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गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर बिना फिटनेस और ओवरलोड वाहनों पर कसेगा शिकंजा, DM के सख्त निर्देश

Category Archives: राष्ट्रीय

गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर बिना फिटनेस और ओवरलोड वाहनों पर कसेगा शिकंजा, DM के सख्त निर्देश

उत्तरकाशी। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एआरटीओ को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं कहीं सड़क मार्ग बेहद संकीर्ण हैं। ऐसे मार्ग पर पुराने और अनफिट वाहनों के खराब होने से न केवल लंबा ट्रैफिक जाम लगता है बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई,वाहन होंगे सीज

जिलाधिकारी ने सुरक्षित व सुगम यात्रा के संचालन को लेकर परिवहन विभाग को तत्काल प्रभाव से गंगोत्री एवं यमुनोत्री सड़क मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बिना परमिट और ओवरलोडिंग वाले वाहनों के खिलाफ चालान करने एवं बिना फिटनेस के दौड़ रहे खतरनाक और पुराने वाहनों को मौके पर ही सीज करने के निर्देश दिए।


उत्तराखंड में गर्मी का कहर जारी, देहरादून में तापमान 40 डिग्री के पार

चटक धूप और लू से बेहाल लोग, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना

देहरादून। उत्तराखंड में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राजधानी देहरादून में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

राज्य में मई के अंतिम सप्ताह में गर्मी अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम दिखाई दी, जबकि खुले में काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

गर्मी का असर केवल दिन तक सीमित नहीं रहा। शाम ढलने के बाद भी वातावरण में गर्मी बनी रही और कई क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति महसूस की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग ने लोगों को धूप में निकलते समय सावधानी बरतने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

विभाग का कहना है कि 31 मई तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन मैदानी जिलों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।


NSG के मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंग

देवभूमि के सपूतों ने छुआ आसमान  

देहरादून। उत्तराखंड ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो कोई शिखर ऊंचा नहीं। देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की 16 सदस्यीय टीम ने 23 मई 2026 को प्रातः 3:26 बजे नेपाल समय पर माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर पर सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया। काठमांडू से मात्र 20 दिनों में शिखर तक पहुंचना एवरेस्ट अभियानों में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।

इस अभियान का नेतृत्व इंद्रापुर, देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट ने किया, जो मूलतः घनसाली, टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं और दिनेश प्रसाद भट्ट के पुत्र हैं। उनके साथ Expedition Deputy Leader की भूमिका में पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कंडाई निवासी सूबेदार सुरेश कुमार बेबनी रहे, जो शंभू प्रसाद बेबनी के पुत्र हैं। शिखर पर पहुंचने वाले उत्तराखंड के अन्य जवानों में चमोली के ग्राम सेरा निवासी नायक राहुल सिंह, कुंवर सिंह के पुत्र, अल्मोड़ा के ग्राम ल्वेशाल निवासी नायक पंकज सिंह दोसाद, केशर सिंह दोसाद के पुत्र, तथा उत्तरकाशी के कमांडो गौतम बुटोला शामिल रहे।

यह सफलता एक दिन की नहीं है। अक्टूबर 2025 में मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में ही टीम ने गढ़वाल हिमालय के माउंट सतोपंथ 7075 मीटर का आरोहण किया। इसके बाद लाहौल-स्पीति में डोगरा स्काउट्स के साथ चरम शीतकालीन बर्फ प्रशिक्षण लिया और माउंट कानामो 5975 मीटर फतह किया। महीनों की योजना, सैन्य अनुशासन और तकनीकी परिशुद्धता ने ही एवरेस्ट विजय का रास्ता तैयार किया।

