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सेवा, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता, जन-जन तक पहुंच रही सरकार- हेमंत द्विवेदी

Category Archives: राष्ट्रीय

सेवा, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता, जन-जन तक पहुंच रही सरकार- हेमंत द्विवेदी

चारधाम यात्रा को मिली गति, रिकार्ड यात्री पहुंच रहे चारधाम

देहरादून। भाजपा वरिष्ठ नेता एवं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन आम जनमानस तक पहुंचकर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण प्रदेश सरकार सरकार की प्राथमिकता है।

भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में प्रदेश सरकार उत्तराखंड के विकास को नयी गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं साथ ही प्रदेश सरकार तथा बीकेटीसी के कुशल प्रबंधन में 54 लाख रिकार्ड यात्री चारधाम पहुंच चुके है।कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से आम आदमी को विकास प्रक्रिया से जोड़ते हुए उसे विकास का भागीदार बनाया गया है।

भाजपा नेता एवं बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेवा और सुशासन की भावना को मजबूती मिली है। इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में भी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना है, ताकि उत्तराखंड का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया गया है। कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार जनसंपर्क करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचायी जा रही है।संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता से भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान ने सरकार और संगठन को समाज के विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद का अवसर दिया है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और भाजपा संगठन की बूथ स्तर तक मजबूत सक्रियता के परिणामस्वरूप आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा भारी बहुमत से विजय का परचम फहरायेगी।


ल्वाली से घीड़ी तक क्षेत्र भ्रमण पर निकली जिलाधिकारी, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने महिला समूह को डिहाइड्रेटर तथा ग्रेडिंग मशीन दी, घीड़ी में शहीद पार्क होगा स्वीकृत

महिला समूह की आजीविका गतिविधियों से लेकर विद्यालयी व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, घीड़ी में ग्रामीणों से संवाद कर सुनी समस्याएं

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने आज क्षेत्र भ्रमण के दौरान ल्वाली और घीड़ी पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों, आजीविका गतिविधियों, विद्यालयी व्यवस्थाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और फीडबैक की जानकारी ली।

ल्वाली में जिलाधिकारी ने साधना स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित संग्रहण केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने जिला स्तरीय फेडरेशन के सहयोग से संचालित पशु आहार एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय की जानकारी ली। महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी आजीविका गतिविधियों, आय, उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि केंद्र पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को संग्रहित कर विक्रय के लिए रखा जाता है।

महिलाओं ने उत्पादों की गतिविधियों को और बेहतर बनाने के लिए झाड़ी कटान हेतु बुश कटर, उत्पादों के संरक्षण के लिए डीहाइड्रेटर तथा ग्रेडिंग के लिए मशीन की आवश्यकता बतायी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजीविका गतिविधियों को स्थानीय संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप और अधिक विविधीकृत किया जाए, ताकि महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके।

इसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय ल्वाली का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक कक्ष सहित विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा विद्यालय में आयोजित बाल मेले का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न मॉडलों के बारे में जिलाधिकारी को जानकारी दी। उन्होंने विद्युत परिपथ, पृथ्वी के स्थलरूप, वर्षा जल संरक्षण, वायुमंडल की परतों, द्विविमीय से त्रिविमीय आकृतियों के निर्माण, औषधीय पौधों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों सहित विभिन्न विषयों पर तैयार मॉडलों का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कुछ विद्यार्थी गणित के आधारभूत प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाए। इस पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों से बच्चों की बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए विषय पढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने शिक्षकों से विभिन्न विषयों को पढ़ाने में अपनाए जा रहे नवाचारी तरीकों की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि गतिविधि आधारित आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर देते हैं।

विद्यालय में समग्र शिक्षा के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सामाजिक विज्ञान महोत्सव में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के भाषण भी सुने। सोशल मीडिया विषय पर एक बालिका द्वारा प्रस्तुत विचारों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी से कहा कि विद्यालयों में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त मंच उपलब्ध कराए जाएं।

