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सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी- रेखा आर्या

Category Archives: राष्ट्रीय

सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी- रेखा आर्या

विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर कैबिनेट मंत्री ने किया बालिकाओं को जागरूक

किशोरी और महिलाओं को स्वच्छता किट वितरित की

देहरादून। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने किशोरी और महिलाओं के जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। इस मौके पर महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता किट वितरित की गई।

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय परंपरा में इस जैविक प्रक्रिया को प्राकृतिक वैज्ञानिक और नारी की सृजन क्षमता का आधार माना गया है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं को ईश्वर का वह पवित्र आशीर्वाद है जो उन्हें सृष्टि की सृजनकर्ता बनाता है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस विषय में समाज में बहुत सारी भ्रांतियां प्रचलित है और इस बारे में सामाजिक सोच को बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक खान-पान और मासिक धर्म के दिनों में स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक उपाय अपनाना आवश्यक है।

इस अवसर पर उन्होंने किशोरी और बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता किट वितरित की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मोदी सरकार ने देशभर में स्थित हजारो जनऔषधि केदो पर मात्र ₹1 में सुरक्षित सेनेटरी पैड वितरित किया जाता है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मेरी सहेली नैपकिन वेंडिंग मशीन व आंगनबाड़ी बहनों के माध्यम से चल रही नैपकिन वितरण योजना के जरिए ग्रामीण समाज की लाखों महिलाओं को सुरक्षित स्वच्छता उपाय है अपनाने में मदद की है।

कार्यक्रम के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निहारिका ने प्रतिभागियों को मासिक धर्म और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में संवाद के जरिए मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।


मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, खाई में गिरा पानी का टैंकर, चालक की मौत

मसूरी झील से पानी भरकर मसूरी की ओर जा रहा था टैंकर

मसूरी। मसूरी-देहरादून मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पानी के टैंकर चालक की मौत हो गई। यह हादसा गज्जी बैंड से कुछ नीचे उस समय हुआ, जब मसूरी झील से पानी भरकर मसूरी की ओर जा रहा टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

घटना की सूचना सुबह लगभग 5:53 बजे डायल 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी पुलिस टीम आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने घायल चालक को क्षतिग्रस्त टैंकर से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए निजी वाहन से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया। हादसे की सूचना चालक के परिजनों और टैंकर मालिक को भी दी गई, जिसके बाद टैंकर मालिक मौके पर पहुंचे।

मृतक की पहचान अक्षय असवाल (25 वर्ष), पुत्र प्रेम सिंह असवाल, निवासी ग्राम सभा दुधई, ब्लॉक सहसपुर, जनपद देहरादून के रूप में हुई है। अस्पताल में उपचार के दौरान चालक ने दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही वैधानिक कार्रवाई और पंचायतनामा की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने CEEW की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरा ट्रक, SDRF ने घायल चालक को निकाला सुरक्षित

अंधेरे में चलाया सफल रेस्क्यू अभियान 

टिहरी गढ़वाल। महादेव चट्टी क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल चालक का सफल रेस्क्यू किया।

जानकारी के अनुसार SDRF पोस्ट ब्यासी को पुलिस चौकी बचेलीखाल, थाना देवप्रयाग से सूचना मिली कि महादेव चट्टी से आगे डंपिंग जोन के पास एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना प्राप्त होते ही उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 120 से 125 मीटर नीचे खाई में गिरा हुआ था। दुर्घटना के समय वाहन में केवल चालक मौजूद था, जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में खाई में फंसा हुआ था।

रात्रि के अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद SDRF जवानों ने रोप रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करते हुए घायल चालक तक पहुंच बनाई। टीम ने घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद स्ट्रेचर और रस्सियों की सहायता से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।

इसके बाद घायल चालक को जिला पुलिस के सुपुर्द कर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। घायल की पहचान अजय छेत्री पुत्र राम सिंह निवासी छिद्रवाला, देहरादून के रूप में हुई है। SDRF की तत्परता और साहसिक रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।


एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, सुभाष नगर में अवैध निर्माण सील

नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा

“नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी सख्त कार्रवाई”- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सुभाष नगर क्षेत्र में एक निर्माण कार्य को सील कर दिया। प्राधिकरण की यह कार्रवाई अवैध निर्माण, अनधिकृत कॉलोनियों और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

