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सतपाल महाराज ने नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

Category Archives: उत्तराखंड

सतपाल महाराज ने नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने धामी कैबिनेट के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के विकास के लिए अहम कदम बताया।

उन्होंने कहा कि नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में जनकल्याण और विकास के संकल्प को और मजबूती मिली है। सतपाल महाराज ने भीमताल से राम सिंह कैड़ा, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास और रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी।

उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नए मंत्री लोकहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण प्रदेश के विकास कार्यों को नई दिशा और ऊंचाई देगा। साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों के सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।


चारधाम यात्रा 2026 के लिए 7.19 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन

देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही पंजीकरण के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

जारी आधिकारिक डेली बुलेटिन के अनुसार अब तक कुल 7.19 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। धामवार आंकड़ों पर नजर डालें तो केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 2.40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद बद्रीनाथ धाम के लिए 2.12 लाख से अधिक, गंगोत्री धाम के लिए 1.34 लाख और यमुनोत्री धाम के लिए 1.31 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंड साहिब के लिए भी 1,150 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

इस बार पंजीकरण प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म का वर्चस्व साफ नजर आ रहा है। अधिकांश श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कराया है, जबकि गुरुवार को हरिद्वार, ऋषिकेश, नयागांव और हर्बर्टपुर स्थित ऑफलाइन केंद्रों पर एक भी नया पंजीकरण दर्ज नहीं हुआ। इससे ऑनलाइन सुविधाओं के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास स्पष्ट होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर सड़क नेटवर्क, मजबूत संचार व्यवस्था और आसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के कारण चारधाम यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है। वहीं सरकार द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार और व्यापक प्रचार-प्रसार का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

आने वाले दिनों में पंजीकरण संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।


धामी कैबिनेट का हुआ विस्तार, पांच नए मंत्रियों ने ली शपथ

धामी मंत्रिमंडल में अब 12 मंत्री

शपथ लेने वालों में मदन कौशिक, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा और खजान दास शामिल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शामिल किया है। शुक्रवार सुबह देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सभी विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में मदन कौशिक, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा और खजान दास शामिल हैं।

कैबिनेट विस्तार के बाद अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह विस्तार राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सरकार ने इस फैसले के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। उल्लेखनीय है कि 2022 में सरकार गठन के बाद से ही कई मंत्री पद खाली थे। इसके बाद 2023 में परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन और 2025 में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई थी।

अब इन पदों को भरते हुए सरकार ने संगठन और शासन दोनों को मजबूत करने का संकेत दिया है। रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, राजपुर से खजान दास और भीमताल से राम सिंह कैड़ा को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि ये नए मंत्री आगामी चुनावों से पहले सरकार की छवि और कार्यशैली को कितना मजबूती दे पाते हैं।


सीएम धामी ने किया सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विमोचन

उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोएगा नया पंचांग कैलेंडर- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक, कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान शहरी विकास विभाग, पेयजल विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग की नीलकंठ महादेव (पौड़ी गढ़वाल) एवं रामनगर (नैनीताल) में मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान करते हुए पार्किंग निर्माण गाइडलाइंस का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 5183.65 लाख) एवं रामनगर, नैनीताल मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 3857.64 लाख) में प्रवेश एवं निकासी के लिए टर्निंग रेडियस सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का विशेष ख्याल रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव में पार्किंग भूमि का जियोटेक्निकल सर्वे भी अनिवार्य रूप से कराए जाने की बात भी कही। साथ ही बिल्डिंग के फसाड के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग के कुल 4 प्रस्तावों (3 पेयजल परियोजनाओं – पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2438.32 लाख, तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 3986.24 लाख एवं ऊखीमठ नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2578.52 लाख) एवं लालकुआं नगर पंचायत सीवरलाइन परियोजना (कुल लागत 37.95 लाख) को भी संस्तुति प्रदान की। उन्होंने ग्रेविटी आधारित पेयजल परियोजनाओं में मीटर लगाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीवर लाइन परियोजना को पूर्ण किए जाने हेतु समयसीमा भी निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

समिति द्वारा लोक निर्माण विभाग की काठगोदाम बाईपास मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 3.500 किमी0 मार्ग एवं इसमें 75 मी0 स्पान का सेतु निर्माण (कुल लागत 1177.93 लाख) को भी मंजूरी प्रदान की गई।

इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का किया निरीक्षण

सड़कों पर मलबा मिलने पर सचिव ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। देहरादून में सड़कों की स्थिति सुधारने और रोड कटिंग के बाद रेस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य समयसीमा में पूरा करने और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न होने के सख्त निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने सुबह करीब 6 बजे से जिलाधिकारी सविन बंसल और जिला प्रशासन की टीम के साथ शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दिलाराम चौक, सहस्त्रधारा रोड, धर्मपुर चौक, रिस्पना पुल, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, बल्लूपुर चौक समेत कई इलाकों में रोड कटिंग के बाद किए गए सड़कों के पुनर्स्थापन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर सड़क सुधार कार्य संतोषजनक पाए गए, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी नजर आई। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा पड़ा मिला, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि रोड कटिंग के दौरान निर्धारित शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण किया जाए और मलबे का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो एजेंसियां तय समयसीमा और नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया टीम को ऐसे कार्यों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रोड कटिंग की अनुमति विकास कार्यों के लिए दी जाती है, लेकिन इसके लिए समयसीमा और मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब एक समय में केवल सीमित स्थानों पर ही रोड कटिंग की अनुमति दी जाएगी और 15 से 21 दिन के भीतर कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नई अनुमति दी जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया तथा मृदा स्वास्थ्य पत्रिका का विमोचन करते हुए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसान मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी मजबूती का आधार हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है कि वे अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दें। उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने खेतों तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और उर्वरकों की जानकारी दी गई।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों, सतत कृषि पद्धतियों और किसान हितैषी योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित फसल निगरानी, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और डिजिटल परामर्श सेवाओं के जरिए किसानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी संरक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी किसान बेहतर उत्पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत छोटे प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच संवाद और नवाचार का उत्कृष्ट मंच हैं, जिससे नई तकनीकों का प्रसार होता है और कृषि को नई दिशा मिलती है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि, प्रो. राजेश बहुगुणा सहित किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को जारी की 3 करोड़ से ज्यादा की इनामी धनराशि 

देहरादून। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 3 करोड़ से ज्यादा की इनामी धन राशि जारी की गई है। बृहस्पतिवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में खेल मंत्री रेखा आर्या ने यह धनराशि खिलाड़ियों के खातों में डीबीटी ट्रांसफर की।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इन खिलाड़ियों में 1 जुलाई 2024 से और 31 मार्च 2025 के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा पिछले साल हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले कुछ खिलाड़ी और कोच इनामी धन राशि प्राप्त करने से इसलिए चूक गए थे क्योंकि उन्होंने कुछ कागजी औपचारिकताएं उस समय पूरी नहीं की थी। इन सभी बचे हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भी उनकी इनामी धनराशि बृहस्पतिवार को जारी कर दी गई है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न जॉब की प्रक्रिया भी तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि जल्द ही विभागों में अधिसंख्य पद सृजित करके विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी भी दी जाएगी।


कट्टे में मिला महिला का शव, पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, पति ही निकला हत्यारा

दूसरी पत्नी को लेकर विवाद बना हत्या की वजह

देहरादून। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में प्लास्टिक के कट्टे में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके पति ने ही गला दबाकर की थी और शव को जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला 11 मार्च 2026 का है, जब प्रेमनगर क्षेत्र के मोडूवाला रोड स्थित शीतला माता मंदिर परिसर के पास एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शव कई दिन पुराना होने और चेहरा खराब होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आठ टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

इसके बाद पुलिस ने मृतका की पहचान के लिए झुग्गी-बस्तियों, निर्माण स्थलों और मजदूरों के बीच व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। करीब 5000 लोगों से पूछताछ की गई और पर्चे बांटकर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पता चला कि एक निर्माणाधीन मकान में काम करने वाला मजदूर रंजीत शर्मा अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहता था, लेकिन होली के बाद से उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा कुछ समय पहले उसके पास देहरादून आई थी और दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 5 मार्च की रात विवाद बढ़ने पर उसने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में डालकर कमरे में छिपाए रखा और चार दिन बाद मौका मिलते ही उसे शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका हाल ही में बिहार से आई थी, जिससे आरोपी को लगा कि उसकी पहचान नहीं हो पाएगी।

पुलिस ने आरोपी रंजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को अधिकारियों द्वारा नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।


मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदू नवसंवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू नवसंवत्सर की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि विक्रम संवत 2083 सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और नई ऊर्जा लेकर आए।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह नववर्ष उत्तराखंड के विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करे। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में उन्नति, शांति और आनंद का संचार हो।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ नए वर्ष का स्वागत करने का आह्वान भी किया।


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