Monday, September 21st, 2026

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जनता दर्शन में सुनी गईं 36 जनसमस्याएं, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

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जनता दर्शन में सुनी गईं 36 जनसमस्याएं, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

शिकायत से समाधान तक पहुंचा प्रशासन, बेदीखाल में चिकित्सक की हुई तैनाती, मानसिक रोगी को इलाज हेतु भेजा सेलाकुई

सड़क, शिक्षा, आंगनबाड़ी, पेयजल, पेंशन, वन्यजीव, आपदा सहित विभिन्न मामलों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जनता दर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सड़क, शिक्षा, आंगनबाड़ी, पेयजल, विद्युत, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, वन्यजीव, आपदा, अतिक्रमण सहित अन्य मामलों से संबंधित 36 शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व के जनता दर्शनों में प्राप्त शिकायतों की प्रगति की भी समीक्षा की गयी।

जनता दर्शन में नलई क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच मार्ग की सुविधा के संबंध में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के माध्यम से लगभग 50 मीटर मार्ग तैयार कराने को कहा। ग्राम पंचायत रखूण में उद्यान विभाग के भवन से संबंधित प्रकरण पर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अवगत कराया कि प्रकरण की जांच की जा चुकी है और सरकारी भवन पर कब्जे की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही जिलाधिकारी ने किसान विकास पत्र की पत्रावलियों की डुप्लीकेट प्रति उपलब्ध कराने संबंधी प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

नैनीडांडा विकासखंड में पौधों की आपूर्ति एवं भुगतान से संबंधित प्रकरण पर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को आवश्यक सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। ग्राम पंचायत तोणख्या में पंचायत भवन के समीप सड़क के पुश्ते से संबंधित प्रकरण पर मौका निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई तथा खांड्यूसैंण-भुवनेश्वरी मोटर मार्ग पर पेयजल पाइपलाइन से जुड़े प्रकरण में संबंधित जेई को मौके पर भेजकर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत चवथ में सोलर एलईडी लाइटों के भुगतान संबंधी प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को धनराशि एवं भुगतान की स्थिति का सत्यापन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रकरण का समयबद्ध समाधान हो सके।

राजकीय इंटर कॉलेज घिंघवाड़ा के भवन के संबंध में बताया गया कि भवन को ध्वस्त करने की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्य शिक्षाधिकारी को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने को कहा। सतपुली क्षेत्र स्थित दनगलेश्वर मंदिर के सुधारीकरण कार्य की गुणवत्ता एवं महिला शौचालय की सुविधा से संबंधित प्रकरण पर जिला पर्यटन अधिकारी को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत संचालित कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ जनसुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी द्वारा जनता दर्शन में सिंडी-जसकोट मार्ग पर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए। शहीद मार्ग दोमटखाल के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा कार्यों की दैनिक प्रगति की समीक्षा की जा रही है।

कॉमन सर्विस सेंटरों से संबंधित प्रकरणों में प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को सीएससी संचालकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश दिए। नागरिक कल्याण एवं जागरूकता समिति द्वारा यातायात व्यवस्था से संबंधित प्रकरण पर एएसपी को संबंधित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

वन्यजीव संबंधी प्रकरणों का भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। डांग गांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त मामलों पर संबंधित विभाग को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसी क्रम में राजकीय अस्पताल बेदीखाल में चिकित्सक की तैनाती न होने संबंधी शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सक को अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। पौड़ी निवासी पूरण सिंह नेगी द्वारा अपने सोलर कनेक्शन से जुड़े विद्युत संयोजन की जांच कर रीडिंग के आधार पर विद्युत बिल संशोधित करने का अनुरोध किया गया था। जिलाधिकारी ने बताया कि अधिशासी अभियंता द्वारा विद्युत संयोजन एवं बिल की जांच के बाद नियमानुसार विद्युत देयक में संशोधन कर शिकायत का निस्तारण किया गया।

