Friday, September 18th, 2026

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जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया विस्तृत निरीक्षण

Category Archives: उत्तराखंड

जिलाधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया विस्तृत निरीक्षण

अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने परखी विकास भवन की स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की सफाई नियमित रखने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यालयी व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, योजनाओं की प्रगति तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रत्येक कार्यालय में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में अभिलेख व्यवस्थित एवं अद्यतन रहने के साथ ही लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यालयों में पत्रावलियों, पंजिकाओं एवं अभिलेखों के संधारण की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण अभिलेख एवं पत्रावलियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने टूर पंजिकाओं का नियमित रूप से संधारण करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालयी गतिविधियों का रिकॉर्ड अद्यतन रखने को कहा।

जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय कक्षों के साथ ही गलियारों, वेटिंग रूम और शौचालयों की स्थिति की तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शौचालयों की नियमित सफाई, कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई तथा समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए।

ग्रामोत्थान विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने टूर पंजिका का अवलोकन करते हुए इसे नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति एवं मैदानी स्तर पर की जा रही गतिविधियों की जानकारी लेते हुए रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया।

स्वजल विभाग में जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं एवं संचालित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थिति और उनके उपयोग की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कूड़ा संग्रहण केंद्रों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता से जुड़े कार्यों की निरंतर निगरानी करने को भी कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

मत्स्य विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं, क्लस्टर आधारित कार्यों और लाभार्थियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म का अवलोकन किया और विभागीय गतिविधियों के डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने जनपद में विकसित अमृत सरोवरों से संबंधित जानकारी लेते हुए इनके उपयोग और मत्स्य पालन से जुड़ी संभावनाओं पर भी जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों से प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों के लिए अलग शिकायत पंजिका तैयार की जाए और प्रत्येक शिकायत का शत-प्रतिशत अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायत प्राप्त होने की तिथि, विषय तथा निस्तारण की स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने को कहा, ताकि प्रत्येक शिकायत की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

समाज कल्याण विभाग में जिलाधिकारी ने छात्रवृत्ति, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा लाभार्थियों से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सत्यापन रिपोर्टों का अवलोकन करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

परिवीक्षा विभाग एवं उरेडा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की गतिविधियों एवं प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय स्तर पर संचालित कार्यों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण निर्माण विभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निस्तारित एवं लंबित बीजकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से कोई भी प्रकरण लंबित न रहे तथा लंबित बीजकों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की माप पुस्तिका आदि मंगवाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में आए आवेदकों से भी सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखा अनुभाग के कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड), विधायक निधि तथा वीबी जीरामजी कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विधायक निधि की दूसरी किश्त की समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वीकृत कार्यों की प्रगति और लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और कार्यों से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकास भवन की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यस्थलों पर स्पष्ट रूप से नाम पट्टिकाएं लगाने को कहा, जिससे कार्यालय में आने वाले लोगों को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की पहचान और कक्ष की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कार्यालयों में रखे अभिलेखों एवं पत्रावलियों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वेटिंग रूम का भी निरीक्षण किया। वहां रखे टूटे एवं अनुपयोगी फर्नीचर को हटाकर स्थान को व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के बैठने के लिए उपलब्ध स्थान साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों के गलियारों में आवश्यक रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पूरे भवन का वातावरण बेहतर और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयी व्यवस्थाओं में सुधार केवल निरीक्षण के समय तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यालय में स्वच्छता, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के निस्तारण और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और समयबद्धता से ही आमजन का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करें और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


पिथौरागढ़ में कारपेंटर ने घर की अलमारी तोड़कर उड़ाए 12 लाख के जेवर, गिरफ्तार

पिथौरागढ़। जाजरदेवल क्षेत्र के सुजई में एक घर से 12 लाख रुपये से अधिक के आभूषण चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घर में लकड़ी का काम कर रहे कारपेंटर ने कथित तौर पर मौका पाकर अलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें रखे जेवर लेकर फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए।

जानकारी के अनुसार, सुजई निवासी मंजू धामी अपने पति के साथ बंगलुरू गई थीं। उनके घर में लकड़ी का काम चल रहा था, जिसके लिए कारपेंटर लगाए गए थे। घर की निगरानी और काम की देखरेख की जिम्मेदारी मंजू ने पड़ोस में रहने वाली अपनी ननद ममता को दी थी।