यह केवल NSG की जीत नहीं, देवभूमि के साहस और नेतृत्व की जीत है। पहाड़ों की गोद में पले-बढ़े इन जवानों ने दुनिया को दिखा दिया कि उत्तराखंड का बेटा जब ठान ले, तो एवरेस्ट भी झुक जाता है। इस अभियान ने राज्य के युवाओं को संदेश दिया है कि अनुशासन और संकल्प से हर लक्ष्य संभव है। NSG प्रवक्ता ने कहा कि यह मिशन NSG के ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ ध्येय का जीवंत उदाहरण है। मेजर अखिलेश भट्ट और उत्तराखंड के जवानों ने विपरीत हालात में जिस तरह टीम को शिखर तक पहुंचाया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।

उत्तराखंड सरकार और देशवासी इन वीर सपूतों को सलाम करते हैं जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा और देवभूमि का स्वाभिमान दोनों लहराए।


एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, ऋषिकेश से विकासनगर तक ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाए। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए लक्कड़घाट रोड स्थित साक्षी महाराज ब्लॉक-सी में निशांत मलिक द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। संबंधित निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों के किया जा रहा था, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

बहुमंजिला भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई
ऋषिकेश के निर्मल बाग क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाई। लेन नंबर-6, ब्लॉक-सी में गुरु कृपा फाउंडेशन द्वारा निर्मित बहुमंजिला अवैध भवन को सील किया गया। इसके अलावा लेन नंबर-10, ब्लॉक-बी में नर्मदा सिंह तथा अजीत राम भट्ट द्वारा किए गए बहुमंजिला निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन भवनों का निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।

विकासनगर में व्यावसायिक निर्माणों पर भी कार्रवाई
प्राधिकरण की कार्रवाई केवल ऋषिकेश तक सीमित नहीं रही। विकासनगर क्षेत्र में भी कई अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। हरबर्टपुर चौक-विकासनगर रोड पर फुर्कान द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया। वहीं टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने कुनाल रोड पर हसन द्वारा किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त मंडी चौक, चकराता रोड मुख्य मार्ग स्थित विकासनगर बाजार में सुरेंद्र सिंह द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर सील कर दिया गया। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

लगातार जारी रहेगा अभियान
एमडीडीए द्वारा हाल के महीनों में अवैध निर्माणों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य अनियोजित विकास पर रोक लगाना तथा शहरों और कस्बों में सुनियोजित निर्माण व्यवस्था सुनिश्चित करना है। कई लोग बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला और व्यावसायिक भवनों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे भविष्य में सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अपेक्षा है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का लक्ष्य सुनियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, इसलिए किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव में आए बिना नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अवैध निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और प्राधिकरण के नियमों का पालन करें। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, मनीष डिमरी, अमन पाल, सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


हल्द्वानी में बनेगा अत्याधुनिक कुमाऊँ मीडिया सेंटर, सीएम धामी ने किया शिलान्यास

“कुमाऊँ में मीडिया सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत”

6.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का शिलान्यास

हल्द्वानी – हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 6.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का शिलान्यास उत्तराखण्ड की पत्रकारिता के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने वाला आधुनिक मंच होगा।

इस मीडिया सेन्टर में आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल स्टूडियो, हाई-स्पीड इंटरनेट, समृद्ध लाइब्रेरी, कैंटीन और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए गेस्ट रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को अब कई कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाओं का भी उल्लेख किया। पत्रकार कल्याण कोष की राशि बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है, ताकि आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकार परिवारों को तत्काल सहायता मिल सके। अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू की गई है। साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जा रही है।

निश्चित रूप से यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ का प्रमुख मीडिया हब बनाने के साथ उत्तराखण्ड में आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त पत्रकारिता को नई दिशा देगा।


