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विकास कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता पर जोर, आजीविका योजनाओं को गति देने के निर्देश

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विकास कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता पर जोर, आजीविका योजनाओं को गति देने के निर्देश

क्लस्टर खेती और मनरेगा कन्वर्जेंस से विकास कार्यों को गति देने के निर्देश

पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने विकास भवन सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में आजीविका उन्मुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, पारदर्शी लाभार्थी चयन एवं मनरेगा कन्वर्जेंस के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए जनहित की योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आजीविका से जुड़े विभागों कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य के साथ समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विकासखंड स्तर पर संबंधित विभागीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक धरातल पर कार्यो को गति प्रदान करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से ड्रैगन फ्रूट, मशरूम आदि नवाचार आधारित कृषि उत्पादों के उत्पादन हेतु स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह कम से कम दो बार इस प्रकार की समन्वय बैठक आयोजित की जाए तथा बैठक के तीन दिवस के भीतर कार्यवाही विवरण विकास भवन कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक के दौरान आजीविका से जुड़े विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी, जिससे आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सर्वाेपरि होनी चाहिए और लाभार्थियों का चयन निष्पक्ष एवं सत्यापन के आधार पर किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद एवं मेहनती काश्तकार किसी भी योजना से वंचित न रहें।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के उपरांत ही अग्रसारित किया जाए, जिससे पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। इसके इसके अलावा उन्होंने मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र प्रस्तुत करने तथा वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु मासिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा बैठक में मनरेगा, एनआरएलएम, यूएसआरएलएम, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना एवं प्रोजेक्ट उन्नति जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गयी।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एलडीएम किशन रावत, परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान कुलदीप बिष्ट, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।


छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की त्रुटि बर्दाशत नहीं की जायेगी- खजान दास

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग के समस्त कर्मचारीगण आपसी समन्वय तथा जिम्मेदारी से अपनी योग्यता के अनुसार कार्य करें जिससे विभाग की प्रगति में सुधार लाया जा सके। उन्होंने पेंशन योजनाओं के तहत विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रूपये से 25 प्रतिशत बढ़ाकर 1875 रूपये कर दी गई है। तथा बौना पेंशन तथा तीलू रौतेली पेंशन को 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये करने तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 रूपये को बढ़ाकर 1000 रूपये करने हेतु अधिकारियों को जरूरी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश  दिये।
समाज कल्याण मंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की त्रुटि बर्दाशत नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहने पाएं। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं के बारे में भी समीक्षा की।
मंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तथा राजकीय औद्योगिक आस्थानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजकीय औद्योगिक आस्थानों में नये ट्रेड शुरू किये जाएं तथा अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए। मंत्री ने डॉ0 बीआर अम्बेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में इस तरह के 14 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं।
मंत्री ने गर्लस इण्टर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण 03 माह में पूरा करने तथा माह सितम्बर 2026 तक छात्रावास के संचालन शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने पेंशन एव अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आय सीमा 4000 रूपये से बढ़ाकर 6000 रूपये किये जाने का प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिये। मंत्री ने इंटरकास्ट मैरिज हेतु सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिये जाने वाली शासकीय सहायता की समयसीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किये जाने के भी निर्देश दिये।
मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंर्तगत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं को विभाग द्वारा बढ़ावा देना चाहिए जिससे जनकल्याण का हमारा प्रयास पूर्ण हो सके। मंत्री ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किये जाने वाले निशुल्क सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने राज्य में संचालित 06 वृद्धाश्रमों, एससी-एसटी (अत्याचार निवारण ) अधिनियम के अंर्तगत वित्तीय सहायता, एससी-एसटी के छात्रों हेतु परीक्षा पूर्व निशुल्क कोचिंग, एससी उपघटक योजना के तहत अवस्थापनों का विकास आदि पर विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने दिव्यांग कल्याण के अंर्तगत किये जा रहे कार्यों पर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 13 जनपदों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किये जाएं तथा एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कार्य गुणवत्तापरक हों तथा ससमय पूर्ण किये जाएं।
मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंर्तगत बहुउद्देशीय वित्त विभाग निगम द्वारा संचालित स्माईल परियोजना, शिल्पी ग्राम योजना, नमस्ते योजना आदि की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी समान रूप से इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने जनजाति कल्याण की भी समीक्षा की।
इस अवसर पर समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया एवं समस्त जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस का बड़ा हस्तक्षेप: निजी स्कूलों की मनमानी पर लगे रोक, अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग

अभिभावकों की शिकायत पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की मुलाकात

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल से मुलाकात कर जनहित से जुड़े एक अत्यंत गंभीर मुद्दे—निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ोतरी, महंगी कॉपी-किताबों की अनिवार्यता तथा अभिभावकों के उत्पीड़न—को प्रमुखता से उठाया।

प्रीतम सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान समय में निजी स्कूल प्रबंधन बिना किसी पारदर्शिता और नियम के फीस में भारी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, अभिभावकों को विशेष दुकानों से महंगी कॉपी-किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर असहनीय आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इससे पूर्व, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार सचिव वैभव वालिया ने कहा कि निजी स्कूलों को फीस निर्धारण के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएं, मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए और उसकी जांच कर दोषी स्कूलों पर कार्रवाई की जाए।

कॉपी-किताबों एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री को निर्धारित दुकानों से खरीदने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अभिभावकों को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित या मानसिक रूप से परेशान करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का मूल अधिकार है। निजी स्कूलों द्वारा इसे मुनाफाखोरी का माध्यम बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया , पूर्व राज्य मंत्री अजय सिंह , संजय कन्नौजिया , गौतम नौटियाल, आयुष् सेमवाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अभिभावक उपस्थित रहे।


महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 335 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, 21 अप्रैल से आवेदन शुरू

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग को मजबूती देने के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है। Uttarakhand Medical Service Selection Board ने संशोधित विज्ञप्ति जारी करते हुए कुल 335 पदों पर भर्ती की घोषणा की है।

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 मई तय की गई है।

दरअसल, इससे पहले 14 नवंबर 2025 को बोर्ड ने 180 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। अब नए पदों को जोड़ते हुए कुल रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर 335 कर दी गई है, जिससे अधिक अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

इस भर्ती से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।


सीएम धामी से “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने की शिष्टाचार भेंट

डिजिटल विकास को नई दिशा देगा “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट”- सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक हैं, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टेक्नोलॉजी और साइंस जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कॉन्फ्रेंस से निकलने वाले सुझाव भविष्य में सकारात्मक परिणाम देंगे और राज्य व देश के डिजिटल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य होने के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी अग्रणी है। राज्य में हर वर्ष छह करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के चलते अनेक आकर्षक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। यहां फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे फिल्म उद्योग में नई संभावनाएं खुल रही हैं। साथ ही औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य के सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस अवसर पर सचिव नितेश झा, अपर सचिव आलोक पांडे सहित विभिन्न डाटा सेंटर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


उत्तराखण्ड को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही राज्य सरकार- गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरिद्वार में मखाना की खेती का किया औपचारिक शुभारंभ

हरिद्वार। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जनपद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र स्थित गंगदासपुर बालावाली में मणिगाछी एफपीओ द्वारा शुरू किए गए मखाना की खेती के पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं मखाना रोपण कर हरिद्वार जनपद में मखाना खेती की औपचारिक शुरुआत की।

गौरतलब है कि बिहार की एक संस्था द्वारा उत्तराखण्ड में पहली बार हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में मखाना खेती का पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया गया है। इस परियोजना का शुभारंभ कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा किया गया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने संस्था के पदाधिकारियों को इस प्रयास के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया, जो उत्तराखण्ड सहित देश के 11 राज्यों में मखाना उद्योग को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक रुपये 476 करोड़ के परिव्यय के साथ मखाना विकास हेतु केंद्र पोषित योजना संचालित की जा रही है, जिसमें अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, कौशल विकास, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 के अंतिम त्रैमास में उत्तराखण्ड को रुपये 50 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र धनौरी (हरिद्वार), ढकरानी (देहरादून) एवं काशीपुर (उधमसिंहनगर) के सहयोग से किसानों को मखाना उत्पादन के लिए प्रशिक्षण, सेमिनार एवं वर्कशॉप आयोजित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदर्शन प्लॉट भी स्थापित किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए रुपये 143.16 लाख की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न घटकों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखण्ड को औद्यानिकी प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। सेब की अति सघन बागवानी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 230 हेक्टेयर क्षेत्र में 30 क्लस्टर विकसित किए गए हैं। इसके अलावा मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग नीतियां लागू की गई हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से प्रदेश के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस अवसर पर उद्यान विभाग से बागवानी निदेशक महेन्द्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, संस्था के अध्यक्ष राजीव रंजन, डॉ. प्रेम कुमार, अजय पैनोली, अनुज प्रधान, दीपक सैनी, अजय शर्मा, कृष्णपाल चौहान, बाबूराम सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।