प्राधिकरण के अनुसार सविता गहलोत, पंत मार्ग, सुभाष नगर, देहरादून द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या आर-3735/24-25 से भिन्न तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि दो अलग-अलग नक्शों को जोड़कर नियमों के विरुद्ध निर्माण कराया जा रहा है, जो प्राधिकरण के मानकों और भवन उपविधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने तत्काल प्रभाव से उक्त निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के आदेश पर सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा तथा सुपरवाइजर की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच भी की। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
एमडीडीए ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कॉलोनियों अथवा संपत्तियों में निवेश करना भविष्य में कानूनी और आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी जोखिम में पड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रहा है और लोगों को जागरूक भी कर रहा है।

प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, मकान अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण या सक्षम प्राधिकारी से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमोदन वाली योजनाओं या अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आर्थिक नुकसान और कानूनी विवाद की संभावना बनी रहती है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियोजित और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आमजन को किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मिली मंजूरी

अल्मोड़ा। जनपद अल्मोड़ा के द्वाराहाट में इस वर्ष से केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हो जाएगी। इसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन के अपर आयुक्त दीपेश गहलोत द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि का हस्तांतरण केंद्रीय विद्यालय संगठन के पक्ष में किए जाने के साथ ही विद्यालय संचालन के लिए उपयुक्त अस्थाई भवन उपलब्ध होने के उपरांत इसकी स्वीकृति प्रदान की गई है। द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय का संचालन शैक्षिक सत्र 2026-27 से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन का भी आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र में शिक्षा का अनुकूल वातावरण सृजित होगा तथा क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।


ईद पर्व के दृष्टिगत दून पुलिस द्वारा किये गये सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध

सम्पूर्ण नगर क्षेत्र को 05 जोन, 11 सेक्टर तथा 35 सब सेक्टरों में किया विभाजित

सवेंदनशील/मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल को किया तैनात

देहरादून।  ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। 28 मई को होने वाले पर्व के मद्देनजर पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन, 11 सेक्टर और 35 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में पुलिस उपाधीक्षक, सेक्टर में निरीक्षक एवं थाना प्रभारी तथा सब-सेक्टर में उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्व को लेकर पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में सर्वधर्म के गणमान्य लोगों के साथ बैठकें भी आयोजित की गईं। इन बैठकों में लोगों से आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई। साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी देने और सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा न करने के संबंध में जानकारी दी गई।

पुलिस प्रशासन ने बताया कि पूर्व में विवादों में शामिल रहे तथा गौकशी और अवैध पशु कटान से जुड़े लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित न हो सके।

पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा राज्य के लिए घेरबाड़ हेतु घोषित 90 करोड़ रुपये की धनराशि के क्रम में प्रथम किश्त के रूप में 25 करोड़ रुपये शीघ्र राज्य को उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने राज्य में आगामी खरीफ सत्र के दृष्टिगत जून माह में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय कृषक गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आमंत्रित किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी सहमति प्रदान की।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि जून माह में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय कृषक गोष्ठी में प्रदेशभर के कृषकों के साथ कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्ट-अप्स, उद्यमियों एवं विभागीय स्टॉलों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों एवं नई योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने एवं कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन “प्रयोगशाला से खेत तक” की अवधारणा को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को भी नई दिशा प्रदान करेगा।


गौरीकुंड में नदी से अज्ञात शव बरामद, SDRF ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान

गौरीकुंड। रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में नदी में एक शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार थाना गौरीकुंड पुलिस को सूचना मिली थी कि घोड़ा पड़ाव के नीचे नदी में एक शव दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में संयुक्त रेस्क्यू टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान चलाया। तेज बहाव और दुर्गम क्षेत्र के बावजूद टीम ने अथक प्रयास करते हुए शव को बाहर निकाला।

फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है। रेस्क्यू के बाद शव को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। थाना गौरीकुंड पुलिस शव की शिनाख्त और मामले की जांच में जुटी हुई है।


इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड- मुख्यमंत्री धामी

एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड ने हासिल किया पहला स्थान

अल्मोड़ा में आयोजित एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह में 32 संस्थाएं सम्मानित

अल्मोड़ा। राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में प्रथम स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। द्वितीय स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे ।


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