Tuesday, September 22nd, 2026

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प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति

Category Archives: उत्तराखंड

प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति

जारी हुआ शासनादेश

खेल मंत्री ने खिलाड़ियों के दी बधाई,कहा खेलेगा युवा तो आगे बढेगा युवा

प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ अपने भविष्य को सुरक्षित करने का मिलेगा अवसर- रेखा आर्या

देहरादून। प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खेल नीति-2021 के अंतर्गत पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति प्रदान किए जाने को लेकर शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा कि “खेलगा युवा तो आगे बढ़ेगा युवा” के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार लगातार खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ अपने भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर मिलेगा।

खेल मंत्री ने बताया कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों में 34 स्वर्ण, 115 रजत और 94 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण, गृह, परिवहन, वन तथा शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा।

खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर सकें।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश के सभी खेल प्रेमियों एवं पदक विजेता खिलाड़ियों को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।


एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम

जिला सहकारी विकास समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी का सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर

न्यूनतम प्रगति वाली समितियों से स्पष्टीकरण तलब

क्लस्टर आधारित खेती, फूलों, बेमौसमी सब्जियों व मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सहकारी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहकारी समितियों की कार्यप्रगति, सहकारी देयकों की वसूली, समितियों के कंप्यूटरीकरण, क्लस्टर आधारित कृषि गतिविधियों तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा की गयी।

सहकारी देयकों की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने न्यूनतम प्रगति वाली समितियों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित समितियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति सचिवों से फोन पर संवाद कर कम वसूली के कारणों की जानकारी ली तथा स्पष्ट किया कि कार्यप्रगति में सुधार लाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं। उन्होंने कम प्रगति वाले मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा सहायक जिला निबंधक को इसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित समिति सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कम प्रगति का कारण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले की 114 सहकारी समितियों के सामान्य सुविधा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने इन केंद्रों को ग्रामीणों और किसानों के लिए अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने विकासखंड दुगड्डा की सिद्धबाबा कृषक उत्पादन संगठन सहकारी समिति की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए समिति के कार्यों का विस्तार कर लाभ बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र एवं पशु केंद्रों के संचालन तथा अन्न भंडारण योजना के संबंध में भी चर्चा की गई।

जिन सहकारी समितियों को बहुराज्यीय सहकारी समितियों में सदस्यता नहीं मिल पाई है, जिलाधिकारी ने उनकी सूची कारण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को बेहतर तरीके से जोड़ते हुए किसानों और ग्रामीणों के लिए आय के नए अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने ‘कोऑपरेशन अमंग कोऑपरेटिव्स’ की भावना के अनुरूप समितियों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

बैठक में माधो सिंह भंडारी सहकारी खेती योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने विभागों को कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि अलग-अलग योजनाओं और विभागीय प्रयासों को एक स्थान पर समेकित कर क्लस्टर मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने एकेश्वर के बनेखखाल, पाबौ के ढिक्वाली तथा थलीसैंण के हस्यूड़ी में क्लस्टर आधारित फूलों के उत्पादन की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से शुद्ध लाभ की स्थिति जानी। उन्होंने इस व्यवसाय को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए उत्पादों में विविधता लाने तथा मूल्य संवर्द्धन पर ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में बेमौसमी सब्जियों एवं मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने कुक्कुट वैली परियोजना के लिए एक सप्ताह के भीतर पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों और बाजार की मांग के अनुरूप कृषि एवं सहकारिता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हो।

बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले में सभी सहकारी समितियों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने समिति सदस्यों को सहकारिता से जुड़ी योजनाओं एवं गतिविधियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने सहकारी समितियों के स्तर पर माइक्रो बैंक की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सहकारी बैंक के एटीएम स्थापित करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के जिन क्षेत्रों में वर्तमान में एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां सहकारी बैंक की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। विभिन्न विभागों की योजनाओं को सहकारिता से जोड़ते हुए क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो और उन्हें उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर लाभ मिल सके।