विद्यालय में बन रहे मध्याह्न भोजन का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने दाल और सब्जी का स्वाद लेकर भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा भोजनमाताओं से संवाद किया। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यालय में गैस कनेक्शन उपलब्ध है, इसलिए भोजन गैस पर ही तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यालय के रूप में यहां जो भी आवश्यकताएं हैं, उन्हें उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में जिलाधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के पैतृक गांव घीड़ी पहुंचीं। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि स्वयं उनके गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

पूर्व में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शहीद पार्क हेतु आवेदन दिया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को प्रारंभिक आगणन बनाने के निर्देश दिए थे। इसके क्रम में जिलाधिकारी ने शहीद पार्क के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया तथा ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तैयार डिजाइन और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान पार्क के विकास को लेकर चर्चा की गई। प्रस्तावित शहीद पार्क में ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, सौंदर्यीकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्क का निर्माण ग्रामीणों की सहमति और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को विस्तृत डीपीआर बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कि धनराशि स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

संवाद के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज कालेश्वर में सोलर लाइट तथा विद्यालय की क्षति के संबंध में अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने सोलर लाइट की स्वीकृति होते हुए विद्यालय की मरम्मत हेतु प्रस्ताव बनने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय महिलाओं ने संवाद के दौरान जिलाधिकारी से लाइट हेतु निवेदन किया, जिस पर जिलाधिकारी ने उरेडा से लाइट देने के निर्देश दिए।

संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम गैंड की पेयजल योजना में आवश्यक लाइन जोड़ने तथा खराब फीडर की समस्या का मौके पर निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी देने को कहा गया। ग्रामीणों की ओर से सामुदायिक भवन की मांग पर जिलाधिकारी ने बताया कि भवन का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिसे शासन को भेजा जाएगा।

ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने बैंक सखियों के माध्यम से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने घीड़ी स्थित पर्यटक विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं की जानकारी लेते हुए सड़क की सफाई, मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्यों के संबंध में चर्चा की। अठूल गांव की सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव एससीपी में प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं को उनके बीच पहुंचकर समझना है। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और आवश्यकताओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान घीड़ी मातबर सिंह बिष्ट, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजस्व उपनिरीक्षक दीपक बेलवाल, वैभव प्रताप, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विजय कपरवाण सहित संबंधित अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


सहस्त्रधारा में 50 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने त्वरित रेस्क्यू कर तीनों घायलों को निकाला सुरक्षित

तीनों घायल अस्पताल में भर्ती

देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के सहस्त्रधारा में शनिवार को एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद कार सवार तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक महिला को भी चोटें आई हैं।

जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सहस्त्रधारा क्षेत्र में कार के खाई में गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सहस्त्रधारा से अपर उप निरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने पर एसडीआरएफ जवानों ने देखा कि कार सड़क से करीब 50 मीटर नीचे खाई में गिरी हुई थी। कार में कुल तीन लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि एक महिला घायल हुई थी।

दुर्गम और विषम परिस्थितियों के बीच एसडीआरएफ जवानों ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम ने तीनों घायलों को सुरक्षित तरीके से खाई से बाहर निकाला। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए दून अस्पताल, देहरादून भेजा गया।

घायलों की पहचान:

मोहन सिंह रावत (39), निवासी दो बच्ची रोड, देहरादून।
रिंकी रावत (36), पत्नी मोहन सिंह रावत, निवासी दो बच्ची रोड, देहरादून।
अमर बहादुर थापा (40), निवासी भाववाला, देहरादून।


सरस फूड फेस्टिवल में दिखेगा देशभर की महिलाओं के हुनर और स्वाद का संगम

उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों को मिले स्टॉल, देहरादून की 30 से अधिक समूह की महिलाएं भी होंगी शामिल