पूर्व जनता दर्शन में सामने आई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी शिकायत पर महिला का राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई में उपचार कराया गया, जिसके बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट गई। वहीं, ग्राम डांग निवासी ऊमा देवी की शिकायत पर कुलदीप सिंह का विशेषज्ञ टीम से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और आवश्यक प्रक्रिया के बाद 18 सितंबर को उन्हें उपचार हेतु सेलाकुई भेजा गया।

इसी प्रकार जनता इंटर कॉलेज कमलपुर, संगलाकोटी के सदस्य शुभम सिंह रावत द्वारा विद्यालय में प्रबंध संचालक/प्रबंधक की नियुक्ति संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रकरण में अपर शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा द्वारा विद्यालय में प्रबंध संचालक की नियुक्ति कर दी गयी है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन एवं जनता मिलन में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामपरक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों का भी नियमित रूप से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर डीएफओ महातिम यादव, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, एएसपी (संचार) अनूप काला, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीडीओ रमेश चंद्र, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, जल निगम से नवनीत कटारिया, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एआरटीओ मंगल सिंह, जिला खनन अधिकारी अनिल मुयाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार, एलडीएम किशन रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


बहुउद्देशीय शिविर में 200 से अधिक लोगों ने उठाया योजनाओं का लाभ, 28 से अधिक शिकायतें सुनीं

दून में सेवा संकल्प अभियान का पुरकुल गांव से आगाज

हर विधानसभा, ब्लॉक और तहसील में लगेंगे बहुउद्देशीय शिविर : सीडीओ अभिनव शाह

देहरादून। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देहरादून में अभियान की शुरुआत मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरकुल गांव स्थित दीपक पुंडीर सामुदायिक केंद्र में आयोजित विशाल बहुउद्देशीय जन शिविर से हुई। शिविर में 200 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाया। वहीं, 150 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इस दौरान उन्होंने पांच महिलाओं को महालक्ष्मी किट, दो किशोरी किट तथा दो बेबी किट वितरित कीं।

कैबिनेट मंत्री ने शिविर में ग्रामीणों की 28 से अधिक समस्याएं स्वयं सुनीं और कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें बहुउद्देशीय जन शिविर, स्वास्थ्य शिविर और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिविर में सहस्रधारा आपदा प्रभावित क्षेत्र से संबंधित क्षतिग्रस्त पुश्तों, सुरक्षा दीवार, आवासीय कटान और सिंचाई से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए। खेरी मान सिंह मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण तथा पुरकुल गांव में यातायात सुविधा के लिए बस संचालन से संबंधित शिकायत भी दर्ज की गई। बस संचालन के मामले में आरटीओ के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर कृषि विभाग के सहयोग से उत्कृष्ट कार्य कर रहे सहसपुर विकासखंड के क्यारकुली भट्टा गांव स्थित श्रीहरि स्वयं सहायता समूह की सदस्य मीना कोटाल को चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। उद्यान विभाग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में समाज कल्याण, बाल विकास, कृषि, मत्स्य, स्वास्थ्य, उद्यान सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि देहरादून जनपद में 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके तहत ‘सेवा सेतु’ अभियान के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विधानसभा, ब्लॉक और तहसील स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुरकुल गांव में आयोजित शिविर इसी श्रृंखला की शुरुआत है।

शिविर में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, विक्रम सिंह, सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा, गोरख कल्याण परिषद के अध्यक्ष/राज्यमंत्री ज्योति कोटिया, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, सीमा पुंडीर सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


चोपता-तुंगनाथ पैदल मार्ग पर गहरी खाई में गिरी महिला, एसडीआरएफ ने किया शव बरामद

SDRF ने शव को 3 किमी पैदल स्ट्रेचर से पहुंचाया चोपता

रुद्रप्रयाग। चोपता-तुंगनाथ पैदल मार्ग पर खाई में गिरकर लापता हुई पंजाब निवासी 26 वर्षीय महिला का शव एसडीआरएफ ने करीब 400 मीटर गहरी खाई से बरामद कर लिया। महिला की पहचान पूजा साहनी के रूप में हुई है। शव को खाई से बाहर निकालने के बाद स्ट्रेचर के जरिए करीब 3 किलोमीटर पैदल ले जाकर चोपता पहुंचाया गया, जहां उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को आपदा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से एसडीआरएफ को सूचना मिली कि चोपता-तुंगनाथ पैदल मार्ग पर एक महिला खाई में गिरने के बाद लापता हो गई है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट अगस्त्यमुनि से अपर उप निरीक्षक प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम ने रात में तुंगनाथ मंदिर के आसपास महिला की तलाश की, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण सर्च अभियान को रोकना पड़ा। इसके बाद 21 सितंबर की सुबह दोबारा खोज अभियान शुरू किया गया।

