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दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

Category Archives: उत्तराखंड

दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, जरूरतमंद परिवारों को मिला राहत का सहारा

देहरादून। जनपद में जरूरतमंद और असहाय परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन लगातार मानवीय पहल कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रही दो महिलाओं को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह सहायता राशि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार के भरण-पोषण में सहारा देगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुद्धोवाला निवासी मीना ठाकुर ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बताई थी। उनके पति पिछले करीब आठ वर्षों से लापता हैं, जिसके कारण परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई है। मीना ठाकुर के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है, जिनमें दो बेटियां दिव्यांग हैं। आर्थिक तंगी के चलते वह किराये के मकान में रहकर बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई झेल रही थीं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद जिलाधिकारी ने सीएसआर फंड से मीना ठाकुर को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए, जो सीधे उनके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। प्रशासन के अनुसार इस राशि से वह स्वरोजगार शुरू कर स्थायी आय का साधन विकसित कर सकेंगी।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मीना ठाकुर के परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उनकी बेटियों की पढ़ाई को “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के माध्यम से जारी रखने और दिव्यांग बेटियों के लिए समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

वहीं दूसरा मामला खुड़बुड़ा क्षेत्र का है, जहां किराये के मकान में रहने वाली परित्यक्ता महिला अमृता जोशी घरेलू कामकाज कर किसी तरह अपने दो बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। उनके बड़े बेटे को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसके इलाज में लगातार खर्च हो रहा था। आर्थिक तंगी के कारण छोटे बेटे की स्कूल फीस जमा न हो पाने से उसे स्कूल से निकाल दिया गया था, जबकि मकान का किराया न दे पाने के कारण मकान मालिक ने परिवार को घर से बाहर कर दिया।

अमृता जोशी की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सीएसआर फंड से उन्हें भी एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी गई है।

प्रशासन के अनुसार इस सहायता से अमृता जोशी अपने बड़े बेटे का उपचार करा सकेंगी, छोटे बेटे की स्कूल फीस जमा कर सकेंगी और मकान का बकाया किराया भी चुका पाएंगी। साथ ही वह इस धनराशि से कोई छोटा व्यवसाय शुरू कर परिवार के लिए स्थायी आय का स्रोत भी विकसित कर सकती हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद और पीड़ित नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय दृष्टिकोण के साथ त्वरित कार्रवाई की जा रही है और आगे भी ऐसे परिवारों की हरसंभव सहायता की जाएगी।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र

देशभर में 18 आयुष फार्मेसियों और 7 परीक्षण प्रयोगशालाओं को मिली वित्तीय सहायता

देहरादून / नई दिल्ली। हरिद्वार से सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में आयुष मंत्रालय ने आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना (AOGUSY) के तहत देशभर में हुई प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने बताया कि केंद्र सरकार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 122 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ इस केंद्रीय क्षेत्र योजना का संचालन कर रही है। योजना का उद्देश्य आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी (ASU&H) औषधियों की गुणवत्ता में सुधार, परीक्षण प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण तथा विनिर्माण इकाइयों को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस योजना के अंतर्गत देशभर में 18 आयुष फार्मेसियों और 7 औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं (DTL) को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके लिए कुल 40.13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। संसद में प्रस्तुत विवरण के अनुसार कई राज्यों में आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय सहायता दी गई है।

सांसद त्रिवेन्द्र ने इस योजना के माध्यम से देश में आयुष क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आयुष औषधियों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में उनके उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण प्रयोगशालाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से आयुष क्षेत्र में शोध, विनिर्माण और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे तथा भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

सांसद त्रिवेन्द्र ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में देश के अधिक से अधिक राज्यों की आयुष इकाइयाँ इस योजना का लाभ उठाकर उच्च गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करेंगी और भारत को आयुष औषधियों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देंगी।


20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी

जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में सहकारिता समितियों को सशक्त कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर

सरकारी देयों की वसूली में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने जतायी कड़ी नाराजगी, कहा, बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों को किया जाएगा सम्मानित