देहरादून। देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 5 से 11 अक्टूबर तक चलने वाले सरस फूड फेस्टिवल-2026 में देशभर की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हुनर, स्वाद और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी। फेस्टिवल में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों की लाभार्थी महिलाएं अपने पारंपरिक खाद्य उत्पादों और अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगी।

सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि फेस्टिवल में प्रतिभाग करने वाले स्वयं सहायता समूहों को फूड आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और लाइव फूड स्टॉल आवंटित किए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और ग्राहकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों को सरस फूड फेस्टिवल में विभिन्न श्रेणियों के स्टॉल आवंटित किए गए हैं। वहीं, जनपद देहरादून के 30 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी फेस्टिवल में स्टॉल मिले हैं। यहां महिलाएं अपने स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प और अन्य तैयार उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि फेस्टिवल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने, उनके उत्पादों की पहचान बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक खान-पान एवं हस्तशिल्प संस्कृति को एक मंच पर लाना है।


हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री धामी से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव

राज्य की कनेक्टिविटी, होम-स्टे, पर्यटन विकास, सौर ऊर्जा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रयासों को सराहा

मुख्यमंत्री ने कहा—उत्तराखण्ड के अनुभवों को देशभर तक पहुंचाने में डिजिटल ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाएं युवा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के तीन दिवसीय भ्रमण पर आए हरियाणा के युवाओं ने भेंट की। युवाओं ने मुख्यमंत्री से अपने भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, होम-स्टे, सौर ऊर्जा, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

हरियाणा के युवाओं ने कहा कि तीन दिनों के भ्रमण के दौरान उन्हें उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों को करीब से जानने और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से स्थानीय लोगों के जीवन में आ रहे बदलावों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अधिकांश भू-भाग पर्वतीय होने के बावजूद उत्तराखण्ड में सड़क एवं डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

युवाओं ने उत्तराखण्ड के स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में होम-स्टे के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास भी प्रभावी हैं।

युवाओं ने कहा कि उत्तराखण्ड में तीर्थाटन और पर्यटन के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं के कारण राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सोलर रूफटॉप योजना को भी उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी पहल बताया।

हरियाणा के युवाओं ने कहा कि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण और स्थानीय लोगों के आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें वास्तविक रूप में यह अनुभव हुआ कि उत्तराखण्ड को देवभूमि क्यों कहा जाता है। भ्रमण के दौरान वे जहां भी गए, स्थानीय लोगों से उन्हें अपनापन और सहयोग मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि “अतिथि देवो भवः” देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराज्यीय भ्रमण युवाओं को देश की सांस्कृतिक विविधता, विभिन्न राज्यों में हो रहे नवाचारों तथा विकास की बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर देते हैं। इससे राज्यों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान भी बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। अंत्योदय की भावना के अनुरूप गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के अन्य वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, होम-स्टे, सौर ऊर्जा और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि तीन दिनों में उत्तराखण्ड में उन्होंने जो कुछ देखा, समझा और अनुभव किया है, उसे अपने मित्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आप उत्तराखण्ड के डिजिटल ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, पर्यटन, तीर्थाटन, स्थानीय उत्पादों, होम-स्टे, मिलेट्स, हस्तशिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच इस प्रकार का संवाद देश की विविधता को समझने के साथ ही एक-दूसरे से सीखने का माध्यम बनता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे उत्तराखण्ड से जुड़े अपने सकारात्मक अनुभवों को हरियाणा के युवाओं के साथ साझा करें और दोनों राज्यों के बीच संस्कृति, पर्यटन, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।


पूर्व DGP अशोक कुमार को हाईकोर्ट में देना पड़ा इस्तीफे का भरोसा, 3 हफ्ते में छोड़ेंगे VC पद