सुबह करीब 7:10 बजे एसडीआरएफ टीम ने रावण शीला से नीचे की ओर सर्चिंग शुरू की। इस दौरान टीम को करीब 400 मीटर गहरी खाई में महिला का शव दिखाई दिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को खाई से बाहर निकाला।

इसके बाद एसडीआरएफ ने डीडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर शव को स्ट्रेचर के माध्यम से करीब 3 किलोमीटर तक पैदल ले जाकर चोपता पहुंचाया। यहां शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान पूजा साहनी, उम्र 26 वर्ष, निवासी पंजाब के रूप में हुई है। घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


स्वच्छता केवल नगर पालिका की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है- रेखा आर्या

आंगनबाड़ी कार्यकत्रि हैं विभाग की मजबूत रीढ़, विषम परिस्थितियों में करती हैं अपने दायित्वों का निर्वहन- रेखा आर्या

“आंगन का मिलन” कार्यक्रम की सुमुचित व्यवस्थाए पहले से ली जाए पूर्ण ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की ना हो अव्यवस्था- रेखा आर्या,

जनपद चमोली में 9 ब्लॉकों के 1078 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम, लाभार्थियों को दी जाएगी योजनाओं की जानकारी

कर्णप्रयाग। प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या आज सोमवार कों जनपद चमोली के कर्णप्रयाग स्थित ब्लॉक सभागार पहुंची। जनपद आगमन पर कैबिनेट मंत्री ने गार्ड ऑफ़ ऑनर की सलामी ली।

इसके पश्चायत मंत्री रेखा आर्या ने “सेवा सप्ताह” के अंतर्गत मनाए जाने वाले “आंगन का मिलन” कार्यक्रम को लेकर विभागीय अधिकारियो और पार्टी पदाधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक आहूत की। बैठक में विभागीय अधिकारियो ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी प्रदान की। अधिकारियो द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 1,078 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे है। कार्यक्रम जिले के समस्त 9 ब्लॉकों में आयोजित होंगे।

विभागीय मंत्री ने अधिकारियो कों निर्देशित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश स्तर पर प्रत्येक जिले कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाना है ऐसे में हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि कार्यक्रम कि सुमुचित व्यवस्था पहले से पूर्ण कर ली जाए ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार कि अव्यवस्था ना होने पाए।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस अभियान के तहत लाभार्थियों कों लभान्वित किया जाएगा, साथ है सभी को केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।विभागीय अधिकारियो को यह भी निर्देश दिए गए की चूंकि हम “पोषण माह ” भी मना रहे है ऐसे में इस दौरान लाभार्थियों कों लाभान्वित करने के साथ उन्हें केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाए।

विभागीय मंत्री ने कहा की आंगनबाड़ी बहने हमारी सिर्फ कार्यकृति नही बल्कि विभाग की रीढ़ हैं जो विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी लगातार अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहती हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, शहर को स्वच्छ बनाएं जाने की कि अपील

स्वच्छ एवं सुंदर नगर के निर्माण में सभी की सहभागिता जरूरी- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नगर पालिका कर्णप्रयाग में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में आज नगर पालिका के सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कूड़ा उठान एवं सफाई व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।

