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नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें- आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद

Category Archives: राष्ट्रीय

नामांतरण मामलों का तय समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें- आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद

राजस्व न्यायालयों के अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखने और समनों की समयबद्ध तामील के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में भूमि नामांतरण से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए राजस्व परिषद ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु ने प्रदेश के सभी जनपदों में नामांतरण (दाखिल-खारिज) के मामलों और अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समय पर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में रंजना राजगुरु ने असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के न्यायिक कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी मामलों का निस्तारण उनके गुण-दोष के आधार पर नियमों के अनुरूप करें, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों का कामकाज निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।

राजस्व न्यायालयों के रिकॉर्ड दुरुस्त रखने पर जोर

आयुक्त एवं सचिव ने राजस्व न्यायालयों के अभिलेखों और आवश्यक पंजीकाओं को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी न्यायालयों में रिकॉर्ड व्यवस्थित और पूर्ण होने चाहिए, जिससे मामलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में आसानी हो और न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।

इसके अलावा, निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को नियमानुसार समय पर रिकॉर्ड रूम में जमा कराने को कहा गया। इससे अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां संबंधित अपीलीय न्यायालय को समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने न्यायालयों की ओर से जारी समनों की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर पर विशेष जोर

बैठक में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपदों में नामांतरण से संबंधित मामलों के समनों की समय पर तामील सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

अगले महीने से आयोजित होगा नामांतरण दिवस

राजस्व परिषद प्रदेश में अगले महीने से ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसके मद्देनजर रंजना राजगुरु ने प्रदेश की सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल के तहत नामांतरण से जुड़े मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति देने पर जोर रहेगा।

समीक्षा बैठक में राजस्व परिषद के संयुक्त संचालक (चकबंदी) नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) नितिन वशिष्ठ और प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारी मौजूद रहे।


सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को एमडीडीए ने किया नमन

गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प, अधिकारियों-कर्मचारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महान विभूतियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस अवसर पर एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी एवं सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों के माध्यम से देश और समाज को नई दिशा दी। वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है।

गांधी के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वच्छता के प्रति विशेष आग्रह था। स्वच्छता को उन्होंने केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा। ऐसे में उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री दोनों ही सादगी, अनुशासन और कर्तव्य के प्रतीक रहे हैं। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन किया जा सकता है।

शास्त्री का सादगीपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा की मिसाल : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सीमित साधनों और सरल जीवनशैली के बावजूद अपने आचरण एवं निर्णयों से देश के सामने नेतृत्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष देश के जवानों और किसानों के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित करता है। यह नारा आज भी देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था की महत्ता को समझने की प्रेरणा देता है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि दोनों महान विभूतियों के जीवन से हमें ईमानदारी, अनुशासन, त्याग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख मिलती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से इन आदर्शों को अपने कार्य व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया भावपूर्ण स्मरण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता के सिद्धांत सदैव समाज को प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता के लिए प्रासंगिक हैं।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष देश के जवानों और किसानों के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सदैव रेखांकित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों महान विभूतियों के आदर्श हमें राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।


मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण संभव हुआ- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शहीद स्थल कचहरी परिसर, देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान से ही अलग उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण संभव हो सका। राज्य निर्माण में उनके योगदान को सदैव स्सीमरण रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों एवं शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण ही शहीद आंदोलनकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद थे।


देहरादून में श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई गांधी जयंती और शास्त्री जयंती

गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वच्छता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान

देहरादून। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती जनपदभर में श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बापू के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।

अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बापू ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर न केवल देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि संपूर्ण मानवता को प्रेम, सद्भाव और नैतिकता का संदेश भी दिया। उनका सादा जीवन और उच्च विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों का अनुसरण कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा को अपना मूल मंत्र बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण और उनके जीवन मूल्य सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने स्वच्छता के प्रति गांधीजी की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि बापू स्वच्छ परिवेश और स्वस्थ समाज के पक्षधर थे। उन्होंने लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान समय में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए गांधीजी के विचार प्रासंगिक हैं।

इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी याद किया गया। उनकी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अनुकरणीय बताते हुए उनके प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान, जय किसान’ के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा सहित कलेक्ट्रेट परिसर के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा लोकतंत्र बचाओ सप्ताह जिला स्तर पर आयोजित होंगे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च

देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों द्वारा 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जाएगा। इस दौरान जिला स्तर पर ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यह कार्यक्रम निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे उसके विरोध कार्यक्रमों की अगली कड़ी है।

उन्होंने कहा कि जारी कार्यक्रम के अनुसार जिला एवं महानगर स्तर पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संबंधित मुद्दों को सार्वजनिक किया जाएगा। इन बैठकों में प्रदेश एवं जिला स्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के लिए जिला एवं प्रदेश सोशल मीडिया विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार एवं कार्यक्रमों की कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ ब्लॉक स्तर पर भी समन्वय बैठकें आयोजित कर मार्च की रणनीति, कार्यकर्ताओं की भागीदारी तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जिला स्तर पर आयोजित होने वाला ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ विभिन्न जिलों में निर्धारित स्थानीय मार्ग के अनुसार डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, महात्मा गांधी की प्रतिमा या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय मैं से किसी भी एक स्थान तक निकाला जाएगा। मार्च के समापन स्थल पर राष्ट्रगान के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326, जो वयस्क मताधिकार से संबंधित है, का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा।

कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में कार्रवाई तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाना है। कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। वर्तमान में ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी तथा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कांग्रेस ने सभी जिलों में कार्यक्रमों को समन्वित एवं शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने तथा अधिक से अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही है।

 


भवाली में अंग्रेजी शराब की दुकान पर छापेमारी,ओवररेटिंग और रेट लिस्ट नहीं होने की शिकायत

नैनीताल : जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर उपजिलाधिकारी धारी अनुराग आर्या के नेतृत्व में भवाली स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान दुकान के निरीक्षण में शराब को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचे जाने की अनियमितता सामने आई। इसके अलावा दुकान पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं की गई थी, जिससे ग्राहकों को निर्धारित मूल्य की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी।उपजिलाधिकारी द्वारा संबंधित संचालक को शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य पर करने तथा दुकान पर मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।


वीकेंड पर देहरादून-मसूरी-ऋषिकेश में बदलेगा ट्रैफिक प्लान, पुलिस ने जारी किया रूट डायवर्जन

देहरादून। 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक वीकेंड के दौरान देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए देहरादून पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। प्रमुख चौराहों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस के अनुसार यातायात के दबाव के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर Plan A, Plan B और Plan C लागू किए जाएंगे। मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए डाटकाली, शिमला बाईपास, बल्लूपुर, कैंट, कुठालगेट और किमाड़ी-हाथीपांव मार्गों से वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं।

मसूरी में पार्किंग व्यवस्था

मसूरी में उपलब्ध पार्किंग क्षमता के 90 प्रतिशत तक भरने पर Plan-B लागू होगा। इसके तहत पर्यटकों के वाहनों को किंग क्रेग पार्किंग में पार्क कराया जाएगा और आगे लोकल टैक्सी से गंतव्य तक भेजा जाएगा। किंग क्रेग पार्किंग भी भरने पर Plan-C के तहत गज्जी बैंड से हाथीपांव रोड होते हुए जीरो प्वाइंट की ओर यातायात डायवर्ट किया जाएगा।

ऋषिकेश के लिए भी विशेष व्यवस्था

हरिद्वार और देहरादून से ऋषिकेश आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म, श्यामपुर, नटराज चौक, ढालवाला, भद्रकाली बाईपास और तपोवन होते हुए वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं। यातायात का दबाव बढ़ने पर वाहनों को लालतप्पड़, भानियावाला और रानीपोखरी होते हुए भेजा जाएगा।

वीकेंड के बाद पर्वतीय क्षेत्रों से लौटने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहनों को शिवपुरी-ब्रह्मपुरी-गरुड़चट्टी-बायपास-पशुलोक बैराज-चीला मार्ग से भेजा जाएगा।

देहरादून शहर में भी डायवर्जन

पैसिफिक मॉल, सेंट्रियो मॉल, सहस्त्रधारा और गुच्चुपानी क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ने पर पुलिस द्वारा बैरियर लगाकर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा।

पार्किंग का करें इस्तेमाल

पुलिस ने देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश में निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने की अपील की है। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर ट्रैफिक क्रेन से वाहन टो किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून पुलिस ने वाहन चालकों से अनावश्यक हॉर्न न बजाने, यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने और सड़क किनारे लगे सूचना बोर्ड एवं डायवर्जन प्लान का अनुसरण करने की अपील की है। एंबुलेंस, पुलिस और फायर सर्विस जैसे अति-आवश्यक सेवा वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा।


जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश

नैनीताल। जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का स्थलीय/औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्यालय अभिलेखों, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, परिसंपत्तियों तथा कार्यालयीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान केन्द्र पोषित एवं राज्य पोषित योजनाओं तथा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के अपेक्षित उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त लगभग 17-18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिला योजना, सांसद निधि एवं विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध प्रस्ताव, क्रियान्वयन एवं धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

नक्शा प्रकरणों की जांच के निर्देश

निरीक्षण के दौरान भवन/नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच में कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा होने संबंधी अभिलेख एवं रसीद आदि के संबंध में कमियां पाए जाने की जानकारी सामने आई। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

नक्शा प्रकरणों की जांच पूर्ण होने तक जेई सहित संबंधित तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध (अटैच) किए जाने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय अभिलेखों के रखरखाव पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता पाए जाने की जानकारी सामने आई। टीम के निरीक्षण के दौरान ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार कनिष्ठ एवं वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित लगभग 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय से बाहर, हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आने पर भी मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना शासकीय पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। प्रकरण को जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में लाते हुए नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा

निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित न होने की शिकायत/जानकारी भी सामने आई। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वर्ष 2026 में सीएल उपभोग से संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति एवं अवकाश प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का भी पुनरीक्षण किया जाएगा तथा अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कर वसूली एवं परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की कर वसूली की स्थिति में कमी तथा संबंधित रिपोर्ट समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला भी सामने आया। टैक्स कलेक्शन की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के संबंध में भी अभिलेखों की जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीजों के नवीनीकरण एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अवैध निर्माण एवं होम स्टे के संबंध में कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे से संबंधित प्रकरणों की भी जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका एवं आवश्यकता की समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

दो घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति एवं कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण में सामने आए बिंदुओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य एवं जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


शिक्षा विभाग को मिले 24 नये उप शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री डॉ रावत के अनुमोदन के उपरांत दूरस्थ क्षेत्रों दी गई प्रथम तैनाती

नये अधिकारियों के आने से विभागीय कार्यों में आयेगी तेजी

देहरादून: विद्यालयी शिक्षा विभाग को 24 नये उप शिक्षा अधिकारी मिल गये हैं। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित इन उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। इनकी नियुक्ति से विभागीय के कार्यों में तेजी आने के साथ ही प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार हो सकेंगे।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से कुल 48 उप शिक्षा अधिकारियों का चयन हुआ है, जो कि विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणरत हैं। प्रथम चरण में इनमें से 24 उप शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र के विभिन्न विकासखण्डों में प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें पौड़ी जनपद में बिनीता रावत को द्वारीखाल, राज कुमार सिंह डसीला को बीरोंखाल, भावना चाहल को जयहारीखाल, कुणाल सिंह को पाबौं, शुभम गुप्ता को खिर्सू, मनीष मोहन नेगी को यमकेश्वर, राजेश परमार को थलीसैण, दीपक लखेड़ा को एकेश्वर, उमेश चंद्र सुयाल को कल्जीखाल विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।

इसी प्रकार नैनीताल जनपद में प्रवीण दिगारी को ओखलकाण्डा, परवीन अजहर को रामगढ़ विकासखण्ड में प्रथम तैनाती दी गई। अल्मोड़ा जनपद में राविन्स को सल्ट, अमित राणा को लमगड़ा, मनोज सिंह को भिकियासैंण, चमोली जनपद में अंशिका बिष्ट को नंदानगर, रूबी नेगी को नारायणबगढ़, टिहरी जनपद में दिव्या जोशी को देवप्रयाग, आशुतोष राणा को जाखणीधार, आयुष बन्धानी को प्रतापनगर, समीक्षा उनियाल को थौलधार, पिथौरागढ़ जनपद में राहुल सिंह रैंसवाल को कनालीछीना, बलवन्त नाथ को मूनाकोट, योगेन्द्र कुमार शर्मा को मुनस्यारी, उत्तरकाशी जनपद में राजन सिंह ठाकुर को पुरोला विकासखण्ड में तैनाती दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षणरत शेष उप शिक्षा अधिकारियों को भी शीघ्र तैनाती दी जायेगी। उन्होंने कि कहा कि नव नियुक्त उप शिक्षा अधिकारियों की तैनाती से दूरस्थ क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी साथ ही विभागीय कार्यों में भी तेजी आयेगी।


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