देहरादून/चंडीगढ़। उत्तराखंड के पूर्व DGP और हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई के कुलपति अशोक कुमार अब अपने पद पर आगे नहीं रहेंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान अशोक कुमार की ओर से अदालत को बताया गया कि वह व्यक्तिगत कारणों से कुलपति पद पर आगे सेवाएं देने की स्थिति में नहीं हैं और तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा सौंप देंगे।

अशोक कुमार के इस बयान के बाद न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि इस्तीफा सौंपे जाने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार किया जाए और 31 अक्टूबर 2026 तक नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए। स्थायी नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम डीन को कुलपति की जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

नियुक्ति पर उठे थे UGC नियमों के सवाल

अशोक कुमार की नियुक्ति को डॉ. देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी नियुक्ति UGC Regulations, 2018 में निर्धारित कुलपति पद की योग्यता और अनुभव संबंधी प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। याचिकाकर्ताओं ने उनकी नियुक्ति के साथ-साथ वेतन निर्धारण से जुड़े आदेश को भी चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दलील दी गई थी कि कुलपति पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं अनुभव संबंधी योग्यताओं का पालन जरूरी है। इस मामले में अशोक कुमार की शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेसर के रूप में अनुभव को लेकर सवाल उठाए गए थे।

1 मार्च 2024 को बने थे कुलपति

अशोक कुमार नवंबर 2023 में उत्तराखंड के DGP पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके करीब चार महीने बाद 1 मार्च 2024 को उन्हें हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया था।

अब हाईकोर्ट के समक्ष दिए गए उनके बयान के बाद उनके कार्यकाल का अंत तय हो गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अशोक कुमार ने अपने पद से हटने की वजह व्यक्तिगत कारण बताई है; हाईकोर्ट के आदेश को उनकी नियुक्ति को सीधे तौर पर “अवैध घोषित करने” वाला फैसला बताना सटीक नहीं होगा।

अब नजर इस बात पर है कि हरियाणा सरकार नए कुलपति की नियुक्ति कब और किन मानदंडों के तहत करती है।

 


त्यूणी में 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक की मौत, दो घायल

देहरादून। त्यूणी क्षेत्र में चकराता मोटर मार्ग पर एक फोर्ड कार करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। सूचना मिलने पर SDRF टीम ने दुर्गम खाई में उतरकर कड़ी मशक्कत के बाद मृतक के शव और दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

SDRF पोस्ट त्यूणी को 2 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली कि चिल्लाड़ नामक स्थान पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही कांस्टेबल नवीन सिंह के हमराह SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि वाहन संख्या UP37P6641 (फोर्ड कार) चकराता मोटर मार्ग से करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरा हुआ था। वाहन में कुल तीन लोग सवार थे। इनमें से एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दो लोग घायल अवस्था में वाहन के पास फंसे हुए थे।

दुर्गम और गहरी खाई के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण था। SDRF जवानों ने साहस और सावधानी के साथ खाई में उतरकर रेस्क्यू शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद मृतक के शव तथा दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

दोनों घायलों को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से CHC त्यूणी भेजा गया। वहीं मृतक के शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया।

मृतक:

दुर्गेश चौधरी, उम्र 39 वर्ष

घायल:

सुनील मंडल, उम्र 27 वर्ष

ऋषभ, निवासी देहरादून


नमो क्रिकेट लीग में CM धामी ने खिलाड़ियों संग खेला क्रिकेट, युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

पंचकूला – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में प्रतिभाग कर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला और मैदान पर उतरकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को अपने बीच क्रिकेट खेलते देख खिलाड़ियों एवं उपस्थित खेलप्रेमियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अपना ही आनंद है। खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना, निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना की तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे की आदत से बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो क्रिकेट लीग’ का संदेश ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर ले जाने का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जीवन में कोई लत लगानी ही है तो खेल और फिटनेस की लत लगाएं। यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना को मजबूत करने का भी सशक्त माध्यम हैं। खेल के मैदान में खिलाड़ी जीत से विनम्रता और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सीखता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को खेलों तथा स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। आज देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय कहा जाता था कि ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’, लेकिन आज देश में इस सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं। आज यह कहा जा सकता है कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब।’

