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सिंगटाली पुल हादसा: गंगा में डूबे मेरठ निवासी का शव बरामद, महिला की तलाश जारी

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सिंगटाली पुल हादसा: गंगा में डूबे मेरठ निवासी का शव बरामद, महिला की तलाश जारी

ऋषिकेश। थाना लक्ष्मण झूला क्षेत्र के अंतर्गत सिंगटाली पुल के समीप गंगा नदी में डूबे दो लोगों की तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम को बड़ी सफलता मिली है। लगातार चलाए जा रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि एक महिला की तलाश अभी भी जारी है।

जानकारी के अनुसार 28 मई 2026 को सिंगटाली पुल के पास गंगा नदी में दो लोग डूब गए थे। घटना के बाद से एसडीआरएफ द्वारा स्कूबा डाइविंग, राफ्ट और अन्य आधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों की मदद से नदी के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।

शनिवार को अभियान के दौरान एसडीआरएफ टीम ने शिवपुरी क्षेत्र के निकट गंगा नदी से नरेश उपाध्याय (42 वर्ष) निवासी जागेठी गांव, थाना काकरखेड़ा, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) का शव बरामद किया। टीम ने शव को नदी से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने शव की पहचान भी कर ली है।

वहीं, घटना में लापता हुई ऋतु (30 वर्ष) निवासी मेरठ की तलाश अब भी जारी है। एसडीआरएफ की टीमें स्कूबा डाइवर्स, राफ्ट और अन्य तकनीकी संसाधनों की सहायता से गंगा नदी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार खोज अभियान चला रही हैं।

एसडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि परिजनों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को निरंतर जारी रखा गया है। लापता महिला की तलाश के लिए संभावित सभी स्थानों पर गहन सर्चिंग की जा रही है और उसे खोजने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


संघर्ष और समर्पण की सीख देता है खेल- रेखा आर्या

उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित वार्षिक बैडमिंटन प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित वार्षिक बैडमिंटन प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में 200 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सचिवालय कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन आयोजित यह प्रतियोगिता हमें यह संदेश देती है कि काम जितना जरूरी है खेल भी शरीर के लिए उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल हमें परिश्रम, संघर्ष और समर्पण जैसे गुण सिखाता है जो जीवनपर्यंत हमारे काम आते हैं।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद प्रदेश में ऐसी खेल संस्कृति का विकास हुआ है कि अब हमारा कोई भी स्टेडियम एक दिन के लिए भी सूना नहीं रहता । हर जगह नियमित रूप से खिलाड़ी अभ्यास करने आ रहे हैं और राज्य व राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित हो रही है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में जुटी हुई है और पदक विजेताओं को सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण व आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी जैसे प्रावधानों ने युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी है।

खेल मंत्री ने कहां कि उत्तराखंड में जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा विकसित हुआ है, उसे देखते हुए आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे खेलों की कुछ खेल प्रतिस्पर्धाओं की मेजबानी का अवसर मिलने की आशा हम कर सकते हैं।

इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव प्रमोद कुमार, प्रभारी जिला खेल अधिकारी रविंदर भंडारी, भूपेंद्र बसेड़ा, सत्येंद्र सिंह सजवाण, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता, संजय जोशी आदि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर समस्त पत्रकार बंधुओं को दी शुभकामनाएं

लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारों की भूमिका अहम- मुख्यमंत्री 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रदेश सहित देशभर के पत्रकारों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती और समाज को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने समस्त पत्रकार बंधुओं को हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्य, निष्पक्षता और जनहित के प्रति पत्रकारों की प्रतिबद्धता लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम योगदान देती है।

उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का सशक्त स्तंभ है, जो लोगों तक सही और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाकर जनजागरूकता बढ़ाने का कार्य करता है। पत्रकारों के अथक प्रयास समाज को शिक्षित करने और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जागरूक, शिक्षित और सही मार्गदर्शन देने के लिए पत्रकारों द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयास सराहनीय हैं।


गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- डीएम

अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों, एसटीपी और अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं की गहन समीक्षा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति तथा अर्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल प्रेजेंटेशन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि योजनाओं के सकारात्मक और प्रभावी परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नाला टैपिंग तथा स्वच्छता संबंधी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जल संस्थान और परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं।

टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पंपिंग स्टेशन और सीवर लाइन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने तथा आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने को कहा गया। डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी देने के लिए नगर निगम देहरादून का संबंधित अधिकारी बैठक में अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में देरी पर भी डीएम ने असंतोष जताया और पेयजल निगम को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

