Thursday, September 24th, 2026

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लंबित वादों की अब होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग, डीएम ने सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित करने के दिए निर्देश

Category Archives: उत्तराखंड

लंबित वादों की अब होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग, डीएम ने सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित करने के दिए निर्देश

राजस्व न्यायालयों के लंबित वादों पर डीएम सख्त, स्मार्ट मॉनिटरिंग से तय होगी जवाबदेही

पुराने वादों पर विशेष फोकस, निर्विवाद विरासतन मामलों का युद्धस्तर पर निस्तारण के निर्देश

न्यायालय एवं शासन संदर्भित मामलों की सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में मासिक समीक्षा बैठक कर राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, न्यायालयों से संबंधित मामलों और शासन स्तर से संदर्भित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी मामलों का नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सामने आया कि जिले में 15,540 राजस्व वाद निस्तारण के लिए लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय लगाकर लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो प्रकरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किए जा सकते हैं, उन्हें बिना उचित कारण लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

पुराने वादों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान उप जिलाधिकारी और तहसीलदार न्यायालयों में धारा 166/167 के तहत 3 से 5 वर्ष पुराने 82 वाद लंबित पाए गए। डीएम ने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण किया जाए।

इसी तरह धारा 229बी के तहत 841 वाद लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने इन मामलों का विभागवार और न्यायालयवार परीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

धारा 176 के मामलों की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त माह में 13 वादों का निस्तारण किया गया है, जबकि अभी 1,157 मामले लंबित हैं। इनमें 3 से 5 वर्ष पुराने 179 वाद भी शामिल हैं। डीएम ने अधिकारियों को पुराने मामलों के निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करने और अगली समीक्षा बैठक में अद्यतन रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।

निर्विवाद विरासतन मामलों के जल्द निस्तारण पर जोर

जिलाधिकारी ने निर्विवाद विरासतन वादों को भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कोई विवाद नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण किया जाए, जिससे आमजन को राजस्व कार्यालयों और न्यायालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

न्यायालयों के आदेशों की अनुपालन रिपोर्ट भी होगी मॉनिटर

डीएम ने माननीय न्यायालयों में लंबित मामलों और संबंधित विभागों द्वारा किए जाने वाले अनुपालन की अद्यतन स्थिति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन की नियमित निगरानी और संबंधित विभागों से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

इसके साथ ही मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर से संदर्भित मामलों में हुई कार्रवाई तथा अनुपालन की स्थिति को भी व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

सॉफ्टवेयर से होगी लंबित मामलों की स्मार्ट मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी ने लंबित वादों और उनके अनुपालन की स्थिति की निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति, लंबित रहने का कारण, संबंधित अधिकारी और निस्तारण की निर्धारित समयसीमा जैसी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को एक संगठित प्रबंधन प्रणाली के रूप में विकसित किया जाए, जिससे लंबित मामलों की नियमित निगरानी के साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो सके। सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था से प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति तत्काल सामने आएगी और लंबित रहने के कारणों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई की जा सकेगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी रविन्द्र ज्वांठा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, संयुक्त निदेशक विधि गिरीश चन्द्र पंचौली, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुरू प्रसाद रतूड़ी सहित संबंधित पटल के पटल सहायक मौजूद रहे।


निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- जिलाधिकारी

दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण में तेजी लाएं, गुणवत्ता से न हो समझौता- डीएम

मानकों पर सही पाए गए प्रस्तावों के लिए तत्काल धनराशि जारी करने के निर्देश

गलत आकलनों पर फटकार, सही प्रस्ताव उपलब्ध कराने की सख्त हिदायत

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आपदा से क्षतिग्रस्त विभिन्न विभागीय परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लॉक, तहसील व विभागीय स्तर से प्राप्त पुनर्निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा में क्षतिग्रस्त हुई संपत्तियों के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के मानकों के अनुरूप पाए गए आगणनों (एस्टिमेट) के लिए तुरंत बजट जारी करने और पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के आदेश दिए।