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, जबकि खेल जीवन को सकारात्मक दिशा, अनुशासन और नई पहचान देता है। उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार बचेगा, एक परिवार बचेगा तो समाज मजबूत होगा और मजबूत समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया।


पूल्ड आवास परिसर की बाल वाटिका को मिला नया स्वरूप, बच्चों के लिए किया गया लोकार्पण

जिला योजना से 20 लाख की लागत से हुआ मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य

पौड़ी- गांधी एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर पूल्ड आवास परिसर स्थित बाल वाटिका को नया स्वरूप मिलने के बाद बच्चों के लिए समर्पित किया गया। विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तथा नगरपालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने बाल वाटिका में कराए गए मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

डीएसटीओ राम सलोने ने बताया कि पूर्व में पूल्ड आवास परिसर में बच्चों के खेलने के लिए कोई उपयुक्त स्थल उपलब्ध नहीं था। निरीक्षण के दौरान स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा करीब छह माह पूर्व बाल वाटिका के पुनर्निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। जिला योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराए गए। कार्य पूर्ण होने के बाद परिसर को बच्चों के खेल, मनोरंजन एवं रचनात्मक गतिविधियों के अनुकूल तैयार किया गया है। इससे पूल्ड आवास परिसर एवं आसपास के बच्चों को अपने क्षेत्र में ही खेलने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी पसंद के खेलों एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भजन प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कार वितरित किए।

स्थानीय विधायक ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका के विकसित होने से पूल्ड आवास परिसर और आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चों को अपने घर के नजदीक ही खेलने और मनोरंजन के लिए सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। ऐसे स्थान बच्चों में शारीरिक सक्रियता के साथ उनकी रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बाल वाटिका को बेहतर स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए स्थानीय नागरिकों से इसके स्वच्छता एवं रखरखाव में सहयोग करने की अपील की।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाल वाटिका को बच्चों की आवश्यकताओं और रुचियों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। प्रारंभिक अवस्था में खेल और सीखने की गतिविधियां बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर के आसपास ही स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध होने से वे इन सुविधाओं का सहज रूप से उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें परिसर में साफ-सफाई, रखरखाव एवं अन्य व्यवस्थाएं नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बाल वाटिका का बेहतर उपयोग हो और इसकी सुविधाएं लंबे समय तक बनी रहें।

इस अवसर पर किसान आयोग के सदस्य ओम प्रकाश जुगरान, पार्षद शुभम रावत, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, एडीएम एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, जिला ग्राम पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रीना नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, सहायक अभियंता अंकिता सक्सेना सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


गांधी-शास्त्री जयंती पर बंदियों को विधिक अधिकारों की दी जानकारी

जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर, नशे के दुष्प्रभावों पर बंदियों ने नाटक के जरिए दिया संदेश

पौड़ी- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जिला कारागार पौड़ी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।  शिविर की अध्यक्षता जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धर्म सिंह ने की। इस दौरान बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, अपील और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई।

जिला जज धर्म सिंह ने कहा कि कारागार में निरुद्ध होने मात्र से किसी व्यक्ति के विधिक अधिकार समाप्त नहीं होते। प्रत्येक बंदी को अपने अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने बंदियों को जमानत, अपील, अधिवक्ता की सहायता एवं अन्य विधिक उपायों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं मानवता तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बंदियों से अनुशासन एवं सदाचार का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।

शिविर में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर बंदियों ने नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे से स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। इस दौरान बंदियों और कारागार के अधिकारियों-कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम, सिविल जज अमित भट्ट, कारागार अधीक्षक कौशल कुमार, सिविल जज रिजवान अंसारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट अकमल अंसारी, उप कारापाल गौरव टम्टा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत सहित अन्य अधिवक्ता तथा न्यायालय एवं कारागार के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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