बीते बृहस्पतिवार को ममता ने सुबह घर खोला और कारपेंटरों के काम पर लगने के बाद वहां से चली गईं। दोपहर में जब वह उन्हें चाय देने पहुंचीं तो घर के अंदर कुछ सामान अस्त-व्यस्त देखकर उन्हें संदेह हुआ। मंजू से फोन पर जानकारी लेने के बाद पता चला कि अलमारी में आभूषण रखे हुए थे। जांच करने पर अलमारी का लॉक टूटा मिला और जेवर गायब थे।

इसके बाद ममता और उनके पति रमेश धामी ने जाजरदेवल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घर में काम कर रहे लोगों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर धमौरा, थाना मिलक, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश निवासी 37 वर्षीय अहमद नबी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच तोले से अधिक सोने और मोती के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। थानाध्यक्ष प्रकाश पांडे के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


देहरादून में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए लगेंगे चिन्हीकरण शिविर, मिलेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण

21 से 26 सितंबर तक लगेंगे 11 निःशुल्क शिविर

देहरादून। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को उनकी जरूरत के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए देहरादून जिले में 21 से 26 सितंबर तक 11 चिन्हीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग और भारत सरकार के उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के सहयोग से इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों का चिन्हीकरण किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चिन्हित लाभार्थियों को 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।

इन स्थानों पर लगेंगे शिविर

सभी शिविर सुबह 11 बजे से आयोजित होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को विकासखंड परिसर सहसपुर और विकासखंड परिसर कालसी में शिविर लगाए जाएंगे। 22 सितंबर को नगर पंचायत सेलाकुई, विकासखंड परिसर विकासनगर और पंचायत भवन रामनगर डांडा थानों में शिविर होगा।

इसी क्रम में 23 सितंबर को विकासखंड परिसर डोईवाला और पंचायत भवन सभावाला, जबकि 24 सितंबर को विकासखंड परिसर रायपुर और आंगनबाड़ी केंद्र नवादा चौक बद्रीपुर में शिविर आयोजित किया जाएगा। 26 सितंबर को रेसकोर्स वेलफेयर सोसायटी, 120 रेसकोर्स और गंगा फार्म, बालावाला में शिविर लगाए जाएंगे।

लाभार्थियों को लाने होंगे जरूरी दस्तावेज

दिव्यांगजनों को शिविर में यूडीआईडी, आधार कार्ड की छायाप्रति और मासिक आय प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। वहीं, बुजुर्ग लाभार्थियों को आधार कार्ड की छायाप्रति तथा संबंधित ग्राम प्रधान या पार्षद द्वारा जारी मासिक आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बुजुर्गों के लिए मासिक आय की सीमा 15 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों और बुजुर्गों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क सहायक उपकरणों के लिए अपना चिन्हीकरण अवश्य कराएं।


प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने की “आंगन का मिलन”कार्यक्रम की समीक्षा

अधिकारी  “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की गंभीरता को ध्यान मे रखते हुए इसको वृहद स्तर पर करें प्रचारित- रेखा आर्या

कार्यक्रम मे योजनाओं की दी जाएगी जानकारी, लाभार्थियों को भी किया जाएगा सम्मानित

पिथौरागढ़। जनपद में आगामी 25 सितंबर से शुरू होने वाले ‘आंगन का मिलन’ अभियान की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी प्रभारी मंत्री के सामने रखी।

प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी बहनों, कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को उनके केंद्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री पोषण अभियान, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना और महालक्ष्मी किट वितरण समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिविरों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यक्रमों की फोटो और वीडियोग्राफी कराने को भी कहा, ताकि अभियान की गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिथौरागढ़ जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में यह कार्यक्रम आयोजित होना है, इसलिए कोई भी केंद्र अभियान से अछूता नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को इसकी निगरानी और सुनिश्चितता के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, महापौर कल्पना देवलाल, प्रदेश मंत्री दीपिका बोरा, जिला पंचायत सदस्य भावना लोहिया, दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत, जिलाधिकारी आशीष भटगाईं, एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी दीपक सैनी, डीपीओ निर्मल सिंह बसेड़ा, जिला क्रीड़ा अधिकारी अनूप बिष्ट समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


उत्तराखण्ड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की होगी GPS/GIS मैपिंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ

ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण होगी पहल

ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखंड में ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से प्रदेश के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की जीपीएस-जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को रवाना किया।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से गठित टीमें चयनित ट्रेकिंग रूट्स का स्थलीय सर्वेक्षण करेंगी। इस दौरान मार्गों की विस्तृत जीपीएस-जीआईएस मैपिंग के साथ ट्रेकिंग से जुड़ी जरूरी सुविधाओं और संभावित स्थलों की भी पहचान की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक और ट्रेकिंग पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश के प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थलों के साथ ही दूरस्थ और कम चर्चित ट्रेक रूट्स को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकिंग अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को रास्ते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान को भी अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर भी जोर दिया।

परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे और अन्य पर्यटन गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि परियोजना के तहत 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स का जीपीएस-जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर ऑनलाइन और ऑफलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा। नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होने पर भी ट्रेकर्स मोबाइल फोन के जरिए ट्रेल और रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी हासिल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑनलाइन और ऑफलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। यह ऐप ट्रेकर्स को नेविगेशन की सुविधा देने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव अभियानों में भी उपयोगी साबित होगा।

सर्वेक्षण के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट, डस्टबिन और शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग मार्गों पर सुविधाओं के विकास, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकेगा।

पर्यटन विभाग के अनुसार, उत्तराखंड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेकिंग मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधाओं, संकेतकों और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी। इसके जरिए राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


देहरादून में जन सेवा केंद्रों पर प्रशासन की छापेमारी, 4 केंद्र सील

कंप्यूटर-लैपटॉप अभिरक्षा में लिए

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उप जिलाधिकारी देहरादून के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में जन सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर कई केंद्रों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान शादमान (CSC ID: 353233270019), हनी रमन (CSC ID: 554776230016), करन वर्मा (CSC ID: 626776760018) और प्राची कौशिक (CSC ID: 727124560013) के जन सेवा केंद्रों पर कमियां पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

कई केंद्रों से कंप्यूटर और लैपटॉप लिए अभिरक्षा में

औचक निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर ने शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से सीपीयू अभिरक्षा में लिए। इसके अलावा पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप भी प्रशासन ने अपने कब्जे में लिए हैं।

सीएससी आईडी निरस्त करने की संस्तुति

जांच के दौरान पवन फर्स्वाण (CSC ID: 543342670011) के केंद्र पर मिली कमियों के संबंध में उसकी सीएससी आईडी निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। वहीं पूनम खन्ना (CSC ID: 317574420015) के केंद्र पर मिली कमियों को लेकर उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की गई है।

पारुल बंसल (CSC ID: 252619240013) के केंद्र पर मिली अनियमितता के मामले में लैपटॉप अभिरक्षा में लिया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जन सेवा केंद्रों का संचालन आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में केंद्र संचालकों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने कहा कि आमजन की सुविधा से जुड़े इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण अभियान के दौरान तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र सिंह समेत तहसील और पुलिस की टीम मौजूद रही।


हरिपुर कालसी को मिली बड़ी आध्यात्मिक सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण

“ 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट”

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर क्षेत्र को धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ हरिघाट का लोकार्पण और माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस दौरान माँ यमुना के पावन तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम और यमुना आरती का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान कालसी का यमुना तट श्रद्धा और आस्था के रंग में डूबा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने माँ यमुना के तट पर दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भी दीप जलाए। इस अवसर पर कुल 2100 दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे यमुना का पावन तट रोशनी से जगमगा उठा।

दीपों की जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ माँ यमुना की आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। आरती के दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। पूरे आयोजन के दौरान यमुना तट पर आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कालसी की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई मजबूती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी कालसी के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल समेत जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

पर्यटन विस्तार से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तीर्थ और पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं है, बल्कि इन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। सरकार विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।

आस्था, विरासत और विकास को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बनाया जाए।

कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।


खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया लोहाघाट मे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण

व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए निर्देश

खेल मंत्री ने कॉलेज मे पढ़ रही बालिकाओं के साथ किया संवाद, सुनी समस्याए

जल्द ही लोहाघाट की बालिकाएं जाएंगी देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शैक्षणिक भ्रमण पर, मंत्री रेखा आर्या ने प्रधानाचार्य को दिए निर्देश

लोहाघाट। खेल मंत्री रेखा आर्या ने लोहाघाट (चंपावत) पहुंचकर देश के प्रथम स्पोर्ट्स स्टेडियम /कॉलेज पहुंचकर स्टेडियम और कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। यहाँ पहुंचकर खेल मंत्री ने अध्ययनरत छात्राओं के साथ संवाद कर छात्राओं से उनकी दैनिक दिनचर्या, क्रियाकलाप, उनकी खेलकूद की गतिविधियों के बारे मे जानकारी ली और उनकी समस्याओं को भी सुना।अध्ययन कर रही छात्रों ने अपनी कुछ परेशानिया खेल मंत्री से साझा की जिन्हे दूर करने का आश्वाशन दिया गया ।इसके अतिरिक्त बालिकाओं के द्वारा कई सुझाव भी प्राप्त हुए।