इस अवसर पर सहायक जिला निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, नाबार्ड प्रबंधक हिमांक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री

लंबित विवेचनाओं और विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की समयबद्ध समीक्षा के निर्देश

राहत राशि के भुगतान में न हो देरी, प्रभावित परिवारों को चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा एवं पुनर्वास से भी जोड़ा जाए

मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए विकसित किया जाए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति की बैठक केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित न रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा, सम्मान और उसका अधिकार मिले। इसके लिए मामलों की नियमित समीक्षा के साथ पूरी व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 से अब तक अधिनियम के अंतर्गत दर्ज जिन मामलों में विवेचना लंबित है, उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबे समय से लंबित एवं गंभीर प्रकृति के मामलों में पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने विशेष न्यायालयों में लंबित मामलों की भी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेष लोक अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ितों को अनुमन्य राहत राशि के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में राहत देने में विलंब हुआ है, उनकी अलग से समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सहायता केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार उन्हें चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा, पुनर्वास और अन्य पात्र सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए। गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में पीड़ित और उसके परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी घटना के कारण प्रभावित परिवार के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो तथा पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षिक सहायता योजनाओं से जोड़ा जाए। प्रभावित परिवारों की काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा तथा सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास की व्यवस्थाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में अधिनियम से संबंधित मामलों की नियमित निगरानी के लिए वरिष्ठ स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों, संवेदनशील मामलों की विवेचना और पीड़ितों के साथ व्यवहार के संबंध में नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। समाज कल्याण, पुलिस एवं अभियोजन विभाग आपसी समन्वय से समय-समय पर रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करें। मुख्यमंत्री ने मामलों की विवेचना, न्यायालयीन स्थिति, राहत राशि और अन्य सहायता की शासन स्तर से प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में मामलों के निस्तारण, विवेचना अथवा राहत वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं है, उनकी अलग से समीक्षा की जाए। अच्छा कार्य करने वाले जिलों की प्रभावी व्यवस्थाओं को अन्य जिलों के साथ साझा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधिनियम के प्रावधानों, कानूनी अधिकारों और पीड़ितों को मिलने वाली सहायता के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। यदि किसी जिले या विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन, प्रशिक्षण अथवा बजट की आवश्यकता है तो उसका प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय केवल कार्यवृत्त तक सीमित न रहें। प्रत्येक निर्णय के लिए जिम्मेदारी और समय-सीमा निर्धारित करते हुए उनकी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय और सहायता के लिए भटकना न पड़े तथा शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ उसके साथ खड़ा दिखाई दे, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 में अधिनियम के तहत 189 और वर्ष 2025 में 157 अभियोग पंजीकृत हुए। वर्ष 2026 में 15 सितम्बर तक 116 अभियोग पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 25 प्रकरण विवेचनाधीन हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2024-25 में 205 पीड़ितों को 228.71 लाख रुपये, वर्ष 2025-26 में 127 पीड़ितों को 143.16 लाख रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 18 सितम्बर तक 104 पीड़ितों को 99.528 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्य सचिव और जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बैठकों का नियमित आयोजन किया गया।

बैठक में समाज कल्याण मंत्री खजान दास, विधायक ममता राकेश, सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरू, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अशुमन, आईजी बरिंदरजीत सिंह, निदेशक समाज कल्याण संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम

कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने की समीक्षा बैठक, दिए दिशा निर्देश

टिहरी गढ़वाल। सेवा सप्ताह माह के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक से पहले मंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बताया कि टिहरी गढ़वाल में कुल 2017 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 2012 केंद्र सक्रिय हैं। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम जनपद के सभी ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, गर्भवती और धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां

मंत्री रेखा आर्या ने निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहां बच्चों के लिए रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, पोषण माह और टेक होम राशन समेत विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले कार्यक्रम निर्धारित समयावधि में ही पूरे किए जाएं, ताकि बच्चों, माताओं और अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही सभी व्यवस्थाएं कार्यक्रम से पहले ही पूरी करने के निर्देश दिए गए।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां होंगी सम्मानित

मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी दिया जाए। उन्होंने प्रत्येक कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।

मानदेय बढ़ोतरी की मांग पर मंत्री ने दिया आश्वासन

समीक्षा बैठक के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने मानदेय से जुड़ी मांग भी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के समक्ष रखी। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मानदेय बढ़ोतरी की मांग को जल्द पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी और इस विषय को कैबिनेट में लाया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां विभाग की मजबूत कड़ी हैं। वे विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते वह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं से भलीभांति अवगत हैं और उनकी मांगों के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, चंबा ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष इंदु डंगवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोविंद रावत समेत जनपद स्तरीय अधिकारी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया

पंतनगर। श्रद्धेय लक्ष्मण राव ईनामदार तीन दिवसीय पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज औपचारिक शुभारंभ जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन सत्र को संबोधित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

यह प्रशिक्षण सहकार भारती उत्तराखंड, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा सहकारिता विभाग, उत्तराखंड शासन के संयुक्त तत्वावधान में 20 से 22 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। कल 20 सितंबर को पंजीकरण, प्रतिभागी परिचय तथा सहकारिता एवं सहकार भारती पर परिचर्चा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी।

उद्घाटन सत्र (09:30–11:30)

 उद्घाटन सत्र में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल भाषण दिया। मंच पर माननीय सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेन कश्यप, सहकार भारती के संरक्षक दीनानाथ ठाकुर, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया तथा सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़ उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के वर्चुअल भाषण के मुख्य अंश
अपने वर्चुअल संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“सहकारिता ही वह माध्यम है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। ‘सहकार से समृद्धि’ का लक्ष्य तभी साकार होगा जब हमारे पैक्स सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक प्रबंधन से संचालित होंगे।”
उन्होंने उत्तराखंड सहकारी नीति 2026 का स्वागत करते हुए कहा कि यह नीति पैक्स को नई दिशा देगी और किसानों को बेहतर बाजार पहुंच तथा वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्रतिभागियों से अपील की कि वे नेतृत्व कौशल, वित्तीय प्रबंधन और नवीन व्यवसाय अवसरों को अपनाकर अपने क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ और पंतनगर विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले डिप्लोमा पाठ्यक्रम युवाओं को सहकारिता क्षेत्र में प्रशिक्षित करेंगे, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
धामी ने जोर दिया कि डिजिटल तकनीकों और सोशल मीडिया का उपयोग कर सहकारिता को युवाओं तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।

लोकार्पण समारोह (10:30–10:55)
उद्घाटन सत्र के दौरान निम्नलिखित लोकार्पण भी किए गए:
‘सहकार ग्रंथम’ का विमोचन
उत्तराखंड सहकारी नीति 2026 का लोकार्पण
पंतनगर विश्वविद्यालय में सहकारिता पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम का उद्घाटन
देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ लि. का उद्घाटन
सोशल मीडिया उन्मुख सहकारिता आधारित रील का उद्घाटन

आगे का कार्यक्रम
सत्र में नयी सहकारी नीति 2026, त्रिस्तरीय व्यवस्था, समिति निर्माण व निर्वाचन, नेतृत्व व अधिकार तथा नवीन व्यवसाय अवसरों पर चर्चा हुई।
22 सितंबर को जिला सहकारी बैंक की भूमिका, वित्त प्रवाह में नाबार्ड की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन व लेखा परीक्षण तथा नेतृत्व की संभावनाओं पर सत्र होंगे। समापन सत्र में माननीय कृषि मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण पैक्स नेतृत्व को नीति, प्रबंधन एवं वित्त में दक्ष बनाकर ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


दूषित पेयजल मामले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 इंजीनियर निलंबित

देहरादून। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ एवं कनिष्ठ इंजीनियरों को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

बताया गया कि ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीर्ष अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के बाद जिला प्रशासन नैनीताल की रिपोर्ट के आधार पर छह अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई।

निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता के साथ ही पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। वहीं, नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले में सख्त संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को जनता से जुड़े मामलों में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

