Wednesday, September 23rd, 2026

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त्यूणी में टोंस नदी से 46 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद

Category Archives: उत्तराखंड

त्यूणी में टोंस नदी से 46 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद

SDRF टीम ने शव पुलिस को सौंपा

त्यूणी। उत्तराखंड के त्यूणी क्षेत्र में टोंस नदी से एक व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को श्मशान घाट के पास नदी में शव दिखाई देने की सूचना चौकी त्यूणी को मिली। सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट त्यूणी की टीम मौके के लिए रवाना हुई।

SDRF टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने टोंस नदी में रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान विनोद लोकता (46 वर्ष), निवासी बलोत, त्यूणी के रूप में हुई है। मामले में पुलिस की ओर से अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।


15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, जिलों में तेज हुआ मरम्मत अभियान

देहरादून। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई उत्तराखंड की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रदेशभर में मरम्मत अभियान तेज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री खुद सड़क मार्ग से विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पर्वतीय और मैदानी इलाकों में कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। कहीं गड्ढे बने हैं तो कहीं सड़क के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। अब बारिश का दौर कम होने के साथ ही संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट गई हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी जिलों में क्षतिग्रस्त सड़कों और संपर्क मार्गों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जा रहा है। अधिकारियों को मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों में मुख्य मार्गों के साथ ग्रामीण और संपर्क सड़कों की मरम्मत पर भी फोकस किया जा रहा है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में बारिश और जलभराव से खराब हुई सड़कों को ठीक करने का काम चल रहा है। विभागीय टीमें सड़क की स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार पैचवर्क से लेकर अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण तक का काम कर रही हैं।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सड़क मरम्मत केवल गड्ढे भरने तक सीमित नहीं रहेगी। काम निर्धारित मानकों के अनुरूप और टिकाऊ तरीके से कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि इसके बाद वह सड़क मार्ग से यात्रा कर औचक निरीक्षण करेंगे। ऐसे में संबंधित विभागों के सामने निर्धारित समय में काम पूरा करने के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखने की भी जिम्मेदारी है।

सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कार्यों की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि मानसून के बाद सड़क नेटवर्क को जल्द सामान्य किया जा सके और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके।


हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का किया शुभारंभ, CM धामी बोले- ज्ञान के साथ संस्कार जरूरी

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि परिवार को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की शुरुआत भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् में आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं से जुड़ने के साथ आधुनिक समय की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। उत्तराखंड में भी इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे की पूरक हैं।

उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। इसके साथ ही राज्य में विज्ञान, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। युवाओं के लिए स्टार्टअप, इनोवेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों में लगभग 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् इस दिशा में सहयोगी साबित हो सकता है और भविष्य में यहां देश-विदेश के विद्यार्थी ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद का अध्ययन कर सकेंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, विभिन्न जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र समेत बड़ी संख्या में संस्थान के छात्र-छात्राएं और अन्य लोग मौजूद रहे।


25 सूत्रीय कार्यक्रम के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें अधिकारी : मुख्य विकास अधिकारी

सीडीओ ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

पौड़ी- जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार जोशी की अध्यक्षता में 25 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी विभाग प्रभावी एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति निर्धारित लक्ष्य से अधिक है, वे आवश्यकतानुसार लक्ष्य संशोधन की कार्रवाई करें, ताकि योजनाओं की वास्तविक प्रगति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो सके। उन्होंने प्रस्तावित ईको टूरिज्म योजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष किए गए व्यय की जानकारी ली। इसके अलावा जनपद में पार्किंग विकसित करने से संबंधित योजनाओं की भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी करें। जिन योजनाओं में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उनमें आवश्यक गति लाते हुए कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ उपलब्ध बजट का भी समयबद्ध एवं समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, उप निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने किया आईआईएम काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमिपूजन

विद्यार्थियों को मैनेजमेंट के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर होंगे प्राप्त- मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को देहरादून में भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने आईआईएम काशीपुर का कैंपस देहरादून में स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून में आईआईएम काशीपुर का कैंपस खुलने से प्रदेश के साथ ही इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को मैनेजमेंट के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में मैनेजमेंट से सम्बन्धित विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धता से उन्हें अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर निदेशक आईआईएम काशीपुर प्रो. नीरज द्विवेदी एवं कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी देहरादून के मुख्य अभियंता श्री देवेंद्र प्रकाश सहित संबंधित विभागों एवं आईआईएम काशीपुर के अधिकारी उपस्थित रहे।


आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण अंग- मुख्यमंत्री धामी

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने की भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना 

देहरादून। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विभिन्न रोगों से बचाव में आयुर्वेद की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र दृष्टि भी प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिल रही है। उन्होंने आयुर्वेद की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।


निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

देहरादून – हरिद्वार में निठारी हत्याकांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत के चार दिन बाद भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के कुछ सदस्यों ने उनकी मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। रिपोर्ट अगले एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है।

पुलिस के मुताबिक, कोली के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, उनकी नाक और मुंह के पास खून के निशान पाए गए। शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

बताया गया कि कोली ने हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में किराए की एक छोटी दुकान लेकर चाय बेचने का काम शुरू किया था। दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने पांच हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस के अनुसार, वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हरिद्वार में रहने के दौरान उन्हें कम समय में चार बार कमरा बदलना पड़ा था।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, कोली अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। आधार कार्ड या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा पाने के कारण उन्हें कई बार नौकरी भी छोड़नी पड़ी थी।

निठारी हत्याकांड वर्ष 2006 में सामने आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पीछे और आसपास की नालियों से कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिलने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। कोली पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।

इस मामले में पंढेर भी लंबे समय तक जेल में रहे और बाद में अदालत से बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को रिहा हुए। निठारी कांड से जुड़े 13 मामलों में कोली को पहले ही बरी किया जा चुका था। आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में उसे बरी कर दिया था। अब उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

“विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही सरकार: मुख्यमंत्री

धार्मिक पर्यटन से युवाओं को रोजगार, मातृशक्ति को अवसर और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

नैनीताल : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

नंदा देवी महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यह केवल पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है। यहां माँ नैना देवी का पावन धाम, हनुमानगढ़ी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मुक्तेश्वर में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

“ विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्यों से आस्था के प्रमुख केंद्रों को नई पहचान मिली है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में भी मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हमारी प्राचीन विरासत के मूल स्वरूप को संरक्षित रखना है। माँ नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, मातृशक्ति को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराएं देश-दुनिया तक पहुंचेंगी।

उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।

देवभूमि की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में किए गए संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति, पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।


राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश

देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में चिन्हीकरण से जुड़े विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित सभी प्रकरणों का परीक्षण शासन द्वारा निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों की विधिवत जांच के बाद ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने चिन्हीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाए। साथ ही लंबित मामलों के निस्तारण के लिए समिति के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति के सदस्यों ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव और विचार रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवश्यक अभिलेखों की जांच पूरी करते हुए शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। समिति के सदस्य राज्य आंदोलनकारी ओपी उनियाल, देवीगोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूड़ी, सरोज डिमरी, उर्मिला, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना सहित अन्य सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।


नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

छात्र-छात्राओं से संवाद कर डीएम ने कहाः जागरूकता और सामूहिक प्रयास से रोकना होगा नशे का प्रसार

देहरादून। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग देहरादून एवं यूपीईएस के संयुक्त तत्वावधान में आज यू०पी०ई०एस० कैंपस, बिधोली, प्रेमनगर, देहरादून में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के साथ हुआ।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के पास अपने जीवन में कुछ समय और अवसर होते हैं, ऐसे में यह स्वयं तय करना आवश्यक है कि वह अपने जीवन में क्या चुनता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने भविष्य के लिए सकारात्मक, रचनात्मक एवं स्वस्थ विकल्पों का चयन करें और नशे से पूरी तरह दूर रहें।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति केवल स्वयं को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसका प्रभाव उसके परिवार और व्यापक रूप से समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का नशा एक प्रकार का ‘डोपामेन ट्रैप’ बन सकता है, जिसमें व्यक्ति एक बार फंसने के बाद धीरे-धीरे इसकी गिरफ्त में उलझता चला जाता है। इससे बचने के लिए स्वयं का विश्लेषण, आत्म-अनुशासन और स्वयं पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज से नशे जैसी गंभीर समस्या को दूर करने के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी एवं निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। सरकार, शासन, प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों तथा आम नागरिकों को मिलकर इस दिशा में योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि युवा विशेष रूप से नशे के सौदागरों के निशाने पर होते हैं। ऐसे में युवाओं को जागरूक करना और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए जनपद के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।

कहानी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक नगर ने किया जागरूक
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रभावी कहानी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक समस्या को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह््वान किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान एवं विशेष अतिथि ललित जोशी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया नशा मुक्ति का संदेश
कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, नशे से होने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं तथा नशा छोड़ने एवं दूसरों को भी नशे से बचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने मित्रों, परिवारजनों एवं आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान का सक्रिय सहभागी बनाने पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान, विशेष अतिथि ललित जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रोहित गोंडवाल, डॉ0 प्रदीप राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, यूपीईएस डॉ0 दीपा मेहरा रावत, डॉ0 रोहित रस्तोगी, यूपीईएस के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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