बैठक के दौरान कुछ विभागीय प्रस्तावों में कमियां मिलने और एसडीआरएफ मानकों के अनुकूल न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर आगणनों की पुनः जांच करें और संशोधित प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत करें ताकि धनराशि जारी की जा सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि संबंधित विभाग के अधिकारी इस आशय का प्रमाणपत्र भी संलग्न करेंगे कि प्रस्तुत किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह मानकों के अनुरूप हैं।

समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल, विद्युत विभाग और अन्य कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


‘सेवा सेतु’ शिविर में 645 ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ

11 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून। सेवा सेतु अभियान के तहत बुधवार को चकराता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहना में एक दिवसीय विशाल बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 645 से अधिक ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और विभिन्न विभागीय सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ उठाया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) गीताराम गौड़ और चकराता की ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ पत्र और प्रमाण पत्र वितरित किए।

शिविर के दौरान ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराई गई 12 जनसमस्याओं व शिकायतों में से 11 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 1 शिकायत के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, मौके पर ही आय, जाति, खाता-खतौनी और सामाजिक पेंशन से जुड़े 99 पात्र व्यक्तियों के प्रमाण पत्र निर्गत किए गए।

अपने संबोधन में उपाध्यक्ष गीताराम गौड़ ने कहा कि प्रदेशभर में 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत आशीर्वाद का दिया, मेरे सपनों का भारत, सेवा ज्योति कलश यात्रा और सुशासन सेवा संवाद जैसे कई जनहितैषी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दूरस्थ क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।

शिविर में समाज कल्याण, बाल विकास, कृषि, मत्स्य, स्वास्थ्य तथा उद्यान विभाग सहित कई प्रमुख विभागों की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं।

इस अवसर पर ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख फतेह सिंह, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख सुलोचना रावत, स्थानीय बीडीसी सदस्य, ग्राम प्रधानों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।


स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग से बचाव के लिए डिजिटल सतर्कता जरूरी: कुसुम कंडवाल

पौड़ी। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर में बुधवार को स्टॉकिंग और साइबर स्टॉकिंग की रोकथाम को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों को स्टॉकिंग व साइबर स्टॉकिंग से जुड़े अपराधों, कानूनी प्रावधानों और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

कुसुम कंडवाल ने कहा कि समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले स्टॉकिंग की घटनाएं मुख्य रूप से सार्वजनिक स्थानों तक सीमित थीं, लेकिन अब सोशल मीडिया, ई-मेल और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए साइबर स्टॉकिंग की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति का बार-बार पीछा करना, अनचाहा संपर्क करना या मानसिक रूप से परेशान करना स्टॉकिंग के दायरे में आ सकता है। वहीं सोशल मीडिया, मैसेज, ई-मेल या फर्जी प्रोफाइल के जरिए किसी को परेशान करना अथवा उसकी निजी जानकारी का दुरुपयोग करना साइबर स्टॉकिंग की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की समय पर शिकायत करना और उपलब्ध सहायता तंत्र का इस्तेमाल करना आवश्यक है।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं। महिला आयोग की ओर से भी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं की सहायता और सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर समेत विभिन्न व्यवस्थाएं संचालित हैं।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग विश्वसनीय लोगों के साथ ही सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और बातचीत के दौरान निजता व सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।

महापौर आरती भंडारी ने कहा कि डिजिटल दौर में बच्चों समेत परिवार के सदस्यों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी सजग रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।

कार्यशाला में पुलिस विभाग की साइबर सेल टीम ने साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराध होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, कुलसचिव वाई.के. रेवानी, प्रोफेसर मंजू गुसाईं, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमिला भंडारी, साइबर सेल श्रीनगर के प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार समेत महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।


प्रदेश के 20 हजार 67 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम

विभागीय मंत्री ने बैठक के माध्यम से समुचित तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण करने के दिए अधिकारियों को दिशा निर्देश

“आंगन का मिलन” कार्यक्रम को महज कार्यक्रम नहीं, जनसेवा के महत्वपूर्ण अभियान के रूप में लें अधिकारी — रेखा आर्या

देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर जनपद के 5,920 आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा “आंगन का मिलन” कार्यक्रम,मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध एवं व्यवस्थित तैयारियां पूरी करने के निर्देश

देहरादून। “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित होने वाले “आंगन का मिलन” कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज विकास भवन सभागार, देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद हरिद्वार एवं बागेश्वर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि जनपद देहरादून में 1,907, जनपद हरिद्वार में 3,179 तथा जनपद बागेश्वर में 834 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों पर “आंगन का मिलन” कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाएगा।

आयोजन में ना हो किसी भी प्रकार की अव्यवस्था- रेखा आर्या

मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं और आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा व्यवधान न हो। उन्होंने कहा कि “आंगन का मिलन” कार्यक्रम को केवल एक कार्यक्रम न समझकर जनसेवा के महत्वपूर्ण अभियान के रूप में लिया जाए, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं, बच्चों एवं बालिकाओं को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम में अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाए।

आंगनबाड़ी केंद्रों के उच्चीकरण के साथ-साथ बच्चों को दिया जा रहा बेहतर एवं अनुकूल वातावरण- रेखा आर्या

विभागीय मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान सराहनीय कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओ और आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाली बहनों का उत्साहवर्धन हो और अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिले।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, शिशुओं एवं बालिकाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उच्चीकरण के साथ-साथ बच्चों को बेहतर एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार प्रतिबद्ध है।

मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला परियोजना अधिकारी मीना बिष्ट, महिला मोर्चा महामंत्री हिमानी वैष्णव, जिलाध्यक्ष मीता सिंह सहित विभागीय अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


देहरादून में 29 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, 18 कंपनियां 904 पदों पर करेंगी भर्ती

देहरादून। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून की ओर से आगामी 29 सितंबर को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग कर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी। रोजगार मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा।

18 कंपनियां करेंगी प्रतिभाग, 904 पदों पर भर्ती

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि रोजगार मेले में 18 निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी। इस दौरान कुल 904 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है।

देहरादून समेत अन्य जिलों के युवा भी ले सकेंगे हिस्सा

रोजगार मेले में देहरादून सहित प्रदेश के अन्य जनपदों के बेरोजगार युवा भी प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर में पूर्व पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थी समय रहते अपना पंजीकरण करा सकते हैं। रोजगार मेले के दिन भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपना बायोडाटा, मूल शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र, उनकी छायाप्रतियां, सेवायोजन कार्यालय का पंजीयन कार्ड तथा वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। सेवायोजन विभाग ने अधिक से अधिक युवाओं से रोजगार मेले का लाभ उठाने की अपील की है।

ये कंपनियां करेंगी प्रतिभाग

29 सितंबर को आयोजित रोजगार मेले में कैंप 108, स्काई विंग एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड, बजाज ऑटो लिमिटेड, बजाज कैपिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक, टाटा मोटर्स, आरएसपीएल मैनपॉवर, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, बार्बीक्यूनेशन, अकल इनफॉरमेशन सिस्टम लिमिटेड गुरुग्राम, मेंटर वाटर एक्सपर्ट और नील मेटल हरिद्वार समेत अन्य कंपनियां शामिल रहेंगी।

दुबई में रोजगार का अवसर, आईटीआई धारकों से आवेदन का आह्वान

सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड की ओर से संचालित मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत युवाओं को दुबई में निर्माण क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आईटीआई या आईटीआई प्रमाण-पत्र धारक अभ्यर्थी पात्र होंगे। फ्रेशर अभ्यर्थियों के लिए छह माह का अनुभव तथा न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना के माध्यम से युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।


कोटद्वार में लगा पोषण मेला, ऋतु खण्डूडी भूषण ने गर्भवती महिलाओं की कराई गोद भराई

‘जच्चा और बच्चा देश का भविष्य’, पोषण मेले में ऋतु खण्डूडी ने दिया संतुलित आहार का संदेश