इससे एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर नीट यूजी 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में कार्रवाई की गई थी। अब तक इस प्रकरण में आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा

“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हमारी सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार-बार निर्देशित भी किया गया है।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड


आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजनाओं की जानकारी के साथ बच्चों के लिए होंगी रचनात्मक गतिविधियां- रेखा आर्या

सेवा संकल्प अभियान के तहत पौड़ी जनपद के 1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम, मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को दिए सफल एवं व्यवस्थित आयोजन के निर्देश

लाभार्थियों से सीधा संवाद कर समस्याओं का करें समाधान, उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों को किया जाएगा सम्मानित- रेखा आर्या

पौड़ी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में श्रीनगर स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीकोट के मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जनपद के 1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले “आंगन का मिलन” कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समुदाय से और अधिक जोड़ना तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों में अभिभावकों एवं ग्रामीण समुदाय की अधिकतम सहभागिता हो।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, गोद भराई, जन्मोत्सव सहित अन्य केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए।

कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जाए और प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या बाधा नहीं आनी चाहिए।साथ ही उन्होंने कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, गणमान्य नागरिकों, महिला समूहों एवं ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रमों की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इनसे लाभान्वित हो सकें।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में खेलकूद, कला, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाए, ताकि उनके कार्यों को प्रोत्साहन मिले। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बाल संरक्षण तथा बाल विकास से संबंधित जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, आवश्यक प्रचार-प्रसार सामग्री तथा अन्य व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी तैयारियां आयोजन से पूर्व पूरी कर ली जाएं।

इस अवसर पर बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, जिला विकास अधिकारी रमेश चन्द, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।


आईएसबीटी के कायाकल्प को मिली रफ्तार, 27.50 करोड़ की परियोजना अंतिम चरण में

देहरादून। शहर के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल आईएसबीटी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 10 एकड़ में फैले परिसर के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण पर लगभग 27.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से कराए जा रहे इन कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित माहौल और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

परियोजना के तहत आईएसबीटी के प्लेटफॉर्म के फर्श में सुधार, आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, प्रतीक्षालय, डोरमेट्री और पेयजल जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके साथ परिसर में लैंडस्केपिंग, ऊर्जा कुशल विद्युत व्यवस्था और दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और कार्यों की गति की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने और निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही व सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

आईएसबीटी में कैब बूथ से ई-चार्जिंग तक सुविधाओं का विस्तार

आईएसबीटी परिसर को भविष्य की परिवहन जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना के तहत कई नई व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए ओला-उबर कैब बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं, जबकि ई-चार्जिंग सुविधा के विस्तार की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। परिसर में कियोस्कों को पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल की गई है।

आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी है। यहां वर्तमान में फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। जलभराव की समस्या के समाधान समेत परिसर की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है।

एमडीडीए के अनुसार आईएसबीटी को भविष्य में प्रतिदिन दो हजार से अधिक बसों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे हों।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।


‘कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक

अधिकारियों को समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जाएगा जोड़ा, योजनाओं की दी जाएगी जानकारी-रेखा आर्या

रुद्रप्रयाग। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या आज जनपद रुद्रप्रयाग पहुंची। जहाँ मंत्री ने विकास भवन सभागार में आगामी 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों एवं पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कार्यक्रम के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

विभागीय मंत्री ने जनपद के 692 आंगनबाड़ी केंद्रों में ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रमों की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी दी जाए। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सर्वांगीण विकास से संबंधित गतिविधियों को कार्यक्रम में प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

विभागीय मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अव्यवस्था ना हो सभी विभागीय अधिकारी पार्टी पदाधिकारीयों के साथ आपसी तालमेल रखते हुए कार्यक्रम कों संपादित करें।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


मोहब्बेवाला में लगातार हादसों पर प्रशासन सख्त, डीएम-एसएसपी ने किया दिल्ली-देहरादून हाईवे का निरीक्षण

ब्लैक स्पॉट, ओवरस्पीडिंग और सड़क इंजीनियरिंग की खामियों की होगी तकनीकी जांच; बड़े साइन बोर्ड और रंबल स्ट्रिप ब्रेकर लगाने के निर्देश