पौड़ी। जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, समितियों की प्रगति तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता तंत्र को सशक्त बनाने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गयी।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सहकारी देयों की वसूली की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वसूली कार्य में एमपैक्स के सचिवों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन एमपैक्स (बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों) द्वारा 50 प्रतिशत से कम वसूली की गई है, उनके सचिवों का वेतन रोके जाने की भी कार्यवाही की जाए। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक वसूली करने वाली समितियों को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक सहकारी समितियों का गठन नहीं हुआ है, वहां नयी बहुउद्देशीय समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज की जाय, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। साथ ही समितियों को राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस में शत-प्रतिशत पंजीकृत करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सहकारी समितियों को जन सेवा केंद्र के रूप में अधिक सक्रिय बनाए जाने तथा उनकी आय बढ़ाने के लिए नए अवसरों और संभावनाओं को चिन्हित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं हैं, वहां योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए समितियों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए जिला सहकारिता निबंधक को प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने समितियों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को एक ही स्थान पर कृषि से संबंधित आवश्यक सेवाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। साथ ही एमपैक्स के माध्यम से नए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) गठित करने तथा उन्हें विपणन केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर विपणन के अवसर मिल सकें। साथ ही एफपीओ की नियमित निगरानी करने तथा उनके माध्यम से दी जा रही सेवाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि समितियों के माध्यम से जनसेवाओं के बेहतर वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा इनके सकारात्मक प्रभाव का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे लाभान्वित हो सकें।

बैठक में जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि अन्न भंडारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृषि उत्पादन मंडी समिति के गोदामों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे भंडारण क्षमता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

बैठक के दौरान जिला सहकारिता निबंधक सौरभ कुमार द्वारा सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, समितियों की गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में सहकारी समितियों के माध्यम से पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही समितियों के आधुनिकीकरण के तहत पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद की कुल 114 समितियों में से 95 समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष समितियों के लिए ई-पैक्स के तहत कार्य प्रगति पर है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे


सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित

देहरादून। राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। हरिद्वार में अवैध खनन पर राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। साथ ही सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी प्रभारी समेत पूरा स्टाफ सस्पेंड कर दिया गया है।

अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।


घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर

रुद्रप्रयाग। जनपद में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रति सतर्कता का उदाहरण पेश करते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने एक सड़क दुर्घटना में त्वरित कार्रवाई कर वाहन चालक की जान बचा ली। पुलिस की तत्परता से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, चौकी घोलतीर क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को एक टाटा टियागो कार (संख्या UK07 FK 5694) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी घोलतीर जयवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए वाहन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। चालक की पहचान राजेन्द्र सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह बिष्ट, निवासी सिलोडी, नारायणबगड़ (जिला चमोली) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह ऋषिकेश से नारायणबगड़ की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण चालक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाते समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें और पूरी सावधानी बरतें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य

पौड़ी। चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया है। आधुनिक तकनीक से स्थापित की गई रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर परिसर रात के समय अत्यंत भव्य और मनमोहक दिखाई दे रहा है। शाम ढलते ही मंदिर परिसर में जगमगाती रोशनी का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा के साथ-साथ उसकी सौंदर्यात्मक भव्यता भी और अधिक निखर कर सामने आ रही है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि धारी देवी मंदिर एक पौराणिक एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं तथा एक यादगार अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में उपजिलाधिकारी तथा पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए थे कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक बनाया जाए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसी क्रम में धारी देवी मंदिर परिसर में आधुनिक एवं प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग व्यवस्था स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। इसी दिशा में यात्रा मार्ग के प्रमुख धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार लाइटिंग व्यवस्था का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया गया है। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग सिस्टम है, जिसका संचालन कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है। इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न रंगों और पैटर्न की रोशनी मंदिर परिसर में प्रदर्शित होती है, जिससे रात के समय मंदिर की भव्यता और अधिक आकर्षक दिखायी देती है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा 2 मार्च को यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि इस पहल में मंदिर समिति, स्थानीय नागरिकों तथा संबंधित विभागों का भी सक्रिय सहयोग रहा, जिससे मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा हो सका।