साथ ही कहा कि स्वच्छता केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए हम सभी को एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करना है । स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के साथ ही नियमित कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल ,नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह ,नगर उपाध्यक्ष राकेश खंडूरी ,जिला महामंत्री विनोद कनवासी, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला , बाल विकास परियोजना अधिकारी शिवि गर्ग , चंद्रभान सिंह जीना, अभिजीत कुमार , बीडीओ पवन कंडारी सहित विभागीय अधिकारीगण, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने पंतनगर में आयोजित द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहकार भारती उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि सहकारिता को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखण्ड समृद्ध बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली अनेक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई हैं। सहकार ग्रंथ के लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान तथा एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ से सहकारिता के क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखण्ड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में सहकारिता अनेक चुनौतियों के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकती है। पलायन को रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप इन्हें एम-पैक्स के रूप में और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी बनाने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा प्रदान करने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, युवा और मातृशक्ति सभी को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रयास है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक व्यक्ति विकास की प्रक्रिया में सहभागी बने।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को और अधिक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को जन-जन की शक्ति बनाकर गांवों को सशक्त करने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर शिवेन्द्र कुमार कश्यप, सहकार भारती संघ से राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश, डॉ. दिनेश कुमार सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।


खेल के प्रति समाज की बदली है सोच, अभिवावक खेलों को लेकर बच्चों को कर रहे प्रोत्साहित- रेखा आर्या

सोमेश्वर में विधानसभा स्तरीय विधायक चैंपियंस ट्रॉफी के शुभारंभ समारोह में पहुंचीं खेल मंत्री रेखा आर्या,उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को किया सम्मानित

खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर दिया खेल में आगे बढ़ने का संदेश, कहा युवा है देश का भविष्य

सोमेश्वर(अल्मोड़ा)। प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य आज सोमेश्वर स्थित सोमनाथ ग्राउंड पहुंची जहां वह विधायक चैंपियंस ट्रॉफी कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुई।

इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों एवं टीमों को सम्मानित किया।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम ही नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

खेल मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है जिसके लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनमें खेल के प्रति रुचि भी बढ़ती है।

मंत्री रेखा आर्या ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों, आयोजकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का एक हिस्सा है ऐसे में हमें इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि हमें अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति कोमजबूत बनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने युवाओं से खेलों के साथ-साथ शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया। यह आयोजन अंडर-14 बालक/बालिका और अंडर-19 बालक /बालिका के मध्य आयोजित होंगे जिसमें विभिन्न खेल सम्मलित है।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता मोहन दौसाद,मंडल अध्यक्ष सुन्दर राणा,विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी ,किसान मोर्चा मण्डल अध्यक्ष दलीप रौतेला , जिला युवा कल्याण अधिकारी डी. एन. कांडपाल ,क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी राजा यादव ,खंड विकास अधिकारी केसर सिंह बिष्ट ,ब्लॉक समाज कल्याण अधिकारी रविन्द्र कोहली ,पूर्व मण्डल महामंत्री केलाश बोरा ,पूर्व कॉपरेटिव अध्यक्ष प्रकाश भण्डारी ,पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपाल मेहरा , युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष शंकर बिष्ट ,मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी , पूर्व प्रदेश युवा मोची अध्यक्ष सुरेश बोरा ,पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश जोशी सहित विभागीय अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और खिलाडी उपस्थित रहे।


नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा, काशीपुर में बोले सीएम धामी

काशीपुर में सीएम धामी का युवाओं से सीधा संवाद

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास नया दृष्टिकोण, अलग तरह से सोचने की क्षमता और कुछ कर गुजरने का जुनून है। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके विचारों को जानने का अवसर मिलता है और इससे यह विश्वास मजबूत होता है कि देश का युवा जागरूक और भविष्य की चुनौतियों को समझने वाला है।

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ से मिले युवाओं के सुझाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सरकार ने युवाओं से ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ को लेकर सुझाव मांगे थे। विद्यार्थियों ने राज्य के विभिन्न विषयों को लेकर उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है कि उत्तराखंड का भविष्य प्रतिभाशाली और सक्षम युवाओं के हाथों में सुरक्षित है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भले ही छोटा राज्य है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने बड़े हैं। आज की पीढ़ी केवल सपने देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने का साहस भी रखती है। आने वाले समय में विद्यार्थी वैज्ञानिक, शिक्षक, खिलाड़ी और उद्यमी के रूप में प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटेगा कोई होनहार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से उन्हें मुख्य सेवक के रूप में काम करने का अवसर मिला है, उनका संकल्प रहा है कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे न छूटे। इसी दिशा में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम भी लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। विद्यार्थियों को विज्ञान और नई तकनीक से जोड़ने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इसके अलावा स्टेम लैब, विज्ञान एवं नवाचार गतिविधियों और बाल विज्ञान कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और व्यावहारिक सीख को बढ़ावा दिया जा रहा है।

युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने का भी सपना देखें। इसके लिए स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और मांग आधारित कौशल से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो, इसके लिए प्रदेश में औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं।

विद्यार्थियों के सवालों पर मुख्यमंत्री ने दिए जवाब

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने शौर्य, दक्ष, चंद्रा, प्रभजोत, खुशी, सिमरन, कात्यायनी, आरती, वैष्णवी और आद्रिका के प्रश्नों का जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

छात्र शौर्य के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और उन्हें सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में काम करेगा। वहीं छात्र दक्ष के ‘सपनों का उत्तराखंड’ से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहां युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है, ताकि उन्हें फसलों का उचित मूल्य मिल सके।

अग्निवीरों के लिए बनेगा अग्निवीर सेल

छात्रा चंद्रा ने अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है।

वहीं छात्रा खुशी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता चुनौती के साथ-साथ एक बड़ा अवसर भी है। आधुनिक तकनीक के दौर में युवाओं को इसके अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए शोधों से परिचित रहने का आह्वान किया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

छात्रा प्रभजोत के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की विशेष टीमों के माध्यम से जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।

युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने दोस्तों और साथियों को भी इससे बचाने के लिए प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सीखने की इच्छा और मेहनत के बल पर मंजिल हासिल की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा के युवा असली कर्णधार हैं। युवाओं की सोच, प्रतिभा और मेहनत ही प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जबकि इन अवसरों को सफलता में बदलने की जिम्मेदारी युवाओं की है।

कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, दायित्वधारी उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, एसएसपी अजय गणपति समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


“आंगन का मिलन” कार्यक्रम बनेगा सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता का व्यापक अभियान- रेखा आर्या

हल्द्वानी में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने ली “आंगन का मिलन” कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर बैठक, कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

हल्द्वानी। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में “सेवा संकल्प” अभियान के तहत आयोजित होने वाले “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम की गंभीरता और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन-जिन विकासखंडों में “आंगन का मिलन” कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहां कार्यक्रम की फोटो और वीडियोग्राफी कराई जाए और इसे विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए।

उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर सराहनीय कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में “आंगन का मिलन” कार्यक्रम 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता को केंद्र में रखकर व्यापक अभियान के रूप में चलाया जाएगा। नैनीताल जिले में 1,916 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 13 दिनों तक विभिन्न विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों, माताओं और अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य तथा संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल बच्चों की शिक्षा और पोषण तक सीमित रखने के बजाय माताओं, बच्चों और परिवारों के लिए जागरूकता एवं संवाद का मजबूत मंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत करना और प्रत्येक परिवार तक पोषण एवं स्वास्थ्य का संदेश पहुंचाना “सेवा संकल्प” अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। 13 दिनों तक चलने वाला यह अभियान बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के साथ-साथ अभिभावकों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।

बैठक में भाजपा महामंत्री रंजन सिंह बर्गली, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कंचन उप्रेती, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष रविंद्र बाली, महिला मोर्चा महामंत्री आभा गोस्वामी, राशि जैन, जिला पंचायत सदस्य यशपाल आर्य, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनु लेखा सहित विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


सार्वजनिक स्थान पर हुडदंग मचाने वालों की दून पुलिस ने उतारी खुमारी, 9 युवक हिरासत में

मसूरी। शहर में सार्वजनिक मार्ग पर हुड़दंग कर यातायात बाधित करने और स्थानीय दुकानदारों व राहगीरों से विवाद करने के मामले में मसूरी पुलिस ने 9 युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, सभी युवक हरियाणा सहित अन्य राज्यों से मसूरी घूमने आए थे।