36 यमकेश्वर विधानसभा सेे बीजेपी की मजबूत दावेदार बन कर उभरती डॉ0 मीरा रतूड़ी

यमकेश्वर। पिछले पॉच विधानसभा चुनावों में बीजेपी यमकेश्वर में अजेय रही है, और इन पॉचों बार महिला विधायक चुनकर विधानसभा पहॅुची है, जिसमें तीन बार श्रीमती बिजया बड़थ्वाल, जो कि कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं। उसके बाद श्रीमती ऋतु खण्डूरी भूषण चुनी गयी जो कि वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हैं, और वर्तमान विधायक रेनू बिष्ट हैं। भाजपा की सबसे बड़ी मुफीद सीटों में एक सीट यमकेश्वर विधानसभा सीट है। उत्तराखण्ड में 2027 में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में सभी संभावित उम्मीदवार और दावेदार अपनी-अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते नजर आ रहे हैं, ऐसे में सभी दावेदार जनता के द्वार जाते और सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। यमकेश्वर से वैसे तो अकेले ही भाजपा से कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकते हैं, आखिर में टिकट तो पार्टी हाईकमान के द्वारा ही तय किया जाना है। यमकेश्वर से भाजपा के दावेदारों की लंबी फेरहिस्त है। वर्तमान विधायक रेनू बिष्ट, शैलेन्द्र रावत, डॉ0 मीरा रतूड़ी, ऋषि कण्डवाल, हेमंत बहुखण्डी, पूर्व विधायक, बिजया बड़थ्वाल, हेमंत द्विवेदी, संजीव चौहान, महेन्द्र राणा आदि प्रमुख रूप से दावेदार माने जा रहे हैं।

यमकेश्वर विधानसभा सीट के समीकरण सिर्फ यमकेश्वर तक ही नहीं बल्कि पूरे पौड़ी जिले की विधानसभा सीटों पर भी निर्भर करेगा। क्योंकि पार्टी सभी जगह जीताऊ उम्मीदवार पर दांव खेलना चाहेगी। यमकेश्वर विधानसभा से लगने वाली सीटों में मुख्ययतः कोटद्वार और लैंसडाउन सीट है। बीजेपी इन सभी समीकरणों को मध्यनजर रखते हुए यमकेश्वर जो कि भाजपा के लिए अभी तक सर्वाधिक सुरक्षित सीट मानी जाती रही है, उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहेगी, ऐसे में पार्टी किसी ऐसे चेहरे को टिकट देगी जिसकी छवि समाज में अच्छी हो और जनता में मजबूत पकड़ हो।

अभी तक यमकेश्वर से भाजपा ने पिछले पॉचों विधानसभा चुनाव में महिलाओं को प्राथमिकता दी। राजनीति में जातीगत समीकरण बहुत मायने रखते हैं, अतः राजनीतिक दृष्टिकोंण से इन समीकरणों को की बात की जाय तो यमकेश्वर से चार बार ब्राहमण चेहरा एवं वर्तमान में ठाकुर चेहरा को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया और जनता ने विधायक। अतः पार्टी हाईकमान इन सबको देखते हुए और आस-पास की विधानसभा सीट के जातीगत समीकरण को देखते हुए पार्टी अपना उम्मीदवार तय करती है।
आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 में कयास लगाये जा रहे हैं कि भाजपा अपने पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए महिला प्रत्याशी का चयन करती है तो इसमें सबसे ज्यादा प्रबल दावेदार डॉ मीरा रतूड़ी मानी जा रही हैं। डॉ मीरा रतूड़ी यमकेश्वर की दमराड़ा गॉव की निवासी हैं, और अधिकांश समय अपने गॉव में ही व्यतीत करती हैं। वर्ष 2002 में भाजपा की सदस्य बनी। इसके बाद से ही जमीनी स्तर पर निरंतर सक्रिय एवं निष्ठावान कार्यकर्ता के तौर पर क्षेत्र और प्रदेश में विभिन्न पदों पर रहते हुए पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का कार्य किया। जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए पार्टी की छवि और प्रतिष्ठा को बढ़ाया। पिछले दो दशकों से यमकेश्वर क्षेत्र में संगठन, समाज और जनसेवा के माध्यम से निरंतर सक्रिय रही हैँ। उनका राजनीतिक जीवन सेवा, समर्पण, संगठनात्मक अनुशासन और राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित रहा है। राजनीतिक एवं संगठनात्मक सफर के तौर पर अब तक उनकी सफर की बात करते हैं तो वर्ष 2002 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। और इसी साल ही वर्ष 2002 में यमकेश्वर बिथ्याणी सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई। वर्ष 2004 में प्रांतीय परिषद की सदस्य के तौर पर कार्य किया। वर्ष 2005 से 2007 की अवधि में जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा पौड़ी के दायित्व का निर्वहन किया।