देहरादून। मोहब्बेवाला क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता दिखाई है। 20 सितंबर को मोहब्बेवाला क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को संयुक्त रूप से राजमार्ग और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभाव से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के संभावित कारणों की जानकारी ली। सड़क की स्थिति, ब्लैक स्पॉट, वाहनों की गति और यातायात नियमों के पालन समेत कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं के पीछे मौजूद तकनीकी और व्यावहारिक कारणों की विस्तृत जांच कर प्रभावी समाधान तैयार किया जाए।

दुर्घटनाओं के कारणों की होगी तकनीकी जांच

जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मोहब्बेवाला क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की विस्तृत एवं तकनीकी जांच कराई जाए। इसके तहत सड़क की इंजीनियरिंग, मार्ग की संरचना, ब्लैक स्पॉट और यातायात व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाओं को केवल एक कारण से जोड़कर नहीं देखा जाए, बल्कि सड़क की स्थिति से लेकर वाहन चालकों की गति और यातायात नियमों के उल्लंघन तक सभी पहलुओं का समग्र विश्लेषण किया जाए।

जांच के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्थायी और प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों पर भी नजर

निरीक्षण के दौरान ओवरस्पीडिंग को भी दुर्घटनाओं से जुड़े प्रमुख पहलुओं में शामिल करते हुए इसका विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर्याप्त नहीं है, बल्कि वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में यातायात नियमों के उल्लंघन और वाहनों की तेज गति से संबंधित स्थिति का भी अध्ययन किया जाएगा। तैयार होने वाली कार्ययोजना में इन पहलुओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

बड़े साइन बोर्ड लगाने के निर्देश

मोहब्बेवाला क्षेत्र में वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के प्रति पहले से सतर्क करने के लिए बड़े साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बोर्डों के माध्यम से चालकों को सावधानीपूर्वक और नियंत्रित गति से वाहन चलाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य यह है कि राजमार्ग पर आने वाले वाहन चालकों को संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र की जानकारी पहले से मिल सके, जिससे वे अपनी गति नियंत्रित कर सकें और सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

रंबल स्ट्रिप ब्रेकर लगाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मोहब्बेवाला क्षेत्र में रंबल स्ट्रिप ब्रेकर लगाने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य वाहनों की गति को नियंत्रित करना और वाहन चालकों को सड़क पर अधिक सतर्क करना है।

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक स्थानों का आकलन कर इस व्यवस्था को जल्द लागू किया जाए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य जरूरी उपायों को भी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।

तत्काल लागू होगी कार्ययोजना

डीएम और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तैयार की जाने वाली कार्ययोजना को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसका तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि मोहब्बेवाला क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। तकनीकी जांच और मौके की स्थिति के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम जल्द लागू किए जाएं।

NHAI, RTO और पुलिस अधिकारियों से लिया फीडबैक

संयुक्त निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी क्षेत्र की स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। NHAI, RTO, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सड़क एवं यातायात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपना फीडबैक दिया।

डीएम और एसएसपी ने सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक समग्र योजना तैयार की जा सके।

निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी, प्रशासन, NHAI, RTO और पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सड़क सुरक्षा को लेकर संयुक्त प्रयास

मोहब्बेवाला क्षेत्र में लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस की ओर से किए गए इस संयुक्त निरीक्षण को सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनाओं के कारणों की तकनीकी जांच से लेकर सड़क संकेतक, गति नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन तक कई बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अब संबंधित विभागों को इन निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी है। प्रशासन की ओर से तैयार की जाने वाली विस्तृत कार्ययोजना में सड़क इंजीनियरिंग, ब्लैक स्पॉट, ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

20 सितंबर को हुई सड़क दुर्घटना के बाद 21 सितंबर को मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। बड़े साइन बोर्ड और रंबल स्ट्रिप ब्रेकर के साथ तकनीकी जांच के आधार पर अन्य आवश्यक उपाय भी किए जाएंगे।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मोहब्बेवाला क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करें।


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