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छात्र CBSE की वेबसाइट cbse.gov.in, results.cbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं रिजल्ट
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 93.70% दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष के 93.66% की तुलना में मामूली बढ़त दर्शाता है। बोर्ड ने इस बार रिकॉर्ड समय में कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करते हुए परिणाम निर्धारित समय से लगभग एक माह पहले जारी किया है।
लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है और परीक्षार्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स के माध्यम से देख सकते हैं। छात्र CBSE की वेबसाइट cbse.gov.in, results.cbse.nic.in सहित अन्य पोर्टल्स पर जाकर रोल नंबर की मदद से रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
बोर्ड द्वारा जारी की गई डिजिटल मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि, फोटो, स्कूल का नाम, माता-पिता का विवरण, विषयवार अंक, कुल अंक, ग्रेड और पास/फेल की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी। हालांकि, यह मार्कशीट प्रोविजनल होगी, जबकि मूल प्रमाणपत्र बाद में संबंधित स्कूलों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।
छात्र अपने परिणाम DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं, जहां वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की स्थिति में भी रिजल्ट जल्दी उपलब्ध हो जाता है।
परिणाम जारी होने के बाद बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आगे की प्रक्रिया में जल्दबाजी न करें और 11वीं कक्षा में प्रवेश से पहले अपने स्कूलों द्वारा जारी निर्देशों का इंतजार करें।
इस बार भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों से बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। हालांकि, बोर्ड ने किसी आधिकारिक टॉपर सूची की घोषणा नहीं की है, लेकिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया पहल का स्वागत
दून मेडिकल कॉलेज में गूंजा नारी शक्ति वंदन का स्वर
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है।
उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के इतिहास में एक युगांतरकारी परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगा और आने वाले समय में महिलाओं के नेतृत्व, आत्मविश्वास और भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि इस पहल को जनआंदोलन का रूप देकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुलेखा डंगवाल, महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन, कार्यक्रम संचालक दीप्ति रावत, रुचि भट्ट समेत अनेक गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर महत्त्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से सम्बन्धित सभी समितियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ सभी आवश्यक बैठकें जनवरी माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर सभी व्यवस्थाएं, फायर सीजन से पहले सुनिश्चित करवा ली जाएँ।
उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पेयजल विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने वन विभाग को ड्राइव चला कर सभी प्रकार के वनाग्नि की रोकथाम से सम्बन्धित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों एवं उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी लीसा डिपो में प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने वन, मौसम एवं वन सर्वेक्षण संस्थान को फारेस्ट फायर के लिए भी आपदा की तर्ज पर प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे फारेस्ट फायर की संभावनाओं का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा जिससे जानमाल के नुकसान को रोकने और कम करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य सचिव ने जंगलों से पिरूल के निस्तारण और पिरुल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाने पर जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिरुल ब्रिकेट को ईंधन के विकल्प के तौर पर स्थापित करने के लिए प्रदेश में अधिक से अधिक यूनिट लगाए जाने पर ज़ोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर वनाग्नि को रोकने में सहायता मिलेगी वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक को भी सुधारने में मदद मिलेगी साथ ही इसे कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकता है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
छात्र-छात्राओं को वितरित किये जायेंगे एक हजार लैपटाॅप
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में 50 ‘स्विफ्ट स्कूल’ स्थापित किये जायेंगे। इसके लिये शिक्षा विभाग एवं काॅन्वजीनियस फाउण्डेशन के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन हुआ है। जिसके तहत इन विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये आधुनिक तकनीक युक्त डिजिटल अवसंरचना विकसित की जायेगी। साथ ही काॅन्वजीनियस फाण्डेशन एमेजन वेब सर्विस के सहयोग से छात्र-छात्राओं को एक हजार लैपटाॅप भी वितरित करेगा। स्विफ्ट स्कूलों की स्थापना के लिये विभाग द्वारा स्कूलों का चयन कर लिया गया है, साथ ही विभागीय अधिकारियों को स्वीफ्ट स्कूलों के शीघ्र संचालन को निर्देश दे दिये गये हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को तकनीकी आधारित बनाने के लिये निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में समग्र शिक्षा एवं काॅन्वजीनियस फाउण्डेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन साइन हुआ है। जिसके तहत प्रदेशभर में 50 ‘स्विफ्टस्कूल’ की स्थापना की जायेगी। डाॅ. रावत ने बताया कि ‘स्विफ्ट स्कूल’ एक एकीकृत विद्यालय परिवर्तन माॅडल है। जिसमें व्यक्तिगत शिक्षण, कक्षाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग, शिक्षकों को डेटा आधारित सहायता के साथ ही डिजिटल अवसंरचना का समावेश होगा। जिससे छात्र-छात्राओं को उनके सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षा देने में मदद मिलेगी साथ ही शिक्षकों को डेटा आधारित जानकारी मिलेगी जिससे वह कक्षा में अधिक प्रभावी अध्यापन कर सकेंगे।
स्विफ्ट स्कूलों में तकनीकी के माध्यम से बच्चों के सीखने की कमियों की समय पर पहचाना कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि काॅन्वजीनियस फाउण्डेशन प्रदेश में सीएसआर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने में भी मदद कर रहा है। अपनी इस पहल के तहत फाउण्डेशन द्वारा अमेजन वेब सर्विस के सहयोग से 1000 लैपटाॅप छात्र-छात्राओं को वितरित किये जायेंगे ताकि प्रदेश में स्विफ्ट स्कूलों के क्रियान्वयन को मजबूत आधार मिल सके। डा. रावत ने बताया कि स्विफ्ट स्कूलों के संचालन को विभाग द्वारा प्रदेशभर में 50 विद्यालयों का चयन कर लिया गया है, जिसमें पौड़ी व चम्पावत जनपद के 19-19 तथा देहरादून व हरिद्वार जनपद के 6-6 विद्यालय शामिल है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारयों को स्विफ्ट स्कूलों के शीघ्र संचालन के निर्देश दे दिये गये हैं ताकि बच्चों को जल्द से जल्द तकनीकी आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।
राजस्थान से समन्वय कर गांव-गांव तक पहुंचाए जाएंगे स्वास्थ्य सुझाव, राज्यों की साझेदारी से चारधाम यात्रा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम
देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इस बार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की है। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे के दिशा-निर्देशों में स्वास्थ्य विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को पहले ही कम करना और जागरूकता बढ़ाना है।
राज्यों के समन्वय से मजबूत होगी जागरूकता की श्रृंखला
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने अंतरराज्यीय समन्वय की ठोस पहल शुरू की है। इसी क्रम में 09 अप्रैल 2026 को विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने राजस्थान का दौरा कर वहां के प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। राजस्थान शासन के प्रमुख सचिव स्तर पर आयोजित इस बैठक में निदेशक (पब्लिक हेल्थ) और डॉ. रवि प्रकाश शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य सुझावों और दिशा-निर्देशों को साझा करते हुए यात्रा से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों और आवश्यक सावधानियों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य हित को सर्वोपरि रखते हुए इन दिशा-निर्देशों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि राजस्थान से आने वाले तीर्थयात्रियों को यात्रा से पूर्व ही आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, सावधानियां और गाइडलाइन स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे पूरी तैयारी और जागरूकता के साथ यात्रा पर निकलें। अधिकारियों के बीच इस बात पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ कि इन स्वास्थ्य सुझावों को किस प्रकार प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया जाए, जिससे अधिकतम श्रद्धालु लाभान्वित हो सकें और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को न्यूनतम किया जा सके।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगी हेल्थ एडवाइजरी
बैठक में यह तय किया गया कि राजस्थान में इन स्वास्थ्य सुझावों को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्राम स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की पूरी जानकारी हो। इससे यात्रा के दौरान अचानक होने वाली बीमारियों और आपात स्थितियों में कमी लाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य सुझावों पर विशेष जोर
उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी हेल्थ एडवाइजरी में खासतौर पर बुजुर्गों, हृदय रोगियों और सांस से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त लोगों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। इसके अलावा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, मौसम में अचानक बदलाव और लंबी पैदल यात्रा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाइयों, फिटनेस और तैयारी पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें – सचिन कुर्वे
चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समय रहते सही जानकारी उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सुझावों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हमने विशेष रूप से उन राज्यों पर फोकस किया है जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद अनुभव बन सके।
श्रद्धालु यात्रा से पहले पूरी तरह जागरूक और तैयार रहें – डॉ. अमित शुक्ला
चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर हमने राजस्थान का दौरा किया। यहां स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़े जरूरी स्वास्थ्य सुझाव साझा किए गए। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालु यात्रा से पहले पूरी तरह जागरूक और तैयार रहें, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
दो डिप्टी सीएम (बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी) ने भी ली मंत्री पद की शपथ
एनडीए के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
पटना। बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य को अपना 24वां मुख्यमंत्री मिल गया है। पहली बार ऐसा हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी नेता ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी पटना स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अहम राजनीतिक बदलाव के दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने नई सरकार को अपना समर्थन और शुभकामनाएं दीं।
अब तक बिहार में भाजपा गठबंधन सहयोगी के रूप में सत्ता में भागीदारी निभाती रही थी, लेकिन यह पहला मौका है जब पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित नई सरकार में भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं।
इससे पहले मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया था। इसके बाद 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के कई प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), जीतन राम मांझी, जदयू के संजय कुमार झा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा और एलजेपी के अरुण भारती जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे।
सम्राट चौधरी के सामने अब राज्य में सुशासन को मजबूत करना, एनडीए गठबंधन को एकजुट रखना और विपक्ष की चुनौतियों का सामना करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
गुरबाणी के संदेश हमें सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शासकीय आवास पर सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी को बैसाखी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और प्रदेश में आपसी सौहार्द व एकता बनाए रखने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, कृषि उन्नति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन धरती, विशेष रूप से नानकमत्ता साहिब, आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और गुरबाणी का उनके जीवन में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने आगे कहा कि गुरबाणी के संदेश हमें सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
देहरादून- उत्तराखंड में शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केदारनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग बुधवार से शुरू की जा रही है। बुकिंग प्रक्रिया का संचालन IRCTC के माध्यम से किया जाएगा, जिसका पोर्टल शाम 6 बजे से यात्रियों के लिए खुल जाएगा।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 22 अप्रैल से शुरू होगी। यात्रियों को गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा जैसे प्रमुख हेलीपैड्स से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टिकट केवल आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही बुक किए जाएं। फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पर दिए जा रहे किसी भी लालच या ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, पीएम मोदी का प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ “विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन “अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत”, “अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत”, “अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत” कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।
कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।