इस दौरान खेल मंत्री ने बालिकाओं से कहा की हमें जीवन मे लक्ष्य लेकर चलना अत्यंत आवश्यक है यदि हम जिंदगी मे लक्ष्य निर्धारित करेंगे तो उसे प्राप्त तभी कर सकते है ज़ब उसके लिए तन मन के साथ प्रयास करें। उन्होंने कहा की आज से पहले हर अभिवावक बच्चों को खेल की तरफ नही भेजता था लेकिन आज का समय पूर्णतया बदल चुका है आज जितनी महत्वपूर्ण शिक्षा है उतना ही महत्त्व खेल का भी है।

मंत्री ने कहा की इसलिए हमें पढ़ाई के साथ खेल के प्रति भी गंभीरता लानी होंगी। साथ ही खेल मंत्री ने प्रधानाचार्य को यह भी निर्देश दिए की वह पढ़ाई कर रही बालिकाओं को देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के शेक्षिक भ्रमण कराए ताकि सभी बच्चे वहाँ की दिनचर्या और गतिविधियों से अवगत हो सके।

खेल मंत्री ने छात्राओं के सुगम आवागमन हेतु बस को दिखाई हरी झंडी, कहा बालिकाओं को नहीं होंगी अब कोई परेशानी

इस अवसर पर मंत्री ने स्पोर्ट्स कॉलेज की छात्राओं के आवागमन हेतु बस को हरी झंडी दिखाते हुए उसका लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा की निश्चित ही हमारी बालिकाओं को पूर्व मे आवागमन मे जो कठनाई होती थी वह अब नहीं हुआ करेगी।बस के मिलने से छात्रों का जहाँ समय की बचत होंगी तो वही उन्हें सुगम आवागमन मिलेगा। खेल मंत्री ने सभी अध्ययनरत बालिकाओं से कहा की बच्चों आज जितना हमारे जीवन मे शिक्षा का महत्त्व है उतना ही खेल का भी है, इसलिए पढ़ाई के साथ -साथ आप सभी लोग अपने खेल को भी गंभीरता पूर्वक लें।उन्होंने सभी बालिकाओं को उनके उज्जवल भविष्य और खेलों मे उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस अवसर पर दर्जाराज्यमंत्री सुभाष बगोली, प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा, बॉक्सिंग कोच रजवंत कौर , बैडमिंटन कोच साक्षी राणा , एथलेटिक्स कोच कमला, कंप्यूटर ऑपरेटर मनीषा सहित अधिकारी, कर्मचारी और स्पोर्ट्स कॉलेज के बच्चे उपस्थित रहे।


औली में भारत-अमेरिका सेना का संयुक्त अभ्यास, आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग

औली- औली में ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान अमरीका और भारतीय सेना के जवानों ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए साथ मिलकर ट्रेनिंग की। उन्होंने बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल की, जिसे आमने-सामने की लड़ाई वाले हालात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।

इस ड्रिल में ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वाड और स्नाइपर की मदद से हमला करने वाली टीमें शामिल थीं। इससे आतंकवाद-विरोधी अभियानों के दौरान खास तौर पर प्रशिक्षित जवानों और टेक्नोलॉजी के तालमेल से किए जाने वाले काम को दिखाया गया। अमेरिकी सेना के जवानों ने भी अभ्यास में शामिल सैनिकों से संवाद किया और उपकरणों का अवलोकन करते हुए अभ्यास के दौरान प्रदर्शित की गई क्षमताओं एवं तकनीकों को बेहतर ढंग से समझा।

इस ट्रेनिंग से दोनों सेनाओं के बीच प्रोफेशनल जानकारी के आदान-प्रदान, रणनीतिक समझ और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मज़बूती मिली।


ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की कार्रवाई, 17 वारंटी गिरफ्तार

देहरादून। न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के लिए दून पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 17 वारंटियों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को न्यायालय से प्राप्त वारंटों की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वारंटियों की तलाश शुरू की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 17 वारंटी पकड़े गए।

गिरफ्तार किए गए वारंटियों में मोहन थापा, लियाकत, वीर सिंह जाट, ललित कुमार (हरिद्वार रोड), ललित कुमार (शास्त्रीनगर खाला), आशा गुरुंग, सरोजनी कैन्तुरा, सविता, रामपाल सिंह, शादाब, उषा देवी, अनिल, अलीशाद, अरशद, गौरव डबराल, चन्द्र मोहन रावत और मनोज शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी विभिन्न प्रकरणों में न्यायालय से जारी वारंट के बाद फरार चल रहे थे। अभियान के तहत पुलिस ने उनकी जानकारी जुटाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार किया। दून पुलिस का कहना है कि न्यायालय से प्राप्त वारंटों की तामील के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


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