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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन

अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी- गणेश जोशी

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विजय कॉलोनी वार्ड के पथरियापीर क्षेत्र में अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को इस नई स्वास्थ्य सुविधा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी। उन्होंने कहा कि यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक जांचें, दवाइयां और टेस्ट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है और अब ऐसे आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर व्यक्ति को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उपकेन्द्रों में इस प्रकार की विभिन्न सुविधाऐं उपलब्ध करवायी जा रही हैं और आमजन को इसका लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पार्षद अनूप कुमार, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर, पूर्व पार्षद निखिल कुमार, सत्येन्द्र नाथ, प्रधान रामकिशोर, भावना चौधरी, राकेश सहित कई क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


चार धाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच- डाॅ. धन सिंह रावत

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के जरिए होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

यात्रा रूट पर तैनात रहेंगी 177 एम्बुलेंस, हेली एम्बुलेंस भी रहेगी मुस्तैद

देहरादून। सूबे में संचालित चार धाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने इस बार विशेष प्रबंध किये हैं। इस बार यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जायेगी। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये 177 एम्बुलेंस का बेड़ा यात्रा रूट पर तैनात रहेगा, साथ ही हेली व वोट एम्बुलेंस भी यात्राकाल के दौरान मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा यात्रा मार्गो, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में अनुभवी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाॅफ भी तैनात रहेगा।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि स्वस्थ एवं सुरक्षित चार धाम यात्रा के लिये राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जायेगा इसके लिये यात्रा मार्गो, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। डाॅ. रावत ने बताया कि इस बार यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल पर रीयल-टाइम माॅनिटरिंग की जायेगी, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया किया जा सके। उन्होंने कहा कि यात्रा काल के दौरान कुल 177 एम्बुलेंस तैनात की जायेगी। जिसमें 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के साथ ही कार्डिक एम्बुलेंस सेवा शामिल है। इसके अलावा टिहरी में एक वोट एम्बुलेंस तथा एक हेली एम्बुलेंस भी क्रियाशील रहेगी जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जायेगा।

डाॅ. रावत ने कहा कि यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम रहेगा, जिससे तीर्थयात्रियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट तथा 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर श्रद्धालुओं को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जायेगी और उन्हें उचित उपचार भी दिया जायेगा। डाॅ. रावत ने बताया कि यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों व पैरामेडिकल स्टाॅफ की रोटेशन के आधार पर तैनाती की जायेगी। जिसमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल आॅफिसर व 85 पैरामेडिकल स्टाॅफ 15 दिन के रोस्टर के आधार तैनात किये जायेंगे। इसके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्रों की भी यात्रा मार्गों पर तैनाती की जायेगी।


आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश

देहरादून – मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में मुख्यमंत्री घोषणा कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत जिन योजनाओं और परियोजनाओं को पूर्ण किया जाना है, उन पर त्वरित अग्रिम कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्रता से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। जिस योजना अथवा परियोजना को किसी कारणवश पूर्ण करना संभव नहीं है और जिसका विलोपन किया जाना है, उसका प्रस्ताव अगले 15 दिवस के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ को प्रस्तुत किया जाए। निर्धारित अवधि में प्रस्ताव प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित विभाग उस परियोजना को पूर्ण करेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, उनके संबंध में संबंधित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक तथा जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर यह स्पष्ट किया जाए कि परियोजना को क्रियान्वित किया जाना है अथवा नहीं। उन्होंने इसी तरह के अंतर-विभागीय मुद्दों को भी आपसी समन्वय से शीघ्र सुलझाने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर त्वरित निर्णय लिया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की जा सकती हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाए, जबकि जो परियोजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के अंतर्गत आने वाले कार्यों को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने PWD को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण तथा अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित जो कार्य किए जा सकते हैं, उनके लिए तत्काल शासनादेश जारी किए जाएं तथा जो कार्य संभव नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

पेयजल योजनाओं से संबंधित कार्यों के बारे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 दिनों के भीतर यह स्पष्ट कर लिया जाए कि कौन-कौन से कार्य क्रियान्वित किए जा सकते हैं और कौन से नहीं।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि जहां-जहां साइट सिलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट संलग्न की जानी है, वहां उसे शीघ्रता से संलग्न करें। विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, वहां नियमों के अनुसार निजी अथवा वन भूमि के चयन के संबंध में भी भूमि उपलब्धता की संभावनाएं तलाशें।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन जनपदों में राज्य संपत्ति विभाग अथवा PWD के गेस्ट हाउस उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो प्रोजेक्ट नामकरण निर्धारण ना होने के चलते लंबित हैं, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागों, हितधारकों तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निर्णय लिया जाए। यदि नामकरण में परिवर्तन की आवश्यकता हो तो उसके अनुरूप अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, चंद्रेश कुमार यादव,  एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम,  एस.ए. अद्दांकी,  विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, डॉ. आर. राजेश कुमार,  रणवीर सिंह,  अहमद इकबाल और मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला

गैस संकट पर केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियां जिम्मेदारए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में भारी अनियमितताएं – डॉ. हरक सिंह रावत

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने देश में बढ़ते एलपीजी गैस और तेल संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

डॉ. रावत ने कहा कि आज पूरे देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर संकट जैसे हालात पैदा हो गए हैं, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के बजाय जनता को गुमराह कर रही है। एक तरफ सरकार गैस की कमी से इनकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर गैस बुकिंग के बीच शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की जनता को बांटते हुए 25 और 45 दिन का अंतर तय कर दिया गया है, जो इस संकट की गंभीरता को खुद उजागर करता है। यह समज से परे है कि आखिर उपभोक्ताओं में भेदभाव को क्यों किया जा रहा है जबकि गैस की जरुरत सबको बराबर है।

उन्होंने कहा कि देहरादून सहित कई शहरों में ऐसी गैस एजेंसियां हैं जो नगर निगम क्षेत्र में स्थित हैं लेकिन पहले जब उनका आवंटन हुआ तब वह क्षेत्र ग्रामसभा के अतगर्त आता था इसलिए वहां ग्रामीण कोटे की एजेंसी स्थापित की गई थी। आज वह क्षेत्र पूर्णतः नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के वार्डाे में सम्मलित हो चुके है। और उनके उपभोक्ता भी पूरी तरह शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, लेकिन उन्हें आज भी ग्रामीण श्रेणी में डालकर 45 दिन बाद बुकिंग की बाध्यता थोप दी गई है। यह सरकार की दोहरी और अव्यवहारिक नीति हैए जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

डॉ, रावत ने मांग की कि शहरी क्षेत्रों में स्थित ग्रामीण श्रेणी की गैस एजेंसियों को तुरंत शहरी श्रेणी के बराबर सुविधा देते हुए 25 दिन की बुकिंग व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि गैस संकट के कारण सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के मामले भी सामने आने लगे हैंए लेकिन सरकार और प्रशासन केवल बयानबाजी तक सीमित हैं।

डॉ. रावत ने कहा कि यह संकट केंद्र सरकार की अदूरदर्शी विदेश और ऊर्जा नीति का परिणाम है। वर्ष 2014 में जहां भारत लगभग 47 प्रतिशत गैस आयात करता था, वह आज बढ़कर लगभग 66 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह तेल आयात 83 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है, क्योकि देश में उत्पादक्ता बढाने पर ध्यान नही दिया जा रहा है इसलिए आयात पर निर्भरता बढ रही है।

उन्होंने कहा कि पहले भारत ईरान और खाड़ी देशों से सस्ता और जल्दी मिलने वाला तेल और गैस खरीदता था, लेकिन अब अमेरिका के दबाव में नीति बदल दी गई है। खाड़ी देशों से जहाज जहां 6 से 7 दिनों में पहुंच जाते थे, वहीं अमेरिका से आने वाले जहाजों को 55-60 दिन लगते हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाती है और इसका बोझ देश की जनता पर डाला जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि केवल उधम सिंह नगर और चंपावत जिलों के आंकड़े ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त हैं कि इस कोष की किस प्रकार बंदरबांट की जा रही है। सूचना के अधिकार में उधम सिह नगर जनपद एवं चम्पावत जनपद से सूचनाएं मागी गई कि किन.किन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री विवेकाधिन कोष का लाभ मिला है। पहले तो सूचनाएं देने में विलंब किया गया फिर आधी अधूरी सूचनाएं दी गई लेकिन जो सूचनाए प्राप्त हुई वह बहुत चौकाने वाली व लंबी सूची है।

उधमसिह नगर जनपद एवं चम्पावत जनपद मुख्यमंत्री से सम्बंधित जनपद है, क्योकि खटीमा से वह पहले विधायक रहे है और चम्पावत से वर्तमान में विधायक है, और दोनो ही जनपदों में भाजपा से जुडे हुए पदााधिकारियों एवं उनके परिजनों को प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री विवेकाधीनकोष से लाभ दिया जा रहा है जो जनता के धन का दुरुप्रयोग है, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख लाभार्थियों में सुबोध मजुमदार, भारत सिह, गोदावरी, कान्ता रानी, भरत बांगा, कामील खान, गजेन्द्र सिह बिष्ट, पूरन सिह, संतोष कुमार अग्रवाल एवं मुकेश शर्मा, शान्ता बडोला, राजेन्द्र प्रसाद आदि को 05 लाख रुपए एवं हयात सिह मेहरा जो भाजपा कॉपरेटिव से सम्बंधित है, को 04 लाख रुपए की सहायता दी गई है। और ऐसे ही तारा देवी, जसवीर चौधरी, निकिता खडायत, कुसुम देवी, हेम लता जैसे लाभार्थियों को भी 04 लाख, 03 लाख, 02 लाख जैसी बडी रकम दी गई। चम्पावत मंेे बिना नाम के व्यक्ति को 2023 -24 में 03 लाख् रुपए एवं एक जगह चम्पावत ममें ही अध्यक्ष नाम से 02 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। यह तो मात्र चंद उदाहरण रखे गए है, पूरी सूची चौकाने वाली है।

उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रदेश के सभी जिलों के आंकड़े सामने आ जाएं तो यह उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार साबित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। पत्रकारवार्ता में मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिह बिष्ट, वरिष्ठ नेता विनोद चौहान, एवं श्रम प्रकोष्ठ के दिनेश कौशल मौजूद रहे।


हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू

देहरादून। श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर बिंद्रा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 23 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

भेंट के दौरान आगामी यात्रा व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

देहरादून-  सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देश के प्रथम सीडीएस स्व. जनरल बिपिन रावत की जयंती के अवसर पर देहरादून के कनक चौक स्थित जनरल बिपिन रावत पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने जनरल बिपिन रावत को स्मरण करते हुए कहा कि वे हमेशा पहाड़ और वहां के युवाओं के हितों के प्रति संवेदनशील रहे। उन्होंने कहा कि जब वे जनरल बिपिन रावत से पहाड़ के युवाओं को सेना में भर्ती के दौरान लंबाई में छूट देने के संबंध में मिले थे, तब उन्होंने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृति प्रदान की। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड के युवाओं को सेना भर्ती में लंबाई में 5 सेंटीमीटर की छूट मिलना संभव हो पाया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी जनरल बिपिन रावत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उनके प्रयासों से पिथौरागढ़ और जोशीमठ में सेना की दो ब्रिगेडों के माध्यम से सीमावर्ती गांवों के विकास और उन्हें संवारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत की स्मृतियों को सहेजने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन भव्य सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम स्व. सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा गया है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित शहीद सीडीएस जनरल बिपिन रावत का योगदान देश हमेशा स्मरण रखेगा और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत (सेनि), निदेशक सैनिक कल्याण श्याम सिंह, जनरल बिपिन रावत के परिवारजन, ब्रिगेडियर केजी बहल (सेनि), मण्डलाध्यक्ष प्रदीप रावत, राजीव गुरुंग सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड

 देहरादून- उत्तराखंड में मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत मौसम के अचानक बदले मिजाज के साथ हुई। रविवार को राजधानी Dehradun समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड का असर फिर से महसूस होने लगा। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम के समय बारिश का दौर तेज हो गया, जिसके चलते मौसम पूरी तरह बदल गया।

राज्य के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया। मसूरी, चकराता और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में खास गिरावट देखी गई। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत मिली।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हुई। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे वहां का तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। इसके अलावा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी क्षेत्र में भी हिमपात हुआ। वहीं मैदानी इलाकों जैसे ऋषिकेश, विकासनगर, मसूरी, रुड़की, हरिद्वार, ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, चमोली, पोखरी में बारिश के साथ मौसम सुहावना हो गया।

बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां साफ और सुंदर नजर आईं। मौसम में आए बदलाव के कारण लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा और बर्फबारी हुई है, और आने वाले दिनों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

इस बीच बारिश का सकारात्मक असर पर्यावरण पर भी देखने को मिला। बारिश के बाद  देहरादून की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ और वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से नीचे आकर 87 दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण स्तर में कमी आई, जिससे वातावरण अधिक साफ नजर आया।

वहीं जंगलों में लगी आग की घटनाओं पर भी बारिश ने राहत दी है। हाल के दिनों में वनाग्नि की कई घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन ताजा बारिश के बाद अधिकांश स्थानों पर आग बुझ गई है और फिलहाल किसी भी क्षेत्र में सक्रिय वनाग्नि की सूचना नहीं है।


जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया भावपूर्ण स्मरण

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पद्म विभूषण से अलंकृत तथा उत्तराखंड के गौरव, जनरल बिपिन रावत की जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ भारती की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले जनरल बिपिन रावत अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति जनरल बिपिन रावत का समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका नेतृत्व, दूरदर्शिता और देश के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।


बूथ जीता, चुनाव जीता के मूलमंत्र पर चुनाव तैयारी मे जुटे कार्यकर्ता: चुग

आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण कर रहे हैं धामी: गौतम

देहरादून-  भाजपा की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बूथ जीता, चुनाव जीता के मूलमंत्र पर चुनाव तैयारी का आह्वाहन किया। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 4 वर्ष पूरे करने वाले पार्टी के पहले सीएम बनने पर बधाई देते हुए कहा कि वह आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य निर्माण कर रहे हैं। धामी जनता के मन को भी जीत रहे हैं और पीएम मोदी के कथनानुसार उत्तराखंड का दशक बनाने में भी जुटे हैं।

