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पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

Category Archives: उत्तराखंड

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

केंद्र ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

नई कार्य संस्कृति विकसित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

उपस्थिति
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।


शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का साहस और त्याग आने वाली पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा- सीएम

मुख्यमंत्री धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर किया उन्हें याद 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इन वीरों का साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।


वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है- भूपेंद्र यादव

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 

देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च, 2026 को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी; और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।

वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।

यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।


सेब काश्तकारों को बड़ी राहत, सरकार ने जारी किए ₹29.25 करोड़

पर्वतीय क्षेत्रों के सेब उत्पादकों को मिलेगा सीधा फायदा

देहरादून। प्रदेश सरकार ने सेब काश्तकारों को राहत देते हुए सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत ₹35 करोड़ के बजट के सापेक्ष ₹2925.00 लाख (₹29 करोड़ 25 लाख) की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इससे प्रदेश के सेब उत्पादक किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए ₹35 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई थी, जिसमें से ₹2925.00 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एप्पल मिशन और सेब की अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली लंबित राजकीय सहायता के भुगतान में अब तेजी आएगी। उन्होंने विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर लाभार्थी किसानों को उनकी लंबित सहायता राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस योजना से विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के सेब काश्तकारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


चमोली में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित होकर गहरी खाई गिरी कार, पूर्व सैनिक की मौत

तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव  

चमोली। नंदकेशरी-चिड़िगा मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक पूर्व सैनिक की जान चली गई। कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, कोठी गांव निवासी 43 वर्षीय दर्शन सिंह अपनी कार से चिड़िगा गांव से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नंदकेशरी से करीब एक किलोमीटर आगे उनकी कार लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

घटना स्थल की दुर्गम परिस्थितियों के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। स्ट्रेचर और रस्सियों की सहायता से देर रात करीब 12 बजे शव को सड़क तक लाया गया।

इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली भेजा गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम थराली में ही कराने की मांग की। दर्शन सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।


उत्तराखंड में SIR को लेकर तैयारियां तेज, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली समीक्षा बैठक

हर बूथ पर होगी तकनीकी रुप से दक्ष वॉलिटिसर्य की तैनाती

देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में SIR के लिए तैनता नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबंधित अधिकारीयों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी बूथ लेवल ऑफिर्स के साथ आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती की जा रही है। ये सभी वालिंटियर्स गणना प्रपत्र के डिजिटलाइजेशन में सहायता करेंगे, इसके साथ ही इनका गणना प्रपत्र बांटने और उसके संकलन में भी वालिंटियर्स सहायता करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपर सचिव ग्राम्या विकास और निर्देशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए इस सम्बंध में जल्द तकनीकी रुप से दक्ष युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गढ़वाल और कुमाऊ आयुक्तों को भी मैपिंग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला बाल विकास बीएल राणा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेशक सूचना रवि बिजारनियां सहित गढवाल और कुमाऊ मंडल के अपर आयुक्त शामिल रहे।


मातृशक्ति का सम्मान और अधिकार, राष्ट्र की उन्नति का आधार- जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी राजराजेश्वरम

ऋषिकेश के एम्स (सभागार) में ‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दी शुभकामनाएं

​ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “दान से लाभ” के अवसर पर ऋषिकेश स्थित एम्स के मुख्य सभागार में पहाड़ की नारी देश की शक्ति के नारे के साथ एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक चेतना के पुंज परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य (शारदापीठाधीश्वर) स्वामी राजराजेश्वरम महाराज का पावन सान्निध्य रहा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं की उदारता सहयोग भावना तथा उनके बहुआयामी योगदान को सम्मानित करना तथा इस प्रकार की सकारात्मक पहलें न केवल समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी बढ़ती है।

