Saturday, September 26th, 2026

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विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह

Category Archives: उत्तराखंड

विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह

योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने किया शुभारंभ, कृषि, मत्स्य, ग्रामोत्थान, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों ने मौके पर पहुंचकर दी सेवाएं

पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की भावना को धरातल पर पहुंचाते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया तथा मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने प्रभारी मंत्री तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया। राजकीय इंटर कॉलेज कोट की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।

शिविर में पशुपालन, उद्यान, कृषि, शिक्षा, एनआरएलएम, परिवीक्षा, खाद्य, उद्योग, सहकारिता, स्वास्थ्य, मत्स्य, समाज कल्याण एवं सेवायोजन सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर माइक्रो लेवल पर लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक प्रधान अपने गांव की आवश्यकताओं और विकास की चिंता करते हुए विभागों के साथ समन्वय से कार्य करेगा तो विकास की गति और तेज होगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान देना होगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि सुशासन की भावना को मजबूत करने के लिए सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, बालिकाओं एवं किशोरों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के विकास के लिए संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

इस अवसर पर कृषि विभाग की ओर से दो लाभार्थियों को 4-4 लाख फार्म मशीनरी बैंक, एक लाभार्थी को जियोलाइन टैंक तथा चार लाभार्थियों को नैपसेक स्प्रे वितरित किए गए। मत्स्य विभाग के एक लाभार्थी को चेक प्रदान किया गया। ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत छह लाभार्थियों को चेक, दो लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट तथा समाज कल्याण विभाग के पांच लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। गौरा देवी मातृशक्ति क्लस्टर की प्रमुख लक्ष्मी देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं से मिल रहे सहयोग एवं लाभ के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली। राजकीय इंटर कॉलेज कोट के विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी, जल संचयन एवं जल संरक्षण से संबंधित अपने नवाचार एवं प्रयोगों का प्रदर्शन किया। कक्षा सातवीं के छात्र प्रियांशु तथा कक्षा दसवीं के छात्र शौर्य ने अपने तैयार किए मॉडल समक्ष प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के नवाचार की उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सराहना की। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज कोट की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख गणेश कोली, ज्येष्ठ प्रमुख उपेंद्र भट्ट, कनिष्ठ प्रमुख अनिल गुसाईं, जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, आराधना देवी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पूर्णिमा नेगी, ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष हिम्मत सिंह नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या

‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में 202 लाभार्थियों को वितरित की गई महालक्ष्मी, तेजस्विनी, रोजगार एवं पोषण किट

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों का किया सम्मान, कहा आंगनबाड़ी बहने पहुंचा रहीं योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक

हरिद्वार। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या आज जनपद हरिद्वार स्थित चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। उन्होंने जनपद हरिद्वार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर फेरुपुर न्याय पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र चांदपुर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय में माताओं, बहनों, किशोरियों और नन्हे बच्चों से संवाद किया। इस दौरान उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं को सुना।

कार्यक्रम में 202 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, तेजस्विनी किट, रोजगार किट, पोषण किट सहित विभिन्न लाभकारी किट वितरित की गईं। साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं आशा बहनों को सम्मानित किया गया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं।

कहा कि हमारी आंगनबाड़ी बहनें सरकार और लाभार्थी परिवारों के बीच महत्वपूर्ण दायित्व निभाती हैं। उनके समर्पण और मेहनत से योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। उनके उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित और सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है।

सात महिलाओं की हुई गोद भराई, मंत्री रेखा आर्या ने नन्हे बच्चों का कराया अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान सात महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। इसके साथ ही नन्हे-मुन्ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के महत्व को लेकर भी संवाद किया गया।

मंत्री रेखा आर्या ने चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय का किया शुभारंभ, नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ भोजन कर किया संवाद

इस अवसर पर विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने चांदपुर आंगनबाड़ी केंद्र तृतीय का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही केंद्र में उपस्थित नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ भोजन कर संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से आंगनबाड़ी केंद्र में उन्हें क्या दिक्कत या असुविधा हो रही है इसके बारे में भी पूछा। विभागीय मंत्री को अपने बीच बैठकर भोजन ग्रहण करते हुए देखकर नन्हे मुन्ने बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल सरकारी योजनाओं के संचालन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हमारे नन्हे बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने में इन केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वावलंबन के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लाभार्थी तक पहुंचे। इसी दिशा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा , मेयर किरण जैसल , ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी , मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र , जिला कार्यक्रम अधिकारी अविनाश भदोरिया , बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता शर्मा , सुलेखा सहगल , वर्षा शर्मा , महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता , मंडल अध्यक्ष राकेश सैनी सहित विभागीय अधिकारीगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी बहनें उपस्थित रहीं।


विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी

राजकीय इंटर कॉलेज किशनपुर में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। राजकीय इंटर कॉलेज किशनपुर में शनिवार को आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए सेवा को समाज के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का भाव बताया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेवा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज के प्रति संकल्प और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन में सुधार, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को अवसर देने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत कई योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के किसानों को मिल रहा है।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है। सरकार का प्रयास है कि किसान केवल कृषि उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार तक की पूरी प्रक्रिया से जुड़ें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में फल, सब्जी, मसाले, औषधीय और सुगंधित पौधों की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें रोजगार और आय के अवसरों में बदला जा सकता है।

विद्यार्थियों से कृषि को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने का आह्वान

गणेश जोशी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि किसान और विद्यार्थी दोनों देश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। कृषि के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, ड्रोन, मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक खेती का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को कृषि को केवल परंपरागत कार्य के रूप में नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, जन-धन योजना और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है।

सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण को बताया विशेष जिम्मेदारी

सैनिक कल्याण पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और प्रदेश के हजारों परिवारों का संबंध सेना से है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का कल्याण सरकार की विशेष जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला स्तर पर सैनिक कल्याण कार्यालयों के माध्यम से विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी सैनिकों और वीर नारियों को नमन किया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विद्यार्थी ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माता हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यालय में खेल सामग्री उपलब्ध कराने और टिन शेड निर्माण की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य धूम सिंह नेगी, विशाल पंचोली, विमल नौटियाल, बृजेश नेगी, चंद्रकला थपलियाल, अर्चना उपाध्याय, प्रियंका डोभाल, ममता नौटियाल, नेहा रावत, महानगर मंत्री समीर डोभाल, मंडल उपाध्यक्ष संजय नौटियाल सहित अभिभावक, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन

मंडलायुक्त दीपक रावत ने दिए कुमाऊँ मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश

हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में दाखिल-खारिज और विभिन्न प्रमाण-पत्रों के मामलों में अब स्थलीय सत्यापन को अनिवार्य किया जाएगा। मंडलायुक्त दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लेखपाल और पटवारी बिना मौके पर जाकर जांच किए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत न करें। उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन के अभाव में गलत दाखिल-खारिज, भूमि विवाद और अनियमितताओं के साथ-साथ अपात्र लोगों को प्रमाण-पत्र जारी होने की आशंका बनी रहती है।

मंडलायुक्त ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से ऐसी सूचनाएं सामने आई हैं, जिनमें लेखपाल और पटवारी द्वारा दाखिल-खारिज के साथ जाति प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाण-पत्र जैसे मामलों में अपेक्षित स्थलीय सत्यापन के बिना ही रिपोर्ट दिए जाने की बात सामने आई है। ऊधमसिंह नगर जिले में ऐसे कुछ मामले भी संज्ञान में आए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवेदक की वास्तविक स्थिति, निवास, आय, परिवार या अन्य तथ्यों का भौतिक सत्यापन जरूरी है, उनमें संबंधित लेखपाल या पटवारी को अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर जांच करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थलीय सत्यापन को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाए।

मौके की जांच का डिजिटल रिकॉर्ड जरूरी

मंडलायुक्त ने स्थलीय सत्यापन की डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत संबंधित अधिकारी या कर्मचारी द्वारा मौके से फोटो लिए जाएंगे और उन्हें संबंधित प्रकरण की पत्रावली या ऑनलाइन आवेदन से जोड़ा जाएगा। फोटो में यथासंभव स्थल की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही फोटो लिए जाने की तारीख और समय भी उपलब्ध रहना चाहिए।

भविष्य में ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे स्थलीय निरीक्षण के दौरान जीपीएस, जियो-कोऑर्डिनेट्स या अन्य तकनीकी माध्यमों से निरीक्षण स्थल की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित कर्मचारी ने वास्तव में मौके पर जाकर निरीक्षण किया है।

लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

मंडलायुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन कराया जाए। आवश्यक स्थलीय जांच के बिना ऐसी कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जानी चाहिए, जिसमें मौके पर सत्यापन जरूरी हो।

उन्होंने व्यवस्था की निगरानी के लिए समय-समय पर राजस्व अधिकारियों के माध्यम से पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच कराने के निर्देश भी दिए। स्थलीय सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को अशोक चक्र विजेता अमर शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी वीरता एवं शौर्य को नमन किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विलासपुर कांडली स्थित शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा के आवास पर पहुंचकर उनकी शहादत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहीदों को कोई वापस नहीं ला सकता, लेकिन राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शहीदों और उनके परिजनों के प्रति पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री ने शहीद की वीरांगना श्रीमती शांति बोहरा एवं उनके बच्चों से भी भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य सरकार शहीदों की वीरता और बलिदान को सदैव सम्मान देने के साथ ही उनके आश्रितों के हितों के लिए लगातार प्रयासरत है।