देहरादून में कुआंवाला स्थित एक निजी संस्थान में हुई आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री चुघ की मौजूदगी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यन्त गौतम, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में  तरुण चुघ ने कहा कि देशभर की तरह प्रदेश में भी पार्टी का प्रशिक्षण अभियान जारी है जिसमें हमें सर्वाधिक जोर बूथ क्षमता मजबूत करने पर देना है। क्योंकि हमारे राज्य में 27 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं जिसको लेकर हम सबका एक ही मूल मंत्र होना चाहिए “बूथ जीता चुनाव जीता”। पार्टी को राजनीतिक क्षेत्र में अजर अमर बनाने की जिम्मेदारी भी हम सभी कार्यकर्ताओं की है, जिसके क्रम में मजबूत संगठन के साथ चुनावी दृष्टि से सक्रिय एवं सक्षम बीएलए 1, बीएलए 2 की जिम्मेदारी हमने सौंपी है। ये बहुत संतुष्टि जताई कि उत्तराखंड में हम शत प्रतिशत बीएलए 1 के साथ शीघ्र सभी बीएलए 2 बनाने वाले हैं।

वहीं इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश प्रभारी दुष्यन्त गौतम ने मुख्यमंत्री धामी को 4 वर्ष पूरे करने वाले पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी। उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा, वे आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण कर रहे हैं। वे जनता के मन जीतने का तो काम कर ही रहे हैं, साथ ही पीएम मोदी के कहे अनुशार उत्तराखंड का दशक लाने के लिए जी जान से जुटे हैं। उनके नेतृत्व में आपदा का भी समाधान निकालकर, राज्य आज विकसित भारत के मिशन में सर्वोपरि नामों में शुमार है। वहीं उन्होंने वर्तमान सत्र में पार्टी के विधायकों की कार्यशैली की जबरदस्त प्रशंसा करते हुए, उनका जोश और तैयारी बताती है कि नए उत्तराखंड का निर्माण हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता भाजपा की राष्ट्रवादी सांस्कृतिक विचारधारा के साथ है। उन्हें केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के कामों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विपक्ष की पोल खोलते हुए कहा, जो लोग आपतकाल लगाने के साथ साथ अनेकों लोकतांत्रिक हत्या की घटनाओं के दोषी हैं, वहीं आज सभी संवैधानिक संस्थाओं और प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। कभी ये सनातन निर्णय के खिलाफ न्यायधीशों पर महाभियोग लाते हैं, कभी लोकसभा अध्यक्ष और अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। इसी तरह जो अपने ऊपर सीबीआई जांच का विरोध करते हैं वहीं राज्य में बार बार राजनीति के लिए सीबीआई जांच की मांग करते हैं। देश भर के आए चुनावी परिणामों में दिखा है कि जनता झूठ और भ्रम की राजनीति करने वालों को बुरी तरह नकार रही है। हम सब कार्यकर्ताओं को हमेशा की तरह सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं में खुलकर सहयोग करना है, ताकि मजबूत और स्वास्थ्य लोकतंत्र का निर्माण हो।

इस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का बड़ा महत्व होता है, जिसके लिए कार्यकर्ता निर्माण से लेकर चुनावी रणनीति बेहद अहम होती है। आज प्रदेश में संगठन उस स्थिति में है कि में आप सब कार्यकर्ताओं के सामर्थ्य के आधार पर विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि हम तीसरी बार लगातार सरकार बनाने जा रहे हैं। जिसके लिए हमें कमल चुनाव चिन्ह और भारत माता की जय के लिए काम करते हुए आगे बढ़ना है।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार ने संगठन की सभी गतिविधियों और कार्ययोजनाओं की बारीकी से समीक्षा ली। साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह से हमें सहयोगात्मक भूमिका में संवैधानिक प्रक्रियाओं में जनता की प्रतिभागिता को बढ़ाना है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों से शीघ्र संगठनात्मक ढांचा सौ फीसदी गठन के निर्देश दिए।

संगठनात्मक बैठक में राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट, सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महराज, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बंशीधर भगत, मदन कौशिक, राजकुमार पोरी,  राम सिंह कैड़ा, सरिता आर्य, सविता कपूर,  विनोद चमोली,  प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी,महंत दिलीप रावत,  दुर्गेश्वर लाल आदि विधायक शामिल हुए। इसके अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल,  कुंदन परिहार,  दीप्ति रावत, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी एवं सभी नवनियुक्त बीएलओ भी मौजूद रहे।


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