2008 में जिला पंचायत उमरोली सीट से चुनाव लड़ा और विजयी हुईं। 2014 तक जिला पंचायत सदस्य के तौर पर क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरी उतरी और वहां की मूलभूत समस्याओं का निदान किया। साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य किया। 2008 से 2014 तक जिला पंचायत सदस्य संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रही।

वर्ष 2009 में प्रदेश मंत्री, भारतीय जनता पार्टी का दायित्व मिला। इस अवधि में उनके द्वारा पार्टी की नीतियों और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अनकों कार्यों एवं दायित्वों का निवर्हन किया। लोकप्रियता के चलते पुनः 2014 से 2019 तक यमकेश्वर से गुमाल गांव से जिला पंचायत सदस्य चुनी गयी। संगठन ने उनके लंबे अनुभवों एवं पार्टी के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए वर्ष 2022 से 2025 तक मुझे पुनः प्रदेश मंत्री भाजपा का दायित्व सौंपा गया। हाल में हुए संगठनात्मक चुनाव में उनके द्वारा सहायक चुनाव अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन किया गया । इसके साथ ही दो बार जिला पंचायत एवं संगठन स्तर पर प्रदेश मंत्री के साथ प्रदेश महिला मोर्चा का पदभार संभाल चुकी हैं। आप विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़ी होने के साथ- साथ आपका परिवार एवं आप राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से जुड़ी रही है। आरएसएस से जुड़ी होने के नाते इन्होंने यमकेश्वर द्वारीखाल आदि में हिंदुत्व के लिए कई कार्याें का संपादन किया जिसमें हिंदू नव वर्ष से लेकर अन्य जन जागरण कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया।

डॉ मीरा रतूड़ी की समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती हैं, साथ ही बहुत सरल एवं सहज स्वभाव की व्यक्तित्व हैं। द्वारीखाल, दुगड्डा और यमकेश्वर में उनकी जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है। यहॉ तक कि उनके सरल और सहज व्यक्तित्व होेने के कारण सत्ता पक्ष के समर्थक ही नहीं बल्कि विपक्ष के लोग भी उनको आंतरिक समर्थन देते नजर आते हैं, और वह भी चाहते हैं कि यमकेश्वर से उनको विधानसभा में नेतृत्व करने का अवसर मिल सके। आप एक राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक व्यक्त्वि के साथ पत्रकारिता से भी जुड़ी रही हैं, विभिन्न पत्रकारिता के प्रतिष्ठानों में कार्य का बड़ा अनुभव के चलते ग्रामीण पत्रकार संगठन की अध्यक्ष भी रही हैं।

पिछले 15 वर्षों से यमकेश्वर में हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) का भव्य आयोजन किया जाता है, जिसका संचालक वह स्वयं करती हैं। इस कार्यक्रम में हर साल लगभग 800 से एक हजार महिलाओं की सहभागिता होती है। यमकेश्वर में पिछले 3 वर्षों से महंत अवैद्यनाथ की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके आयोजन में उनकी प्रमुख भूमिका रहती है।

इन सबको मध्यनजर रखते हुए उनके लंबे राजनीतिक अनुभव एवं पार्टी हित में उनकी वरिष्ठता और स्थानीय होना उनकी दावेदारी को और मजबूत करता है। अतः पार्टी हाईकमान उनको टिकट देने पर विचार कर सकता है। अतः जनहित एवं विधानसभा हित में उनकी मजबूत दावेदारी को देखा जा रहा है। वहीं स्थानीय निवासी भी यही मॉग कर रहे हैं, कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभवों और जनहित को देखते हुए उन्हें मौका मिलना चाहिए और जनता उनको अपना जनादेश देने के पक्ष में दिखाई दे रही है। हालांकि अभी पार्टी हाईकमान विधानसभावार आंतरिक सर्वे कर टिकट देने पर विचार करेगी।