गौरतलब है कि हवलदार बहादुर सिंह बोहरा भारतीय सेना की 10वीं बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट के वीर सैनिक थे। उन्हें देश के सर्वाेच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। उनका अदम्य साहस, वीरता और सर्वाेच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

इस दौरान ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, पूर्व सैनिक बीसी भट्ट, मोहन सिंह महर, विक्रम कण्डारी, सुनील घनोसी, जगदीश चन्द्र पाण्डे, मंजू देउपा आदि उपस्थित रहे।


आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार नहीं होने दिया जाएगा प्रभावित- डीएम

रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के उपचार हेतु डीएम की पहल; 10 बच्चों के उपचार को जिला प्रशासन ने दिए रू0 9.60 लाख

अब तक 32 बच्चों का चिन्हीकरण, 22 बच्चों का आरबीएसके के तहत चल रहा उपचार

देहरादून। जिले में दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत चिन्हित बच्चों के उपचार, रेफरल प्रक्रिया, आर्थिक सहायता एवं चिकित्सकीय प्रगति की स्वयं नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जनपद में अब तक 32 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से 22 बच्चों का उपचार आरबीएसके के अंतर्गत किया जा रहा है, जबकि 10 ऐसे बच्चे चिन्हित किए गए हैं, जो आरबीएसके के दायरे में नहीं आते हैं। इन 10 बच्चों के उपचार के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएसआर फंड से रू0 9.60 लाख की धनराशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से बच्चों का उपचार कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन के सहयोग से प्रेमनगर निवासी 10 वर्षीय उमेश, बैराज निवासी 13 वर्षीय आयशा, डोईवाला निवासी 9 वर्षीय वंशिका, रायपुर निवासी 2 वर्षीय अक्ष, मेहूवाला निवासी 3 वर्षीय आरिस, मांडूवाला निवासी 15 वर्षीय बाबू एवं प्रदीप, मांडूवाला निवासी 20 वर्षीय रंजीत, डोईवाला निवासी 5 वर्षीय शमशाद तथा जोगीवाला निवासी 5 वर्षीय दिव्यांश का उपचार कराया गया है। इनमें कई बच्चों की सर्जरी के साथ-साथ लंबे समय तक नियमित चिकित्सकीय पर्यवेक्षण की आवश्यकता है।

गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावक महंगे उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं तथा जिन्हें सर्जरी अथवा लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता है, उनका उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ एवं उच्च चिकित्सा सुविधाओं से युक्त संस्थानों में कराया जा रहा है। रेयर डिजीज के उपचार में कई बार अत्यधिक व्यय होने के साथ उपचार की अवधि भी लंबी होती है। ऐसे में उपचार को निरंतर बनाए रखने के लिए समयबद्ध आर्थिक एवं प्रशासनिक सहयोग आवश्यक है। डीएम द्वारा आवश्यकता के अनुसार सीएसआर फंड के साथ-साथ राइफल क्लब फंड से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी बच्चे का उपचार बाधित न हो।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे के उपचार में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति, चिकित्सकीय रेफरल, अनुमोदन तथा वित्तीय सहायता से संबंधित सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि बच्चों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि आरबीएसके योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता के बाद भी किसी बच्चे के उपचार के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होती है, तो जिला प्रशासन द्वारा राइफल क्लब फंड से आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि “आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार प्रभावित नहीं होना चाहिए।”

जिलाधिकारी ने कहा कि गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को सभी चिन्हित बच्चों के प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उनके अभिभावकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रत्येक बच्चे के उपचार की वर्तमान स्थिति, चिकित्सकीय प्रगति, रेफरल प्रक्रिया, आर्थिक सहायता की उपलब्धता तथा उपचार से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी बच्चे के उपचार में प्रशासनिक अथवा वित्तीय बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने जिले में रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा उपचार एवं आवश्यक सहायता से वंचित न रहे।


उत्तराखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बढ़ी ठंड

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 से 28 सितंबर तक प्रदेश में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मौसम खराब होने के बाद हेमकुंड साहिब में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार मौजूदा मौसमी परिस्थितियों के चलते 26 से 27 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटों में करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। इसका असर उत्तराखंड के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।