मंदिर के पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पाण्डेय ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धारी देवी मंदिर चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और यात्रा के दौरान यह संख्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में स्थापित आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ एक सुंदर और आकर्षक अनुभव भी प्राप्त होगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर अब रात के समय अत्यंत आकर्षक दिखाई दे रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह एक नया आकर्षण बनेगा तथा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के तहत जन सुविधाओं के विकास, आपदा न्यूनीकरण के प्रयासों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ पार्किंग, सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास आदि के लिए 44.64 करोड़ की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा नेशनल लैंडस्लाइड रिस्क मिटीगेशन प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) विषयक कार्यशाला में एनडीएमए द्वारा सम्भावित जोखिम संवेदनशील भू-स्खलन क्षेत्रों के न्यूनीकरण हेतु प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के राजकीय औद्योगिक आस्थानों की मरम्मत/सुदृढीकरण कार्य हेतु एम०एस०एम०ई० अवस्थापना विकास मद के अन्तर्गत कुल धनराशि ₹ 1.99 करोड़, राजकीय जनजाति छात्रावास खटीमा, ऊधम सिंह नगर में विभिन्न (02) मरम्मत एवं निर्माण कार्यों हेतु ₹ 46.14 लाख एवं राजकीय जनजाति छात्रावास काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में विभिन्न (02) मरम्मत एवं निर्माण कार्य हेतु ₹ 37.71 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत गोर्खासंध धर्मशाला, चन्द्रबनी के जीर्णाेद्धार एवं पार्किंग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 38.97 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के गुनियाल गांव सामुदायिक भवन का जीर्णाेद्धार व सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 65.93 लाख के साथ ही जिला कारागार, सितारगंज के विस्तारीकरण संबंधी कार्य हेतु ₹ 38.15 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में स्थानीय शासनों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु संस्तुत अनुदान के अन्तर्गत ब्लॉक स्तर पर लोक स्वास्थ्य इकाईयों की वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु अनुमोदित कार्ययोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 मे ₹ 1.62 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण

विधानसभा में उठा गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के चतुर्थ दिवस की द्वितीय पाली (भोजनावकाश के उपरांत) में विपक्ष द्वारा प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा सदन में उठाया गया।

इस पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने पीठ से कहा कि “गैस एक बहुत एसेंशियल कमोडिटी है इसलिए सरकार और प्रशासन को किसी प्रकार की जमाखोरी , डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए, इसका सरकार ध्यान रखें।”

अध्यक्ष ने कहा कि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए इस विषय पर विशेष सतर्कता बरती जाए।


मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज

कहा प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को जानती है

गैरसैंण। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) पर उनके बयान को लेकर लेकर विपक्ष जानबूझ कर हो हल्ला कर रहा है। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण से मेरा आशय यह था कि भराड़ीसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है लेकिन लेकिन उससे नीचे गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पर्यटन डेस्टिनेशन के साथ-साथ अन्य अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण किया जाये। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकें।

महाराज ने कहा कि गैरसैंण के विकास को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया। जबकि उनका बयान ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के अलावा गैरसैंण के पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के दृष्टिगत रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को आरोप लगाने से पूर्व इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन को बनवाने में मेरी क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को अनावश्यक तूल देकर कांग्रेस गैरसैंण के विकास में अवरोध उत्पन्न कर अपना राजनीति उल्लू सीधा करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के विकास को लेकर वह लंबे समय से अपना विचार रखते आये हैं। उनके प्रयासों से ही 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास किया था। इसलिए मेरे बयान को को तोड़-मरोड़कर पेश करके कांग्रेस जनता को बर्गलाने की कतई कोशिश न करें क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस के चरित्र को भली-भांति जानती है।

गौरतलब है कि गैरसैंण को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने सम्बन्धी बयान पर महाराज पर विपक्ष ने खूब हमला बोला। साथ ही सोशल मीडिया पर भी महाराज बहुत ट्रोल हो रहे हैं।


जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित

बहुउद्देशीय शिविर में 29 शिकायतें दर्ज, 02 का मौके पर निस्तारण, 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र हेतु भरवाए गए आवेदन

पौड़ी। राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत विकासखंड यमकेश्वर की न्याय पंचायत बड़ोलीबड़ी के अंतर्गत विकास खंड सभागार में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार वैभव जोशी ने की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन पर जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने 29 शिकायतें दर्ज कीं, जिनमें से 02 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 106 लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया जबकि 09 ग्रामीणों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु आवेदन पत्र भरवाए गए।

तहसीलदार ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से विभाग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। विभागीय स्टॉलों के जरिये लोगों को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त हुई शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

नोडल अधिकारी/पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, जिला सहकारिता, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, खाद्य पूर्ति, राजस्व विभाग सहित 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। जिनमें विभिन्न योजनाओं से 106 लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बचन सिंह बिष्ट, कविता डबराल, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


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