देहरादून को मिला नया नेतृत्व, डॉ. आशीष चौहान ने संभाली जिलाधिकारी की कमान

जनसेवा और सुशासन के संकल्प के साथ जिलाधिकारी ने बताई प्राथमिकताएं

देहरादून। देहरादून जनपद में नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभाल लिया है, जबकि पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल का स्थानांतरण सचिवालय में किया गया है। सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के बाद जहां सविन बंसल को अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन ने भावुक विदाई दी, वहीं अब जनपद की कमान ऐसे प्रशासनिक अधिकारी के हाथों में आई है, जिनकी पहचान भी जनकेंद्रित, संवेदनशील और नवाचार आधारित कार्यशैली के रूप में रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सितंबर 2024 से देहरादून में अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासन को आमजन के और करीब लाने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में कई ऐसी पहलें शुरू हुईं, जिन्होंने सीधे समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को राहत और नई दिशा देने का कार्य किया।

बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘नंदा-सुनंदा’ पहल विशेष रूप से चर्चा में रही। इसके साथ ही भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने में लगे बच्चों के पुनर्वास के लिए भी जिला प्रशासन ने अभियान चलाया, जिसके तहत ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा उपलब्ध कराने और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में कार्य किया गया। इसके अतिरिक्त जनसुनवाई, त्वरित शिकायत निस्तारण, जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच, संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेप और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहलों के कारण सविन बंसल को एक “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” के रूप में पहचान मिली। यही कारण रहा कि उनके स्थानांतरण की खबर के बाद आमजन ने भावुकता के साथ उन्हें विदाई दी।

अब देहरादून को नए जिलाधिकारी के रूप में डॉ. आशीष चौहान का नेतृत्व मिला है, जिनकी कार्यशैली भी जनता से सीधे संवाद, तकनीक आधारित समाधान और जनहितकारी नवाचारों के लिए जानी जाती है। डॉ आशीष चौहान, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी है।

नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने से पूर्व उन्होंने कोषागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कोषागार में सभी रिकार्डो को व्यवस्थित एवं सुरक्षित संरक्षण करने और डिजिटल माध्यम से पेंशनरों का सत्यापन कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही चारधाम यात्रा प्रबंधन को सशक्त बनाना, आपदा प्रबंधन के कार्यो को समयबद्व पूर्ण करना एवं जनपद के विकास योजनाओं का त्वरित गति से पूर्ण कराना करना और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सुगमता से जनता तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। कार्यभार ग्रहण करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नवागत जिलाधिकारी का स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि आईएएस डा. आशीष चौहान इससे पूर्व पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यकाल में तकनीक आधारित जनहितकारी पहल, स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, सड़क सुरक्षा, जन संवाद और पर्यटन विकास जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए, जिन्हें प्रदेश स्तर पर सराहा गया।

पौड़ी जनपद में उनके नेतृत्व में शुरू किया गया ‘सेफ सफर ऐप’ सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में सामने आया। विवाह समारोहों में किराये पर चलने वाले वाहनों की निगरानी और पंजीकरण के लिए विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने ओवरलोडिंग, नशे में वाहन संचालन और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डॉ. चौहान की पहल ‘काव्या ऐप’ विशेष रूप से चर्चा में रही। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस ऐप के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, पंजीकरण और लगातार निगरानी सुनिश्चित की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर सुरक्षित प्रसव की चुनौती को देखते हुए यह पहल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में बेहद प्रभावी साबित हुई।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में भी उनके नेतृत्व में कई कार्य हुए। पौड़ी में हिमालय दर्शन स्थल के समीप विकसित हो रहा ‘त्रिशूल पार्क’ इसी सोच का परिणाम है। धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे इस पार्क में 56 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल स्थापित किया गया है, जो आने वाले समय में प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने जा रहा है।