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को कोतवाली मसूरी पुलिस को सूचना मिली कि अंबेडकर चौक के पास कुछ युवक नगर पालिका की ओर से लगाए गए बैरियर के ऊपर चढ़कर और बैठकर बीच सड़क पर वीडियो बना रहे हैं। इस दौरान उनके द्वारा सार्वजनिक मार्ग पर आवागमन बाधित करते हुए हुड़दंग किया जा रहा था।

स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने जब युवकों को ऐसा करने से रोका तो आरोप है कि उन्होंने दुकानदारों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद करने लगे। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी से पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

पुलिस के पहुंचने के समय कुछ युवक स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के साथ अभद्रता करते हुए लड़ाई-झगड़ा कर रहे थे। मौके पर शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हुड़दंग कर रहे 9 युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की है।

हिरासत में लिए गए युवकों का विवरण:

साहिल यादव, पुत्र जीतेन्द्र कुमार, निवासी गणेश नगर, जयपुर, राजस्थान।
अक्षय यादव, पुत्र पवन, निवासी रेवाड़ी, विद्यानगर, उम्र 22 वर्ष।
एकांश शर्मा, पुत्र सचिन शर्मा, निवासी जीरकपुर, जिला मोहाली, पंजाब, उम्र 21 वर्ष।
सात्विक, पुत्र संजीव कुमार, निवासी सिवानी, जिला भिवानी, हरियाणा, उम्र 21 वर्ष।
मोहित सांगवान, पुत्र आनंद सांगवान, निवासी एमसी कॉलोनी, चरखी दादरी, हरियाणा, उम्र 24 वर्ष।
नितिन, पुत्र जय सिंह, निवासी रामपुर, जिला रेवाड़ी, हरियाणा, उम्र 21 वर्ष।
मयंक, पुत्र मुकेश कुमार, निवासी राता कलां, महेंद्रगढ़, हरियाणा, उम्र 20 वर्ष।
अक्षय मुखिया, पुत्र यशवीर, निवासी लाडपुर, जिला झज्जर, हरियाणा, उम्र 23 वर्ष।
हर्ष, पुत्र अनूप कुमार, निवासी सुइयावल, तहसील व जिला भिवानी, हरियाणा, उम्र 22 वर्ष।


​अपराध का स्वरूप भले ही बदला हो, कानून अब और भी सख्त, बेटियां डरें नहीं, आवाज उठाएं- कुसुम कंडवाल

​मोदी-धामी के नेतृत्व में नारी शक्ति बन रही आत्मनिर्भर, डिजिटल सुरक्षा से ही संभव होगा विकसित भारत का संकल्प : कुसुम

​टनकपुर में राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में स्टॉकिंग व साइबर स्टॉकिंग रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

​स्मार्टफोन के साथ ‘स्मार्ट बिहेवियर’ भी जरूरी”: महिला आयोग की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सिखाए साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी संरक्षण के गुर

टनकपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग द्वारा आज डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान, टनकपुर जनपद चम्पावत के सभागार में स्टॉकिंग एवं साइबर स्टॉकिंग से रोकथाम सम्बन्धी जागरूकता कार्यशाला विषयक एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कल्पना आर्य द्वारा किया गया।

​कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यशाला नहीं, बल्कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और डिजिटल स्वाभिमान का जनसंकल्प है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, लेकिन डिजिटल दुनिया में अपराध का स्वरूप भी बदल गया है, पहले पीछा गलियों में होता था, आज मोबाइल की स्क्रीन पर होता है। पहले धमकी आमने-सामने दी जाती थी, आज फर्जी प्रोफाइल से दी जाती है। पहले बदनामी मोहल्ले तक सीमित थी, आज एक क्लिक में पूरी दुनिया तक पहुँच जाती है।

उन्होंने कहा कि अपराध का स्वरूप भले ही बदला हो, कानून अब और भी सख्त है, उन्होंने उपस्थित छात्राओं व मातृशक्ति का आह्वान करते हुए स्पष्ट कहा कि “न्याय का पहला कदम डर नहीं, बल्कि आवाज़ उठाना है।