पूज्य जगतगुरू शंकराचार्य ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी के स्थान को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे देश में माताओं का 100% सम्मान है और प्रत्येक क्षेत्र में उनका 100% अधिकार है। यह गौरव की बात है कि आज उत्तराखंड की बेटियाँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने सम्मानित होने वाली 12 महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा, मैं उन सभी के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्हें आज यहाँ सम्मानित किया गया है। मुझे आप सभी से यह आशा और उम्मीद है कि आप भविष्य में भी समाज में माताओं के कल्याण के लिए और भी बेहतर कार्य करेंगे।

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आयोग का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुँचाना है। यह सम्मान समारोह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति हमारे कृतज्ञ भाव का प्रतीक है।

समारोह में मा. विधायक ऋषिकेश प्रेमचन्द अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डॉ. रीमा पंत, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह एवं महापौर शम्भू पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने ‘दान से लाभ’ विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा की और समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा में मील का पत्थर स्थापित करने वाली 12 विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती जया बलूनी (एसपी देहात), श्रीमती साक्षी सिंह (IIS), श्रीमती गीता चंदोला, श्रीमती तुलसी मेहरा, सुश्री नेहा सिंह, श्रीमती दर्शनी देवी नेगी, श्रीमती रेखा रयाल, श्रीमती कमला नेगी, श्रीमती चन्द्रिका पुंज, कुमारी मुस्कान (स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी), श्रीमती रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।

इस भव्य आयोजन में आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, वरिष्ठ प्रबुद्धजन दिनेश सेमवाल, आयोग की सदस्य सदस्य कमला जोशी, विमला नैथानी, किरण देवी, वैशाली नरूला, कंचन कश्यप, सरोज बहुगुणा, सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण तोमर, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, लक्ष्मी सेमवाल, दिव्या बेलवाल, नीलम चमोली, पूनम व्यास, निवेदिता सरकार, कविता शाह, शकुंतला बेलवाल जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीडीपीओ शिखा कंडवाल सहित आयोग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


हर्षिल घाटी में भारी बर्फबारी, सुक्की टॉप पर सड़क बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी

उत्तरकाशी। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हर्षिल घाटी में शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी हिमपात के चलते गंगोत्री हाईवे सुक्की टॉप के पास बंद हो गया है, जिससे हर्षिल क्षेत्र के सात गांवों सहित गंगोत्री धाम और अंतरराष्ट्रीय सीमा का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

लगातार हो रही बर्फबारी के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) के अनुसार, मौसम साफ होते ही मार्ग को खोलने के लिए राहत कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं बदरीनाथ धाम में भी करीब दो फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे तीर्थ क्षेत्र पूरी तरह बर्फ की चादर में ढक गया है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है, जहां तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख बना रहने की संभावना है और 25 मार्च तक प्रदेशभर में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।


गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं- ऋतु खण्डूडी

एक समान हो सभी का गैस सिलिंडर बुकिंग- ऋतु खण्डूडी भूषण 

कोटद्वार। कोटद्वार क्षेत्र में गैस सिलेंडर रिफिल में हो रही देरी को लेकर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

इस समस्या का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र है, इसलिए यहां एक समान गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने यह भी कहा कि गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की सुविधा सर्वोपरि है।


वाराही धाम के नव-निर्माण कार्यों का शुभारम्भ होना सभी के लिए सौभाग्य का क्षण- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री धामी ने वाराही धाम, देवीधुरा में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित

मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है- धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वाराही धाम, देवीधुरा (चंपावत) में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराही धाम के नव-निर्माण कार्यों का शुभारम्भ होना सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है।

उन्होंने कहा कि मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। यहां आयोजित होने वाला बग्वाल मेला वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है, जिसे राज्य सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के नव-निर्माण से इसे और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप मिलेगा और यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण व पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह देवभूमि देवताओं की भूमि है और सरकार इसकी आध्यात्मिक विरासत को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर, मां रणकोची मंदिर और मां पूर्णागिरी मंदिर के पुनर्विकास कार्य भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया है, जबकि लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेल और शिक्षा के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोहाघाट के छमनिया में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक और लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है।

सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग का सुधार कार्य भी तेजी से चल रहा है। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण और देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर गोविंद सामंत, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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