड़ना और विषम परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन सहारा बना है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की समुचित जांच कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन के हस्तक्षेप से जहां रुद्र प्रताप को बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है, वहीं उसकी शिक्षा को पुनः सुचारू करने के लिए विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला भी दिलाया गया है।

प्रकरण के अनुसार रुद्र प्रताप नेगी की माता की मृत्यु के बाद उसके पिता नशे की गिरफ्त में चले गए, जिसके चलते परिवार में बालक के लिए परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं। पारिवारिक प्रताड़ना एवं आर्थिक संकट के कारण रुद्र प्रताप की पढ़ाई प्रभावित हुई और वह विद्यालय की फीस जमा न कर पाने के कारण दसवीं की परीक्षा भी नहीं दे पाया। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय द्वारा टीसी जारी किए जाने में भी कठिनाई आ रही थी।

बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता एवं उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद बालक के समक्ष रहने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई और वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। ऐसी परिस्थितियों में रुद्र प्रताप ने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को पूरे मामले की समुचित स्टडी एवं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाते हुए उसे बाल गृह में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही रुद्र प्रताप की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रशासन के प्रयासों से रुद्र प्रताप का गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है। इससे उसकी शिक्षा को पुनः गति मिलने के साथ ही उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ ही शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।


बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी- जिलाधिकारी

CWC के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत, 120 का निस्तारण; 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया

देहरादून। जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC), बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभाग एवं संस्थाएं आपसी समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में निवासरत 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 05 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद से कुल 109 बच्चों को देश एवं विदेश में दत्तक ग्रहण में दिए जाने की जानकारी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की समीक्षा में अप्रैल-जून के दौरान 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई। बाल विवाह के 02 मामले तथा बालश्रम के 46 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील प्रकरणों में काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।

जनपद में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा कमियों का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन हो चुका है तथा शेष का सत्यापन शीघ्र कराने को कहा गया।

बालगृहों में निवासरत 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड एवं 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। शेष बच्चों के दस्तावेज प्राथमिकता से तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया, जिनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट एवं 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार व्यय करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण, अन्य राज्यों के बच्चों को गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से करने को कहा।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल , जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर खण्ड स्तरीय समिति गठित

नशे पर लगाम के लिए प्रशासन की नई पहल, गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान

देहरादून। जिले में नशे के खिलाफ अभियान को गांव और विकासखंड स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) और नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर खंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और गतिविधियों की निगरानी करेंगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की ओर से जारी आदेश के तहत खंड विकास अधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में ग्राम पंचायत अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नामित शिक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी या जिला परिवीक्षा अधिकारी द्वारा नामित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित आशा कार्यकर्ता को सदस्य बनाया गया है। सहायक समाज कल्याण अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे।

युवाओं और विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

नशामुक्त भारत अभियान के तहत गठित समितियां विकासखंड स्तर पर नशे के दुष्परिणामों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएंगी। खासतौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

इसके लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय समुदाय को अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के साथ लोगों को नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी

समिति में विकास, पंचायत, शिक्षा, बाल विकास, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इससे नशामुक्ति अभियान को बहु-विभागीय स्वरूप मिलेगा और जागरूकता कार्यक्रमों को गांव से लेकर विकासखंड स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समिति में नामित प्रतिनिधियों की आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गठित समितियों से संबंधित आदेश को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिला प्रशासन ने आमजन से भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया है।


देहरादून में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

पॉलीगॉन मैपिंग न करने वाले 12 विभागों को डीएम का नोटिस

देहरादून। देहरादून में सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उनकी सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए उच्च न्यायालय और शासन के आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

डीएम ने सभी विभागों को अपनी सरकारी परिसंपत्तियों की सीमा का निर्धारण सेटेलाइट पॉलीगॉन मैप के आधार पर करने और इसकी जानकारी उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (यूके-जीएएमएस) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर चिन्हित होने वाले अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा।

12 विभागों को कारण बताओ नोटिस के निर्देश

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई विभागों ने अभी तक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग का काम शुरू नहीं किया है। इस पर जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग और यूकॉस्ट समेत 12 विभागों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

वहीं, जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग अभी बाकी है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी करने को कहा गया है। बैठक में बताया गया कि जिले के 16 विभाग मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर चुके हैं, जबकि 41 विभागों में यह काम अभी प्रगति पर है। बाकी विभागों को युद्धस्तर पर मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य की प्रगति में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी एस. गुरंग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, डीपीओ जीतेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन स्थानों पर सीलिंग, दो जगह ध्वस्तीकरण

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में डोईवाला क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि ऋषिकेश के विस्थापित क्षेत्र में तीन अवैध निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

एमडीडीए के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पहली कार्रवाई तहसील डोईवाला के शेरगढ़ माजरीग्रांट क्षेत्र में की गई। यहां अवतार सिंह एवं प्रमोद पाल द्वारा करीब 10 से 15 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।

इसी तरह दूसरी बड़ी कार्रवाई फतेहपुर माजरीग्रांट, डोईवाला क्षेत्र में की गई। यहां मुकेश सकलानी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को प्राधिकरण ने कार्रवाई के दायरे में लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।

इसके अलावा ऋषिकेश के आमबाग गली नंबर-02, विस्थापित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। यहां अमित भाटिया द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को एमडीडीए की टीम ने सील कर दिया। इसी क्षेत्र में राणा जी द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं पंकज सेठ द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी प्राधिकरण ने सील कर दिया।

नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से लोगों को गुमराह करने और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूखंड खरीदने से पहले भूमि के भू-उपयोग और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध निर्माणों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी प्रभावी रूप से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण या भूखंड खरीदने से पहले भूमि एवं निर्माण की वैधता की जांच जरूर कर लें। प्राधिकरण का उद्देश्य विकास कार्यों को नियमों के अनुरूप संचालित करना और क्षेत्र में व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।


मसूरी में गढ़वाल सभा भूमि एवं भवन हेतु सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार प्रकट करते गढ़वाल सभा के पदाधिकारी

देहरादून। मसूरी में गढ़वाल सभा भवन निर्माण के लिए मंत्रिमण्डल द्वारा भूमि आवंटन किये जाने पर पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि काबीना मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में बढ़ा कदम बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से मसूरी की जनता की भावनाऐं जुड़ी हैं और अब निर्माण की तरफ सकारात्मक कदम बढ़ रहे हैं।

काबीना मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि गढ़वाल सभा हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक एकता एवं पहाड़ी विरासत का महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व करती है। मसूरी में गढ़वाल सभा के अपने भवन का निर्माण निश्चित रूप से समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह भवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने गढ़वाल सभा के लिए 972 वर्ग मीटर भूमि आवंटन एवं भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।

इस दौरान पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, गढ़वाल सभा मसूरी के अध्यक्ष भगवान सिंह धनाई सहित अन्य लोग उपस्थित रहे


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