​कुसुम कंडवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 का मार्ग नारी शक्ति से ही होकर गुजरता है। केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व के योग्य बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य में महिलाओं हेतु सरकारी सेवाओं में 30% क्षैतिज आरक्षण, सशक्त बहना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना और 3 लाख से अधिक लखपति दीदियों का तैयार होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्वावलंबन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला आयोग हर पीड़ित बेटी और महिला के विश्वास का संबल बनकर उनके साथ हमेशा खड़ा है।

​संस्थान के निदेशक प्रो. हरिद्वारी लाल मंडोरिया ने महिला आयोग का इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तकनीकी युग में जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने जीवन को सरल बनाया है, वहीं साइबर स्टॉकिंग और निजता का हनन एक गंभीर सामाजिक व डिजिटल चुनौती बन चुका है। उन्होंने तकनीकी युवाओं से अपील की कि वे तकनीक का उपयोग ज्ञान व नवाचार के लिए करें, न कि उत्पीड़न के लिए, और किसी भी गलत गतिविधि पर मूकदर्शक न बनकर तुरंत सहयोग करें।

​कार्यक्रम में उपस्थित राज्य मंत्री किरन देवी एवं राज्य मंत्री हेमा जोशी ने अपने संबोधन में महिला आयोग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र टनकपुर में बेटियों को साइबर सुरक्षा, विधिक अधिकारों और डिजिटल सतर्कता के प्रति जागरूक करने के लिए यह एक अत्यंत प्रभावी, सामयिक और सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं बेटियों के भीतर आत्मविश्वास भरने और समाज में सुरक्षा की संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य करती हैं।

​तकनीकी एवं मार्गदर्शन सत्रों में आमंत्रित विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आयामों से जागरूक किया। ​साइबर स्टॉकिंग व तकनीकी रोकथाम सत्र में उपस्थित पुलिस उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट ने स्टॉकिंग एवं साइबर स्टॉकिंग के दुष्प्रभावों और तकनीकी रोकथाम पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने फर्जी अकाउंट्स, अनचाही ट्रैकिंग, ऑनलाइन पीछा करने से बचाव, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा साइबर सेल व हेल्पलाइन के जरिए त्वरित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

उप जिला चिकित्सालय, टनकपुर की सर्जन डॉ. प्रभा जोशी ने स्टॉकिंग, साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया के अत्यधिक दबाव से उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव, अवसाद व चिंता के प्रभाव पर चिकित्सकीय जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को डिजिटल डिटॉक्स, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण तथा संकट के समय बिना संकोच चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।

​महिला हेल्पलाइन प्रभारी, महिला उपनिरीक्षक सिमरन ने सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियों, फोटो, लोकेशन व पासवर्ड को सुरक्षित रखने की व्यावहारिक तकनीकें साझा कीं। उन्होंने छात्राओं को प्राइवेसी सेटिंग्स, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और किसी भी तरह के डिजिटल उत्पीड़न पर बिना झिझक पुलिस व महिला हेल्पलाइन से संपर्क साधने का कि जानकारी उपलब्ध करायी।

वन स्टॉप सेण्टर, चम्पावत की केन्द्र प्रशासिका व अधिवक्ता ऋतु सिंह ने पीड़िता को त्वरित शिकायत दर्ज कराने हेतु उपलब्ध विधिक सहायता तंत्र, साइबर अपराध कानूनों और भारतीय न्याय प्रणाली के कानूनी प्रावधानों की संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर द्वारा महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलने वाली चिकित्सीय, कानूनी, आश्रय व मनोवैज्ञानिक सहायता की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

​कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष सायरा बानो द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी वितरित की। कार्यशाला में प्रमुख रूप से उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग सदस्य रचना जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजवाल प्रकाश, निजी सचिव आधार वर्मा, रुचि धस्माना, दीपा जोशी, सुनीता मुरारी, बबीता गोस्वामी, तुलसी कुंवर, रीता कुलकोड़िया, सरोज चंद, बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेंद्र बिष्ट एवं मोहन बिष्ट सहित संस्थान के शिक्षकगण, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तथा भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


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