डॉ. आशीष चौहान की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने हर योजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी। तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. चौहान से अब देहरादून में भी जनहितकारी और नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।


मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं- महाराज

बीरोंखाल विकासखण्ड मुख्यालय पर आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर

30 दिव्यांगों को मिले विकलांग प्रमाण पत्र

पौड़ी। बीरोंखाल विकासखण्ड मुख्यालय पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में जन समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु बहुउद्देशीय शिविर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बहुउद्देशीय शिविर में 30 दिव्यांगो को विकलांग प्रमाण पत्र वितरित करने के साथ-साथ 165 मरीजों की जाँच और 35 की रक्त जाँच की गई।

चौबट्टाखाल विधानसभा के अन्तर्गत बीरोंखाल विकासखण्ड मुख्यालय पर सोमवार को प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पर्यटन, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में पर जन समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित बहुउद्देशीय शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के विकास खण्ड बीरोंखाल में अभूत पूर्व विकास कार्य किए गए हैं।

महाराज ने कहा कि वर्षों से लम्बित वेदीखाल जोगीमढ़ी तथा रसिया महादेव ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजनाओं के लिए 41 करोड़ 57 लाख 36 हजार रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई। इससे योजना के छोटे-बड़े 75 गांव लाभान्वित होगें। इन दोनों योजनाओं पर 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।

जल जीवन मिशन के तहत जल निगम द्वारा 50 योजनाओं के लिए 21 करोड़ 68 लाख 10 हजार रूपये स्वीकृत किये गये इनमें से कुछ योजनाओं पर कार्य पूर्ण हो गया तथा शेष योजनाओं पर कार्य चल है। उन्होंने बताया कि जल जीवन के मिशन के अन्तर्गत जल संस्थान द्वारा 42 योजनाओं के लिए 18 करोड़ 75 लाख रूपये स्वीकृति के साथ 60 गांव लाभान्वित होगें। इन सभी योजनाओं पर कार्य चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत द्वितीय चरण के अन्तर्गत 53 किलोमीटर के 15 मोटर मार्गो की स्वीकृति दी गई जिनमें से 5 मोटर मार्गो का डामरीकरण किया गया है जबकि कुछ पर कार्य चल रहा है।

कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक महाराज ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के द्वारा बीरोंखाल विकास खण्ड में 27 किलोमीटर की 800 मीटर लम्बाई के 04 मोटर मार्गो का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिन पर 22 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय किये गये तथा जबकि इसी विकासखण्ड में 18 किलोमीटर लम्बाई के 04 मोटर मार्गो के डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण नव निर्माण के टेण्डर भी हो चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण निर्माण विभाग के अन्तर्गत 05 कि.मी. लम्बाई के 03 मोटर मार्गों के लिए 4 करोड़ 95 लाख स्वीकृत किये गये जिनमें से 02 मोटर मार्ग पूर्ण हो चुका हैं और 01 पर कार्यवाही चल रही है। वन टाईम मैन्टीनेंस के अन्तर्गत 04 मोटर मार्गों जिनकी लम्बाई 20 किलोमीटर है पी.सी. के लिए 03 करोड़ 9 लाख स्वीकृत किये गये थे सभी पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 09 किलोमीटर के 03 मोटर मार्गो का नवीनीकरण किया गया जिन पर 01 करोड़ 24 लाख 22 हजार रूपये स्वीकृत किये गये। इन योजनाओं का कार्य पूर्ण भी हो चुका है।

बहुउद्देशीय शिविर में जहां एक ओर स्थानीय जनता ने लिखित में अपनी-अपनी समस्याओं से कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज को अवगत करवाया वहीं दूसरी ओर शिविर में 30 दिव्यांगो को विकलांग प्रमाण पत्र सौंपने के साथ-साथ 165 मरीजों की जाँच और 35 की रक्त जाँच की गई। बहुउद्देशीय शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान लोक गायिका पूनम सती, महिमा उनियाल, लोक गायक,

सौरव मैठाणी, चक्रव्यूह महाभारत (अभिमन्यु लीला) ब्रह्म कमल सांस्कृतिक दल, देव क्रिएशन ग्रुप, स्थानीय कलाकार श्यामलाल एवं सोनिया ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से स्थानीय लोगों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, पंचायती राज विभाग, नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामलों के विभाग, जलागम प्रबंधन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और ग्राम्य विकास विभाग सहित अनेक विभागों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री श्रीमती अमृता रावत, ब्लॉक प्रमुख नेहा नेगी, समाज कल्याण बोर्ड के सदस्य प्रेम सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, रजनी रावत, शान्ति देवी, भाजपा युवा नेता सुयश रावत, भाजपा मण्डल अध्यक्ष ओमपाल बिष्ट, जिला महामंत्री भाजपा महिपाल नेगी, बदरी-केदार मन्दिर समिति की सदस्य नीलम पूरी, विधायक प्रतिनिधि दर्शन सिंह रिंगोड़ा, ध्यानपाल गुसांई, मनमोहन सिंह, पातीराम ढौडियाल, यशपाल गोर्ला, महामंत्री यशवंत बिष्ट, सुरेन्द्र ढौडियाल, चन्नी लाल, नागेन्द्र नेगी, नीलमणि रावत सहित महिला समूह की कार्यकर्ती, ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अतिरिक्त सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।


स्वामी विवेकानंद की विचारधारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है-  गणेश जोशी

हल्द्वानी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने एमबी पीजी कॉलेज, हल्द्वानी में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी विवेकानंद प्रेरणा पार्क का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का देवभूमि उत्तराखंड से अत्यंत गहरा और अटूट संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद शांति, ज्ञान और आत्मसाक्षात्कार की खोज में कई बार अल्मोड़ा, चंपावत स्थित मायावती आश्रम एवं कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में आए थे।

उन्होंने कहा कि हिमालय की वादियों की दिव्य ऊर्जा व्यक्ति के भीतर सोए हुए गौरव को जागृत करती है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के सबसे बड़े प्रणेता थे। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि अध्यात्म और आधुनिकता का समन्वय ही मानवता के कल्याण का मार्ग है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें शिक्षा और सकारात्मक सोच के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विधायक सुमित हृदयेश, जैविक बोर्ड सदस्य चंद्र प्रकाश, जगनमोहन सिंह, राकेश सिंह, हितेश उप्रेती सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण

खटीमा- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान विकासखंड कार्यालय परिसर में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनसुविधाओं को नई दिशा देने वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लगभग 89 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 55 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक “दीदी की लाइब्रेरी”, 7.50 लाख रुपये की लागत से नवीनीकृत,आधुनिकीकृत व्यायामशाला भवन तथा 26.50 की लागत से विकासखंड सभागार के आधुनिकीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ये सभी सुविधाएं क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी तथा शिक्षा विकास की नई संभावनाओं को गति देंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है। खटीमा में स्थापित की गई दीदी की लाइब्रेरी विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पुस्तकालय छात्रों को शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे वे अपने लक्ष्य निर्धारण के साथ बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। नई लाइब्रेरी ऐसे विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी,यहां उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, इसी क्रम में इस लाइब्रेरी का संचालन भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा संचालित किया जयेगा जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके। इसके लिए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। खटीमा में स्थापित यह लाइब्रेरी आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने व्यायामशाला भवन के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण को भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। आधुनिक उपकरणों एवं बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित व्यायामशाला युवाओं को फिटनेस, खेलकूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में सहायक होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में फिट इंडिया मूवमेंट और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को नशामुक्त, स्वस्थ और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए खेल एवं फिटनेस से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। आधुनिक व्यायामशाला स्थानीय युवाओं को नियमित व्यायाम, शारीरिक दक्षता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में समान रूप से कार्य कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। खटीमा उनका गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ विकास के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का भी केंद्र है और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने तथा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्राप्त होगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी,अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी,जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


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