26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट

26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

27 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

28 सितंबर को भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश के तेज दौर भी देखने को मिल सकते हैं।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका जताई है। इसके चलते सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने, नालों में अचानक बाढ़ आने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

इसके अलावा कच्चे मकानों, पुलों और निर्माणाधीन भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। बिजली और पेयजल जैसी सामुदायिक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

चारधाम यात्रा और हेली सेवाओं पर भी असर संभव

भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियानों और हेली सेवाओं पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

विभाग ने लोगों को नदी, नालों और उफनती धाराओं में जाने या नौका विहार करने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान घरों के भीतर रहने और सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों को पार न करने की भी अपील की गई है।


श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और ज्ञान के आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू), देहरादून और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के बीच अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण, अकादमिक सहभागिता और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद से हुए इस एमओयू को दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ विपिन चन्द्र घिल्डियाल ने विश्वविद्यालय टीम को इस अवसर पर बधाई दी।

नई दिल्ली स्थित सीसीआरएच मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत दोनों संस्थान आपसी रुचि के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, वैज्ञानिक एवं अकादमिक गतिविधियों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं तथा ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर सीसीआरएच के प्रतिनिधिमंडल में महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, डॉ. के.सी. मुरलीधरन, वैज्ञानिक-डी डॉ. रेनू मित्तल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी, प्रोफेसर डॉ. द्वारिका पी. मैठाणी, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज (एसबीएएस) के डीन डॉ. पंकज चमोली तथा स्कूल रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. सुभाष चंद्र ने प्रतिनिधित्व किया।

एमओयू के माध्यम से एसजीआरआर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थान के साथ वैज्ञानिक संवाद और सहयोगात्मक शोध गतिविधियों में सहभागिता के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही अंतर्विषयक अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा संस्थागत अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने कहा कि माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में एसजीआरआर विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सार्थक सहयोग को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। सीसीआरएच के साथ हुआ यह एमओयू इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में संयुक्त अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। दोनों संस्थानों के बीच हुआ यह समझौता अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां शुरू, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के निर्देश

विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन

निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी निर्वाचन सम्पन्न कराना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों एवं जोनल अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया समय से पूर्ण करने तथा विभिन्न विभागों से निर्वाचन ड्यूटी के लिए आवश्यक कार्मिकों का विवरण निर्धारित समय में प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित हो तथा संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।

बूथों पर एएमएफ सुविधाओं का मानकों के अनुरूप करें परीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले मतदान केंद्रों एवं बूथों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बूथों  एएमएफ की उपलब्धता का परीक्षण किया जाए। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा, आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं तथा अन्य निर्धारित सुविधाओं को समय रहते सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कलेक्शन सेंटर, डिस्पैच सेंटर एवं मतगणना स्थल के लिए उपयुक्त स्थानों एवं व्यवस्थाओं का परीक्षण कर भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बूथ लेवल मैनेजमेंट प्लान, रूट प्लान, कार्मिक प्रशिक्षण, वाहन व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना समय से तैयार करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय एवं अंतरजनपदीय आवागमन को ध्यान में रखते हुए बॉर्डर चेकपोस्ट की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्वीप के तहत स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा एवं पात्र नागरिक, जिनके नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं, उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार तैयारियां पूर्ण करें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण स्वतंत्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरि, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।


जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की

पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देश

कूड़ा निस्तारण, पर्यटन, यातायात और नशामुक्ति अभियान पर भी हुई चर्चा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 25 योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के साथ राजस्व प्राप्ति तथा प्रवर्तन कार्यों पर भी चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने ईको टूरिज्म, पर्यटन नीति और होमस्टे योजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कूड़ा निस्तारण की स्थिति, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs), प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग प्लांट तथा कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करने की व्यवस्था पर भी संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।

कूड़ा निस्तारण से जुड़ी चुनौतियों और नदियों में कचरा फेंके जाने की घटनाओं को देखते हुए बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नालों और पुलियाओं में बहकर आने वाले कचरे को रोकने के लिए ट्रैश स्क्रीन के उपयोग की संभावना पर विचार करने को कहा। इस व्यवस्था को पायलट परियोजना के रूप में रिस्पना नदी पर शुरू करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके साथ ही नागरिकों से नदियों में कचरा न फेंकने की अपील और व्यवहार में बदलाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में पार्किंग और यातायात संबंधी योजनाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ऐसे उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जिन्हें पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के मास्टर प्लान का भी संदर्भ लिया जाए।

इसके अतिरिक्त निराश्रित पशुओं के लिए कैटल पाउंड की व्यवस्था, SARRA एवं ‘कैच द रेन’ योजना तथा नशामुक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ला तथा अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।


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