मसूरी क्षेत्र में कैमल बैक एसटीपी और अर्केडिया जोन एसटीपी परियोजनाओं में वर्षों से लंबित कार्यों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। अर्केडिया परियोजना में भूमि चिन्हीकरण और म्यूटेशन की प्रक्रिया लंबित रहने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।म जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों और निकायों को स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, कूड़ा उठान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा डंपिंग जोन में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत सेलाकुई में स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में अर्धकुंभ मेला-2027 से संबंधित निर्माण कार्यों को एनएमसीजी की अनुमति और निर्धारित एसओपी के अनुरूप पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही विभिन्न नदियों के फ्लड जोन चिन्हीकरण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी रहे मौजूद

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को देहरादून स्थित ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर पहुंचने पर नितिन नवीन ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।

टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण की कामना की।


आवास सचिव ने रुद्रपुर में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

1872 प्रधानमंत्री आवास जल्द होंगे लाभार्थियों को आवंटित

रुद्रपुर। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने रुद्रपुर विधानसभा की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया । और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1872 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों द्वारा अभी तक निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया गया है, उनसे शीघ्र धनराशि जमा कराकर आवंटन प्रक्रिया को गति दी जाए।

उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति आवास 3 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जबकि 3 लाख रुपये लाभार्थी को जमा करने होते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 185 लाभार्थियों द्वारा पूरी धनराशि जमा की जा चुकी है, जबकि 222 लाभार्थियों को पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से भुगतान हेतु सूचित किया गया है।

सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि आवास परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। परिसर में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भी उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्रिशूल चौक के समीप लोक निर्माण विभाग की 6.5 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित ‘कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर’ बहुमंजिला परियोजना विकसित की जानी है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा इसकी प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने रामपुर रोड स्थित प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार 48 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की 72 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है।
सचिव ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इसके उपरांत उन्होंने त्रिशूल चौक से मेडिकल कॉलेज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा कि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 1872 आवास लगभग तैयार हैं और हमारी प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिले। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, ट्रांसपोर्ट नगर और कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।


नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून को आयोजित होगी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देगा नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन

देहरादून। उत्तराखंड की दुर्गम नीति घाटी में 31 मई एवं 01 जून 2026 को आयोजित होने वाला ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ भारत में तेजी से विकसित हो रहे एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना के समन्वय से आयोजित यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने, सैन्य-नागरिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा हिमालय के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक संभावनाओं को नई पहचान देने का प्रयास है।

चमोली जनपद में भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित नीति घाटी अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई वाले दुर्गम भूभाग और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, भौगोलिक दूरस्थता और सीमित आधारभूत सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र अब तक अपेक्षाकृत कम विकसित रहा है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन जैसे आयोजन इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसे सतत पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इस अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी एवं 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें पेशेवर खिलाड़ियों के साथ-साथ शौकिया धावक भी भाग लेंगे। प्रतिभागियों को तीव्र चढ़ाई, कम ऑक्सीजन स्तर और बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। यही कारण है कि यह प्रतियोगिता देश की सबसे चुनौतीपूर्ण सहनशक्ति दौड़ों में से एक मानी जा रही है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है।

इस आयोजन की एक विशेषता नागरिक प्रशासन और भारतीय सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय है। नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सेना की लॉजिस्टिक क्षमता, चिकित्सा सुविधाएं और संचालन विशेषज्ञता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टेंट एवं आवास व्यवस्था से लेकर चिकित्सा सहायता और मार्ग सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, सेना की भागीदारी आयोजन को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने में अहम योगदान दे रही है।

यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। आयोजन के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या से होम-स्टे, परिवहन, भोजन एवं गाइड सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही यह सीमावर्ती गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के व्यापक उद्देश्य को भी समर्थन प्रदान करेगा।

यह आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा के अनुरूप भी है। प्रतिभागियों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस क्षेत्र को एक जीवंत और सुलभ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन भी इस आयोजन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। आयोजकों द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा प्रतिभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सके।

आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। समन्वय बैठकें, मार्ग सर्वेक्षण, चिकित्सा योजना एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रतिभागियों एवं स्थानीय समुदायों में इस आयोजन को लेकर उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि साहस, एकता और प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन दर्शाता है कि खेल किस प्रकार विकास, राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र गौरव का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।


राज्य निगम कर्मचारी महासंघ की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर हुई व्यापक चर्चा

