Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन

Category Archives: उत्तराखंड

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन

बीपीटी और एमपीटी छात्र-छात्राओं को जाॅब स्कोप पर दी गई महत्वपूर्णं जानकारियां

एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने जाना कैंसे करें सही स्ट्रीम का चुनाव

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा बीपीटी एवं एमपीटी के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर इंटर्न्स को फिजियोथेरेपी की विभिन्न स्ट्रीमों की जानकारी देकर उन्हें अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही स्ट्रीम का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन, कुलसचिव डॉ. लोकश गंभीर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्व प्रसिद्ध डॉ. अली ईरानी (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट) रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, स्पेशलाइजेशन और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. ईरानी ने छात्रों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी, जिनकी मदद से मरीजों को दर्द से शीघ्र राहत प्रदान की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, न्यूरो फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी, कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी सहित कई विशेषज्ञताएं उपलब्ध हैं। छात्र यदि अपनी रुचि, कौशल और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सही स्ट्रीम का चयन करें, तो इस क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक प्रो. (डॉ.) कीर्ति सिंह, आयोजक प्रो. (डॉ.) नीरज कुमार एवं डॉ. शारदा शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. सोनिया गंभीर और डॉ. मालविका कांडपाल भी उपस्थित रहीं। साथ ही फिजियोथेरेपी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तथा स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की समस्त फैकल्टी भी मौजूद रही।


खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत

खेल विश्वविद्यालय की ओर बढ़ते कदम- रेखा आर्या

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी के गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी खेल अवसंरचना परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 8 करोड़ 57 लाख 13 हजार 171 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन की ओर से जारी आदेश में यह धनराशि खेल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वन विभाग की भूमि की आवश्यकता थी, जिसे केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वन भूमि के उपयोग के बदले नियमानुसार राज्य सरकार को प्रतिपूरक व्यवस्था करनी होती है। इसके तहत जिन पेड़ों का नुकसान होगा, उनकी भरपाई के लिए अन्य स्थानों पर नए वृक्ष लगाए जाने और उसके लिए आवश्यक भूमि तथा धनराशि उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इसी प्रतिपूरक वृक्षारोपण और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने यह धनराशि स्वीकृत की है। आदेश के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण, परामर्श और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यों के साथ-साथ प्रतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस आदेश के जारी होने के बाद खेल विश्वविद्यालय परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है और अब मैदान स्तर पर व्यावहारिक कार्य शुरू होने की प्रक्रिया तेज होगी।


रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?

ज्योति रौतेला ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा है। तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं। उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है।

प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि आज जब देश में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार सूत्रों के हवाले से क्यों बयानबाजी कर रही है? प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। समस्या इतनी गंभीर है कि दिल्ली हाईकोर्ट में किचन बंद हो गयी है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर सिलेंडर ना होने की वजह से होटल बंद करने का ऐलान कर दिया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। जहां एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 तक पहुंचाकर गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत रहा है। मोदी सरकार एक ओर महंगाई को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें महंगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी सभी चुनावी जनसभाओं में महंगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 12 साल के कार्यकाल में मंहगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाडी आदि उपस्थित थे।


दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना

अभियान के दौरान पहचान संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज न दिखा पाने वाले 49 व्यक्तियों को पुलिस ने लिया हिरासत में

देहरादून। अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत देहरादून पुलिस ने शहर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाहरी जनपदों और राज्यों से आकर रह रहे लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

अभियान के तहत 12 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में कोतवाली नगर क्षेत्र की चौकी लक्ष्मण चौक के अंतर्गत गांधी ग्राम, न्यू पार्क रोड, गुरुद्वारा रोड और मालवीय नगर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले कुल 469 लोगों का सत्यापन किया।

जांच में पाया गया कि कई मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। इस पर पुलिस ने 92 मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए 9 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

इसके अलावा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से रह रहे 49 लोगों को बीएनएसएस की धारा 172 के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने लाया गया। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 49 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान कर 12,250 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा और किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार

देहरादून। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से उत्तराखंड राज्य को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत लगभग 55 अपूर्ण कार्यों को पूरा करने का वित्तीय भार राज्य सरकार को वहन करना प्रस्तावित था। अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद यह राशि केंद्र व राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में वहन की जाएगी, जिससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय भार काफी कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और विकास को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।


प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट

यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत PIB भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के दौरे पर है

देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां दी

देहरादून। देहरादून के लोक भवन में ओडिशा के एक मीडिया डेलीगेशन ने उत्तराखंड के गवर्नर, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रि.) से बातचीत की। यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के प्रेस टूर पर है।

देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां साझा की। उन्होंने ओडिशा और उत्तराखंड के बीच समानताओं, खासकर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति उनकी कमज़ोरी पर ज़ोर दिया, और साइक्लोन फानी के बाद ओडिशा के अपने दौरे को याद करते हुए लोगों की हिम्मत की तारीफ़ की।

ओडिशा की तारीफ़ करते हुए, गवर्नर ने कहा कि देश खुशकिस्मत है कि राज्य ने देश को एक महिला राष्ट्रपति दी है, जो महिलाओं के एम्पावरमेंट के लिए भारत के कमिटमेंट को दिखाता है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, “ब्रह्मांड के भगवान” के प्रति अपने आध्यात्मिक झुकाव के बारे में भी बात की, और पुरी के आध्यात्मिक महत्व पर ज़ोर दिया। “PURI” शब्द का मतलब बताते हुए, उन्होंने इसे “U – You और I – I” के रूप में समझाया, जो भगवान और भक्तों के बीच आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं की भी तारीफ़ की और राज्य के लोगों को सीधा-सादा और मिलनसार बताया।

उत्तराखंड के राष्ट्रीय महत्व पर ज़ोर देते हुए, गवर्नर ने बताया कि राज्य में भारत सरकार के 82 इंस्टिट्यूशन हैं, जिनमें मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA), देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) और सर्वे ऑफ़ इंडिया जैसे खास इंस्टिट्यूशन शामिल हैं।

इस दौरे के दौरान, मीडिया डेलीगेशन ने देहरादून में सौर्य स्थल वॉर मेमोरियल, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) सहित कई ज़रूरी इंस्टिट्यूशन का भी दौरा किया।

शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल पर, डेलीगेशन ने देश की सेवा में सबसे बड़ा बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इंडियन आर्मी द्वारा बनाया गया यह मेमोरियल उन सैनिकों के साहस और बहादुरी की याद दिलाता है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान दे दी। शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल और RIMC के दौरे में कर्नल मनीष श्रीवास्तव, PRO डिफेंस भी साथ थे, जिन्होंने डेलीगेशन को इंस्टिट्यूशन के महत्व और इंडियन आर्म्ड फ़ोर्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

बाद में डेलीगेशन ने मशहूर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) का दौरा किया, जहाँ RIMC के कमांडेंट राहुल अग्रवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 1922 में बना यह इंस्टीट्यूशन, इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ में करियर के लिए युवा कैडेट्स को तैयार करने वाले देश के सबसे बड़े इंस्टीट्यूशन्स में से एक है। अधिकारियों ने पत्रकारों को इंस्टीट्यूशन की विरासत और ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के बारे में बताया, जिसका मकसद भविष्य के डिसिप्लिन्ड लीडर्स को तैयार करना है।

ओडिशा मीडिया डेलीगेशन ने फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूशन (FRI), देहरादून का भी दौरा किया और इसकी रिसर्च एक्टिविटीज़ और प्रोग्राम्स को समझने के लिए साइंटिस्ट्स से बातचीत की। डॉ. डी.पी. खली, GCR/हेड, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स डिवीज़न और साइंटिस्ट-G, ने डेलीगेशन को फॉरेस्ट्री साइंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में इंस्टीट्यूशन के योगदान के बारे में बताया। डेलीगेशन ने FRI के कई म्यूज़ियम्स का भी दौरा किया, जहाँ फॉरेस्ट्री, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स, पैथोलॉजी, एंटोमोलॉजी और टिम्बर टेक्नोलॉजी से जुड़े कलेक्शन दिखाए गए, जिससे भारत की फॉरेस्ट वेल्थ और बायोडायवर्सिटी के बारे में जानकारी मिली।

मीडिया डेलीगेशन में ओडिशा के नौ सीनियर जर्नलिस्ट शामिल हैं और उनके साथ PIB भुवनेश्वर के असिस्टेंट डायरेक्टर महेंद्र जेना और इन्फॉर्मेशन असिस्टेंट विकास रंजन दलाई भी हैं। बातचीत के दौरान PIB देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव सुंदरियाल भी मौजूद रहे।


घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज

व्यवसायिक प्रतिष्ठान अपने स्टॉक को समझदारी से करें प्रबंधित

गैरसैंण। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित होने से होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की है।

महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, विशेषकर पश्चिम एशिया में तनाव (ईरान-इजराइल संघर्ष), के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के चलते अवरोध उत्पन्न हुआ है लेकिन सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल घरेलू गैस (14.2 किलोग्राम) की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।

महाराज ने कहा कि होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई है। इसलिए व्यवसायियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने स्टॉक को समझदारी से प्रबंधित करें और स्थिति सामान्य होने तक सीमित उपयोग करें।


डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में ‘क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन सह जागरूकता कार्यक्रम’ के दूसरे दिन भीमल हस्तशिल्प और उद्यमिता पर रहा विशेष जोर

देहरादून। मांडूवाला स्थित डॉल्फिन (पी.जी.) इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज में आयोजित तीन दिवसीय ‘क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन सह जागरूकता कार्यक्रम’ आज अपने दूसरे दिन में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया। यह कार्यक्रम विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ऋषिकेश नेचुरल फाइबर हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (RNHFPCL) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य अतिथि एवं संबोधन
आज के सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि गिरीश डोभाल (उपाध्यक्ष, प्रांतीय मधुमक्खी पालन परिषद) एवं अति विशिष्ट अतिथि आशीष डोभाल (वरिष्ठ पत्रकार एवं कम्युनिटी इन्फ्लुएंसर) द्वारा किया गया।

हस्तशिल्प क्षेत्र की स्थिरता पर विचार साझा करते हुए मुख्य अतिथि गिरीश डोभाल ने कहा

“यह कार्यक्रम कारीगरों को आवश्यक उद्यमशीलता कौशल (Entrepreneurial Skills) से लैस कर उनके लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालना और उसे वैश्विक मंच प्रदान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

अति विशिष्ट अतिथि आशीष डोभाल ने अपने संबोधन में स्थानीय कला के संरक्षण और डिजिटल युग में हस्तशिल्प की ब्रांडिंग के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर कंपनी की निदेशक श्रीमती बीना पुंडीर ने भी कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।

भीमल क्राफ्ट और प्राकृतिक फाइबर का सशक्तिकरण
10 से 12 मार्च तक चलने वाले इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य उत्तराखंड के विलक्षण प्राकृतिक फाइबर (भीमल क्राफ्ट) को वैश्विक पहचान दिलाना है। कार्यक्रम में क्षेत्र के 20 दक्ष प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं, जिन्हें निम्नलिखित अनुभवी संसाधन व्यक्तियों (Resource Persons) द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है:

श्रीमती विमला नेगी (हस्तशिल्प विशेषज्ञ)

श्रीमती विमला चौहान (हस्तशिल्प विशेषज्ञ)

श्रीमती बसंती रावत (हथकरघा एवं हस्तशिल्प)

श्रीमती ममता नेगी (हस्तशिल्प विशेषज्ञ)

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
इवेंट कोऑर्डिनेटर श्रीमती बीना पुंडीर (राज्य पुरस्कार विजेता) और निदेशक अनिल चंदोला के मार्गदर्शन में कार्यशाला के मुख्य आकर्षण रहे:

डिजाइन नवाचार: भीमल फाइबर से आधुनिक और उपयोगी उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

इंटरएक्टिव सत्र: उद्योग विशेषज्ञों के साथ बाजार की चुनौतियों और अवसरों पर सीधा संवाद।

सशक्तिकरण: भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय शिल्पकारों को स्वरोजगार हेतु प्रेरित करना।

प्रबंधन और सहयोग
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के अपर निदेशक (प्रशासन) सुनील कौल, डीन अकादमिक प्रो. ज्ञानेंद्र अवस्थी, डीन रिसर्च प्रो. वर्षा पर्चा, और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुधीर भारती का विशेष योगदान रहा। प्रबंधन टीम में डॉ. श्रुति शर्मा, विपुल गर्ग और डॉ. आशीष रतूड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह पहल न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।


उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी

राष्ट्रीय खेलों की सफलता के बाद खेल ढांचे के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 75.36 करोड की वित्तीय स्वीकृति

गैरसैंण। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजन के बाद प्रदेश की धामी सरकार जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं के और विस्तार में जुट गई है। इस क्रम में प्रदेश के हर ब्लॉक में अब मिनी स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर ब्लाक में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने न सिर्फ 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की थी, बल्कि 103 पदक जीतकर इस स्तर के आयोजन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया था। इस आयोजन ने उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में भी पहचान दी। इस आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधारभूत खेल ढांचा विकसित किया गया। लेगेसी पॉलिसी बनाकर सरकार ने इस खेल ढांचे का इस्तेमाल एकेडमी के तौर पर करने का निर्णय लिया है। ताकि खेल प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। इस संबंध में शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है।

अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए प्रावधान कर दिए जाने को भी अहम माना जा रहा है। बुधवार को प्रश्नकाल में जब खेल मंत्री रेखा आर्या पर्वतीय क्षेत्रों में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम से संबंधित सवाल का जवाब दे रही थीं, तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन को यह अहम जानकारी दी। खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार-पर्वतीय क्षेत्र में मिनी स्टेडियम के लिए 1.18 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। इसके निर्माण के लिए एक करोड़ 70 लाख रूपये दिए जाने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 75.36 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के विकासखण्ड पाबौ मे बेडा का जगड मोटर मार्ग के किमी0 1.00 से 5.00 तक सुदृढीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.58 करोड़, जनपद हरिद्वार के राजकीय उपजिला चिकित्सालय रुड़की में विद्युत रिवाईरिंग कार्य हेतु ₹ 3.93 करोड के साथ ही राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसम क्षेत्र मसूरी के अन्तर्गत न्यू कैंट मोटर मार्ग किमी० 1 चै0 0.375 से चै० 1.625 (सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल) तक मार्ग को दो लेन से 10.50 मी० चौडाई में परिवर्तित (अपग्रेड) किये जाने (द्वितीय चरण) हेतु कुल धनराशि ₹ 16.87 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बूम से टनकपुर के शारदा नदी के दांये पार्श्व पर (तटबन्ध) बाढ़ सुरक्षा कार्य एवं शारदा नदी के दांये पार्श्व पर पर बूम व उचौलीगोठ में बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु ₹ 15.69 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत एकत्रित लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु ₹ 6.79 करोड़ तथा नगर निगम, पिथौरागढ़ में देवभूमि रजत जयन्ती पार्क के निर्माण हेतु ₹ 9.81 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही टनकपुर में मीडिया सेंटर एवं गेस्ट हाउस तथा टनकपुर में कम्यूनिटी हॉल निर्माण किये जाने हेतु ₹ 14.24 करोड स्वीकृत करते हुए प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.00 करोड़ अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की बेहतर सुरक्षा हेतु एआई बेस्ड सिस्टम अधिष्ठापित किये जाने का अनुमोदन

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में स्थित चारधाम एवं मुख्य पर्यटन स्थलों पर लगातार श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के दृष्टिगत उनकी बेहतर सुरक्षा व्यवस्था हेतु संदिग्ध तत्वों एवं गतिविधियों पर निगरानी के लिए एआई बेस्ड फेसियल रिकुनाईजेशन सिस्टम एवं डाटा एनेलेटिक्स साफ्टवेयर सिस्टम विभिन्न 05 जनपदों में अधिष्ठापित किये जाने हेतु ₹ 4.45 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान

नन्ही मुस्कान और खाकी का सम्मान

देहरादून। पुलिस कार्यालय देहरादून में अपनी समस्याओ को लेकर आने वाले फरियादियों के बीच एक नन्ही और प्यारी सी बच्ची अपने नन्हे हाथों में रंग-बिरंगे फूलों का एक पुष्पगुच्छ थामे एसएसपी देहरादून से मिलने के लिये पहुंची, जिसके द्वारा एसएसपी देहरादून से मुलाकात के दौरान अपनी प्यारी से मुस्कान के साथ अपने साथ लाये फुलो के गुलदस्ते को उन्हें भेंट किया।

छोटी सी उम्र में कप्तान अंकल से मिलने आने का कारण पूछने पर उक्त बच्ची द्वारा मासूमियत से जवाब दिया कि चाहे दिन हो या रात पुलिस वाले अंकल हमेशा सडक पर खडे होकर हमारी रक्षा करते है, बच्ची की बातों के दौरान उसकी आँखों में पुलिस की वर्दी के प्रति डर न होकर एक सम्मान और आकर्षण था। बच्ची की मासूमियत भरी मुस्कान व पुलिस पर जताए भरोसे पर एसएसपी देहरादून द्वारा बच्ची के सिर पर हाथ रखकर उसे जीवन में खूब तरक्की करने का आशीर्वाद दिया गया।

यह छोटी सी मुलाकात केवल एक शिष्टाचार नहीं थी, बल्कि खाकी के प्रति उस मासूम चेहरे पर भरोसे का प्रतीक थी।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp