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पीएम पोषण योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक

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पीएम पोषण योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक

पीएम पोषण योजना के तहत अधिक स्कूलों में होगा सोशल ऑडिट

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने पीएम पोषण की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल ऑडिट पायी गयी कमियों के विषय में सम्बन्धित जनपदों को सूचित करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। जाता है।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में बच्चों का एक डिजिटल मैपिंग एवं ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों का हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया आदि से पीड़ित बच्चों का उपचार सहित लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का स्थान विशेष विश्लेषण भी किए जाने के निर्देश दिए ताकि यह भी ज्ञात हो सके कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हैं, ताकि उन क्षेत्रों में ऐसी समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा सकें।

सचिव रविनाथ रमन ने पीएम पोषण योजना की वित्तीय वर्ष 2026 27 हेतु भारत सरकार को प्रस्तावित की जाने वाली वार्षिक कार्य योजना एवं बजट को समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नई पहल के रूप में बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों में कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मध्याह्न भोजन में पोषक तत्वों को बढ़ाया जा सके। साथ ही, उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि यह राज्य सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, रोहित मीणा एवं निदेशक विद्यालयी शिक्षा मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुनीं उनकी समस्याएं

अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी, गोविंद टम्टा, डॉ. नवीन भट्ट, अमित कुमार पांडे, भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एएसपी डॉ. उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


मातृशक्ति और वंचित बच्चों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य का कार्य- कुसुम कंडवाल

ऋषिकेश में ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान’ द्वारा विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं बाल वस्त्र वितरण समारोह का आयोजन

वरिष्ठ नागरिकों की सेवा का जज्बा अनुकरणीय, समाज को दिशा देने का काम कर रहा ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान: कुसुम कंडवाल

ऋषिकेश- मीरा नगर स्थित माहेश्वरी गार्डन में ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान, लखनऊ’ के तत्वाधान में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, आंगनबाड़ी शिशु वस्त्र वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस पुनीत और सेवाभावी कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में विख्यात चिकित्सक डॉ. डी.के. श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुड़ियाल, डॉ. राणा , श्रीमती सुंदरी कंडवाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विशेषकर मातृशक्ति और बच्चों ने पहुँचकर स्वास्थ्य लाभ लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने ‘ओम् ब्रह्म शान्ति सेवा संस्थान’ और संस्था के संस्थापक व कार्यक्रम आयोजक डीसी श्रीवास्तव के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि को इस उम्र में भी, सीनियर सिटीजन होने के बावजूद, संस्था के पदाधिकारियों के भीतर समाज सेवा का जो अद्भुत जोश और जज्बा है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। उन्होंने रेखांकित किया कि संस्था द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र में समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित कर गरीब, वंचित और आंगनबाड़ी के बच्चों की सेहत व जरूरतों की चिंता की जाती है, जो कि अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा की जब इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को वस्त्र, बिस्कुट, चॉकलेट, पेंसिल बॉक्स व अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्री वितरित की गई, तो बच्चों के चेहरों पर अनमोल मुस्कान बिखर गई। इसके साथ ही महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी नि:स्वार्थ पहल से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जुड़ने का संबल मिलता है।
इस विशाल सेवा यज्ञ को सफल बनाने में मातृशक्ति और स्थानीय गणमान्य सहयोगियों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शशि राणा, शोभा कोठियाल, भावना, चंद्रकांता, विमला सजवाण, रेखा, आशा रावत, उषा लखेड़ा, राजेश्वरी सेमवाल, प्रेमबाला, मधु सहित अनेक देवतुल्य कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।

संस्था के संस्थापक व कार्यक्रम आयोजक डीसी श्रीवास्तव ने सभी सहयोगियों और उपस्थित जनसमुदाय का हृदय से आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वंचित और जरूरतमंद तबके के उत्थान के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित करते आ रहा है और हमेशा करेंगे, जिसके लिए समस्त समाज का स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद सदैव अपेक्षित है।


अब खिलाड़ी कर सकेंगे विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं के साथ अभ्यास- रेखा आर्या

प्रदेश में स्थित सरकारी खेल सुविधाओं के लिए देनी होगी न्यूनतम फीस

शासनादेश को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने जारी किया फीस का विस्तृत विवरण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय खेल 2025 के लिए तैयार की गई विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं को अब खिलाड़ियों और आम खेल प्रेमियों के लिए “पे एंड प्ले” व्यवस्था के तहत खोलने का फैसला किया है। खेल विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार प्रदेश के विभिन्न स्टेडियमों, खेल मैदानों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग अब निर्धारित शुल्क देकर नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं खेल विभाग को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिसे खेल विकास निधि में जमा किया जाएगा।

प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना तैयार की थी और अब सरकार चाहती है कि इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग प्रदेश के खिलाड़ियों के हित में हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेल सुविधाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत देहरादून स्थित राजत जयंती खेल परिसर, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और परेड ग्राउंड सहित विभिन्न खेल परिसरों में एथलेटिक्स, शूटिंग, स्क्वैश, इक्वेस्ट्रियन, आइस स्पोर्ट्स, क्रिकेट, बॉलिंग, फेंसिंग, जिम्नास्टिक, लॉन टेनिस, पिकलबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, फुटबॉल, स्विमिंग, हैंडबॉल और हॉकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शासनादेश में कई खेलों के लिए प्रति घंटा किराया और मासिक सदस्यता शुल्क भी तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर शूटिंग के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये प्रति घंटा और 5000 रुपये मासिक सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि स्क्वैश कोर्ट के लिए 300 रुपये प्रति घंटा और 6000 रुपये मासिक शुल्क तय किया गया है। बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, जिम्नास्टिक और अन्य खेलों के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। खिलाड़ियों को इन सुविधाओं के साथ चेंजिंग रूम, वॉशरूम, सिंथेटिक ट्रैक, स्विमिंग लेन, कोचिंग सहायता और आधुनिक उपकरणों का लाभ भी मिलेगा।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्राप्त होने वाली आय का उपयोग खेल परिसरों के रखरखाव, उपकरणों के उन्नयन और नई सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।

सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को दस्तावेज सत्यापन के बाद निशुल्क सुविधा देने का भी प्रावधान रखा है। इसके अलावा भविष्य में खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने के लिए स्काउटिंग कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार बुकिंग और समय स्लॉट की सुविधा यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बन सके।


अजबपुर कला में आठ बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत विकास कार्यों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए मंगलवार को अजबपुर कला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने सरस्वती विहार, अजबपुर कला में लगभग आठ बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से किए गए विकास कार्यों को हटाया गया तथा आमजन को जागरूक करने के लिए स्थल पर सूचना पट्ट भी लगाया गया।

एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में सरस्वती विहार, अजबपुर कला में नौटियाल एवं कटियार द्वारा लगभग आठ बीघा भूमि पर नियमों के विपरीत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की जांच कराए जाने पर प्रथम दृष्टया प्लॉटिंग अवैध पाई गई, जिसके बाद संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग से संबंधित सीमांकन और अन्य विकास कार्यों को हटाया। साथ ही स्थल पर सूचना पट्ट स्थापित कर स्पष्ट किया गया कि उक्त भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना की जा रही थी। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में भूखंड खरीदने वाले लोगों के लिए भी गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। यह कार्रवाई सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा, सुपरवाइजर तथा अन्य प्राधिकरण कर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास पर अंकुश लगाने और नियमबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमडीडीए का कहना है कि बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को बाद में कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी जोखिम में पड़ जाती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण लगातार अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और आमजन को जागरूक भी कर रहा है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, मकान या संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व संबंधित विकास प्राधिकरण अथवा सक्षम प्राधिकारी से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमोदन वाली योजनाओं में निवेश करने से आर्थिक नुकसान की आशंका बनी रहती है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अजबपुर कला में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नियोजित एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आमजन को किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी चेतावनी
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


 “अपनापन – नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” पुस्तक का विमोचन, कृषि मंत्री गणेश जोशी हुए शामिल

नई दिल्ली। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रचित पुस्तक “अपनापन- नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” के विमोचन समारोह में सहभाग किया।

इस अवसर पर पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम0 वेंकैया नायडू एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं संवेदनशीलता से जुड़े अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों को प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक कर्मयोगी, साधक और राष्ट्रभक्त के जीवन दर्शन की झलक है, जिसे उनके समर्पण, तपस्या और कार्यशैली में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के सफल प्रकाशन हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पुस्तक समाज और विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगी।


आयुक्त गढ़वाल मंडल ने अधिकारियों के साथ की समन्वय एवं परिचयात्मक बैठक

जनहित से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया विशेष जोर

विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और विभागीय समन्वय को लेकर हुई विस्तृत समीक्षा

पौड़ी। आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार, पौड़ी में प्रशासनिक समन्वय एवं विभागीय कार्यों के प्रभावी संचालन को लेकर विचार-विमर्श एवं परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल एवं जनपद स्तर के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं की प्रगति, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा विभागीय समन्वय व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, डीएफओ महातिम यादव, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर तथा अन्य अधिकारियों ने आयुक्त का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके उपरांत आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों से परिचय प्राप्त करते हुए विभागवार संचालित योजनाओं, कार्यों एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों, उपलब्धियों तथा चुनौतियों के संबंध में आयुक्त को विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान विकास योजनाओं की प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, कानून व्यवस्था, वन संरक्षण, सड़क एवं पेयजल व्यवस्थाओं, आपदा प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।

आयुक्त ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत और जनोन्मुख बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही विकास कार्यों की नियमित निगरानी कर फील्ड स्तर पर उनकी प्रगति की समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मंडल स्तरीय अधिकारी साप्ताहिक रोस्टर तैयार कर उपलब्ध कराएं, जिससे आमजन को संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नियमित उपलब्धता से जनसुनवाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी तथा लोगों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध ढंग से किया जा सकेगा।

बैठक में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने, वनाग्नि रोकथाम, आपदा प्रबंधन तैयारियों तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में विभागीय तालमेल बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी समस्या या चुनौती की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में विभिन्न विभागों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने विभागों की आवश्यकताओं तथा भावी कार्ययोजनाओं से भी आयुक्त को अवगत कराया।

इस अवसर पर मुख्य अभियंता लोनिवि ओम प्रकाश, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, अपर निदेशक शिक्षा पी.के. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता 12वां वृत्त महिपाल सिंह रावत, पीएमजीएसवाई शैलेंद्र बसलियाल, जल संस्थान प्रवीण सेनी, पेयजल निगम मो. मिशम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, संभागीय परिवहन अधिकारी विमल पाण्डे, उप निबंधक सहकारिता सुरेंद्र पाल, मंडलीय अर्थ एवं संख्याधिकारी शिल्पा भाटिया सहित विभिन्न मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।


‘अपनापन–नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर शिवराज सिंह चौहान को दी शुभकामनाएं

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन–नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। यह गरिमामयी समारोह भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू तथा पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

‘अपनापन’ एक प्रेरणादायी कृति है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में प्राप्त अनुभवों का सजीव वर्णन किया गया है। पुस्तक में नेतृत्व, सेवा, सुशासन एवं राष्ट्र-निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को सरल एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर शिवराज सिंह चौहान को शुभकामनाएं दीं तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के अनेक मंत्री, विधायक, सांसद, समाजसेवी, लेखक-पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में बकरीद अवकाश की तारीख बदली, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

शासन का संशोधित आदेश जारी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तिथि में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी संशोधित आदेश के अनुसार, पहले निर्धारित अवकाश की तारीख को बदलते हुए अब राज्यभर में 28 मई 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस संबंध में नई अधिसूचना जारी कर सभी विभागों और संबंधित संस्थानों को सूचित कर दिया गया है।

संशोधित आदेश के तहत राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान तथा अन्य सरकारी प्रतिष्ठान 28 मई को बंद रहेंगे। इसके साथ ही निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले बैंक, कोषागार और उप-कोषागारों में भी उसी दिन अवकाश लागू होगा।

शासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पूर्व में जारी अवकाश संबंधी आदेश की अन्य सभी शर्तें यथावत प्रभावी रहेंगी। केवल अवकाश की तिथि में संशोधन किया गया है। आदेश जारी होने के बाद विभिन्न विभागों और कार्यालयों ने नई तिथि के अनुसार अपने कार्यों और व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव शुरू कर दिए हैं।


गर्मी से झुलसा उत्तराखंड, पहाड़ों में राहत की उम्मीद

आयुषी

उत्तराखंड इन् दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है|मई के आखिरी सप्ताह में मौसम ने अचानक तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए है|राज्य के मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है|देहरादून,हरिद्वार,ऋषिकेश और उधमसिंह नगर जैसे छेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम विभाग के आने वाले दिनों में परा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना जताई है|

सुबह से ही तेज धुप ने लोगों को परेशान ला रही है|दोपहर होते होते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है|गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है|बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है|सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों ,ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और बाहर काम करने वाले लोगों को हो रही है|

मौसम विभाग के अनुसार पश्चयमी विक्षोभ के हलके प्रभाव के चलते पहाड़ी जिलों में मौसम बदल सकता है|उत्तरकाशी,चमोली,रुद्रप्रयाग,पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे ऊँचाई वाले छेत्रों में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है|इससे पहाड़ों में तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है,लेकिन मैदानी इलाकों में फ़िलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम है|
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई में तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है|शहरों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है,जबकि कई इलाकों में पानी की किल्लत की शिकायतें भी सामने आने लगी है|

डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय आवश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है|पर्याप्त मात्रा में पानी पीने ,हलके कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर को ढकने की सलाह दी जा रही है|

गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप ने एक बार फिर लोगों को एहसास करा दिया है कि मौसम का मिज़ाज तेजी से बदल रहा है|मैदानों में जहाँ तपिश लोगों को झुलसा रही है,वहीं पहाड़ों में बारिश की उम्मीद राहत लेकर आ सकती है|फ़िलहाल पूरे उत्तराखंड की नज़रें आसमान और मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी हुई है|


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