देहरादून।  राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड प्रदेश की पूर्व निर्धारित महत्वपूर्ण बैठक अरण्य विकास भवन, 73 नेहरू रोड, डालनवाला, देहरादून में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने की, जबकि मंच संचालन प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी द्वारा किया गया। बैठक में राज्य के विभिन्न निगमों एवं प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, वेतन विसंगतियों तथा कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। महासंघ ने राज्य निगमों में कार्यरत कर्मचारियों को ₹25 लाख ग्रेज्युटी लागू किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को सरकार द्वारा शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति के समय आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसके अतिरिक्त बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि उत्तराखण्ड सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों को शिथलीकरण का लाभ दिया जा रहा है, जबकि निगमों एवं प्राधिकरणों के कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। महासंघ ने सरकार से मांग की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों की भांति सभी निगमों एवं प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों को भी समान रूप से शिथलीकरण का लाभ प्रदान किया जाए। इस संबंध में प्रस्ताव पारित करते हुए शासन स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।

वन विकास निगम के स्केलर कर्मचारियों के वेतनमान संशोधन की मांग

बैठक में उत्तराखण्ड वन विकास निगम में कार्यरत स्केलर वर्ग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। महासंघ ने वर्तमान वेतनमान ₹19900-63200, लेवल-2, ग्रेड वेतन ₹1900 को संशोधित कर ₹21700-69100, लेवल-3, ग्रेड वेतन ₹2000 किए जाने का प्रस्ताव पारित किया। पदाधिकारियों ने कहा कि स्केलर वर्ग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतनमान दिया जाना आवश्यक है।

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उपरोक्त सभी मांगों के संबंध में शीघ्र ही सचिवालय में शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में  प्रेम सिंह चौहान, सुन्दराम टमटा,  कुनाल शर्मा,  महेन्द्र सिंह गैड़ा,  केदार सिंह चौहान,  गिरीश प्रसाद जोशी, देवीराम सेमवाल, चतर सिंह, कीरत सिंह नेगी, सुरेन्द्र कुमार, सुनील पुण्डीर, दलीप सिंह रावत, रणजीत सिंह रावत, प्रभात बंसल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर

कई व्यवसायिक भवन सील

मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून में संयुक्त अभियान, अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल व एस0डी0एम0 ऋषिकेश ,मसूरी के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने माजरा, सुद्धोवाला, बड़ोवाला, शिमला बाईपास रोड, डिस्पेंसरी रोड, ऋषिकेश तथा मसूरी क्षेत्र में बिना स्वीकृति संचालित निर्माण कार्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान कई अवैध व्यवसायिक परिसरों को सील किया गया, जबकि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा तथा संबंधित अभियंताओं एवं अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई।।

ऋषिकेश में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी में निर्माणों पर गिरी गाज

प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के लेन नंबर-03, निर्मल बाग ब्लॉक-ए में लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग स्थल पर चल रहे विकास कार्यों को रुकवाते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। उक्त भूमि पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे, जो विकास प्राधिकरण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी क्रम में मसूरी क्षेत्र स्थित दलाई हिल्स, हैप्पी वैली में संजय सहानी, अमित तथा चंदू द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणों को ध्वस्त किया। पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण गतिविधियां पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

देहरादून में कई व्यवसायिक परिसरों पर सीलिंग कार्रवाई

एमडीडीए द्वारा देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। डिस्पेंसरी रोड स्थित सुरेंद्र भाटिया द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर नगर, बड़ोवाला शिमला बाईपास क्षेत्र में नरेश गुप्ता द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी सील किया गया। वहीं माजरा सहारनपुर रोड क्षेत्र में बेला जैन, अनिल कुमार गुप्ता, वरुण गर्ग, राकेश गर्ग तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन न किए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करनी पड़ी।

यह संपूर्ण अभियान संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंता ,सुपरवाइजरों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुआ।

अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं — बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सुनियोजित विकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए द्वारा ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां कहीं भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां तत्काल प्रभाव से ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व संबंधित मानचित्रों की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की जानकारी प्रशासन को दें। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप देहरादून और मसूरी क्षेत्र को व्यवस्थित एवं नियोजित स्वरूप देने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई — मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।


शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

अशासकीय विद्यालयों के प्रान्तीयकरण पर जल्द बनेगी नई नीति
देहरादून। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालयी शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के प्रान्तीयकरण से संबंधित शासन को भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अशासकीय विद्यालयों के प्रान्तीयकरण के सभी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन कर एक व्यवहारिक और मजबूत नीति तैयार की जाए, ताकि इसे जल्द कैबिनेट में प्रस्तुत किया जा सके।

इसके अलावा जनता इंटर कॉलेज चौखाल, पौड़ी गढ़वाल के प्रान्तीयकरण तथा राजकीय हाई स्कूल चोपताखाल, पौड़ी गढ़वाल के उच्चीकरण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सुधार और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश भी दिए।


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