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार–नजीबाबाद रोड स्थित रोटरी क्लब कोटद्वार के सभागार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा रोटरी क्लब कोटद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल पोषण मेले में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी किट वितरण, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार सहित विभिन्न पोषण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं संतुलित आहार से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि “जच्चा और बच्चा देश का भविष्य हैं।” मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज की मजबूत नींव रखते हैं। बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ-साथ जन-जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को प्राथमिकता देते हुए किए जा रहे प्रयास एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से भरपूर हैं। इन्हें दैनिक आहार में शामिल कर महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी से पोषण के प्रति जागरूक रहने तथा अपने आसपास के परिवारों को भी संतुलित एवं पौष्टिक आहार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा शशि बाला केष्टवाल , मंडल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, सीडीपीओ शशि भट्ट, संतोषी गोसाईं, सैला रतूड़ी एवं सरोजनी सहित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा रोटरी क्लब कोटद्वार के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन उषा गोस्वामी द्वारा किया गया।


नौ माह का प्रशिक्षण पूरा कर पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए 15 आरक्षी, पुलिस लाइन में पासिंग आउट सेरेमनी

देहरादून। पुलिस लाइन देहरादून में बुधवार को 15 प्रशिक्षु आरक्षियों की पासिंग आउट सेरेमनी आयोजित की गई। 17 नवंबर 2025 से शुरू हुए नौ माह के गहन प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद सभी प्रशिक्षु पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।

समारोह के दौरान एसएसपी देहरादून ने सभी उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने प्रशिक्षुओं को पूरी लगन, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी आरक्षियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को अंत:कक्ष और बाह्य कक्ष दोनों स्तरों पर विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। अंत:कक्ष में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, विविध अधिनियम, भारतीय संविधान, पुलिस एवं समाज, मानव व्यवहार एवं मनोविज्ञान, व्यक्तित्व विकास, अपराध शास्त्र, थाना अभिलेख, पुलिस संगठन-प्रशासन और पुलिस रेगुलेशन जैसे विषय शामिल रहे।

वहीं बाह्य कक्ष प्रशिक्षण में पदादि प्रशिक्षण, शस्त्र प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, पुलिस प्रशिक्षण पीटी/पीई, योग और यूएसी आदि का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को एसएसपी देहरादून ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। अंत:कक्ष परीक्षा में रिक्रूट महिला आरक्षी अन्जुम निशा ने प्रथम स्थान हासिल किया। बाह्य कक्ष परीक्षा और पूरे प्रशिक्षण में रिक्रूट आरक्षी फैज आलम सर्वांग सर्वोत्तम रहे। फैज आलम को परेड कमांडर की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

पासिंग आउट परेड के दौरान क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, आरटीसी स्टाफ और प्रशिक्षण पूरा करने वाले आरक्षियों के परिजन मौजूद रहे।


पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से न रहे वंचित- डीएम

जिला प्रशासन के प्रयासों से 112 ड्रॉपआउट छात्राओं को स्कूल में मिला दाखिला

बालिकाओं को स्कूल से जोड़ने के लिए डीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन का विशेष अभियान

जिले में अब तक 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण, दूसरे चरण में 111 बालिकाओं को स्कूल से जोड़ने की तैयारी

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों पर जिले में शिक्षा से वंचित एवं ड्रॉपआउट छात्राओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की पहल के परिणामस्वरूप जिले में अब तक 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से पहले चरण में 112 छात्राओं का विद्यालयों में दाखिला कराया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में 111 ड्रॉपआउट छात्राओं को स्कूल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पारिवारिक समस्याओं, आर्थिक कठिनाइयों व अन्य परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे। ऐसी सभी बालिकाओं का प्राथमिकता के आधार पर चिन्हीकरण करते हुए उन्हें उनकी आयु एवं शैक्षणिक स्तर के अनुरूप विद्यालय में दाखिला दिलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि केवल चिन्हीकरण तक सीमित न रहते हुए प्रत्येक ड्रॉपआउट बालिका की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाए तथा उसके विद्यालय में पुनः प्रवेश की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा कराया जाए। आवश्यकता के अनुसार संबंधित परिवारों से समन्वय स्थापित कर बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया जाए।

जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य उन बालिकाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिनकी पढ़ाई किसी न किसी पारिवारिक अथवा सामाजिक परिस्थिति के कारण बीच में छूट गई है। पहले चरण में 112 छात्राओं का स्कूल में दाखिला कराया जाना इस दिशा में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं दूसरे चरण में 111 और बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

जिला प्रशासन की पहल से जहां ड्रॉपआउट बालिकाओं को अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू करने का अवसर मिल रहा है, वहीं उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को नई उड़ान देने का अवसर भी प्राप्त होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शिक्षा से जुड़ी प्रत्येक बालिका को विद्यालय तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।


जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दिये परिसंपत्तियों की नियमित समीक्षा के निर्देश

साहसिक पर्यटन क्लब का होगा गठन, बैठक में पौड़ी पार्किंग का संचालन आरम्भ करने के निर्देश

पार्किंग को यातायात प्रबंधन से जोड़ने और वर्षभर साहसिक पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

पौड़ी- जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। बैठक में जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटन विभाग की परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन एवं किराया वसूली, पार्किंग व्यवस्था, पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण तथा साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गयी।

बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से किराए पर दी गई परिसंपत्तियों से प्राप्त होने वाले किराए की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ उनसे संबंधित राजस्व की वसूली भी समयबद्ध ढंग से की जाए। उन्होंने पर्यटक आवास गृह बीरोंखाल एवं पोखड़ा तथा रैन बसेरा डांडा नागराजा सहित अन्य परिसंपत्तियों से लंबित किराया 30 सितंबर तक प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में किराया जमा न होने पर नियमानुसार अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि भविष्य में किराए के भुगतान के लिए तीन माह से अधिक की अवधि न दी जाए तथा लंबित धनराशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सतपुली स्थित हट्स एवं मत्स्य केंद्र (एंगलर्स हट्स) के संचालन और किराया वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग की अन्य परिसंपत्तियों की भी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा, ताकि उनके उपयोग, संचालन और राजस्व प्राप्ति की स्थिति का समुचित आकलन किया जा सके। जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग की रिखणीखाल स्थित तहसील एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा थलीसैंण में संचालित जिम सहित अन्य परिसंपत्तियों के संबंध में भी जानकारी ली।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि पौड़ी में पर्यटन आवास गृह के समीप निर्मित पार्किंग के संचालन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पार्किंग का हस्तांतरण हो चुका है। जिलाधिकारी ने इसका संचालन शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग का प्रमुख उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु एवं व्यवस्थित करना होना चाहिए। पार्किंग का संचालन इस प्रकार किया जाए कि यातायात दबाव कम हो और इसका उपयोग केवल स्थायी पार्किंग स्थल के रूप में सीमित न रह जाए। इसी क्रम में उन्होंने लैंसडाउन में पार्किंग से संबंधित समस्या का भी यातायात प्रबंधन की दृष्टि से समाधान करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जनपद में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर साहसिक पर्यटन क्लब गठित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। उन्होंने ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, वन्यजीव सफारी, कयाकिंग सहित विभिन्न साहसिक एवं प्रकृति आधारित गतिविधियों के लिए माहवार वार्षिक पर्यटन गतिविधि कैलेंडर तैयार करने के निर्देश जिला पर्यटन विकास अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि वर्षभर गतिविधियां आयोजित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जनपद के पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही, स्थानीय युवाओं को साहसिक खेलों का प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में ताड़केश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने डीएफओ गढ़वाल को मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मरम्मत के लिए उपयुक्त डिजाइन तैयार करवाकर प्रस्तुत करने तथा संबंधित कार्यों का प्राक्कलन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, प्रशिक्षु उपजिलाधिकारी मीनाक्षी भाटिया, सहायक कोषाधिकारी अवधेश चंद्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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