सीएम धामी ने CBSE हाईस्कूल परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मेहनत और अनुशासन का परिणाम है सफलता- सीएम धामी

असफल छात्रों को मुख्यमंत्री का संदेश—असफलता अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने का एक अवसर है

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की हाईस्कूल परीक्षा में उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों के निरंतर परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थी इसी उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ते हुए जीवन के लक्ष्यों को आत्मविश्वास के साथ हासिल करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा पीढ़ी अपने प्रयासों से प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने उन विद्यार्थियों का भी हौसला बढ़ाया, जिन्हें इस बार अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने का एक अवसर है। निरंतर प्रयास, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर सफलता अवश्य मिलती है।


चारधाम यात्रा पंजीकरण हेतु ट्राजिट कैम्प ऋषिकेश में 30 पंजीकरण कांउटर सहित 30 मोबाईल टीमें तैनात

यात्रा ट्रांजिस्ट कैंम्प में इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम 24×7 सक्रिय रखने तथा यात्रियों को निःशुल्क चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था बनाने को डीएम ने दिए निर्देश

सफाई कार्यों हेतु नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख स्वीकृत; पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त 19 से पहले रोड रिस्टोर करने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर होने जा रहा है। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

बैठक के बाद जिलाधिकारी ने ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण कर पंजीकरण कक्ष, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ट्रांजिट कैंप में 24 पंजीकरण काउंटर और आईएसबीटी पर 6 काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 30 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं, जिनमें 25 टीमें दिन में और 5 टीमें रात के समय होटल, धर्मशालाओं और सरायों में ठहरे यात्रियों का पंजीकरण करेंगी। यात्रियों के ठहरने के लिए विभिन्न धर्मशालाओं और आश्रमों में करीब 7100 बेड चिन्हित किए गए हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में बड़ी स्क्रीन लगाकर होटल, धर्मशाला और उपलब्ध बेड की जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही 24×7 इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित करने, अलग से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम संचालित करने और यात्री सहायता केंद्र खोलने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है। ऋषिकेश और हरबर्टपुर में 24 घंटे मेडिकल टीमें तैनात की जाएंगी। मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार कुल 6 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें 3-3 टीमें दोनों स्थानों पर रहेंगी। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल संस्थान को निर्देशित किया गया है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने ट्रांजिट कैंप में निःशुल्क चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।

वहीं, निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने उत्तराखंड पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त कर दी है और 19 अप्रैल से पहले सभी खुदी सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को यात्रा मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिलाधिकारी ने पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती और फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाली अनुबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


“ युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत” — सीएम धामी

फ्यूचर रेडी बने युवा, नेशन फर्स्ट को ध्यान रखें हमेशा – मुख्यमंत्री

ओहो रेडियो के मंच से राष्ट्र निर्माण का मजबूत संकल्प

तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ, संचार के क्षेत्र में नई क्रांति

“ युवा बनें जॉब क्रिएटर” — मुख्यमंत्री का संदेश

स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का आह्वान

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका

उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और युवाशक्ति पर सरकार का फोकस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब के सौजन्य से आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस प्रेरणादायी आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं युवा साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं तथा ओहो रेडियो के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब रेडियो घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था और इसकी उपस्थिति से अधिक उस पर प्रसारित होने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण होती थीं। गांवों में सीमित घरों में रेडियो होने के बावजूद लोग एकत्र होकर समाचार सुनते और गीतों का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन आया है, लेकिन रेडियो की आत्मीयता और विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ओहो रेडियो भी उत्तराखंड में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देवभूमि उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे और उनका आह्वान था कि लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक युवा उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों—युवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक, उद्यमी और बुद्धिजीवी—की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, इसलिए युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र का भावी प्रहरी बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाशक्ति के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी , मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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